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विश्व कप 2019: भारत ने पाकिस्तान को 7वीं बार वर्ल्ड कप में धोया, 89 रन से शानदार जीत

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टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने रोहित शर्मा (140) के करियर के 24वें शतक के अलावा लोकेश राहुल (57) तथा कप्तान विराट कोहली (77) की उम्दा पारियों की मदद से 50 ओवरों में पांच विकेट पर 336 रन बनाए।

जवाब में पाकिस्तानी टीम 40 ओवरों में 6 विकेट पर 212 रन ही बना सकी। तीसरी बार आई बारिश के बाद पाकिस्तान को 40 ओवरों में 302 रन बनाने का लक्ष्य मिला था। खेल रोके जाने तक पाकिस्तान ने 35 ओवर में 6 विकेट पर 166 रन बनाए थे।

पाकिस्तान के लिए फकर जमां ने सबसे अधिक 62 रन बनाए। भारत की ओर से हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव और विजय शंकर ने दो-दो विकेट लिए। रोहित को मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत ने भारतीय टीम को 10 टीमों की तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। भारत के चार मैचों से सात अंक हो गए हैं जबकि पाकिस्तान के पांच मैचों से सिर्फ तीन अंक हैं और वह नौवें स्थान पर खिसक गया है।

बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसने 13 रन के कुल योग पर अपने सलामी बल्लेबाज इमाम उल हक (7) का विकेट गंवा दिया। यह विकेट अपना पहला विश्व कप खेल रहे विजय शंकर ने लिया। विजय अपने साथी भुवनेश्वर कुमार का अधूरा ओवर पूरा कर रहे थे, जो हैमस्ट्रींग के कारण मैदान से बाहर चले गए और फिर वापस नहीं आए।

विजय ने पांचवें ओवर की पांचवीं गेंद पर इमाम को चलता किया। इसके बाद हालांकि बाबर आजम (48) और फकर जमान (62) ने दूसरे विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी करते हुए स्थिति को सम्भालने की कोशिश की लेकिन बढ़ते आस्किंग रन रेट का जबाव उन पर हावी होता रहा।

इसी का नतीजा था कि बाबर 117 रन के कुल योग पर अपना संयम खो बैठे और कुलदीप यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। बाबर ने 57 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। अपने साथी के जाने के बाद फकर भी अधिक देर टिक नहीं सके और 126 के कुल योग पर कुलदीप की गेंद पर डीपफाइन लेग पर युजवेंद्र चहल के हाथों लपके गए। फकर ने 75 गेंदों पर सात चौके और एक छक्का लगाया।

इसके बाद पाकिस्तान को 129 के कुल योग पर दो लगातार झटके लगे। हार्दिक पांडया ने मोहम्मद हफीज (9) और शोएक मलिक (0) को लगातार गेंदों पर आउट करके पाकिस्तान की उम्मीदें धुंधली कर दीं। कप्तान सरफराज (12) ने इमद वसीम (नाबाद 46) के साथ संघर्ष करने का प्रयास किया लेकिन 165 के कुल योग पर वह भी पवेलियन लौट गए।

इमद का साथ देने शादाब खान (नाबाद 20) आए। इसी बीच बारिश आ गई। उस समय तक पाकिस्तान ने 6 विकटे पर 166 रन बनाए थे। कुछ देर बाद जब खेल शुरू हुआ तो पाकिस्तान को 40 ओवरों में 302 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे हासिल कर पाना उसके लिए नामुमकिन था। अंतत: पाकिस्तानी टीम तमाम प्रयासों के बाद 40 ओवरों में छह विकेट पर 212 रन ही बना सकी।

इससे पहले, अंगूठे में फ्रैक्चर के कारण बाहर चल रहे शिखर धवन के स्थान पर पारी की शुरुआत करने आए राहुल और इस विश्व कप में अपना दूसरा शतक लगाने वाले रोहित ने पहले विकेट के लिए 136 रनों की रिकार्ड साझेदारी निभाई और बारिश की आशंका के बीच टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी कर रही भारतीय टीम को 50 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 336 रनों तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाया।

इस विश्व कप में अपना दूसरा शतक लगाने वाले रोहित ने 113 गेंदों पर 14 चौके और तीन छक्के लगाए जबकि राहुल ने 78 गेंदों का सामना कर तीन चौके और दो छक्के लगाए। रोहित और राहुल ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले विकेट के लिए सबसे अधिक 136 रनों की साझेदारी कर बरसों पुराना रिकार्ड ध्वस्त किया।

भारत का पहला विकेट 136 के कुल योग पर राहुल के रूप में गिरा। राहुल को वहाब रियाज ने बाबर आजम के हाथों कैच कराया। रोहित ने 34 गेंदों पर अर्धशतक पूरा करने के बाद 85 गेंदों पर सैकड़ा पूरा किया। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए विश्व कप मैचों में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले रोहित 234 रनों के कुल योग पर हसन अली की गेंद पर फाइन लेग पर वहाब रियाज के हाथों लपके गए।

राहुल की विदाई के बाद रोहित का साथ देने आए कप्तान कोहली ने इस बीच, अपने 230वें मैच की 222वीं पारी में सबसे तेजी से 11 हजार रन पूरे किए। वह इस मुकाम पर पहुंचने वाले तीसरे भारतीय हैं। उनसे अधिक रन सचिन तेंदुलकर (18426) और सौरव गांगुली (11363) ने ही बनाए हैं। विश्व पटल पर 11 हजार रन पूरे करने वाले कोहली नौवें बल्लेबाज हैं लेकिन कोहली ने इन सभी बल्लेबाजों में सबसे तेजी से इतने रन पूरे किए हैं।

कोहली ने 51 गेंदों पर अपने करियर का 51वां अर्धशतक पूरा किया और फिर 57 के कुल योग पर पहुंचते ही 11 हजार रनों के मील के पत्थर को छुआ। कोहली ने अपनी पारी में 65 गेंदों का सामना कर सात चौके लगाए।

हार्दिक पांड्या ने 19 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रनों की तेज पारी खेली लेकिन महेंद्र सिंह धोनी (1) नाकाम रहे। 47वें ओवर की चौथी गेंद पर विजय शंकर को अम्पायर ने कैच आउट नहीं दिया तो पाकिस्तान ने रिव्यू लिया, जिसे नकार दिया गया। इसी बीच बारिश आ गई और खेल रोक दिया गया। उस समय तक भारत ने चार विकेट पर 305 रन बनाए थे।

खेल दोबारा शुरू हुए तो कोहली 77 के निजी योग पर आमिर की गेंद पर विकेट की पीछे सरफराज अहमद के हाथों लपके गए। इसके बाद हालांकि विजय (नाबाद 15, 15 गेंद, एक चौका) और केदार जाधव (9 रन, 8 गेंद, 1 चौका) ने कोई और नुकसान नहीं होने दिया।

पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद आमिर ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए जबकि हसन अली और वहाब रियाज को एक-एक सफलता मिली।

17वीं लोकसभा का पहला सत्र आज से, पांच जुलाई को पेश होगा बजट

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सत्रहवीं लोकसभा का पहला सत्र आज 17 जून से शुरू हो रहा है. संसद का यह सत्र बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस सत्र में केंद्रीय बजट पारित किया जाएगा, साथ ही तीन तलाक विधेयक को नये स्वरूप में पेश किया जायेगा, कुछ अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी सरकार के एजेंडे में शामिल हैं.

26 जुलाई को समाप्त होने वाले इस सत्र में 30 बैठकें होंगी. पहले दो दिन लोकसभा के सभी सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी. कार्यवाहक लोकसभा अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार शपथ दिलाएंगे. लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव 19 जून को होगा और अगले दिन दोनों सदनों के संयुक्त सत्र की बैठक में राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा. केंद्रीय बजट पांच जुलाई को पेश होना है.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नयी लोकसभा के पहले सत्र की पूर्वसंध्या पर रविवार को सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने 19 जून को सभी दलों के प्रमुखों को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मुद्दे पर तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया है.

लोकसभा में इस बार कई नये चेहरे होने की बात को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि निचले सदन का पहला सत्र नये उत्साह और सोच के साथ शुरू होना चाहिए. सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने सरकार के साथ बेरोजगारी, किसानों की समस्या, सूखा और प्रेस की आजादी जैसे विषय उठाये. विपक्षी दल ने जम्मू कश्मीर में जल्द विधानसभा चुनाव कराने की मांग की.

उत्तर भारत में लोगों को जल्द मिलेगी गर्मी से राहत, मौसम विभाग ने कही ये बड़ी बात

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: मानसून के उत्तर की ओर आगे बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि चक्रवात वायु की तीव्रता कम होने की वजह से अरब सागर की ओर बढ़ने के लिए मानसूनी हवाओं का मार्ग प्रशस्त हो गया है. मौसम विभाग ने रविवार को यह जानकारी दी. अब तक, मानसून को मध्य प्रदेश, राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों सहित मध्य भारत तक पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन यह महाराष्ट्र तक भी नहीं पहुंच पाया है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अभी भी दक्षिणी प्रायद्वीप के ऊपर मैंगलोर, मैसूर, कुड्डलोर और पूर्वोत्तर में पासीघाट, अगरतला के ऊपर है.

पश्चिमी तट में महाराष्ट्र से लेकर गुजरात तक चक्रवात के कारण वर्षा हुई है. केवल तटीय कर्नाटक और केरल में मानसून के कारण बारिश हुई है. वायु के सोमवार की शाम को गुजरात तट को पार करने की उम्मीद है. यह मानसूनी हवाओं के अरब सागर की ओर बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा. मानसून ने अपने सामान्य समय के लगभग एक हफ्ते बाद 8 जून को केरल में दस्तक दी. मौसम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक देवेंद्र प्रधान ने कहा, ”चक्रवात वायु के कारण मानसून की गति रुक गई. वायु की तीव्रता कम हो गई है और हम अगले 2-3 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद करते हैं.”

देश में मानसून की सुस्त रफ्तार के कारण इसकी कुल कमी 43 फीसदी तक पहुंच गई है. मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गोवा में 59 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जबकि पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 47 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, दक्षिण भारतीय राज्यों और महाराष्ट्र के जलाशयों में जल स्तर पिछले दस वर्षों के औसत से कम है. देश के कई हिस्सों में खासकर पूर्वी भारतीय राज्यों झारखंड, बिहार और ओडिशा में तेज गर्मी पड़ रही है.

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दी कबीर जयंती की बधाई

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कबीर जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होने कहा कि संत कबीर का जीवन दर्शन आज भी प्रासंगिक है। संत कबीर समाज में फैले आडंबर और जात-पात के सख्त विरोधी थे। संत कबीर ने सामाजिक कुरीतियों पर कठोर प्रहार किया और सत्य, अहिंसा, दया, करूणा, परोपकार जैसे मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने दोहों के माध्यम से भाईचारे, प्रेम, सद्भावना और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। वे आम बोलचाल की भाषा का इतनी सहजता से प्रयोग करते थे कि उनकी सीख सीधे लोगों के दिलों में अपनी पैठ बना लेती थी। संत कबीर के इन जीवन मूल्यों का छत्तीसगढ़ के जन-जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है। संत कबीर के जीवन दर्शन को अपनाकर हम छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में आगे ले जा सकते है।

‘वायु’ ने रोकी मानसून की रफ्तार, 2-3 दिन में आगे बढ़ने की संभावना

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मानसून (Monsoon) के उत्तर की ओर आगे बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि चक्रवात वायु (Cyclone Vayu) की तीव्रता कम होने की वजह से अरब सागर की ओर बढ़ने के लिए मानसूनी हवाओं का मार्ग प्रशस्त हो गया है. अब तक, मानसून को मध्य प्रदेश, राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों सहित मध्य भारत तक पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन यह महाराष्ट्र तक भी नहीं पहुंच पाया है.

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अभी भी दक्षिणी प्रायद्वीप के ऊपर मैंगलोर, मैसूर, कुड्डलोर और पूर्वोत्तर में पासीघाट, अगरतला के ऊपर है. पश्चिमी तट में महाराष्ट्र से लेकर गुजरात तक चक्रवात के कारण बारिश हुई है. केवल तटीय कर्नाटक और केरल में मानसून के कारण बारिश हुई है.

चक्रवात वायु ने रोकी मानसून की रफ्तार

मौसम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक देवेंद्र प्रधान ने कहा, चक्रवात वायु के कारण मानसून की गति रुक गई. वायु की तीव्रता कम हो गई है और हम अगले 2-3 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद करते हैं. देश में मानसून की सुस्त रफ्तार के कारण इसकी कुल कमी 43 फीसदी तक पहुंच गई है. मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गोवा में 59 फीसदी वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जबकि पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 47 फीसदी की कमी दर्ज की गई है.

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, दक्षिण भारतीय राज्यों और महाराष्ट्र के जलाशयों में जल स्तर पिछले दस वर्षों के औसत से कम है. देश के कई हिस्सों में खासकर पूर्वी भारतीय राज्यों झारखंड, बिहार और ओडिशा में तेज गर्मी पड़ रही है.

रेणुका सिंह का जोरदार स्वागत

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केंद्रीय जनजातीय मामले राज्यमंत्री रेणुका सिंह पदभार संभालने के बाद पहली बार रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानीरायपुर पहुंची। माना एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। पूर्व मुख्‍यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने उनकी अगुवाई की। उनके स्वागत के लिए दूर-दूर से कार्यकर्ता पहुंचे।

इस मौके पर रेणुका सिंह ने कहा, सरगुजा लोकसभा सीट से उनकी जीत का श्रेयकार्यकर्ताओं का है। कार्यकर्ता ही उनकी असल पूंजी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी टीम में शामिल कर जनसेवा का मौका दिया है। उन्होंने कहा,छत्तीसगढ़ उनकी मां (महतारी) है। वह पूरी लगन से मां की सेवा करेंगी। किरंदुल के अडानी खदान मामले पर रेणुका सिंह ने विश्वास दिलाया कि जनजातीय हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। छत्तीसगढ़ से वह इकलौती सांसद हैं, जिन्हें मोदी मंत्रिपरिषद में जगह मिली है।

छत्तीसगढ़ : कृषि वैज्ञानिकों की अपील- आम खाएं पर गुठलियां नहीं फेकें, इन्हें घर से हम ले जाएंगे

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बिलासपुर मेंठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर कृषि कॉलेज एवं अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने आम के घटते पेड़ों पर चिंता जताते हुए एक अनूठी मुहिम शुरू की है। उन्होंने शहरभर के लोगों से कहा है कि वे आम खाएं पर गुठलियां फेकें नहीं। इसे वे सहेजकर रख लें। वैज्ञानिक उनके घर आएंगे या कंटेनर भिजवाएंगे। ताकिहम इन्हें एकत्रित कर सकें और इन गुठलियों से आम के पौधे तैयार करवासकें।

कृषि विज्ञान केंद्र के डीन आर तिवारी के मुताबिक, “14 जूनसे यह स्कीम शुरू हो जाएगी। नगर निगम से कंटेनर मंगवाए हैं और खरीदे भी हैं। इसे ही शहर में ठेले, गुमटियां और दुकानों के पास रखेंगे।”कृषि कॉलेज ने अपील की है कि लोग आम खाकर गुठलियां इकट्‌ठी करने के लिए 98271-60450 और 07752-354379 हेल्पलाइन की मदद ले सकते हैं।

बूढ़े पेड़ों को बनाया जवान

  • कृषि विज्ञान केंद्र ने बूढ़े पेड़ों को जवान बनाने के लिए नया प्रयोग किया है। आम के पेड़ों को क्रॉफ्ट कर इनमें बोडोपेस्ट किया गया। इससे करीबडेढ़ सौ बूढ़े पेड़ों पर पौधों हरियालीछा गई है। नए तने, पत्ते और आने वाले दिनों में इन पर फिर से फल नजर आ रहे हैं।
  • इन पेड़ों की उम्र 40 से 50 साल है। वैज्ञानिकों का दावा है कि नए जीवन में आम के ये पेड़ पहले से ज्यादा फल देंगे। पुनर्जीवित करने कटाई कर केमिकल का लेप लगाया गया है। इनमें लंगड़ा, बादामी, चौसा, दशहरी, तोतापरी और सुंदरजा आम की प्रजातियों पर यहप्रयोग किया गया।

मध्य प्रदेश: इस मंदिर के सामने आते ही ट्रेन हो जाती है धीमी, देती है मंदिर को सलामी

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 क्या आप सोच भी सकते हैं कि कोई ट्रेन किसी मंदिर के सामने से गुजरते वक़्त खुद ब खुद रुक जाए या उसकी गति सामान्य से बहुत कम हो जाए। अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं के हमारे देश मे किवंदितियों, किस्सों और कहानी का अपना एक मुकाम है और इसी कड़ी में आज हम आपको बता रहे हैं मध्य प्रदेश के एक ऐसे ही मंदिर के बारे में जहां से गुजरने वाली हर एक तेज रफ्तार ट्रेन लगभग रुक सी जाती है।

यहां तेज रफ्तार ट्रेनों का गुजरना आम है। यहां से गुजरने वाली हर एक ट्रेन इस मंदिर को सलामी देती है। अपनी गति और ताकत को भूलकर यहां से गुजरने वाली ट्रेन इस हनुमान मंदिर के सामने अपनी चाल को धीमा कर लेती है, क्या वाकई ये सच है या फिर कोरा भ्रम? तो आइए जानते हैं क्या है इस मंदिर की सच्चाई.

बोलाई स्टेशन से रोजाना दर्जनों ट्रेन गुजरती हैं। ये किसी भी रेलवे स्टेशन के लिए सामान्य बात है। लेकिन ट्रेन कि ये पटरियां जब करीब एक किलोमीटर आगे की तरफ पहुंचते हैं तो यहां कुछ ऐसा देखने को मिलता है जिस पर एक दम यक़ीन नहीं होता। ये खेड़ापति हनुमान मंदिर, हनुमान जी की प्रतिमा में आकर्षण और तेज लोगों की आस्था को जोड़ता है और साथ ही जोड़ता है इस मंदिर के सामने से गुजरने वाली हर एक ट्रेन को।

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि मंदिर का इतिहास परमार काल का है। किसी को नहीं मालूम कि यह कितना प्राचीन है। मगर ट्रेन के यहां रुकने और गति कम होने की जो कहानी है वो बेहद रोचक है। साल 1967 में कोई संत इस मंदिर पर रुके और धुनि लगाने के लिये यहां से गुजरने वाली ट्रेन से कोयला मांगा तो ड्राइवर ने कोयला नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि ट्रेन इस जगह से आगे नहीं बढ़ पाई। ड्राइवर को अपने किये पर पछतावा हुआ और हनुमान मंदिर में लगने वाली धुनि के लिए कोयला समर्पित किया, तब जा कर ट्रेन आगे बढ़ पाई। उसी वक्त से यहां से गुजरने वाली हर ट्रेन की गति इस मंदिर के पास आते ही कम हो जाती है या रुक जाती है।

ग्रामीण और पूर्व विधायक दिप सिंह यादव बताते हैं 25 साल पहले कोयले की ट्रेन चलती थी। हर एक ड्राइवर कोयला डाल कर जाता था। एक ड्राइवर ने कोयले नहीं डाला तो ट्रेन वहां जा कर खड़ी हो गई और स्टार्ट ही नहीं हुई। फिर ड्राइवर वापस यहां आया और गलती की माफी मांगी, उसके बाद गाड़ी यहां से चली। वे बताते हैं कि जो भी ट्रेन अगर यहां अपनी गति कम नहीं करती है तो वो काल का शिकार हो जाती है।

मान्यता है कि इस मंदिर के सामने से निकलने वाली रेलों में सवार यात्रियों को हनुमान प्रतिमा के दर्शन हो सके इसलिए रात में भी इसको बंद नहीं किया जाता, चारों तरफ से इसे खुला रखा जाता है, जबकि अन्य मंदिरों में रात में कपाट बंद कर दिए जाते हैं।

बोलाई स्टेशन से थोड़ी दूर पर स्थापित इस मंदिर के पुजारी नारायण प्रसाद ने यहां की मान्यताओं के बारे में विस्तार से बताया। पुजारी बताते हैं कि यहां झूठ, छल-कपट कुछ नहीं चलता। जो भी आत्मा से मांगो भगवान पूरा करते हैं। 60 के दशक में संत आये थे, तब यह वीरान जंगल था और एक चबूतरा था, जो भी श्रद्धालु आते वो भगवान से मांगते हैं। ट्रेन के गार्ड, ड्राइवर और स्टाफ बाबा को नमस्कार करते हैं, तो गाड़ी स्लो हो जाती है।

छत्तीसगढ़ : कांग्रेस सरकार के प्लास्टिक बैन पर BJP बोली- ‘उनके फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन…’

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छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक के उपयोग पर लगे प्रतिबंध का पूरे प्रदेश ने स्वागत किया है. प्लास्टिक के उपयोग पर लगी रोक को लेकर रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे ने कहा हम अपने आर नगर निगम और तमाम आयोजनों में प्लास्टिक को पूरी तरीके से बैन करेंगे और इसका उपयोग करने वाले सभी जगह पर इसे प्रतिबंधित किया जाएगा. प्लास्टिक के पॉलिथीन हमने पहले भी बैन कर रखे थे, लेकिन इसके सामग्री के निर्माण में बैन होने से काफी मदद मिलेगी और हम लोगों से भी अपील करते हैं कि प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरीके से छोड़कर दूसरे ऑप्शन कागज या जूट से बनी चीजों के इस्तेमाल पर ध्यान लगाएं.

प्लास्टिक बैन करने का मैं स्वागत करता हूं लेकिन इसे धीरे-धीरे कड़ाई से लागू करना होगा क्योंकि प्लास्टिक हमारी धरती से लेकर हमारे खाने पीने की चीजें और पूरे पर्यावरण को दूषित कर रही है. प्लास्टिक एक ऐसी चीज है, जो पर्यावरण प्रकृति में नहीं पाई जाती है. मतलब प्रकृति स्कोर किस तरीके से अपने अंदर समाए की और इसका किस तरीके से परिणाम बाहर आएगा यह आप कल्पना नहीं कर सकते हैं. हमारी जनरेशन और जींस पर भी इसका असर पड़ रहा है. बेहतर होगा प्लास्टिक से बने तमाम चीजों के निर्माण पर पूरी तरीके से रोक लगाई जाए और इसके ऑप्शन तत्काल डिवेलप कर सरकार लोगों से अपील के जरिए जागरूकता अभियान चलाएं.

बीजेपी ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन उनका कहना है कि सरकार एक तरफ प्लास्टिक की बोतल में शराब परोस रही है जो सबसे ज्यादा घातक है. इससे बहुत गंभीर बीमारियां हो रही हैं और दूसरी तरफ प्लास्टिक बैन करने को लेकर केवल अधिसूचना जारी की जा रही है. जो नाकाफी सरकार को इस पूरे फैसले को कड़ाई से लागू कर अपने उन तमाम चीजों और व्यवस्थाओं पर लागू करना होगा जिससे पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा.

अच्छी पहल : भूपेश सरकार ने प्लास्टिक-फ्लैक्स के निर्माण पर लगाया प्रतिबंध, निगरानी के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन.

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छत्तीसगढ़ में खाने-पीने की चीजों को रखने के अलावा विज्ञापन के लिए प्लास्टिक के इस्तेमाल और निर्माण पूरी तरीके से प्रतिबंध लगा दिया गया है. राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के नगरीय ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन नियम 2016 के तहत सरकार ने इसे लागू किया है. नियम का परिपालन के लिए पर्यावरण संरक्षण मंडल ने राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है.

राज्य सरकार ने अभी तक प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन अब इसके निर्माण पर भी रोक लगाई गई है. इस नियम के प्रभावशील होने के साथ कप, प्लेट, गिलास और विज्ञापन के लिए फ्लेक्स, बैनर, फोम, होर्डिंग के निर्माण पर प्रतिबंधित लगाया गया है.

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (WHO) की प्लास्टिक के घातक परिणाम को लेकर सामने आई रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. इसके साथ ही सरकारी आयोजन, कार्यालय, स्थल, सार्वजनिक कैटरिंग में भी प्लास्टिक या फोम की सामाग्री का इस्तेमाल नहीं होगा.

केवल रिसायकिल होने वाले प्लास्टिक का ही इस्तेमाल होगा. लेकिन राज्य के पयार्वरण संरक्षण मंडल से अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा. प्लास्टिक के रीसायकल के लिए मानक चिन्हों के इस्तेमाल के साथ ही अनुमति मिल सकेगी.

व्यापारियों ने कहा, हम भी साथ लेकिन विकल्प क्या

इस संबंध में गोल बाजार के प्लास्टिक व्यापारियों से बात की, जिसमें उन्होंने सरकार के इस कदम का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि सरकार का फैसला उचित है. हम भी चाहते हैं कि प्लास्टिक का उपयोग बंद होना चाहिए. लेकिन प्लास्टिक का विकल्प क्या है. सरकार को विकल्प की जानकारी देनी चाहिए.