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पतले पुरुष मसल्स बनाना चाहते हैं तो अपनाए यह डायट प्लान

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आज कल की जीवन शेली के चलते ,लोग तीन परेशानियों से सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं । 1. कैंसर , 2. मोटापा, 3. पतलापन यह तीनों परेशानी ऐसी है की लोगों को फिट रहने ही नही देती है । भारत में सबसे ज्यादा लोग मोटापे और कैंसर से परेशान है , और जिनको यह परेशानी नही है वह लोग पतलेपन से परेशान हैं ।

ऐसे लोग जो बहुत ही ज्यादा पतले हैं वह खुद को फिट बनाने में लगे हुए हैं । इतना ही नही वह लोग सारा सारा दिन जिम भी करते हैं । पर ऐसे लोगों के साथ सबसे ज्यादा परेशानी आती है वह होती है मसल्स न बन पाने की , क्योंकि उनको पता ही नही होता है की वर्कआउट के साथ साथ खाने में किन चीजों का सेवन भी जरूरी होता है । आइये जानते हैं इस बारे में क्या खाना चाहिए ऐसे पुरुषों को ?

सुबह 9-10 बजे के बीच भरपेट नाश्ता कर लेना सही होता है। इसके लिए आप खा सकते हैं।,4 उबले हुए अंडे,एक चौथाई कप चीज़,एक मल्टी ग्रेन ब्रेड,एक सेब

लंच से पहले ब्लूबेरी-बादाम स्मूदी पी सकते हैं। इसे बनाने के लिए 2 चम्मच वेनिला प्रोटीन पाउडर,एक कप ब्लू बेरीज़,एक चौथाई कप बादाम,एक कप वेनिला बादाम मिल्क।एक कप पानी और 3-4 आईस क्यूब मिलाकर स्मूदी बनाएं और उसका सेवन करें।

लंच में दो रोटी,दाल,एक कप मिक्स सब्जियां,एक कप सलाद,एक कप दही, एक कप चावल का सेवन करें ।

वर्कआउट के बाद 50 ग्राम कार्ब्स और 25 ग्राम प्रोटीन से भरपूर सलाद का सेवन करें।
केला या स्प्राउट्स का सेवन भी कर सकते हैं।

रात के भोजन में रोस्टेड चिकन,4-5 अखरोट,2 चम्मच चीज,एक कप उबली ब्रोकली बटर के साथ,2 रोटी, एक कप सब्जी और दाल

नए प्रधानमंत्री के लिए सबसे बड़ी चुनौती, करना होगा यहाँ फोकस

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देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में इस साल मार्च में 0.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. आर्थिक वृद्धि में अहम योगदान देने वाले औद्योगिक उत्पादन का यह स्तर पिछले 21 माह में सबसे कम रहा है. इसमें भी विनिर्माण क्षेत्र की गिरावट चिंता को और बढ़ाती है. पूंजीगत सामान, टिकाऊ उपभोक्ता और गैर-टिकाऊ उपभोक्ता सामानों के क्षेत्र का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा है. रोजगार और अर्थव्यवस्था पर इसके संभावित असर के बारे में पेश हैं.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एण्ड पॉलिसी (National Institute of Public Finance and Policy) के प्रोफेसर एन आर भानुमूर्ति से ‘भाषा’ के पांच सवाल और उनके जवाब-

सवाल : औद्योगिक उत्पादन में गिरावट से रोजगार पर कितना असर होगा?

जवाब : जब भी आर्थिक गतिविधियां कमजोर पड़ेंगी, उनका रोजगार पर निश्चित ही असर पड़ेगा. वित्त वर्ष 2018- 19 में आर्थिक वृद्धि दर सात प्रतिशत से भी कम रह सकती है. इस लिहाज से रोजगार पर इसका असर पड़ना स्वाभाविक है. जब भी अर्थव्यवस्था में विस्तार कम होगा, उसका पहला असर रोजगार के अवसर पर पड़ेगा
यहां तो न केवल विस्तार कम हुआ बल्कि विनिर्माण और पूंजीगत सामानों के क्षेत्र में भी गिरावट आई है. मार्च 2019 में विनिर्माण क्षेत्र में 0.4 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई. एक साल पहले मार्च में यह 5.7 प्रतिशत बढ़ा था. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में विनिर्माण क्षेत्र का 77.63 प्रतिशत योगदान है.

सवाल : इस स्थिति में सुधार के लिये क्या उपाय होने चाहिये ?

जवाब : आम चुनाव के बाद जो भी सरकार बनेगी, उसके लिये आर्थिक मोर्चे पर उभरती स्थिति को सुधारना सबसे बड़ी चुनौती होगी. घरेलू बैंकिंग क्षेत्र में इस समय जो दबाव की स्थिति है उसे ठीक करने की जरूरत है. बैंकों का फंसा कर्ज, आईएल एण्ड एफएस का कर्ज संकट बड़ी चुनौती है.

बैंकिंग क्षेत्र से शुरू हुआ यह मामला अब गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में पहुंच चुका है. यह पूरे वित्तीय क्षेत्र में तेजी से फैल रहा है. इसके अलावा वित्तीय समायोजन की गुणवत्ता प्राथमिकता सार्वजनिक निवेश बढ़ाने के रूप में होनी चाहिए ना कि लोक खपत बढ़ाने के रूप में. जहां तक वैश्विक स्थिति का मामला है उसमें हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते.

सवाल : क्या यह आम चुनाव का असर है ?

जवाब : औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में गिरावट पर आम चुनावों का थोड़ा बहुत असर हो सकता है लेकिन केवल यही इसकी एकमात्र वजह नहीं है. पिछले पांच महीने से ही इसमें गिरावट का रुख बना हुआ है. वास्तव में पिछले साल सितंबर- अक्टूबर के बाद से ही इसमें गिरावट का रुख बन गया था.

यह स्थिति वित्त वर्ष 2019- 20 की पहली छमाही में भी बनी रह सकती है.

सवाल : क्या यह नोटबंदी, जीएसटी अथवा अमेरिका- चीन के बीच जारी व्यापारिक तनाव का असर है ?

जवाब : अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति में तीन बातें मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं. पहला- वैश्विक अर्थव्यवस्था में पिछली तिमाही के दौरान नरमी का रुख रहा. कच्चे तेल के दाम में उतार- चढ़ाव के रुख से भी बीच-बीच में समस्यायें खड़ी हुई हैं. दूसरा- देश के बैंकिंग क्षेत्र की समस्या लगातार उलझती जा रही है. रिजर्व बैंक की रेपो दर में दो बार कटौती का अनुकूल असर देखने को नहीं मिला है. जमा राशि पर ब्याज दर में कमी हुई है लेकिन कर्ज पर ब्याज दर पर यह असर देखने को नहीं मिला.

तीसरी वजह राजकोषीय समायोजन की रही है. राजकोषीय घाटे को तय दायरे में रखने के लिये निवेश खर्च कम हुआ है जबकि किसानों की कर्ज माफी जैसा खपत वाला व्यय बढ़ा है.

सवाल : विनिर्माण क्षेत्र की यदि बात की जाए तो वाहन कंपनियों की बिक्री सुस्त पड़ी है. क्या सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाना इसकी वजह रही है ?

जवाब : वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में उतार चढ़ाव पर कंपनियों की नजर है. दूसरा, सार्वजनिक परिवहन में ओला, उबर जैसी सेवाओं के आने का भी थोड़ा बहुत प्रभाव इसमें हो सकता है. इसके अलावा जैसा कि मैंने कहा है कि राजकोषीय लक्ष्यों को निर्धारित मानदंडों के भीतर रखने के लिये राजकोषीय सख्ती के चलते विनिर्माण क्षेत्र में निवेश पर दबाव बढ़ा है.

स्ट्राइक पर PM मोदी का बयान, मजाक उड़ा तो BJP ने डिलीट किया ट्वीट

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पीएम नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव के दौरान कई न्यूज चैनलों को इंटरव्यू दे रहे हैं. लेकिन हाल ही में एक चैनल को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी कुछ ऐसा बोल गए जिसे खुद बीजेपी को अपने ट्विटर हैंडल से डिलीट करना पड़ा. इसे लेकर विपक्षी नेता भी उन्हें जमकर निशाने पर ले रहे हैं. पीएम मोदी ने इंटरव्यू में एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन मौसम खराब था. लेकिन फिर भी मैंने रडार से बचने के लिए स्ट्राइक करने की सलाह दी.

इंटरव्यू में क्या बोले पीएम मोदी?

ट्विटर पर पीएम मोदी के जिस बयान की खूब चर्चा हो रही है, उसमें उन्होंने कहा था – हमारे सामने समस्या थी कि उस समय अचानक बारिश आ गई और मौसम काफी खराब था. एक पल हमारे मन में आया कि आसमान में बादल हैं और इस खराब मौसम में हम क्या करेंगे? एक्सपर्ट्स ने कहा कि क्या दूसरे दिन स्ट्राइक करें? लेकिन मेरे मन में दो बातें आईं- एक सीक्रेसी और दूसरी बात मैंने कहा कि मौसम खराब होने की वजह से हम रडार से बच सकते हैं. लेकिन आखिर में हमने जाने का फैसला लिया.

गुजरात बीजेपी ने पीएम मोदी के एयर स्ट्राइक पर दिए गए इस बयान को ट्वीट कर दिया था, लेकिन एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी के इस बयान को लेकर किए गए ट्वीट के ठीक बाद बीजेपी गुजरात ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया

ओवैसी बोले- गजब के एक्सपर्ट हैं

एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी के इस बयान पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया. ‘सर आप तो गजब के एक्सपर्ट हैं, सर विनती है कि चौकीदार हटाइए और एयर चीफ मार्शल एंड प्रधान लगा दीजिए. क्या टॉनिक पीते हैं, आपकी बातों में रोजगार, अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और कृषि संकट के अलावा हर डिपार्टमेंट का फॉर्मूला है. लगे रहो मित्रों’

उमर अब्दुल्ला ने भी ली चुटकी

पीएम मोदी के बादलों को लेकर दिए गए बयान के बाद जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट कर चुटकी ली. उन्होंने कहा, ‘लगता है कि ट्वीट भी बादलों में कहीं गुम हो गया है. किस्मत से इसका स्क्रीनशॉट चारों तरफ घूम रहा है.’

 

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सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने भी पीएम मोदी के इस बयान को कोट करते हुए ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, मोदी के शब्द काफी शर्मनाक हैं. क्योंकि उन्होंने एयरफोर्स को अज्ञान बताकर उसका अपमान किया है. फैक्ट ये है कि उन्होंने जो भी कहा वो खुद में एंटी नेशनल है. कोई भी देशभक्त ऐसा नहीं कर सकता है. मोदी जी की तरफ से गैरजिम्मेदाराना बयान. इस तरह का व्यक्ति भारत का प्रधानमंत्री नहीं रह सकता है.

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क्या है रडार की खासियत?

एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका के मुताबिक रडार एक इलेक्ट्रोमेग्नेटिक सिस्टम है जिसे एक तय दूरी से कई तरह की चीजों (विमान, ड्रोन, मिसाइल आदि) को पकड़ने, खोजने और ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है. रडार इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव प्रोड्यूस करते हैं, ट्रांसमिटर एंटीना के जरिए उन्हें आगे भेजा जाता है, जब वो वेव किसी ऑब्जेक्ट (एयरक्राफ्ट, मिसाइल) से टकराकर राडार के रिसीवर पर पहुंचता है तो आने-जाने वाले समय के हिसाब से उसकी दूरी तय कर ली जाती है. रडार इंफ्रारेड और ऑप्टिकल सेसिंग डिवाइस से इसलिए अलग है क्योंकि ये दूर की चीजों का पता लगाने और किसी भी तरह के मौसम में काम कर सकता है.

कांग्रेस को पछाड़कर BJP के फॉलोवर्स 1 करोड़ के पार, ट्विटर पर जमाया कब्जा

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बीजेपी साल 2010 में जुड़ी थी. वहीं, फरवरी 2013 में ट्विटर पर आई कांग्रेस के पास 50 लाख 14 हजार (5.14) फॉलोवर्स हैं.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गर्मजोशी के साथ एक और मील का पत्थर पार करते हुए ट्विटर पर एक करोड़ 10 लाख (11 मिलियन) से ज्यादा फॉलोवरों को अपने साथ जोड़ लिया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस पार्टी से बीजेपी के फॉलोवर्स की संख्या दोगुनी हो गई है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बीजेपी साल 2010 में जुड़ी थी. वहीं फरवरी 2013 में ट्विटर पर आई कांग्रेस के पास 50 लाख 14 हजार (5.14) फॉलोवर्स हैं. बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने शनिवार को इस की घोषणा करते हुए ट्विटर पर कहा, ‘हम सभी के लिए यह एक शानदार उपलब्धि है. धन्यवाद.’

यह जानकारी ऐसे समय में मिली है, जब हाल ही में एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संयुक्त रूप से फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम में 1 अरब 10 करोड़ 91 लाख 26 हजार 480 (110,912,648 मिलियन) फॉलोवर्स के साथ दुनिया के दूसरे सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले नेता बन गए हैं.

ऑनलाइन दृश्यता प्रबंधन और सामग्री विवरण एसएएस मंच सीमुर्श द्वार कराए गए अध्ययन की इस सूची में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संयुक्त रूप से फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम में 1 अरब 82 करोड़ 71 लाख 7 हजार 770 (182,710,777 मिलियन) फॉलोवर्स के साथ पहले स्थान पर हैं.

लाइव टीवी देखें

अकेले ट्विटर पर hrSc मोदी के 40 करोड़ सात लाख दो हजार (47.2 मिलियन) फॉलोवर हैं. वहीं बीजेपी नेता के मुकाबले छह साल बाद ट्विटर पर आए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 90 लाख चार हजार (9.4 मिलियन) फॉलोवर हैं.

CGBSE Result : मेरिट सूची में न आने का मलाल, हेल्पलाइन पर पूछ रहे ऐसे सवाल

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं-12वीं के नतीजे आने के बाद छात्र मेरिट सूची में स्थान न मिलने पर पुनर्मूल्यांकन कराने का तरीका पूछ रहे हैं। शनिवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल के हेल्पलाइन नंबर पर बच्चों के साथ-साथ पालकों ने भी फोन कर पुनर्मूल्यांक की प्रक्रिया पूछी।

एक-दो नंबर से मेरिट सूची में आने से चूके छात्रों ने फोन पर विशेषज्ञों को समस्या बताई। विशेषज्ञ माध्यमिक शिक्षा मंडल की सहायक प्राध्यापक प्रीति शुक्ला, सहायक प्राध्यापक सीमा वर्मा और सहायक प्राध्यापक अलका दानी, काउंसलर वर्षा वरवंडकर ने छात्रों को पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया समझाई।

नंबर की रेस से दूर रहने की सलाह

विशेषज्ञों ने फोन करने वाले पालकों और बच्चों को नंबर की रेस से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही आगे के लिए बेहतर प्लेटफार्म चुनने का तरीका समझाया। कुछ छात्रों ने कम नंबर आने से दुखी होकर फोन किया था। इनकी काउंसिलिंग कर उन्हें आगे की तैयारी करने को कहा गया।

ये हैं पुनर्मूल्यांक-पुनर्गणना के नियम

1- परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर पुनर्मूल्यांकन, पुनर्गणना और कॉपियों की छायाप्रति के लिए आवेदन कर सकते हैं।

2- आवेदन माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट में ऑनलाइन और समन्वय केंद्रों में भी किया जा सकता है।

3- पुनर्गणना अथवा उत्तरपुस्तिका की छायाप्रति के लिए एक साथ आवेदन किया जा सकता है।

4- पुनर्गणना और उत्तर-पुस्तिका की छायाप्रति दिखाने के लिए लिया गया शुल्क किसी भी दशा में वापस नहीं किया जाएगा।

इतनी लगेगी फीस

पुनर्गणना के लिए 100 रुपये, उत्तरपुस्तिका की छायाप्रति के लिए 500 रुपये प्रति कॉपी, पुनर्मूल्यांकन के लिए 500 रुपये शुल्क निर्धारित है।

इन्हें शुल्क में छूट

राज्य के बीजापुर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, सुकमा, बलरामपुर तथा राजनांदगांव के विकासखंड मानपुर और मोहला निवासी आदिवासी छात्र-छात्राओं को पुनर्मूल्यांकन में निर्धारित शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह छूट पुनर्गणना और उत्तरपुस्तिका की छायाप्रति के लिए नहीं है।

10 फीसद अंक बढ़ने पर ही मिलेगी अंकसूची

पुनर्मूल्यांकन के बाद जिन परीक्षार्थियों का संबंधित विषय में 10 फीसद या इससे अधिक अंक बढ़ेगा तभी उसे पुनः बढ़े हुए अंक के आधार पर रिजल्ट और अंकसूची दी जाएगी।

केदारनाथ और हेमकुंड में हेलीकॉप्टर किराया पिछले साल से हुआ सस्‍ता

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चारधाम यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। इस बार हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को सस्ती हवाई यात्रा करने को मिलेगी। शासन द्वारा हवाई सेवाओं के लिए किराए की नई दरें तय करने के बाद से फाटा और सिरसी से हेलीकॉप्टर के जरिये केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को बीते वर्ष के मुकाबले किराये में 600 रुपए से लेकर 950 रुपए तक की राहत मिलेगी।

वहीं, हेमकुंड साहिब के लिए गोविंदघाट से घांघरिया तक की हवाई सेवा में 100 रुपए तक की राहत मिल सकेगी। हालांकि, गुप्तकाशी से केदारनाथ की हवाई सेवा बीते वर्ष के मुकाबले कुछ महंगी हुई है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 14 मई से हवाई सेवाएं शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर ने कहा कि किराये की दरें कम होने से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ व हेमकुंड साहिब के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन होता है। इस बार हेलीकॉप्टर सेवाओं को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई लंबी चलने की वजह से यात्रा शुरू होने के बावजूद हेली सेवाएं शुरू नहीं हो पाई थीं। अब शासन ने तकनीकी और फाइनेंशियल बिड खोल ली हैं। इन दोनों स्थानों के लिए दस कंपनियों को चयनित किया गया है। इसमें नौ कंपनियां केदारनाथ और एक कंपनी हेमकुंड साहिब में हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन करेगी।

बीते रोज शासन ने फाईनेंशियल बिड खोली, जिसमें तीन स्थानों के आठ हेलीपैड से वर्ष 2018 से कम न्यूनतम किराये की दरें प्राप्त हुई। जबकि गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए हेली सेवा देने वाले दो हेलीपैड से किराये की अधिक दरें प्राप्त हुई हैं।

छत्तीसगढ़ में लू को लेकर अलर्ट जारी

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छत्तीसगढ़ में कई ग्रामीण इलाके लू की चपेट में हैं. वहीं अगले दो दिनों तक लू को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में तापमान 42 डिग्री से ऊपर लगातार बना हुआ है. मौसम वैज्ञानिक आरके वैश्य ने कहा कि आने वाले दो दिनों में पूरे छत्तीसगढ़ में लू चलने की आशंका है. इसके बाद तापमान में कमी आएगी. लेकिन दोबारा तापमान में वृद्धि होने लगेगी. उन्होंने राजधानी रायपुर के संदर्भ में कहा कि यहां लू की स्थिति नहीं हैं. लेकिन तापमान बढ़ने पर लू भी चलने लगेगी.

मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि गुरुवार को रायपुर का तापमान 45 डिग्री दर्ज किया गया. रायपुर के साथ बिलासपुर और राजनांदगांव का तापमान भी इसके  आसपास है. उन्होंने कहा कि इन जगहों पर अगर पारा एक डिग्री भी ऊपर गया तब लू चलने लगेगी.

बताया जा रहा है कि मौसम के शुष्क रहने के कारण ही छत्तीसगढ़ के तापमान में अचानक वृद्धि हुई है. इस वजह से छत्तीसगढ़ के कई शहरों में आने वाले दिनों में भीषण लू चलने की आशंका जताई जा रही है. ऐसे मौसम में लोगों को हिदायत दी गई है कि वे दिन में घर से बाहर नहीं निकलें.

छत्तीसगढ़ : मायके से लौटी पत्नी को देख पति ने किया दरवाजा बंद, ‘सखी’ ने भी नहीं दिया सहारा

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परेशान महिलाओं को सहारा और सुरक्षा के लिए बने सखी सेंटर ने एक महिला को आश्रय देने से मना कर दिया. ये मामला है छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का, जहां पति से परेशान महिला जब सखी सेंटर पहुंची तो सेंटर के कर्मचारियों ने पानी की समस्या का हवाला देकर उसे वहां आश्रय देने से मना कर दिया, जिसके बाद पीड़ित महिला रातभर इधर-उधर भटकती रही.

दरअसल मुंगेली क्षेत्र की 26 साल की महिला की अपने पति से अनबन थी, जिसका कुटुंब न्यायालय में मामला चल रहा है. इसी के चलते उसका पति उसका जिम्मा उठाने के लिए तैयार नहीं है. साथ ही महिला का खर्च उसके मायके वाले भी नहीं उठा पा रहे थे, जिससे महिला की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है, इसी को देखते हुए जब उसने परेशान होकर बिलासपुर में बने सखी सेंटर से जाकर मदद मांगी तो सेंटर के कर्मचारियों ने पानी का हवाला देकर उसे वहां रखने से मना कर दिया.

जानकारी के मुताबिक पीड़ित महिला जब मायके से शुक्रवार की शाम घर छोड़कर अपने पति के घर जबड़ापारा आई और बाहर से दरवाजा खटखटाया तो पति ने पत्नी को देखते ही उसके लिए घर का दरवाजा बंद कर दिया.

घटना के बाद पीड़ित महिला थाने पहुंची और आप बीती बताई और वह अब मायके भी लौटना नहीं चाहती, जिसके बाद पुलिस के सामने उसे रात को रखने की समस्या आ गई, जिसके बाद परेशान होकर एक महिला हेड कांस्टेबल उसे नूतन चौक स्थित महिला बाल विभाग द्वारा संचालित सखी सेंटर लेकर पहुंची, जहां के कर्मचारियों ने दरवाजा तक नहीं खोला और खिड़की से ही पानी की समस्या बताकर रखने से मना कर दिया.जिसके बाद महिला कांस्टेबल उसे लेकर थाने लौट आई.

टीआई संतोष जैन के अनुसार रात को महिला कांस्टेबल पीड़िता लेकर उज्जवला होम भी गई, जहां मानसिक रोगी महिलाओं को रखने का हवाला देकर वहां से भी लौटा दियास जिसके बाद महिला कांस्टेबल उसे लेकर जरहाभाठा की महिला सुधार गृह गई थी, लेकिन महिला किसी मामले में आरोपी नहीं है, ऐसे में उसे महिला थाने में नहीं रखा जा सकता है. फिलहाल पुलिस परिजनों को समझाइश कर बुलाने की कवायद कर रहा है.

चार दिन में 1 रुपये से ज्यादा सस्ता हुआ पेट्रोल-डीज़ल, आज भी आई भारी गिरावट

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पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में जारी गिरावट से आम आदमी को बड़ी राहत मिली है. पिछले 4 दिन में पेट्रोल 1.27 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता हुआ है. वहीं, डीज़ल की कीमतों में 38 पैसे प्रति लीटर की कमी आई है. यहीं सिलसिला रविवार को भी जारी रहा. दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल के दाम 42 पैसे कम हो गए है. वहीं, डीज़ल की कीमतों में 17 पैसे की गिरावट दर्ज हुई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड की कीमतों में आई गिरावट का असर पेट्रोल-डीज़ल के दामों पर दिख रहा है. मौजूदा हालात को देखकर पूरी उम्मीद है कि क्रूड की कीमतों पर दबाव जारी रहेगी.

क्यों हुआ सस्ता- अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बने हुए हैं. वहीं, एक हफ्ते के दौरान कीमतें 7 फीसदी तक कम हो गई है. इसीलिए भारतीय बाजार में पेट्रोल-डीज़ल के दाम भी घट गए है

इंडियन ऑयल (IOC) की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, रविवार को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 72.15 रुपये प्रति लीटर से गिरकर 71.73 रुपये पर आ गई है.

>> मुंबई में एक लीटर पेट्रोल के दाम गिरकर 77.34 रुपये प्रति लीटर है. कोलकाता में पेट्रोल के दाम 73.79 रुपये और डीजल 67.86 रुपये प्रति लीटर है

>> नोएडा में पेट्रोल 71.27 रुपये तो गुरुग्राम में 71.78 रुपये, वहीं डीजल 65.23 रुपये और 65.31 रुपये प्रति लीटर है.

रोज़ाना सुबह 6 बजे से लागू होती हैं नई कीमतें-देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनी (HPCL, BPCL, IOC) रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा करती है. नई दरें सुबह 6 बजे से लागू होती है. आपको बता दें कि कीमतों को तय करने के लिए 15 दिन की औसत कीमत को आधार बनाया जाता है. इसके अलावा रुपये और डॉलर के विनिमय दर से भी तेल की कीमत प्रभावित होती है.

प्रियंका चोपड़ा ने प्रेग्नेंसी पर तोड़ी चुप्पी, कही ये बात…

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प्रियंका चोपड़ा की शादी के कुछ महीनों बाद से ही उनकी प्रेग्नेंसी की खबरें उड़ने लगी थीं. एक बार तो उनकी मां मधु चोपड़ा को सामने आकर सफाई देनी पड़ी थी. वहीं इस बार देसी गर्ल ने प्रेग्नेंसी को लेकर अपने मन की बात बताई है. अमेरिका में एक न्यूज पोर्टल से बातचीत में प्रियंका ने कहा, ‘मैं हमेशा से मां बनना चाहती हूं, लेकिन जब ईश्वर की मर्जी होगी ये तभी होगा.’

वैसे निक जोनास भी पिता बनने पर एक बार बात कर चुके हैं. निक ने कहा था, ‘मुझे लगता है कि असली सपना तो यही है, मुझे लगता है कि मैं कुछ ज्यादा जल्दी बड़ा हो गया हूं. इस चीज को आप दो तरीके से ले सकते हैं, या तो आप इसे अनफेयर बताएं और या फिर आप कम उम्र में मिले एक्सपीरियंस को पॉजिटिव लें. मैंने बहुत कम उम्र में बहुत कुछ देखा और सीखा है इसलिए मैं अपने बच्चों के साथ ये सब शेयर करना चाहता हूं.

बता दें कि मुंबई में एक बार प्रियंका चोपड़ा अपनी मां के साथ अस्पताल के बाहर नजर आई थीं. बस इसी तस्वीर से प्रेग्नेंसी की अफवाहों का बाजार गर्म हुआ था. जब बात हाथ से बाहर हो गई तो प्रियंका की मां ने बताया था कि वह वहां किसी परिचित से मिलने पहुंचे थे. वैसे शादी के बाद एक्ट्रेसेज के लिए प्रेग्नेंसी की अफवाहों से निपटना मुश्किल हो जाता है. मेट गाला में दीपिका की एक तस्वीर में हल्का टमी दिखा तो उसे बेबी बंप कहा जाने लगा. वहीं एक इवेंट में आनंद आहूजा ने सोनम के जूते के फीते बांधे तो सवाल किया जाने लगा कि क्या सोनम प्रेग्नेंट हैं?