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बंगाल में बवाल के बाद तनाव, कोलकाता के बाद अब संदेशखाली में पुलिस-सेंट्रल फोर्स पर फायरिंग…

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बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद से राज्य में कई जगह हिंसा की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. संदेशखाली में राजनीतिक तनाव भड़क गया. उपद्रवियों ने सेंट्रल फोर्स-पुलिस पर गोलीबारी की.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है. कई जगहों से हिंसा, झड़प और तोड़फोड़ की खबरें सामने आ रही हैं. मंगलवार (5 मई) को संदेशखाली के बामनघेरी क्षेत्र में राजनीतिक तनाव भड़क गया. उपद्रवियों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पुलिस पर गोलीबारी की. फायरिंग में तीन सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं.

संदेशखाली में सरबेरिया-अगरती ग्राम पंचायत के बामनघेरी क्षेत्र (वार्ड संख्या 14) में राजनीतिक तनाव भड़क उठा. मंगलवार देर रात जब केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पुलिस का एक दल इलाके में गश्त करने गया था, इसी दौरान उपद्रवियों ने कथित तौर पर उन पर गोलीबारी की. फायरिंग की घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है.

कई इलाकों से हिंसा की घटनाएं आईं सामने

इससे पहले मंगलवार को कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में बीजेपी के एक कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि इस घटना में टीएमसी समर्थकों का हाथ है. इस हत्या के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा.

न्यूटाउन ही नहीं, राज्य के कई और इलाकों से भी हिंसा की खबरें आई हैं. हावड़ा के जगतबल्लभपुर में टीएमसी के दफ्तर में आग लगा दी गई, जबकि कोलकाता के हॉग मार्केट इलाके में भी जमकर बवाल हुआ. वहीं, जलपाईगुड़ी, साउथ 24 परगना और आसनसोल जैसे इलाकों में भी टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं.

हिंसा की घटनाओं को लेकर EC सख्त

हिंसा की घटनाओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने साफ निर्देश दिया है कि जो भी लोग हिंसा भड़काने या तोड़फोड़ में शामिल हैं, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए. CEC ने राज्य के बड़े अधिकारियों जैसे मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख महानिदेशकों (डीजी) को अलर्ट रहने को कहा है. साथ ही सभी जिलों के डीएम, एसपी और पुलिस अधिकारियों को लगातार गश्त करने का आदेश दिया गया है ताकि हालात काबू में रहें.

चुनाव आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि चुनाव के बाद किसी भी तरह की हिंसा को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हिंसा भड़काने और तोड़फोड़ करने वाले तुरंत गिरफ्तार होंगे.