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छत्तीसगढ़ : नक्शा, खसरा, बी-वन मिलना अब हुआ आसान, लोक सेवा गारंटी योजना से खुश है किसान : लोक सेवा गारंटी अधिनियम से महज आधे घंटे में मिला खसरा, नक्शा, बी-वन

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शोभित राम जैसे किसानों के लिए वो कठिन दिन थे, जब उसके जैसे किसानों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने और जरूरी प्रमाण पत्र के लिए पटवारी से लेकर तहसील तक का चक्कर काटना पड़ता था। इसके बावजूद भी उनका कार्य हो जाए, यह निश्चित नहीं था। अब समय बदल गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम को न सिर्फ कड़ाई से लागू कराना सुनिश्चित किया है, बल्कि समय-सीमा के भीतर इस अधिनियम अन्तर्गत उपलब्ध सेवाओं का लाभ आवेदनकर्ताओं को मिल सके, इस दिशा में भी अधिकारियों को निर्देशित किया है।

इसी पहल का परिणाम है कि कोरबा जिले के लोक सेवा केंद्र में आवेदन करने के बाद महज आधे घंटे के भीतर शहर से 60 किलोमीटर दूर चिर्रा गांव से आये किसान शोभित राम, बुधवारो बाई को नक्शा, खसरा, बी-वन, बी-टू जैसे आवश्यक दस्तावेज बहुत ही कम शुल्क में आसानी से मिल गया। कोरबा विकासखण्ड अन्तर्गत ग्राम चिर्रा का आश्रित ग्राम पतरापाली की बुधवारो बाई एवं पति धनेश राम तथा बुधवारो बाई का भाई शोभित राम परिवार के साथ मिलजुलकर खेती-किसानी करते हैं। गांव में लगभग 35 एकड़ खेत है।

     बुधवारो बाई के भाई शोभित राम ने बताया कि गांव से शहर जाना बहुत कम ही होता है। अब चूंकि मानसून नजदीक है ऐसे में खेतों में फसल लेने की तैयारियां शुरू हो गई है। इस दौरान जरूरी काम के लिए खसरा, नक्शा, बी-वन, बी-टू जैसे दस्तावेज के लिए लोक सेवा केंद्र पहुंचे थे। घर से निकलते वक्त सोचा था कि आज एक दिन में प्रमाण पत्र मिलेगा या नहीं, कहीं दोबारा लोक सेवा केंद्र तो आना नहीं पड़ जायेगा। लेकिन यहां आवेदन करने के महज 30 मिनट के भीतर ही हाथों में सभी प्रमाणित दस्तावेज मिल गया। उसने बताया कि पहले पटवारी तहसील का चक्कर लगाने के साथ ही अधिक रूपए भी खर्च करने पड़ते थे, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने लोक सेवा गारंटी योजना को कड़ाई से लागू कर हम जैसे किसानों की मुश्किलें दूर कर दी है।
 
किसान शोभित राम ने बताया कि 83 हजार का ऋण भी माफ हो गया है। ग्राम पतरापाली का किसान राम प्रसाद मंझवार का नौ एकड़ खेत है। कुल 12 सदस्य परिवार में हैं। उसने बताया कि एक सप्ताह पूर्व ही उसने भी लोकसेवा केंद्र से नक्शा, खसरा, बी-वन, बी-टू की प्रमाणित प्रति निकलवाया था। उसने बताया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम से उसे भी मिनटों में बहुत ही कम शुल्क में प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध हो गये थे।

शुल्क एवं समय सीमा है निर्धारित

लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं का लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय सीमा एवं शुल्क संबंधित दस्तावेजों के आधार पर निर्धारित है। जाति प्रमाण पत्र हेतु समय सीमा 30 दिन एवं शुल्क तीस रूपये, निवास एवं आमदनी प्रमाण हेतु समय सीमा 30 दिन एवं शुल्क तीस रूपये, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र हेतु समय सीमा सात दिन एवं शुल्क 30 रूपये, मीसल हेतु समय सीमा सात दिन शुल्क दस रूपये निर्धारित है। लोक सेवा केंद्रों में खसरा, नक्शा, बी-वन जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज आवेदन देने के साथ ही प्रदान किया जाता है। इसके लिए स्केनिंग, कंप्रेसिंग एवं प्रति पृष्ठ पांच रूपये की दर से प्रिंटिंग शुल्क लिया जाता है।

सीएम कमलनाथ ने कहा, मंत्री रहे विधायकों के संपर्क में

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक ली। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे कांग्रेस एवं सहयोगी विधायकों के संपर्क में रहे और उनके फोन भी उठाएं।  बैठक के बाद मंत्री जीतू पटवारी ने बताया कि, मुख्यमंत्री ने हमारी योजनाओं की समीक्षा की। विभागवार समीक्षा की प्लानिंग की। हमारे वचन पत्र की घोषणाओं को कैसे काम किया जाए इस पर बात की गई। लोकसभा चुनाव में किस तरह भाजपा को जीत हासिल हुई उस पर भी चर्चा की गई। बता दें कि शाम को मुख्यमंत्री कांग्रेस विधायकों से चर्चा करेंगे। एक हफ्ते के भीतर मुख्यमंत्री पार्टी विधायकों के साथ दूसरी बार मुलाकात करने जा रहे हैं। 

वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगन मोहन ने की पीएम मोदी से मुलाकात, शपथग्रहण के लिए दिया न्यौता

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वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को पीएम मोदी से भेंट की। जगनमोहन रेड्डी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पीएम मोदी को आमंत्रित किया। बता दें कि जगनमोहन 30 मई को आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इसके लिए रविवार को नई दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने जगन को गले लगाकर स्वागत किया। वाईआसआर प्रमुख जगन ने पीएम को शॉल और तिरुपति बालाजी की तस्वीर भेंट की। विदित हो कि वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों में से 23 पर कब्जा करने और राज्य विधानसभा में 151 सीटें हासिल की है। 

काँकेर जिले के पखांजुर को छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम 1986 की धारा 3 के तहत पखांजुर को भी जलाभाव तहसील घोषित किया गया

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काँकेर जिले में जहां बोर खनन पर प्रतिबंध है इसके लिए काँकेर कलेक्टर जिला दंड अधिकारी के एल चौहान द्वारा छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम 1986 की धारा 3 के तहत पखांजुर को भी जलाभाव तहसील घोषित किया गया है । वही विपरीत परलकोट अंचल में कलेक्टर आदेश की अवमानना कर बोर गाड़ी मालिको द्वारा अवैध बोर खनन का काम धड़ल्ले से जारी है । बोर खनन के फर्जी कारोबार का धंधा खूब फल फूल रहा है। अंचल में कई गाड़िया बिना परमिट के रात के अंधेरे में बोर खनन का काम कर रही है । सरकारी नियमो को दरकिनार कर पखांजुर तहसील अंतर्गत ग्रामो में बेख़ौफ़ खनन करवाया जा रहा । सूत्रों की माने तो इस भुजल संकट विषय पर प्रशासनिक अमला मानो बेसुध होकर बैठा है । बताते चले की परलकोट पखांजुर में बोरखनन करने की 10 से 12 गाड़िया सक्रिय रूप से गांव में घुम रही है। जिन पर स्थानीय प्रशासन की कृपादृष्टि बरकरार है जिसके वजह से बोर गाड़ी मालिक कलेक्टर के आदेश को धता बताने पीछे नही है। परलकोट की Iकुल 150 से भी अधिक गांव में बोर मालिको द्वारा किसानों को अवैध तरीके से बोर खनन कारवाने बाध्य कर रहे है। इस खेल में बाहरी राज्य से बोर खनन मशीनों को किराए पर मंगवाकर स्थानीय कुछ लोग इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे है। जीएसटी टेक्स बिल की चोरी कर सरकारी खजाने को चपत लगाने में भी पीछे नही हैं । आखिर भुजल स्तर में आई गिरावट संकट का जिम्मेदार आखिर कौन है।

22 मई को कापसी में अवैध बोर खनन होने की मामले पर इसकी शिकायत करने एक युवक ने एसडीएम को फोन पर जानकारी देनी चाही पर एसडीएम ने फोन रिसीव नही किया उसके बाद युवक ने एसडीओपी पुलिस ,व पुलिस थाने में इसकी शिकायत की परन्तु कोई कार्यवाही नही हुई ।

बांदे अवैध बोर खनन पर ,तहसीलदार ने कि कार्रवाही ।

पखांजुर तहसीलदार मिश्रा को फोन पर बांदे पर अवैध बोर खनन की शिकायत मिली थी जिस पर तहसीलदार ने दास बोरवेल पखांजुर की गाड़ी को जब्त किया ।

तहसीलदार ने बतलाया की बोर खनन के लिए विशेष परिस्थिति में परमिशन देने का अधिकार कलेक्टर साहब ने अनुवुभागिय दंड अधिकारी राजस्व पखांजुर को दिया है। मुझे सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाही करता हु।

तहसीलदार बोर गाड़ी मालिको की लेंगे बैठक-

पखांजुर तहसीलदार शशि शेखर मिश्रा ने बतलाया कि अगर बोर खनन गाड़ी मालिको को कलेक्टर के लिखित आदेश के प्रति स्वीकार्य नही है बार- बार आदेश की तौहीन कर रहे है तो कठोरता से पेयजल अधिनियम 1986 के उलंघन पर कार्रवाही की जायेगी ,प्रावधान की दृष्टि से दंड शुल्क 2000 रु के साथ 2 वर्ष कारवास दंड का भी प्रावधान है । अगर बोर गाड़ी मालिको को कानून का डर नही है तो कढ़ाई से कार्रवाही की जाएगी । इसके लिए बोर गाड़ी मालिको को बैठक में बुलाकर चेतावनी दी जाएगी ।

छत्तीसगढ़ः फसल बीमा में बड़ा घोटाला, अब 12 फीसद ब्याज के साथ किसानों को दी जाएगी शेष रकम

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 केंद्र सरकार की फसल बीमा योजना में करोड़ों के घोटाले पर छत्तीसगढ़ सरकार ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने जांच के बाद माना है कि राज्य में फसल बीमा योजना में घोटाला हुआ है। इसके बाद राज्य सरकार ने बीमा कंपनी बजाज एलायंज को आदेश दिया है कि वह किसानों को 12 फीयद ब्याज के साथ बची रकम का भुगतान करें। राज्य सरकार ने इसके लिए एक माह की समय सीमा भी निर्धारित की है।

छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग के संयुक्त सचिव के सी पैकरा ने बजाज एलायंज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र लिख कर कहा है कि मौसम आधारित फसल बीमा योजना, खरीफ वर्ष 2014 में बीमा कंपनियों द्वारा शासन की जानकारी में किसानों के साथ जालसाजी व धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये कम क्षतिपूर्ति की गई है।

इस संबंध में राज्य सरकार को कोरिया के रमाशंकर गुप्ता द्वारा लगातार कई शिकायतें की गई थीं। के सी पैकरा ने अपने पत्र में लिखा है कि मौसम आधारित फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2014 में राजनांदगांव व कोरिया जिले हेतु संचालनालय कृषि को प्रतिवेदित मौसमी आंकड़ों और दावा भुगतान में उपयोग किए गए आंकड़ों में भिन्नता के कारण कृषकों को कम क्षतिपूर्ति मिलने की शिकायत मिली, जिसे संचालनालय स्तर पर की गई जांच में मामले को सही पाया गया।

पत्र में गड़बड़ियों का उल्लेख करते हुए कंपनी को आदेश दिया गया है कि अंतर दावा राशि का 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ किसानों को एक माह के भीतर भुगतान किया जाए। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो कंपनी को प्रतिबंधित किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में दोहरी भूमिकाओं वाले नेताओं की एक पद से होगी छुट्टी

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 लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद अब कांग्रेस में दोहरी भूमिका निभाने वाले नेताओं की एक पद से छुट्टी होगी। मुख्मयंत्री भूपेश बघेल तो पहले ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं। इसके अलावा पार्टी के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को भी अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग (ओबीसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाया जा सकता है।

शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक हुई, जिसमें समिति ने राहुल गांधी को संगठन के पुनर्गठन का दायित्व सौंपा है। जिस तरह से लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम आए हैं, उसे देखते हुए राहुल राष्ट्रीय समिति से लेकर प्रदेश ही नहीं, जिला और ब्लॉक समितियों तक में बदलाव करना चाहेंगे।

ब्लॉक तक इसलिए, क्योंकि राहुल ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में ब्लॉक समितियों पर पूरा भरोसा किया था। उनके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी कराए थे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राहुल कांग्रेस शासित राज्यों में भी सरकार के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रखेंगे, क्योंकि उन राज्यों में कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

ऐसी स्थिति में राहुल चाहेंगे कि मुख्यमंत्रियों का परफॉर्मेंस अच्छा रहे और पूरी तरह से सरकार के कामकाज को फोकस करते हुए पार्टी के वादों को पूरा करें। ऐसे में जिन राज्यों में मुख्यमंत्री दोहरी भूमिका में हैं, उनसे एक पद लेकर उन्हें हल्का किया जाएगा। जैसे कि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल और मध्यप्रदेश में कमलनाथ मुख्यमंत्री होने के साथ ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

राहुल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी तो बघेल के पास ही रहने देंगे, लेकिन पीसीसी अध्यक्ष के पद पर नई नियुक्ति करेंगे। वैसे भी बघेल खुद राहुल के सामने पहले पीसीसी अध्यक्ष पद छोड़ने की इच्छा जता चुके हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा भी फैक्स किया था, लेकिन राहुल ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए बघेल को दोहरी भूमिका में रखा था।

पीसीसी अध्यक्ष की होगी तलाश शुरू

बघेल ने राहुल को पीसीसी अध्यक्ष पद के लिए एक आदिवासी विधायक का नाम सुझाया है, लेकिन अभी उस पर मंथन होगा। इसका कारण यह है कि बघेल की पसंद के आदिवासी विधायक को मंत्री टीएस सिंहदेव और उनके खेमे के विधायक पसंद नहीं करते हैं। वैसे किसी को भी पीसीसी अध्यक्ष बनाने से पहले हाईकमान बघेल से चर्चा करेगी, ताकि प्रदेश में सत्ता और संगठन में टकराव की स्थिति न बने।

सारे पीसीसी अध्यक्षों के इस्तीफे की पेशकश की चर्चा

प्रदेश कांग्रेस के विश्वस्त नेताओं के अनुसार राहुल गांधी के समक्ष सारे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों ने इस्तीफे की पेशकश की है। हालांकि, केवल मध्यप्रदेश के पीसीसी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ही अपनी पेशकश की पुष्टि की है, बाकी पीसीसी अध्यक्षों के इस्तीफे की पेशकश की पुष्टि नहीं हो पाई है।

सिंहदेव बोले-अभी भूपेश इस्तीफा न दें

मंत्री टीएस सिंहदेव का कहना है कि भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री के साथ पीसीसी अध्यक्ष के पद पर बने रहना चाहिए। उन्हें अभी पीसीसी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा नहीं देना चाहिए।

मिलिए Navneet Ravi Rana से, जिन्हें बताया जा रहा देश की सबसे खूबसूरत सांसद

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लोकसभा चुनाव 2019 में 76 महिलाएं जनप्रतिनिधि बनकर संसद पहुंची हैं, लेकिन जिस एक महिला सांसद की खूबसूरती की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वो हैं – नवनीत रवि राणा। ये महाराष्ट्र की अमरावती सीट से चुनी गई हैं। खास बात यह है कि इस बार इन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। अमरावती सीट पर शिवसेना को करीब 37 हजार वोट से हार का मुंह देखना पड़ा। नवनीत को 5,10,947 वोट मिले, जबकि मौजूदा सांसद शिवसेना प्रत्याशी अब्सुल आनंदराव विठोबा को 4,73,996 वोट मिले। 2014 में नवनीत एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं और दूसरे नंबर पर रही थीं। इस सीट की खासियत यह है कि इस सीट से पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल चुनाव लड़ चुकी हैं। खास बात यह भी है कि नवनीत के पति रवि राणा निर्दलीय विधायक हैं। नवनीत की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और उन्हें सबसे सुंदर सांसद बताया जा रहा है। देखिए तस्वीरें –

MP : शिवराज सिंह चौहान से मिलने पहुंचें सीएम कमलनाथ और कैलाश विजयवर्गीय, व्यक्त की संवेदना

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भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पिता प्रेमसिंह चौहान का शनिवार को मुंबई इलाज के दौरान निधन हो गया। शिवराज सिंह के पिता के निधन पर भाजपा सहित कांग्रेस के आला नेताओं ने शोक प्रकट किया। रविवार को भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय शिवराज प्रताप सिंह से मिलने पहुंचें और इस दुख की घड़ी में उनका ढांढस बंधाया और संवदेना और शोक प्रकट किया। मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मिलने पहुंचे और उनको दिलासा दिया। 

बता दें कि दिवगंत प्रेमसिंह चौहान का पार्थिव शरीर शनिवार रात 11:45 बजे भोपाल लाया गया। पार्थिव शरीर साकेत नगर स्थित निवास पर ले जाया गया। रविवार सुबह 9 बजे तक पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद गृहग्राम जैत ले जाया जाएगा, जहां शाम 4 बजे अंतिम संस्कार होगा।

लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद लालूप्रसाद यादव ने छोड़ा खाना-पीना

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 बिहार में लालूप्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी का इस लोकसभा चुनाव में खाता नहीं खुला। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद लालू प्रसाद यादव ने दिन का खाना छोड़ दिया है। वो रात का खाना भी मुश्किल से ही खा रहे हैं। डॉक्टरों ने उनके एंजाइटी से पीड़ित होने की आशंका जताई है। लालू रांची के आरआईएमसए हॉस्पिटल में भर्ती हैं। यहां के डॉक्टर ने बताया कि ‘लालू की दिनचर्या काफी बदल गई है। बीते 2-3 दिनों से वो सुबह में नाश्ता तो किसी तरह कर रहे हैं, लेकिन दोपहर का खाना छोड़ दिया है। इसके बाद वो सीधा रात को ही खाना खाते हैं। इस वजह से उन्हें इंसुलिन देने में दिक्कत आ रही है।

डॉक्टर ने कहा कि अगर जल्दी ही दिनचर्या में सुधार नहीं हुआ तो लालूप्रसाद के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। बता दें कि बिहार में 40 लोकसभा सीटों में से 39 पर एनडीए ने कब्जा जमाया है। एक सीट कांग्रेस के खाते में गई है। आरजेडी ने बिहार में कांग्रेस और रालोसपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था।

राष्ट्रपति से मिलकर नरेंद्र मोदी ने पेश किया सरकार बनाने का दावा

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नई दिल्ली। संसद के सेंट्रल हॉल में शनिवार को एनडीए की बैठक में नरेंद्र मोदी को एनडीए के संसदीय दल का नेता चुना गया। नेता चुने जाने के बाद नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। एनडीए नेताओं द्वारा राष्ट्रपति को समर्थन पत्र सौंपे जाने के बाद नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन पहुंचे और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।