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ये है चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना का सही नियम और शुभ मुहूर्त

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आपको बता दें,कि वैसे तो नवरात्रि का पर्व साल में दो बार आता हैं,मगर चैत्र की नवरात्रि बहुत ही विशेष मानी जाती हैं इस पर्व में देवी शक्ति के नौर रूपों की उपासना का यह खास पर्व माना जाता हैं वही यह भी कहा जाता हैं,कि इस नवरात्रि में अगर आप देवी को प्रसन्न कर लेते हैं तो आपकी हर इच्छा जल्द ही पूर्ण हो जाती हैं।

वही इस साल चैत्र नवरात्रि 6 अप्रैल से आरम्भ हो रही हैं जो 14 अप्रैल को समाप्त हो जायेंगी। वही यह इस साल पूरे नौ दिनों तक रहने वाली हैं। वही नवरात्रि के इन नौ दिनों में देवी भक्त मां को प्रसन्न करने के लिए हर प्रयास करते हैं। वही इनके नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना भी करते हैं।

वही नवरात्रि के पर्व में कलश स्थापना का विशेष महत्व होता हैं,वही नवरात्रि में मां दुर्गा की कृपा को पाने के लिए कलश की स्थापना उचित मुहूर्त में ही करनी चाहिए। बता दें,कि इस बार कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सिर्फ 4 घंटे 10 मिनट तक ही रहेगा। कलश स्थापना मुहूर्त सुबह 06 बजकर 09 मिनट से लेकर 10 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। वही कलश स्थापना का यह मुहूर्त इसलिए भी बहुत शुभ माना जा रहा हैं क्योंकि इस समय द्विस्वभाव मीन लग्न होगा।

जानिए कलश स्थाना से जुड़े खास नियम— 
बता दें,कि कलश स्थापना हमेशा ही शुभ मुहूर्त में करनी चाहिए। वही कलश की स्थापना करने के लिए पूजन स्थल से अलग एक पाटे पर लाल रंग या फिर सफेद रंग का कपड़ा बिछाएं इसपर अक्षत से अष्टदल बनाकर इस पर जल से भरा कलश स्थापित करें। वही कलश का मुंह खुला ना रखें। उसे किसी चीज से ढक देना उचित होता हैं।

भोपाल में भाजपा का 30 साल पुराना गढ़ ढहाने के लिए बनाई यह रणनीति, ‘दिग्गी’ का वॉर रूम तैयार

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 लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है, क्योंकि 30 साल से बीजेपी के अभेद दुर्ग में तब्दील हो चुकी भोपाल लोकसभा सीट को फतह करने के लिए कांग्रेस ने दिग्विजय को यहां से मैदान में उतारा है।

ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने अपनी चाणक्य निति से भाजपा को मात देने के लिए स्पेशल वॉर रूम बनाया है। जहाँ से वे हर मोर्चे पर रणनीति बनाएंगे। भोपाल लोकसभा सीट जीतना दिग्विजय सिंह के लिए साख का सवाल बन गया है। अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए दिग्गी ने पूरी ताकत झोंक दी है। हर दांव लगाया जा रहा है।

संसदीय क्षेत्र भोपाल में चुनावी जमावट के लिए ही दिग्विजय सिंह का वॉर रूम भी बनकर तैयार है। इस वॉर रूम से हर पोलिंग बूथ को मजबूत करने के साथ कार्यकर्ताओं को चार्ज भी किया जा रहा है। राजधानी भोपाल के मिंटो हॉल के ठीक सामने एक प्राइवेट कॉलेज की बिल्डिंग है, जिसमें दिग्विजय सिंह ने अपना चुनावी वॉर रूम तैयार किया है। इस वॉर रूम में आईटी सेल, सोशल मीडिया और मीडिया सेल बनाई गई है।

दिग्विजय सिंह जल्द करेंगे वॉर रूम का उद्घाटन

वहीं से पूरे लोकसभा चुनाव की व्यवस्थाओं की मॉनिटिरंग का काम किया जा रहा है। इसी वॉर रूम का जल्द दिग्विजय सिंह औपचारिक उद्घाटन करेंगे। दिग्विजय सिंह की टीम का कहना है कि वॉर रूम से भोपाल से लेकर सीहोर की आठों विधानसभा सीटों की चुनावी व्यवस्था की मॉनिटरिंग की जाएगी। दिग्विजय सिंह खुद हर कार्यकर्ता से संपर्क कर रहे हैं। इसी वॉर रूम से चुनाव की पल-पल की प्लानिंग और रणनीति भी तैयार हो रही है।

सियासी मायने में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण

वहीं बीजेपी दिग्विजय सिंह को अपने लिए कोई बड़ी चुनौती नहीं मान रही है। कुल मिलाकर ये है कि आम चुनाव 2019 में दिग्विजय सिंह के लिए सियासी मायने में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि दिग्गी ने अपनी राजगढ़, भोपाल और सीहोर की टीम के साथ एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है।

स्वास्थ : टाइफाइड के मरीज़ का ऐसा होना चाहिए खानपान

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टाइफाइड का रोग टाइफी नामक जीवाणु के संक्रमण के कारण होता है जिसमे व्यक्ति के आंतों में सूजन आ जाती है और इसके कारण हर समय व्यक्ति के पेट में दर्द बना रहता है| टाइफाइड के मरीज़ के खान पान पर बहुत अधिक ध्यान देना पड़ता है क्यूंकि ज़रा सी लापरवाही से यह बीमारी गंभीर भी हो सकती है| टाइफाइड के मरीज़ के शरीर में काफी कमज़ोरी आ जाती है और बुखार के साथ साथ उसे काफी ठण्ड भी लगती है| ऐसी स्थिति में मरीज़ का ध्यान रखने के लिए मरीज़ को इन चीज़ों का सेवन कराना चाहिए|

1- तुलसी, काली मिर्च और केसर: तुलसी, काली मिर्च और केसर को एक साथ पीस कर उसकी गोलियां बनाकर सुबह शाम इसका सेवन करने से टाइफाइड के मरीज़ को काफी आराम मिलता है|

2- छाछ और धनिया: छाछ का सेवन हर समय शरीर के लिए लाभदायक होता है इसलिए टाइफाइड के मरीज़ को भी छाछ में धनिया डाल कर रोज़ दिन भरा में दो बार इसका सेवन करना चाहिए|

3- जूस और सूप: टाइफाइड के मरीज़ की कमज़ोरी को दूर करने के लिए उसे गन्ने का जूस, संतरे का जूस, नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन कराना चाहिए और साथ ही सब्ज़ियों से बना सूप भी मरीज़ की सेहत में सुधार के लिए काफी लाभदायक होता है|

4-शहद और पानी: टाइफाइड के मरीज़ को आंत में समस्या होती है जिससे उसका पाचन तंत्र भी प्रभावित होता है इसलिए उसे दिन भर में कई बार गुनगुने पानी में शहद मिलाकर दिया जाना चाहिए जिससे उसका पाचन तंत्र सही प्रकार से काम कर सके|

5-लौंग का पानी: लौंग को पानी में डालकर उसे उबाल देना चाहिए और उसे तब तक उबालते रहें जब तक कि पानी आधा ना हो जाये और फिर उस पानी को छान लें और थोड़ी थोड़ी मात्रा में मरीज़ को दिन भर में कई बार मरीज़ को पिलाते रहें|

आहारों के सेवन के साथ साथ टाइफाइड के मरीज़ को कुछ खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना भी चाहिए खासतौर से ऐसी चीज़ों का सेवन नहीं करना चाहिए जो चिकने पदार्थ से बानी हों या जिनमे घी तेल का उपयोग किया गया हो| दवाओं के साथ साथ इस खान पान को रखते हुए टाइफाइड के मरीज़ की हालत में जल्द ही सुधार आ सकता है|

लोकसभा चुनाव 2019: घोषणा पत्र नहीं ढकोसला पत्र है ये – मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र को ख़ारिज करते हुए इसे ढकोसला पत्र बताया है.

मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में एक चुनाव सभा में कहा, “इनलोगों की तरह ही इनका घोषणा पत्र भी भ्रष्ट होता है. बेईमान होता है, ढकोसलों से भरा होता है, और इसलिए उसे घोषणा पत्र नहीं ढकोसला पत्र कहना चाहिए.”

उन्होंने वहाँ कहा कि इसका उदाहण कांग्रेस के पिछले घोषणा पत्रों में किए गए वादों से मिलता है.

मोदी ने कहा,”2004 के अपने ढकोसला पत्र में महामिलावटी लोगों ने 2009 तक देश के हर घर में बिजली पहुँचाने का वादा किया था. लेकिन 2014 में जब मैं आया, तब तक देश के 18 हज़ार घर अंधेरे में थे, और करोड़ों परिवारों ने बिजली नहीं देखी थी.”

“2009 में उन्होंने फिर ढकोसला लाया, पहले के वादे का क्या हुआ कोई जवाब नहीं दिया, उनके चेले-चपाटों ने भी कोई सवाल नहीं किया. और 2014 में उन्होंने फिर एक वादा किया कि शहरों में शत-प्रतिशत और गाँवों में 90 प्रतिशत जगहों तक बिजली पहुँचाएँगे. 2004 में कहते थे सबको पहुँचाएँगे, 2009 में कहने लगे कुछ छूट जाएँगे, और ना चार में किया, ना नौ में किया ना 14 में किया.”

मोदी बुधवार को अरुणाचल प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र के गोंडला और पश्चिम बंगाल में कोलकाता और सिलिगुड़ी में भी चुनाव सभा करने वाले हैं.

‘इंग्लिश स्पीकिंग सीएम ना चुनें’

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ओडिशा के उमरकोट में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वो अंग्रेज़ी बोलने वाला मुख्यमंत्री चुन कर फिर से ग़लती ना करें.

अमित शाह ने कहा कि वो दोबारा ऐसा अंग्रेज़ी स्पीकिंग मुख्यमंत्री को चुन कर ग़लती न दोहराएं जो वोटरों की भावनाएं समझ न पाते हों.

भाजपा अध्यक्ष का इशारा प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की तरफ था जो बीते 19 सालों से सत्ता संभाले हुए हैं लेकिन अब तक वो ओड़िया भाषा में बात नहीं कर पाते.

ओडिशा में इस बार विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव एक साथ कराए जा रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के वर्धा में एक चुनावी रैली में कांग्रेस और उसकी सहयोगी एनसीपी पर निशाना साधा.

उन्होंने एनसीपी के शीर्ष नेता शरद पवार के परिवारिक कलह का हवाला देते हुए एनसीपी पर हमला बोला.

दोनों पार्टियों को कुंभकरण बताते हुए मोदी ने कहा कि जब ये सत्ता में आती हैं तो घोटाले करती हैं और फिर छह छह महीने सोती रहती हैं.

उन्होंने अपने भाषण में बालाकोट पर विपक्ष के सवाल करने पर तंज कसा और कहा, ‘आपको सबूत चाहिए या सपूतों पर गर्व.’

मोदी ने हिंदू आतंकवाद को लेकर भी कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन पर निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि सुशील कुमार शिंदे जब केंद्रीय मंत्री थे तो उन्होंने इसी महाराष्ट्र की धरती से हिंदू आतंकवाद की चर्चा को शुरू किया था.

उन्होंने महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में सूखे के लिए कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यहां सिंचाई परियोजनाएं लंबे समय तक लटकी रहीं.

महाराष्ट्र में चार चरण में चुनाव होने हैं. यहां 11 अप्रैल को पहले चरण में सात सीटों पर मतदान होना है.

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को 8, BJP को 3 सीटों पर बढ़त मुमकिन: सर्वे

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पिछले साल छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में 90 में से 68 सीट जीतकर कांग्रेस सत्ता पर काबिज हो गई. जिस बीजेपी ने राज्य में 15 सालों तक शासन किया, उसे महज 15 सीटें ही मिलीं. इस नतीजे की 2014 लोकसभा चुनाव के नतीजे से तुलना की जाए, तो भारी बदलाव दिखता है.

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की 11 में से 10 सीटों पर कब्जा जमाया था. मगर 2018 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा पूरी तरह पलट गया. लोकसभा क्षेत्रों के लिहाज से कांग्रेस को 10 सीटों पर बढ़त मिली, जबकि बीजेपी को सिर्फ 1 सीट पर.

मार्च की शुरुआत में पोल आइज के सर्वे के मुताबिक छत्तीसढ़ में कांग्रेस की बढ़त विधानसभा चुनाव के नतीजों की तुलना में थोड़ी कम हुई है. सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि अब कांग्रेस को राज्य की 8 सीटों पर, जबकि बीजेपी को 3 सीटों पर बढ़त हासिल है.

बीजेपी की स्थिति में सुधार, वोट शेयर के अनुमान से ज्यादा बेहतर तरीके से लगाया जा सकता है. नवंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी का वोट शेयर 33 फीसदी था, जो सर्वे के मुताबिक मार्च 2019 में बढ़कर 41 फीसदी हो गया है. उधर कांग्रेस के वोट शेयर में भी मामूली सुधार हुआ है, जिसके 43 फीसदी से बढ़कर 44 फीसदी होने का अनुमान है.

दोनों प्रमुख पार्टियों को ये बढ़त निर्दलीयों, छोटी पार्टियों और अजीत जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और बहुजन समाज पार्टी के गठजोड़ की कीमत पर मिली है.

सीटवार आकलन किया जाए तो सर्वे के मुताबिक

  • बीजेपी जांजगीर-चम्पा, कांकेड़ और बिलासपुर सीटों पर आगे है
  • कांग्रेस को 8 सीटों पर बढ़त है: सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, राजनंदगांव, दुर्ग, रायपुर, महासमंद और बस्तर

मगर सभी सीटों पर बढ़त का अंतराल 10 फीसदी से कम है, लिहाजा थोड़ा सा भी स्विंग नतीजे बदल सकता है.

जोगी फैक्टर

अजीत जोगी ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगी. यह फैसला छत्तीसगढ़ का चुनावी समीकरण बदल सकता है. जिन वोटरों ने पहले जेसीसी को वोट दिया था, अब उनके सामने बहुजन समाज पार्टी, या जोगी की पुरानी पार्टी – कांग्रेस या फिर बीजेपी के विकल्प हैं. छत्तीसगढ़ में चुनावी नतीजों को अंतिम रूप देने में इन वोटरों का अहम योगदान होगा.

लोकसभा की जिन सीटों पर जेसीसी के फैसले का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, वो हैं बिलासपुर और कोरबा, जहां पार्टी का प्रभाव सबसे ज्यादा है. सतनामी बहुल इलाकों में भी यह फैसला असर डालेगा. अनुसूचित जाति का ये समुदाय जोगी का मुख्य वोट बैंक माना जाता है. दूसरी ओर सबसे उत्तरी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में इस फैसले का असर कम पड़ने की संभावना है.

छत्तीसगढ़ के अंतिम चुनावी समीकरण के लिए कुछ और फैक्टर जिम्मेदार हो सकते हैं

  1. पिछले तीन महीने में जिस तरह बीजेपी की स्थिति सुधर रही है, अगर वो सुधार जारी रहा, तो चुनावी नतीजों पर असर पड़ेगा.
  2. राहुल गांधी की न्यूनतम आय योजना (न्याय) या किसानों से किए वादों का असर दिख सकता है. उदाहरण के लिए अपने चुनावी घोषणापत्र में कांग्रेस ने किसानों के लिए अलग से बजट लाने का वादा किया है. इसके अलावा उसने कहा है कि किसानों का लोन ना चुका पाना क्रिमिनल ऑफेंस ना होकर सिविल ऑफेंस होगा. वेलफेयर स्कीम्स ने छत्तीसगढ़ में रमन सिंह की अगुवाई में तीन टर्म तक बीजेपी की सरकार को बनाए रखने में मदद की. लिहाजा कांग्रेस को भी अपने वादों से खासा फायदा मिल सकता है.

ये तीन कारक, यानी जोगी का चुनावी जंग से पीछे हटना, बीजेपी की हालत में सुधार और कांग्रेस के वादे – छत्तीसगढ़ के अंतिम नतीजों पर असर डाल सकते हैं और सर्वे में लगाए गए अनुमानों से अलग हो सकते हैं.

ये चुनाव देश के अस्मिता एवं संप्रभूता की रक्षा का चुनाव है : डॉ. रमन सिंह

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मंगलवार को रायपुर पश्चिम विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह व सांसद रमेश बैस शामिल हुए। डॉ. सिंह ने कहा कि ये चुनाव देश को आतंकवाद एवं भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए हो रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कार्यकर्ताओं की भारी संख्या में उपस्थिति को देखते हुए कहा कि मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जैसे मैं किसी विशाल सभा को संबोधित कर रहा हूं। इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ता यदि चाह लें तो कोई भी विरोधी हमें हरा नहीं सकता। आप लोगों की उपस्थिति देखकर रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से सुनील सोनी को ऐतिहासिक बढ़त मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ये चुनाव देश की अस्मिता एवं संप्रभुता की रक्षा के लिए हो रहा है। देश को आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए हो रहा है। ये चुनाव देश को आतंकवाद एवं भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए हो रहा है। कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी किया है। इसमें इनकी घोषणा से समूचा राष्ट्र स्तब्ध है। देशद्रोह जैसे कानून जो कि देश की सुरक्षा आतंकवाद से रक्षा के लिए है। उसे समाप्त करने का प्रस्ताव कांग्रेस पार्टी अपना घोषणा पत्र में लाई है। जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। आजादी की लड़ाई लड़े वाली कांग्रेस तो महात्मा गांधी के साथ ही चली गई। अब जो कांग्रेस बची है ये देश के टुकड़े-टुकड़े करने वालों के साथ खड़ी है, आतंकवादियों के समर्थन में खड़ी दिखाई दे रही है। महात्मा गांधी ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि कांग्रेस पार्टी देश को इस कदर बर्बाद करने पर आतूर हो जाएगी। एक तरफ जहां देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दी है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के नेता देश का सत्यानाश करने पर तुले हैं। मोदी जी ने देश को शक्तिशाली राष्ट्र बनाया। आतंकवाद को पनाह देने वाले देश भारत से डरने लगे हैं। ये मोदी जी का व्यक्तित्व हैं। आज देश की मांग नरेन्द्र मोदी है।

सम्मेलन में रायपुर लोकसभा के वर्तमान सांसद रमेश बैस उपस्थित रहे। इस दौरान रायपुर लोकसभा क्षेत्र के चुनाव संचालक बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, राजीव कुमार अग्रवाल, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, सुभाष तिवारी, चन्नी वर्मा, मीनल चौबै, मोहन एंटी, शताब्दी पाण्डेय, अशोक पाण्डेय, महेश बैस, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

धमतरी : महिलाओं ने बाइक रैली निकालकर दिया गया मतदाता जागरुकता का संदेश

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लोकसभा चुनाव को लेकर सौ फीसदी मतदान के लिए मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बुधवार सुबह महिलाओं ने कलेक्टोरेट परिसर से धमतरी शहर के चौक-चौराहे होते हुए वापस कलेक्टोरेट तक बाइक रैली  निकालकर लोगों को 100 फीसदी मतदान का संदेश दिया। आपको बता दें कि एसपी केपी चंदेल ने रैली हो हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दरअसल महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित मतदाता जागरूकता रैली में महिलाओं ने स्कूटी में सवार होकर मतदान जागरूकता के नारों के साथ बड़े ही उत्साह से भाग लिया।

रैली कलेक्टरेट परिसर से होते हुए शहर के अम्बेडकर चौक, रत्नाबांधा,मकई चौक, सिहावा चौक,विंध्यावशिनी मंदिर होते हुए वापस कलेक्टोरेट परिसर में खत्म हुई। यहां पर ए एसपी केपी चंदेल ने उपस्थित जनसमुदाय को अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ दिलाई। महिला एवं बल विकास विभाग की आधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा कि महिलाओं ने बाइक रैली के माध्यम से उन लोगों को यह संदेश दिया है। जो मतदान के दिन अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करते बल्कि घर में बैठे रहते हैं। उन्होंने बताया कि जिस उत्साह से महिलाएं बाइक रैली में शामिल हुई हैं। उससे लगता है कि महिलाएं मतदान को लेकर कितना जागरूक हैं।

छत्तीसगढ़ : आर्थिक ऊंचाईयों को छूने का संकल्प है कांग्रेस का घोषड़ा पत्र : ज्योत्सना महंत

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रायपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा जारी किया गया घोषणा पत्र को कोरबा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना महंत ने आर्थिक ऊंचाईयों को छूने का संकल्प बताया है। उन्होंने कहा कि देश के हजारों लोगों के राय मशविरा के बाद बनाया गया कांग्रेस पार्टी का घोषणा पत्र। 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आप सभी के अपार समर्थन के बाद बनी कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा जनता से किए गए वादे किसानों का कर्जा माफ, धान का समर्थन मूल्य 2500 और बिजली बिल हाफ को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में निभाने में न तो कोई देरी की है और न ही कोई गुरेज किया है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में कृषि बजट अलग से पेश करने का वादा सर्वाधिक उल्लेखनीय है। गरीबी पर वार और न्याय योजना में 72 हजार सालाना देने के साथ-साथ पंचायतों में 10 लाख लोगों को रोजगार देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्वास्थ्य व शिक्षा के लिए बजट की बढ़ोत्तरी व 22 लाख रिक्त शासकीय पदों पर भर्तियों के साथ-साथ नए रोजगार के लिए तीन वर्षों की शासकीय बाधाओं को समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल किया गया है। कांग्रेस की सरकार आते ही वादों के अनुरूप ये तत्काल पूरे किए जाएंगे। कांग्रेस पार्टी ने सदैव जनकल्याणकारी शासन दिया है। इस घोषणा पत्र में यही वादा किया है कि पिछले पांच साल में लोगों को जो तकलीफें हुई हैं वह दूर होंगी।

लोकसभा चुनाव : बीजेपी ने जलाई कांग्रेस के घोषणा पत्र की प्रतियां, मिला ये जवाब

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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. कांग्रेस के घोषणा पत्र जारी करने के बाद सियासी पारा चढ़ने लगा है. छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने कांग्रेस के जन घोषणा पत्र को न सिर्फ जनता के लिए छलावा बताया, बल्कि उसके खिलाफ प्रदर्शन भी किए. बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने रायपुर में कांग्रेस के जन घोषणा पत्र की प्रतियां जलाईं और कांग्रेस पर गंभीर आरोप भी लगाए.

कांग्रेस के जन घोषणा पत्र को छत्तीसगढ़ बीजेपी ने देश के साथ गद्दारी बताई. देशद्रोह के कानून में संशोधन के कांग्रेस के वादे पर बीजेपी ने आरोप लगाए हैं. भाजपा नेता अमरजीत छाबड़ा का कहना है कि कांग्रेस शुरू से ही देश के गद्दारों के साथ नजर आई है. इसका एक और प्रमाण घोषणा पत्र में देखने को मिला है. वह जन-जन तक इस घोषणा पत्र की सच्चाई लेकर जाएंगे.

छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री टीएस सिंहदेव ने इस पर पलटवार किया है. उन्‍होंने कहा कि क्या गरीबों को 72 हजार रुपये सालाना देना जलाने योग्य बात है? क्या महिलाओं को अधिकार देने की बात कहना जलाने योग्य है? जलाने योग्य बीजेपी की ऐसी सोच है. अब वक्त आ चुका है कि बीजेपी की ऐसी सोच को भस्म हो जाना चाहिए.

छत्तीसगढ़: अभिनेता आमिर खान को रायपुर कोर्ट ने जारी किया नोटिस

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मशहूर फिल्म अभिनेता आमिर खान अपने बयान से मुसीबत में पड़ते नजर आ रहे है. बता दें लगभग तीन साल पहले आमिर खान ने सहिष्णुता के मुद्दे एक बयान दिया था. अब उस बयान पर रायपुर कोर्ट ने मंगलवार को नोटिस जारी किया है. आमिर खान को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है. बताया जा रहा है कि रायपुर के अधिवक्ता दीपक दीवान ने परिवाद दायर किया है.

बता दें कि बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता आमिर खान को रायपुर की सेशन कोर्ट ने 19 जून को तलब किया है. अधिवक्ता दीपक दीवान ने नवंबर 2015 में असहिष्णुता मामले में देश छोड़ने संबंधी आमिर खान के बयान पर परिवाद दाखिल किया था. मई 2016 में परिवाद खारिज हो गया तो अधिवक्ता ने सेशन कोर्ट में अपील की. दो अप्रैल को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश लीना अग्रवाल की अदालत ने आमिर खान समेत सभी को सुनवाई के लिए प्रस्तुत होने के निर्देश दिए है. अब सभी पक्षों को सुनने के बाद ही मामला पंजीकृत करने संबंधी निर्णय होगा.