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प्रियंका को नया कांग्रेस अध्यक्ष बनाने पर बोले राहुल गांधी- मेरी बहन को इसमें मत खींचो, कोई नॉन गांधी ढूंढो

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लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election) में भारतीय जनता पार्टी और उनके सहयोगियों (NDA गठबंधन) के हाथों करारी शिकस्त के बाद हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक काफी गहमागहमी वाली रही. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया. हालांकि, पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि इसके बावजूद राहुल गांधी इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं. उन्हें मनाने की कोशिशें जारी हैं, मगर इस बात की संभावना कम है कि राहुल अपना मूड बदलेंगे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किसी और को संभालनी चाहिए.

सूत्रों के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए वर्किंग कमिटी की मीटिंग में प्रियंका गांधी का नाम आया, तो राहुल ने कहा- ‘मेरी बहन को इसमें मत खींचो. नया अध्यक्ष नॉन गांधी होना चाहिए.’

बता दें कि हार की समीक्षा करने और राहुल गांधी के इस्तीफे पर मंथन करने के लिए शनिवार को करीब 6 घंटे तक कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक हुई. राहुल गांधी ने यह प्रस्ताव इसी मीटिंग में दिया था. 23 मई को ही राहुल गांधी ने मां सोनिया से नैतिक आधार पर पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने की बात कही थी. राहुल गांधी उसी दिन शाम को होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक रूप से अपने इस्तीफे का ऐलान करना चाहते थे, लेकिन सोनिया ने राहुल को सीडब्ल्यूसी की बैठक तक रुकने को कहा था.

‘मैं अध्यक्ष नहीं बने रहना चाहता’
मीटिंग में राहुल गांधी पहले सबको सुनते रहे. फिर उन्होंने अपने समापन भाषण में कहा, “मैं पार्टी का अध्यक्ष नहीं रहना चाहता. हार की ज़िम्मेदारी मेरी है, नया अध्यक्ष चुनिए. कृपया प्रियंका गांधी का नाम मत लीजिएगा. गांधी परिवार के बाहर से नया अध्यक्ष चुनिए.”

‘पार्टी के लिए काम करता रहूंगा’
राहुल ने सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में कहा, ‘हमें अपनी लड़ाई को जारी रखना होगा. मैं कांग्रेस का अनुशासित सिपाही हूं और रहूंगा और बिना डरे लड़ता रहूंगा, लेकिन मैं अब पार्टी का अध्यक्ष बनकर नहीं रहना चाहता.’ कार्यसमिति की इस बैठक में राहुल की मां सोनिया गांधी, बहन प्रियंका गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह शामिल थे.

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राहुल का इस्तीफा खारिज
इसके बाद सीडब्ल्यूसी ने राहुल की इस्तीफे की पेशकश को खारिज करते हुए प्रस्ताव पास किया कि राहुल अध्यक्ष बने रहें और वो पार्टी में जो चाहें बदलाव करें. समिति की बैठक में मौजूद सदस्यों ने साफ किया कि उन्होंने राहुल के इस्तीफे को अस्वीकार कर दिया है.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘ऐसे कठिन हालात में हमें राहुल गांधी के नेतृत्व की जरूरत है.’ सूत्रों की मानें तो अभी भी राहुल अपनी बात पर अड़े हुए हैं. राहुल अध्यक्ष के अलावा अन्य किसी भी भूमिका में काम करने का विकल्प पार्टी के सामने रख चुके हैं.

बिलासपुर में तापमान 46 डिग्री के पार, रायपुर समेत मैदानी इलाकों में चल रही गर्म हवा

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छत्तीसगढ़में 25 मई यानी शनिवारसे नौतपा शुरू हो गया है. हालांकि नौतपा के आने से पहले शुक्रवार को बिलासपुर में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा. इस सीजन में पहली बार बिलासपुर का तापमान 46 डिग्री के पार रहा. वहीं राजनांदगांव में भी तापमान 45 डिग्री से अधिक पहुंच गया है. इन दोनों शहरों के अलावा कोरबा में शुक्रवार को दोपहर में खूब लू चली और यहां का भी तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है.

वहीं राजधानी रायपुर समेत मैदानी इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री के बीच पहुंच गया. आलम यह है कि दोपहर के अलावा अब रात में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है. वहीं रायपुर में बीते गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात तापमान 33 डिग्री के करीब पहुंच गया.

मौसम विशेषज्ञों की मानें तो रात में आज भीषण गर्मी के साथ सभी जगह लू चलने की आशंका है. मौसम वैज्ञानिक पीएल देवांगन के मुताबिक मई के अंत में रायपुर में पारा 46 डिग्री तक रह सकता है. वहीं राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवा की चपेट में पूरा छत्तीसगढ़ आ गया है. राजनांदगांव और बिलासपुर में लू घोषित कर दी गई है.

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि अगले पांच दिन भीषण गर्मी रहेगी. 25 मई शनिवार से नौतपे की शुरुआत हो रही है, जो 2 जून तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्रियों के मुताबिक इस बार नौतपा काफी गरम रहने वाला है. वहीं मौसम विभाग ने भी अगले 5 दिन तक भीषण गर्मी की संभावना जताई है.

मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर कम दबाव की एक पट्टी (द्रोणिका) बनी हुई है. इसके असर से थोड़ी नमी है, लेकिन भीषण गर्मी में यह सिस्टम भी फेल हो गया है. वहीं बंगाल की खाड़ी से बस्तर में थोड़ी नम हवा आ रही है. इसलिए वहां शुक्रवार को तापमान 39 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया है. प्रदेश की सीमा में केवल 5 प्रतिशत बादल छाए हैं, इसलिए बारिश की संभावना काफी कम है. वहीं अगले तीन-चार दिन तक राजधानी रायपुर में दोपहर का तापमान 44 डिग्री से अधिक रहने की संभावना जताई है.

कांग्रेस की हार के बाद मंत्री शिव डहरिया ने कही ये बात

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छत्तीसगढ़ की 11 सीटों में से 9 पर कांग्रेस को मिली हार पर मंत्री शिव डहरिया ने समीक्षा करने की बात कही. मंत्री ने कहा कि हम कैसे हार गए इस बात की अगामी दिनों में समीक्षा करके कांग्रेस को मजबूत करने की दिशा में कार्य करना होगा. साथ ही यह भी कहा कि बड़े अंतर से हार से हमे सबक लेने की जरूरत है. बता दें कि मंत्री डहरिया के प्रभाव वाले लोकसभा सीट रायपुर में कांग्रेस की रिकार्ड साढ़े तीन लाख मतों से करारी हार हुई है. साथ ही मंत्री के खुद के विधानसभा में कांग्रेस को 23 हराज मतों से पराजय मिली है…

राहुल गांधी ने की इस्तीफे की पेशकश, CWC ने एकमत से किया खारिज

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लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA के चुने गए सांसद शनिवार को औपचारिक तौर पर नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुनेंगे. NDA के सांसद शनिवार शाम पांच बजे, संसद के सेंट्रल हॉल में बैठ करेंगे. इससे पहले बीजेपी सांसद अलग से एक साथ मिलेंगे. माना जा रहा है कि मोदी बीजेपी सांसदों को संबोधित करेंगे.

बता दें लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के हाथों कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद कांग्रेस अपना वजूद बचाने की कोशिश में लगी हुई है. हार की वजहों पर मंथन करने और आगे की रणनीति तैयार करने के लिए कांग्रेस ने कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक की.

बैठक के बाद पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसमें हुई चर्चा के बारे में जानकारी दी. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की, जिसे सीडब्लयूसी के सदस्यों ने नामंजूर कर दिया.

सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी जनादेश को स्वीकार करती है और वह अपनी हार की वजहों पर मंथन करेगी.

छत्तीसगढ़ : राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण जोरों पर सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध तेन्दूपत्ता की धर-पकड़ तेज

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राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य सभी जिलों में तेजी से चल रहा है एवं 23 मई 2019 तक संग्रहण लक्ष्य का लगभग 70 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर 13 लाख 50 हजार मानक बोरों का संग्रहण कर लिया गया है।

अभी तक अग्रिम में विकत 580 लाटों में लगभग 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करते हुए आठ लाख 75 हजार मानक बोरे संग्रहित किए जा चुके हैं। इसी तरह अविकित 374 लाटों में पांच लाख मानक बोरे संग्रहित किए जा चुके हैं। इस वर्ष तेन्दूपत्ते की दर में अत्यधिक वृद्धि होने के कारण उत्साहपूर्वक ग्रामीणों के द्वारा तेन्दूपत्ते का संग्रहण किया जा रहा है। तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर 2500 रूपए से 4000 हजार रूपए प्रति मानक बोरा कर दिए जाने के कारण कई जिलों में नए संग्राहक संग्राहक कार्ड प्राप्त कर रहे हैं। लगभग 8 से 10 हजार अतिरिक्त संग्राहक कार्ड जिलों में जारी किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि ज्यादा से ज्यादा लोग तेन्दूपत्ता संग्रहण के कार्य में जुट रहे हैं।

 तेन्दूपत्ता संग्रहण में सबसे अच्छा प्रगति बस्तर संभाग के सभी जिलों में देखी जा रही है। बस्तर संभाग के जगदलपुर वृत्त में अग्रिम में विकित लाटों में निर्धारित लक्ष्य से अधिक संग्रहण हुआ है। जगदलपुर वृत्त के अंतर्गत सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं जगदलपुर जिलों में अग्रिम में विकित 70 लाटों में संग्रहण लक्ष्य एक लाख 11 हजार मानक बोरे के विरूद्ध एक लाख 26 हजार मानक बोरे एकत्र कर लिए गए हैं। इसी तरह कांकेर वृत्त के कांकेर, नारायणपुर एवं कोण्डागांव जिलों में विकित 126 लाटों में संग्रहण लक्ष्य दो लाख 14 हजार मानक बोरे के विरूद्ध दो लाख 16 हजार मानक बोरे तेन्दूपत्ता का संग्रहण हो चुका है।

जहां एक ओर बस्तर के जनजातीय इलाकों में तथा राज्य के अन्य क्षेत्रों में तत्परतापूर्वक एवं अत्यधिक उत्साह से तेन्दूपत्ते का संग्रहण प्रगति पर है। वहीं दूसरी ओर सीमावर्ती इलाकों में तेन्दूपत्ते की अवैध आवक की धर-पकड़ जोरों पर है, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक श्री राकेश चतुर्वेदी ने इस संबंध में बैठक लेकर तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी सभी वनमंडलाधिकारियों को समय पर पूर्व से ही सचेत कर दिया गया था। फलस्वरूप सभी जिलों में जहां छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा अन्य राज्यों से मिलती है। रात्रि गश्त लगाकर की जा रही है।

17 एवं 18 मई 2019 की दरम्यानी रात बलरामपुर जिले के रघुनाथपुर रेंज में उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे हुए क्षेत्र में उत्तरप्रदेश से अवैध रूप से राज्य में तेन्दूपत्ते लाते हुए 25 से अधिक लोगों को पकड़ा गया एवं 10 से अधिक मोटर सायकिलें जप्त की गई है। पुनः दिनांक 21 मई 2019 को बलरामपुर जिले की धमनी रेंज के तारकेश्वर फड़ के पास उत्तरप्रदेश से टाटा मैजिक से 52 हजार गड्डियां अवैध रूप से परिवहन करते हुए पकड़ी गई। जिनका मूल्य दो लाख रूपए से भी अधिक है। इसी तरह बलरामपुर जिले के बलरामपुर रेंज के रामनगर कला गांव के पास झारखण्ड सीमा पर कन्हर नदी के पास अवैध रूप से तेन्दूपत्ता झारखण्ड से छत्तीसगढ़ लाते हुए 5 मोटर सायकिलें जप्त की गई है। इन सभी प्रकरणों में नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। वनमंडलाधिकारी बलरामपुर श्री विवेकानंद झा तथा अन्य अधिकारियों के द्वारा तेन्दूपत्ते के अवैध परिवहन को रोकने हेतु लगातार रात्रि गश्त किया जा रहा है।

    राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण समाप्ति की ओर है तथा आगामी एक सप्ताह के अंदर संग्रहण का कार्य पूर्ण होने की संभावना है। साथ ही साथ उपचारण एवं परिवहन का कार्य भी प्रगति पर है। प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ श्री राकेश चतुर्वेदी से सभी वनमंडलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि परिवहन तथा गोदामीकरण के दौरान तेन्दूपत्ते को किसी भी प्रकार से नुकसान से बचाने के सम्पूर्ण प्रयास किया जाए, ताकि अविकित तेन्दूपत्ते का अधिक से अधिक मूल्य प्राप्त हो सके।

गर्मियों में किसी अमृत से कम नहीं है ‘काला नमक’, देखें पूरी खबर…

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भारत में ज्यादातर गर्मियों में जो भी पेय तैयार किए जाते हैं, उनमें एक चीज हमेशा इस्तेमाल की जाती है, वो है काला नमक। गर्मियों में बनने वाले ज्यादातर पेय पदार्थों में काले नमक का इस्तेमाल होता है। रायता, आम पन्ना, जलजीरा या नींबूपानी इन सबमें काला नमक का विशेष तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
गुणकारी काले नमक के फायदे
काला नमक एक ठंडा नमक है, इसीलिए यह आयुर्वेदिक दवाओं और उपचार में एक महत्वपूर्ण सामग्री है। कहा जाता है कि यह नमक चिकित्सीय लाभ से भरा हुआ है।
काला नमक उन लोगों के लिए अच्छा है जो पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं। काला नमक कब्ज और गर्मियों के दौरान पेट फूलना जैसी परेशानियों से राहत दिलाता है। काला नमक इन दोनों परेशानियों को कम करने में मदद करता है। बहुत ज्यादा गर्मी के चलते काफी लोगों को आंतों में गैस और जलन जैसी समस्या होने लगती है। वहीं पेय और खाद्य पदार्थों में काला नमक डालने से आंतों में होने वाली गैस की परेशानी से राहत मिलती है।
काला नमक सीने में होने वाली जलन को दूर करने में मदद करता है। गर्मी के दौरान होने वाली यह एक आम समस्या है। जो आमतौर पर तैलीय और भारी खाद्य पदार्थों द्वारा हो जाती है।
आजकल की लाइफस्टाइल के चलते लोग तरह-तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। जिनमें प्रमुख है हाइपरटेंशन। गलत खानपान के चलते व गलत आदतों के कारण हाइपरटेंशन की समस्या लोगों को होने लगती है। लोगों में हाइपरटेंशन के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। साथ ही उन्हें बताया जाता है कि इस खतरनाक बीमारी से कैसे बचाव किया जा सकता है।
क्या है हाइपरटेंशन
हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी है जिसमें धीरे-धीरे आपका हार्ट, किडनी व शरीर के दूसरे अंग काम करना बंद कर सकते हैं। हाइपरटेंशन एक साइलेंट किलर है। हाइपरटेंशन कई कारणों से होता है, जिनमें से कुछ कारण शारीरिक और कुछ मानसिक होते हैं। हाइपरटेंशन में रक्तचाप 140 के पार पहुंच जाता है।

सरकार बचाने की चिंता में CWC की बैठक में नहीं आए कमलनाथ?

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लोकसभा चुनाव हारने के बाद मंथन में जुटी कांग्रेस ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में बैठक की. कांग्रेस की सबसे बड़ी इकाई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की इस बैठक में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, गुलामनबी आजाद, मोती लाल वोरा, अशोक गहलोत, शीला दीक्षित समेत कई वरिष्ठ नेता पहुंचे लेकिन एक नेता के न पहुंचने पर अटकलों का दौर शुरू हो गया.

दरअसल, CWC की बैठक में मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ नहीं पहुंचे. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कमलनाथ अपनी सरकार बचाने की चिंता में CWC की बैठक से दूर थे.  लोकसभा चुनाव 2019 के एग्ज‍िट पोल के नतीजों से उत्साहित नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल को पत्र लिखा था जिसमें विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की गई थी.

बीजेपी का दावा है कि मध्याप्रदेश की कमलनाथ सरकार अल्पमत में हैं और उसे हाऊस के फ्लोर पर बहुमत साबित करना होगा. दरअसल कांग्रेस के पास कुल 114 विधायक हैं और बहुमत के लिए 116 का अंकाड़ा चाहिए, जिसे पूरा करने के लिए कांग्रेस ने दो बसपा विधायकों से समर्थन लिया है. कहा जा कहा है कि बसपा कांग्रेस से नाराज चल रही है.

एक्जिट पोल के नतीजे आते ही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को पत्र लिखकर विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग की थी. भार्गव ने कहा था कि ‘एग्जिट पोल के नतीजों से साफ है कांग्रेस अपना जनाधार खो चुकी है. सरकार अल्पमत में है. इसलिए फ्लोर टेस्ट कराना चाहिए.’ हालांकि राज्यपाल ने गोपाल भार्गव की मांग को खारिज करते हुए कहा कि अभी इसकी जरूरत नहीं है.

छत्तीसगढ़ प्रदेश की संस्कृति और कत्थक की विदेशों में धूम

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प्रदेश की कला और संस्कृति का जादू अब विलायत में भी दिखाई दे रहा है। यहां का रंगमंच हो या साहित्य, विदेशों में खूब पसंद किया जा रहा है। कुछ दिनों पहले विलायत में कवि पद्मश्री सुरेन्द्र दुबे ने काव्यपाठ कर लोगों का मन मोहा था। अब प्रदेश की प्रसिद्ध नृत्यांगना डॉ. अनुराधा दुबे ने अमेरिका में कत्थक की प्रस्तुति देकर धूम मचा दी। अंतरराष्ट्रीय हिंदी संस्थान न्यूजर्सी अमेरिका के तत्वावधान में रॉयल अलबर्ट पैलेस फोर्ड में साहित्य और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए 10 और 11 मई को दो दिवसीय हिंदी कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इसमें बतौर अतिथि राजधानी की डॉ. अुनराधा दुबे को बुलाया गया था। इस कन्वेंशन में डॉ. अनुराधा ने धर्मवीर भारती की रचना ‘कनुप्रिया’ को कत्थक शैली में पेश किया। नृत्य नाटिका में डॉ. अनुराधा ने कनु यानी कृष्ण और उनकी प्रिया राधा के अंतर्मन की व्यथा, कृष्ण के साथ बिताए पलों, कृष्ण के प्रति उठे सवालों को मनमोहक अंदाज में प्रस्तुत किया। अंतरराष्ट्रीय हिंदी समिति ने डॉ. अनुराधा को पं. तिलकराज शर्मा स्मृति अंतरराष्ट्रीय सृजन हिंदी सेवा पदक से सम्मानित किया।

डॉक्टर्स भी रह गए दंग, जब मरीज के पेट से निकले ये चीजें…

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हिमाचल प्रदेश से एक घटना सामने आई है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। मंडी से आई इस खबर पर लोगों को यकीन करना मुश्किल होगा, लेकिन ये सच है। एक शख्स के पेट से ऑपरेशन के बाद 8 स्टील के चम्मच, एक नुकीला चाकू, दो टूथ ब्रश, दो पेचकश और एक दरवाजे की कुंडी निकली है। इस केस के सामने आने के बाद डॉक्टर्स भी हैरान हैं। जानकारी के मुताबिक, शहर के लाल बहादुर शास्त्री सरकारी मेडिकल एवं अस्पताल में एक शख्स को पिछले दिनों गंभीर हालत में भर्ती किया गया। अस्पताल में भर्ती के दौरान उसे पेट में असहाय दर्द हो रहा था और दर्द से कराह रहा था। डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया, तो इसके पेट से 8 स्टील के चम्मच, एक नुकीला चाकू, दो टूथ ब्रश, दो पेचकश और एक दरवाजे की कुंडी निकली है। इस केस को डॉक्टर्स भी अपने आप में दुर्लभ केस मान रहे हैं।

जिस शख्स के पेट से ये सारा सामान निकला इसका नाम कर्ण सेन बताया जा रहा है। कर्ण पिछले 20 सालों से मानसिक तौर पर परेशान चल रहा था और वह लगातार दवाईयों को सेवन भी कर रहा था। कर्ण सेन के भाई मुनीश ने बताया कि उसके भाई का इलाज विभिन्न अस्पतालों में हुआ। तीन दिन पहले कर्ण सेन सुंदरनगर के पुराना बाजार स्थित हेल्थ केयर क्लीनिक में गया था। मरीज ने इलाज के दौरान बताया कि उसके पेट पर एक पिंपल हुआ है, मरीज को चैकअप करने पर मालूम हुआ कि यह एक नुकीला चाकू है। प्रारंभिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज नेरचौक रैफर कर दिया।

वहीं, मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही मौजूद सर्जन ने मरीज कर्ण सेन का एक्स-रे करवाने के लिए कहा और जैसे ही रिपोर्ट देखने के बाद मरीज के पेट के अंदर कई चीजों की मौजूदगी पाई गई, तो डॉक्टर के भी होश उड़ गए। उसी समय कर्ण का आॅपरेशन शुरू कर दिया गया। मेडीकल कॉलेज के सर्जन डॉ. निखिल सोनी, डॉ. सूरज भारद्वाज और डॉ. रनेश की टीम ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कर्ण के पेट का सफल आॅपरेशन कर 8 स्टील के चमच, एक नुकीला चाकू, दो टूथ ब्रश, दो पेंचकस और एक दरवाजे की कुंडी निकालने में सफलता प्राप्त की। अब मरीज कर्ण सेन की हालत खतरे से बाहर है।

राहुल गांधी को इस्तीफा देने से रोका गया

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लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के हाथों कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी अपना वजूद बचाने की कोशिश में लगी हुई है. कांग्रेस ने कभी नहीं सोचा था कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में उन्हें इस तरह की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ेगा. हार की वजहों पर मंथन करने और आगे की रणनीति तैयार करने के लिए कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हो रही है.

बैठक में राहुल गांधी इस्तीफे देने से पहले ही मनमोहन सिंह और प्रियंका गांधी ने रोका. इस बैठक में सोनिया गांधी , प्रियंका गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, पीएल पुनिया समेत तमाम नेता मौजूद हैं.

वहीं लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA के चुने गए सांसद शनिवार को औपचारिक तौर पर नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुनेंगे. NDA के सांसद शनिवार शाम पांच बजे, संसद के सेंट्रल हॉल में बैठ करेंगे. इससे पहले बीजेपी सांसद अलग से एक साथ मिलेंगे. माना जा रहा है कि मोदी बीजेपी सांसदों को संबोधित करेंगे.