Kerala Assembly Election 2026: केरल विधानसभा चुनाव के परिणामों की तस्वीर साफ हो गई है. राज्य में कांग्रेस ने धमाकेदार वापसी की है. कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा यानी यूडीएफ ने ऐतिहासिक वापसी करते भारी जनादेश हासिल किया है. यूडीएफ की 102 सीटों पर जीत के साथ यह परिणाम केरल के चुनावी इतिहास में सबसे प्रभावशाली वापसी में से एक माना जा रहा है, जिसने माकपा-नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश को निर्णायक रूप से रोक दिया.
सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि कांग्रेस से निकले दो अन्य ईसाई बहुल क्षेत्रीय दलों ने भी इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है. ये दो दल हैं केरला कांग्रेस और केरला कांग्रेस (जैकब). केरल कांग्रेस और केरल कांग्रेस (जैकब) ने अपने पारंपरिक किलों को न केवल सुरक्षित रखा है, बल्कि भारी अंतर से जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक जमीन और मजबूत कर ली है.
सबसे पहले बात केरला कांग्रेस (जैकब) की
केरल कांग्रेस (जैकब) के दिग्गज नेता अनूप जैकब ने पिरवम सीट पर एक बार फिर अपना परचम लहराया है. उन्होंने 44 हजार 681 वोटों के विशाल अंतर से जीत दर्ज की, जो इस क्षेत्र में उनकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है. अनूप को कुल 89 हजार 551 वोट मिले और उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों को रेस से पूरी तरह बाहर कर दिया.
केरल कांग्रेस ने जीतीं 7 सीटें
केरल कांग्रेस के अन्य गुटों ने भी मध्य केरल और रबर बेल्ट कहे जाने वाले इलाकों में शानदार प्रदर्शन किया है. पार्टी ने इस चुनाव में सात सीटें अपने नाम की हैं.
थोडुपुझा में अपु जॉन जोसेफ ने 44 हजार 291 के भारी अंतर से जीत हासिल कर अपनी ताकत दिखाई. इन्हें 84 हजार 796 वोट मिले.
कडुथुरुथी में अनुभवी नेता मॉन्स जोसेफ ने 31 हजार 300 वोटों के अंतर से अपनी सीट बचाए रखी. इन्हें 70 हजार 353 वोट मिले.
इरिंजालकुडा में एडवोकेट थॉमस उन्नीयादन ने 10 हजार 212 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जबकि कुट्टनाड में रेजी चेरियन ने 20 हजार 600 वोटों के अंतर से शानदार जीत हासिल की है.
कोठामंगलम, चंगनाचेरी और तिरुवल्ला जैसी सीटों पर भी पार्टी ने महत्वपूर्ण जीत हासिल की है. विशेषज्ञों का मानना है कि ईसाइयों और किसान मतदाताओं के बीच यूडीएफ के प्रति बढ़ते भरोसे ने इन उम्मीदवारों की राह आसान कर दी. यह नतीजे न केवल केरल कांग्रेस के गुटों के लिए संजीवनी हैं, बल्कि आगामी सरकार निर्माण में उनकी भूमिका को भी निर्णायक बना रहे हैं.



