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अब पैरेंट्स को बच्चों की भारी-भरकम फीस देने से मिल सकती है राहत, बनेगा फीस नियामक बोर्ड

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स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने की तैयारी में हैंशिक्षा मंत्री का कहना है कि इसके लिए जल्द ही एक फीस नियमक बोर्ड बनाया जाएगा   

निजी स्कूलों में फीस की बेतहाशा वृद्धि से परेशान पैरेंट्स की समस्या कम करने के लिए प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम एक बोर्ड का गठन करने जा रहे हैं। फीस नियामक बोर्ड निजी स्कूलों की फीस के साथ ही पुस्तक, कॉपी और ड्रेस को लेकर भी फैसले लेगा। 
राजधानी के प्रेस क्लब में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम प्रेस से मिलिए में मंत्री टेकाम ने पत्रकारों के सवाल पर बोर्ड गठन करने की बात कही। टेकाम ने स्कूल शिक्षा विभाग के कामकाज का ब्यौरा भी दिया।

पीएम मोदी की शपथ में नहीं जाएंगे सीएम बघेल, बोले- बाद में मिलने पीएमओ से मांगा है समय

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नरेन्द्र मोदी आज दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस दौरान देश के लगभग सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी पीएमओ का आमंत्रण पत्र मिल गया है। लेकिन बघेल शामिल नहीं होंगे।

बीजेपी के सभी दिग्गज शामिल होंगे
इस समारोह में शामिल होने प्रदेश भाजपा के सभी दिग्गज नेताओं की दिल्ली पहुंचने लगे है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, प्रेमप्रकाश पांडे और महासमुंद सांसद चुन्नीलाल साहू बुधवार रात दिल्ली चले गए। वहीं पूर्व सीएम रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक कल सुबह जाएंगे। जबकि प्रदेश के सभी सांसदों को आमंत्रण पत्र मिला हैं।


सीजी से कौन होगा मंत्री संकेत नहीं
इस बीच मोदी कैबिनेट में छत्तीसगढ़ से कौन शामिल होगा इसे लेकर फिलहाल किसी भी सांसद को कोई संकेत नहीं हैं। अनुभवी सांसदों को मौका मिलता है तो सरोज पांडे या रामविचार नेताम और नए सांसद में किसी लिया जाता है तो सीएम भूपेश के गढ़ से जीते विजय बघेल का नाम चर्चा में है। बघेल ने कहा कि उन्होंने पीएमओ से समय मांगा है वे पीएम मोदी से अलग से मिलकर उन्हें बधाई देंगे। मीडिया से बातचीत करते हुए बघेल ने कहा कि वे गुरूवार को बस्तर दौरे पर रहेंगे। उनका यह दौरा पूर्व निर्धारित है। इस कारण वे दिल्ली नहीं जा पाएंगे।

नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे मुलायम, अखिलेश पर सस्पेंस!

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16वीं लोकसभा के आखिरी सत्र के दौरान नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने की शुभकामना देने वाले समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव आज के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के शामिल पार्टी के होने पर अभी सस्पेंस बरक़रार है.

बता दें कि मंगलवार शाम को ही अखिलेश और मुलायम दिल्ली पहुंचे गए थे, जहां उन्होंने सपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, लेकिन गुरुवार (30 मई) को होने वाले उनके कार्यक्रम के बारे में अभी तक कोई जानकारी साझा नहीं की गई है. वरिष्ठ नेताओं की मानें तो अखिलेश और मुलायम दोनों को शपथ ग्रहण में शामिल होने का न्योता मिला है. मुलायम सिंह यादव शपथ ग्रहण समारोह में जाने के इच्छुक बताए जा रहे हैं. हालांकि, अखिलेश भी शपथ ग्रहण में मौजूद रह सकते हैं.

मायावती कर चुकी हैं इंकार

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि वह आजमगढ़ सीट से चुनकर लोकसभा पहुंचे हैं. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता से जब यह सवाल पूछा गया कि क्‍या अखिलेश शपथ ग्रहण समारोह में जाएंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘वर्ष 2014 में अखिलेश ने यूपी के मुख्यमंत्री के तौर पर मोदी के शपथ ग्रहण में उपस्थित हुए थे. इस बार नेताजी और अखिलेश दोनों ही सांसद हैं.’ बता दें कि उत्‍तर प्रदेश गठबंधन में सहयोगी बसपा सुप्रीमो मायावती ने नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने से पहले ही इंकार कर चुकी हैं.

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत जे बाद गुरुवार शाम को दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ करीब 5 दर्जन मंत्री भी शपथ लेंगे. मोदी कैबिनेट में सबसे ज्यादा जगह यूपी के सांसदों की हो सकती है. मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में करीब 8,000 लोगों के शामिल होने संभावना है.

छत्तीसगढ़ : बरसों का सपना हो रहा पूरा : कर्जमाफी और 2500 रुपए धान खरीदी से लौटी खुशियां : छोटे-छोटे सपने पूरे कर रहे ग्रामीण, कहा कृषि को मिली नई ऊर्जा

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ग्राम देवादा निवासी राजेंद्र साहू अपने खलिहान में बाउंड्री का कार्य महीनों से टालते जा रहे थे। कर्जमाफी जैसे ही हुई, उन्होंने यह कार्य पूरा कर लिया। प्रहलाद वर्मा हाइटेक खेती करना चाह रहे थे और ट्रैक्टर लेना चाह रहे थे, फिर भी इसके लिए आवश्यक पहल नहीं कर पा रहे थे। कर्जमाफी ने हिम्मत दी और अब उनके दरवाजे पर ट्रैक्टर खड़ा है। पोषण वर्मा ने बाइक ले ली है और अब पाटन तथा दुर्ग जाने के लिए उन्हें देर तक बस का इंतजार नहीं करना पड़ता। उनका कार्य सहज हो गया है। यह सारे कार्य कर्जमाफी और 2500 रुपए में धान खरीदी से हो पा रहे हैं। सरपंच श्री सुरेंद्र वर्मा बताते हैं कि गांव में किसानों को कर्जमाफी से काफी राहत मिली है। वे इस पैसे का उपयोग अब अपने खेतों को सुधारने में कर रहे हैं। खेती में लगातार पस्त होते हालात को देखते हुए इस बात की गुंजाइश बहुत कम रह गई थी कि किसान खेती में पैसे लगा सकें। अब किसान के पास पैसे आए हैं तो कोई भूमिसमतलीकरण का कार्य करा रहा है कोई ब्यारे में बाउंड्रीवाल करा रहा है तो कोई ट्रैक्टर खरीद रहा है। श्री वर्मा ने बताया कि सभी किसानों के घर में जिन्हें कर्जमाफी का लाभ मिला है कुछ न कुछ खरीदी हुई है। इससे बाजार को भी लाभ पहुंचा है। व्यापारी वर्ग भी काफी खुश है। खेती-किसानी के बेकार हालात से उनका व्यापार भी उठ नहीं पा रहा था लेकिन कर्जमाफी और 2500 रुपए धान खरीदी ने उन्हें बड़ा सहारा दिया। कोटवार राकेश दास ने बताया कि उनकी मां का 29 हजार रुपए माफ हुआ। इससे उन्होंने जर्जर पड़े मकान की मरम्मत कराई। बारिश होने से पहले मकान ठीक हो गया, नहीं तो बारिश भर परेशानी झेलनी पड़ती। देवादा के किसानों ने बताया कि किसान जितनी मेहनत करते हैं उसकी तुलना में उन्हें मुनाफा नहीं मिल पाता। इसकी वजह से हर बार फसल लेने के बाद भी उनकी स्थिति वही की वही रहती है। राज्य शासन के 2500 रुपए धान खरीदी के निर्णय से इस स्थिति में बदलाव आएगा। किसान पूरे मनोयोग से खेती करेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही शासन की नरवा-गरूवा-घुरवा-बाड़ी योजना भी महत्वपूर्ण है। इससे खेती किसानी की तस्वीर बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चारागाह की बड़ी समस्या है। इस योजना के माध्यम से मवेशियों की समस्या भी दूर हो जाएगी और हमारे लिए मवेशियों की उपादेयता बढ़ जाएगी।  राकेश ने बताया कि जब उन्होंने लोगों को कर्जमाफी का प्रमाणपत्र सौंपा तो उनके आंखों में चमक थी। किसानों ने कहा कि यह उनके श्रम को मिला सम्मान है।

नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी : गौठानों में लगेंगे पीपल, बरगद, बेल, आम और नीम के वृक्ष : गौठानों में ग्रामीण खाद को केंचुआ खाद में करा सकेंगे रूपांतरित

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छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी गांव योजना के तहत जिले में नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी के संवर्धन के कार्य तेजी से जारी है। जिले में प्रथम चरण में 97 ग्राम पंचायतों में गौठान, चारागाह और बाड़ी का निर्माण किया जा रहा है। इन गौठानों में पीपल, बरगद, बेल, आम, कदम और नीम सहित विभिन्न छायादार और फलदार पौधों का रोपण भी किया जाएगा। इन गौठानों में बनाए जा रहे सी.पी.टी. में ग्रामीण अपने यहां की खाद को कंेचुआ खाद में भी रूपांतरित करा उसका उपयोग अपने खेतों में कर सकेंगे। इससे रासायनिक खाद के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान से मुक्ति मिलेगी वहीं गांव में ही जैविक अनाज और सब्जियां के उत्पादन के साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री के कृषि और ग्रामीण विकास मामलों के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आज यहां जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बैहार और  बनचरौदा में बनाए गए मॉडल गौठानों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। 
 
     श्री प्रदीप शर्मा ने बरसात के मौसम में पशुओं को परेशानी न हो इसे ध्यान में रखते हुए गौठानों में आवश्यक नाली, पैरा रखने की व्यवस्था, चारागाह निर्माण तथा वृक्षारोपण के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीण और समूह की महिलाओं चर्चा करते हुए गौठानों के व्यवस्थित संचालन और बाड़ी से उत्पन्न होने वाली सब्जियों, उनके प्रोसेसिंग, केंचुआ खाद निर्माण सहित विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्रदान की। 

       जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में जिले के 97 ग्राम पंचायतों में गौठानों का निर्माण चल रहा है। इसमें 21 ग्राम पंचायतों में मॉडल गौठान बनाए जा रहे है। गौठानों में पशुओं के पीने के पानी के लिए ट्यूबवेल और सोलरपंप लगाए जा रहे है। उनके बैठने के स्थान में पारंपरिक तरीके से घास-फूसयुक्त शेड का निर्माण किया जा रहा है। पशुओं की उपस्थिति के लिए चारागाहों की व्यवस्था की जा रही है। पशुओं के चारे के लिए ग्रामीण बड़े उत्साह से पैरा दान भी कर रहे है। गौबर खाद के लिए वर्मी बैड की व्यवस्था की गई है इसके साथ ही भू-नाडेप टांके भी बनाए जा रहे है। 

छत्तीसगढ़ : आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने हेतु दिशा निर्देश जारी

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आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ई.डब्ल्यू.एस.) के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए है। भारत सरकार के अंतर्गत लोक पदों एवं सेवाओं में तथा शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश में 10 प्रतिशत आरक्षण के संबंध में जारी किए गए दिशा-निर्देशों के तारतम्य में छत्तीसगढ़ में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आय एवं संपत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)/तहसीलदार को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

राज्य शासन द्वारा इस संबंध में जारी दिशा-निर्देश के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवेदक को ‘‘आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र‘‘ प्राप्त करने हेतु निर्धारित प्रारूप में आवेदन-पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवेदकों को आवेदन पत्र में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सक्षम प्राधिकारियों द्वारा आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो वर्तमान में आय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए प्रचलित है। प्रमाण पत्र जारी करने के पूर्व उद्घोषणा एवं दावा आपत्ति के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी।

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा तहसीलदारों द्वारा उनके क्षेत्राधिकार की सीमा के अंतर्गत ही उक्त प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। सक्षम प्राधिकारी द्वारा आवेदन अमान्य करने के विरूद्ध आवेदक द्वारा संबंधित जिला कलेक्टर के समक्ष प्रथम अपील तथा संभागीय आयुक्त के समक्ष द्वितीय अपील प्रस्तुत की जाएगी।

आवेदन के साथ प्रस्तुत साक्ष्यों एवं दस्तावेजों इत्यादि की समुचित जांच व परीक्षण जारीकर्ता अधिकारी द्वारा किए जाने एवं स्वयं संतुष्ट होने के उपरांत ही प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मिथ्या साक्ष्य एवं दस्तावेज के आधार पर प्रमाण पत्र जारी होने पर जारीकर्ता अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही उसी प्रकार की जाएगी जैसा कि मिथ्या जाति प्रमाण पत्र जारी होने पर सक्षम प्राधिकारी के विरूद्ध की जाती है।

आय एवं संपत्ति के संबंध में दिए गए निर्देशों के अनुसार ऐसे उम्मीदवार जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग एवं क्रीमीलेयर योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं और जिनकी पारिवारिक सकल वार्षिक आय आठ लाख रूपए से कम है, उनकी पहचान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के रूप में की जाएगी। आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र में आय आवेदन किए गए वर्ष से पहले के वित्तीय वर्ष में सभी स्त्रोतों अर्थात वेतन, कृषि व्यवसाय, पेशे एवं अन्य स्त्रोतों से हुई आय शामिल होगी। आवेदन पत्र में दी गई जानकारी एवं संलग्न दस्तावेजों का समुचित रूप से परीक्षण एवं सत्यापन कर आवेदन की प्राप्ति की तिथि से अधिकतम एक माह के भीतर प्रमाण पत्र जारी किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार के फैसलों से गणेश को मिली पुराने कर्जों से मुक्ति

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किसानों का जीवीकोपार्जन पूर्णतः खेती-किसानी पर निर्भर होता है। फसल उत्पादन वर्षा अर्थात् पानी की उपलब्धता पर निर्भर करता है, इसके अभाव में उत्पादन कम होने से कई कृषक कर्ज के बोझ से लद जाते है। ऐसे ही तिल्दा विकासखंड के ग्राम कुर्रा निवासी श्री गणेश पिछले कई वर्षों से कृषि कार्य के लिए जो ऋण लिया था, इस ऋण से उन्हें मुक्ति नहीं मिल पा रही थी। श्री गणेश अपने 12 एकड़ की खेती के लिए शासन द्वारा खरीफ वर्ष 2018-19 के लिए 2 लाख रूपए का ऋण लिया था। इसके पूर्व के खरीफ वर्षों के लिए बैंक में वह ऋणी था। वर्षा के अभाव तथा अन्य कारणों से पिछले दो तीन सालों में फसल उत्पादन सही नहीं होने से ऋण से मुक्त नहीं हो पा रहा था। वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की ऋण माफी और समर्थन मूल्य में वृद्धि के फैसले ने गणेश की सबसे बड़ी चिन्ता ऋण से मुक्ति दिलाने में सहायक हुई है।
    छत्तीसगढ़ सरकार के इन किसान हितैषी फैसलों से   गणेश को 2 लाख 3 हजार 904 रूपए की कर्जमाफी तथा समर्थन मूल्य में वृद्धि होने से 83 हजार 76 रूपए का लाभ हुआ। शासन द्वारा देय इन राशियों से न केवल गणेश को बैंक के अतिरिक्त अन्य पुराने कर्जों से मुक्ति मिली है बल्कि वह अपने परिवार के अन्य जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर सका। शासन के कर्जमाफी और समर्थन मूल्य की वृद्धि से प्रदेश के किसानों का जीवन खुशहाल हुआ है।

छत्तीसगढ़ : विश्व पर्यावरण दिवस पर पोस्टर व क्विज प्रतियोगिता का आयोजन

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विश्व पर्यावरण दिवस पर आगामी 5 जून को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत क्विज प्रतियोगिता, और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा संगोष्ठी का अयोजन भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं के साथ-साथ नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना है।
5 जून को नवीन विश्राम गृह में प्रातः 9ः30 बजे से विद्यालयीन व महाविद्यालयीन स्तर पर चार आयु वर्गों में पोस्टर प्रतियोगिता होगी। यह चार आयु वर्गों में होगी, जिसमें पृथक-पृथक पुरस्कार दिये जायेंगे। प्रथम आयु वर्ग में 9 वर्ष तक के बच्चे, द्वितीय आयु वर्ग में 10 से 14 वर्ष, तृतीय आयु वर्ग में 15 से 18 वर्ष तक के प्रतिभागी और चतुर्थ वर्ग में 19 से 22 वर्ष के प्रतिभागी भाग ले सकंेगे। इसके साथ ही महाविद्यालयीन स्तर पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण से संबंधित प्रश्न पूछे जायेंगे। क्विज प्रतियोगिता में दो-दो प्रतिभागियों का एक समूह होगा। अतः प्रतिभागियों को अपने सहभागी के साथ प्रतियोगिता में भाग लेना होगा।  
दोनों ही प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को अपनी संस्था का पहचान पत्र एवं आयु प्रमाण-पत्र की छायाप्रतियाँ साथ लानी हांेगी। दोनों ही प्रतियोगिता में पुरस्कार स्वरूप आकर्षक नगद पुरस्कार रखे गये हैं। विजेताआंे को संध्या 4 बजे से आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जायेगा। 
रजिस्टेªशन प्रतियोगिता स्थल पर भी कराया जा सकता है। निम्न नम्बरों पर भी वॉट्सएप एवं कॉल कर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है:- 9827936887, 8871545711 इसके अतिरिक्त फेसबुक पेज CECB Quiz Competition पर भी मैसेज कर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। इसके साथ ही विश्व पर्यावरण दिवस की थीम ’’करेंगे संग-वायु प्रदूषण से जंग’’ इस विषय पर संगोष्ठी भी होगी। मंडल ने इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में छात्र-छात्राओं को भाग लनेे की अपील है।    

छत्तीसगढ़ : जमराव पुरास्थल पर उत्खनन प्रारम्भ

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 दुर्ग जिला के पाटन तहसील अन्तर्गत ग्राम जमराव में खारुन नदी के बायें तट स्थित प्राचीन टीले पर खुदाई का कार्य प्रारंभ किया गया है। जमराव उत्खनन के निदेशक राहुल कुमार सिंह, उप संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्त्व और सह निदेशक डॉ. प्रताप चंद पारख, संग्रहाध्यक्ष, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय रायपुर हैं। संचालक श्री अनिल कुमार साहू और श्री अरुण कुमार शर्मा (पद्मश्री) ने उत्खनन गर्त में गैंती लगाकर कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सरपंच श्री जनक साहू, अन्य जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीण उपस्थित रहे। पाटन तहसीलदार श्री अनुभव शर्मा ने भी कार्य का निरीक्षण किया।

अभी बायीं ओर के छोटे टीले जिसका क्षेत्रफल लगभग 7600 वर्ग मीटर है, के दक्षिणी हिस्से में उत्खनन का विन्यास तैयार किया गया है। उक्त भूमि के स्वामी बिलासपुर निवासी श्रीमती ममता चतुर्वेदी हैं, जिन्होंने अपनी जमीन पर पुरातत्वीय उत्खनन के लिए विभाग को सहमति दे दी है।

इसके पूर्व वर्ष 2014-15 में संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग द्वारा जमराव के टीलों का विस्तृत अन्वेषण कराया गया था, जिससे कुषाण कालीन सिक्के, मनके, मृण्मय मूर्तियां और मिट्टी के ठीकरे मिले थे। इन पुरावशेषों के आधार पर स्थल की प्राचीनता लगभग 2000 साल होना अनुमानित है। इस उत्खनन का मुख्य उद्देश्य स्थल की प्राचीनता और विभिन्न कालों के बसाहट का सांस्कृतिक क्रम ज्ञात करना है। आशा है कि इसके फलस्वरूप छत्तीसगढ़ एवं इस अंचल के इतिहास पर नया प्रकाश पड़ेगा और रोचक तथ्य उद्घाटित होंगे।   

पीएम नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगे सीएम भूपेश बघेल

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देश के प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली नहीं जाएंगे. 30 मई को आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान सीएम बघेल बस्तर में अलग अलग बैठकों और कार्यक्रमों शामिल होंगे. इसमें बस्तर टाइगर महेन्द्र कर्मा की प्रतिमा का अनावरण व बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में प्रमुख रूप से शामिल होंगे. इसके अलावा बस्तर में अन्य कार्यक्रम भी आयोजित है.

मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि वो पीएम के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में दिल्ली नहीं जाएंगे. वे इस दिन बस्तर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. सीएम बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देता हूं, लेकिन कार्यक्रम में शामिल होने मैं नहीं जा रहा हूं.

बता दें कि देश की राजधानी में 30 मई को शाम सात बजे पीएम पद का शपथ ग्रहण होना है. इस कार्यक्रम में देश व विदेश की तमाम हस्तियां शामिल हो रही हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी सहित कई कांग्रेस नेता भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे.