रायपुर। अविभाजित मध्यप्रदेश राज्य के सबसे बड़े दानवीर दाऊ कल्याण सिंह की प्रतिमा को उनकी जन्मतिथि के अवसर पर गंगा जल से स्नान करवाकर पवित्र किया गया और डॉ पुनीत गुप्ता को जल्द गिरफ्तार कराने का संकल्प लिया गया। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल अग्रवाल ने बताया कि दानवीर दाऊ कल्याण सिंह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहते थे। दाऊजी ने अस्पताल, स्कूल व मंदिर सहित जेवर भी दान में दिए हैं। जो मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की योजनाओं के लिए काम में आ रहे हंै। दाऊ कल्याण सिंह जैसे पवित्र आत्मा को पुनीत गुप्ता जैसे भ्रष्ट लोग कलंकित कर रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता और समाज कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि जल्द ही पुनीत गुप्ता को गिरफ्तार कराएंगे और जेल के पीछे लेकर जाएंगे।
छत्तीसगढ़ में रिटायर्ड और इस्तीफा देकर राजनीति में आने वाले सरकारी अफसरों का पिछले विधानसभा चुनाव में तांता लगा हुआ था. लेकिन लोकसभा चुनाव आते-आते ऐसे अफसरों का राजनीति से मोहभंग होता दिख रहा है. इस बार सूबे में न ही भाजपा और न ही कांग्रेस पार्टी में अफसर शामिल हो रहे हैं. विधानसभा चुनाव के तीन महीने के अंदर ही अफसरो का राजनीतिक दलों में शामिल होने का भूत उतर सा गया है.
विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल 24 पूर्व अधिकारियों ने लोकसभा चुनाव से पहले इस्तीफा देकर पार्टी छोड़ दी. कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए कुछ रिटायर्ड अफसर अब भी कांग्रेस में बरकार हैं, लेकिन राजनीतिक सक्रियता कुछ खास नजर नहीं आ रही है. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कई रिटायर्ड अफसरों को पार्टी ने विधानसभा चुनाव में मौका दिया और वो विधायक भी बन गए.
इन अफसरों में रिटायर्ड आईएएस शिशुपाल सोरी कांकेर और अनूप नाग अंतागढ़ से कांग्रेस विधायक हैं. हालांकि कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी का कहना है कि कांग्रेस में शामिल पूर्व अधिकारियों की सक्रियता बरकार है और वे लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए काम कर रहे हैं. दरअसल भाजपा में पिछले साल 2018 में 24 से अधिक प्रशासनिक अफसरों और समाजसेवियों ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के सामने भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन सूबे में कांग्रेस की सत्ता आने के बाद ढाई महीने में ही सभी प्रशासनिक अफसरों ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है. अभी केवल पूर्व आईएएस ओपी चौधरी ही भाजपा में बचे हैं.
दरअसल विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में पूर्व अधिकारियों का राजनीति में प्रवेश तेजी से हुआ था. लेकिन लोकसभा में कोई भी पूर्व अधिकारी किसी भी पार्टी के साथ नहीं आना चाहता है. शायद उन्हें अंदाजा हो चुका हैं कि केन्द्र सरकार चाहे जिसकी बने उन्हें राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला है.
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आईएएस आरपी मंडल पर तेलीबांधा तालाब परिसर में एक गार्ड के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है. इस मामले में सियासत भी गर्माने लगी है. मारपीट के मामले में कांग्रेस नेता अधिकारी के बचाव में आ गए हैं. काग्रेस विधायक कुलदीप जुनेजा ने आरपी मंडल को अच्छा अधिकारी बताते हुए विकास कार्यों के लिए आरपी मंडल को जिम्मेदार बताया है.
कांग्रेस विधायक जुनेजा द्वारा आरपी मंडल के समर्थन पर भाजपा ने पलटवार किया है. भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव का कहना है कि प्रशासनिक आतंकवाद का राग अलापने वाली कांग्रेस के राज में अधिकारियों के इस तरह के बर्ताव पर ऐतराज जताया है. साथ ही मामले की जांच कर अफसर पर कार्रवाई करने की मांग की है.
बता दें कि आईएएस अधिकारी आरपी मंडल द्वारा तेलीबांधा तालाब के गार्ड को पीटने का कथित वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य सचिव आरपी मंडल तेलीबांधा तालाब के एक गार्ड को लोगों को मछली पकड़ने से नहीं रोकने पर डंडे से पीटना बताया गया है.
लोकसभा चुनाव के समय पूर्व मुख्यमंत्री अजीज जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे का चुनावी मैदान छोड़ना, उसके लिए भारी पड़ता जा रहा है. धीरे-धीरे जोगी की पार्टी से कार्यकर्ता भी उनका साथ छोड़ना शुरू कर दिए हैं. पार्टी के कार्यकर्ताओं की संख्या सिकुड़ने लगी है. पार्टी से छोटे पदाधिकारी से लेकर बड़े पदाधिकारी तक छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम रहे हैं. कोरबा, मुंगेली, राजनांदगांव, दुर्ग सहित अन्य स्थानों से बीते एक महीने में करीब सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी छोड़ चुके हैं.
बिलासपुर संभाग से पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, कोर कमेटी के नीतिन भंसाली, अब्दुल हमीद हयात, सीमा कौशिक जैसे अजीत जोगी के करीबी माने जाने वाले नेताओं ने भी पार्टी का साथ छोड़ दिया है. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी का कहना है कि पार्टी छोड़कर जाने वाले वही लोग हैं जो हमारे साथ संघर्ष नहीं करना चाह रहे हैं.
अजीत जोगी की पार्टी को छोड़कर जाने वाले लोगों की संख्या विधानसभा चुनाव के बाद तेजी से बढ़ रही है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास का कहना है कि अब अजीत जोगी की पार्टी का अस्तित्व ही खतरे में दिख रहा है और बहुत तेजी से जोगी कांग्रेस पार्टी खत्म होने की कगार पर आ खड़ी हुई है. वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता विकास तिवारी का कहना है कि अजीत जोगी की पार्टी को भाजपा की बी टीम बता रही है.
बच्चे सबसे अधिक मासूम और साफ दिल के होते हैं। इंसान हो या जानवर हर किसी के लिए उनके दिल में दया भाव होता है। इसका ही एक उदाहरण मिजोरम के साईरांग में देखने को मिला जहां एक नन्हा बच्चा एक मुर्गी के घायल चूजे को लेकर अस्पताल पहुंचा। उसके पास चूजे के इलाज के लिए सिर्फ 10 रुपये थे और आंखों में उसे न बचा पाने का डर। इंसानों के अस्पताल में चूजे को इलाज के लिए ले आना वो भी हाथ में सिर्फ 10 रुपये लेकर। ऐसे में अस्पताल में कोई उसकी मासूमियत पर मुस्कुरा दिया तो कोई बच्चे का ऐसा साफ दिल देखकर भावुक हो गया।
दरअसल पड़ोसी की वह चूजा भूल से बच्चे की साइकिल के नीचे आ गया था। बच्चे ने घबराकर उसे तुरंत उठाया और दौड़कर पास के अस्पताल में पहुंचा। जेब में केवल 10 रुपये थे। अस्पताल के स्टाफ को चूजा और पैसे थमाते हुए कहा – इसे ठीक कर दो। बच्चे की वायरल हो रही तस्वीर में दिखाई पड़ रहा है कि शायद चूजा मर चुका है लेकिन मासूम बच्चा इससे अंजान है और उसे बचाने की उम्मीद लिए चला आया है। बच्चा इतना छोटा है कि उसे ये भी नहीं मालूम कि पशुओं का अस्पताल अलग होता है।
पाप के बोझ तले दबा जा रहा था मासूम
कई बार रोड रेज के मामले सामने आते हैं जिसमें पुलिस से बचने के लिए लोग गलती से हुए एक्सीडेंट के बाद भाग निकलते हैं। यहां तक कि कई बार किसी को गाड़ी से उड़ा देने पर भी उसे सड़क पर तड़पता छोड़ जाते हैं। लेकिन यहां इस बच्चे की तस्वीर में साफ दिख रहा है कि गलती से चूजे की ये दशा कर देने के पाप को उसका मासूम दिल ढो नहीं पा रहा। वह अपनी इस भूल को किसी तरह सुधारना चाहता है।
वायरल फोटो पर आ रहे खूबसूरत कमेंट
इस तस्वीर को सांगा सेज नाम के फेसबुक अकॉउंट से शेयर किया गया है और साथ में पूरी घटना के बारे में लिखा है। ये पोस्ट अब तक 84 हजार से ज्यादा बार शेयर हो चुका है जबकि 8.5 हजार के करीब इसपर कमेंट हैं। फोटो में बच्चे के चहरे के भाव किसी का दिल पिघलाने के लिए काफी हैं। लोग कमेंट में कहा रहे हैं कि देखो कैसे नन्हें बच्चे को अपनी जिम्मेदारी का अहसास है जो हममे से किसी को नहीं होता।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता को लेकर बयान दिया है. सीएम बघेल ने कहा कि यदि पुनीत गुप्ता सही है तो फरार क्यों हैं. पुनीत गुप्ता पुलिस के सामने आएं और खुद को निर्दोष साबित करें. दुर्ग लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिमा चन्द्राकर ने गुरुवार को नामांकन का आखिरी सेट दाखिल किया. इस दौरान सीएम भूपेश बघेल, मंत्री ताम्रध्वज साहू, रविन्द्र चौबे सहित कांग्रेस के आला नेता उपस्थित थे.
दुर्ग में मीडिया से चर्चा में सीएम बघेल ने डॉ. पुनीत गुप्ता को लेकर बयान दिया. दरअसल भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल के नांमान जमा करने के दौरान बीते बुधवार को पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह दुर्ग पहुंचे थे. दुर्ग में मीडिया से चर्चा में पूर्व सीएम डॉ. रमन ने कहा था कि डॉ. पुनीत गुप्ता निर्दोष हैं, उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है. कोर्ट में मामला पहुंचने पर सच्चाई सामने आ जाएगी. सही समय आने पर पुनीत गुप्ता सबके सामने आ जाएंगे.
बता दें कि डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता पर डीकेएस अस्पताल में 50 करोड़ रुपये से अधिक का गड़बड़झाला करने का आरोप है. इस मामले में रायपुर के गोलबाजार थाने में अपराध भी दर्ज करवाया गया है. इसी मामले में पुलिस डॉ. पुनीत गुप्ता की तलाश कर रही है. डॉ. गुप्ता की कभी भी गिरफ्तारी भी की जा सकती है.
रायपुर। रायपुर निगम के महापौर व कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे के नामांकन दाखिल करने से पहले सुभाष स्टेडियम में आज एक सभा आयोजित की गई। सभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री गिरीश दुबे और सभी विधायक सहित कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि प्रमोद दुबे सांसद बनकर आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बिगुल फूंका जा चुका है। लोकसभा चुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण है।
मुझे पूरी उम्मीद है कि प्रमोद दुबे लोकसभा चुनाव में विजय हासिल करेंगे, क्योंकि पूरे प्रदेश की जनता कांग्रेस के साथ है। वहीं रमन सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि 15 साल तक सरकार चलाने के नाम पर उन्होंने केवल लूटा है और पूरे प्रदेश को खोखला किया है। रमन सिंह कहते हैं कि कांग्रेस ने देश को ठगने का काम शुरू कर दिया है। जबकि कांग्रेस को सरकार में आए अभी 3 महीने ही हुए हैं। सभा के समापन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और कलेक्टोरेट पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी महापौर प्रमोद दुबे ने अपना नामांकन दाखिल किया।
कहा जाता है कि पूरे देश में 12 करोड़ साहू समाज के लोग हैं और देश की राजनीति में ये बड़ा वोट बैंक है। राजनीतिक पार्टियों की नजर हमेशा से ही सामाजिक वोटों पर रहती आई है यही कारण है कि सामाज की राजनीति में पार्टियां हमेशा अपना दखल रखने के लिए अपने लोगों को आगे करती रही हैं। ताजा मामला भाजपा का है जिसके सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाने वाले पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू को अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के राजनीतिक प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले इस तरह की नियुक्त को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर चल रहा है। बात भाजपा पर आकर टिक गई है कि इसकी भी एक वजह यह है कि छत्तीसगढ़ में इस समय कांगे्रस की सरकार है और पार्टी साहू समाज के वोटों को अपनी तरफ करने के लिए पहले ही एक ताम्रध्वज साहू को मंत्री बना चुकी है। राष्ट्रीय स्तर पर वो पिछड़ा वर्ग कांगे्रस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में भाजपा की चिंता लगातार साहू समाज के वोटों को लेकर बड़ रही थी। पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू की सामाजिक प्रकोष्ठ में हुई नियुक्ती भाजपा की आस बन रही है, हालांकि पार्टी चंद्रशेखर साहू का उपयोग अब किस तरह से करेगी ये आने वाले समय में ही पता चलेगा, लेकिन साहू समाज के वोटों को अपनी तरफ करने के लिए समाज में ही बड़े पद पर आसीन होने वाला एक नेता तो भाजपा की झोली में आ ही गया। राजनीतिक नजर से देखा जाए तो प्रदेश में साहू समाज के लोग दो लोकसभा सीटों को सीधे तौर पर प्रभातिव करते हैं। दुर्ग और महासमुंद यहां साहू वोटरों की तादत ज्यादा है। खुद चंद्रशेखर साहू महासमुंद से सांसद रह चुके हैं।
भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट गुरुवार को जारी की है। इसमें 12 उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। सूची में सीधी से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे अजय सिंह को टिकट दिया गया। छिंदवाड़ा लोक सभा सीट से कांग्रेस ने सीएम कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ को चुनावी मैदान में उतारा है। खंडवा से अरुण यादव को टिकट दिया गया है। जबलपुर से विवेक तन्खा पार्टी के प्रत्याशी होंगे। इसके अलावा सागर से प्रभुसिंह ठाकुर और दमोह से प्रताप सिंह लोधी को उम्मीदवार बनाया गया है। सतना से राजाराम त्रिपाठी, रीवा से सिद्धार्थ तिवारी, मंडला से कमल मरावी, उज्जैन से बाबूलाल मालवीय, खरगोन से डॉ. गोविंद, और देवास से प्रहलाद टिपानिया को टिकट दिया गया है।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्र प्रमुखों, राजाओं तथा राष्ट्रपतियों को दिये जाने वाले देश के सर्वाेच्च सम्मान ‘जायद’ मेडल से सम्मानित करने का एलान किया है। यूएई के शहजादे और देश की सशस्त्र बलों के उप प्रमुख शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयन ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। उन्होंने लिखा कि मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करते हुए इन्हें रणनीतिक स्तर पर व्यापक स्वरूप देने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘हम अपने प्रिय मित्र नरेंद्र मोदी को यह सम्मान देकर दोस्ताना संबंधों को नयी ऊंचाई पर ले जाने तथा विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ करने में उनकी अहम भूमिका एवं प्रयासों की सराहना करते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘भारत के साथ हमारे ऐतिहासिक और व्यापक रणनीतिक रिश्ते हैं, जो मेरे प्रिय मित्र, प्रधानमंत्री मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका से इन संबंधों को और बढ़ावा मिला।’ शहजादे ने मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके दोनों देशों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ करने के अथक प्रयासों को देखते हुए राष्ट्रपति ने उन्हें जायद पदक प्रदान करने का फैसला किया है। मोहम्मद बिन जायद ने बताया कि भारत के साथ यूएई के ऐतिहासिक रिश्ते को नए सिरे से साझा और भविष्य में इसे और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने उन मूल्यों की प्रशंसा की जो भारतीय समाज की विविधता में, विशेष रूप से सहिष्णुता और सम्मान की विशेषता रखते हैं। शेख मोहम्मद ने यूएई और भारत के बीच मजबूत दोस्ती और सहयोग पर गर्व व्यक्त करते हुए देश और इसके लोगों की प्रगति, समृद्धि, सुरक्षा और स्थिरता जारी रहने की कामना की।