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आज राष्ट्रपति कोविंद संसद में बताएंगे ‘मोदी 2.0’ का विजन, संयुक्त सत्र को करेंगे संबोधित

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज सुबह 11.00 बजे संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति अपने संबोधन में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की नीतियों और एजेंडे को प्रस्तुत करेंगे। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसद मौजूद होंगे। राष्ट्रपति के संबोधन के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होगी।विज्ञापन

इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण को सदन के पटल पर रखा जाएगा। जिसपर सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य परिचर्चा करेंगे। राष्ट्रपति के इस अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया जाएगा।

इस सत्र में संसद में कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा हो सकती है जिसमें तीन तलाक पर मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में लाया गया बिल प्रमुख है। सरकार इस बिल को जल्द से जल्द पास कराना चाहती है। इससे संसद में घमासान भी देखने को मिल सकता है।

ज्ञात हो कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में लोकसभा का पहला सत्र 17 जून को शुरू हुआ। जिसमें बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कोटा के सांसद ओम बिड़ला को निर्विरोध चुना गया। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने प्रस्ताव किया और कई अन्य नेताओं ने इनका अनुमोदन किया। बाद में पूरे सदन ने ध्वनिमत से अपना समर्थन दिया और फिर कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने बिड़ला को स्पीकर घोषित किया। गौरतलब है कि ओम बिड़ला राजस्थान के कोटा संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए हैं।

ओम बिड़ला की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम सबके लिए गर्व का विषय है कि स्पीकर पद पर आज हम ऐसे व्यक्ति का अनुमोदन कर रहे हैं, जिन्होंने छात्र राजनीति से ही जीवन का सर्वाधिक उत्तम समय, बिना किसी ब्रेक के समाज की किसी न किसी गतिविधि में व्यतीत किया है।

इससे पहले नए चुने हुए सांसदों को प्रोटेम स्पीकर की उपस्थिति में शपथ दिलाई गई। जिसमें 17वीं लोकसभा में चुने गए सभी सांसदों ने शपथ ली।

वहीं, राज्यसभा का सत्र शुक्रवार से शुरू होने जा रहा है।

आप भी बढ़ाना चाहती हैं बालों की ग्रोथ को तो अपनाना होगा यह जादुई नुस्खा जो है हर घर में मौजूद

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बालों को ले कर आज हर कोई लड़की इतना परेशान है की क्या कहा जाये । यदि हम गौर करें तो आज यह परेशानी न सिर्फ लड़कियों बल्कि लड़कों में भी होती है बालों को ले कर आज हर कोई लड़की इतना परेशान है की क्या कहा जाये । यदि हम गौर करें तो आज यह परेशानी न सिर्फ लड़कियों बल्कि लड़कों में भी होती है । जिस तरह का आज वातावरण हो चला है उसकी कारण लोग खुश कम और तनाव में ज्यादा हैं और इतना ही नही आज का बढ़ता प्रदूषण भी इनमें से एक कारण है जो की बालों को खराब जर रहा हैं । उनकी ग्रोथ को रोक रहा है तो कभी उनको टूटने पर मजबूर कर रहा है ।

ऐसे में हर लड़की अपने बालों को लेकर काफी परेशान सी है । आज हम आपको उन्हीं बालों की देखरेख करने का बहुत ही आसान और बहुत ही शानदार उपाय बताने जा रहे हैं । यह उपाय हर घर में मौजूद है, और बहुत ही सस्ता और टिकाऊ भी है । आइये जानते हैं क्या है वह उपाय जो हमारे बालों की ग्रोथ को बढ़ा देगा ।

चावल का पानी यानी राइस वॉटर जिसे आम बोलचाल की भाषा में माड़ भी कहा जाता है, कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होने की वजह से न सिर्फ हमारी सेहत के लिए फायदेमंद है बल्कि हमारी स्किन और बालों के लिए भी कई तरह से लाभदायक है। चावल के पानी में ढेर सारे विटमिन्स और मिनरल्स होते हैं। साथ ही फेरुलिक ऐसिड की वजह से यह ऐंटीऑक्सिडेंट से भी भरपूर होता है ।

शैंपू करने के बाद चावल के पानी से बालों को धोएं। इसके लिए चावल के पानी को बालों पर डालें, स्कैल्प में मसाज करें और कुछ देर बाद साफ पानी से बालों को धो लें। इसे सप्ताह में 1 या 2 बार इस्तेमाल करें। बेहतर नतीजों के लिए आप चाहें तो इसे बालों में लगाकर 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें और उसके बाद साफ पानी से बाल धोएं।

अमरूद होता है बेहद फायदेमंद, कई बीमारियों के रोकथाम में होता है सहायक

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अमरूद स्वास्थ्य के लिए बेहद गुणकारी है। यही वजह है कि इसे सुपर फूड की कैटगरी में रखा गया है। इसमें विटामिन सी, लाइकोपीन, मैग्नीज, पोटैशयिम, विटामिन, मिनरल और फाइबर पाए जाते हैं। अपनी इन खूबियों के चलते आयुर्वेद में अमरूद को खास स्थान दिया गया है। यही नहीं इसकी खुश्बू और स्वाद दोनों लाजवाब हैं। अमरूद खाने से कई बीमारियों को बचा जा सकता है  

डायबिटीज की रोकथाम 
अमरूद डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है। यह शुगर लेवल को कंट्रोल करता है और लो ग्लिसमिक इंडेक्स शुगर लेवल को अचानक बढ़ने से रोकता है। डायबिटीज के रोगियों को रोज अमरूद खाने की सलाह दी जाती है। यही नहीं अमरूद की पत्तियों की चाय पीने से डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है।

वजन कम करने में मददगार 
अमरूद में भरपूर मात्रा में प्रोटीनए विटामिन और खनिज पाए जाते हैं। अमरूद में मौजूद फाइबर कॉलेस्ट्रोल लेवल को कम करने में बहुत मददगार हैं। यही नहीं अंगूर, संतरे और सेब की तुलना में इसमें शुगर की मात्रा बहुत कम होती है। यही वजह है कि आप बेहिचक इसे खा सकते हैं।

सर्द-जुकाम में फायदेमंद
अमरूद में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता हैए जो शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने में काफी फायदेमंद है। अमरूद पर नमक और काली मिर्च लगाकर खाने से कफ दूर होता है। वहींए पके अमरूद के बीजों को खाने के बाद पानी पीने से जुकाम से राहत मिलती है।

दांतों की परेशानियों से छुटकारा
अगर आपके दांत में दर्द है तो धीरे-धीरे अमरूद की पत्तियां चबाएं। अमरूद के पत्तों को हल्के गर्म पानी में उबालकर कुल्ला करने से मसूढ़ों की सूजन और दर्द से छुटकारा मिलता है। दांतों में फैले प्लाक से निजात पाने के लिए अमरूद की पत्तियां चबानी चाहिए। मुंह की बदबू दूर करने के लिए अमरूद की पत्तियों को पीसकर उससे पेस्ट करना चाहिए।

पेट दर्द कब्ज और मुंह के छालों से मुक्ति 
अमरूद कब्ज और पेट दर्द से जुड़ी कई समस्याओं का रामबाण इलाज है। अगर आपके पेट में दर्द है तो अमरूद में नमक मिलाकर खाएं। अमरूद की पत्तियां डयरिया फैलने वाले बैक्टीरिया को रोकती हैं। दस्त लगने पर अमरूद की पत्तियों की चाय पीनी चाहिए। मुंह में छाले होने पर अमरूद की कोमल पत्तियों को चबाने से बहुत जल्द आराम मिलेगा। अगर आप अमरूद को अपनी डाइट में शामिल करेंगे तो कब्ज की शकिायत ही नहीं रहेगी।

दिमाग को दे पोषण 
अमरूद में मौजूद विटामिन सी दिमाग की कार्यप्रणाली को सुधारने में मदद करता है। इसमें मौजूद विटामिन बी 3 और बी 6 दिमाग के ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखते हैं।

आंखों व त्वचा के लिए गुणकारी 
अमरूद में विटामिन ए पाया जाता है, जो आंखों को सेहतमंद बनाए रखता है। अमरूद खाने से रतौंधी और मोतियाबिंद  का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा अमरूद त्वचा की सेहत बरकारार रखने का काम भी आता है। अमरूद खाने से त्वचा की झुर्रियों, रूखेपन और टैनिंग से छुटकारा मिलता है। यही नहीं अमरूद खाने से त्वचा की रंगत निखरती है और मुंहासे भी कोसों दूर रहते हैं।

दूर होगा नशे का असर
शराब या भांग का नशा उतारने के लिए अमरूद की पत्तियों का रस पीना चाहिए। 

राहुल गांधी को जन्म दिन की बधाई देने के बाद बेहद उत्साहित दिखे CM अशोक गहलोत

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19 जून को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत दिनभर दिल्ली में व्यस्त रहे। सुबह एआईसीसी के दफ्तर में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को 50वें जन्मदिन की बधाई दी। बधाई के मौके पर हुई मुलाकात के बाद गहलोत बेहद उत्साहित दिखे। असल में 26 मई को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद गहलोत को भी राहुल गांधी से मिलने का अवसर नहीं मिला।

मीडिया में यह प्रचारित किया गया कि राहुल गांधी गहलोत से भी नाराज हैं। इधर राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के साथ विवादों की खबरें भी निकलती रही। लेकिन 19 जून को गहलोत एक बार फिर पूरे उत्साह में दिखे। गहलोत ने दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में चल रही व्यवसायिक गतिविधियों की मौके पर जाकर जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि गत भाजपा शासन में बीकानेर हााउस में व्यवसायिक गतिविधियों की अनुमति दी गई थी, हालांकि ऐसी गतिविधियों पर गहलोत ने नाराजगी जताई है। दिल्ली में ही मीडिया से संवाद करते हुए गहलोत ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भले ही कांग्रेसकी हार हो गई हो, लेकिन कांग्रेस का आम कार्यकर्ता आज भी राहुल गांधी के साथ खड़ा है।

सभी कार्यकर्ता चाहते हैं कि राहुल गांधी ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहे। गहलोत ने उम्मीद जताई कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ख्याल करते हुए राहुल गांधी अपना इस्तीफा वापस ले लेंगे। गहलोत ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में राष्ट्रवाद का मुद्दा उछाल कर भाजपा ने जीत हांसिल कर ली। आने वाले समय में देश की जनता को भाजपा की असलियत का पता चल जाएगा। राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई देने के लिए गहलोत खासतौर से दिल्ली आए थे।

यहां यह उल्लेखनीय है कि 26 मई के बाद यह पहला अवसर रहा जब राहुल गांधी ने सार्वजनिक तौर पर कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। एआईसीसी के कार्यालय में मौजूद मीडिया कर्मियों को भी राहुल गांधी ने अपने जन्म दिन की मिठाई खिलाई। 19 जून को राहुल गांधी लोकसभा में भी उपस्थित रहे। लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव के समय राहुल गांधी अपनी माताजी श्रीमती सोनिया गांधी के साथ संसद में बैठे हुए थे।

कार्यकर्ताओं ने मेहनत से काम किया-पांडे
दो दिनों तक दिल्ली में राजस्थान के लोकसभा चुनाव के कांग्रेस उम्मीदवारों से संवाद करने के बाद 19 जून को प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि चुनाव में कांगे्रस के कार्यकर्ता ने पूरी मेहनत के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि सभी उम्मीदवारों ने अपनी भावनाओं से अवगत कराया। लेकिन एक बात सभी उम्मीदवारों ने कही कि चुनाव में कार्यकर्ता ने पूरी मेहनत और निष्ठा के साथ काम किया है। भले ही राजस्थान में कांग्रेस सभी 25 सीटों पर चुनाव हार गई हो, लेकिन कार्यकर्ता ने मेहनत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पांडे ने कहा कि उम्मीदवारों ने जो फीडबैक दिया है उसके आधार पर अब हार की समीक्षा की जााएगी।

अंतागढ़ टेपकांड: पूर्व सीएम अजीत जोगी और अमित जोगी को SIT ने भेजा नोटिस

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छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित अंतागढ़ टेपकांड मामले में एसआईटी ने जांच तेज कर दी है. एसआईटी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और पूर्व विधायक अमित जोगी को नोटिस जारी किया है. अजीत और अमित जोगी के अलावा मामले में कथित अन्य आरोपियों को भी नोटिस जारी किया गया है. नोटिस मिलने के बाद पूर्व विधायक व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

एसआईटी ने अपने नोटिस में अमित जोगी व अन्य को वाइस सैंपल के लिए 24 जून को उपस्थित होने को कहा है. साथ ही मामले में आरोपियों को बुलाकर बयान लिया जाएगा. मामले में किरणमई नायक की शिकायत पर पंडरी थाने में मंतूराम पवार, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी, डॉ. पुनीत गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इनके खिलाफ आईपीसी 1860 की धारा 406, 420 171-ई, 171-एफ, 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया है. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 9 और 13 के तहत भी मामला दर्ज है.

अमित जोगी ने बताया गैर कानूनी
नोटिस मिलने के बाद अमित जोगी ने प्रतिक्रिया दी है. अमित जोगी ने एसआईटी से कहा है कि कानूनन ज़ब्त मूल उपकरणों के साथ संलग्न प्रमाणपत्र मुझे प्रस्तुत करें. इसके बाद ही आपके द्वारा वैधानिक रूप से मुझसे वाईस सैम्पल लेने का नोटिस दिया जा सकता है. ऐसे में आपके द्वारा मुझे भेजा गया नोटिस पूर्णतः द्वेषपूर्ण, अवैधानिक और ग़ैर-क़ानूनी है.

ये है मामला
साल 2014 में कांकेर जिले के अंतागढ़ के तत्कालीन विधायक विक्रम उसेंडी ने लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दिया था. वहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक मंतू राम पवार को प्रत्याशी बनाया था. नाम वापसी के अंतिम वक्त पर मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. इससे भाजपा को एक तरह का वाकओवर मिल गया था. बाद में फिरोज सिद्दीकी नाम से एक व्यक्ति का फोन कॉल वायरल हुआ था. आरोप लगे थे कि तब कांग्रेस में रहे पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने मंतू की नाम वापसी कराई. टेपकांड में कथित रूप से अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई बातचीत बताई गई थी. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मामले में नए सिरे से जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.

भीम से हुई थी माता की शादी, 1553 ई. में बना था मनाली का हडिम्बा मंदिर

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हिमाचल प्रदेश को देवी-देवताओं की भूमि कहा जाता है. यहां धार्मिक पर्यटन के लिए हर साल लाखों देशी एवं विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं.

 शिमला और मनाली, डलहौजी, धर्मशाला समेत कई इलाकों में बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंचते हैं.

शिमला और मनाली, डलहौजी, धर्मशाला समेत कई इलाकों में बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंचते हैं.

 मनाली के ढूंगरी में स्थित देवी हिडिम्बा का मन्दिर काफी साल पुराना है.मनु की नगरी मनाली में देवी हिडिम्बा को यहां की आराध्य देवी भी कहा जाता है.

मनाली के ढूंगरी में स्थित देवी हिडिम्बा का मन्दिर काफी साल पुराना है.मनु की नगरी मनाली में देवी हिडिम्बा को यहां की आराध्य देवी भी कहा जाता है.

 देवी हिडिम्बा का मंदिर मनाली शहर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है.

देवी हिडिम्बा का मंदिर मनाली शहर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है.

 मंदिर के चारों तरफ देवदार के ऊंचे-ऊंचे वृक्ष इसकी सुदरता में चार चांद लगा देते हैं. कहा जाता है कि सन 1553 ईसवी में कुल्लू के राजा बहादुर सिंह ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था. यह मंदिर पगौडा शैली में निर्मित है. इस मंदिर की उंचाई 80 फीट है. निर्माण में देवदार की लकडियों का प्रयोग किया गया है.

मंदिर के चारों तरफ देवदार के ऊंचे-ऊंचे वृक्ष इसकी सुदरता में चार चांद लगा देते हैं. कहा जाता है कि सन 1553 ईसवी में कुल्लू के राजा बहादुर सिंह ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था. यह मंदिर पगौडा शैली में निर्मित है. इस मंदिर की उंचाई 80 फीट है. निर्माण में देवदार की लकडियों का प्रयोग किया गया है.

 देवी हडिम्बा को कुल्लू में सबसे शक्तिशाली देवी भी माना जाता है. मंदिर में माता दुर्गा की मूर्ति और चरण पादुकाएं है, जिनकी रोजना सुबह व शाम को पूजा होती है.

देवी हडिम्बा को कुल्लू में सबसे शक्तिशाली देवी भी माना जाता है. मंदिर में माता दुर्गा की मूर्ति और चरण पादुकाएं है, जिनकी रोजना सुबह व शाम को पूजा होती है.

 कहा जाता है कि प्राचीन समय में देवी हडिम्बा अपने भाई हडिम्ब के साथ यहां पर रहती थी. हडिम्ब बहुत बलवान था और हडिम्बा ने प्रण लिया था कि जो भी उसके भाई को पराजित करेगा, वह उससे शादी करेगी.

कहा जाता है कि प्राचीन समय में देवी हडिम्बा अपने भाई हडिम्ब के साथ यहां पर रहती थी. हडिम्ब बहुत बलवान था और हडिम्बा ने प्रण लिया था कि जो भी उसके भाई को पराजित करेगा, वह उससे शादी करेगी.

 जब पांडव अज्ञातवास मनाली आए तो तब हडिम्ब का भीम से युद्ध हुआ और भीम ने हडिम्ब का वध किया.

जब पांडव अज्ञातवास मनाली आए तो तब हडिम्ब का भीम से युद्ध हुआ और भीम ने हडिम्ब का वध किया.

 इसके बाद माता हडिम्बा ने भीम से शादी की और उसके बाद उनका एक बेटा घटोत्कच हुआ. देवी हिडिम्बा को कुल्लू के राज घराने की दादी भी कहा जाता है. देवी हिडिम्बा के कुल्लू में पहुंचने पर ही कुल्लू दशहरा शुरु होता है.

इसके बाद माता हडिम्बा ने भीम से शादी की और उसके बाद उनका एक बेटा घटोत्कच हुआ. देवी हिडिम्बा को कुल्लू के राज घराने की दादी भी कहा जाता है. देवी हिडिम्बा के कुल्लू में पहुंचने पर ही कुल्लू दशहरा शुरु होता है.

अचानक 50 पुराने पेड़ से बहने लगी पानी की धारा, चमत्कार देखने के लिए उमड़ी भीड़

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में एक पेड़ चर्चा का विषय बन गया है, दरअसल पेड़ के तने से पानी निकल रहा है, तने में एक पतला सा छेद बना हुआ है, जिसमें से लगातार पानी बह रहा है, इसे देखने के लिए और अपने कैमरों में कैद करने के लिए लोगों को भीड़ लगी हुई है.

पेड़ के तने से निकल रहा पानी

जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय गरियाबंद में पीडब्ल्यूडी विभाग के ऑफिस के बाहर ये पेड़ खडा है. सरई प्रजाति का लगभग 50 साल पुराना ये पेड़ बताया जा रहा है, जिसमें मंगलवार रात से ये पानी निकल रहा है, आसपास के लोगों के मुताबिक पानी मंगलवार को दोपहर से निकल रहा था, उस वक्त पानी का बहाव कम था, लेकिन बाद में पानी रफ्तार से पेड़ से निकलने लगा.

पानी को देखने के लिए लोगों की लगी भीड़

अचानक पेड़ से पानी निकले की बात सुनकर उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ मौके पर उमड़ रही है, कोई इसे चमत्कार बता रहा है, तो कोई इसे वैज्ञानिक कारण, हालांकि अभी तक इसका पता नहीं चल पाया कि आखिर पेड़ से पानी क्यों निकल रहा है.

छत्तीसगढ़ /ट्रांसफर और प्रमोशन के लिए सीधे मंत्री को लेटर, नाराज चौबे ने लगाई रोक

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तबादले पर लगा प्रतिबंध खुलने से पहले ही राज्य के अधिकारी-कर्मचारी पसंदीदा पोस्टिंग के लिए जोड़तोड़ में जुट गए हैं। आवेदन देने के बाद ये लोग रोजाना मंत्री से मिलकर आदेश के लिए स्टाफ पर दबाव बना रहे हैं।  इसे लेकर मंत्री और उनका स्टाफ परेशान है। इसे देखते हुए कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने सीधे सभी को चेतावनी जारी कर दी है। उन्होंने एेसे लोगों को संभल जाने कहा है, नहीं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दे दिए हैं। चौबे के पास कृषि विकास एवं कृषक कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, पशुधन विकास, मछली पालन, जल संसाधन एवं आयाकट, संसदीय कार्य, विधि एवं विधायी कार्य विभाग हैं।

बताते हैं कि नई सरकार के गठन और चौबे के मंत्री बनने के बाद से इन विभागों के हजारों अधिकारी-कर्मचारियों के आवेदन दे चुके हैं। इनमें कई एेसे हैं जो पिछली सरकार की प्रताड़ना के चलते बाहर पदस्थ किए गए थे। अब ये सभी राजधानी या शहरों में लौटना चाहते हैं। पर मंत्री चौबे ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पदोन्नति एवं पदस्थापना हेतु उनसे सीधे पत्राचार करने पर अप्रसन्नता व्यक्त की है।

इस संबंध में उद्यानिकी विभाग के संचालक को पत्र लिखकर निर्देशित किया गया है कि अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा पदोन्नति एवं पदस्थापना हेतु मंत्री से सीधे पत्राचार करना सिविल सेवा आचरण नियम के प्रावधानों के विपरीत है। विभागीय अधिकारियों को सीधे मंत्री से पत्राचार नहीं करने के लिए निर्देशित करें अन्यथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।


चौबे और टेकाम आज राजीव भवन में: संसदीय कार्य व कृषि एवं पशुपालन मंत्री रविंद्र चौबे और स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम बुधवार को राजीव भवन में कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे। दोनों मंत्री दोपहर 12 बजे कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में बैठेंगे। इस दौरान दोनों मंत्री विभागों से संबंधित समस्याओं का निराकरण करने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों से आवेदन लेंगे। 

हालांकि, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे इस दौरान तबादलों से संबंधित सिफारिशी पत्रों को नहीं लेंगे। वे केवल कार्यकर्ताओं की मूलभूत समस्याओं से संबंधित आवेदन लेंगे। बता दें कि कांग्रेस सरकार के सभी मंत्री बारी-बारी से राजीव भवन में बैठ रहे हैं और कार्यकर्ताओं से आवेदन ले रहे हैं।

छत्तीसगढ़/ड्यूटी से लौट रहे अजाक थाना प्रभारी को कैप्सूल ने कुचला, रिटायर होने में 12 दिन ही बचे थे

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ड्यूटी से घर लौट रहे अजाक थाना प्रभारी को अशोक नगर चौक के पास मंगलवार देर शाम मिक्सर मशीन कैप्सूल ने कुचल दिया। 30 जून को वे रिटायर होने वाले थे। घटना के बाद ड्राइवर गाड़ी मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने हेल्पर व ऑपरेटर को हिरासत में लिया है। नो एंट्री में चल रहे कैप्सूल में शराब की बोतलें और डिस्पोजल मिले हैं। 8 माह पहले ही उनकी जांजगीर से बिलासपुर पदस्थापना हुई थी। अगस्त 2018 में यहां आए थे। उन्हें अजाक थाने का प्रभार सौंपा गया था। 

आईजी ऑफिस में मीटिंग के बाद डीएसपी संग थाने आए, यहां से बाइक पर निकले और 15 मिनट बाद हादसे की खबर आई

  1. अजाक थाना प्रभारी हरीराम साहू (61) रायपुर जिले के खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम कोसरंगी के रहने वाले थे। वे मंगलवार शाम करीब 4 बजे से 7.30 बजे तक आईजी आफिस में मीटिंग में मौजूद थे। अजाक डीएसपी सुरजन सिंह के साथ सरकारी गाड़ी में गए थे। दोनों लौटकर थाने आए। यहां से थाना प्रभारी अपनी सरकारी बाइक से घर जाने के लिए निकले। उन्हें रहने के लिए लाइन में बैरक मिला हुआ था। रात 7.45 बजे अशोक नगर चौक में पहले तेज रफ्तार मिक्चर मशीन कैप्सूल ने पीछे से टक्कर मार दी।
  2. हादसे में वह बाइक सहित गिर पड़े और मिक्चर कैप्सूल ने उन्हें कुचल दिया। घटना के बाद ड्राइवर गाड़ी खड़ी करने के बाद कूदकर फरार हो गया। सूचना मिलने पर सरकंडा पुलिस सहित सभी प्रमुख आला अफसर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हेल्पर व ऑपरेटर को हिरासत में लेकर कैप्सूल को जब्त कर लिया गया है। ड्राइवर की खोजबीन की जा रही है। अजाक डीएसपी सुरजन सिंह ने बताया कि टीआई दिनभर साथ में थे। दोनों थाने आए। हरीराम ने डायरी रखी फिर निकले। 15 मिनट बाद हादसे की खबर तो यकीन नहीं हुआ कि ऐसा कुछ हो चुका है। 
  3. छोटा बेटा आईसीयू में फिर भी ड्यूटी पर थे हरीराम साहू के परिवार में पत्नी मिथला साहू के अलावा तीन बच्चे हैं। बेटों में ओम प्रकाश बड़ा व बेदराम छोटा है। उनकी पोमिन नाम की एक बेटी है। हरीराम सीधे सादे व काम के प्रति बेहद गंभीर अधिकारी थे। उनके छोटे बेटे बेदराम की तबीयत काफी खराब है और आईसीयू में भर्ती है। इसके बाद भी वे घर नहीं गए थे। काम को बहुत जरूरी मानते थे। पत्नी व बड़ा बेटा देखरेख कर रहे थे। 
  4. विभाग में विदाई की तैयारी चल रही थी एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि हरीराम साहू 30 जून को रिटायर्ड होने वाले थे। उनकी विभाग से विदाई के लिए आयोजन की तैयारी चल रही थी। इस तरीके से दुनिया से विदा हो जाएंगे पता नहीं था। हरीराम साहू सिपाही से थानेदार बने थे। 10 साल पहले ही उन्हें टीआई बनाया गया था। टीआई बनने के बाद वे बागबहरा, जांजगीर में पदस्थ रहे। 
  5. मजबूरी में देनी ही पड़ी हादसे की खबर हरीराम का छोटा बेटा बीमार है और आईसीयू में। इस कारण परिवार के सभी सदस्य अस्पताल में है। हादसे की खबर उनके घर में देने की किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी। पहले फोन कर उनके बड़े बेटे को बताया गया कि उनके पिता का एक्सीडेंट हो गया है और उन्हें साधारण चोट आई है तो उनका कहना था कि वहां उनका छोटा भाई आईसीयू में है इसलिए वे अभी नहीं आ सकते। मजबूरी में उन्हें मौत की खबर बतानी पड़ी। 
  6. सरकारी भवन निर्माण में लगी थी गाड़ी मिक्चर मशीन कैप्सूल चिंगराजपारा में सरकारी निर्माण कार्य में लगी हुई है। गाड़ी सेंदरी से मिक्चर लेने जा रही थी। नो एंट्री होती है। इसके बाद भी इसे शहर के भीतर चलने की परमिशन दी गई थी और यही हादसे की वजह बनी। ऐसे ही कई गाड़ियां पुलिस की मिलीभगत से दिनभर शहर के भीतर चलती हैं। 

छत्तीसगढ़ /नोटिस की मियाद पूरी, नहीं दिया वाशरी संचालकों ने जवाब, जांच अभी भी जारी

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एसीबी समूह की कोल वाशरियों पर शनिवार को की गई छापामार कार्रवाई में प्रशासन की ओर से कहा गया था कि संचालकों को नोटिस दी गई है। जिसका जवाब उन्हें तीन दिन में देना है। उपसंचालक खनिज एनएल सोनकर ने कहा है कि हमारे पास अब तक कोई जवाब नहीं आया है। अभी भी हम जांच कर रहे हैं। 


राजनैतिक रूप से प्रभावशाली एसीबी समूह की कोलवाशरियों पर शनिवार को रायपुर से खनिज विभाग के केन्द्रीय उड़नदस्ते, प्रशासन व विभिन्न विभागों के तकरीबन 100 अधिकारी-कर्मचारियों के दल ने कार्रवाई की। एसईसीएल दीपका के एक कांटाघर में वाशरी से जुड़ा आदमी मौजूद था। जबकि एसईसीएल कर्मी नदारद। कांटाघर से ही खदान से कोयला लेकर आने वाले वाहन वजन कराकर निकलते हैं। बाद में एसीबी समूह की वाशरियों में 6 लाख 84 हजार टन उसके निर्धारित भंडारण क्षमता से अधिक होने की जानकारी अधिकारिक तौर पर दी गई।

प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को जनसंपर्क विभाग ने बकायदा विज्ञप्ति जारी कर बताया। वहीं यह भी कि वाशरी संचालकों से तीन दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है। यह मियाद मंगलवार को पूरी हो गई। खनिज उपसंचालक एनएल सोनकर ने मंगलवार शाम कहा कि अब तक वाशरी संचालकों का जवाब नहीं मिला है। उन्होंंने यह भी कहा कि जहां तक नोटिस की मियाद की बात है उसके जवाब के लिए तीन से 15 दिन तक की समय-सीमा अलग-अलग मामलों में है। इधर पर्यावरण संरक्षण मंडल व औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा की गई जांच पर आगे क्या कार्रवाई की गई है, इसका खुलासा नहीं हुआ है।

 इस सारे घटनाक्रम से यह चर्चा शुरू हो गई है कि जिस बड़े पैमाने पर कार्रवाई करने की बात खुद प्रशासन की ओर से कही गई थी। अब उसमें कहीं न कहीं लीपापोती की शुरूआत हो गई है। अन्य समूह की इंडस कोलवाशरी के तो स्थापना व संचालन से जुड़े सभी पेपर मांगे गए थे। वहीं कनबेरी की स्वास्तिक वाशरी को भी पूरी तरह से सीलबंद किया गया है। लीलागर नदी के बहाव को अवैध बंधान बनाकर रोकना ही गंभीर मामला है। इसमें भी कहा जा रहा है कि जांच अभी जारी है। जानकार सूत्रों का कहना है कि यदि जांच सही दिशा में की जाएगी तो कोयला अफरा-तफरी का बड़ा मामला सामने आ सकता है।

कुछ इसे बदली राजनैतिक परिस्थितियों में कॉरपोरेट वार से भी जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ इसे प्रदेश में बदली सत्ता के साथ कदमताल न करने का खामियाजा भी मान रहे हैं। बहरहाल इन सभी बातों का जवाब तो अब प्रशासन जो कदम उठाएगा उसी से साफ होगा। एक सवाल कार्रवाई को लेकर यह भी खड़ा हो रहा है कि कोयला के रोड ट्रांसपोर्ट को ही जांच के दायरे में लिया गया है। जबकि महज 10 प्रतिशत कोल परिवहन ही सड़क से होता है। बाकी का सारा कोल परिवहन रेलवे से होता है। रेल साइडिंग की और जांच दल ने निगाह भी नहीं डाली है।

कांटाबाबू निलंबित नाेटिस भेज जवाब मांगा : इस कार्रवाई के दौरान एसईसीएल दीपका के कांटा घर क्रमांक 16 में पदस्थ कृपाल सिंह कंवर ड्यूटी पर न होकर वहां वाशरी का कर्मचारी किशन प्रजापति मौजूद था। उसे प्रबंधन ने मंगलवार को निलंबित कर दिया है। उसे इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनाें के अंदर जवाब देने कहा है।