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शुक्रवार को पेट्रोल हुआ इतना सस्ता, जानिए नए रेट्स

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पेट्रोल-डीजल के दाम में आज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. शुक्रवार को जहां पेट्रोल के दाम में  8-9 पैसे की कमी आई है, तो वहीं डीजल की कीमतों में करीब 5-6 पैसे की बढ़ोतरी देखने को मिली है. आपको बता दें कि कल 7 दिन बाद डीजल की कीमत में बदलाव देखने को मिला था. गुरुवार को डीजल 6 पैसे महंगा हुआ था. जब की पेट्रोल की कीमत में कल कोई बदलाव देखा नहीं गया.

क्यों हुआ सस्ता- अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड का दाम 73.03 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 0.76 फीसदी की तेजी के साथ 63.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा हैं. वहीं, एक हफ्ते के दौरानकीमतें 7 फीसदी तक कम हो गई है. इसीलिए भारतीय बाजार में पेट्रोल-डीज़ल के दाम भी घट गए है.

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इंडियन ऑयल (IOC) की वेबसाइट के अनुसार, शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 71.10 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं. कोलकाता में पेट्रोल 8 पैसे सस्ता होने के बाद 73.17 रुपए प्रति लीटर हो गया है. देश की आर्थिक राजधानी के रूप में मशहूर मुंबई में पेट्रोल 8 पैसे की कटौती के बाद 76.71 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है. चेन्नई में पेट्रोल 9 पैसे सस्ता होकर 73.79 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है.
>> दिल्ली में डीजल 65.96 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है. कोलकाता में यह 5 पैसे महंगा हुआ है और अब इसकी कीमत 67.71 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं. मुंबई में डीजल 6 पैसे की बढ़ोतरी के बाद 69.11 रुपए प्रति लीटर हो गया है. चेन्नई में डीजल 6 पैसे महंगा हुआ है और अब यह 69.72 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है.

रोज़ाना सुबह 6 बजे से लागू होती हैं नई कीमतें

देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनी (HPCL, BPCL, IOC) रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा करती है. नई दरें सुबह 6 बजे से लागू होती है. आपको बता दें कि कीमतों को तय करने के लिए 15 दिन की औसत कीमत को आधार बनाया जाता है. इसके अलावा रुपये और डॉलर के विनिमय दर से भी तेल की कीमत प्रभावित होती है.

4 जून को केरल नहीं पहुंचेगा मानसून, मौसम विभाग ने बताई यह नई तारीख

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मौसम विभाग ने इस साल देश में पांच दिन की देरी से मानसून के दस्तक देने की संभावना जताते हुये कहा है कि दक्षिण पश्चिम मानसून छह जून को केरल तट पर पहुंच सकता है. मौसम विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी. भारत में चार महीने के बारिश के मौसम की शुरुआत दक्षिण पश्चिम मानसून से होती है.

 यह मानसून भारत में हर साल सामान्यत: एक जून को केरल तट पर दस्तक देता है. दक्षिण पश्चिम मानसून के बारे में मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार इस साल मानसून पहुचंने में पांच दिन की देरी हो सकती है. विभाग ने हालांकि इसमें चार दिन अधिक या कम होने की संभावना से इंकार नहीं किया है.

यह मानसून भारत में हर साल सामान्यत: एक जून को केरल तट पर दस्तक देता है. दक्षिण पश्चिम मानसून के बारे में मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार इस साल मानसून पहुचंने में पांच दिन की देरी हो सकती है. विभाग ने हालांकि इसमें चार दिन अधिक या कम होने की संभावना से इंकार नहीं किया है.

 निजी क्षेत्र की मौसम एजेंसी ‘स्काईमेट’ ने भी मंगलवार को देश में चार दिन की देरी से चार जून को मानसून के पहुंचने का अनुमान जारी किया था. इसके एक दिन बाद मौसम विभाग ने दक्षिण पश्चिम मानसून की पूर्वानुमान रिपोर्ट जारी की है.

निजी क्षेत्र की मौसम एजेंसी ‘स्काईमेट’ ने भी मंगलवार को देश में चार दिन की देरी से चार जून को मानसून के पहुंचने का अनुमान जारी किया था. इसके एक दिन बाद मौसम विभाग ने दक्षिण पश्चिम मानसून की पूर्वानुमान रिपोर्ट जारी की है.

 विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून के लिये अंडमान सागर और निकोबार द्वीप के दक्षिणी इलाकों तथा बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र में 18 से 19 मई के बीच आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां बरकरार हैं.

विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून के लिये अंडमान सागर और निकोबार द्वीप के दक्षिणी इलाकों तथा बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र में 18 से 19 मई के बीच आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां बरकरार हैं.

 विभाग के अनुसार अगर पूवार्नुमान के मुताबिक मानसून इस साल भी देरी से आता है, तो 2014 के बाद मानसून के विलंबित होने का यह तीसरा साल होगा. इससे पहले 2015 में पांच जून और 2016 में आठ जून को मानसून ने केरल तट पर दस्तक दी थी.<br />यह जरूरी नहीं है कि मानसून के देर से आने से बारिश की मात्रा पर कोई प्रभाव पड़े.

विभाग के अनुसार अगर पूवार्नुमान के मुताबिक मानसून इस साल भी देरी से आता है, तो 2014 के बाद मानसून के विलंबित होने का यह तीसरा साल होगा. इससे पहले 2015 में पांच जून और 2016 में आठ जून को मानसून ने केरल तट पर दस्तक दी थी.<br />यह जरूरी नहीं है कि मानसून के देर से आने से बारिश की मात्रा पर कोई प्रभाव पड़े.

 साल 2018 में मानसून, नियत समय से तीन दिन पहले, 29 मई को केरल तट पर आ गया था. इसके बावजूद देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गयी थी. इसी तरह 2017 में 30 मई को मानसून की दस्तक के बाद भी बारिश की मात्रा औसत स्तर की 95 प्रतिशत ही रही थी. 

साल 2018 में मानसून, नियत समय से तीन दिन पहले, 29 मई को केरल तट पर आ गया था. इसके बावजूद देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गयी थी. इसी तरह 2017 में 30 मई को मानसून की दस्तक के बाद भी बारिश की मात्रा औसत स्तर की 95 प्रतिशत ही रही थी. 

 विभाग ने अप्रैल में जारी पूर्वानुमान में दक्षिण पश्चिम मानसून में लगभग सामान्य बारिश होने का अनुमान व्यक्त करते हुये इसके 96 प्रतिशत तक रहने की संभावना जतायी थी जबकि स्काईमेट ने इसके सामान्य से कम 93 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है.

विभाग ने अप्रैल में जारी पूर्वानुमान में दक्षिण पश्चिम मानसून में लगभग सामान्य बारिश होने का अनुमान व्यक्त करते हुये इसके 96 प्रतिशत तक रहने की संभावना जतायी थी जबकि स्काईमेट ने इसके सामान्य से कम 93 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है.

पंजाब में कांग्रेस हारी तो दे दूंगा इस्तीफा: कैप्टन अमरिंदर सिंह

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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को कहा है कि अगर लोकसभा चुनावों में पंजाब में कांग्रेस पार्टी अच्छा प्रदर्शन नहीं करती है तो वह जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देंगे.

अमरिंदर सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनावों मैं जिम्मेदारी लूंगा और पद से इस्तीफा दे दूंगा. सीएम अमरिंदर ने अपने बयान में कहा कि सभी मंत्री और विधायक पार्टी के प्रदर्शन के लिए जिम्मेवार होंगे.

उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान का फैसला है कि लोकसभा चुनावों में पार्टी उम्मीदवारों की जीत या हार का पूरा श्रेय पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को जाएगा. मैं इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हूं हालांकि मुझे यकीन है कि कांग्रेस पंजाब में सभी लोकसभा सीट पर जीत हासिल करेगी.

बता दें पंजाब में एक दशक से सत्ता में रही शिरोमणी अकाली दल और बीजेपी को हराने के बाद 2017 में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी और कैप्टन अमरिंदर सिंह राज्य के मुख्यमंत्री बने थे. कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में 38.5 प्रतिशत वोटों के साथ 117 में से 77 सीटों पर जीत दर्ज़ की थी. सिंह इससे पहले 2002 से 2007 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे थे.

टिकट नहीं दिए जाने पर सिद्धू- मेरी पत्नी झूठ नहीं बोलती

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पंजाब सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के कुछ दिन पहले दिए गए बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वह कभी झूठ नहीं बोलेंगी. नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता आशा कुमारी पर अमृतसर से लोकसभा टिकट नहीं दिए जाने का आरोप लगाया था.

गुरुवार को नवजोत सिंह सिद्धू से जब उनकी पत्नी के आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मेरी पत्नी नैतिक रूप से इतनी मजबूत हैं कि वह कभी झूठ नहीं बोलेंगी. यही मेरा जवाब है.’

नवजोत कौर सिद्धू ने 14 मई को आरोप लगाया था कि अमरिंदर सिंह और पार्टी के पंजाब मामलों की प्रभारी आशा कुमारी ने उनका अमृतसर संसदीय क्षेत्र से मिलने वाला टिकट नहीं मिलने दिया. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को लग रहा है कि वह पंजाब की 13 की 13 सीटें जीत रहे हैं और पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू की जरूरत नहीं है. कांग्रेस नेता की पत्नी ने कहा कि इसलिए नवजोत सिंह सिद्धू वहीं प्रचार कर रहे हैं, जहां पर उनकी जरूरत है.

नवजोत कौर सिद्धू ने अमृतसर में संवाददाताओं से कहा था, “कैप्टन साहब और आशा कुमारी सोचते हैं कि मैडम सिद्धू (नवजोत कौर) सांसद का टिकट पाने के योग्य नहीं हैं. अमृतसर से मुझे टिकट इस आधार पर नहीं दिया गया कि अमृतसर में दशहरा के मौके पर हुए ट्रेन हादसे (पिछले साल अक्टूबर में जिसमें 60 लोग मारे गए थे) की वजह से मैं जीत नहीं पाऊंगी. कैप्टन एवं आशा कुमारी ने कहा था कि मैडम सिद्धू जीत नहीं सकती हैं.”

राहुल गांधी के साथ रोड शो में शत्रुघ्न सिन्हा पर लोगों ने कसा तंज

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भारतीय जनता पार्टी छोड़ कांग्रेस का दामन थामने वाले शत्रुघ्न सिन्हा को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ राहुल गांधी ने गुरुवार को पटना में रोड शो किया। इस दौरान रोड शो की वजह से काफी लंबा जाम लग गया था, तभी लोगों ने शत्रुघ्न सिन्हा पर तंज कसते हुए कहा कि आज के बाद भी दर्शन दीजिएगा। रोड शो के दौरान राहुल गांधी ने लोगों को संबोधित किया और कहा कि हमारी पार्टी सत्ता में आई तो हम ऐसी सरकार देंगे जो जनता को मालिक का दर्जा देगी।

लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आप लोग मालिक हैं और हम जब सरकार बनाएंगे तो वह ऐसी सरकार होगी जोकि आपके मन की बात को सुनेगी, नाकि अपने मन की बात सुनाएगी। हमारी नीतिया आपके मन की बात के आधार पर बनेगी। नोटबंदी पर तीखा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ना सिर्फ किसान बल्कि छोटे दुकानदारों को भी इसका नुकसान उठाना पड़ा है। हम आपको भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हम इस तरह का कोई काम नहीं करेंगे, हम लोगों की राय लेने के बाद ही फैसले लेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि हम जीएसटी में सुधार करेंगे और जो भी समस्या इसकी वजह से लोगों को हो रही है उसे खत्म करेंगे।

राहुल ने कहा कि मुझे बताया गया है कि शत्रुघ्न सिन्हा का घर कुछ ही दूरी पर है, वह बिहार का गौरव हैं और आप लोग बड़ी संख्या में यहां आए, मैं आप लोगों से अपील करना चाहता हूं कि इसी उत्साह के साथ आप लोग मतदान में भी हिस्सा लें। बता दें कि इस बार शत्रुघ्न सिन्हा का मुकाबला भाजपा के रविशंकर प्रसाद से है। लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होगा, जबकि चुनाव के परिणा 23 मई को घोषित किए जाएंगे।

अब ‘रोबॉट करेंगे चौकीदारी, रात में कॉलोनियों की करेंगे सुरक्षा !

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दोस्तों, आजतक रात में कॉलोनियों की सुरक्षा गार्ड करते थे मगर अब रात को कॉलोनियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी रोबोट लेने वाले हैं । बताया जा रहा है कि, चीन की राजधानी पेइचिंग में एक रेजिडेंशल कम्युनिटी ने रोबॉट को चौकीदारी करने की जिम्मेदारी सौंपी है । इस रोबॉट को मेइबाओ नाम दिया गया है, जो अवैध गतिविधियों पर ‎निगरानी करेगा ।

इस रोबॉट को दिसंबर 2018 से अप्रैल, 2019 तक टेस्टिंग के लिए तैनात किया गया है । पेइचिंग एयरोस्पेस की ओर से तैयार इस रोबॉट को बनाने में चाइना अकैडमी ऑफ लॉन्च वीकल टेक्नॉलजी के सहयोग से बनाया गया है । यह तकनीक बायोलॉजिकल रिकॉग्निशन, बिग डेटा एनालिसिस, नैविगेशन सिस्टम और अन्य तकनीकों के बीच कॉम्बिनेशन से काम करेगा।

नाबालिग दुल्हन को देख भड़का दूल्हा, बोला- ‘इससे नहीं करूंगा शादी’

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उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से एक हैरान करने वाली खबर सामने आईं है। यहां एक दूल्हे ने शादी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद बारात बिना दुल्हन लिए वापस लौट गई। बिना दुल्हन के लौटी बारात इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं, लड़की पक्ष के लोगों ने शादी से पहले की रस्मों में दिए गए दान दहेज हो वापस करने की मांग की।क्या है मामला

मीडिया खबरों के अनुसार, फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने अपनी 20 वर्षीय बड़ी बेटी की शादी मैनपुरी थाना कुमसरा क्षेत्र निवासी एक युवक से तय की थी। लेकिन युवती अपने प्रेमी के साथ चली गई। इस बात की जानकारी लड़की पक्ष ने दूल्हे के पिता व उसके परिवार वालों को नहीं दी और अपनी 14 वर्षीय छोटी बेटी की शादी उसी युवक से करने की योजना बना डाली।

दुल्हन को देख भड़का दूल्हा

तय तिथि 15 मई को बरात राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव पहुंची। दुल्हन पक्ष ने दूल्हों का स्वागत सत्कार किया और मण्डप तक ले गए। द्वारचार के बाद जयमाल की रस्म के लिए लड़की वरमाला लेकर स्टेज पर पहुंची। उसे देखकर दूल्हा भड़क गया। उसने कहा जो लड़की शादी से पहले उसे दिखाई गई थी वह तो यह है ही नहीं। इसकी तो उम्र भी कम है। इससे मामला बिगड़ गया।

बिना दुल्हन के लौटी बारात

रिश्तेदारों ने मामले को संभालने की कोशिश की। लेकिन दूल्हे ने नाबालिग से शादी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद देर रात बारात बिना दुल्हन के बैरंग लौट गई। किशोरी के भाई ने सगाई व अन्य रस्मों में दूल्हे को दी गई बाइक, सोने की चेन व नगदी आदि वापस करने की मांग की है। मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी गई।

दहेज की मांग पूरी ना करने पर विवाहिता को घर से निकाला, पिता ने दी तहरीर…

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कोतवाली के मोहल्ला भगत सिंह नगर निबासी मुईन उद्दीन पुत्र रफीक उद्दीन ने शिकायती पत्र देते हुये बताया कि मैने अपनी पुत्री की शादी तीन बर्ष पूर्व फहीम खा पुत्र बसीम खा निबासी आजाद नगर के साथ की थी और अपनी हैसियत के अनुसार मोटर साईकिल सहित ढेर सारा दहेज का सामान दिया था।

लेकिन इतने पर भी पुत्री के ससुराल के लोग संतुष्ट नहीं हुये और लगातार एक लाख रुपया नगद और सोने की की मांग करते रहे मांग पूरी न होने पर प्रार्थी की पुत्री को दामाद फहीम खा पुत्र कलीम खा ससुर कलीम खा पुत्र मुन्ना देवर चाँद खा पुत्र कलीम खा देवर राजा खा पुत्र कलीम खा और सास साकिर पत्नी कलीम खा को मारपीट कर प्रताडि़त करते रहे उसी दौरान पुत्री को एक बच्चा भी हुआ।

घटना दिनांक 15 मई की रात्रि को उक्त लोगो ने पुत्री के साथ मारपीट करते हुये घर से निकाल दिया और बोले जब तक 1 लाख रुपया व जंजीर ले नहीं आओगी तब तक मेरे घर मत आना जिसकी सूचना पड़ोसियों द्वारा प्रार्थी को हुई तो मय पुत्री की ससुराल 16 मई को समय करीब 8 बजे पहुंचा और वहां पर पुत्री को देखा तो उसके शारीर पर काफी खरोंच और मारपीट के निशान थे घटना की पूरी जानकारी सद्दाम पुत्र मल्लू निबासी भगत सिंह नगर व राशिद पुत्र राजू खा निबासी आजाद नगर ने देखी व सुनी और मुझे भी उक्त लोगो ने एलानिया धमकी दी कि अपनी पुत्री को ले जाओ और जब त क एक लाख रुपया नगद व सोने की जंजीर नही दोगे तब तक यह मेरे घर पर नहीं रह पायेगी प्रार्थी ने उक्त लोगो के खिलाफ कार्यबाही की मांग की है।

गुजरात के शेरों की दूसरे राज्यों में मांग बढ़ी, बदले में दूसरे जानवर देने को तैयार हैं दुनिया के कई देश

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एशियाई शेरों के एकमात्र प्रश्रय स्थल गुजरात से दुनिया के कई देश शेर खरीदना चाहते हैं। भारतीय राज्यों में भी यहां के शेरों की बड़ी दीवानगी है। यही वजह है कि कुछ राज्यों ने गुजरात सरकार को शेरों के बदले दूसरे जानवर देने की पेशकश भी की है। यदि गुजरात हाल के ही खरीद प्रस्तावों पर विचार करता है तो दूसरे चरण में कुल 14 शेर राज्य से बाहर ले जाए जाएंगे। बता दें कि, मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की अगुवाई में राज्य के अधिकारियों ने यूपी, पंजाब और महाराष्ट्र को उनके जू-म्यूजियम्स के लिए हाल ही 14 शेर सौंपे थे। ये शेर जूनागढ़ के शक्करबाग जंतुआलय से ले जाए गए।

गुजरात में बचे एशियाई शेरों की दुनिया में बड़ी मांग

गिर अभयारण्य सहित राज्य के 8 जिलों में फैले 22,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 500 से ज्यादा शेर रहते हैं। वर्ष 2015 में की गई अंतिम जनगणना के अनुसार, गुजरात में शेरों की संख्या 523 थी। जबकि, 11 मृत शेर भी पाए गए थे। कुल शेरों में से कम से कम 200 शेर अभयारण्यों के बाहर असुरक्षित क्षेत्रों में रह रहे हैं। इस राज्य को एशियाई शेरों का दुनिया का आखिरी निवास स्थान माना जाता है, जो पहले कभी भारत और मध्य-पूर्व के बीच बड़े पैमाने पर मिलते थे। अब जबकि, शेर गुजरात में ही बचे हैं तो दुनियाभर से यहां के शेरों को खरीदने के आॅफर आते हैं।

 

अब राज्य से बाहर भेजे जा सकते हैं एकसाथ 25 शेर

वनविभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, राज्य सरकार देश के विभिन्न राज्यों में शेरों को पहुंचाने के लिये तैयार है। अगर गुजरात सरकार देश के विभिन्न राज्यों में शेरों को भेजती है, तो गुजरात के 25 से ज्यादा शेर बाहर जाएंगे। शेरों के अंतिम समूह के प्राणी संग्रहालय में स्थानांतरित होने के तीन साल बाद मुख्यमंत्री ने 14 शेरों के आदान-प्रदान की मंजूरी दी है। यह भी मालूम हुआ है कि केंद्रीय प्राणी संग्रहालय प्राधिकरण की मांग पर गुजरात सरकार ने 25 से अधिक जानवरों के हस्तांतरण के लिये मंजूरी दी।

 

जम्मू कश्मीर ने भी मांगे शेर, सरकार अभी देने को तैयार नहीं

वन अधिकारी ने बताया कि राज्य में एक जंतुआलय से 10 जानवरों को भेजने के लिये सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। इन प्रस्तावों को सीजेडएआई से मंजूरी मिलने का इंतजार है। गुजरात के शेरों की मांग जम्मू-कश्मीर में भी है। मगर, वन विभाग चिंतित है, क्योंकि अधिक ठंड की वजह से शेर वहां जीवित नहीं रह पाएंगे। ऐसे में अभी चार राज्यों से आये प्रस्तावों पर अब तक कोई अमल नहीं किया गया है। वैसे जंगली शेरों को जंतुआलय में रखने की अनुमति भी नहीं दी जाती, केवल दूसरी पीढी के बंदी नस्ल के शेरों का अन्य जानवरों के लिये आदान-प्रदान किया जा सकता है।

 

जूनागढ़ के शक्करबाग जंतुआलय से होता है आदान-प्रदान

इससे पहले गुजरात सरकार ने कुछ शेरों को विभिन्न जंतुआलयों में स्थानांतरित किया था। जिनमें पहले से 50 जानवरों को शामिल किया गया था। मंजूरी के अंतराल का मुख्य कारण शक्करबाग जंतुआलय में दूसरी पीढी के बंदी शेरों की अनुपलब्धता थी। अब दूसरी पीढीं के उप वयस्त शेर मिल गए हैं, इसलिये आदान-प्रदान शुरू किया गया है। जूनागढ़ के शक्करबाग जंतुआलय में अभी 58 शेर हैं, जो एशियाई शेरों के आदान-प्रदान की नोडल एजेंसी भी मानी जाती है।

 

गुजरात से अबतक 200 ज्यादा शेर दूसरों राज्यों में भेजे गए

वन विभाग से जुड़ी एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात ने अन्य राज्यों में जानवरों के आदान-प्रदान के लिये अब तक करीब 208 शेरों को भेजा है और उनके बदले में कई अन्य जानवर गुजरात आए हैं। इन शेरों के बदले अब तक राज्य को 120 से अधिक जानवर मिले हैं। 2009 में, एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत, सिंगापुर से जूनागढ के शक्करबाग प्राणी संग्रहालय को चार अफ्रीकी चीते मिले थे। अधिकारी का कहना है कि अगर, मांग के अनुसार अब शेरों को गुजरात से बाहर ले जाया जाता है तो यह 2016 के बाद सबसे बडा एक्सचेंज होगा। क्योंकि, एक साथ 25 शेरों को गुजरात ने कहीं भेजा नहीं है।

‘गोडसे पहला हिन्दू आतंकी’ के बयान पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द की कमल हासन के खिलाफ याचिका

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दिल्ली हाईकोर्ट ने मक्कल निधि माईम (एमएनएम) के नेता कमल हासन के ‘गोडसे पहला हिन्दू आतंकी’ बयान पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने बुधवार को इस मामले पर दायर याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को कहा कि ये मामला तमिलनाडु का है, ऐसे में हम इस पर सुनवाई नहीं करना चाहते। भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दाखिल की गई याचिका में निर्वाचन आयोग को ऐसे लोगों के चुनाव लड़ने पर रोक के लिए आदेश देने की मांग की गई थी, जो चुनावी लाभ लेने की मंशा से धर्म के बारे में अनुचित बयानबाजी करें।

जस्टिस जीएस सिस्‍तानी और जस्टिस ज्‍योती सिंह ने याचिका पर कहा कि कमल हासन के बयान से संबंधित मामला अदालत के अधिकार क्षेत्र के बाहर है, इसलिए वह इस पर सुनवाई नहीं कर सकती है। हालांकि अदालत ने निर्वाचन आयोग से कहा है कि वह कमल हासन की हालिया टिप्पणी के मामले में तेजी से फैसला ले।

तमिलनाडु के अरावकुरिचि में चुनाव अभियान के दौरान कमल हासन ने कहा कि आजाद भारत का पहला आतंकी एक हिंदू था। उसका नाम नाथूराम गोडसे था। हासन ने कहा, मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा, क्योंकि मैं मुस्लिमों के एरिया में सभा कर रहा हूं बल्कि इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मेरे सामने गांधी की प्रतिमा है। मुझे लगता है कि देश का पहला आतंकी नाथूराम गोडसे था और वो हिन्दू था

तमिलनाडु के अरावकुरुचि में मंगलवार को इस बयान को लेकर हासन के खिलाफ एफआईआर हुई है। अभिनय से राजनीति में आए हासन के खिलाफ धार्मिक भावना आहत करने और दो समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने के आरोपों के लिए आईपीसी की धारा 153ए और 295ए के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भारतीय जनता पार्टी की ओर से हासन के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। तमिलनाडु के भाजपा अध्यक्ष तमिलसई सौंदरराजन ने ट्वीट कर कहा कि गांधी की हत्या और हिंदू आतंकवाद का मामला उठाना निंदनीय है। तमिलनाडु के उपचुनाव में अल्पसंख्यकों के वोट जुटाने के लिए हासन ये सब बात कर रहे हैं।