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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना बेराजगारी दूर करने में विफल 45 साल के सर्वोच्च स्तर पर बेरोजगारी – कांग्रेस

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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में राज्य के बेरोजगारों को लाभ नहीं मिलने का आरोप कांग्रेस ने लगाया प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर कहा कि मोदी भाजपा की सरकार नौजवानों से धोखाधड़ी की गुनगाहगार है एनएसएसओ की रिपोर्ट मुद्रा योजना की विफलता बता रही है। देश में बेरोजगारी के आंकड़े 45 साल के सर्वोच्च स्तर पर 6.1 फीसदी तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना रोजगार देने में असफल साबित हुआ है। मुद्रा योजना के तहत बैंको ने बेरोजगारों को उनके मांग के अनुसार ऋण सहायता नहीं दी बल्कि खानापूर्ति के लिये बैंको ने अपने से सहुलियत के हिसाब से आवेदनकर्ताओं को ऋण मुहैया कराई जिसके कारण बेरोजगार कर्जदार तो हो गये पर रोजगार शुरू नहीं कर पाये। मोदी भाजपा ने लोकसभा चुनाव के दौरान मुद्रा योजना के माध्यम से 30 करोड़ को लाभ मिलने का दावा कर जनता को भरमाने का काम किया था जो हवा हवाई निकली। मुद्रा योजना के तहत देश भर में 7.3 लाख करोड़ रूपये की 15.56 करोड़ को लोन दिया गया। छत्तीसगढ़ के 46 प्रतिशत बेरोजगारों के आवेदन बैंको ने निरस्त कर दिया और जिनकी आवेदन स्वीकृत हुई भी है। उन हितग्रहियों को मांग के अनुसार ऋण नही दिया गया। मुद्रा योजना में दी गई राशि औसतन प्रत्येक हितग्रहियों को 23 हजार मिल रहा है। 23 हजार रुपये में पकोडे़ का स्टाल लगाना भी संभव नही है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार की पहली कार्यकाल में जितनी भी योजना बनी वो कागजो और विज्ञापन तक सीमित रही है। आयुष्मान योजना, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान योजना, मुद्रा योजना, सहित कई ऐसे योजना है जो सुनने में कर्णप्रिय लगते है, पर धरातल में फेल साबित हो रही है। मुद्रा योजना के आवेदनों पर बैंकों के द्वारा विचार नहीं किया जा रहा है बल्कि युवाओं के आवेदन को सीधा निरस्त किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में मुद्रा योजना के सफलता के गुणगान कर बेरोजगारों को भरमाने वाली भाजपा अब मौन क्यों हैं ? मुद्रा योजना के नाम से युवाओं के साथ धोखा हो रहा है। मुद्रा योजना के माध्यम से 75 फीसदी महिलाओं को कर्ज दिया गया 50 फीसदी अनुसुचित जाति, अनुसुचति जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग को दिया गया। लेकिन आवेदनकर्ता को उनके मांग के अनुसार ऋण राशि देने के बजाय बैंक सिर्फ खानापूर्ति करने के लिए ऋण दिये जिसके कारण जो बेरोजगार थे। अब कर्जदार हो गये। लेकिन अपना रोजगार शुरू नहीं कर पाये।

छत्तीसगढ़ : आठ लाख से अधिक किसानों को 30 जून तक ऋण माफी प्रमाण पत्र का वितरण होगा

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प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से 13 लाख 50 हजार किसानों का 5268.41 करोड़ रूपए का ऋण माफ किया गया है। प्रथम किस्त के रूप में तीन हजार करोड़ रूपए शासन से प्राप्त कर बैंकों और समितियों में समायोजित हो चुका है। द्वितीय किस्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए का आवंटन प्राप्ति के लिए आहरण प्रक्रियाधीन है। प्रदेश में 8 लाख 26 हजार 550 किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरण का कार्य 30 जून 2019 तक पूर्ण किया जाना है।
    प्रदेश में सहकारी बैंकों द्वारा 15 लाख 88 हजार किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें से 10 लाख 71 हजार किसानों को रूपे केसीसी जारी हो चुका है। खरीफ वर्ष 2019 में प्रदेश के किसानों को 4 हजार करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य है। लक्ष्य के विरूद्ध 15 जून तक तीन लाख 95 हजार 195 किसानों को 1004.30 करोड़ रूपए का ऋण वितरण हो चुका है। प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से खरीफ वर्ष 2019 में खाद वितरण के लिए 6.25 लाख टन का लक्ष्य है। लक्ष्य के विरूद्ध 15 जून से तीन लाख 68 हजार 219 टन खाद समितियों में भंडारित कर लिया गया है। किसानों को एक लाख 90 हजार 982 टन खाद वितरित कर दिया गया है। समितियों में चार लाख 71 हजार 673 क्विंटल उन्नत किस्म के प्रमाणित बीज भंडारित किए गए हैं। किसानों को 15 जून तक दो लाख 26 हजार 565 क्विंटल बीज का वितरण हो चुका है। खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में 15 लाख 71 हजार किसानों से 80 लाख 38 हजार टन धान का उपार्जन किया गया है और इन किसानों को कुल 20 हजार 092.37 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है और कुल राशि में से 5979.48 करोड़ का भुगतान किया गया। धान उपार्जन वर्ष 2018-19 में 1995 उपार्जन केन्द्रों में से 1949 केन्द्रों का लेखा मिलान पूर्ण कर लिया गया है।  

छत्तीसगढ़ : पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव 20 जून को लेंगे विभागीय समीक्षा बैठक

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 छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव 20 जून को विभागीय योजनाओं की समीक्षा करेंगे। वे निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में सवेरे 11 बजे शुरू होने वाली बैठक में दिनभर विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इस दौरान नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी योजना के तहत गौठान व चारागाह निर्माण, मनरेगा कार्यों, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ ही ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत संचालनालय और विकास आयुक्त कार्यालय के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में सभी जिलों के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद रहेंगे।  

गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कराते खिलाड़ी आदित्य राठौर को मेडल जीतने पर दी बधाई और शुभकामनाएं

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गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू से आज यहां उनके निवास कार्यालय में कराते खिलाड़ी श्री आदित्य राठौर ने अपने कोच श्रीमती हर्षा साहू के साथ सौजन्य मुलाकात की। श्रीमती साहू ने गृहमंत्री को बताया कि श्री आदित्य राठौर नई दिल्ली में 10 से 13 जून तक आयोजित सब जूनियर एवं सीनियर काई नेशनल कराते चैम्पियनशिप प्रतियागिता में छत्तीसगढ़ के प्रतिभागी थे। छत्तीसगढ़ टीम से रायपुर के श्री आदित्य राठौर ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए सब जूनियर इवेंट में ब्रांज मेडल जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। श्री साहू ने आदित्य के बेहतर प्रदर्शन पर बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने आदित्य की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए गोल्ड मेडल जीतने और अधिक मेहनत करने प्रोत्साहित किया। श्री साहू ने आदित्य राठौर और उनके कोच श्रीमती हर्षा साहू को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए हर संभव मदद करने के लिए तत्पर है। 

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री आज नई दिल्ली जाएंगे

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज 20 जून को नई दिल्ली जाएंगे। वे सुबह 11.05 बजे नियमित विमान से रवाना होकर नई दिल्ली पहुंचेंगे और यहां से छत्तीसगढ़ सदन जाएंगे। वे यहीं रात्रि विश्राम करेंगे।  

मोटर व्हीकल ड्रायविंग के लिए बनेगा प्रशिक्षण केन्द्र : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां मंत्रालय में कौशल विकास परियोजना  की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने युवाओं को मोटर व्हीकल ड्रायविंग का प्रशिक्षण लगभग पांच करोड़ रूपए की लागत से प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। 
    
    मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि प्राधिकरण द्वारा मोबाइल एप्लीकेशन एप तैयार किया जाए, जिसमें ड्रायवर, क्लीनर सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रिपेयर, प्लंबर, ऑटोमोबाइल मैकेनिक, रेफ्रिजरेटर मैकेनिक, मेडिकल और नर्सिंंग सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी उनके मोबाइल नम्बर सहित जन सामान्य के अवलोकन के लिए उपलब्ध हो, इससे नागरिकों को विभिन्न ट्रेण्ड के प्रशिक्षित युवाओं को खोजने में आसानी होगी और युवाओं को भी रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही मायने में कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार व स्व-रोजगार से जोड़ा जाए।
    
    मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं को ऐसे ट्रेड में प्रशिक्षण देने पर जोर दिया, जिनकी अच्छी मांग है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों और माइंस वाले क्षेत्रों में अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को हैवी व्हीकल ड्राइवर, लाइट मोटर व्हीकल ड्राइविंग और क्लीनर के साथ-साथ उस क्षेत्र के रोजगार की मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाए। राज्य में वाहनों की संख्या अधिक है और प्रशिक्षित ड्रायवर कम संख्या में उपलब्ध हैं। प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। इससे वाहन दुर्घटनाओं में कमी आएगी। 
    
    कौशल विकास और जनशक्ति नियोजन मंत्री श्री उमेश पटेल ने बताया कि ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के उद्देश्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को आगामी अनुपूरक बजट में शामिल करने के निर्देश दिए।

    बैठक में मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी भी उपस्थित थे। उच्च शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और जनशक्ति नियोजन विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 109 सेक्टर में 804 पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में 2343 व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं (व्ही.टी.पी.) युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और लाईवलीहुड कॉलेजों के माध्यम से युवाओं को दिए गए प्रशिक्षणों की जानकारी दी और इसके माध्यम से इन्हें मिले स्व-रोजगार के अवसरों को बताया। 
    
    श्रीमती पिल्ले ने बताया कि प्रशिक्षण गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक से उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। प्रशिक्षण लैब में सीसीटीव्ही कैमरे लगाए जाएंगे। व्हीटीपी द्वारा अनियमितता की जाती है, तो उस पर 50 हजार रूपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया गया कि कौशल प्रशिक्षण के दौरान रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, बलौदाबाजार एवं बिलासपुर जिले में कुल 30 संस्थाओं के आकस्मिक निरीक्षण में 40 प्रशिक्षण बैचों को निरस्त किया गया तथा 14 संस्थाओं के व्हीटीपी  पंजीयन को निरस्त करने की कार्यवाही की गई। यह कार्यवाही राज्य में की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही है। 
    
    बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण और राज्य परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सोसायटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पुष्पेन्द्र मीणा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ी फिल्म देखने पहुंचे सिटी सेंटर

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 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां सिटी सेंटर मॉल पण्डरी में छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘हंस झन पगली फंस जाबे’ देखने पहुंचे। उन्होंने आम जनता के साथ बैठकर फिल्म देखी। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, खाद्य मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, महापौर श्री प्रमोद दुबे और मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री विनोद वर्मा भी उनके साथ थे। मुख्यमंत्री ने फिल्म के कलाकारों से मुलाकात की और फिल्म के निर्माता-निर्देशक श्री सतीश जैन को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। 

पाकिस्तानी जासूस ने इस तरह 98 अधिकारियों के अकाउंट किए हैक, चुराई अहम जानकारी

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एक पाकिस्तानी जासूस ने फेसबुक पर सेजल कपूर नाम से अपना अकाउंट बनाया हुआ है। जिसके जरिए उसने रक्षा बलों और संगठनों के कंप्यूटर को हैक करने में सफलता हासिल की। उसने 2015 से 2018 के बीच भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना, पैरामिलिट्री बल और राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश पुलिस के 98 अधिकारियों के कंप्यूटर को हैक किया है। वह अपने टारगेट (लक्ष्य) को थर्ड पार्टी सर्वर के सॉफ्टवेयर मालवेयर के जरिए अपनी तस्वीरे और वीडियो भेजा करती थी। इस सर्वर को पश्चिमी एशिया देश से होस्ट किया जाता था।विज्ञापन

जासूस 2018 में ब्रह्मोस मिसाइल के गोपनीय डाटा लीक में भी शामिल थी। जासूस द्वारा जिस मालवेयर का इस्तेमाल किया जाता था उसका नाम ‘व्हिसपर’ है। यह मालवेयर मैलिशियस सॉफ्टवेयर का एक छोटा रूप है जिसे खासतौर से किसी कंप्यूटर की एक्सेस पाने या उसे खराब करने के लिए बनाया गया है। जो आमतौर पर यूजर की जानकारी के बिना काम करता है। सेजल के फेसबुक अकाउंट को ब्रह्मोस के सीनियर सिस्टम्स मिसाइल प्रोजेक्ट इंजीनियर निशांत अग्रवाल की यूपी के आतंकवाद निरोधी दस्ते और सैन्य खुफिया सूचना द्वारा गिरफ्तारी के बाद बंद कर दिया गया था। 

अग्रवाल को भारतीय परियोजना के बारे में पाकिस्ताने की आईएसआई जासूस को गोपनीय सूचना देने के आरोप में पकड़ा गया था। उत्तर प्रदेश पुलिस और सान्य खुफिया सूचना के अधिकारियों ने इस पाकिस्तानी महिला जासूस की पांच दर्जन से अधिक चैट का खुलासा किया है।

पाकिस्तानी एजेंट ने एक चैट में कहा, ‘व्हिसपर को इंस्टॉल कीजिए और अपने डेस्कटॉप आइकन को चेक कीजिए, उसे ओपन करें और मुझे कोड भेजें। हम वहां बात करेंगे। मैं इंतजार कर रहीं हूं। इंस्टॉल किया? इसे इंस्टॉल करने के बाद आपको अपने डेस्कटॉप पर व्हिसपर आइकन दिखेगा। मुझे केवल वह कोड भेजें। जिसके बाद हम बात कर सकेंगे। उसे अनजिप करें और इंस्टॉल पर क्लिक करें। यह एक चैट ऐप है जिसे यूके में हम सभी इस्तेमाल करते हैं।’ एक भारतीय अधिकारी ने जासूस को जवाब देते हुए कहा, ‘यह प्रतिबंधित है। जब भी मैं इसे इंस्टॉल करने की कोशिश कर रहा हूं इसे प्रतिबंधित किया जा रहा है।’

व्हिसपर के अलावा सेजल नाम की जासूस ग्रैविटी रैट नाम की एप्लीकेशन का उपयोग करती थी। दोनों स्टील्थ (छद्म) मोड पर काम करते हैं और सेल्फ अवेयर डिटेक्शन तकनीक पर काम करते हैं। जिसकी वजह से कंप्यूटर में मौजूद एंटी मालवेयर प्रोग्राम इन्हें पहचान नहीं पाते हैं। एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने कहा, ‘यह एक मैलिशियस कम्युनिकेशन ऐप है। यह मालवेयर कमांड का इस्तेमाल करती है। एक हैकर अपनी पहचान को छुपाने के लिए कम से कम 25 इंटरनेट अड्रेस का इस्तेमाल कर सकता है।’

एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने कहा, ‘डाउनलोड होने के बाद मालवेयर यूजर को एक कोड का संकेत देता है। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि ऐप कोई वायरस या मालवेयर नहीं है। इसके तुरंत बाद यह कंप्यूटर से ईमेल और डाउनलोड के जरिए भेजे गए सभी अटैचमेंट को स्कैन करता है। इसके बाद यह सभी फाइलों, तस्वीरों, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड और एक्सेल के डाटाबेस को स्कैन करता है। पहले उनके एन्क्रिप्शन की का सत्यापन करता है और फिर उनके पासवर्ड का पता लगाता है।’

हिमालय पर मंडरा रहा बढ़ते तापमान का खतरा, दो गुनी गति से पिघल रहे ग्लेशियर

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पृथ्वी पर बढ़ते तापमान ने इंसान और पशु-पक्षी ही परेशान नहीं हैं, बल्कि हिमालय भी इससे प्रभावित हो रहा है. बढ़ते तापमान के चलते हिमालय के साढ़े छह सौ ग्लेशियर पर खतरा मंडराने लगा है. इस बात का दावा एक अध्ययन में किया गया है. जिसमें बताया गया है कि ग्लेशियर के पिछलने की गति पहले से दो गुनी हो गई है.

साइंस एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक साल 1975 से 2000 के बीच ये ग्लेशियर हर साल 10 इंच घट रहे थे, लेकिन साल 2000-2016 के दौरान ये हर साल 20 इंच तक घटने लगे. शोध में बताया गया है कि ग्लेशियरों के पिघलने से करीब आठ अरब टन पानी का नुकसान हो रहा है.

कोलंबिया विश्वविद्यालय के अर्थ इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने उपग्रह से लिए गए 40 सालों के चित्रों को आधार बनाकर यह शोध किया है. ये चित्र अमेरिकी जासूसी उपग्रहों द्वारा लिए गए थे. उसके बाद इन तस्वीरों को थ्री डी माड्यूल में बदला गया उसके बाद इनपर अध्ययन किया गया.

ये तस्वीरें भारत, चीन, नेपाल और भूटान में स्थित 650 ग्लेशियर की हैं. जो पश्चिम से पूर्व तक करीब दो हजार किलोमीटर में फैले हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन ग्लेशियरों को लगातार खा रहा है. इसके अलावा इस शोध में ये भी बताया गया है कि ग्लेशियर के पिछले के साथ-साथ हिमालय के क्षेत्र में तापमान में भी वृद्धि हुई है.

शोध में कहा गया है कि साल 1975-2000 और 2000-2016 के बीच हिमालय क्षेत्र के तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है. जिससे ग्लेशियरों के पिघलने की दर बढ़ गई. हालांकि सभी ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार एक समान नहीं है. क्योंकि कम ऊंचाई वाले ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं. वहीं कुछ ग्लेशियर के पिघटने की रफ्तार पांच मीटर सालाना है.

ग्लेशियर पिघलने से ये हैं खतरा

ग्लेशियर पिघलने से ऊंची पहाड़ियों में कृत्रिम झीलों का निर्माण होता है. इनके टूटने से बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है जिससे ढलान में बसी आबादी के लिए खतरा पैदा हो जाता है. इसके अलावा ग्लेशियर से निकलने वाली नदियों पर भारत, चीन, नेपाल, भूटान की 80 करोड़ आबादी निर्भर है.

इन नदियों से सिंचाई के अलावा पेयजल और विद्युत उत्पादन किया जाता है. ऐसे में अगर हिमालय के ग्लेशियर पिघलते रहते हैं तो इस तरह के तमाम संसाधन खत्म हो जाएंगे. बता दें कि हिमालय पर 650 ग्लेशियर हैं जिन पर करीब 60 करोड़ टन बर्फ जमी हुई है. उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के बाद हिमालय तीसरा बड़ा क्षेत्र है जहां इतनी बर्फ है.

इसलिए हिमालयी ग्लेशियर क्षेत्र को तीसरा ध्रुव भी कहा जाता है. साथ ही हिमालय के ग्लेशियर पिछलने से हर साल आठ अरब टन पानी बर्बाद हो रहा है. उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव में बर्फ पिघलने से समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है. जो कई कई छोटे द्वीपों के लिए बहुत खतरनाक है.

चेन्नई में पानी की किल्लत से बदली स्कूलों की टाइमिंग

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तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. पानी की किल्लत का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ने लगा है. वहां जल संकट इतना गहरा गया है कि अब स्कूल भी अपनी टाइमिंग बदलने लगे हैं. चेन्नई के चार स्कूलों ने अपनी टाइमिंग में बदलाव किया है.

शहर के क्रॉम्पेट के एक निजी स्कूल विवेकानंद विद्यालय ने बुधवार को स्कूल के संचालन का समय बदल दिया. स्कूल का संचालन अब सुबह 8 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक होगा. विद्यालय ने इसकी जानकारी अभिभावकों को मैसेज के माध्यम से दी. विवेकानंद विद्यालय के बाद शहर के तीन अन्य स्कूलों ने भी समय-सारणी में बदलाव किया है.

गौरतलब है कि चेन्नई शहर में जल संकट गहरा गया है. हालत यह हो गई है कि पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति में 40 फीसदी की कटौती करनी पड़ी है. टैंकरों द्वारा पानी का वितरण टोकन के माध्यम से किया जा रहा है. मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर इस समस्या के संबंध में जवाब मांगा है.

जलाशय सूख जाने के कारण टैंकर से हर दूसरे दिन में पानी सप्लाई की जा रही है. ऐसे में लोगों को थोड़ा ही पानी मिल रहा है. वहीं, पानी के लिए लोगों को घंटों इंतजार भी करना पड़ रहा है. इसे देखते हुए नगर निगम ने टोकन सिस्टम चालू कर दिया.

इससे शहर के होटल, मॉल और अन्य उपक्रमों पर नकारात्मक प्रभाव तो पड़ ही रहा है, कई स्थानों से हिंसक झड़पों की खबरें भी आई हैं. इस बार बेहद कम बारिश हुई है. इस वजह से शहर में सूखे जैसे हालात है.