राजधानी रायपुर में गर्मी का पारा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है और गर्मी का आलम यह है कि सड़क के किनारे लगे पेड़ सुखने लगे है. राजधानी और आस-पास के जिलों में अधिकतम पारा 44 डिग्री पहुंच गया है. मौसम विभाग के मुताबिक दो से तीन जगहों पर तेज हवाएं भी चल सकती है.
लोकसभा चुनाव में हार के बाद बुधवार को जयपुर में आयोजित राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की पहली बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का इस्तीफा अस्वीकार करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया. इस बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे भी मौजूद रहे. पूर्व में इस बैठक में चुनाव में हार पर मंथन और हार पर समीक्षा के लिए कमेटी के गठन को लेकर अटकलें लगाई जा रही थी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. बैठक में हार पर कोई बात नहीं हुई.
इस्तीफे को अस्वीकार करने का प्रस्ताव पारित
मुख्य सचेतक महेश जोशी बैठक के बाद जानकारी दी कि कार्यकारिणी की बैठक राहुल गांधी के इस्तीफे को अस्वीकार करने के प्रस्ताव को पारित करने के लिए बुलाई गई थी. बैठक में यह प्रस्ताव पारित कर दिया गया है. इस बैठक को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि इस में हार पर मंथन होगा, पार्टी के नेताओं के बयानों पर भी शीर्ष नेतृत्व की ओर सफाई दी जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
बैठक के दौरान जमकर हुई नारेबाजी
राजस्थान में लोकसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की पहली बैठक में वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान राहुल गांधी के नाम पर जमकर नारेबाजी हुई. प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) मुख्यालय के बाहर राहुल गांधी के समर्थन में नारेबाजी काफी देर तक जारी रही.. कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी को अध्यक्ष पद पर बने रहने की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे.
15 लाख भारतीयों का हुजूम नई दिल्ली की सड़कों पर लाइन लगाए खड़ा था. ये लोग जवाहरलाल नेहरू को आखिरी बार देखने और नमन करने के लिए आए थे. नेहरू 17 साल पहले आजाद हुए इस देश के प्रधानमंत्री थे.
एक खुले वाहन पर नेहरू का पार्थिव शरीर रखा हुआ था ताकि छह मील की अंतिम यात्रा के रास्ते में लोग अपने प्रिय नेता के दर्शन कर सकें. इस पूरे रास्ते की सुरक्षा का भार भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना पर था, जिन्होंने यमुना नदी के किनारे के राजघाट में उस स्थल तक सुरक्षा की बागडोर संभाली हुई थी, जहां नेहरू का अंतिम संस्कार होना था. 74 वर्षीय प्रधानमंत्री का निधन दो दिन पहले हार्ट अटैक से हुआ. हालांकि जनवरी में उन्हें स्ट्रोक पड़ा था, जिससे वो उबर नहीं पाए. डॉक्टरों की हिदायत के बावजूद उन्होंने खुद को बिजी शेड्यूल में झोंक दिया था.
सफेट कॉटन की जैकेट में लगा था लाल गुलाब लोगों की भीड़ पूरे रास्ते भर इकट्ठा थी. कई बार उन्हें वाहन के करीब आने से रोकना पड़ रहा था. गन कैरेज वाहन पर रखा नेहरू का खुला चेहरा नजर आ रहा था. शरीर फूलों से ढंका था. उनके शरीर पर ऊंचे कॉलर की सफेट कॉटन जैकेट थी, जिसके बटनहोल में लाल गुलाब लगा था. नेहरू रोज अपनी जैकेट में गुलाब लगाते थे. भारतीय तिरंगा उनके शरीर के निचले हिस्से में लिपटा हुआ था.
देश-विदेश के गणमान्य अतिथि इस अंतिम यात्रा में हिस्सा लेने के लिए देश-विदेश के गणमान्य अतिथि भी आए हुए थे, जिनकी कारें गन कैरेज के पीछे चल रही थीं, जिन्हें बाद में अलग रास्ते से निकाला गया. बढ़ती भीड़ के बीच अंतिम यात्रा धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी. ये उस भवन के सामने से निकली, जो भारत के राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन का आवास है, जो कभी ब्रिटिश वायसराय का घर था. ये लाल रंग के पत्थर का खास भवन है, जिसे ब्रितानियों ने बनवाया था.
नेहरू का पार्थिव शरीर (फाइल फोटो)
अंतिम यात्रा जिस रास्ते से गुजर रही है, वहां हर ओर ब्रितानी राज में बने भवन नजर आ रहे थे. गन कैरेज राजपथ की ओर बढ़ी, जिसे नई दिल्ली में भारत सरकार की धुरी माना जाता है. यहां से यात्रा उस इंडिया गेट की ओर पहुंची, जिसे जार्ज पंचम के सम्मान में बनवाया गया था. इसी के बगल में किंग की मूर्ति भी खड़ी है, जिसे नेहरू ने बरकरार रखा. वो मानते थे कि ये भी भारतीय इतिहास का बड़ा हिस्सा है.
भीड़ उदास थी लेकिन मायूस नहीं बेशक भीड़ उदास थी, उसकी आंखें नम थीं लेकिन उसमें वो मायूसी नहीं नजर आ रही थी, जो 1948 में मोहनदास कर्मचंद गांधी के अंतिम संस्कार के समय थी. लोग शायद जानते थे कि नेहरू जनवरी से ही गंभीर तौर पर बीमार हैं.
ये कहा जा सकता है कि नेहरू का निधन स्वाभाविक वजहों से हुआ जबकि गांधी की हत्या की गई. जब गांधी की हत्या हुई तब देश का भविष्य अनिश्चित लग रहा था. तब भारत आजाद ही हुआ था. आज, बेशक राजनीतिक हालात जटिल हों, समस्याएं मुश्किल हों, तनाव भरपूर हों लेकिन भारत अपने पैरों पर खड़ा हो चुका है, 17 सालों से यहां स्वशासित सरकार है, अगर लोकप्रिय नजरिए से देखें तो ये देश अब स्थायित्व पा चुका है.
जनता के अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया नेहरू का पार्थिव शरीर (फाइल फोटो)
कहीं-कहीं भीड़ अराजक हुई इसलिए शोकाकुल लोग गांधी की मृत्यु के समय डरे हुए थे, जबकि आज जब वो 74 वर्ष के नेहरू को अलविदा कह रहे हैं, तो उन्हें मालूम है कि इस शख्स ने लंबे समय तक इस तरह देश को चलाया है कि वो इसे लंबे समय तक याद करेंगे. हालांकि इस अंतिम यात्रा में कहीं-कहीं भीड़ अराजक भी होती दिखी. प्रधानमंत्री आवास के करीब पुलिस लाइंस और कई जगहों पर भगदड़ के दौरान चार लोग मारे गए. कई लोग घायल हो गए. उनके लिए अस्पताल में खासतौर पर स्पेशल वार्ड बनाया गया है.
अमेरिका के विदेश मंत्री विशेष विमान से आए अमेरिका के विदेश मंत्री डीन रस्क दोपहर दो बजे स्पेशल विमान से इस अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने पहुंचे, उनके साथ भारतीय रक्षा मंत्री वाई बी चव्हाण भी लौटे. चव्हाण अमेरिका से हथियारों की मदद की बातचीत के लिए वाशिंगटन गए थे.
पालम एयरपोर्ट से भारतीय वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर अंतिम संस्कार स्थल पर उन्हें ले जाने के लिए रवाना हुआ. सड़कों पर भीड़ जिस तरह बेतहाशा इकट्ठा है, ऐसे में उनका कार से अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंच पाना असंभव था. रस्क के साथ अमेरिका के कई और मंत्री व अधिकारी भी आए हैं. रस्क अपने साथ अमेरिका में भारत के राजदूत बीके नेहरू को भी लेकर आए हैं. फ्रांस के प्रतिनिधि लुई जोक्स रस्क के पहुंचने के थोड़ी ही देर बाद पालम पर उतरे लेकिन वो अंतिम संस्कार स्थल पर देर से पहुंच सके, क्योंकि वो वाहन से आए थे.
जवाहरलाल नेहरू अपने नाती राजीव गांधी के साथ (फाइल फोटो)
माउंटबेटन खासतौर पर आए एयरपोर्ट पर रस्क ने कहा, ‘राष्ट्रपति जॉनसन ने मुझसे कहा कि भारतीय लोगों के प्रति वो गहरा दुख और संवेदना जता रहे हैं, क्योंकि भारत एक अपूरणीय क्षति से गुजर रहा है. नेहरू हमारे समय के महान ऐतिहासिक शख्सियत थे. महान भावना वाले महान शख्स. वो देश की आजादी के लिए लड़े और फिर एक देश को खड़ा किया. हम सभी उनके निधन से दुखी हैं और इस कठिन घड़ी में आपके साथ हैं. इस मौके पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर एलेक डगलस और पूर्व वायसराय अर्ल माउंटबेटन खासतौर पर मौजूद थे. लार्ड माउंटबेटन भारत में ब्रिटेन के आखिरी वायसराय और आजाद भारत के पहले गर्वनर जनरल थे. वो नेहरू के करीबी मित्र भी थे. उन्होंने कहा, “मैं अपने जीवन के सबसे शानदार महान दोस्त के अंतिम संस्कार में शामिल होने आया हूं.” सोवियत संघ से उपराष्ट्रपति एएन कोसीगिन और पाकिस्तान के विदेश मंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो भी विदेशी अतिथियों में शामिल थे.
हिंदू रीतिरिवाजों से अंतिम संस्कार अंतिम यात्रा नेहरू के आवास से दोपहर एक बजे शुरू हुई और अंतिम संस्कार स्थल तक छह मील की दूरी तीन घंटे में तय की. जब शवयात्रा राजघाट पर पहुंची तो वहां एक लाख भारतीय मौजूद थे. हालांकि पुलिस को उन्हें पीछे करने में बहुत मेहनत करनी पड़ रही थी. सेना ने उनके पार्थिव शरीर से तिरंगे को उतारा और बॉडी को दाहसंस्कार के लिए बनाई गई चिता पर रख दिया. नेहरू के परिवारजनों, राजनीतिक और सरकार के करीबी सहयोगियों ने चिता पर लकड़ियां सजाईं. चिता चंदन की लकड़ियों से बनाई गई. दाहसंस्कार के लिए घी का इस्तेमाल किया गया. सफेद वस्त्र पहने चार ब्राह्मणों ने हिंदू रीतिरिवाजों से मंत्रोच्चारण और संस्कृत श्लोकों के बीच उनके अंतिम संस्कार को पूरा किया.
उदास खड़ी थीं इंदिरा नेहरू की इकलौती पुत्री इंदिरा नीली बॉर्डर वाली सफेद साड़ी में उदास खड़ी थीं, जिसे उनकी बुआ कृष्णा हठीसिंह सहारा दे रही थीं. वो चिता में अग्नि प्रज्जवलित होने के साथ फफक उठीं. नेहरू की दूसरी बहन विजयलक्ष्मी पंड़ित भी वहां मौजूद थीं. इस मौके पर शेख अब्दुल्ला भी अपने दोस्त को आखिरी विदा देने आए थे, हालांकि वो दस साल जेल में रहे. पिछले महीने ही उन्हें रिहा किया गया था. नेहरू को मुखाग्नि 17 साल के उनके नाती संजय गांधी ने दी. इस मौके पर उन्हें राइफल्स से सलामी दी गई. सारा राजघाट इलाका नेहरू अमर रहे नारों से गूंज रहा था.
पाकिस्तान में गुरुनानक महल के कुछ हिस्सों को तोड़े जाने का पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस पूरे मामले पर दुख जताते हुए एक ट्वीट कर कहा कि मैं पाकिस्तान में गुरु नानक महल पर हुए हमले की निंदा करता हूं। मैं पीएम नरेंद्र मोदी से अनुरोध करता हूं कि वह पाकिस्तान सरकार से इस पूरे मामले की सख्ती से जांच कराएं। अगर हमें अनुमति दी जाए तो पंजाब सरकार गुरुनानक महल की मरम्मत का काम कराना चाहेगी। अमरिंदर सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर पीएम को पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यह घटना उस वक्त हुई जब भारत समेत पूरे विश्व में गुरुनानक देव की 550वां जंयती मनाने की तैयारी कर रहा है। गौरतलब है कि इस पूरे मामले में पीएम मोदी के हस्तक्षेप की मांग करने वाले कैंप्टन अमरिंदर सिंह अकेले नेता नहीं हैं। इससे पहले एनडीए सरकार में मंत्री रही हरसिमरत कौर ने भी इस पूरे मामले पर पीएम मोदी को हस्तक्षेप करने कहा था। बता दें कि कुछ उपद्रवियों ने इस प्राचीन महल को आंशिक तौर पर तोड़ दिया था और इस महल की कीमती खिड़कियों और दरवाजों को बेच डाला था। हरसिमरत ने अपनी अपील में कहा था कि इस घटना से सिख समुदाय क्षुब्ध है और इस करतूत की निंदा में वह अपने समुदाय के साथ हैं।
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 से पहले इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से नाराज हो गया है. खबरों के मुताबिक आईसीसी ने बीसीसीआई को खत लिख कहा है कि भारतीय क्रिकेट टीम मैनेजमेंट मीडिया प्रोटोकॉल फॉलो नहीं कर रहा है. आईसीसी नाराज है कि भारतीय खिलाड़ी मैच पूरा होने के बाद मीडिया जोन में नहीं आ रहे हैं. जबकि दूसरी टीम के खिलाड़ी इस इवेंट में पहुंचते रहते हैं.
इसलिए नाराज हुआ आईसीसी
आईसीसी के नए मीडिया प्रोटोकॉल के मुताबिक हर टीम को अपने सभी खिलाड़ियों को मीडिया से बातचीत करने के लिए भेजना होगा. इस करार पर हर क्रिकेट बोर्ड ने दस्तखत भी किए हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम इस नियम को नहीं मान रही है. अगर कोई टीम अपने 3-4 खिलाड़ियों को ही भेजती है तो आईसीसी उसपर भी तैयार है लेकिन भारतीय टीम इस नियम के आधार पर नहीं चल रही है. मुंबई मिरर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वॉर्मअप मैच के बाद भारतीय टीम के खिलाड़ी मीडिया से बातचीत के लिए नहीं पहुंचे. जबकि न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने मीडिया से बातचीत की.
आईसीसी के इवेंट हेड क्रिस टिट्ले ने टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री के सामने भी ये मुद्दा उठाया. इसके बाद टीम इंडिया ने बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले के बाद अपने खिलाड़ियों को मीडिया इवेंट में भेजा. आईसीसी को चिंता है कि टीम इंडिया अगर इसी तरह मीडिया इवेंट्स में नहीं आई तो दूसरी टीम के खिलाड़ी भी ऐसा कर सकते हैं.
वर्ल्ड कप शेड्यूल वर्ल्ड कप का पहला मैच 30 मई को मेजबान इंग्लैंड बनाम साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाएगा. आपको बता दें कि इस बार वर्ल्ड कप राउंड रोबिन फॉर्मेट में खेला जाएगा. जिसमें सभी टीमों को लीग में एक दूसरे के खिलाफ खेलना पड़ेगा. इसमें जो भी टीम लीग में टॉप चार में रहेंगी वह सेमीफाइनल आपको बता दें की टीम इंडिया अपना पहला मैच 5 जून को खेलेगी.
30 मई से शुरू होने वाले वर्ल्ड कप का आखिरी लीग मैच 6 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया बनाम साउथ अफ्रीका खेला जाएगा. इसके बाद 9 और 11 जुलाई तो दोनों सेमीफाइनल खेले जाएंगे. वहीं 14 जुलाई को वर्ल्ड कप फाइनल खेला जाएगा.
अनपढ़ लोगों को अब ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दिया जाएगा. राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने ये निर्देश दिया हैं. कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक अनपढ़ लोग समाज के लिए खतरा बन सकते हैं, क्योंकि वे लोग सड़क के किनारे लगे साइन बोर्ड नहीं पढ़ सकते हैं और न ही वार्निंग सिग्नल को समझ सकते हैं. इससे सबसे ज्यादा नुकसान सड़क पर चल रहे पैदल यात्रियों को उठाना पड़ता है. कोर्ट ने ट्रासंपोर्ट अथॉरिटी को निर्देश दिया कि वो मामले के लिए एक गाइडलाइन तय करें और पढ़ने और लिखने में सक्षम व्यक्ति को ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करें. कोर्ट ने दीपक सिंह की ओर से दाखिल याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अनपढ़ लोगों को भी हेवी मोटर व्हीकल (HMV) लाइसेंस जारी करने की मांग की गई थी.
कोर्ट की नजर में मोटर व्हीकल रुल केवल व्यक्ति विशेष के फायदे के लिए नहीं बनाया गए हैं बल्कि पब्लिकि के लिए भी है, जो रोड पर निकलते हैं. ऐसे में ऐसे व्यक्ति को लाइसेंस नहीं जारी किया जा सकता है, जो अनपढ़ हो. कोर्ट ने कहा कि अनपढ़ व्यक्ति मानव सुरक्षा के लिए रोड पर लगाए गए सेफ्टी बोर्ड के नहीं पढ़ सकता है.
कॉमर्शियल व्हीकल के लिए भी इतना पढ़ा-लिखा होना जरूरी
हालांकि केंद्र सरकार के अधिकारियों ने बताया कि मोटर व्हीकल रुल में नॉन कॉमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस के लिए न्यूनतम योग्यता का कोई प्रावधान नहीं है. कोई भी व्यक्ति टेस्ट पास करके ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर सकता है, जिसे ट्रैफिक साइन और अन्य रोड सेफ्टी के मानक के बारे में पता है. हालांकि कॉमर्शियल व्हीकल चलाने के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 8वीं पास करना जरूरी होता है.
नौतपा के चौथे दिन मंगलवार को सुबह और दोपहर तक लोग जहां गर्मी से बेहाल रहे, वहीं शाम होते-होते मौसम का मिजाज ही बदल गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पूर्व मध्यप्रदेश में 2.1 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती घेरा बनने से छत्तीसगढ़ के मौसम में बदलाव हुआ है। इसकी वजह से प्रदेश के कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली और बारिश भी हुई। रायपुर में बुधवार को भी बारिश होने और बादल छाये रहने की संभावना है।
लू, बारिश और आंधी तीनों की संभावना
मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के एक या दो स्थानों पर फिलहाल लू चलने की अति संभावना जताई है। एक या दो स्थानों पर तेज हवा चल सकती है। प्रदेश के कुछ स्थानों पर एक हल्की बारिश या अंधड़ चलने की अति संभावना है। रायपुर में अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक है।
हल्की बारिश हुई
प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। माना एयरपोर्ट में शाम को 1.9 मिमी बारिश हुई। बिलासपुर में 0.6 मिमी, अंबिकापुर में 1.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। प्रदेश के लगभग सभी संभागों में अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। रायपुर, दुर्ग, सरगुजा संभाग में सामान्य से अधिक तथा शेष संभागों में तापमान सामान्य रहा। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकार्ड किया गया।
राजधानी के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, सरकारी कार्यालयों, स्कूल और कॉलेजों के परिसर में धूम्रपान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कलेक्टर डॉ. बसवराजू एस. और रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप जुनेजा की उपस्थिति में मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला तम्बाकू नियंत्रण समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई।
कलेक्टर ने कोटपा एक्ट के तहत की जा रही कार्यवाही एवं जनजागरूकता अभियान की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
जानलेवा बीमारियों की संभावना
कलेक्टर ने कहा कि तम्बाकू के सेवन से जानलेवा बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। इसको रोकने के लिए सरकार अनेक गतिविधियां संचालित कर रही है। तम्बाकू से होने वाली जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए लोगों को जागरूक करने जिला स्तर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
सार्वजनिक स्थानों, सरकारी कार्यालयों, स्कूल एवं महाविद्यालयों के परिसर में धूम्रपान करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे स्थानों पर नियमित रूप से निरीक्षण कर धूम्रपान करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाये। कलेक्टर ने कहा कि छापामार दल यह ध्यान रखे कि तम्बाकू बिक्री के स्थान पर नाबालिगों को तम्बाकू पदार्थ बेचना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इससे संबंधित बोर्ड लगाना कोटपा एक्ट के तहत अनिवार्य है। इसके उल्लंघन पर संबंधितों के खिलाफ जुर्माना किया जाये।
सार्वजनिक स्थानों पर लगेंगे बोर्ड
कलेक्टर ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों के प्रवेश द्वार एवं सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान निषेध क्षेत्र का बोर्ड लगाना सुनिश्चित करें। शैक्षणिक संस्थान के मुख्य प्रवेश द्वार पर धूम्रपान रहित क्षेत्र का बोर्ड लगाने के साथ-साथ शिक्षण संस्थान के सौ-गज के दायरे में तम्बाकू पदार्थ बेचना दंडनीय अपराध है।
शासकीय एवं निजी स्कूलों में बच्चों को तम्बाकू के नशे से संबंधित जागरूकता के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की जाये। इसी तरह शासकीय कार्यालयों के प्रमुख पदाधिकारी ध्यान रखें कि परिसर में कोई धूम्रपान, गुटखा व तम्बाकू का सेवन न करें।
ऐसा करते पाये जाने पर प्रभारी अधिकारी द्वारा संबंधित व्यक्ति पर दंडात्मक कार्यवाही करते हुए जुर्माना लगाया जाये। स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाए जाने वाले वाहनों के माध्यम से धूम्रपान के दुष्प्रभाव के बारे में लोगों को जागरूक किया जाये। शहर के प्रमुख उद्यानों में धूम्रपान रहित क्षेत्र का साइन बोर्ड लगाया जाए।
आबकारी विभाग ने रायपुर में शराब बेचने के समय में बदलाव किया है। अब पहले की तुलना में दो घंटे अधिक शराब की बिक्री होगी। अब तक दोपहर 12 बजे से रात नौ बजे तक शराब दुकानें चल रही थीं, लेकिन अब सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक खुली रखने का निर्देश जारी किया गया है। बता दें कि प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग लगातार चल रही है। ऐसे में आबकारी विभाग की इस नीति से सवाल खड़े हो गए हैं।
इसलिए बढ़ाया समय-
बताया रहा है कि रायपुर में शराब दुकानों में राजस्व का टारगेट पूरा करने के लिए और शराब प्रेमियों की लगातार मांग के आधार पर न सिर्फ शराब बेचने का समय बदला गया है, बल्कि कई जगहों पर सेल्स काउंटरों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। कुछ नई जगहों पर भी शराब दुकान खोलने की तैयारी की जा रही है।