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छत्तीसगढ़ की ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी’ योजना दिखायेगी देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास का नया रास्ता – श्री भूपेश बघेल

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  • आकांक्षी जिलों के विकास के लिए शत-प्रतिशत वित्त पोषण और अनुदान
  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और रोजगार पर विशेष जोर
  • नक्सल आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का पुनराविलोकन हो
  • सार्वजनिक उपक्रमों को आवंटित खदानों से राज्य को मिले बिजली का हिस्सा
  • अतिरिक्त उपार्जित चावल को केन्द्रीय पूल में मान्य करे
  • हर घर को नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए शत प्रतिशत अनुदान दे

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि देश में किसानों की आय दुगुना करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ में हाल ही में लागू ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी’ योजनाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के विकास के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की ठोस पहल की आवश्यकता हैं और छत्तीसगढ़ इस मामले में देश को रास्ता दिखा सकता हैं। श्री भूपेश बघेल शनिवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की गर्वनिंग कांउसिल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की। बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष, केन्द्रीय मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी’ योजनाओं की के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने, स्थानीय संसाधनों को विकसित करने और व्यापक तौर पर पर्यावरण संरक्षण को को ध्यान में रखकर यह कार्यक्रम प्रारंभ किया गया हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, गिरता भू-जल स्तर, पशुधन संवर्धन, जैविक खेती जैसे विषय आज वैश्विक चिंता के कारक बन गए है। छत्तीसगढ़ में हमने विभिन्न समस्याओं के एक समाधान के रूप में नवाचार किया हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ी भाषा में नरवा का अर्थ है प्राकृतिक नाले, गरवा का अर्थ हैं पशुधन, घुरवा का अर्थ है अपशिष्ट पदार्थो का भण्डार और बाड़ी का अर्थ है छोटी बागवानी। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत हम भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नाले में बहते पानी को रोकेंगे, गाय तथा गौवंशीय पशुधन को बचायेंगे तथा इनका  किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उपयोग सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही गोबर तथा अन्य जैविक ग्रामीण अपशिष्ट पदार्थो से कम्पोस्ट खाद का निर्माण एवं बाड़ी अर्थात हर किसान तथा ग्रामीण के यहां छोटे बगीचों का विकास करेंगे ।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राज्य में आकांक्षी जिला कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ मे 44 प्रतिशत वन है जिसमें मुख्य रूप से 10 आकांक्षी जिलों के 8 जिलों में वनों का प्रतिशत बहुत अधिक है। इन जिलों में बिजली, पानी, सड़क और सिचाई आदिवासियों तक पहुचाना बहुत कठिन हो गया है। श्री बघेल ने इन क्षेत्रों में सोलर बिजली के माध्यम से पानी के पम्प की व्यवस्था, बिगड़े वन क्षेत्रों में वाणिज्यिक रूप से सोलर बिजली उत्पादन की अनुमति, लघुवनोपज पर आधारित उद्योगों की स्थापना वन भूमि पर करने की छूट, सोलर पम्पों के माध्यम से छोटी सिचाई योजनाओं की स्थापना के लिए वन भूमि में छूट, आदिवासी बेरोजगार युवकों को लघुवनोपज एवं खाद्य प्रसंस्करण के लिए अनुदान आदि के लिए केन्द्र सरकार से 100 प्रतिशत वित्त पोषण एवं अनुदान की मांग की।  

     बैठक में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि देश में माओवादी उग्रवाद से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर रणनीति तथा समन्वित नीति बने। प्रभावित राज्य सरकारों की उसमें समुचित भूमिका हो ताकि ऐसी हिंसा के खिलाफ प्रदेश एकजुट होकर समन्वित कार्यवाही करें। उन्होंने माओवादियों की ‘आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास’ की नीति का भी पुनराविलोकन करने की भी मांग की। उन्होेंने कहा कि कई बड़े नक्सली जो केन्द्रीय कमेटी स्तर के हैं, वे 25-35 वर्षों तक हिंसक गतिविधियों में लिप्त रहते हैं और बीमारियों से ग्रसित होकर या बढ़ती उम्र के कारण आत्मसमर्पण करते हैं। वर्तमान नीति के कारण वे अंततः सजा पाने से बच निकलते हैं। उन्होंने कहा कि माओवाद हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में समुचित विकास कार्यों व रोजगार की आवश्यकता अनुरूप पर्याप्त आर्थिक सहायता से ही हम स्थानीय बेरोजगार युवाओं को भ्रमित होने से बचा सकेंगे। इसमें भारत सरकार को सकारात्मक रूप से विचार करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में माओवाद हिंसा से प्रभावित क्षेत्रांे में सड़क निर्माण की प्रगति, ऑप्टिकल फाइवर कनेक्टिविटी, सुरक्षा बलों के लिए टेक्टिकल मिनी यूएव्ही, बस्तर में रेल लाइन के विकास कार्य में तेजी लाने, वंचित संस्थाओं को खाद्यान्न आवंटन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार लाने, फूड सब्सिडी, महात्मा गांधी नरेगा में आवटंन की समस्या, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), गोबर-धन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), स्टैंड-अप इंडिया योजना, सूखे की स्थिति एवं राहत के उपाय तथा कृषि क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता पर भी अपनी बात कही। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ : जब स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने मितानिन से कराई अपनी मलेरिया जांच…

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छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव सरकार की योजनाओं की वस्तुस्थिति जानने गांवों का दौरा कर रहे हैं। आज सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के मतरिंगा में अपनी चौपाल में गांववालों की समस्याएं सुनने के दौरान उन्होंने मितानिनों से खून जांच की सुविधा के बारे में पूछा। इस पर मितानिनों ने कहा कि यहीं पर खून की जांच हो जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने तत्काल अपने खून का सैंपल लेने और मलेरिया की जांच करने कहा।

मतरिंगा की मितानिन श्रीमती संतोषी और सितकालो की मितानिन श्रीमती सुकांति टोप्पो ने श्री सिंहदेव के खून का सैंपल लेकर वहीं पर उसकी जांच की और स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि आपका मलेरिया जांच निगेटिव आया है। मितानिनों की इस त्वरित सेवा से श्री सिंहदेव काफी खुश हुए और मितानिनों को शाबासी दी।

श्री सिंहदेव ने आज उदयपुर विकासखंड के दौरे के दौरान विभिन्न योजनाओं के साथ ही नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी से संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम सायर में निर्माणधीन गौठान को देखा। उन्होंने मतरिंगा, सितकालो, मरेया और कोसमा में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं।

छत्तीसगढ़ : मोहम्मद अकबर 17 जून को राजीव भवन में कांग्रेसजनों से मिलेंगे

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परिवहन, आवास, एवं पर्यावरण, वन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्री मोहम्मद अकबर 17 जून सोमवार को सुबह 11 बजे राजीव भवन में बैठेंगे। इस दौरान मंत्री मोहम्मद अकबर विभाग से संबधित समस्याओं का निराकरण करने हेतु कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं कार्यकर्ताओं और आम जनता से आवेदन प्राप्त कर विभाग से संबधित शिकायत एवं सुझाव पर कार्यवाही, कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे।

पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी से बातचीत को तैयार हुए हड़ताली डॉक्टर, कहा- जगह हम तय करेंगे

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पश्चिम बंगाल में जारी गतिरोध के दूर होने के आसार शनिवार रात नजर आए जब आंदोलन कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि वे प्रदर्शन खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत को तैयार हैं लेकिन मुलाकात की जगह वे बाद में तय करेंगे। इससे पहले शाम में उन्होंने राज्य सचिवालय में बनर्जी के साथ बैठक के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और इसकी बजाए उनसे गतिरोध सुलझाने को लेकर खुली चर्चा के लिए एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल आने को कहा था।

शनिवार देर रात जूनियर डॉक्टरों के संयुक्त फोरम ने संवाददाता सम्मेलन बुलाया।  फोरम के प्रवक्ता ने कहा, “हम हमेशा से बातचीत के लिए तैयार हैं। अगर मुख्यमंत्री एक हाथ बढ़ाएंगी तो हम हमारे 10 हाथ बढ़ाएंगे.. हम इस गतिरोध के खत्म होने की तत्परता से प्रतीक्षा कर रहे हैं।’  प्रदर्शनरत डॉक्टरों ने कहा कि वे बैठक के लिए प्रस्तावित स्थान को लेकर अपने संगठन के फैसले का इंतजार करेंगे।

बैकफुट पर ममता, डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील
इस बीच, डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर चौतरफा घिरीं ममता बनर्जी ने रुख नरम करते हुए डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, सरकार ने डॉक्टरों की सभी मांगें मान ली हैं। कोई मांग रह गई है तो उस पर विचार होगा। अगर डॉक्टर उनके साथ बात नहीं करना चाहते तो राज्यपाल या मुख्य सचिव से बात कर सकते हैं। सरकार शांतिपूर्ण समाधान चाहती है। 

ममता बोलीं, हड़ताली डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हड़ताली डॉक्टरों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं करेगी। ममता के मुताबिक, एसएसकेएम अस्पताल में बृहस्पतिवार को उनके अपमान के बावजूद पुलिस ने आंदोलनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। ममता ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को पांच घंटे और शनिवार को तीन घंटे तक जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के आने का इंतजार किया। लेकिन वह लोग नहीं आए। सरकार छह दिनों से जरूरी सेवाएं ठप होने को बर्दाश्त कर रही है। लेकिन यह स्थिति जारी नहीं रह सकती।

हड़ताल-हिंसा पर ममता सरकार से रिपोर्ट तलब

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल और राजनीतिक हिंसा पर केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से अलग-अलग रिपोर्ट सौंपने को कहा है। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने ममता बनर्जी सरकार से पूछा है कि डॉक्टरों की हड़ताल खत्म कराने और राजनीतिक हिंसा पर लगाम लगाने के लिए अब तक क्या किया गया है? बंगाल में बीते चार सालों में राजनीतिक हिंसा के चलते 160 लोग मारे जा चुके हैं।

गृह मंत्रालय के शनिवार को एडवाइजरी जारी कर कहा, प. बंगाल में हड़ताल के मद्देनजर देशभर के डॉक्टरों, हेल्थकेयर पेशेवरों और चिकित्सीय संगठनों के कई प्रतिनिधि अपनी सुरक्षा को लेकर मुलाकात की है। लिहाजा हड़ताल को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तत्काल भेजी जाए। गौरतलब है कि बंगाल में जूनियर डॉक्टर मंगलवार से हड़ताल पर हैं, जिनके समर्थन में देशभर के डॉक्टर उतर गए हैं।

स्वास्थ्य : हाई बीपी वाले मरीज तुरंत आजमायें ये तरीके

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आज के जीवनशैली में हाई बीपी की समस्या बहुत लाजिमी है, और इसे तुरंत काबू में करने के लिए कुछ नुस्खे हैं जिसके बारे में हम यहाँ पर जिक्र करेंगे|

मोर्निंग वाक

सुबह आधे घंटे टहलने से ब्लड प्रेशर को काबू में किया जा सकता है|

स्विमिंग

लोगों का मानना होता है कि स्विमिंग से ब्लड प्रेशर उर भी तेज होता है| लेकिन, ऐसा नहीं है|एक रिसर्च में यह प्रमाणित हुआ है कि स्विमिंग करने से ब्लड प्रेशर कम होता है|

साइकिलिंग

जी हाँ! कुछ मिनट तक खुली हवा में साइकिलिंग करने से भी उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है|

ये तीन आसान तरीके हैं जिनकी मदद से आप आसानी से अपने ब्लड प्रेशर को काबू में रख सकते हैं| आप कोशिश करें कि यह तीनो व्यायाम आप सुबह की ताज़ी हवा में करें!

विश्व कप : आज भारत व पाकिस्तान के बीच महामुकाबला

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भारतीय क्रिकेट टीम विश्व कप-2019 के महामुकाबले में आज यहां ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का सामना करेगी।

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का पिछला मैच बारिश के कारण धुल गया था, लेकिन अब उसके सामने वो मुकाबला है, जिसका पूरे क्रिकेट जगत को बेसब्री से इंतजार रहता है।

मैदान के अंदर और बाहर इस मुकाबले को लेकर दोनों देशों की सीमाओं के अंदर और सीमाओं के आसपास जबरदस्त रोमांच और उत्साह रहता है।

इस मुकाबले पर सभी की नजरें हैं और यह मुकाबला खास इसलिए भी है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच इस मैच से पहले जो मैच खेला गया था, वो था आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी-2017 का फाइनल जहां भारत को मात मिली थी।

उस हार का जख्म भारत के लिए बड़ा था जिसे भरने के लिए उसके दिमाग में इस मैच में जीत के सिवाए कुछ और नहीं होगा।

भारत ने इस विश्व कप में अभी तक दो मैच खेले हैं। पहले मैच में उसने दक्षिण अफ्रीका को मात दी थी तो वहीं दूसरे मैच में मौजूदा विजेता आस्ट्रेलिया को हराया था। तीसरा मैच न्यूजीलैंड से था जो बारिश के कारण धुल गया था।

अगर विश्व कप में इन दोनों टीमों की बात की जाए तो भारत कभी भी इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान से हारा नहीं है। 1992 से लेकर 2015 विश्व कप तक दोनों टीमें छह बार आमने-सामने हो चुकी हैं लेकिन पाकिस्तान कभी भी जीत नहीं पाया है। इस रिकार्ड से जरूर भारत को आत्मविश्वास मिलेगा।

लेकिन भारत को यह नहीं भूलना चाहिए कि ये वही पाकिस्तान है जिसने चैम्पियंस ट्रॉफी में उसे मात दी थी। इस बार भी यह टीम कम नहीं। पाकिस्तान ने शुरुआत जरूर खराब की थी और पहले मैच में न्यूजीलैंड से हार गई थी।

लेकिन पाकिस्तान ने वापसी करते हुए मेजबान इंग्लैंड को मात दी और अपने पिछले मैच में मौजूदा विजेता आस्ट्रेलिया के खिलाफ कड़ा मुकाबला खेल बता दिया था कि उसे हराना आसान नहीं है।

पाकिस्तान के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि उसके दो सबसे अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद आमिर और वहाब रियाज फॉर्म में आ गए हैं। इन दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ बेहतरीन स्पैल डाल उसे हार की तरफ मोड़ दिया था तो वहीं आमिर ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट ले उसे बड़ा स्कोर नहीं करने दिया था।

आमिर ने ही चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में विराट कोहली और रोहित शर्मा के विकेट ले भारत को हार की तरफ धकेला था। इस मैच में भी सभी की नजरें आमिर और कोहली के बीच होने वाली प्रतिस्पर्धा पर होंगी। आमिर को बड़े टूनार्मेंट का खिलाड़ी कहा जाने लगा है क्योंकि चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद उन्होंने बेहद खराब प्रदर्शन किया था। वह विश्व कप टीम में भी जगह नहीं बना पाए थे लेकिन चयनकतार्ओं ने बाद में उन्हें टीम में शामिल किया और आमिर ने इस विश्व कप में अपने आप को अभी तक साबित किया है।

भारत के लिए एक बुरी बात यह है कि शिखर धवन खेलने के लिए मौजूद नहीं है। ऐसे में रोहित के साथ पारी की शुरुआत लोकेश राहुल करेंगे। राहुल और रोहित की कोशिश भारत को अच्छी शुरुआत देने की होगी।

कोहली पर पूरा विश्व नजर टिकाए बैठा है, क्योंकि वह पिछली बार पाकिस्तान के खिलाफ विफल हो गए थे। इस बार कप्तान कोहली भी कोशिश करेंगे कि पाकिस्तान के खिलाफ रन कर सकें।

चौथे नंबर पर टीम प्रबंधन किसे उतारता है यह देखना होगा। टीम के पास विजय शंकर और दिनेश कार्तिक के रूप में दो विकल्प हैं। महेंद्र सिंह धोनी, केदार जाधव पर भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। वहीं हार्दिक पांड्या से एक बार फिर उसी तरह की पारी की उम्मीद होगी जिस तरह की उन्होंने चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेली थी।

पाकिस्तान की गेंदबाजी लय में आ गई है लेकिन उसे फील्डिंग से निराशा मिल रही है। टीम की फील्डिंग अभी तक दोयम दर्जे की साबित हुई है और यह भारत के खिलाफ उसे मुसीबत में डाल सकती है।

वहीं अगर बल्लेबाजी की बात की जाए तो पाकिस्तान के लिए भारत के बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना आसान नहीं होगा। दो साल में भारत ने अपनी गेंदबाजी में गजब का सुधार किया है। जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार शुरू में पाकिस्तानी बल्लेबाजी की परीक्षा लेंगे तो मध्य में लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल और चाइनामैन कुलदीप यादव भी पाकिस्तानियों को परेशान करेंगे।

पाकिस्तान को इमाम उल हक और फखर जमन से अच्छी शुरुआत की उम्मीद होगी। बाबर आजम और मोहम्मद हफीज तो फॉर्म में हैं लेकिन शोएब मलिक का बल्ला अभी तक शांत है। भारत के खिलाफ जीत के लिए इन शीर्ष-4 बल्लेबाजों में से किसी एक को बड़ी पारी खेलनी होगी।

टीमें (संभावित) :

भारत : विराट कोहली (कप्तान), जसप्रीत बुमराह, युजवेंद्र चहल, शिखर धवन, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक, भुवनेश्वर कुमार, हार्दिक पांड्या, लोकेश राहुल, मोहम्मद शमी, विजय शंकर, रोहित शर्मा, कुलदीप यादव।

पाकिस्तान : सरफराज खान (कप्तान/विकेटकीपर), फखर जमन, इमाम-उल-हक, बाबर आजम, आसिफ अली, शोएब मलिक, मोहम्मद हफीज, हैरिस सोहेल, शादाब खान, इमाद वसीम, शाहीन अफरीदी, हसन अली, मोहम्मद हसनेन, वहाब रियाज, मोहम्मद आमिर।

पेट्रोल, डीजल के दाम में गिरावट का सिलसिला लगातार चौथे दिन जारी

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 पेट्रोल और डीजल के दाम घटने का सिलसिला लगातार चौथे दिन रविवार को भी जारी रहा। तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल के भाव में फिर से छह पैसे जबकि डीजल के भाव में नौ से दस पैसे प्रति लीटर की कटौती की है।

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम रविवार को घटकर क्रमश: 69.93 रुपये, 72.19 रुपये, 75.63 रुपये और 72.64 रुपये प्रति लीटर हो गए । डीजल के दाम भी चारों महानगरों में घटकर क्रमश: 63.84 रुपये, 65.76 रुपये, 66.93 रुपये और 67.52 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पिछले एक पखवाड़े से सीमित दायरे में रही हैं। पिछले 15 दिनों में ब्रेंट क्रूड का वायदा 60 डॉलर से लेकर 63 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा, जबकि उससे पिछले पखवाड़े में बेंट क्रूड का भाव 64 डॉलर से 73 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहा। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले दिनों कच्चे तेल के दाम में रही नरमी के कारण ही भारत में पेट्रोल और डीजल के भाव रोजाना घट रहे हैं।

देश की राजधानी दिल्ली में 29 मई के बाद पेट्रोल 1.93 रुपये लीटर सस्ता हो गया है, जबकि डीजल के दाम में उपभोक्ताओं को 2.85 रुपये प्रति लीटर की राहत मिली है।

YogaDay2019 : पीएम मोदी ने आज बताया कैसे करें भुजंगासन, क्या हैं लाभ

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21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस है. इसकी तैयारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगे हुए हैं. इस दिन उनका कार्यक्रम झारखंड की राजधानी रांची में होना हैं. योग दिवस की तैयारी के तहत पीएम मोदी ने आज एनिमेटेड वीडियो के सीरीज में भुजंगासन का वीडियो ट्‌वीट किया. अपने ट्‌वीट में पीएम मोदी ने लिखा कि भुजंगासन नियमित रूप से करने पर पीठ दर्द में आराम मिलता है. इस आसन के कई सारे फायदे हैं. इस वीडियो में भुजंगासन करने के तरीके को विस्तार से बताया गया है. आप भी देखें यह वीडियो और पीठ दर्द से पाएं आराम…

https://twitter.com/narendramodi/status/1140087087439499269

जानिए क्यू साइंस ने कहां नंगे पैर चलना हैं सेहत के लिए अच्छा

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साइंस के नजरिए से देखा जाए तो नंगे पैर चलना आपके शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता हैं। यह आपके शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा को बढाता हैं जिससे आपको रात को अच्छी नींद आती हैं और यही नहीं यह आपको अपनी सारी दिमागी प्रबलम्स से लडने में मदद करता हैं। क्या आप नंगे पैर चलन के फाटदे जानते हैं, अगर नहीं तो आज हम आपको बताते हैं नंगे पैर चलने के फायदे। तो आईए जानते हैं नंगे पार चलने के फायदे –

नींद अच्छी आए – नंगे पैर चलने से हमारे शरीर की सर्कैडियन लय स्थिर हो जाती है। जिससे रात में हमारी नींद बेहतर होती है। जर्नल ऑफ अल्टरनेटिव एंड कॉम्प्लिमेंटरी मेडिसिन में एक अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई है कि जो लोग नियमित रूप से नंगे पैर चलते हैं वे नंगे पैर न चलने वालों की बजाय पूरी नींद लेते हैं।

सूजन कम करें – कोशिकाओं को नुकसान सूजन का कारण बनता है, जो धीरे-धीरे कैंसर, हृदय रोग, बुढ़ापे और अन्य समस्याओं का कारण हो सकता है। जमीन पर नंगे पैर चलने से, पृथ्वी में मौजूद इलेक्ट्रॉन एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करते हैं जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं और कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर समस्याओं की संभावना को भी कम करते हैं।

आँखों को सही करें – नेत्र की नसें पैर पर पड़ने वाले दबाव बिंदु से जुड़ी होती हैं। जब आप सुबह घास पर नंगे पैर चलते हैं तो आपकी आँखों पर इसका असर पडता हैं। यदि आप भविष्य में अपनी आंखों को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो इसकी तैयारी नंगे पैर चलने से शुरू हो सकती है।

मासूम बच्चों के लिए खतरा बने स्मार्टफोन, PUBG, TIK TOK को बैन करने की उठी मांग

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शुक्रवार को शिरडी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिक टॉक के लिए वीडियो बनाने की सनक ने एक मासूम को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इस घटना के बाद एक बार फिर बच्चों के लिए मोबाइल और उसके जरिए इस्तेमाल किए जा रहे जानलेवा गेम को लेकर नई बहस छिड़ गई है। 
आजकल बच्चों के हाथ में स्मार्टफोन होना आम बात हो गई है, जो कि उनके लिए फायदेमंद होने से कई ज्यादा नुकसानदायक अधिक साबित हो रहा है। स्मार्टफोन बच्चों के शारीरिक विकास पर तो असर करता ही है, साथ ही उन्हें मानसिक रूप से भी बीमार कर देता है।

बच्चों के लिए जानलेवा बनते मोबाइल फोन पर मनोविज्ञानी डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी कहते हैं कि बच्चों के हाथ में मोबाइल देना ठीक उसी प्रकार है जैसे किसी को शराब का गिलास पकड़ाना। वे कहते हैं कि अक्सर देखा जाता है कि पैरेंटेस शुरुआत में अपने को फ्री रखने के लिए बच्चों को मोबाइल पकड़ाते हैं लेकिन एक समय बाद बच्चा इसका आदी हो जाता है और उसका मोबाइल उपयोग का समय धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और वही बाद में मानसिक रोग में बदल जाता है।

अभिभावक रखें ध्यान : मनोविज्ञानी डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी का कहना है कि इसमें सबसे बड़ी सावधानी बच्चों के अभिभावकों को रखना चाहिए कि बच्चे कम से कम स्मार्टफोन का उपयोग करें। साथ ही अभिभावकों को ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे के सामने आवश्यकता के अनुसार ही स्मार्टफोन का उपयोग करें। अभिभावकों को विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों को शैतानी करने से रोकने का एकमात्र विकल्प मोबाइल नहीं है।

घातक है स्मार्टफोन की सामाजिक स्वीकार्यता : डॉ. सत्यकांत का कहना है कि स्मार्टफोन की सामाजिक स्वीकार्यता आज घातक हो रही है। अक्सर देखा जाता है कि कम उम्र के बच्चे मोबाइल नहीं मिलने पर घर छोड़ने और अपने को नुकसान करने में भी पीछे नहीं रहते हैं। ऐसे ही कई मामले हाल के दिनों में भोपाल में सामने आए हैं।

मौत का कारण बन सकता है स्मार्टफोन : डॉ. सत्यकांत का कहना है कि किसी भी खबर या मोबाइल पर की जा रही गतिविधि के अनुसार हमारे दिमाग में रसायनों का बनना शुरू हो जाता है। जो कि हमारी हृदयगति, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हैं, जिससे हृदयगति रुकने और हृदयाघात होने जैसी स्थिति बन जाती है।