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कोरबा : भाजपा मोदी तो कांग्रेस आदिवासी कार्ड के भरोसे

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छत्तीसगढ़ के पॉवर हब कोरबा में राजनीतिक पारा चढ़ने के साथ चुनावी चिकन पॉलिटिक्स तेज हो गई है। परिवार के सदस्यों की संख्या के हिसाब से चिकन दुकान की पर्ची बांटी जा रही है। चार महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में भी यह चिकन पॉलिक्टिस काफी लोकप्रिय हुई थी। इन सबके बीच पहचान के संकट से जूझ रहे भाजपा प्रत्याशी को मोदी नाम और श्रमिकों के भरोसे अपनी नैया पार लगने की उम्मीद है। वहीं, पति के नाम के सहारे सियासत में भाग्य आजमा रही कांग्रेस प्रत्याशी परंपरागत आदिवासी वोट बैंक और चार महीने पहले जीते सातों विधायकों के भरोसे जीत सुनिश्चित मान रही हैं।

इस सीट से कांग्रेस और भाजपा दोनों के ही प्रत्याशी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी ज्योतिनंद दुबे श्रमिक वर्ग से आते हैं। दुबे के भाई भी राजनीति में हैं और दीपका नगर पालिका के अध्यक्ष हैं। दुबे को सबसे ज्यादा उम्मीद क्षेत्र में रहने वाले वर्किंग क्लास से है। इसमें केंद्रीय कर्मचारी भी शामिल हैं, जिनके बीच भारतीय मजदूर संघ, इंटक समेत अन्य कर्मचारी संगठन सक्रिय हैं। हालांकि श्रमिकों का एक बड़ा वर्ग केंद्र की कथित श्रमिक विरोधी नीति के कारण भाजपा से नाराज भी है। कांग्रेस की ज्योतना महंत यहां से सांसद रहे डॉ. चरणदास महंत की पत्नी हैं।

डॉ. महंत सक्ती सीट से विधायक और राज्य विधानसभा के अध्यक्ष हैं। कोरबा सीट का तीसरा चुनाव कोरबा संसदीय सीट पर यह तीसरा आम चुनाव हो रहा है। परिसीमन के बाद 2009 में अस्तित्व में आई इस सीट पर पहला चुनाव डॉ. चरण दास महंत ने जीता था। वहीं, 2014 में हुए दूसरे चुनाव में भाजपा के डॉ. बंशीलाल महतो ने जीत दर्ज की। कांग्रेस ने जकांछ के ज्यादातर नेताओं को अपने पाले में कर लिया है। अजीत जोगी भी चुनाव मैदान से बाहर हैं। ऐसे में कांग्रेस को लग रहा है कि विधानसभा में जकांछ का पूरा वोट उसी को मिलेगा।

मरवाही-पाली कांग्रेस का मजबूत गढ़

इस संसदीय सीट में शामिल मरवाही, पाली- तानाखार विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव को छोड़कर दें तो यहां कांग्रेस का दबदबा रहा है। पाली-तनाखार सीट की भी लगभग यही स्थिति है। रामदयाल उइके ने पिछला विधानसभा चुनाव भाजपा से लड़ा और वे तीसरे नंबर पर रहे।

55 हजार से अधिक का गड्ढा

2018 के चुनाव में यहां की आठ विधानसभा सीटों में भाजपा केवल एक रामपुर सीट जीती है। एक मरवाही सीट जकांछ के पास है। बाकी छह सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस को इन सीटों पर कुल 396742 व भाजपा को 340990 वोट मिले हैं। दोनों के वोट में करीब 55 हजार से अधिक का अंतर है।

तीन जिले आठ सीट

इस संसदीय क्षेत्र में कोरबा के साथ कोरिया और बिलासपुर की कुल आठ विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें चार आदिवासी आरक्षित व चार सामान्य सीटें शामिल हैं। करीब 50 फीसद वोटर आदिवासी हैं। लगभग 20 से 22 फीसद ओबीसी व 12 फीसद के आसपास अनुसूचित जाति वर्ग के हैं। बाकी सामान्य वर्ग के वोटर हैं।

पूरा खेल है पैसे का : यहां चुनाव में पैसे का खेल जमकर चलता है। कोरबा बस स्टैंड में मिले जगदीश यादव के अनुसार चुनाव आयोग कितनी भी सख्ती कर ले यहां प्रत्याशी उसकी तोड़ निकाल ही लेते हैं। हर चुनाव में यहां करोड़ों का खेल होता है। यहां 10 दिन से मुर्गा पर्ची चल रही है।

झुग्गियों को रिझाने में झोंकी ताकत : कांग्रेस ने झुग्गी बस्तियों के वोट बैंक को खींचने में पूरी ताकत झोंक दी है। इन बस्तियों के लोगों की कांग्रेस कार्यालय और नेताओं के पास आवाजाही भी बढ़ गई है।

मुश्किल से मिली थी जीत : पिछले आम चुनाव में मोदी लहर के बावजूद भाजपा यह सीट केवल 42 सौ वोट से जीत पाई थी। मुकाबला मौजूदा कांग्रेस प्रत्याशी के पति डॉ. चरण दास महंत और भाजपा के बंशीलाल महतो के बीच हुआ था।

पंजे के निशान पर खड़ी हैं ज्योत्सना : झंडा, बैनर और पोस्टर के प्रचार की जंग में कांग्रेस आगे दिख रही है। पूरे संसदीय क्षेत्र में जगहजगह कांग्रेस प्रत्याशी के हाथ जोड़े फ्लैक्स और होर्डिंग लगे हैं। यहां भाजपा कमजोर नजर आ रही है।

वर्किंग क्लास की भी बड़ी भूमिका : कोरबा संसदीय क्षेत्र में एनटीपीसी, एचटीपीपी, इंडियन ऑयल और एसईसीएल जैसे केंद्रीय व सीएसईबी के पावर प्लांट के साथ बालको समेत अन्य निजी उद्योग भी हैं। प्रत्यक्ष रूप से इनमें 60-70 हजार लोग जुड़े हुए हैं।

भाजपा नेताओं की सक्रियता पर सवाल

लोकसभा चुनाव में भाजपा नेताओं की सक्रियता पर भी सवाल उठने लगा है। इस सीट से एकमात्र भाजपा विधायक ननकीराम कंवर अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं। बाकी नेताओं की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग कह रहे हैं ज्यादातर भाजपा नेता घर बैठे हुए हैं।

अब राम मंदिर मामले में प्रज्ञा सिंह को एक और नोटिस

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आतंकवादी हमले में शहीद हुए महाराष्ट्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी हेमंत करकरे को लेकर दिए बयान के बाद भोपाल संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर अब अयोध्या में राम मंदिर मुद्दे पर दिए बयान को लेकर चर्चा में आ गयी हैं। राम मंदिर मुद्दे को लेकर दिए बयान के बाद भोपाल जिला निर्वाचन अधिकारी ने भाजपा प्रत्याशी को कल तत्काल ही नोटिस जारी कर एक दिन में जवाब पेश करने के लिए कहा है। इसके पहले जिला निर्वाचन अधिकारी करकरे को लेकर दिए बयान पर भी नोटिस जारी कर उनसे एक दिन में जवाब मांगा गया है।

नोटिस में प्रज्ञा सिंह ठाकुर के टी वी चैनल पर आए बयान का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन प्रतीत होता है। इस संबंध में वे एक दिन में अपना स्पष्टीकरण पेश करें, अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। नोटिस के अनुसार सुश्री ठाकुर ने कहा है ‘राम मंदिर, हम बनाएंगे एवं भव्य मंदिर बनाएंगे। हम तोड़ने गए थे ढांचा, मैंने चढ़कर तोड़ा था ढांचा। इस पर मुझे भयंकर गर्व है। मुझे ईश्वर ने शक्ति दी थी। हमने देश का कलंक मिटाया है।’ सुश्री ठाकुर के कल दिए बयान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वे कहती हुयीं सुनी जा रही हैं कि काहे का विवादित ढांचा। वह रामजी का मंदिर है। भव्य मंदिर बनाने से मुझे कोई नहीं रोक सकता है। इसके पहले सुश्री ठाकुर ने शहीद हेमंत करकरे पर बयान दिया था और आलोचनाओं के बाद उन्होंने उसे वापस लेकर माफी मांग ली थी। सुश्री ठाकुर को भाजपा ने भोपाल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के मुकाबले उतारा है।

रायपुर : आयकर विभाग की टीम ने शैलेन्द्र नगर के मकान में दी दबिश

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रायपुर। आयकर विभाग की टीम ने शैलेन्द्र स्थित एक मकान में दबिश देकर शनिवार शाम आयकर विभाग ने ढाई करोड़ और कैश गिनने की मशीन बरामद किया है। बता दें कि आयकर विभाग को तीन दिन पहले कुछ संदिग्ध लोगों को रकम से भरे बैग लेकर शैलेन्द्र नगर के मकान में जाते हुए देखा गया। जिससे टीम उन पर नजर रखी हुई थी। कल शाम को जब उक्त मकान में दोपहिया और कार सवार लोगों को मकान के अंदर जाते देखा तभी आयकर की टीम ने दबिश दी।

इस दौरान तलाशी लेने पर मौके से 1 करोड़ 50 लाख रुपये नकदी, नोट गिनने का मशीन, टेलीफोन डायरी, लेन देन का हिसाब डायरी सहित कुछ संदिग्ध सामान मिला है। बताया जाता है कि उक्त मकान से बड़े पैमाने पर हवाला का कारोबार संचालित होता है। आयकर की टीम ने कार से 1 करोड़ और दोपहिया से डेढ़ करोड़ जब्त कर तीन लोगों को हिरासत में लिया है। आयकर की टीम मामले में उन लोगों से पूछताछ कर रही है।

CCTV कैमरा कर रहा लाईवलीहुड कॉलेज में दूसरे चरण के EVM मशीनों की निगरानी

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छत्तीसगढ़ में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बालोद जिले के तीनों विधानसभा में चुनाव दूसरे चरण में संपन्न हो गया है. अब प्रत्याशियों के भाग्य इन ईवीएम मशीनों में कैद हो गए हैं, जिसका फैसला आगामी 23 मई को होगा. वहीं छत्तीसगढ़ में तीसरे और आखिरी चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है.

बहरहाल, दूसरे चरण में जिले के पूरे 810 मतदान केंद्रों में उपयोग किए गए. इस दौरान सभी ईवीएम मशीनों को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए बालोद जिला मुख्यालय स्थित लाईवलीहुड कॉलेज को स्ट्रांग रूम बनाया गया है.

स्ट्रांग रूम बनाए गए लाईवलीहुड कॉलेज में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ ईवीएम मशीनों को रखा गया है, जिसे अब 23 मई को मतगणना के दिन खोला जाएगा. इस स्ट्रांग रूम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है. साथ ही बीएसएफ के सैकड़ों जवान दिन रात इसकी सुरक्षा में लगे हुए हैं. 4 लेयर की इस सुरक्षा भी ऐसी की कोई परिंदा भी यहां पर नहीं मार सकता है.

छत्तीसगढ़ में एक युवक को साध्वी प्रज्ञा ने घोंपा था चाकू- सीएम भूपेश बघेल

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विवादित बयानों को लेकर चर्चा में आईं भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक दावा किया है. सीएम भूपेश का दावा है कि साध्वी प्रज्ञा ने छत्तीसगढ़ में एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला किया था. रायपुर संसदीय क्षेत्र के बिलाईगढ़ विधानसभा में आयोजित सभा में भूपेश बघेल ने ऐसा दावा किया.

बिलाईगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भोपाल से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा और भाजपा की नीतियों पर निशाना साधा. मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भाजपा ने जिस साध्वी को भोपाल से टिकट दिया है, वो साध्वी मालेगांव ब्लास्ट कांड में 9 साल तक जेल में रह चुकी है. बघेल ने दावा किया है कि साध्वी प्रज्ञा ने छत्तीसगढ़ के बिलाईगढ़ में शैलेन्द्र देवांगन के सीने पर चाकू घोंप दिया था. अगर कुछ लोग बीच बचाव नहीं करते तो युवक की मौत हो जाती. चाकू घोंपने वाले आखिर साधु कैसे हो सकते हैं.

सीएम बघेल ने सभा में कहा कि कवर्धा में भी गाड़ी के नाम साध्वी प्रज्ञा ने जमकर विवाद किया था. भाजपा ऐसे हिंसक लोगों को टिकट देकर अपना प्रत्याशी बनाया है. सीएम ने कहा कि भाजपा को कोई सही प्रत्याशी नहीं मिला. इसलिए ही साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से टिकट दिया गय है. बता दें कि प्रत्याशी बनाए जाने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने मुंबई में आतंकवादी हमले में शहीद एटीएस चीफ हेमंत करकरे को लेकर कहा था कि मेरे श्राप के कारण हेमंत की मौत हुई. बयान पर बवाल मचने के बाद उन्होंने उसे वापस लिया था.

रायपुर में मतदान के लिए घर-घर पहुंच रही कलेक्टर की पाती

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रायपुर लोकसभा के लिए आगामी 23 अप्रैल को मत डाले जाएंगे। जिले में शतप्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने मोर रायपुर-वोट रायपुर अभियान के तहत लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित कर लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. बसवराजु एस. रायपुर जिलेवासियों को लोकतंत्र के इस महा त्यौहार में शामिल होने के लिए पाती भेजी है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और साहयिकाएं ये पाती लेकर घर-घर जा रही है और लोगों को मतदान के लिए प्रेरित कर रही है। पाती में कलेक्टर डॉ. बसवराजु  एस. ने लिखा है – प्रिय रायपुर वासियों, आप जानते है कि आगामी 23 अप्रैल मंगलवार के दिन लोकसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए हर वोट बहुत जरूरी है। वोट देना आपका अधिकार व जिम्मेदारी दोनो है। मैं, आप से यह अपील करता हॅॅू कि आप सभी 23 अप्रैल को मतदान करने अवश्य जाएं और अपने घर के उन लोगों को जिनकी आयु 18 वर्ष से ऊपर है और जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है उनको भी साथ ले जाएं। आपका वोट आपकी आवाज है, बिना किसी भय और संकोच के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। कलेक्टर की यह पाती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं घर-घर जाकर दे रही हैं वहीं साथ ही पीला चावल भी भेंटकर लोगों को 23 अप्रैल को मतदान के लिए आमंत्रित कर रही है।

रायपुर : मतदाता पर्ची की जानकारी ले सकते है कन्ट्रोल रूम से

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लोकसभा निर्वाचन के लिए रायपुर जिले में बूथ लेबल अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर मतदाताओं को मतदाता पर्ची का वितरण किया जा रहा है। जिसमें मतदाता का नाम, मतदान केन्द्र आदि की जानकारी अंकित है। यदि किसी मतदाता को यह पर्ची प्राप्त नही होती है तो वह जिला कलेक्टोरेट परिसर में स्थापित कन्ट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0771-2445785 से जानकारी प्राप्त कर सकते है।

छत्तीसगढ़ : लोकसभा निर्वाचन के तीसरे चरण के लिए आज थमेगा प्रचार का शोर : प्रदेश के सात लोकसभा क्षेत्र के लिए 23 अप्रैल को होगा मतदान : मतदान समाप्ति के 48 घंटे पहले से जनमत सर्वेक्षण तथा एक्जिट पोल पर रहेगी रोक

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लोकसभा निर्वाचन के तीसरे और प्रदेश में अंतिम चरण में सात लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रचार का काम आज रविवार 21 अप्रैल को शाम पाँच बजे समाप्त हो जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुब्रत साहू ने बताया कि तीसरे चरण में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर, कोरबा, रायगढ़ तथा सरगुजा लोकसभा क्षेत्रों के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा। साथ लोकसभा क्षेत्रों के लिए कुल 123 अभ्यर्थी निर्वाचन में हिस्सा ले रहें हैं । प्रचार का शोर थमने के बाद अभ्यर्थी अथवा राजनीतिक दल रैली, जुलूस, सभा अथवा सार्वजनिक आयोजन कर प्रचार नहीं कर सकेंगे, किन्तु अभ्यर्थी घर-घर जाकर तथा व्यक्तिगत संपर्क कर अपना प्रचार कर सकेंगे।
श्री साहू ने बताया कि लोकसभा निर्वाचन के तीसरे चरण में 123 अभ्यर्थियों (रायपुर और बिलासपुर में 25, दुर्ग में 21, कोरबा में 13, रायगढ़ में 14, जांजगीर में 15 तथा सरगुजा में 10 अभ्यर्थी) के निर्वाचन के लिए एक करोड़ 27 लाख 13 हजार 816  मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। शत प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए 15 हजार 408 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में लोकसभा निर्वाचन के दो चरणों में 4 लोकसभा क्षेत्रों के लिए 11 तथा 18 अप्रैल को मतदान हो चुका है।
सीईओ श्री साहू ने बताया कि तृतीय चरण के मतदान के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। लोकसभा निर्वाचन के दौरान तृतीय चरण में सबसे अधिक बिलासपुर और रायपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 25 अभ्यर्थी वहीं सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के लिए सबसे कम 10 अभ्यर्थी हैं। उन्होने बताया कि कुल मतदाताओं में 64 लाख 16 हजार 252 पुरूष, 62 लाख 96 हजार 992 महिला तथा 572 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं ।
निर्वाचन के दौरान मीडिया के गलत उपयोग को रोकने भारत निर्वाचन आयोग ने व्यापक तैयारियाँ की हैं। आयोग ने कहा है कि मतदान दिवस तथा उसके पहले दिन कोई भी प्रत्याशी, राजनीतिक दल अथवा अन्य कोई संगठन राजनीतिक विज्ञापन प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित करने के पूर्व मीडिया प्रमाणन समिति से पूर्व प्रमाणन सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने जिला तथा राज्य मीडिया प्रमाणन समिति को प्रमाणन हेतु प्राप्त आवेदन पर त्वरित निर्णय लेने के निर्देश पहले ही दे दिए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग के परिपत्र के अनुसार प्रदेश में तृतीय चरण के निर्वाचन के लिए 23 अप्रैल तथा उसके एक दिवस पहले 22 अप्रैल 2019 को प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापन जारी करने से पहले मीडिया प्रमाणन समिति से विज्ञापन का पूर्व प्रमाणन कराना आवश्यक है।
इसी प्रकार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के प्रावधानों के तहत लोकसभा निर्वाचन के लिए पहले चरण का मतदान शुरू होने के 48 घंटे पहले से लेकर लोकसभा तथा विधानसभा निर्वाचन वाले सभी राज्यों में मतदान की समाप्ति के आधा घंटा बाद तक तक मीडिया द्वारा एक्जिट पोल और इसके परिणाम का प्रकाशन-प्रसारण प्रतिबंधित किया गया है। इस अवधि में कोई भी व्यक्ति किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में एक्जिट पोल सर्वेक्षण नहीं कर सकेगा और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, चलचित्र, टेलीविजन या किसी अन्य माध्यम पर इसके परिणाम का प्रकाशन-प्रसारण नहीं कर सकेगा। इसके अतिरिक्त इस अवधि में किसी भी प्रकार के जनमत सर्वेक्षण की रिपोर्ट का प्रकाशन अथवा प्रसारण भी प्रतिबंधित होगा।

कोलंबों समेत कई हिस्सों में धमाके, ईस्टर पर सिलसिलेवार धमाकों से दहला श्रीलंका, 25 से ज्यादा की मौत

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श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 25 से ज्यादा की मौत, 200 लोग घायल

ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में हुए बम धमाकों में 25 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं इस सिलसिलेवार बम धमाकों में 200 लोग घायल हुए हैं। इनमे कई लोगों की हालत गंभीर है। मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

श्रीलंका में अलग-अलग जगहों पर हुए बम धमाकों के बाद की तस्वीरें

श्रीलंका में हुए धमाकों में कम से कम 80 लोग घायल हुए हैं

शाधकर्ताओं ने बताया, गांजे के सेवन से घटता है वजन

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एक नए शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि जो लोग गांजे का सेवन करते हैं, उनका वजन उन लोगों की तुलना में धीरे-धीरे बढ़ता है जो इनका उपयोग नहीं करते हैं।

इस शोध के लिए 33 हजार लोगों पर परीक्षण किया गया, जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक थी। शोधकर्ताओं ने इसके लिए शोध में शामिल हुए लोगों के बॉडी मास इंडेक्स पर बारीकी से नजर रखी।

तीन साल की अवधि में सभी प्रतिभागियों के वजन में वृद्धि हुई। हैरान कर देने वाली बात तो यह थी कि इनमें से जिन लोगों ने गांजे का सेवन किया। उनके वजन में अन्य लोगों की तुलना में बढ़ोतरी कम हुई। हालांकि इनमें कुछ ज्यादा अंतर नहीं था।

शोध की जब शुरुआत की गई तब 200 पाउंड वजन वाले एक 5 फीट 7 इंच के प्रतिभागी में केवल 2 पाउंड का ही अंतर दिखा।

अलशारावे नामक एक शोधकर्ता का इस बारे में कहना है, ‘2 पाउंड बहुत कम है, लेकिन जब 30 हजार लोगों में ऐसा होते दिखा तो इससे हम एक निष्कर्ष पर पहुंचे।’

शोधकर्ता ने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि वजन घटाने या उसे संतुलित रखने के लिए गांजे को डायट में शामिल नहीं करना चाहिए।