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राजनांदगांव : पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने दलित बेटी का मनाया जन्मदिन

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पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा राष्ट्री’य उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सोमवार को अपने राजनांदगांव प्रवास के दौरान बसंतपुर स्थित दलित नेता एवं छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी सहकारी वित्त विकास निगम के पूर्व सदस्य पवन मेश्राम के निवास में पहुंचकर उनकी बेटी समृद्धि मेश्राम का केक काटकर जन्मदिन मनाया और बेटी को खूब आशीर्वाद दिया। इस दौरान परिवार के सदस्यों को भी पूर्व सीएम डॉ. सिंह ने शुभकामनाएं देते आशीर्वाद दिया। इससे पूर्व पूर्व सीएम डॉ. सिंह जैसे ही निवास में पहुंचे लोगों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया और फूल मालाओं से लाद दिया।
इस दौरान पूर्व मंत्री लीलाराम भोजवानी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भरत वर्मा, जिला भाजपा महामंत्री हिरेन्द्र साहू, पार्षद प्रमोद अब्राहम, अकरम कुरैशी, युवा नेता मोनू बहादुर, गोलू गुप्ता, गगन आईच, पूर्व सांसद प्रतिनिधि रविन्द्र सिंह, भाजपा नेता सुरेश डेकाटे, बबला यादव, सुदेश खोब्रागढ़े समेत परिवार के सदस्यगण मौजूद थे।

जानिए, कौन हैं बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष बने जेपी नड्डा, जानिए 10 खास बातें

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जेपी नड्डा को भारतीय जनता पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया है। जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में स्वास्थ्य मंत्रालय का अहम पदभार संभाला। वह भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में से एक हैं। जेपी नड्डा का ताल्लुकात हिमाचल प्रदेश से है। उन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर पार्टी में ऊंचा मुकाम बनाया है।

आइये जानते हैं जेपी नड्डा के बारे में दस बातें- 
1-जेपी नड्डा को हिमाचल प्रदेश के कद्दावर नेताओं में शुमार किया जाता है। ब्राह्मण परिवार से ताल्लुकात रखनेवाले जेपी नड्डा का जन्म 2 दिसंबर 1960 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा और बीए की पढ़ाई पटना से हुई। उन्होंने एलएलबी की डिग्री हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से हासिल की। 

2-जेपी नड्डा के पिता और माता का नाम डॉ. नारायण लाल नड्डा और कृष्णा नड्डा है। नड्डा के पिता नारायण लाल नड्डा पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति थे। साल 1992 में जेपी नड्डा ने मल्लिका नड्डा के साथ शादी के बंधन में बंध गए। मल्लिका नड्डा हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर कार्य करती हैं। मल्लिका नड्डा के पिता जबलपुर से सांसद रह चुके हैं। जेपी नड्डा के दो बच्चे हैं। 

3-जेपी नड्डा के राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 1975 के जेपी मूवमेंट से हुई थी। देश के सबसे बड़ा आंदोलनों में शुमार इस मूवमेंट का जेपी नड्डा हिस्सा बने थे। इस आंदोलन में भाग लेन के बाद नड्डा बिहार की छात्र शाखा एबीवीपी में शामिल हो गए थे। 

4-इसके बाद जेपी नड्डा ने साल 1977 में अपने कॉलेज में छात्र संघ का चुनाव लड़ा था और इस चुनाव में जीत के बाद वे पटना यूनिवर्सिटी के सचिव बने थे। 

5-पटना यूनिवर्सिटी से स्नातक होने के बाद नड्डा ने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में एलएलबी की पढ़ाई शुरू की।

6-इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सीट में भी छात्र संघ का चुनाव लड़ा और उसमें उन्हें जीत हासिल हुई। बीजेपी ने जेपी नड्डा को साल 1991 में अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया। 

7-नड्डा ने साल 1993 में हिमाचल प्रदेश की बिलासपुर सीट से चुनाव लड़ा था इस पर उन्होंने शानदार जीत दर्ज की। उसके बाद नड्डा को प्रदेश की विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया। 

8-नड्डा ने साल 1998 और 2007 के चुनाव में इस सीट से फिर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस दौरान नड्डा को प्रदेश की कैबिनेट में भी जगह दी गई। प्रेम कुमार धूमल की सरकार में उन्हें वन-पर्यावरण, विज्ञान व टेक्नालॉजी विभाग का मंत्री बनाया गया। 

9-नड्डा के बेहतरीन काम को देखते हुए पार्टी ने साल 2012 में उन्हें हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा में भेजा। इस समय नड्डा राज्यसभा सांसद के तौर पर काम कर रहे हैं। 

10-नड्डा ने कई देशों का दौरा किया है। इनमें अमेरिका, कोस्ट रिका, कतर, कनाडा, ग्रीस, ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल है। जेपी नड्डा को विश्व तंबाकू नियंत्रण के लिए विशेष मान्यता पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

पेट की चर्बी को कम करने के लिए इन आसान तरीको को अपनाये

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अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो अपने पेट पर जमा होने वाली चर्बी से परेशान हैं तो आज हम आपके लिए इसे कम करने के उपाय लेकर आए हैं। जिसके साथ आपको कुछ नियमों को फॉलो भी करना पड़ेगा। जैसा कि सभी को अच्छे से पता है की लोगों को सेहतमंद व फिट रखने में आहार की काफी अहम भूमिका होती है। लेकिन देखा जा रहा है की आज के वक्त में लोगों का रूटिन इतना टफ हो गया है की अपनी सेहत की ओर ध्यान नहीं दे पाते हैं। जिस वजह से उनको यह समस्या घेर लेती है।

पेट पर जमा होने वाली चर्बी धीरे-धीरे आपकी सेहत के साथ आपके लुक को भी बिगाड़ने लगती है। देखा जा रहा है कि लोगों को एक जगह पर बैठे रहने की वजह से पेट के नीचले हिस्सों पर कैलोरी फैट में तब्दील होकर आस-पास जमा हो जाती है। जो बाद में तोंद के रूप में दिखाई देने लगती है।अक्सर देखा जाता है कि जिन लोगों का पेट निकला होता है वह लोग अपना वजन कम करने में लगे रहते हैं। लेकिन सबसे अधिक लोगों की जो समस्या सामने आती है वो है पेट के आसपास की चर्बी को हटाना ।

लेकिन क्या आप जानते हैं जिनके पेट के आसपास काफी चर्बी जमा हो जाती है वो देखने में मोटे लगने हैं लेकिन वह मोटे नहीं होते हैं। आज हम आपको इसी समस्या को दूर करने के लिए आसान और असरदार उपायों को बारे में बताने जा रहे हैं।अक्सर देखा गया है कि लोग खाना खाने के बाद ढेर सारा पानी एकसाथ पी लेते हैं, ऐसे लोगों में पेट निकलने की समस्या ज्यादा देखी गई है। बता दें कि खाना खाने के बाद पानी पीना ठीक नहीं होता है बल्कि आपको खाना खाने के एक या डेढ़ घंटे बाद पानी पीना चाहिए।

अगर आपको ज्यादा प्यास लगी है तो सिर्फ एक कप गुनगुना पानी पीना चाहिए।लोगों के खाना खाने का टाइम फिक्स होता है। ऐसे में आपको चाहिए कि दिन में तीन बार खाने की बजाए आप थोड़ी थोड़ी देर में कुछ खाते रहें। लेकिन एक साथ भरपेट खाना ना खाएं। जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म भी ठीक रहता है और ऊर्जा का स्तर भी बना रहता है। साथ ही अपने खाने में प्रोटिन युक्त पदार्थों को जरूर शामिल करें। जिसे पेट काफी देर तक भरा भरा रहता है। जिसके लिए आप अंडे का सफेद भाग, फैट फ्री दूध और दही, ग्रिल्ड फिश और सब्जियां और फल खा सकते हैं। जो आपको सिल्म और फिट बनाने का काम करेंगे।

शहद के बारे में सभी ने सुना ही होगा कि इसे गुणों की खान कहा जाता है। यह मोटापा कम करने में सबसे कारगार उपाय है। इसलिए रोजाना सुबह सबसे पहले गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीएं। इसका नियमित रुप से प्रयोग करने पर आपको इसका असर जल्द दिखाई देने लगेगा।अगर आपको चाय पीने का शौक है, तो आप दूध की चाय पीने के बजाय एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ग्रीन टी, या फिर ब्लैक टी को चाय की जगह पर शामिल करें।

इसमें थायनाइन नामक अमीनो एसिड होता है जो मस्तिष्क में ऐसे केमिकल्स का स्त्राव करता है और आपकी भूख पर कंट्रोल करता है।कई लोगों को खाने पीने का काफी शौक होता है। ऐसे में इन लोगों को अपनी ये आदत सुधारनी चाहिए और हफ्ते में एक दिन का उपवास रखने पर जोर देना चाहिए। वैसे आप चाहे तो एक दिन तरल पदार्थों पर भी रह सकते हैं। जैसे नींबू पानी, दूध, जूस, सूप आदि या फिर किसी दिन सलाद और फल भी खा सकते हैं।

बाहर का जंकफूड वैसे तो ज्यादातर लोगों को खाना पसंद होता है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि लोग इसके नुकसान के बारे में ना जानते हों। इसके लिए लोगों को तैलीय खाने से परहेज करना चाहिए। अगर आप स्लिम ट्रिम दिखना चाहते हैं तो सामान्य आटे की बजाए जौ और चने के आटे को मिलाकर रोटी खाएं, वैसे रोजाना कुछ ग्राम बादाम खाने से भी आपकी कमर 24 हफ्ते में साठे 6 इंच तक कम हो सकती है।

तो इसलिए अपनी डाइट में रोजाना सौ ग्राम बादाम जरूर शामिल करें। यह फाइबर युक्त होने के साथ-साथ कैलोरी से भरपूर भी होता हैं। साथ ही भोजन में भी संतुलित कैलोरी लें। एक इंसान को पूरे दिन में कम से कम 200 कैलोरी की जरूरत होती है।बाहर का जंकफूड वैसे तो ज्यादातर लोगों को खाना पसंद होता है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि लोग इसके नुकसान के बारे में ना जानते हों।

इसके लिए लोगों को तैलीय खाने से परहेज करना चाहिए। अगर आप स्लिम ट्रिम दिखना चाहते हैं तो सामान्य आटे की बजाए जौ और चने के आटे को मिलाकर रोटी खाएं, वैसे रोजाना कुछ ग्राम बादाम खाने से भी आपकी कमर 24 हफ्ते में साठे 6 इंच तक कम हो सकती है। तो इसलिए अपनी डाइट में रोजाना सौ ग्राम बादाम जरूर शामिल करें। यह फाइबर युक्त होने के साथ-साथ कैलोरी से भरपूर भी होता हैं।

साथ ही भोजन में भी संतुलित कैलोरी लें। एक इंसान को पूरे दिन में कम से कम 200 कैलोरी की जरूरत होती है।योग रखेगा निरोग, आपने यह लाइनें तो कई बार सुनी होगी। इसलिए कमर और पेट को कम करने के लिए आपको नियमित रूप से सुबह उठकर योग करना चाहिए। साथ ही ऐसे आसन भी करें जिनसे पेट और कमर कम करने में मदद मिले। जैसे कि सूर्य नमस्कार की सभी क्रियाएं, सर्वांगासन, भुजंगासन, वज्रासन, पदमासन, शलभासन इत्यादि।

पेट को कम करने के लिए बॉल एक्सरसाइज करना काफी फायदेमंद साबित होता है। इसके लिए आप पहले जमीन पर पीठ के बल सीधा लेट जाएं। फिर अब हाथों पर एक्सरसाइज वाली बड़ी बॉल को हाथों में ले कर अपने दोनों पैरों को ऊपर उठाएं। इसके बाद अब अपने हाथों की बॉल को अपने पैरों में पकड़ें और फिर पैरों को नीचे ले जा कर दुबारा बॉल ले कर ऊपर आएं। फिर पैरों से जो बॉल उठाई गई है उसे दुबारा हाथों में पकड़ाएं। इस क्रिया को लगातार 12 बार करें। ऐसा करने से आपके पेट पर जमा फैट कुछ ही दिनों में कम होने लगेगा।

सोनिया और राहुल गांधी ने दी सहमति अधीर रंजन चौधरी होंगे लोकसभा में कांग्रेस के नेता,

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में कांग्रेस के नेता होंगे। राहुल गांधी द्वारा यह पद ग्रहण करने से इनकार करने के बाद मंगलवार को लंबी रणनीतिक चर्चा के बाद यह फैसला किया गया। इस दौरान राहुल गांधी और उनकी मां और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी उपस्थित थीं। अधीर चौधरी का उल्लेख करते हुए लोकसभा को एक पत्र लिखा गया कि वे सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता होंगे। पत्र में यह भी लिखा गया कि वे सभी महत्वपूर्ण चयन समितियों में पार्टी का प्रतिनिधित्व भी करेंगे। कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार पार्टी बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई बैठक पर भी फोकस करेगी। बता दें कि पीएम मोदी ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है। 

छत्तीसगढ़/विश्वकप क्रिकेट में सट्‌टा खिलाते 2 गिरफ्तार, 50 लाख का सट्‌टा-पट्‌टी जब्त

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वर्ल्ड कप क्रिकेट मैच में वेस्टइंडीज वर्सेज बांग्लादेश मैच के लिए मोबइल एप के जरिए सट्‌टा खिलाने की सूचना मुखबिर के जरिए पुलिस को मिली। पुलिस ने दबिश देकर मौके से दो आरोपी और तीन मोबाइल समेत 50 लाख का सट्टा-पट्‌टी पकड़ा गया है। 

पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि खमतराई थाना इलाके के शिनानंद नगर में विश्व कप क्रिकेट मैच के दौरान वेस्टइंडीज वर्सेस बांग्लादेश के मैच में क्रिकेट सट्टा खिलाया जा रहा है। पुलिस ने टीम बनाकर सोमवार देर शाम तक दबिश दी। मौके से रामा राव और दिलीव अंदानी पकड़े गए। दोनों के पास से तीन मोबाइल समेत साढ़े 9 हजार कैश और 50 लाख का सट्‌टा-पट्‌टी बरामद हुआ। आरोपी मोबइल एप के जरिए सट्टा लगवा रहे थे। पुलिस का अनुमान है कि आरोपियों से बातचीत के बाद और भी सट्‌टेबाजों का पता चल सकता है।

रातों रात गायब हो गया नदी पर बना 23 मीटर लंबा और 56 टन वजनी ब्रिज

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रूस में एक टूटे हुए ब्रिज की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लेकिन वीडियो में आप देख सकते हैं कि ब्रिज का बीच का हिस्सा जो नदी के उपर बना है वो गायब है। जो हिस्सा गायब उसका भार लगभग 56 टन बताया जा रहा है और लंबाई 75 फीट है। लेकिन हैरानी तो आपको तब होगी जब आपको पता चलेगा कि पुल का हिस्सा चोरी हो गया है। जी हां, लोगों को कहना है कि 75 फीट उंचाई वाले इस पुल के बीच का हिस्सा कोई चोरी करके ले गया है।नदी पर बना हुआ है ब्रिज

हैरानी की बात तो ये है कि इस ब्रिज को चोरी कैसे किया गया होगा। क्योंकि ब्रिज के नीच से नदी बहती है। ऐसे में ब्रिज बीच से गायब हो जाने के बाद यातायात भी बाधित हो रहा है। फिलहाल इस घटना की जांच भी शुरु हो गई है। लेकिन रातोंरात पुल का हिस्सा गायब होने की वजह से आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। दूसरी ओर चर्चा ये भी है कि ब्रिज का ये हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया है। लेकिन नदी में तो कुछ भी नजर नहीं आ रहा है।

ब्रिज का हिस्सा कहा गया किसी को नहीं पता

सवाल इसलिए भी उठ रहा कि अगर ब्रिज का हिस्सा नदी में गिरा होता तो उसकामलबा दिखाई देता। लेकिन कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। यह घटना रूस के मरमस्क की है। स्थानीय सुरक्षाकर्मियों ने इसकी जांच शुरू कर दी है। बता दें कि पुल के लापता होने की खबर सबसे पहले मई महीने में आई थी। इसके बाद पुल की कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। कुछ लोगों ने चोरी का हवाला दिया।

एरियल तस्वीर में सामने आई सच्चाई

इसके बाद 16 मई को एक रिपर्ट सामने आई जिसमें बताया गया कि पुल के बीच का हिस्सा टूट कर नदीं में गिर गया है। लेकिन 26 मई को जब पुल की एरियल तस्वीर सामने आई तो पता चला कि पुल पूरी तरह से गायब है। बता दें कि इससे पहले साल 2008 में रूस मे लोगों की सबसे बड़ी चोरी हुई थी जिसमें 200 टन से अधिक लोहे और अन्य धातू को चोरों ने गायब कर दिया था। इस घटना में पुलिस का मानना है कि ब्रिज का निर्माण करने वाले मालिक ने ही ब्रिज का को उस स्थान से हटवाया है। हालांकि पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज जांच शुरू कर दी है।

डीटीसी बसों में पहले शुरू हो जाएगा महिलाओं का फ्री सफर

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नई दिल्ली. मेट्रो और बसों में महिलाओं को फ्री सफर का तोहफा देने जा रही दिल्ली सरकार डीटीसी बसों में इस योजना को पहले शुरू कर सकती है. सरकार के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि मुफ्त सफर को जल्द लागू करने की दिशा में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर तैयारी की जा रही है. इसमें मेट्रो से पहले डीटीसी और क्लस्टर स्कीम की बसों के लिए इस स्कीम को लागू करना शामिल है.

मेट्रो और बसों में महिलाओं के फ्री सफर पर दिल्ली सरकार ने डीएमआरसी और डीटीसी से डिटेल रिपोर्ट मांगी थी. सरकार को रिपोर्ट मिल गई है. डीएमआरसी ने रिपोर्ट में दो स्कीम का जिक्र किया है. इसमें एक स्कीम सॉफ्टवेयर में बदलाव को लेकर है, जिसमें एक साल तक का समय लगने की बात है. दूसरी स्कीम- टोकन लेकर मुफ्त सफर करने की है. इसके लिए मेट्रो ने 8 महीने का समय मांगा है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इस बारे में सरकार डीएमआरसी से बात करेगी. 2 से 3 महीने में यह योजना लागू हो सकती है.‌

सरकार के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो में फ्री सफर पर 2 से 3 महीने का समय लग सकता है, वहीं डीटीसी और क्लस्टर स्कीम की बसों में यह योजना जल्द लागू हो सकती है. डीटीसी से भी सरकार को रिपोर्ट मिल गई है. जहां तक बसों की बात है तो जिस तरह से मेट्रो में मुफ्त सफर के लिए महिलाओं के लिए पिंक टोकन छपवाए जाएंगे. वहीं डीटीसी में भी टिकट दिया जाएगा. इससे सरकार को यह पता चल पाएगा कि कितनी महिलाओं ने बसों में फ्री सफर किया है. सरकार इसके लिए डीटीसी को भुगतान करेगी. इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनों (ईटीएम) के सॉफ्टवेयर में भी बदलाव होगा.

Recipe: सिर्फ 20 मिनट में तैयार करें ‘तंदूरी आलू टिक्का’

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शायद ही ऐसा कोई हो जिसे चाट पकौड़े और स्नैक्स पसंद न हो। अगर आप भी इस तरह की चीजों के शौकीन हैं तो आज हम आपको तंदूरी आलू टिक्का बनाने की रेसिपी के बारे में बताएंगे। यह एक पॉप्युलर उत्तर भारतीय डिश है, जिसे लोग बड़े ही चाव से स्वाद लेकर खाते हैं। खास बात यह इस रेसिपी को आप किसी भी तरह की पार्टी में बना सकती हैं।

तंदूरी आलू टिक्का रेसिपी की सामग्री

10 छोटे और बिना छिले आलू

1 चौथाई चम्मच गरम मसाला पाउडर

1 चौथाई चम्मच धनिया पाउडर

आधा चम्मच नींबू का जूस

नमक स्वादानुसार

1 चौथाई चम्मच पानी निकला दही

1 चौथाई चम्मच लाल मिर्च पाउडर

आधा चम्मच कसूरी मेथी पाउडर

2 चम्मच वेजिटेबल ऑइल

तंदूरी आलू टिक्का रेसिपी बनाने की वि​धि

अब आलू छीलकर काट लें। कटे आलुओं को एक अन्य बर्तन में लें और उसमें पानी निकला दही मिलाएं।

अब उसमें लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला और कसूरी मेथी डालकर मिक्स करें। कुछ देर तक आलू ऐसे ही रख दें।

अब एक नॉन स्टिक पैन लें और उसमें थोड़ा सा ऑइल गर्म करें। जब ऑइल गर्म हो जाए तो उसमें मैरिनेटेड आलू डालें और फ्राई करें।

फ्राई करने के बाद इन्हें एक प्लेट में रखें और ऊपर से नींबू का रस डालें। अपनी पसंद की चटनी या सॉस या डिप के साथ सर्व करें।

लोगों को आकर्षित कर रही है ये चट्टान, जानिए इसकी खासियत…

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दुनिया में कई रहस्यमयी चीजें हैं. ऐसी ही कुछ चीज़ों के बारे में आपने सुना भी होगा लेकिन उन बातों पर यकीन नहीं होता होगा. वाहन कुछ ऐसी बातें भी हैं जिन्हें आप अपनी आँखों से भी देख लेंगे तो आपको यकीन नहीं होगा. कुछ रहस्यमयी चीजें तो ऐसी होती हैं जो विज्ञान और प्रकृति के बिलकुल विपरीत हैं लेकिन दुनिया में विद्यमान हैं. आज हम आपको ऐसी ही एक चीज़ के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका गणित आपके बिलकुल भी पल्ले नहीं पड़ेगा.

दरअसल, हम आपको एक ऐसे ही पत्थर के बारे में बताने जा रहे हैं जो गुरुत्वाकर्षण के नियमों को भी मात दे रहा हैं. यानि गुरुत्वाकर्षण जिसके सामने सभी को हार माननी पड़ती वहीं ये पत्थर ऐसा है जिसे ये मानना भी मंज़ूर नहीं है. हम बात कर रहे हैं एक ऐसे विशालकाय पत्थर कि जो देखने में तो ऐसे लगता है कि अभी लुडक जायेगा, लेकिन उसे आज तक कोई हिला तक नहीं पाया.

दक्षिण भारत के महाबलीपुरम में 1200 साल पुराना एक पत्थर लोगां यहां आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है. यह पत्थर बड़े ही अजीब ढंग से यहां रखा हुआ है. इसे देखने से ऐसा लगता है कि अगर जरा सा धक्का दे दिया जाए तो यह अभी लुढ़क पडे़गा, लेकिन ऐसा नहीं है. इस पत्थर की चौड़ाई 5 मीटर और उंचाई 20 मीटर है. इसी के सहारे वो टिका हुआ है. सन् 1908 में इस पत्थर पर उस समय के मद्रास के गवर्नर आर्थर की नजर पड़ी तो उनको लगा कि यह पत्थर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है, इसलिए उन्होंने इस पत्थर को उसके स्थान से हटवाने के लिए 7 हाथियों से खिंचवाया पर यह पत्थर बिलकुल भी ना हिला. तभी से वो पत्थर आने जाने वालो के लिए एक पॉइंट बन गया है.

चुनाव में पाकिस्तान का पानी बंद कर रही थी बीजेपी, अब सरकार बनते ही मिलने लगा पहले से भी ज्यादा

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इस समय पंजाब में धान की बिजाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है, फिर भी पंजाब से बहने वाली तीन नदियों- रावी, ब्यास और सतलुज का पानी बड़ी मात्रा में पाकिस्तान की तरफ जा रहा है। लोगों की बात पर यकीन करें तो इस सीजन में कभी इतना पानी पाकिस्तान की तरफ नहीं गया।

बीजेपी तो लगता है भूल गई, लेकिेन शायद लोग नहीं भूले होंगे कि चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं ने दावा किया था कि इन नदियों का पानी पाकिस्तान नहीं जाने दिया जाएगा। लेकिेन शायद वह सब चुनावी बातें थीं। अभी तो देश में मानसून भी नहीं आया है, फिर भी इन तीन नदियों का पानी बड़ी मात्रा में पाकिस्तान की ओर जा रहा है।

अमृतसर से करीब 90 किलोमीटर दूर सीमावर्ती तरनतारन जिले में स्थित हरिकेपत्तन बैराज से 12,380 क्यूसेक पानी पाकिस्तान की तरफ छोड़ा जा रहा है। सतलुज और ब्यास नदियों के संगम हरिके में ही बांध बनाकर इन दोनों नदियों का पानी पाकिस्तान की तरफ जाने से रोका गया है। इसके अलावा रावी नदी से भी पांच सौ क्यूसेक से ज्यादा पानी पाकिस्तान जा रहा है।

हरिके बैराज के नोडल अधिकारी सुखवंत उप्पल का कहना है कि हमारे पास स्टोरेज क्षमता नहीं है। नहरों से जो पानी बचता है, उसे हमें पाकिस्तान की तरफ छोड़ना ही पड़ता है। उप्पल के मुताबिक, बैराज की उंचाई समुद्र तल से 690 फीट है। तापमान बढ़ने के कारण पहाड़ों पर बर्फ पिघलने के चलते ब्यास और सतलुज में पानी की मात्रा अचानक बढ़ गई है। उप्पल कहते हैं कि यदि हम पानी नहीं छोड़ेंगे तो बारिश से पहले ही बांध फुल हो जाएंगे। बारिश में जब पानी की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है, तब यदि एकसाथ पानी छोड़ना पड़ा तो नुकसान बहुत ज्यादा होगा।

उप्पल के मुताबिक, रावी, ब्यास और सतलुज को मिलाकर करीब 32 हजार क्यूसेक पानी इस समय आ रहा है जबकि पानी के स्टोरेज की क्षमता हमारे पास नगण्य है। इतनी मात्रा में आ रहे पानी को हम रोक नहीं सकते। यही हालत रावी के पानी को रोकने वाले रंजीत सागर बांध की है। पठानकोट के पास बन रहे शाहपुर कंडी बांध के चीफ इंजीनियर जेएस नेगी का कहना है कि रंजीत सागर बांध में इस वक्त 514 मीटर तक पानी है। इसे हमें 507-08 मीटर तक लाना है। ऐसा नहीं किया गया तो निर्माणाधीन शाहपुर कंडी बांध को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

बात साफ है कि स्टोरेज कैपेसिटी न होने के चलते पानी पाकिस्तान की तरफ छोड़ना ही होगा। पुलवामा हमले के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि हम अपने हिस्से का पानी पाकिस्तान नहीं जाने देंगे। पाकिस्तान जाने वाली नदियों का रास्ता मोड़कर इन्हें यमुना नदी से मिलाने तक का वादा गडकरी ने किया था। पाकिस्तान की तरफ बहने वाली नदियों का रास्ता मोड़ने वाली सभी परियोजनाओं के नेशनल प्रोजेक्ट होने की बात भी कही गई थी। लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पंजाब के होशियारपुर में हुई रैली में पाकिस्तान जाने वाले पानी की एक-एक बूंद रोककर इसे किसानों को देने की बात कही थी।

पठानकोट के पास जम्मू की तरफ से आने वाले उज्ज दरिया के रावी में मिलन स्थल मकौड़ा पत्तन में बैराज बनाने का भी गडकरी ने चुनाव से पहले बड़े जोर-शोर से ऐलान किया था। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न सिर्फ पाक को जाने वाले पानी को पूरी तरह रोका जा सकेगा बल्कि सीमावर्ती गुरदासपुर और अमृतसर जैसे शहरों की प्यास भी बुझाई जा सकेगी। इन शहरों की जरूरत ही मात्र तीन सौ क्यूसेक के आसपास है, जबकि ऑफ सीजन में भी यहां पांच सौ क्यूसेक से ज्यादा पानी मौजूद रहता है। चैनलाइज होने के बाद यहां इतना पानी होगा कि इसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जा सकेगा। चुनाव से पहले किए गए इन वादों के पूरा होने का सभी को इंतजार है।

हरिकेपत्तन क्षेत्र से विधायक डॉ. धर्मबीर अग्निहोत्री का कहना है कि बारिश में तो यहां से इतना पानी पाकिस्तान जाता है कि वहां किसानों की फसलें तबाह हो जाती हैं जबकि इस समय जब हमारे किसानों को पानी की जरूरत है, तब भी यह पाकिस्तान जा रहा है। धर्मबीर ने कहा कि केंद्र ने पंजाब की नदियों के पानी को रोकने के लिए जो भी वादे किए थे, उन पर अब तक कोई पहल नहीं हुई है।

भारतीय किसान यूनियन पंजाब के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजोवाल का कहना है कि फ्री में सारा पानी पाकिस्तान जा रहा है जबकि धान की बिजाई के लिए पंजाब के किसानों को पानी की जरूरत है। राजोवाल का कहना है कि इस मौसम में आज तक कभी इतना पानी पाकिस्तान नहीं गया, जितना इस समय जा रहा है। सतलुज और ब्यास भरी हुई हैं। प्रधानमंत्री तो रैलियों में बोलते रहते हैं। राजोवाल का कहना है कि पाकिस्तान जाने वाले पानी की बूंद-बूंद रोकने का वादा भी शायद उनका जुमला ही होगा।