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गंगरेल बांध एक बड़े पर्यटन केन्द्र के रूप में होगा विकसित : संभागायुक्त

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रायपुर संभाग के संभागायुक्त जीआर चुरेन्द्र ने धमतरी जिले में स्थित गंगरेल बांध को और बेहतर तरीके से विकसित कर एक बड़े पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए धमतरी जिले के कलेक्टर, वन मंडलाधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा जल संसाधन विभाग के संभागीय और जिला अधिकारी को निर्देशित किया है।
संभागायुक्त ने कहा कि गंगरेल बांध का लम्बे समय से पर्यटन के रूप में लोग आनंद उठा रहें हैं। लेकिन बांध की जो क्षमता है तथा बांध के किनारे-किनारे जो वन्य क्षेत्र है उसे और बेहतर रूप से विकसित कर गंगरेल बांध को व उससे संबंद्ध वनक्षेत्र को मिलाकर एक बड़ा पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। वन क्षेत्र में नारियल, अनानास व अन्य फलदार पौधे, वन औषधि पौधे व सौन्दर्य बढ़ाने वाले पौधे के साथ ही कालीमीर्च जैसे व्यावसायिक फसल लगाकर वन विकास के साथ-साथ पर्यटन विकास का कार्य किया जा सकता है। इस कार्य के लिए मनरेगा सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं का कनवर्जेन्स कर इसे राज्य का प्रथम दर्जे का पर्यटन केन्द्र विकसित किया जा सकता है।

यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2 जून को, राजधानी के 31 परीक्षा केन्द्रों में 12,728 परीक्षार्थी होंगे शामिल

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संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल सर्विसेस प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन आगामी 2 जून को किया जा रहा है। यह परीक्षा दो पालियों में जिसमें प्रथम पाली सुबह 9ः30 बजे से 11ः30 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपरान्ह 2ः30 बजे से 4ः30 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा के लिए 31 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है, जिसमें 12 हजार 728 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। रायपुर संभाग के आयुक्त और संघ लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा के लिए नियुक्त प्रेक्षक जीआर चुरेन्द्र ने शनिवार को संभागीय कार्यालय सभाकक्ष में सभी केन्द्राध्यक्षों की बैठक लेकर परीक्षा व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर आयुक्त एलएस केन सहित सभी केन्द्राध्यक्ष उपस्थित थे।  संभागायुक्त श्री चुरेन्द्र ने परीक्षा केन्द्रों में सत्रवार सिटिंग प्लान के अनुसार आवश्यक फर्नीचर, लाईट, पंखे और जनरेटर सहित शुद्ध एवं ठंडा पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केन्द्रों में पर्याप्त साफ-सफाई के साथ ही शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित हो। श्री चुरेन्द्र ने बताया कि सिविल सर्विसेस प्रारंभिक परीक्षा के लिए रायपुर में 31 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है जिसमें 12 हजार 728 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे।
उन्होंने बताया कि परीक्षार्थी यूपीएससी की वेबसाईट से ई-प्रवेश पत्र डाउनलोड कर एवं प्रिंट के साथ एक मूल फोटो पहचान पत्र जिसका उल्लेख प्रवेश पत्र में है तथा ब्लैक बालप्वांट पेन लेकर परीक्षा केन्द्र आएंगे। प्रथम पाली में परीक्षार्थियों के प्रवेश का समय प्रातः 9ः10 से 9ः20 तक तथा द्वितीय पाली में अपरान्ह 2ः10 बजे से 2ः20 बजे निर्धारित है। परीक्षा केन्द्र में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रानिक गैजेट, ब्लूटूथ, पर्चा, कापी, किताब सहित सभी अंवाछित सामग्रियां प्रतिबंधित है। इसके साथ ही परीक्षा केन्द्र में जैमर के द्वारा भी मोबाईल संचालन को प्रतिबंधित किया गया है। परीक्षा कक्ष में जाने से पूर्व परीक्षार्थियों की तालाशी होगी तथा प्रतिबंधित वस्तुओं को पृथक कक्ष में रखवाया जाएगा।
परीक्षा के लिए जिला कलेक्टोरेट में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। संघ लोक सेवा आयोग नई दिल्ली द्वारा अंडर सेकेटरी अशोक कुमार सिंह को परीक्षा केन्द्रों के लिए इंसपेक्टिंग आफिसर तथा अपर कलेक्टर रायपुर आशुतोष पाण्डेय को-आर्डिनेटिंग सुपरवाइजर बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ : इस बार ‘तंबाकू व फेफड़े के स्वास्थ्य’ थीम पर मनेगा विश्व तंबाकू निषेध दिवस

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इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस ‘तंबाकू व फेफड़े का स्वास्थ्य’ थीम पर मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में तंबाकूमुक्त शिक्षण संस्थान एवं तंबाकूमुक्त युवा पीढ़ी के निर्माण के लिए शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास ‘यलो लाइन कैम्पेन’ भी चलाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखकर अधिक से अधिक लोगों को इन कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि आम नागरिकों को तंबाकू के नुकसान और इससे होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करने हर वर्ष 31 मई को वैश्विक स्तर पर विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा कोटपा एक्ट (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003) के प्रावधानों का कड़ाई से क्रियान्वयन और तंबाकू उत्पादों के उपयोग को हतोत्साहित करने 29 मई से 31 मई तक विशेष अभियान चलाए जाएंगे। प्रदेश में 15 मई से 15 जून तक ‘गैर संचारी रोग रोकथाम एवं उपचार माह’ भी मनाया जा रहा है। इसमें भी ‘तंबाकू व फेफड़े का स्वास्थ्य’ थीम के तहत लोगों की जांच की जा रही है।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई को रायपुर के अंबुजा मॉल में राज्य स्तरीय पेंटिंग, निबंध लेखन एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहां दोपहर एक बजे से कक्षा पांचवीं से बारहवीं तक के बच्चों के लिए तीन अलग-अलग आयु वर्गों में पेंटिंग स्पर्धा तथा ग्यारहवीं व बारहवीं के बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। मेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता भी रखी गई है। सभी स्पर्धाओं के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।

यलो लाइन कैम्पेन

विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जिला और विकासखंड स्तर पर ‘यलो लाइन कैम्पेन’ चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत सभी शैक्षणिक तथा शासकीय संस्थाओं के 100 गज के दायरे में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वहां तंबाकू उत्पादों की बिक्री व इस्तेमाल न हो। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों के 100 गज के दायरे में तंबाकू विक्रेताओं की मैपिंग कर इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में तंबाकू दुकानों को हटाया जाएगा। स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थी और अध्यापक तंबाकू निषेध की शपथ भी लेंगे। साथ ही परिसर की बाउंड्रीवॉल से 100 गज की दूरी पर तंबाकूमुक्त क्षेत्र के संकेत के रूप में पीली रेखा खींची जाएगी। इस अभियान में विद्यालय तंबाकू नियंत्रण समिति, अध्यापकों, छात्र-छात्राओं, मीडिया और आम लोगों को सहभागी बनाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ : पहुंचविहीन केन्द्रों में खाद्यान्न का भंडारण शुरू

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राज्य के 19 जिलों के 216 पहुंचविहीन केन्द्रों के लिए खाद्यान्न का आवंटन जारी कर दिया गया है, जिसका भंडारण भी शुरू कर दिया गया है। यह आवंटन आने वाले चार महीने के लिए जारी किया गया है। अब तक करीब 13 हजार एक सौ दस क्विंटल चावल, 232 क्विंटल शक्कर और 6.5 क्विंटल गेहूं का भंडारण किया जा चुका है।
खाद्य विभाग से दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश में बस्तर में 6, बीजापुर में 8, दंतेवाड़ा में 4, कांकेर में 42, कोंडागांव में 12, नारायणपुर में 26, सुकमा में 26, मुंगेली में 9, रायगढ़ में 3, कवर्धा में 2, राजनांदगांव में 12, बलौदाबाजार में 8, धमतरी में 3, गरियाबंद में 16, बलरामपुर में 8, जशपुर में 1, कोरिया में 8, सरगुजा में 6, सुरजपुर में 16 पहुंचविहीन केन्द्र है, जिनके लिए 10,5032 क्विंटल चावल, 3,259.77 क्विंटल शक्कर, 254.60 क्विंटल गेहूं का आवंटन जारी किया गया है।

गर्मियों में स्किन को तरोताजा रखने के लिए आजमाएं ये टिप्स

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गर्मियों में घंटों धूप में रहने, पॉल्यूशन, ज्यादा गर्मी और नमी के कारण स्किन से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं. ऐसे में हमें अपनी त्वचा का खास ध्यान रखना पड़ता है. इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है अपनी त्वचा को हाइड्रेट रखना. आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जो इस चिलचिलाती गर्मी में आपकी स्किन को हाइड्रेट रखने में मदद करेंगे.

खान-पान का रखें ध्यान

गर्मियों में हल्का और पोषक खाना खाने की सलाह दी जाती है. ताजे फल और हरी सब्जियां खान से भी त्वचा हाइड्रेट रहती है. इसके लिए अपना खाने में खीरा, ककड़ी, तरबूज, संतरा और लीची जैसी चीजों को शामिल करें.

धूप से बचें

गर्मियों के मौसम में जितना हो सके धूप में जाने से बचें. अगर किसी वजह से आपको धूप में जाना पड़ भी रहा है तो चेहरे में ऐसे सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, जो आपकी स्किन को खतरनाक किरणों से बचाने में मददगार हो. घर से बाहर निकलने से 20 से 30 मिनट पहले सन स्क्रीन लगाएं. साथ ही धूप वाला चश्मा पहनकर बाहर निकलें.

त्वचा को हमेशा साफ रखें

ऑफिस से घर या कहीं बाहर से आने के बाद सबसे पहले अपना चेहरा धोना चाहिए. कम से कम दिन में दो बार चेहरा साफ करें. चेहरे पर स्क्रब करें और समय-समय पर क्लीनअप या फेशियल करवाते रहें.

घरेलू फेस पैक

त्वचा से टैन दूर करने के लिए सबसे बेहतर है घर पर बने फेस पैक. आप बेसन का फेस पैक बना सकते हैं. इसके लिए अपनी जरूरत के हिसाब से बेसन लें, पेस्ट बनाने के लिए उसमें थोड़ा सा कच्चा दूध और चुटकी भर हल्दी मिलाएं. अब इसे चेहरे पर लगा लें और सूखने के बाद चेहरा धो लें. कुछ ही दिनों में आपको फर्क दिखने लगेगा. अगर बेसन आपको सूट नहीं करता तो फलों का फेस पैक भी बना सकते हैं. इसके अलावा चेहरे को तरोताजा रखने के लिए टमाटर और लेमन जूस का इस्तेमाल करें.

पानी पिएं

गर्मियों में अक्सर लोगों को डी-हाइड्रेशन की शिकायत रहती है जिसका असर चेहरे पर भी देखने को मिलता है. इसके लिए दिन में करीब 2 से 3 लीटर पानी पिएं. ये आपके शरीर और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद है. इसके अलावा कहीं बाहर के बाद आने पर तुरंत चेहरा धोएं.

खेती के लिए इंसान के शवों से खाद बनाने को US में कानूनी मंजूरी

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दुनिया में अलग-अलग देशों और धर्मों में अलग-अलग तरीकों से अंतिम संस्कार किया जाता है. कहीं शव को दफनाया जाता है, तो कहीं जलाया जाता है. भारत में भी अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरे रीति रिवाज के साथ की जाती है, लेकिन क्या हो अगर मरने के बाद शरीर को दफनाने या जलाने की बजाय इससे खाद बना दिया जाए?

जी हां! अब ये भी मुमकिन है. डेड बॉडी से खेती के लिए खाद बनाना अभी भारत में तो शुरू नहीं हुआ है, लेकिन अमेरिका में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है.

अब यहां मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए सिर्फ गोबर और दूसरे केमिकल युक्त फर्टिलाइजर का प्रयोग ही नहीं, बल्कि डेड बॉडी से बने खाद का प्रयोग भी किया जाएगा.

पर्यावरण में होगी कार्बन की मात्रा कम

अमेरिका का वॉशिंगटन इस बिल को कानूनी तौर पर मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला राज्य बन गया है. इससे अंतिम संस्कार के समय रिलीज होने वाले कार्बन में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी. इस प्रक्रिया को री-कम्पोजिशन कहा जाता है.

इसकी फाउंडर कैटरीना स्पेड ने इस पहल को वॉशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी की मदद से डेवेलप किया है, जिन्होंने बॉडी डोनर्स के साथ क्लीनिकल ट्रायल किया.

इस प्रक्रिया में किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, जिससे पर्यावरण के लिए ये एकदम अनुकूल है.

कैसे होगा री-कम्पोजिशन

री-कम्पोजिशन के लिए डेड बॉडी को एक स्टील के बक्से में, अल्फाल्फा और लकड़ी के बुरादे के साथ डाला जाता है. प्रोसेसिंग के लिए इसे तीस दिन के लिए रखा जाता है और इसके बाद डेड बॉडी गमलो में डाली जाने वाली मिट्टी में परिवर्तित हो जाती है. इस प्रक्रिया में किसी भी केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता, सिर्फ नेचुरल प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल किया जाता है.

होगा भूमि का सही प्रयोग

वॉशिंगटन में हर साल 75 % लोगों को दफनाया या उनका अंतिम संस्कार किया जाता. दोनों ही प्रक्रिया में भूमि का प्रयोग होता है. डेड बॉडी से बने फर्टिलाइजर से मिट्टी का उपजाऊपन तो बढ़ेगा ही, साथ ही कब्रिस्तान भी कम बनाने पड़ेंगे.

राहुल गांधी बोले- कमलनाथ, गहलोत ने पार्टी से ऊपर रखा परिवार, बेटों को टिकट दिलाने पर लगाया जोर

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कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का इस्तीफा नामंजूर कर दिया. राहुल ने लोकसभा में हार की जिम्मेदारी लेते हुए पद से हटने का प्रस्ताव दिया था. शनिवार को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल ने वरिष्ठ नेताओं पर भी नाराजगी जाहिर की. राहुल ने कहा कि इन वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी हित से ऊपर अपने निजी हित को रखा.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार बैठक में राहुल काफी गुस्से में दिखे. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अपने बेटों को टिकट दिलाने के लिए जोर लगाया. रिपोर्ट के अनुसार राहुल ने यह बात कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की उस टिप्पणी पर कही जिसमें उन्होंने स्थानीय नेताओं को तैयार करने की बात कही थी. रिपोर्ट के मुताबिक राहुल ने कहा कि पार्टी ने उन राज्यों में भी बहुत खराब प्रदर्शन किया, जहां उसकी सरकार थी. उन्होंने कहा कि राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने अपने बेटों को टिकट दिलाने पर जोर दिया, जबकि वह इसके पक्ष में नहीं थे. राहुल ने इसी संदर्भ में पी. चिदंबरम का नाम भी लिया.

राहुल ने ली हार की जिम्मेदारी

इस बैठक में राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव की हार की जिम्मेदारी ली और कहा कि वह अध्यक्ष पद पर बने नहीं रहना चाहते हैं, लेकिन पार्टी एवं इसकी विचारधारा के लिए काम करते रहेंगे. सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, प्रियंका गांधी तथा पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें रोका.

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में कई नेताओं ने राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश को खारिज किया और कुछ भावुक भी हो गए. बैठक में शामिल एक नेता ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने तो यहां तक कह दिया कि अगर राहुल गांधी अध्यक्ष पद छोड़ते हैं तो दक्षिण भारत में लोग भावना में आकर कुछ भी कदम उठा सकते हैं.

CWC की बैठक में राहुल गांधी के अलावा यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कार्यसमिति के अन्य सदस्य शामिल हुए. लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. वह 52 सीटों पर सिमट गई है. 2014 के चुनाव में 44 सीटें जीतने वाली पार्टी को इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया.

जब कटरीना ने सलमान को किया प्रपोज, पूछा- ‘शादी कब करनी है?’

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बॉलीवुड के ‘सुल्तान’ सलमान खान की शादी की चिंता पूरे देश को है. सलमान जब इंटरव्यू देते हैं मीडिया से रूबरू होते हैं, तब उनसे ये सवाल जरूर पूछा जाता है. लेकिन सलमान कभी सही जवाब नहीं देते. वह हमेशा ही ये सवाल हंसी-मजाक में टाल देते हैं. अब असल में वो जब चाहें तब शादी करें, लेकिन फिल्म ‘भारत’ में उनकी शादी जरूर होने वाली है. वह भी किसी और से नहीं कटरीना कैफ से. ये खुलासा फिल्म के डायरेक्टर अली अब्बास जफर ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए किया. अली ने ट्विटर पर एक वीडियो क्लिप शेयर की. इस क्लिप में कटरीना कैफ दबंग खान को शादी के लिए प्रपोज करती नजर आ रही हैं. बस सलमान भाई के फैन्स को और क्या चाहिए. वीडियो इंटरनेट पर इस कदर वायरल हुई कि भाई की शादी एक बार फिर चर्चा में आ गई.

इंटरनेट पर वायरल वीडियो में कटरीना कहती हैं, ‘शादी की उम्र हो चुकी है मेरी, तुम अच्छे भी लगते हो, बोलो कब करनी है शादी? बस कटरीना की ये बात सुनकर सलमान खांसने लग जाते हैं.’ ये फिल्म का डायलॉग प्रोमो है जो इस वक्त हर तरफ छाया हुआ है.

बता दें कि सलमान खान और कटरीना कैफ की फिल्म भारत 5 जून को रिलीज होने जा रही है. इस फिल्म में एक बार फिर सलमान और कटरीना की हिट केमिस्ट्री देखने को मिले. इससे पहले ये दोनों ‘एक था टाइगर’ और ‘टाइगर जिंदा है’ जैसी सुपरहिट फिल्में साथ कर चुके हैं. ‘भारत’ में सलमान और कैटरीना के अलावा तब्बू, जैकी श्रॉफ, दिशा पाटनी, नोरा फतेही और सुनील ग्रोवर अहम किरदार में नजर आएंगे. ‘भारत’ के बाद सलमान का अगला प्रोजेक्ट ‘दबंग-3’ है. इस फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो चुकी है.

WhatsApp Update: नाखुश करने के साथ-साथ परेशान कर सकता है ये फीचर, जानें सभी ज़रूरी बातें

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WhatsApp पर आने वाला नया फीचर यूज़र्स को नाखुश करने के साथ-साथ परेशान भी कर सकता है. फेसबुक ने कंफर्म कर दिया है कि साल 2020 से WhatsApp में विज्ञापन यानी कि Ads दिखना शुरू हो जाएंगे. नीदरलैंड्स में सालाना मार्केटिंग सबमिट के दौरान फेसबुक ने बताया कि शुरुआत में विज्ञापन यूज़र्स को WhatsApp स्टोरी सेक्शन में दिखाए जाएंगे. इंस्टाग्राम में इस तरह के विज्ञापन पिछले साल से ही शुरू किए जा चुके हैं. हालांकि ये 2020 में कब से शुरू होगा इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है.

सोशल मीडिया कमेंटेटर Matt Navarra ने इस विज्ञापन के उदाहरण को दिखाते हुए ट्वीट भी किया है कि ये स्टेटस में कैसे दिखाए जाएंगे. जानकारी के मुताबिक, विज्ञापन वीडियो के रूप में होगा और यह ठीक वैसा ही काम करेगा जैसा इंस्टाग्राम स्टोरीज़ में होता है. WhatsApp के स्टेटस फीचर में यूज़र्स को मैसेज, फोटो, छोटे वीडियो शेयर करने की सुविधा मिलती है, जो 24 घंटे में खुद-ब-खुद हट जाता है. आइए जानते है इससे जुड़ी ज़रूरी बातें.

स्मार्टफोन पर ऐसे दिखेंगे विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक WhatsApp के बाकी कंटेट की तरह विज्ञापन भी आपके स्मार्टफोन की पूरी स्क्रीन पर दिखाई देगा. विज्ञापन की पूरी जानकारी के लिए यूज़र को ‘Swipe Up’ करना होगा.

 इन यूज़र्स को नहीं दिखेंगी Ads
WhatsApp पर कुछ यूज़र्स ऐसे भी हैं, जो कभी स्टेटस का इस्तेमाल नहीं करते. तो ऐसे यूज़र्स की चैटिंग एक्सपीरिएंस में कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि विज्ञापन सिर्फ वॉट्सऐप के स्टेटस में ही दिखाई देंगे.

पहले ही ये जानकारियां आ चुकी हैं सामने
पिछले साल वॉल स्ट्रीट जरनल की रिपोर्ट में बताया गया था कि इस साल की शुरुआत में ही वॉट्सऐप पर ऐड सर्व किए जाएंगे. ऐप के iPhone वर्जन में विज्ञापन के लिए जरूरी बदलाव किए गए हैं. वॉट्सऐप के 2.18.305 वर्जन में विज्ञापन सर्व करने की बात कही गई थी. साथ ही WABetaInfo ने भी पिछले साल Ads को लेकर कई ट्वीट भी किए थे. इस ट्वीट से सामने आया है कि कंपनी अपनी ऐप पर विज्ञापन दिखाएगी. बताया गया है कि शुरुआत में यह विज्ञापन iOS ऐप पर ही लागू किए जाएंगे, जिसके लिए टेस्टिंग शुरू कर दी गई है.

जानें यहां : आखिर चुनाव के बाद क्या होता है EVM के साथ?

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लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद यह सवाल है इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का क्या होता है. चुनाव प्रक्रिया में जो ईवीएम प्रयोग किए गए उनका क्या होगा? तो आइए हम आपको इन सवालों के जवाब देते हैं.

 लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आयोग ने करीब 40 लाख ईवीएम का इंतजाम किया था ताकि 90 करोड़ मतदाता सुचारू रूप से मतदान कर सके. इस चुनाव में करीब 60 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आयोग ने करीब 40 लाख ईवीएम का इंतजाम किया था ताकि 90 करोड़ मतदाता सुचारू रूप से मतदान कर सके. इस चुनाव में करीब 60 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

 आपको बता दें मतदान खत्म होते ही ईवीएम को कड़ी सुरक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है. यहां ये मशीने अंधेरे में रखी जाती हैं. इतना ही नहीं इनके आस पास कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी नहीं होती.(PTI Photo)

आपको बता दें मतदान खत्म होते ही ईवीएम को कड़ी सुरक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है. यहां ये मशीने अंधेरे में रखी जाती हैं. इतना ही नहीं इनके आस पास कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी नहीं होती.

 मतगणना पूरी होने के बाद कागजी प्रक्रिया की जाती है. मतगणना के बाद फिर ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम में रख दिया जाता है. स्ट्रॉन्ग रूम एक बार फिर सील कर दिया जाता है. यह सब कुछ उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों के सामने किया जाता है. इस दौरान प्रतिनिधियों से दस्तखत भी कराए जाते हैं.(PTI Photo)

मतगणना पूरी होने के बाद कागजी प्रक्रिया की जाती है. मतगणना के बाद फिर ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम में रख दिया जाता है. स्ट्रॉन्ग रूम एक बार फिर सील कर दिया जाता है. यह सब कुछ उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों के सामने किया जाता है. इस दौरान प्रतिनिधियों से दस्तखत भी कराए जाते हैं.

 चुनाव नतीजों के ऐलान के बाद उम्मीदवार को 45 दिन का वक्त दिया जाता है. इस दौरान उम्मीदवार को मतगणना की प्रक्रिया पर किसी तरह का कोई शक है तो वह फिर से मतगणना के लिए आवेदन कर सकता है. (PTI Photo)

चुनाव नतीजों के ऐलान के बाद उम्मीदवार को 45 दिन का वक्त दिया जाता है. इस दौरान उम्मीदवार को मतगणना की प्रक्रिया पर किसी तरह का कोई शक है तो वह फिर से मतगणना के लिए आवेदन कर सकता है.

 इस दौरान ईवीएम की सिक्योरिटी का जिम्मा केंद्रीय और राज्य के सुरक्षा बलों पर होता है. 45 दिन खत्म होने के बाद एक बार फिर ईवीएम को पूरी सिक्योरिटी के साथ स्टोरेज रूम ले जाया जाता है जहां आयोग के इंजीनियर ईवीएम की जांच करते हैं.(PTI Photo)

इस दौरान ईवीएम की सिक्योरिटी का जिम्मा केंद्रीय और राज्य के सुरक्षा बलों पर होता है. 45 दिन खत्म होने के बाद एक बार फिर ईवीएम को पूरी सिक्योरिटी के साथ स्टोरेज रूम ले जाया जाता है जहां आयोग के इंजीनियर ईवीएम की जांच करते हैं.

 चुनाव के दौरान 20 फीसदी ईवीएम रिजर्व रखे जाते हैं ताकि कोई तकनीकी खराबी हो तो ईवीएम से काम चलाया जा सके. जो ईवीएम खराब हो जाती है उसे नष्ट कर दिया जाता है. (AP Photo/Bikas Das)

चुनाव के दौरान 20 फीसदी ईवीएम रिजर्व रखे जाते हैं ताकि कोई तकनीकी खराबी हो तो ईवीएम से काम चलाया जा सके. जो ईवीएम खराब हो जाती है उसे नष्ट कर दिया जाता है.