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आलू खाने से नहीं बढ़ता वजन, बल्कि घटाने में कारगर, यें है चमत्कारी फायदे

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आलू एक ऐसी सब्जी है, जिसका इस्तेमाल ज्यादातर लोग करते हैं. हमारे देश में आलू से बनी सब्ज़ी, कचौड़े, चिप्स, फ्रेंचफ्राइस इत्यादि चीजें लोग खाना बहुत ही ज्यादा पसंद करते हैं. लेकिन बहुत से ऐसे लोग हैं, जिन्हें इस बात की गलतफहमी होती है कि आलू खाने से चर्बी बढ़ती है.

इसलिए ऐसे लोग आलू खाने से परहेज करते हैं. बल्कि हकीकत ये है कि आलू खाने से मोटापा नहीं बढ़ता है. आलू में मौजूद विटामिन सी, विटामिन बी, आयरन, कैल्शियम और फॉस्फोरस इत्यादि हमारी सेहत के लिए अच्छा होता है. आलू का इस्तेमाल काफी समय से हो रहा है.

आलू का इस्तेमाल आदिवासी पारंपरिक तौर पर काफी समय से करते आ रहे हैं. आदिवासियों के लिए आलू मुख्य आहार है. चलिए जानते हैं आलू खाने के क्या-क्या फायदे होते हैं-

वजन कम करने में सहायक

यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो उबले आलुओं पर हल्का-सा नमक छिड़क खाएं. आदिवासियों के अनुसार मोटापा आलूओं के कारण नहीं बढ़ता. बल्कि उसे अगर तलकर खाते हैं, तो ये हमारे शरीर को नुकसान करता है.

आदिवासियों के अनुसार, कच्चे आलू या आलू जिसे तेल, घी के बिना खाया जाए, उससे हमारे शरीर का वजन कम होता है. क्योंकि इस तरह के आलू में कैलोरी कम होती है.

पेट के छालों को कम करने में असरकारी

अगर आप रोजाना आलू का रस पीएंगे, तो इससे आपका पाचनतंत्र सही रहेगा. साथ ही गैस की समस्या सही रहेगी. इतना ही नहीं आदिवासियों के अनुसार, आलू का रस पेट के छालों के लिए भी बेहद कारगर फॉर्मूला है.

कई और फायदे

ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में सहायक
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक
घाव और छाले ठीक करने में सहायक
नींद न आने की समस्या को करता है दूर
बवासीर में मिलता है आराम 
खून की कमी को करता है दूर
त्वचा को बनाता है ग्लोइंग

अगर आपको भी आता है अधिक पसीना तो अपनाये ये आसान उपाए

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बढ़ती गर्मी के कारण पसीना आना आम बात हैं. पसीना आने से बहुत लोग बहुत परेशान हैं. कई लोगों को अधिक पसीना आता हैं जिसकी वजह से वे कई गर्मी में बहार भी नहीं जा सकते हैं. अगर आपको भी अधिक पसीना आता हैं, तो हम आपको कुछ उपाए बता रहे हैं जिससे आपका पसीना कम होना शुरू हो जायेगा।

*शरीर में से अधिक पसीना निकलने की वजह से पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए जिससे शरीर को कोई नुक्सान न हो।

*शरीर में पानी की कमी को दूर करने के लिए टमाटर का जूस पीएं। दिन में कम से कम 1 बार इस जूस का सेवन जरूर करें। जिससे अधिक पसीना निकलने की समस्या से राहत मिलेगी।

*जिन लोगों को अधिक पसीना आने की समस्या होती है उन्हें अपने खाने में नमक का कम सेवन करना चाहिए।

*शरीर के जिस हिस्से में ज्यादा पसीना आए उस जगह आलू के टुकड़े काटकर रगड़ें जिससे पसीना कम आएगा।

*धूप या जिम जाने से पहले शरीर के जिस हिस्से पर अधिक पसीना आए वहां बर्फ लगाएं। इससे शरीर को ठंडक मिलेगी और पसीना कम निकलेगा।

छत्तीसगढ़ / नए राशन कार्ड के आवेदन अगले महीने जोन दफ्तरों से, आधार नंबर होगा जरूरी

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एपीएल यानी मिडिल क्लास को चावल देने के ऐलान के बाद अब राजधानी में कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नए राशन कार्ड के लिए शहर के एपीएल क्लास को आवेदन करना होगा। आवेदन पत्रों की छपाई शुरू की गई है। अफसरों के अनुसार अगले महीने से निगम के सभी आठ जोन दफ्तरों और खाद्य विभाग से आवेदन निशुल्क मिलने लगेंगे। लोगों को आवेदन भरकर उसी जोन में जमा करना होगा, जहां वे रहते हैं। आवेदन में आधार नंबर का उल्लेख करना अनिवार्य होगा और यह परिवार की महिला मुखिया के नाम से जारी होगा।

अफसरों ने बताया कि यह आवेदन करीब एक पेज (आगे-पीछे) का होगा। आयकर करदाता और गैर आयकर करदाता दोनों के लिए आवेदन एक ही प्रकार का होगा, लेकिन आवेदन के ऊपर टिक करना होगा कि इसे कौन सी श्रेणी के लोग भर रहे हैं। राजधानी में 50 हजार एपीएल परिवार हैं, जिनके कार्ड बनेंगे। पूरी प्रक्रिया की मानीटरिंग खाद्य विभाग करेगा। आवेदनों की जांच में अफसर देखेंगे कि एक ही परिवार से कई आवेदन तो नहीं किए जा रहे हैं या फिर एक ही नाम से अलग-अलग राशन कार्ड तो नहीं बन रहे हैं। इस तरह की सभी जांच अफसर करेंगे। इसके लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

आवेदन जमा होने के साथ ही उसकी जांच और स्कूटर्नी का काम शुरू कर दिया जाएगा। नए आवेदन पत्रों को पहले दिन से ही ऑनलाइन किया जाएगा। यानी राशन कार्ड जारी होने से पहले उनका नाम ऑनलाइन लिस्ट में दर्ज हो जाएगा ताकि एक ही नाम के दो राशन कार्ड न बन सकें।

बायोमीट्रिक में अंगूठा निशान
एपीएल परिवारों को भी राशन लेने के लिए बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगाना होगा। परिवार के मुखिया या सदस्य के अंगूठे के निशान के बाद ही राशन दुकानदार उन्हें चावल दे सकेंगे। हालांकि अभी तक एपीएल चावल की हेराफेरी के लिए कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है। पिछली सरकार का दावा था कि एपीएल परिवार चावल नहीं लेते हैं और उनके राशन की खुले बाजार में बेचा जाता है। इसके बाद ही सरकार ने एपीएल परिवारों को धीरे-धीरे चावल देना बंद कर दिया था।

छत्तीसगढ़/ अंबेडकर अस्पताल में जूडो ने ओपीडी में नहीं किया इलाज, पांच से ज्यादा ऑपरेशन टले, मरीजों को मिली वेटिंग

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अंबेडकर अस्पताल में जूनियर डाक्टरों की एक दिवसीय हड़ताल के कारण शुक्रवार को ओपीडी में मरीजों का इलाज प्रभावित रहा। पांच से ज्यादा बड़े ऑपरेशन जूडो नहीं होने के कारण टालने पड़े। गर्मी के दिनों में रुटीन में ज्यादा सर्जरी नहीं की जाती। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की सर्जरी ज्यादा की जाती है। इसलिए जूडो की आधे दिन की हड़ताल का ज्यादा असर नहीं पड़ा। वे दो बजे से इमरजेंसी सेवा में आ गए। इस वजह से केवल पांच ऑपरेशन ही प्रभावित हुए। शाम को मेडिकल कॉलेज से तेलीबांधा तालाब तक कैंडल मार्च भी निकाला गया।  

पश्चिम बंगाल में एक इंटर्न डॉक्टर के साथ मारपीट और उनकी मौत के बाद छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में डॉक्टरों ने आधे दिन की हड़ताल की। अंबेडकर के जूडो ने भी ओपीडी व सर्जरी का बहिष्कार किया। हालांकि कई कंसल्टेंट डॉक्टर ग्रीष्मकालीन छुट्‌टी से लौट आए हैं। इसलिए इलाज व सर्जरी ज्यादा प्रभावित नहीं हुई। 

लॉबी में धरने पर बैठे डॉक्टर
जेडीए के प्रेसीडेंट डॉ. भगवतीचरण वर्मा ने कहा कि ओपीडी में कंसल्टेंट डॉक्टरों के होने के कारण इलाज ज्यादा प्रभावित नहीं हुई। सर्जरी जरूर टल गई। ऐसे मरीजों की परेशानी बढ़ गई। उन्हें सप्ताहभर बाद बुलाया गया है। दूसरी ओर आईएमए ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर डॉक्टर की मौत की निंदा करते हुए ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है। दूसरी ओर कड़ी धूप के कारण जूडो ने अस्पताल की लॉबी में धरना दिया। इससे मरीजों को खासी परेशानी हुई। 
वे डॉक्टरों पर अन्याय बंद करो, हमें न्याय चाहिए के नारे भी लगा रहे थे। इससे डॉक्टर भी परेशान हुए। आईएमए के रायपुर अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने कहा कि डॉक्टरों के साथ मारपीट गलत है। ऐसी घटनाएं डॉक्टरों को भयभीत करती हैं।

रायबरेली पहुंचीं सोनिया-प्रियंका, चुनाव जीतने के बाद पहला दौरा

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संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनकी बेटी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा जनता को धन्यवाद देने बुधवार को यहां पहुंचे । लोकसभा चुनाव में विजयी होने के बाद सोनिया की यहां की यह पहली यात्रा है । उनकी पड़ोस के संसदीय क्षेत्र अमेठी जाने की उम्मीद नहीं है, जहां से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा चुनाव हार गये हैं। कांग्रेस प्रवक्ता लाल आश किरण प्रताप सिंह ने बताया कि फुरसतगंज से सोनिया और प्रियंका का काफिला भुएमऊ गेस्ट हाउस पहुँचा । उन्होंने बताया कि वहां प्रियंका अपने क्षेत्र के पार्टी जिलाध्यक्षों के साथ आज बुधवार को समीक्षा बैठक करेंगी । सिंह ने बताया कि शाम को रायबरेली लोकसभा क्षेत्र की जनता के लिए आभार समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब 2500 कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है । रात्रि भोज भी होगा । पार्टी के एक नेता ने बताया कि फिलहाल प्रियंका और सोनिया के अमेठी जाने की संभावना नहीं है । रायबरेली सीट पर जीत के बाद सोनिया ने अपने संसदीय क्षेत्र की जनता को भावुक खत लिखा था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सपा, बसपा और स्वाभिमान दल को भी अपनी जीत में योगदान के लिए धन्यवाद दिया ।

रायबरेली की जनता को लिखे खत में सोनिया ने कहा, ”आपने एक बार फिर मुझमें विश्‍वास जताया, इसके लिए मैं सच्‍चे मन से आभारी हूं…आप मेरा परिवार हैं, आपसे मुझे जो संबल और हौंसला मिलता रहा है, वही मेरी असली धरोहर है। मैंने इस वृहद परिवार का हर तरह से ख्‍याल रखने का हमेशा प्रयास किया है…आगे भी इसमें कमी नहीं आने दूंगी ।” सोनिया ने अपने पत्र में देश के ‘बुनियादी मूल्‍यों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्‍व कुर्बान कर देने की बात भी कही। उन्‍होंने लिखा, ”आने वाले दिन और मुश्किल भरे हैं, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि आपके समर्थन और विश्‍वास की ताकत से कांग्रेस हर चुनौती को पार कर लेगी।” उन्‍होंने लिखा, ”लड़ाई कितनी ही लंबी हो, मैं आपको वचन देती हूं कि देश के बुनियादी मूल्‍यों की रक्षा के लिए, कांग्रेस के पूर्वजों की परंपरा का पालन करते हुए मैं भी अपना सर्वस्‍व कुर्बान करने में कभी पीछे नहीं हटूंगी।’

छत्तीसगढ़ / ट्यूशन जा रही किशोरी पर हथियार से किया कई बार वार, ब्रेन का हिस्सा बाहर आया

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घर से ट्यूशन के लिए निकली बीएसपी कर्मी अवधेश यादव की बेटी श्रृंखला यादव (17) पर जानलेवा हमला करके युवक फरार हो गया। गुरुवार शाम मिट्टी परीक्षण केंद्र के पास हुई वारदात में आरोपी ने किशोरी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर गंभीर अवस्था में छोड़कर फरार हो गया। हालांकि अभी तक घटना का कोई चश्मदीद सामने नहीं आया है, लेकिन आसपास के लोगों के मुताबिक, घटना के बाद क्षेत्रीय महिलाओं ने एक युवक को मौके से भागते देखा था। फिलहाल पुलिस ने धारा धारा 307,201 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि छात्रा के सिर में गंभीर चोट की वजह से उसका भेजा बाहर आ गया है। इसलिए स्थिति नाजुक बनी हुई है। 


जहां वारदात हुई, वहां सीसीटीवी नहीं 
नेवई टीआई गौरव तिवारी ने बताया, पहले पुलिस भी मामले को एक्सीडेंट ही समझ रही थी। लेकिन स्कूटी पर एक्सीडेंट के डेंट नहीं होने और किशोरी के सिर के जिस हिस्से में गंभीर चोट आई है। उससे किसी अज्ञात द्वारा वारदात को अंजाम देना दिखाई दे रहा है। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा मामले को रंजिश से भी जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि जहां वारदात हुई है वहां कोई सीसीटीवी नहीं है। 

अपराधी ने इसलिए चुनी ये जगह
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही श्रृंखला यादव रोजाना 3 बजे घर से सिविक सेंटर स्थित ट्यूशन क्लासेज के लिए जाती थी। गुरुवार को भी ठीक 3 बजे घर से कोचिंग के लिए निकली थी। प्रगति नगर से होकर जाने वाले रास्ते में नाली निर्माण की वजह रास्ता ब्लाक पड़ा हुआ है। इसके चलते कृषि विभाग के मिट्टी परीक्षण केंद्र से होकर गुजरने वाले मार्ग से जाना शुरू कर दिया। दोपहर की गर्मी की वजह उस समय रास्ता सुनसान रहता है। ऐसे में किसी परिचित आरोपी ने रास्ता रोका और थोड़ी देर बातचीत के बाद वारदात को अंजाम दिया।

 
जिस छात्र को स्कूल से निकलवाया उसी पर शक 
छात्रा के साथ ही वारदात के बाद से चर्चाओं का बाजार गरम बना हुआ है। जांच में जुटी पुलिस के पास भी एक चर्चा पहुंची कि स्कूल में पढ़ने के दौरान किशोरी को उसके साथ पढ़ने वाला छात्र अक्सर परेशान करता था। स्कूल प्रबंधन से शिकायत हुई। उस दौरान छात्र की काउंसलिंग की गई, लेकिन उसकी हरकतों में कोई परिवर्तन नहीं आया। इसके चलते उसे स्कूल से निकाल दिया गया था। 


कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं 
डॉक्टर वेंटिलेटर पर रखकर रायपुर में श्रृंखला का इलाज कर रहे हैं। फिलहाल उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। प्रकरण में कॉल डिटेल और सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है। नेवई थाने में हत्या के प्रयास के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है।

छत्तीसगढ़ : कैमरे काट रहे रोज 100 से अधिक ई-चालान पर पुलिस को नहीं मिल रहे मकान

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रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (आरएससीएल) का इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) ट्रैफिक पुलिस के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। कंट्रोल रूम में बैठकर शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे हाईटेक कैमरे के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही ई-चालान भी निकाले जा रहे हैं। रोजाना करीब 100 ई-चालान लेकर यातायात पुलिस के आठ सिपाही वाहन चालकों के पते पर जा रहे हैं, लेकिन ठिकाना बदलने की वजह से कई लोगों के मकान नहीं मिल पा रहे हैं। इससे पुलिस जवानों की परेशानी बढ़ गई है। आधे से भी अधिक ई-चालान का भुगतान रुक गया है।

राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही हाईटेक सिस्टम से यातायात संकेतकों की अनदेखी कर फर्राटा भरने वाले करीब सौ से अधिक वाहन चालकों को रोज पकड़ा जा रहा है। ऐसे चालकों के वाहनों के नंबर के आधार पर घर का पता निकालकर ट्रैफिक के जवान ई-चालान लेकर जा रहे हैं। यह व्यवस्था तब तक रहेगी, जब तक कि आरएससीएल ई-चालान घर पहुंचाने के लिए किसी कंपनी को ठेका नहीं दे देती।

घर बैठे करें ई-चालान का भुगतान

रायपुर पुलिस और परिवहन विभाग ने एक वेबसाइट भी लांच की है, जिसके जरिए वाहन चालक घर बैठे ई-चालान का भुगतान कर सकते हैं। इससे उन नियम तोड़ने वालों को सुविधा होगी, जो ऑफलाइन चालान अदा करने के लिए समय नहीं निकाल पाते।

पहले यह थी व्यवस्था

पहले मैन्युअली चालान काटकर डाक विभाग के माध्यम से वाहन चालकों के घर के पते पर भेजा जाता था। एक चालान पहुंचाने के एवज में डाक विभाग सात रुपये लेता था। विभाग इस खर्च को पांच रुपये से कम करने ठेके पर ई-चालान पहुंचाने का काम किसी कंपनी को देने के लिए निविदा आमंत्रित कर चुका है।

ऐसे अदा करें ई-चालान

परिवहन विभाग की वेबसाइट में जाएं। फिर ई-चालान डिटेल में क्लिक करें। इसमें तीन ऑप्शन हैं पहला चालान नंबर, दूसरा ह्वीकल नंबर, तीसरा डीएल नंबर। व्हीकल नंबर पर क्लिक करें। फिर अपनी गाड़ी का नंबर इंटर करें। फिर कैप्चा में दिए गए शब्द लिखें। क्लिक करें तो आपकी गाड़ी की पूरी जानकारी के साथ चालान की राशि आ जाएगी। इसमें पेमेंट में क्लिक करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस आएगा।

डीएल और आरसी बुक का ऐसे बदलवाएं पता

वाहन खरीदते समय या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय किराए के मकान में रहने वाला चालक अपना अस्थायी पता ही दस्तावेजों में दर्ज कराता है। इसी के आधार पार परिवहन विभाग डीएल (ड्राइविंग लाइसेंस) और आरसी बुक (रजिस्ट्रेशन) जारी करता है। बाद में वाहन चालक दूसरे मोहल्ले में मकान लेकर रहने लगता है, लेकिन पता नहीं बदलवाता। जबकि आरटीओ में प्रावधान है कि वाहन चालक को अपना स्थायी पता अपडेट रखना चाहिए। इसके लिए डीएल व आरसी बुक की फोटो कॉपी के साथ पता बदलने संबंधी एक आवेदन आरटीओ दफ्तर में देना अनिवार्य है। हालांकि 90 फीसद वाहन चालक ऐसा नहीं कर रहे है। यही वजह है कि बदले हुए पते पर जब पुलिस ई-चालान लेकर पहुंचती है तब वाहन चालक नहीं मिलते।

फैक्ट फाइल

जारी नोटिस तामिल नोटिस तामिल नहीं समन शुल्क प्रकरण समन शुल्क राशि वापस

मार्च-2019 1676 1143 454 823 363700 64

अप्रैल-2019 1738 1182 319 1020 631200 112

मई-2019 414 267 154 430 251000 67

कुल- 3828 2592 927 2273 1245900 243

PM मोदी से मिले CM भूपेश बघेल, इन मुद्दों पर की चर्चा

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और उनसे छत्तीसगढ़ के 70 लाख आदिवासियों और 58 लाख गरीब परिवारों से जुड़े लंबित विषयों के शीघ्र निराकरण का आग्रह किया। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री को कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों को ध्यान रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने किसानों से 2500 रू प्रति क्विटंल समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की हैं। इससे राज्य में अतिरिक्त धान का उपार्जन हुआ हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि किसानों के हित को देखते हुए सार्वजनिक प्रणाली की आवश्यकता के अतिरिक्त चावल को केन्द्रीय पूल में लेने की स्वीकृति प्रदान करे। राज्य के हर घर में नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल प्रदाय करने की योजना के संबंध में मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि इसके लिए केन्द्र सरकार को शत -प्रतिशत अनुदान प्रदान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शत-प्रतिशत विद्युतीकरण को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास हुए हैं, उसी प्रकार हर घर में पेयजल की व्यवस्था के लिए भी प्रयासों की जरूरत है। मुलाकात के दौरान वन अधिकारों की मान्यता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कहा कि भारतीय वन अधिनियम, 1927 में प्रस्तावित संशोधनों में अनेक खामियां हैं, जिससे वन क्षेत्रों में निवासरत आदिवासियों के हितों का संरक्षण नहीं किया गया है उन्होंने इसमें संशोधन पर जोर दिया हैं ।

बघेल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा देश के लघु एवं सीमांत कृषकों को लाभांवित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आरंभ की गई है। इस योजना के हितग्राहियों में अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत् वन अधिकार प्राप्त किसानों को शामिल नहीं किया गया है, उन्होंने इस योजना अंतर्गत उक्त वन अधिकार प्राप्त किसानों को सम्मिलित करते हुए रू. 12,000 प्रतिवर्ष सम्मान निधि देने की मांग की।

बैठक में उज्जवला योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत रिफिल कराए गए सिलेंडर की संख्या कम हैं। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए एक मुश्त इतनी राशि देना संभव नहीं होने तथा दूरस्थ अंचलों में एल.पी.जी वितरकों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि न होना कम रिफिल का मुख्य कारण है।

उन्होंने कहा कि गरीबी की रेखा से नीचे आने वाले परिवारों को खाना पकाने हेतु ईधन के रूप में केरोसिन की आवश्यकता होती है। अतः राज्य हित में केरोसिन का कोटा 1.15 लाख किलो लीटर से बढ़ाकर 1.58 लाख किलो लीटर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में उज्जवला योजना के अंतर्गत जारी गैस कनेक्शन का वार्षिक रिफिल प्रतिशत औसतन 1.7 है, जो कि अत्यंत कम है। इसलिए 5 किलो वाले गैस सिलेण्डर की आपूर्ति आॅयल कंपनियों द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में आपूर्ति की जानी चाहिए ताकि बीपीएल परिवार की क्रय क्षमता के अंतर्गत एलपीजी का उपयोग सुनिश्चित हो सके।

मुलाकात के दौरान उन्होंने आग्रह किया कि शासकीय उपक्रमो हेतु आबंटित खदानों में 100 रूपये प्रति टन के स्थान पर 500 रूपये प्रति टन प्रिमियम दिया जाए तथा छत्तीसगढ राज्य को उत्पादित विद्युत का हिस्सा भी दिया जाए।

बघेल ने राज्य की अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्रों के साथ-साथ समाज के वंचित एवं निसहाय वर्ग की एक प्रमुख समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के वर्तमान में निर्देश के अनुसार राज्य सरकार द्वारा संचालित एवं केन्द्र अथवा राज्य सरकार के स्वामित्व वाले छात्रावास/कल्याणकारी संस्थाओं को छोड़कर सभी छात्रावास/कल्याणकारी संस्थाओं को इस योजना के अंतर्गत खाद्यान आबंटन हेतु मान्य नहीं किया गया है। जिसके कारण राज्य सरकार से अनुदान एवं मान्यता प्राप्त 471 संस्थाओं के 43,640 अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्रों के साथ-साथ समाज के वंचित एवं निःसहाय वर्ग के लोगों के लिए माह अप्रैल, 2019 से रियायती दर पर 655 टन चावल का प्रदाय बंद हो गया है।

उन्होंने वंचित संस्थाओं को भी खाद्यान का आबंटन हेतु मान्य किये जाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी से फसल बीमा योजना में सुधार लाने , फूड सब्सिडी , महात्मा गांधी नरेगा में आवटंन की समस्या , स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ,गोबर-धन योजना , प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) , स्टैंड-अप इंडिया योजना , पर भी अपनी बात कही। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी भी उपस्थित थे ।

छत्तीसगढ़ : सरकारी अस्पताल में दवा खत्म होगी तो मंत्रालय में जल जाएगी बत्ती

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छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में दवा खत्म होने के बाद मचने वाली अफरा-तफरी और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग नई पहल करने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग एक ऐसा साफ्टवेयर तैयार करा रहा है, जिसमें अस्पतालों में दवा खत्म होने की सूचना सीधे मंत्रालय में बैठे अधिकारियों को मिल जाएगी।

स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक ने बताया कि एक साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के सभी छोटे-बड़े अस्पतालों को आनलाइन जोड़ा जाएगा। डैशबोर्ड के माध्यम से दवाओं के बारे में जानकारी मिलेगी। जहां दवा का स्टाक खत्म होने वाला है, वहां अस्पताल को अलर्ट भी जारी हो जाएगा

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकारी अस्पताल में दवाओं की कमी का हवाला देकर कालाबाजारी होती है। दवाओं का सही आंकलन नहीं होने के कारण स्थानीय स्तर पर खरीदी करनी होती है, जिसमें भ्रष्टाचार का मामला सामने आता है। अब अस्पताल में दवाओं का सही आंकलन किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर खरीदी करने की जरूरत न पड़े।

यही नहीं, आनलाइन सिस्टम होने से अगर किसी अस्पताल में दवा खत्म हो जाती है, तो पड़ोस के अस्पताल में उपलब्धता के आधार पर दवा को भेजा जा सकेगा। ऐसा करने से स्थानीय खरीदी पर रोक लग जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि साफ्टवेयर तैयार होने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

दवाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने की तैयारी

छत्तीसगढ़ में छोटी-छोटी कंपनियों की दवा खरीदने के कारण अंखफोड़वा कांड जैसी घटनाएं होती है। अब स्वास्थ्य विभाग बड़ी कंपनियों की जेनरिक दवाओं की खरीदी करेगा। बताया जा रहा है कि बड़ी कंपनियां भी 40 फीसदी जेनरिक दवाओं का निर्माण करती है। ऐसे में मरीजों में भरोसा जगाने और सही इलाज के लिए बड़ी कंपनियों की दवाओं की सरकारी खरीदी होगी। बारिक ने बताया कि दवा खरीदी के लिए टेंडर होता है, जिसमें सभी कंपनियां भाग लेती है। सरकार जेनरिक दवाओं की ही खरीदी करती है।

– प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में दवाओं की कमी के कारण मरीजों को बाहर से दवा खरीदना पड़ता है। इस सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए सभी अस्पतालों को आनलाइन जोड़ा जाएगा। यह साफ्टवेयर तीन से चार महीने में तैयार हो जाएगा। – टीएस सिंहदेव, स्वास्थ्य मंत्री, छत्तीसगढ़

‘फ्री राइड’ पर ‘मेट्रो मैन’ का PM मोदी को पत्र, कहा- ऐसे तो दिवालिया हो जाएगी DMRC

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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के मेट्रो राइड को फ्री करने वाली योजना के ऐलान के बाद एक लंबी बहर छिड़ गई है. कोई इसे महिलाओं के लिए फायदेमंद बता रहा तो कोई इसे अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक. इस लिस्ट में अब भारत में मेट्रो मैन के नाम से मशहूर और दिल्ली मेट्रो के पहले प्रबंध निदेशक ई. श्रीधरन का भी नाम जुड़ गया है.

सब्सिडी की राशि सीधे महिलाओं के खाते में


श्रीधरन ने मेट्रो में महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा देने की केजरीवाल सरकार की पहल को मेट्रो के लिए नुकसानदायक बताया है. उन्होंने कहा कि मुफ्त यात्रा की जगह सब्सिडी की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खाते में जमा करनी चाहिए. श्रीधरन ने मोदी से कहा, दिल्ली सरकार के प्रस्ताव पर सहमत ना हो.

पत्र लिख केजरीवाल के प्रस्ताव पर जाहिर की नाखुशी

सूत्रों का कहना है कि श्रीधरन ने इस मामले में 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केजरीवाल सरकार के प्रस्ताव पर नाखुशी जाहिर की है. श्रीधरन ने चिट्ठी में लिखा है कि अगर सरकार वास्तव में किसी को मुफ्त यात्रा सुविधा देने के लिए कोई उपाय करना चाहती है तो इसके लिए मेट्रो की मौजूदा प्रणाली में कोई बदलाव करने की जगह लाभार्थी को लाभ राशि सीधे उसके बैंक खाते में देना (डीबीटी) बेहतर उपाय होगा.

श्रीधरन ने आगे कहा’मेट्रो के व्यवस्थित तंत्र को बनाए रखने के लिए 2002 में मेट्रो सेवा शुरू होने के समय ही हमने किसी तरह की सब्सिडी नहीं देने का सैद्धांतिक फैसला किया था और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी इसकी प्रशंसा की थी. इतना ही नहीं अटल जी ने भी उद्घाटन के समय खुद टिकट खरीदकर मेट्रो यात्रा कर इस बात का संदेश दिया था कि मेट्रो सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है.’

एजेंसियों से लिया गया कर्ज अदा करना होगा मुश्किल

श्रीधरन ने दलील दी कि सब्सिडी देने की परंपरा से मेट्रो प्रबंधन द्वारा विदेशी एजेंसियों से लिया गया कर्ज अदा करना मुश्किल होगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो की इस प्रतिबद्धता का पालन देश के अन्य शहरों की मेट्रो सेवा द्वारा भी किया जा रहा है. अगर दिल्ली में मुफ्त यात्रा सेवा शुरू होगी तो ऐसी मांग अन्य शहरों में भी उठेगी. श्रीधरन ने सुझाव दिया कि सरकार अगर चाहे तो अन्य सरकारी योजनाओं की तरह इस सब्सिडी को भी डीबीटी पद्धति से लाभार्थी के खाते में सीधे पहुंचाए.