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रायपुर : तीसरे चरण के लिए आज किसी भी अभ्यर्थी ने नहीं लिया नामांकन पत्र वापस : आठ अप्रैल तक अभ्यर्थी ले सकेंगे नाम वापस

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सात लोकसभा क्षेत्रों में 138 अभ्यर्थी शेष

सबसे अधिक 27 बिलासपुर में और सबसे कम सरगुजा में 10 अभ्यर्थियों के नामांकन पत्र विधिमान्य

लोकसभा निर्वाचन के तीसरे चरण के लिए नाम वापसी के पहले दिन किसी भी अभ्यर्थी ने नाम वापस नहीं लिया है।  इस चरण में प्रदेश के सात लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 149 अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था जिसमें से 11 अभ्यर्थियों के नामांकन पत्र निरस्तर किए गए थे। शेष 138 उम्मीवारों में से शनिवार को किसी ने नाम वापस नहीं लिया है।

    इस चरण के लिए सबसे अधिक बिलासपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 27 अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र सही पाए गए हैं, वहीं सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के लिए सबसे कम 10 अभ्यर्थियों के नामांकन पत्र जाँच के दौरान सही पाए गए। प्रदेश में तीसरे और अंतिम चरण के लिए रायपुर में कुल 26, बिलासपुर में 27, दुर्ग में 25, कोरबा  में 18, रायगढ़ में 14, जांजगीर में 18 तथा सरगुजा में 10 अभ्यर्थियों के नामांकन पत्र संवीक्षा के दौरान सही पाए गए कुल नामांकन में से 11 अभ्यर्थियों के नामांकन निरस्त कर दिए गए। इसमें से सबसे अधिक रायपुर में 6 नामांकन पत्र निरस्त किए गए।
                       

रायपुर : ‘लोकसभा निर्वाचन-2019‘ : निगरानी दल ने बोलेरो वाहन से जब्त किए 13 लाख 19 हजार रूपए नकद

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बेमेतरा में सघन जांच के दौरान स्थैतिक निगरानी दल ने बरामद की राशि

 

लोकसभा निर्वाचन-2019 के तहत् आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन की जा रहा है। विभिन्न निगरानी दलों द्वारा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसी कड़ी में बेमेतरा में स्थैतिक निगरानी दल ने जांच के दौरान चारपहिया वाहन से 13 लाख 19 हजार रूपए नकद बरामद किया है। उक्त राशि को जब्त कर विभिन्न धाराओं के तहत् प्रकरण दर्ज किया गया है।
    
    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री महादेव कावरे ने बताया कि कठिया चेक-पोस्ट पर जांच के दौरान चारपहिया वाहन (बोलेरो) क्रमांक-सीजी-07, ए.एच.- 9631 रायपुर की तरफ से कवर्धा जा रही थी। बोलेरो में तीन व्यक्ति सवार थे। वाहन चेकिंग के दौरान बोलेरो में 13 लाख 19 हजार रूपए नकद पाया गया। पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने तथा दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर बरामद राशि को जब्त कर लिया गया। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 10 लाख रूपए से अधिक की राशि होने पर आयकर विभाग को तत्काल सूचना दी गई।

    उल्लेखनीय हैं कि दो दिन पूर्व बेमेतरा जिले में ही जांच के दौरान बाईक सवार से 10 लाख 63 हजार रूपय नकद बरामद किये गये थे। आदर्श आचार संहिता के दौरान नियमानुसार 50 हजार से अधिक राशि नकद पाये जाने पर दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत किये जाने की आवश्यकता होती है, अन्यथा प्रकरण आचार संहिता उल्लंघन का माना जाता है। तदानुसार राशि जब्त कर प्रकरण दर्ज कर लिया जाता है।

छत्तीसगढ़ : ‘लोकसभा निर्वाचन-2019‘ : निगरानी दल ने बोलेरो वाहन से जब्त किए 13 लाख 19 हजार रूपए नकद

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लोकसभा निर्वाचन-2019 के तहत् आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन की जा रहा है। विभिन्न निगरानी दलों द्वारा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसी कड़ी में बेमेतरा में स्थैतिक निगरानी दल ने जांच के दौरान चारपहिया वाहन से 13 लाख 19 हजार रूपए नकद बरामद किया है। उक्त राशि को जब्त कर विभिन्न धाराओं के तहत् प्रकरण दर्ज किया गया है।
    
    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री महादेव कावरे ने बताया कि कठिया चेक-पोस्ट पर जांच के दौरान चारपहिया वाहन (बोलेरो) क्रमांक-सीजी-07, ए.एच.- 9631 रायपुर की तरफ से कवर्धा जा रही थी। बोलेरो में तीन व्यक्ति सवार थे। वाहन चेकिंग के दौरान बोलेरो में 13 लाख 19 हजार रूपए नकद पाया गया। पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने तथा दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर बरामद राशि को जब्त कर लिया गया। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 10 लाख रूपए से अधिक की राशि होने पर आयकर विभाग को तत्काल सूचना दी गई।

    उल्लेखनीय हैं कि दो दिन पूर्व बेमेतरा जिले में ही जांच के दौरान बाईक सवार से 10 लाख 63 हजार रूपय नकद बरामद किये गये थे। आदर्श आचार संहिता के दौरान नियमानुसार 50 हजार से अधिक राशि नकद पाये जाने पर दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत किये जाने की आवश्यकता होती है, अन्यथा प्रकरण आचार संहिता उल्लंघन का माना जाता है। तदानुसार राशि जब्त कर प्रकरण दर्ज कर लिया जाता है।

4 पुलिस अफसरों के तबादले पर भड़की ममता बनर्जी- बोलीं- बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है चुनाव आयोग

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 पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वो बीजेपी के इशारे पर काम कर रही है। टीएमसी प्रमुख ने ये आरोप चुनाव आयोग के उस फैसले पर लगाए हैं, जिसमें उसने पश्चिम बंगाल के चार आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया था। ममता ने चुनाव आयोग के निर्णय को पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया।

ममता बनर्जी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि चुनाव आयोग के पैनल का आईपीएस अधिकारियों को हटाने का फैसला पूर्वाग्रह से प्रेरित है। ये काम भारतीय जनता पार्टी के कहने पर लिया गया है। चुनाव आयोग ने अच्छे अधिकारियों को बदला है लेकिन ये हमें प्रभावित नहीं करेगा। अगर आपको हटाना है तो मुझे सबसे पहले हटाएं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग के समूह ने चार पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश दिया है। इसमें कोलकाता और बिधाननगर के कमिश्वर शामिल है। इन सबकोचुनाव से संबंधित कतर्व्यों से अलग कर दिया गया है।

विशेष पर्यवेक्षक की रिपोर्ट पर लिया फैसला’

कमीशन द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि मुझे यह बताने के लिए निर्देशित किया गया है कि आयोग ने पश्चिम बंगाल राज्य की चुनाव तैयारियों की समीक्षा की है। आयोग ने पश्चिम बंगाल के संबंध में तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण और पोस्टिंग करने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग के पैनल का फैसला पश्चिम बंगाल के लिए विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे की सौंपी रिपोर्ट पर आधारित है।

पश्चिम बंगाल में कब हैं चुनाव?

चुनाव आयोग ने इस बार पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव सात चरणों में कराने का फैसला लिया है। पश्चिम बंगाल में पहले चरण में दो सीटों पर मतदान 11 अप्रैल को होगा। वहीं आखिरी चरण का मतदान 19 मई को होगा। वोटों की गिनती 23 मई को होगी। गौरतलब है कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी ने राज्य की 42 सीटों में से 34 में जीत दर्ज की थी। वहीं कांग्रेस को 4,सीपीएम और बीजेपी को 2-2 सीटें मिली थी।

पीयूष गोयल का बयान : दल बदलने के साथ ही परिवार की चापलूसी में जुट गए हैं शत्रुघ्न

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 रेल मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के वरिष्ठ नेता पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह दल बदलने के साथ ही परिवार की चापलूसी करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को पद नहीं मिलने की इतनी नाराजगी हो गई है कि वह इस तरह के बयान दे रहे हैं।

भाजपा छोड़ शनिवार को कांग्रेस में शामिल होने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि भाजपा अब वन मैन शो और टू मैन आर्मी बन कर रह गई है। वहां वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं किया जा रहा। सिन्हा ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए भाजपा छोड़ने का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि 2014 में जब केंद्र में नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनी तो उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया। साथ ही डॉ मुरली मनोहर जोशी, अरुण शौरी, जसवंत सिंह और यशवंत सिन्हा सरीखे कई काबिल नेताओं को सरकार में शामिल नहीं किया गया। शत्रुघ्न ने आरोप लगाया कि आज भाजपा में काबिल नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया गया, जिसकी आज तक एक भी बैठक नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि लालकृष्ण आडवाणी के करीबी होने की वजह से उनको भाजपा में नजरअंदाज किया गया।

गोयल ने सिन्हा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है। उन्होंने गांधी परिवार की ओर इशारा करते हुए कहा कि भाजपा से जाने के बाद अब शत्रुघ्न सिन्हा एक परिवार की चापलूसी में जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को पद नहीं मिलने की इतनी नाराजगी हो गई कि वह इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उनका दुर्भाग्य है कि उनके दिल में कुछ और है, जबकि मुंह पर कुछ और ही बात है।

इससे पूर्व गोयल ने कांग्रेस के घोषणापत्र की आलोचना करते हुए कहा कि झूठे वादे और झूठी बातें करके देश की जनता को अब गुमराह नहीं किया जा सकता। देश की जनता समझदार है और वह कांग्रेस के झूठे वादों को नकारती है। उन्होंने कहा कि 2004 और 2009 में अपने घोषणापत्र में बड़े-बड़े वादे किए। 2004 और 2009 में किसानों को डॉयरेक्ट बेनिफिट(डीबीटी) पहुंचाने की बात की और 10 वर्ष सरकार चलाने के बाद भी कुछ नहीं किया। जबकि मोदी सरकार ने 6000 रुपये वार्षिक किसानों को देने का निर्णय लिया और उसकी शुरुआत भी कर दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वन रैंक, वन पेंशन देने का वादा भी कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में किया, इसके लिए भी उन्होंने कुछ नहीं किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के सत्ता में आने के बाद वन रैंक, वन पेंशन को लागू किया गया।

पाकिस्तान को लगी मिर्ची; बोला- किसी भी हालत में नहीं होने देंगे जब BJP ने कहा- कश्मीर में खत्म होगी धारा 370,

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पाकिस्तान ने कहा कि वह कश्मीर में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द किया जाना स्वीकार नहीं करेगा क्योंकि यह संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन है. अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर के संबंध में एक ‘अस्थायी प्रावधान’ है. यह केंद्रीय एवं समवर्ती सूचियों के तहत आने वाले विषयों पर कानून बनाने की संसद की शक्तियों को सीमित कर संविधान के विभिन्न प्रावधानों की व्यावहारिकता पर रोक लगाता है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने के मुद्दे पर शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन होगा.

उन्होंने कहा, ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म करना संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन है. हम इसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे और कश्मीर के लोग भी इसे स्वीकार नहीं करेंगे.’ गौरतलब है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य में अनुच्छेद 370 को हटाने के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता बार- बार दोहराई है.

अनुच्छेद 370 
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 एक `अस्‍थायी प्रबंध` के जरिए जम्मू और कश्मीर को एक विशेष स्वायत्ता वाला राज्य का दर्जा देता है. भारतीय संविधान के भाग 21 के तहत, जम्मू और कश्मीर को यह `अस्‍थायी, परिवर्ती और विशेष प्रबंध` वाले राज्य का दर्जा हासिल होता है. भारत के सभी राज्यों में लागू होने वाले कानून भी इस राज्य में लागू नहीं होते हैं. मिसाल के तौर पर 1965 तक जम्मू और कश्मीर में राज्यपाल की जगह सदर-ए-रियासत और मुख्यमंत्री की जगह प्रधानमंत्री हुआ करता था.

संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है लेकिन किसी अन्य विषय से संबंधित कानून को लागू कराने के लिए केंद्र को राज्य सरकार का अनुमोदन चाहिए. जम्मू और कश्मीर के लिए यह प्रबंध शेख अब्दुल्ला ने वर्ष 1947 में किया था.

शेख अब्दुल्ला को राज्य का प्रधानमंत्री महाराज हरि सिंह और पंडित जवाहर लाल नेहरू ने नियुक्त किया था। तब शेख अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 को लेकर यह दलील दी थी कि संविधान में इसका प्रबंध अस्‍थायी रूप में ना किया जाए। उन्होंने राज्य के लिए कभी ना टूटने वाली, `लोहे की तरह स्वायत्ता` की मांग की थी, जिसे केंद्र ने ठुकरा दिया था.

पीएम मोदी ने कब दी परमिशन, DRDO ने बताया कैसे पूरा हुआ Mission Shakti

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‘मिशन शक्ति’ की सफलता के बाद डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठ) ने ‘मिशन शक्ति’ से जुड़ा एक Presentation पेश किया है. डीआरडीओ की तरफ पेश Presentation में दिखाया गया है कि कैसे ‘मिशन शक्ति’ को सफल बनाया गया. इसमें कौन-कौन लोग शामिल रहे. Presentation में बताया कि इस मिशन के लिए डीआरडीओ ने पीएम मोदी से 2014 में ही बात की थी. पीएम मोदी की अनुमति के बाद इस मिशन को सफल बनाने के लिए 200 वैज्ञानिकों की टीम ने दिन-रात मेहनत की. 27 मार्च को धरती से 300 किमी दूरी पर स्थित एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराकर वैज्ञानिकों ने इस मिशन को सफल बनाया.

मिशन शक्ति’ नाम के इस मिशन को डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने सफल बनाया. अब तक दुनिया के तीन देश अमेरिका, रूस और चीन को यह उपलब्धि हासिल थी अब भारत चौथा देश है, जिसने यह सफलता प्राप्त की है.

डीआरडीओ के प्रमुख जी. सतीश रेड्डी 
वहीं दूसरी तरफ डीआरडीओ के प्रमुख जी. सतीश रेड्डी ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शानिवार को कहा कि मिशन शक्ति की प्रकृति ऐसी है कि इसे किसी भी सूरत में गोपनीय नहीं रखा जा सकता है. क्‍योंकि उपग्रह को दुनिया भर के कई स्टेशनों द्वारा ट्रैक किया जाता है. उन्‍होंने यह भी कहा कि इस मिशन के लिए सभी जरूरी अनुमति ली गई थी.

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने मोदी सरकार पर साधा निशाना 
दरअसल, इस मिशन पर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बीते दिनों मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि उपग्रह को मार गिराने की हमारे पास क्षमता कई वर्षों से रही है. सूझबूझ वाली सरकार देश की इस क्षमता को गोपनीय रखती है। केवल नासमझ सरकार ही देश की रक्षा क्षमता का खुलासा करती है. डीआरडीओ प्रमुख ने कहा कि अंतरिक्ष को सैन्‍य क्षेत्र में भी महत्‍व मिला है.

जब भारत जैसे देश ने इस तरह का अभ्‍यास किया और स्‍पेस में लक्ष्‍य की पहचान करके उसे मार गिराया तो इससे प्रदर्शित हुआ कि आप इस तरह के ऑपरेशनों को अंजाम देने में सक्षम हैं. डीआरडीओ प्रमुख के मुताबिक, अंतरिक्ष में ध्‍वस्‍त किए गए उपग्रह का मलबा 45 दिनों के भीतर ही नष्‍ट हो जाएगा. उन्‍होंने कहा कि देश ने जमीन से स्‍पेस में उपग्रह को ध्‍वस्‍त करके अपनी प्रतिरोधक क्षमता का परिचय दिया है. यह रक्षा क्षेत्र के लिए भी काफी महत्‍वपूर्ण है.

भारत ने उपग्रह रोधी परीक्षण के लिए निम्न कक्षा चुनी : डीआरडीओ 
डीआरडीओ के प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने शनिवार को कहा कि भारत ने ‘क्षमता प्रदर्शन” और वैश्विक अंतरिक्षीय संपत्तियों को मलबे के खतरे से बचाने के लिए मिशन शक्ति के दौरान 300 किलोमीटर से भी कम दायरे वाली निम्न कक्षा का चयन किया. उनकी इस टिप्पणी से कुछ दिन पहले नासा ने उपग्रह भेदी मिसाइल परीक्षण (ए-सैट) से मलबे के खतरे पर चिंता जाहिर की थी .

भारत ने 27 मार्च को यह परीक्षण किया था. यहां डीआरडीओ भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रेड्डी ने कहा कि मिसाइल में 1,000 किलोमीटर के दायरे वाली कक्षा में उपग्रहों को रोकने की क्षमता है. रेड्डी ने कहा, ‘क्षमता प्रदर्शन के लिए परीक्षण हेतु करीब 300 किलोमीटर की कक्षा चुनी और इसका मकसद वैश्विक अंतिरक्षीय संपत्तियों को मलबे से खतरा पहुंचाने से रोकना है.’

उन्होंने कहा, ‘परीक्षण के बाद पैदा हुआ मलबा कुछ हफ्तों में नष्ट हो जाएगा.’ मंगलवार को नासा ने उसके एक उपग्रह को भारत की तरफ से मार गिराए जाने को ‘भयावह’ बताया और कहा कि इस मिशन के चलते अंतरिक्ष में मलबे के 400 टुकड़े बिखर गए.

MP : छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर सीएम कमलनाथ के खिलाफ भाजपा ने विवेक साहू को उतारा मैदान में

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भोपाल। लोकसभा चुनाव को लेकर शनिवार को भाजपा ने अपनी एक और सूची जारी की है। इसमें मध्यप्रदेश में तीन प्रत्याशी के नाम की घोषणा की है। इसमें ग्वालियर से विवेक शेजवलकर को टिकट दिया गया है। छिंदवाड़ा से नत्थन साह और देवास से महेंद्र सोलंकी को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने छिंदवाड़ा विधानसभा सीट के लिए भी अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसमें विवेक साहू बंटी को टिकट दिया गया है। बता दें कि इस विधानसभा सीट से सीएम कमलनाथ चुनाव मैदान में है। छिंदवाड़ा में लोकसभा चुनाव के साथ ही एक सीट पर विधानसभा चुनाव भी होगा। 

श्री सुब्रत साहू बोले : मतदान केंद्रों में उपलब्ध कराएं सभी मूलभूत सुविधाएं, आदर्श आचार संहिता का सभी करें पालन

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 छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन प्राधिकारी श्री सुब्रत साहू आज बिलासपुर में लोकसभा चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र सभी मतदान केन्द्रों में छाया, पेयजल आदि मूलभुत सुविधाओं की उपलब्धता तथा आदर्श आचार संहिता पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

श्री साहू ने सबसे पहले कोनी के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में बनाए गये स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इसके बाद श्री साहू ने मंथन सभाकक्ष में नोडल अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने महिलाओं के लिये बनाए जा रहे संगवारी मतदान केंद्रए दिव्यांगों के लिये विशेष मतदान केंद्र और आदर्श मतदान केंद्रों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी मतदान केंद्रों में दिव्यांगों के लिये रैंप और व्हीलचेयर अवश्य उपलब्ध रहे। प्रत्येक मतदान केंद्र में पेयजल और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करें। श्री साहू ने निर्देश दिये मदिरा के अवैध परिवहन पर कड़ी नजर रखें और लगातार वाहनों की चेकिंग करें। सार्वजिनक एवं शासकीय स्थलों पर संपत्ति विरुपण होने पर कार्रवाई करें। श्री साहू ने मतदान केद्रों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि आवश्यक हो तो फॉरेस्ट गार्ड और कोटवारों की भी सुरक्षा में ड्यूटी लगाएं। उन्होंने कहा कि मतदान और मतगणना के दिन मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा जिसका कड़ाई से पालन कराएं। श्री साहू ने कहा कि प्रत्याशियों को मतदान के दो दिन पूर्व अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिये एमसीएमसी कमेटी से पूर्व प्रमाणन कराना आवश्यक होगा। पूर्व प्रमाणन के बिना अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित नहीं करा सकेंगे। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ संजय अलंग ने प्रजेंटेशन के माध्यम से लोकसभा निर्वाचन की तैयारियों के बारे में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को जानकारी दी। बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ एस भारतीदासनए डीआईजी श्री अजय यादवए संभागायुक्त बिलासपुर श्री टी सी महावरए पुलिस महानिरीक्षक श्री प्रदीप गुप्ताए एसपी श्री अभिषेक मीणाए मुंगेली कलेक्टर श्री सर्वेश्वर भूरे सहित सभी नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर : सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई

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राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग आयुक्त श्री गणेश शंकर मिश्रा ने पंजीकृत सहकारी संस्थाओं के बोर्ड के चुनाव कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के कार्रवाई के निर्देश दिए है।

प्रदेश में सहकारिता विभाग के अंतर्गत पंजीकृत सहकारी संस्थाओं के बोर्ड के कार्यकाल की समाप्ति के 06 माह के भीतर सहकारिता अधिनियम के प्रावधानों के तहत नए निर्वाचन कराने की कानूनी बाध्यता के पालन में संस्थाओं द्वारा बोर्ड के नवीन निर्वाचन के प्राप्त प्रास्ताव की प्रगति एवं अधिक समय से निर्वाचन लंबित रहने के संबंध में गत मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में आयुक्त, राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग श्री गणेश शंकर मिश्रा द्वारा समीक्षा की गयी।

    आयोग कार्यालय में उपलब्ध जानकारी अनुसार प्रदेश के 27 जिलों मे 485 जिला तथा प्राथमिक समितियों के बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया है। इन समितियों के विधिवत निर्वाचन प्रस्ताव नियुक्त प्राधिकृत अधिकारियों से समय-सीमा के भीतर आयोग कार्यालय को प्राप्त नहीं होने के मामले मे अप्रसन्नता व्यक्त की गई और लम्बी अवधि से नियुक्त प्राधिकृत अधिकारियों और जिला प्रमुख उप, सहायक पंजीयको द्वारा भी गंभीरता से निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण मामले मे ठोस कार्रवाही ने करने तथा नियंत्रण का अभाव होने के कारण पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, छत्तीसगढ़ को वस्तुस्थिति की जानकारी देकर उनके विरूद्व कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया।
    
शेष एक जिले से जानकारी प्राप्त कर पंजीयक को कार्यवाही प्रस्तावित करने के निर्देश आयुक्त द्वारा दिए गए हैं।