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लंदन में रहने वाला भारत का यह सरदार जी पगड़ी के कलर के हिसाब से बदलाता है रोल्स रॉयस कार,कहानी है फिल्मी जाने आप भी !

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लंदन की सरदारजी के पास है इतनी तगड़ी रोल्स रॉयस जिस तरह की पगड़ी पहनता है उसी कलर की रोल्स रॉयस चलाता है।

इंग्लैंड में अक्सर सिखों की पगड़ी का मजाक उड़ाया जाता है लेकिन सिखों के लिए पगड़ी और दाढ़ी हुई की शान होती है उनके लिए गर्व होता है।

एक ऐसा ही मामला हमें देखने को मिला लंदन की एक सरकार जी के साथ जिसकी पगड़ी का अक्सर मजाक उड़ाया एक अंग्रेजी अखबार ने उनकी पगड़ी बैंडेड तक कह दिया था।

बस इसी अपमान का बदला लेने के लिए इस सरदार जी ने उस अखबार को चैलेंज किया कि मैं जिस तरह की पगड़ी पहन लूंगा उसी कलर कि रोल्स रॉयस कार खरीदूंगा।

बस फिर देखते ही देखते इस सरकार ने 1 सप्ताह में 7 तरह की पगड़ी पहनता है पूर्व जिस तरह की पगड़ी पहनता है उसी तरह की रोल्स रॉयस गाड़ी चलाता है।

जब उनकी पगड़ी को अंग्रेज ने बैंडेज कहा था तो उस अपमान का बदला लेने के लिए रूबेन ने ट्वि‍टर पर लि‍खा, ‘हाल ही में कि‍सी ने मेरी टर्बन को ‘बैंडेज’ कहा टर्बन मेरा ताज और मेरा गर्व है।

उन्‍होंने उस अंग्रेज को चैलेंज कि‍या कि‍ वह अपनी टर्बन को अपनी रॉल्‍स रॉयस कारों के साथ मैच करेंगे और वो भी पूरे हफ्ते. अंग्रेज ने शर्त लगाई थी कि‍ रूबेन सिंह अपनी टर्बन को अपनी कार के रंग के समान सात दि‍नों तक नहीं रख सकते, मगर उस अंग्रेज़ का अनुमान पूरी तरह से गलत निकला।

स्विस बैंक खाताधारकों पर शिकंजा, कालाधन पर मिली बड़ी सफलता, 50 भारतीयों के नामों का खुलासा

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कालेधन के खिलाफ कार्रवाई की दिशा में स्विस बैंक खाताधारकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। इसमें 50 भारतीय भी शामिल हैं। स्विस सरकार के अधिकारियों ने इन खातों की जानकारी भारत को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की है। स्विस सरकार से हुए समझौते के मुताबिक वह भारत को इस बात की जानकारी देगा कि उसके यहां किसका कितना पैसा जमा है। स्विस अधिकारियों ने कहा कि कुछ सालों से वह कालेधन की पनाहगाह वाली छवि को सुधारने के लिए काम कर रहे हैं। इसके तहत इन खाताधारकों की जानकारी साझा की जा रही है। इस क्रम कुछ नामों को साझा भी किया गया।विज्ञापन

जिन लोगों के स्विस बैंक में खाते हैं उनमें रियल एस्टेट, वित्तीय सेवा, प्रौद्योगिकी, टेलीकॉम सेक्टर, पेंट, गृह सज्जा, कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान और रत्न आभूषणों के कारोबार से जुड़े लोग हैं। हालांकि इनमें कुछ डमी कंपनियां भी हैं। इनमें से अधिकतर लोग या कंपनियां कोलकाता, गुजरात, मुंबई, दिल्ली और मुंबई के हैं। कुछ नाम पनामा की सूची में थे, कुछ के खिलाफ आयकर और ईडी के मामले दर्ज हैं। स्विस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने मार्च से अब तक करीब 50 भारतीय खाताधारकों को नोटिस देकर जानकारी भारत को सौंपने के खिलाफ अपील का मौका भी दिया है।

नाम के शुरुआती अक्षर बताए

स्विस सरकार ने अपने कानून के तहत पूरे नाम की जगह केवल शुरुआती अक्षर बताए हैं। जैसे एनएमए, एमएमए, पीएएस, आरएएस, एबीकेआई, पीएम, एडीएस, जेएनवी, जेडी, एडी आदि। इसके अलावा खाताधारक की राष्ट्रीयता और जन्म तिथि भी बताई है।

कुछ के पूरे नाम भी बताए

कुछ खाताधारकों के पूरे नाम भी बताए हैं। इनमें कृष्ण भगवान रामचंद, कल्पेश हर्षद किनारीवाला, पोतलूरी राजामोहन राव, कुलदीप सिंह ढींगरा, भास्कराण नलिनी, ललिताबेन चिमनभाई पटेल, संजय डालमिया, पंकज कुमार सरावगी, अनिल भारद्वाज, रतन सिंह चौधरी आदि शामिल हैं।

इलायची का सेवन किसी वरदान से कम नहीं है पुरुषों के लिए, जान ले इसके फायदे

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आज हम आपको इलायची का ऐसा फायदा बताने जा रहे हैं जिसे अपनाकर आप अपनी सारी शारीरिक समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। इलायची के ये फायदें जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। खासकर जिन पुरुषों को कमजोरी महसूस होती है उनके लिए इलायची से बेहतर रामबाण इलाज और कुछ नहीं हो सकता है।

1) मुंह से आने वाली बदबू को इलायची खाने से दूर किया जा सकता है। इसको खाने से गले में होने वाली खराश दूर होती है और आवाज में सुधार आता है।

2) छोटी इलायची का सेवन रक्तचाप नियंत्रण में कारगर होती है। मानव शरीर में अधिकतर बीमारियां उच्च रक्तचाप के कारण जन्म लेती हैं। यदि आप भी प्रतिदिन दो से तीन इलायची का सेवन करें तो जिंदगीभर आपका रक्तचाप नियंत्रित रहेगा।

3) इलायची खाने से शारीरिक कमजोरी भी दूर होती है। इसको रोजाना आहार में शामिल करने से धीरे- धीरे आपका वजन बढ़ने लगेगा। आप इलायची पाउडर या इसको एेसी भी खा सकते हैं।

4) इलायची के प्रयोग से पाचन शक्ति बढ़ती है। इलायची के नियमित सेवन से पाचन संबंधी समस्याओं से आसानी से निजात मिल सकता है। इसके अलावा पेट संबंधी समस्या जैसे भूख, एसिडिटी, गैसे, सीने में जलन, सूजन, कब्ज आदि में भी इलायची का सेवन फायदेमंद है।

आपको हमारी आज की यह खबर कैसी लगी हमे कमेंट में इसके बारे में अवश्य बताए. और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि दुसरों को भी इसका फायदा मिल सके.

इस शहर में दुनिया की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना तैयार, 21 जून को होगा उद्घाटन

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इंजीनियरिंग का बेमिसाल नूमना मानी जाने वाली तेलंगाना में दुनिया की सबसे बड़ी कालेश्वरम गोदावरी लिफ्ट सिंचाई परियोजना तैयार हो गई है। इस परियोजना का उद्घाटन तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र के सीएम के चंद्रशेखर राव, जगनमोहन रेड्डी और देवेंद्र फडणवीस 21 जून करेंगे। इससे तेलंगाना के 13 जिलों के 18 लाख एकड़ जमीन की सिंचाई के अलावा राज्य का पेयजल संकट दूर हो जाएगा। जबकि महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के कई जिलों का भी जलसंकट दूर होगा।

परियोजना मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) और भेल के सहयोग से 82000 करोड़ रुपये की लागत से महज तीन साल में तैयार हुई है। एमईआईएल के निदेशक श्रीनिवास रेड्डी के मुताबिक तेलंगाना में गोदावरी सहित कई नदियों के होने के बावजूद इसके जल का लाभ नहीं मिला पाता था। कारण गोदावरी नहीं समुद्र तल से सौ मीटर ऊपर बहती है तो तेलंगाना गोदावरी से करीब 650 मीटर ऊपर स्थित है।

इस कारण तेलंगाना के किसान लगातार सूखे का सामना कर आत्महत्या की राह चुनते थे। इसके निदान के लिए गोदावरी नदी के पानी को लिफ्ट करने की योजना बनी। इसके लिए सतह से 330 मीटर नीचे 139 मेगावाट की क्षमता वाले दुनिया का सबसे बड़ा पंपिंग स्टेशन बनाया गया। इसके जरिये गोदावरी के पानी को पंप के उपयोग से प्रतिदिन 13 टीएमसी पानी को दुनिया की सबसे लंबी 14.09 किलोमीटर की सुरंग के जरिये मेडिगड्डा बैराज पहुंचाया जाएगा। यहां से नहरों के जरिए इसे विभिन्न सूखाग्रस्त इलाकों और शहरों को पानी भेजा जाएगा। इस परियोजना के तहत 13 जिलों में 145 टीएमसी क्षमता वाले 20 जलाशयों की खुदाई की गई है। इन्हें सुरंगों केनेटवर्क से जोड़ा गया है।

मिर्ची बाबा: रूठे दिग्विजय सिंह को मनाने अन्न-जल त्यागने का ऐलान, लोग घर का सामान उठा ले गए

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भोपाल। मिर्ची यज्ञ से मनचाहे प्रतिफल प्राप्त करवाने का दावा करने वाले मिर्ची बाबा वैराग्यानंद आज समाधि नहीं ले पाए। उन्होंने कलेक्टर से समाधि की अनुमति मांगी थी कलेक्टर ने इंकार करते हुए उन्हे नजरबंद करवा दिया तो अब वैराग्यानंद ने नया ड्रामा शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि वे प्रशासन के रुख का 20 जून तक इंतजार करेंगे और समाधि लेने की अनुमति मांगेगे। अगर उन्हें समाधि लेने से रोका गया तो वह अन्न-जल त्याग देंगे। माना जा रहा है कि मिर्ची बाबा यह सारा ड्रामा रूठे हुए दिग्विजय सिंह को मनाने के लिए कर रहे हैं।

रविवार को दिनभर बाबा वैराग्यानंद गिरी का हाईवोल्टेज ड्रामा चला। वे गुवाहटी से रविवार सुबह भोपाल पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि दोपहर 2:11 पर समाधि का मुहूर्त है, वे समाधि जरूर लेंगे। लेकिन तय मुहूर्त में बाबा बड़े तालाब नहीं पहुंचे। वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल सहित बैरागढ़ एसडीम केके रावत मौजूद रहे। इधर जिला प्रशासन ने उन्हें होटल में ही नजरबंद कर दिया। होटल के बाहर प्रशासन ने एक डीएसपी समेत करीब दस पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया।

लोगों के घर से सोफा, टीवी, बेड सहित सारा सामान उठा ले गए

रविवार सुबह एयरपोर्ट से मीनाल रेसीडेंसी स्थित अपने घर पहुंचे। यहां उन्हें अपने घर का सामान गायब मिला। पहले तो उन्होंने सामान चोरी होने की बात कही पर फिर इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया। पड़ोसियों ने बताया है कि बाबा ने जब ये मकान किराए पर लिया था तब कुछ लोगों ने अपने घर से सोफा, टीवी, बेड सहित अन्य सामान बाबा को दिया था। लेकिन दिग्विजय सिंह के चुनाव हारने के बाद लोग अपना-अपना सामान बाबा के घर से उठा कर ले गए।

सारा ड्रामा दिग्विजय सिंह को मनाने के लिए

सूत्रों का कहना है कि वैराग्यानंद यह सारा ड्रामा दिग्विजय सिंह को मनाने के लिए कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह की कृपा से ही बाबा को भोपाल में ठिकाना मिला था। इससे पहले वो गुजरात में एक भाजपा नेता की शरण में थे। उज्जैन महाकुंभ के समय गुजरात के कुछ लोगों के साथ मिलकर बाबा ने केंप लगाया था। बाद में विवाद हो गया और बाबा के फाइनेंसर्स नाराज होकर चले गए।

यहां के लोग पानी में नहीं बल्कि क्रूड ऑयल से नहाते है, कारण चौका देगा आपको भी

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दुनिया भर के लोग कई बीमारियों के लिए विभिन्न प्रकार के उपचार का उपयोग करते हैं, जिन्हें डॉक्टर के पास जाने के बिना बीमारी से बचा जा सकता है। लेकिन, आज हम आपको एक ऐसे इलाज के बारे में बताएंगे जिसे सुनने के बाद आपको थोड़ी हैरानी होगी।

जी हां, हम बात कर रहे हैं ईरान के सबसे नज़दीकी देश अज़रबैजान के नफ़ेतन शहर की। यहाँ एक स्वास्थ्य केंद्र है जहाँ हर कोई कच्चे तेल से भरे बाथटब में नहाता है। दरअसल, इस मरीज के लिए 40 डिग्री तापमान पर 130 लीटर तेल लिया जाता है और मरीज दिन में एक बार केवल 10 मिनट के लिए इस बाथटब का उपयोग कर सकता है। क्योंकि, इसमें मौजूद अलग-अलग रसायनों के कारण नहाने पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है, यहां तक कि मौत भी हो सकती है। इसलिए, इसके लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित की गई है। वैसे, सुनने में भले ही आपको थोड़ा अजीब लगे लेकिन इस इलाज को कराने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। वहीं, इस केंद्र के विशेषज्ञ ने दावा किया है कि कच्चा तेल 70 से अधिक बीमारियों को दूर करता है, जिसमें न्यूरोलॉजिकल और त्वचा की समस्याएं भी शामिल हैं। बता दें, इस खास थेरेपी को लेने के लिए रूस, कजाकिस्तान, जर्मनी सहित अन्य देशों के लोग यहां आते हैं।

आपको बता दें, कच्चे तेल के साथ इलाज का यह कोर्स सिर्फ दस दिनों का है। वहीं, स्वास्थ्य केंद्र के विशेषज्ञों का इस मामले में कहना है कि यह एक बहुत ही आरामदायक तकनीक है और मरीज को सिर्फ दस दिनों में राहत महसूस होती है। वैसे, पिछले कुछ वर्षों में, हजारों रोगियों ने पहले ही उपचार से अराम प्राप्त कर लिया है। कहा जाता है कि कुछ व्यापारी छठी शताब्दी में यहां आए थे। उन व्यापारियों का कारवां ऊंटों पर बैठने वाला था। व्यापारी का एक ऊंट इससे बीमार पड़ गया। उसके बाद व्यापारी ऊंट को कीचड़ की झील में छोड़ गए। जब व्यापारी का काफिला वापस उस रास्ते से गुजरा तो ऊंट स्वस्थ दिखाई दिए। ऐसा कहा जाता है कि व्यापारी कीचड़ की झील में ऊंट को छोड़ देते थे, यह तेल से भर जाता था। बस उसके बाद, कई लोग इस घटना के बाद से तेल में स्नान करने लगे। ताकि वह खुद को स्वस्थ रख सके।

छत्तीसगढ़ी लोक कला और संगीत के पुरोधा स्वर्गीय श्री खुमान साव की मूर्ति स्थापित की जाएगी – श्री भूपेश बघेल

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 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज रात यहाँ शहीद स्मारक में आयोजित ‘सुरता खुमान साव के’ कार्यक्रम में शामिल होकर स्वर्गीय श्री खुमान साव को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आये लोक कलाकारों के आग्रह पर स्वर्गीय श्री खुमान साव की स्मृति को चिर स्थायी बनाये रखने के लिए उनकी मूर्ति की स्थापना करने, उनकी स्मृति में हर वर्ष समारोह के आयोजन और कला के क्षेत्र में उनके नाम पर पुरस्कार स्थापित करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री खुमान साव के चित्र और अस्थि कलश पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण और छत्तीसगढ़िया लोगों में स्वाभिमान जगाने में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों का अविस्मरणीय योगदान है। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री खुमान साव से जुड़े संस्मरणों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्री साव का निधन छत्तीसगढ़ के लोककला जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। लोक कलाकार श्रीमती ममता चंद्राकर, श्रीमती सीमा कौशिक, श्रीमती कविता वासनिक, श्री दीपक चंद्राकर सहित अनेक कलाकारों ने स्वरांजलि के माध्यम से स्वर्गीय श्री साव को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ियापन को बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि छत्तीसगढ़ियापन में प्रेम और भाईचारा है, जिसकी देश ही नहीं पूरे विश्व में जरूरत है। छत्तीसगढ़ की पहचान छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति से है, जिसे हमस ब को मिलकर बरकरार रखना होगा। कार्यक्रम में उपस्थित गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, नगर निगम रायपुर के महापौर श्री प्रमोद दुबे ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किये। 

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के वेतन संबंधी समस्या का किया तत्काल निराकरण : अवकाश के दिन दफ्तर खोलकर शिक्षकों के खाते में जमा कराया गया लंबित वेतन

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने शिक्षकों के वेतन लंबित रहने के प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए उनका परीक्षण कर तत्काल उनका निराकरण करने के निर्देश दिए। जिस पर तत्काल कार्रवाई की गई। बिलासपुर जिले के नगर पंचायत कोटा और तिफरा, महासमुंद जिले के नगर पंचायत बसना में आज शासकीय अवकाश के दिन कार्यालय खोलकर के शिक्षकों का पिछले 3 माह से लंबित वेतन तत्काल उनके बैंक खातों में जमा कराया गया। साथ ही रायगढ़ जिले के जनपद पंचायत घरघोड़ा के शिक्षकों का वेतन भी जल्द जमा कराने के निर्देश दिये गए।
        उल्लेखनीय है कि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को उनके ट्वीटर अकॉउंट में ट्वीट कर पिछले 3 माह से वेतन नही मिलने की जानकारी दी थी। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शिक्षकों को वेतन देने के निर्देश दिए थे।
        शिक्षकों की तीन माह की वेतन की राशि नगरपालिका परिषद तिफरा द्वारा 7 लाख 95 हजार, बसना नगर पंचायत द्वारा 30 लाख 31 हजार पांच सौ छह रूपये, कोटा नगर पंचायत द्वारा 24 लाख उन्नीस हजार पांच सौ छह रूपये बैंक खातों में जमा कर दिया गया है।

    इसके साथ ही नगर पालिका परिषद तखतपुर अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों को पिछले चार माह का वेतन भुगतान नहीं होने पर भी संज्ञान लेते हुए तखतपुर नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी से जवाब तलब किया गया है। नगरीय निकायों के शिक्षकों के वेतन भुगतान लंबित होने पर नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक श्री बी.पी.काशी, अनुदान शाखा के कार्यपालन अभियंता श्री श्याम पटेल एवं ईश्वर ताम्रकार को नोटिस भी जारी किया गया है।

बिहार में बुखार का कहर जारी, अबतक 100 बच्चों की मौत

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बिहार के मुजफ्फरपुर में इंसेफेलाइटिस से मरने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अबतक 100 बच्चों की मौत हो चुकी है. सोमवार को श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) के अधीक्षक सुनील कुमार शाही ने बताया कि मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है.

बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का दौरा किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बच्ची की मौत स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में ही हो गई थी. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि रविवार को भी सात बच्चों की मौत हो गई.

हालांकि, अक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी के कारण अनऑफिशियल तौर पर 120 से अधिक की मौत होने की बात कही जा रही है क्योंकि कुछ बच्चों की मौत अस्पताल में भर्ती होने से पहले हो गई थी.

बिहार सरकार ने 4 लाख रुपए मुआवजा का किया ऐलान

मुजफ्फरपुर में एईएस से हुई बच्चों की मौतों पर दुख जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस भयंकर बीमारी से मारे गए बच्चों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से जल्द ही चार-चार लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया है.

अश्विनी चौबे-मंगल पांडेय भी थे साथ

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के साथ हर्षवर्धन ने श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) का दौरा किया. इस बीच शहर में एसकेएमसीएच और निजी केजरीवाल अस्पताल में एईएस के लक्षणों के साथ नए मामलों का सामने आना जारी है.

राज्य सरकार की एडवाइजरी में लीची से बचने की सलाह

राज्‍य सरकार ने इंसेफेलाइटिस को देखते हुए एक एडवाइजरी जारी की है. जिसमें लीची से सावधानी बरतने के साथ-साथ कई सारी हिदायत भी दी है. एडवाइजरी के मुताबिक बच्‍चों को खाली पेट लीची न खाने की सलाह दी गई है, इसके साथ ही कच्‍ची लीची से भी परहेज करने को कहा गया है.

बाइक पर सवार गर्लफ्रेंड ने बॉयफ्रेड के चेहरे पर फेंका एसिड, वजह ऐसी की चकरा गई पुलिस

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आपने अबतक महिलाओं पर हुए एडिस अटैक की घटनाओं के बारे में सुना होगा, लेकिन कभी किसी लड़के के ऊपर एसिड अटैक की घटना नामुमकिन सी लगती है. लेकिन दिल्ली के विकासपुरी इलाके में एक ऐसी ही घटना घटी, जहां एक लड़की ने अपने ही 3 साल से रिलेशन में रह रहे बॉयफ्रेंड पर एसिड फेंक दिया. इस घटना में सबसे अलग बात ये है कि लड़की इस वारदात को अंजाम देने के दौरान अपने बॉयफ्रेंड के बाइक पर सावर थी.

इस घटना के बारे में पुलिस का कहना है कि PCR पर उन्हें 11 जून को विकासपुरी इलाके से कॉल आई, जिसमें उन्हें बताया गया कि एक लड़का-लड़की पर किसी ने एसिड फेंक दिया है. इस सूचना के बाद जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, उन्होंने देखा कि लड़की के हाथ पर बहुत हल्का सा एसिड गिरा हुआ है. वहीं, उसके बॉयफ्रेंड के चेहरे गर्दन और छाती पर एसिड से अटैक किया गया.

पुलिस ने जब इस घटना के बारे में दोनों से पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि चलती बाइक पर किसी ने एसिड फेंक दिया था. जब इस घटना को लेकर कई दिनों तक जांच चली, तो पुलिस को किसी प्रकार का सुराग नहीं मिला.

बाद में पुलिस ने जब दोबारा पीड़ित लड़के से पूछताछ की, तो उसने लड़के ने पुलिस को बताया कि उसकी गर्लफ्रेंड बार-बार उसे ये कह रही थी कि वे उसे छू नहीं पा रही है, इसलिए अपना हेल्मेट उतारे. पीड़ित लड़के के इस बयान के बाद पुलिस को लड़की पर शक हुआ और लड़की से दोबारा सख़्ती से पूछताछ की. पुलिस द्वारा सख्ती से पेश होने के बाद लड़की ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

इसके बाद लड़की ने बयान दिया कि वह दोनों पिछले तीन सालों से एक-दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन लड़का लगातार शादी करने से मना करता था. इसके बाद उसने तय कर लिया कि अगर “वो मेरा नहीं तो किसी और का नहीं हो सकता” इसके बाद उसने मार्केट से एसिड खरीदी और उसे अपने पर्स में रखा और प्लानिंग के तहत बॉयफ्रेंड पर एसिड फेंक दिया.

बता दें कि आरोपी लड़की ग्रेजुएशन कर रही है. पुलिस ने फिलहाल उसे गिरफ्तार कर लिया है.