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छत्तीसगढ़ी सिनेमा दमदार, 20 करोड़ के पार पहुंचा कारोबार

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मनु नायक के निर्देशन में बनी पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कहि देबे संदेश से छत्तीसगढ़ी सिनेमा का बीज पड़ा, जो आज वृक्ष में तब्दील हो गया है। मध्यप्रदेश के अलग होने के बाद प्रदेश के सिनेमा में बड़ा बदलाव आया सतीश जैन निर्मित और अभिनेता पद्मश्री अनुज शर्मा की फिल्म मोर छइंया भुुइंया से। इस फिल्म ने कई टाकीजों में 100 दिन चलकर रिकॉर्ड बनाया। अब 19 साल बाद फिर छॉलीवुड में बड़ा बदलाव हुआ है।

यह दमदार हो गया है। सिनेमा का कारोबार बीस करोड़ के ऊपर पहुंच चुका है। 2017 से 18 के बीच 48 फिल्मों का निर्माण हुआ। कुछ फिल्में रिलीज हुईं और कुछ का बाकी है। पूर्व में लाख-दो लाख रुपये में बनने वाली फिल्मों का बजट अब 70 से 80 लाख रुपये तक पहुंच गया है।

नए निर्माता और निर्देशकों ने ली एंट्री

फिल्मों के निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में सन्‌ 2018-19 छॉलीवुड के लिए काफी अच्छा रहा। करीब 10 अभिनेताओं और 12 नए निर्देशकों ने एंट्री ली।

समस्याओं से जूझ रहा सिनेमा

छॉलीवुड फिल्मों के लिए नए अभिनेता, निर्देशक और निर्माता तैयार हैं, लेकिन स्क्रीन न मिलने के कारण फिल्में घाटे में चल रही हैं। समस्याओं से जूझ रही इंड्रस्टी में फिल्म विकास निगम का गठन तो हुआ, लेकिन कुछ खास नहीं हुआ। निर्देशक अनुपम भार्गव बाताते हैं कि फिल्मों को मल्टीप्लेक्स में भी जगह मिलना जरूरी है। स्थानीय फिल्मों को स्क्रीन नहीं मिली तो स्थानीय कलाकारों का रोजगार खत्म हो जाएगा।

रिलीज

राधे अंगूठा छाप – 65 लाख

मोर जोड़ीदार – 80 लाख

आइ लव यू 20 लाख

हमर फैमली नंबर वन 10 लाख

राजू दिलवाला 35 लाख

बंधन प्रित के 64 लाख

नाग और अर्जुन 25 लाख

टूरा चायवाला 55 लाख

टिकिट टू छॉलीवुड 25 लाख

तहूं कुंवारा महूं कुंवारी 30 लाख

नए निर्देशक

अनुपम भार्गव

भूपेद्र चंदनिया

पुष्पेन्द्र सिंह

राजेश अवस्थी

एक्टर

दिनेश साहू

पीलेश साहू

अनुपम भार्गव

अमित चक्रवर्ती

अशरफ अली

– छत्तीसगढ़ी की फिल्मों को 100 स्क्रीन नहीं मिलेगी तब तक कुछ नहीं हो सकता। रही बात लोगों की मानसिकता की, उसमें बदलाव की जरूरत है। लोग अब छत्तीसगढ़ी फिल्मों को यूट्यूब और अन्य सोशल साइट्स पर देखना चाहते हैं, जो ठीक नहीं है। 50 से 70 लाख में बनी फिल्म को कौन सा निर्देशक और निर्माता मुफ्त में दिखाना चाहेगा। डॉ. रमन सिंह ने फिल्म विकास निगम का गठन कर अपना वादा पूरा किया। अब भूपेश सरकार की बारी है, वे फिल्म इंडस्ट्री के लिए कुछ करें। – राजेश अवस्थी, निर्माता- निर्देशक, पूर्व फिल्म विकास निगम अध्यक्ष

हर साल बढ़ती हैं इस चमत्कारी शिवलिंग की ऊंचाई, रहस्य ने बनाया अनूठा

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मरौदा गांव में घने जंगलों के बीच एक अनूठा शिवलिंग है, जिसके बारे में मान्यता है कि यह स्वयंभू है। यह शिवलिंग भूतेश्वरनाथ नाम से भी प्रसिद्ध है। पूरे विश्व का यह एक मात्र ऐसा शिवलिंग है जिसकी लंबाई अपने आप बढ़ती जा रही है। इस समय यह भू-स्थल से लगभग 18 फीट ऊंचा है और परिधि में 20 फीट है।

हर वर्ष बढ़ता है भोले का आकार 

यहां के शिवलिंग को लेकर एक दिलचस्प लोककथा है। कथा के अनुसार बहुत साल पहले जब जमींदारी प्रथा चल रही थी तब पारागांव में रहने वाले शोभा सिंह नाम के जमींदार यहां पर खेती-बाड़ी किया करते थे। एक दिन जब शोभा सिंह शाम को अपने खेत में गए तब उन्होंने खेत के पास एक विशेष आकृतिनुमा टीले से सांड के चिल्लाने और शेर के दहाड़ने की आवाज सुनी। वो तुरंत वापस आ गए और ये बात गांव वालों को बताई। इस पर ग्रामवासियों ने सांड अथवा शेर की आसपास खोज की। लेकिन, दूर-दूर तक उनको ना ही शेर मिला और ना सांड। तभी से टीले के प्रति लोगों की श्रद्धा बढ़ने लगी। लोग इसकी पूजा शिवलिंग के रूप में करने लगे। यहां के लोगों का कहना है कि पहले इस टीले का आकार छोटा था। धीरे-धीरे इसकी ऊंचाई एवं गोलाई बढ़ती गई और बढ़ने का यह क्रम आज भी जारी है।

यहां दिखाई देती जल लहरी 

इस शिवलिंग में प्रकृति प्रदत जल लहरी भी दिखाई देती है। जो धीरे-धीरे जमीन के ऊपर आती जा रही है। यहीं स्थान भूतेश्वरनाथ भकुरा महादेव के नाम से जाना जाता है। ऐसा भी माना जाता है कि भगवान शंकर-पार्वती ऋषि मुनियों के आश्रमों में भ्रमण करने आए थे, तभी यहां शिवलिंग के रूप में स्थापित हो गए। हर साल इसकी ऊंचाई 6 से 8 इंच बढ़ रही है! पुराणों में भी इस भूतेश्वर नाथ शिवलिंग का नाम लिया जाता है जहां इसे भकुरा महादेव के नाम से जाना जाता है। लोग यहां श्रद्धा से शीश झुकाते हैं।

-यह भी मान्यता है कि इनकी पूजा बिंदनवागढ़ के छुरा नरेश के पूर्वजों द्वारा की जाती थी। श्रावण मास में यहां जब आसपास हरियाली होती है तो भोले-शंकर के दर्शन मन को अपार सुख की प्राप्ति कराते हैं। घने जंगलों के बीच स्थित होने के बावजूद यहां पर श्रावण में कावड़ियों का हुजूम उमड़ता है। इसके अलावा शिवरात्रि पर भी यहां मेला भी लगता है।

छत्तीसगढ़ : आज से कहर बरपाएगा सूर्य, यूं समझे ‘नौतपा’ का गणित

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सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ आज नौतपा शुरू हो जाएगा। रोहिणी नक्षत्र आज से शुरू होकर आठ जून तक रहेगा। ऐसी मान्यता है कि रोहिणी नक्षत्र जब लगता है तो सूरज के तेवर प्रचंड हो जाते हैं और धरती का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। पंडित नारायण प्रसाद मिश्रा ने बताया कि नौतपा इस साल आज शाम 7.53 पर सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ शुरू हो जाएगा।

इस दौरान सूर्य मंगल बुध का शनि से समसप्तक योग होने से भी धरती के तापमान में इजाफा होता है। साल में एक बार रोहिणी नक्षत्र की दृष्टि सूर्य पर पड़ती है। यह नक्षत्र 15 दिन रहता है लेकिन शुरू के पहले चंद्रमा जिन नौ नक्षत्रों पर रहता है वह दिन नौतपा कहलाते हैं।

इसके कारण इन दिनों में गर्मी अधिक रहती है। मई के आखिरी सप्ताह में सूर्य और पृथ्वी के बीच दूरी कम हो जाती है और इससे धूप और तेज हो जाती हैं। नौतपा के दौरान पड़ने वाली गर्मी के प्रभाव से मानसून में अच्छी बारिश होगी।

यूं समझे नौतपा का गणित

पंडित नारायण प्रसाद मिश्रा के अनुसार जेष्ठ माह में सूर्य के वृष राशि के 10 अंश से 23 अंश 40 कला तक नौतपा कहलाता है। इस दौरान तेज गर्मी रहने पर बारिश के अच्छे योग और कम तपन पर बारिश में कमी दर्शाती है। नौतपा के बारे में कहते हैं कि जेष्ठ शुक्ल पक्ष में आद्रा नक्षत्र से लेकर 10 नक्षत्रों तक यदि बारिश हो तो वर्षा ऋतु में इन दसों नक्षत्रों में बारिश नहीं होती। यदि इन्हीं नक्षत्रों में तीव्र गर्मी पड़े तो बारिश अच्छी होती है।

भारतीय ज्योतिष में नौतपा को इस तरह परिभाषित किया है कि चंद्रमा जब जेष्ठ शुक्ल पक्ष में से स्वाती नक्षत्र तक अपनी स्थितियों में हो एवं तीव्र गर्मी पड़े तो वह नौतपा है। रोहिणी के दौरान अगर बारिश हो जाती है तो इसे रोहिणी नक्षत्र का गलना भी कहा जाता है

सूर्य पर रोहिणी नक्षत्र का असर

सूर्य तेज और प्रताप का प्रतीक है जबकि चंद्रमा शीतलता का। रोहिणी नक्षत्र का मुख्य रूप से अधिपति ग्रह चंद्रमा ही हैं तो सूर्य जब चंद्रमा के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो सूर्य इस नक्षत्र को अपने प्रभाव में ले लेता है। इससे रोहिणी नक्षत्र का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। सूर्य के इस नक्षत्र में आने से तापमान बढ़ जाता है और इस कारण धरती पर आंधी तूफान आने की आशंका बढ़ जाती है।

22 जून को आद्रा नक्षत्र से देश भर में छाएगा मानसून

पंडित नारायण प्रसाद मिश्रा के अनुसार सूर्य जब आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है तो इसे मानसून की शुरुआत माना जाता है। इस साल 22 जून को शाम 5 बजकर 17 मिनट पर सूर्य आद्रा नक्षत्र में प्रवेश कर रहा है। इस दिन से देश के हर इलाके में मानसून सक्रिय हो जाएगा। साथ ही इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र है और विष कुंभ योग का संयोग भी बन रहा है। यह संयोग असामान्य वर्षा का संकेत दे रहा है।

इस साल नौतपा में अलग-अलग दिन पड़ने वाले ऊर्जा प्रधान नक्षत्रों के प्रभाव से तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। चूंकि आज ही चंद्र प्रधान श्रवण नक्षत्र भी है, इसलिए इस बार रिकार्ड गर्मी पड़ेगी। पंडित नारायण प्रसाद मिश्रा के अनुसार यदि नौतपा के नौ दिनों तक तेज गर्मी पड़ती है तो आगामी मानसून में अच्छी बारिश होती है और यदि नौतपा के दौरान बारिश हो तो मानसून कमजोर रहता है। इस साल करीब 55 दिनों तक अच्छी बारिश होने का संकेत है।

इन नक्षत्रों के प्रभाव से पड़ेगी तेज गमी

श्रवण नक्षत्र, धनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद, रेवती नक्षत्र, अश्विनी नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, कृतिका नक्षत्र के प्रभाव से नौतपा में प्रतिदिन सूर्य की तपिश बढ़ती चली जाएगी।

तारीख नक्षत्र प्रभाव

25 मई श्रवण नक्षत्र तेज हवा, उमस रहेगी

26 मई धनिष्ठा नक्षत्र तीव्र गर्मी पड़ेगी, तेज धूप, लू चलेगी

27 मई शतभिषा नक्षत्र प्रचंड गर्मी रहेगी।

28 मई पूर्वा भाद्रपद सायंकालीन तेज हवा चलेगी।

29 मई उत्तरा भाद्रपद सायंकालीन तेज हवा और भयंकर गर्मी, दिनभर तेज धूप

30 मई रेवती नक्षत्र सुबह से तेज धूप और गर्मी

31 मई अश्विनी नक्षत्र उमस रहेग

01 जून भरणी नक्षत्र तीव्र गर्मी

02 जून कृतिका नक्षत्र प्रचंड गर्मी, दिनभर उमस व तेज धूप

Election Results 2019 के बाद CWC की बैठक आज, राहुल कर सकते हैं इस्तीफे की पेशकश

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 Lok Sabha Election Results 2019 में मिली करारी शिकस्त के बाद इस हार की समीक्षा के लिए आज दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई गई है। सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक पर देश की नजर है क्योंकि कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं। राहुल के इस्तीफे को लेकर गुरुवार को भी मीडिया में खबरें आईं थी लेकिन कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इन्हें खारिज कर दिया था।

आज पार्टी मुख्यालय पर होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की इस बैठक में सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, राहुल गांधी प्रियंका गांधी के अलावा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रभारी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, करारी हार के बाद इनमें से कईं ने इस्तीफे की पेशकश कर दी है जिनमें राज बब्बर भी शामिल है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के 23 मई को आए नतीजों में कांग्रेस को जबरदस्त झटका लगा है। जहां यूपीए के खाते में 85 सीटें जाती दिख रही थीं वहीं अकेली कांग्रेस सिर्फ 52 सीटों पर समिटकर रह गई। 17 राज्यों में तो कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई। इतना ही नहीं, खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिब ज्योतिरादित्य सिंधिया खुद भी अपने-अपने गढ़ों अमेठी और गुना से चुनाव हार गए।

मोदी की सुनामी कुछ ऐसी चली की कांग्रेस के 9 पूर्व मुख्यमंत्री भी अपनी सीट नहीं बचा सके और करारी हार का मुंह देखना पड़ा।

वर्ल्‍ड कप 2019: भगवा जर्सी में खेलेगी टीम इंडिया, रिपोर्ट में दावा

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आईसीसी क्रिकेट वर्ल्‍ड कप 2019 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम इंग्‍लैंड पहुंच चुकी है. साथ ही टीम इंडिया की किट भी जारी हो चुकी है. इस वर्ल्‍ड कप में टीम इंडिया गहरी नीले रंग की जर्सी में नजर आएगी. लेकिन खबर है कि इस वर्ल्‍ड कप में भारतीय टीम के लिए ऑरेंज(भगवा) रंग की दूसरी किट भी होगी. द न्‍यू इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि आईसीसी ने इस बार एक समान रंग की जर्सी पहनने वाली टीमों के आपसी मैचों में किसी एक टीम की जर्सी को बदलने का फैसला किया है. यह फॉर्मूला होम और अवे मैच की तर्ज पर होगा. जानकारी के अनुसार, भारतीय टीम जब इंग्‍लैंड और अफगानिस्‍तान के खिलाफ खेलेगी तो उसकी जर्सी ऑरेंज रंग की होगी.

बता दें कि वर्ल्‍ड कप 2019 में इंग्‍लैंड, भारत, अफगानिस्‍तान और श्रीलंका की टीमों की जर्सी नीले रंग की है. ऐसे में नए दर्शकों को टीम पहचानने में परेशानी न हो इसलिए होम और अवे मैच की तर्ज पर टीमों की जर्सी अलग होगी. यह नियम अभी फुटबॉल में चल रहा है. इंग्‍लैंड इस वर्ल्‍ड कप की मेजबान है ऐसे में उसकी जर्सी नहीं बदली जाएगी और वह नीले रंग की किट में ही खेलेगा. ऐसे में बाकी की जो टीमें हैं उन्‍हें अपनी जर्सी बदलनी होंगी.

आईसीसी ने दूसरी जर्सी के रूप में टीम इंडिया को कोई और रंग चुनने को कहा था. भारतीय टीम मैनेजमेंट ने ऑरेंज रंग चुना है. अभी दूसरी वाली किट जारी नहीं की गई की गई. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दूसरी जर्सी में सामने का रंग गहरा नीला होगा जबकि बाजू और पीछे का रंग ऑरेंज होगा. भारत को इंग्‍लैंड और अफगानिस्‍तान के खिलाफ मैच में अपनी दूसरी जर्सी के साथ खेलना होगा. हालांकि श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया अपनी परंपरागत नीले रंग की जर्सी में ही उतरेगी.

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इस वर्ल्‍ड कप में टीम इंडिया गहरी नीले रंग की जर्सी में नजर आएगी.

इधर, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश टीम की जर्सी हरे रंग की है. इनमें से बांग्‍लादेश और दक्षिण अफ्रीका को भी अपनी जर्सी में बदलाव करना होगा क्‍योंकि पाकिस्‍तान को होम टीम का दर्जा दिया गया है. बांग्‍लादेश और दक्षिण अफ्रीका ने दूसरी जर्सी के रूप में पीला रंग चुना है.

एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टीम की जर्सी में ऑरेंज रंग को शामिल करने की बात पिछले 6 महीने से चल रही थी. ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में इस रंग को मिलाकर किट तैयार करने की योजना थी लेकिन उस समय बात नहीं बन पाई थी.

राहुल की प्रशंसा में अशोक गहलोत बोले- हमनें NDA को कड़ी टक्‍कर दी

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लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस के बेहद निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी अध्‍यक्ष राहुल गांधी के इस्‍तीफा देने की अफवाहों ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया है. सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने यूपीए की चैयरपर्सन सोनिया गांधी के सामने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की है. हालांकि ऐसा भी कहा जा रहा है कि राहुल गांधी यही बात पार्टी फोरम की मीटिंग में भी रख सकते हैं. वहीं राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के इस्‍तीफे की अफवाहों पर अटकल लगाने के लिए ट्वीट का सहारा लिया है.

अशोक गहलोत ने शुक्रवार शाम ट्वीट किया, ‘लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के इस्‍तीफे की अफवाहें निराधार और अप्रासंगिक हैं. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि राहुल गांधी के अथक प्रयासों की वजह से ही हम एनडीए को कड़ी चुनौती दे पाए.’

ऐसी संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस अध्‍यक्ष 25 मई को दिल्‍ली में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में अपना इस्‍तीफा दे सकते हैं. ऐसी उम्‍मीद है कि सीडब्‍ल्‍यूसी की बैठक में इस प्रस्‍ताव को स्‍वीकार नहीं किया जाएगा.

17वीं लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के उत्‍तर प्रदेश राज्‍य के अध्‍यक्ष राज बब्‍बर ने गांधी को अपना इस्‍तीफा भेजा है. वहीं ओडिशा राज्‍य इकाई के अध्‍यक्ष निरंजन पटनायक ने भी अपना पद छोड़ने की घोषणा कर दी है.

इन सबके बीच अशोक गहलोत ने राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘कांग्रेस पार्टी जल्‍द ही वापसी करेगी. हमनें चुनाव में कड़ी टक्‍कर दी है. हम राहुल गांधी के नेतृत्‍व में राष्‍ट्र की सेवा करते रहेंगे और जल्‍द ही वापसी करेंगे.’

वीडियो गेम की लत को जल्द ही बीमारी घोषित करेगा WHO

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अगर आप भी हर समय वीडियो गेम खेलते रहते हैं तो यह खबर आपको परेशान कर सकती है. दरअसल, वीडियो गेम की लत को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बीमारी की श्रेणी में डालने का फैसला किया है. बहुत जल्द इसे नशीली दवाओं और शराब की लत की तरह ही आधिकारिक रूप से बीमारी घोषित कर दिया जाएगा. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक गेम के प्रति बढ़ी दिवानगी ‘गेमिंग डिसऑर्डर’की निशानी है.

डब्ल्यूएचओ ने पिछले साल 11वें इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिसीज कार्यक्रम में वीडियो गेम की लत को एक बीमारी का दर्जा देने का निर्णय किया था. गेमिंग डिसऑर्डर से परेशान लोग रोज के कामकाज से ज्यादा गेम को तवज्जो देते हैं. मोबाइल पर या फिर टीवी पर ये लोग हर वक्त गेम खेलते हैं. कई गेम को ऐसे भी हैं जिनके कारण कई लोगों की जानें तक जा चुकी हैं. हालांकि वीडियो गेम की लत को बीमारी की श्रेणी में रखने के डब्ल्यूएचओ के फैसले की गैर-लाभकारी इंटरनेशनल गेम डेवलपर्स एसोसिएशन ने निंदा की है.

डब्ल्यूएसओ ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया है कि अगर कोई व्यक्ति अपने सभी काम पूरे करने के बाद गेम खेल रहा है तो उसे बीमार नहीं माना जाएगा. डॉक्टर्स का कहना है कि इस बीमारी से ज्यादातर बच्चे प्रभावित हो रहे हैं. स्कूल से आने के बाद ज्यादातर बच्चे मोबाइल पर गेम खेलते हैं. घर से बाहर नहीं निकलने के कारण उनका ज्यादातर समय घर के अंदर ही बीतता है और उनके पास मोबाइल गेम का ही एक सहारा होता है.

गेमिंग डिसॉर्डर के लक्षण
1- इस बीमारी की चपेट में आने वाला व्यक्ति हर वक्त वीडियो गेम खेलना चाहता है. उसके दिमाग में केवल वीडियो गेम ही चलता रहता है. इसे प्रीऑक्यूपेशन कहते हैं.

2- अगर आप अपने ऊपर नियंत्रण नहीं रख पा रहे हैं और वीडियो गेम खेलने की चेन को ब्रेक नहीं कर पा रहे हैं तो समझिए आप बीमार हैं.

3- वीडियो गेम खेलने के कारण ऑफिस पहुंचने में देरी, नींद आने पर भी खेल के बारे में ही सपने आना, आए दिन बीमार रहना और जरूरी काम छूट जाना. इस बीमारी के लक्षण हैं.

दिग्विजय सिंह की जीत के लिए हवन करने वाले स्वामी वैराग्यानंद निरंजनी अखाड़े से निष्कासित

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भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की जीत के लिए हवन करने वाले स्वामी वैराग्यानंद को निरंजनी अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है. स्वामी वैराग्यानंद पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महामंडलेश्वर थे.

दरअसल उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह को हराने के लिए हवन किया था. उन पर राजनीतिक बयानबाजी करने का भी आरोप लगा था. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा स्वामी वैराग्यानंद का कार्य गलत था. उनका आचरण साधु-संतों की मर्यादा के खिलाफ था.

उन्होंने बताया कि अखाड़े के पंच परमेश्वर की बैठक के बाद उन्हें निष्कासित करने का निर्णय लिया गया. महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि किसी के अहित के लिए पूजा कराना गलत है. संत के तौर पर उन्होंने राजनीतिक विद्वेष से ग्रसित होकर दिग्विजय सिंह की जीत और साध्वी प्रज्ञा की हार के लिए पूजा अनुष्ठान किया.

गौरतलब है कि स्वामी वैरागानंद के कई आश्रम गुजरात और मध्य प्रदेश में है. स्वामी वैराग्यानंद को दिग्विजय सिंह का करीबी बताया जाता है. वैराग्यानंद ने चुनाव के दौरान कई क्विंटल लाल मिर्ची का हवन करवाया था. साथ ही उन्होंने दावा किया था कि अगर दिग्विजय सिंह हार जाएंगे तो वे समाधि ले लेंगे.

बता दें मालेगांव बम धमाकों की आरोपी रही साध्वी प्रज्ञा सिंह को बीजेपी ने भोपाल सीट से दिग्विजय सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा था. साध्वी प्रज्ञा सिंह ने दिग्गी राज को रिकॉर्ड वोटों से हराया. हालांकि साध्वी प्रज्ञा नाथूराम गोडसे और हेमंत करकरे की शहादत को लेकर विवादित बयान भी दिए थे.

शैक्षणिक सत्र 2019-20 अकादमिक कैलेण्डर जारी : महाविद्यालयों में नियमित कक्षाएं एक जुलाई से : स्नातक प्रथम वर्ष के लिए प्रवेश एक से 30 जून तक

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राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक संस्थाओं के लिए सत्र 2019-20 के लिए अकादमिक कैलेण्डर जारी किए गए हैं। इसके अनुसार सभी शासकीय व अशासकीय महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष हेतु एक जून से 30 जून तक एवं अन्य कक्षाओं के लिए 16 जून से 15 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर नियमित कक्षाएं एक जुलाई से प्रारंभ करने कहा गया है। राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में हेल्पडेस्क का गठन करने तथा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
      उच्च शिक्षा विभाग से जारी शैक्षणिक कैलेण्डर के अनुसार छात्रसंघ की चुनाव प्रक्रिया और शपथ ग्रहण 22 से 31 अगस्त 2019 तक और खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 17 जुलाई से 20 दिसम्बर 2019 तक,  महाविद्यालयों में वार्षिक आयोजन 21, 22, 23 दिसम्बर में से कोई दो दिन में किया जाएगा। एनसीसी और एनएसएस व अन्य गतिविधियों के तहत जुलाई के द्वितीय सप्ताह में वृक्षारोपण कार्यक्रम, 14 से 23 अक्टूबर 2019 के मध्य कैम्प, 24 से 31 दिसम्बर के बीच एनसीसी एवं एनएसएस कैम्प और माह दिसम्बर 2019 व जनवरी 2020 तक दीक्षांत समारोह के लिए समय निर्धारित किया गया है।
 
दशहरा दीपावली, शीत कालीन और ग्रीष्म अवकाश की तिथियां निर्धारित

    शासकीय महाविद्यालयों में दशहरा अवकाश 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक और दीपावली अवकाश 25 से 29 अक्टूबर, शीतकालीन अवकाश 24 से 27 दिसम्बर 2019 तक और ग्रीष्मकालीन अवकाश 16 मई से 4 जून 2020 तक निर्धारित किया गया है। आन्तरिक परीक्षाओं के कार्यक्रम के तहत एक अगस्त को प्रथम यूनिट परीक्षा, 31 अगस्त को द्वितीय यूनिट परीक्षा,  26, 27, 28 सितम्बर 2019 तक प्रथम सत्र परीक्षा, चार नवम्बर को तृतीय यूनिट परीक्षा, 27, 28, 29 नवम्बर 2019 को द्वितीय सत्र परीक्षा, चतुर्थ यूनिट परीक्षा 19 दिसम्बर 2019, प्री-फाइनल परीक्षा 22, 23 और 24 जनवरी 2020 को होगा।

वार्षिक परीक्षाएं 4 से 30 मार्च के मध्य होंगी

        वार्षिक परीक्षा कार्यक्रम के तहत प्रायोगिक परीक्षाओं का आयोजन 17 सेे 28 फरवरी और वार्षिक परीक्षा का आयोजन चार मार्च से 30 मार्च 2020 में किया जाएगा। नियमित विद्यार्थियों के लिए वार्षिक परीक्षा में बैठने के लिए जारी निर्देश के तहत प्रत्येक विषय में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। कुल 7 आंतरिक परीक्षाओं में कम से कम पांच आंतरिक परीक्षाओं में सम्मिलित होना अनिवार्य है। एनसीसी एवं एनएसएस कैम्प, खेलकूद, राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धाओं में सम्मिलित हुए छात्रों को उपस्थित माना जाएगा। उपस्थिति की पहली गणना 31 अक्टूबर 2019 और द्वितीय गणना 15 फरवरी 2020 को की जाएगी। कम उपस्थिति वाले छात्रों को तथा उनके पालकों को सूचना दी जाएगी। वार्षिक परीक्षा के परिणाम 16 जून 2020 तक और 30 अगस्त 2020 तक पूनर्मूल्यांकन के सभी घोषित किए जाएंगे। पूरक परीक्षा का आयोजन 30 सितम्बर तक और इनके परिणाम 31 अक्टूबर 2020 तक घोषित होगें। सेमेस्टर कोर्स के लिए तय की गई समय-सारिणी के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया 17 से 30 जून तक करने, कक्षाओं का प्रारंभ एक जुलाई से तथा द्वितीय सेमेस्टर 31 दिसम्बर से किया जाएगा।

सूरत आग हादसे में 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

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सूरत आग मामले में 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

सूरत कोचिंग सेंटर आग लगने के हादसे में कुल 20 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक 4 साल के बच्चे की भी जान चली गई. पुलिस ने बिल्डर्स और कोचिंग सेंटर के मालिक समेत 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है.