रायपुर। डीकेएस अस्पताल मामले में डॉ. पुनीत गुप्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वकील महेश जेठमलानी पैरवी करेंगे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 मई को सुनवाई होगी। बता दें कि महेश जेठमलानी मशहूर वकील रामजेठमलानी के बेटे हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में पुनीत गुप्ता की जमानत खारिज करने के लिए याचिका लगाई है। इस याचिका के खिलाफ महेश जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट में पुनीत गुप्ता की पैरवी करेंगे। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए डॉ. पुनीत गुप्ता को अग्रिम जमानत दे दी थी।
चावल का सेवन हम सभी को दिन भर में एक बार जरूर करना चाहिए । यह हमारी अच्छी सेहत के लिए बहुत ही जरूरी होता है ।चावल का सेवन संतुलित आहार का अंग माना जाता है । यदि कोई व्यक्ति मोटा होना चाहता है तो भी वह चावल खा कर मोटा हो सकता है और कोई पतला होना चाहे तो वह भी चावल खा कर पतला हो सकता है । इतना ही नही चावल का सेवन सबसे सुपाच्य भोजन में माना गया है ।
आज हम आपको चावल का सेवन करने के ही नही बल्कि बासी चावल का सेवन करने से होने वाले फायदे के बारे में बताने जा रहे हैं।ज़्यादातर लोग चावल को बासी समझ कर सेवन नही करते हैं कहते हैं की वह इसका सेवन अच्छा नही मानते । पर हम आपको बता दें की यदि थोड़ा चावल बच जाये तो उसको फ़ैकने की जगह यदि उसका सेवन किया जाये तो सेहत के लिए बहुत ही गुणकारी होता है ।
चावल में भरपूर मात्रा में फाइबर्स होते हैं। जिसके चलते कब्ज, गैस, पेटदर्द जैसी समस्याओं से निजात दिलाते हैं और तुरंत ही आपको आराम मिलता हैं। साथ ही साथ बासी चावल आपको दिनभर तरोताजा रहने में मदद करता है जिसके चलते दिन भर के तमाम जरूरी कामों के लिए आपको पर्याप्त एनर्जी प्रदान होती है। दोस्तों इसके इस्तेमाल से अल्सर का भी इलाज आसानी से हो जाता है। यदि दोस्तों आपको अल्सर की समस्या है और इससे आप परेशान है तो बिल्कुल भी डरने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आप हफ्ते में तीन बार बासी चावल खाएं और फिर देखिए चमत्कार। दोस्तों इससे घाव जल्दी ही ठीक हो जाएगा ।
इसको हफ्ते में 2,3 बार खाने के बाद चाय या कॉफी पीने की इच्छा कम हो जाएगी। बासी चावल की प्रकृति ठंडी होती है। जिसके चलते इसका सेवन करने से पाचन तंत्र हमेशा ठीक रहता है ओर साथ ही साथ शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है ।
लोगों को भटकाने का काम कर रही है. उन्होंने शायरी पढ़ते हुए इसे समझाया और कहा – ‘ इधर-उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला क्यों लुटा, मुझे रहजनों से गिला नहीं तेरी रहबरी का सवाल है ‘
प्रतापगढ़ में प्रियंका गांधी बोलीं –
बीजेपी लोगों को रैली में पकड़कर लाती है, कि हम कितने मजबूत हैं
इनसे बड़ा कायर और इनसे बड़ा कमजोर पीएम मैंने आजतक नहीं देखा है
राजनीतिक शक्ति टीवी पर दिखाने से नहीं होती, जनता की बात और उनकी समस्या सुनने की शक्ति से होती है
ये पीएम आपकी बात सुनना तो दूर आपका जवाब देना भी नहीं जानते हैं
प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर कसा तंज
प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए एक कविता पढ़ी, जिसमें उन्होंने कहा – ‘ तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है ‘
रायपुर: छत्तीसगढ़ से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है. प्रदेश में एमबीबीएस करने वाले छात्रों को अब छत्तीसगढ़ी बोली भी सिखाई जाएगी. खास बात ये है कि छत्तीसगढ़ी बोली सिर्फ राज्य के छात्रों को ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से यहां एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए आने वाले छात्रों को भी सिखाई जाएगी.
दरअसल, मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) ने देश के सभी मेडिकल कॉलेजों को स्थानीय बोलियों व भाषाओं की जानकारी छात्रों व डॉक्टर्स को देने के निर्देश दिए हैं. एमबीबीएस में 15% ऑल इंडिया कोटा व 3% सेंट्रल पूल कोटा होता है. देखा गया है कि गैर-हिंदी भाषी राज्यों से आने वाले छात्रों को छत्तीसगढ़ी की जानकारी नहीं होती. जिसके मद्देनजर राज्य में पढ़ने आने वाले एमबीबीएस छात्रों के लिए यह फैसला लिया गया है.
जानिए किस बीमारी में अब क्या कहेंगे डॉक्टर
नाभि के नीचे दर्द : कोथा पिराना
घुटनों में दर्द: माड़ी पिराना
सिर दर्द : मुड़ या मुड़ी पिराना
दिल में दर्द : छाती पिराना
गैंगरीन : पांव व हाथ सड़ना
नाक से खून निकलना: नाक फूटना
कमर दर्द : कनिहा पिराना
गले में दर्द : घेंच पिराना
पैर में चोट : गोड़ में घाव
उंगलियों में दर्द : अंगरी पिराना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर अपने हमले तेज किए हैं, उसके बाद से कांग्रेस नेता लगातार पीएम मोदी पर निशाना साध रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि शहीद प्रधानमंत्री को गाली देना कायरता की निशानी है। अहमद पटेल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने इस तरह के नफरत का माहौल बनाया जिसकी वजह से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की गई।
शहीद पीएम को गाली देना कायरता
ट्विटर पर ट्वीट करके अहमद पटेल ने पीएम मोदी पर तीखा हमला करते हुए लिखा कि शहीद प्रधानमंत्री को गाली देना कायरता की निशानी है। लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि राजीव गांधी की हत्या का कौन जिम्मेदार है। भाजपा ने वीपी सिंह सरकार का समर्थन किया, जिसने राजीव गांधी को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया नहीं कराई, उन्हें सिर्फ एक पीएसओ की सुरक्षा के सहारे छोड़ दिया गया। राजीव गांधी की जान को खतरा था, इस बात के पुख्ता इंटेलिजेंस इनपुट थे। राजीव गांधी की सुरक्षा को बढ़ाने की कई बार अपील की गई, लेकिन बावजूद इसके उन्हें सिर्फ एक एसपीओ के सहारे छोड़ दिया गया।
हत्या के पीछे भाजपा की नफरत
अहमद पटेल ने आरोप लगाया कि राजीव गांधी की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कई बार वीपी सिंह सरकार से गुजारिश की गई, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। अहमद पटेल यही नहीं रुके उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की हत्या भाजपा की नफरत की वजह से हुई। उन्होंने कहा कि आज पीएम मोदी के निराधार आरोपों का जवाब देने वाला कोई है, जोकि उन्होंने लगाए हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नंबर 1 बताया था, उन्होंने कहा था कि आईएनएस विराट को उन्होंने पर्सनल टैक्सी के रूप में इस्तेमाल किया।
चुनाव आयोग ने क्लीन चिट दी
गौरतलब है कि 6 मई को एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व पीएम राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नंबर 1 बताया था। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से प्रधानमंत्री की शिकायत की और इसे आचार संहित का उल्लधंन बताया। पीएम मोदी द्वारा की गई इस टिप्पणी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शर्मनाक बताया । वहीं प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं किए। ये कभी शहीदों के नाम पर वोट मांगते हैं। अब इस मामले पर चुनाव आयोग ने पीएम मोदी को क्लीन चिट दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने उस आर्जी को खारिज कर दी है, जिमसें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की गई थी।अर्जी में कहा गया था कि राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता है। सीजेआई रंजन गोगई ने कहा कि याचिका में कोई मेरिट नहीं है, ऐसे में याचिका में खारिज किया जाता है।
पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का भी दिली नाता रहा है INS दिल्ली से, पढ़िए ऐतिहासिक युद्धपोत की कहानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की. इस दौरान उन्होंने अपने अंदाज में विरोधियों को घेरा. लेकिन इस बार पीएम मोदी की जुबान पर जिक्र आया युद्धपोत आईएनएस विराट का. पीएम मोदी गांधी परिवार पर आरोप लगाया कि ये परिवार छुट्टी मनाने के लिए युद्धपोत आईएनएस विराट का इस्तेमाल किया था. गांधी परिवार का ये पहला मामला नहीं था, इससे पहले भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू भी सपरिवार युद्धपोत में आराम का वक्त बिताते नजर आए थे.
ये बात है जून, 1950 की. इसी साल देश का संविधान लागू किया गया था. एक जानकारी के मुताबिक तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान उनके पोते राजीव गांधी और संजय गांधी ने आईएनएस दिल्ली में नौसेना अभ्यास में भाग लिया था. काफी तस्वीरों को खंगालने के बाद एक और तस्वीर हाथ लगती है. इस तस्वीर में पंडित जवाहरलाल नेहरू, प्रधानमंत्री, अपनी बेटी इंदिरा के साथ आराम करते हुए नजर आते है.
दूसरी तस्वीर
एक और तस्वीर में पीएम नेहरू के साथ उनके दो पोते संजय गांधी और राजीव गांधी दिखते हैं. बताया जाता है कि ये दृश्य जून 1950 का ही है. ये तस्वीर पीएम नेहरू के इंडोनेशिया यात्रा के दौरान की है. यात्रा के दौरान, आईएनएस दिल्ली के डेक पर राजीव और संजय गांधी दिख रहे हैं और बाकी नेवी के अधिकारी उनके आस-पास मौजूद हैं.
आईएनएस दिल्ली (1948-1978)
INS दिल्ली 1933 में रॉयल नेवी के लिए HMS Achilles ( द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ये लिएंडर क्लास लाइट क्रुजर न्यूजीलैंड नेवी में सेवारत थी) के रूप में बनाया गया. ये एक लिएंडर-क्लास लाइट क्रूज़र था. रॉयल नेवी के न्यूजीलैंड डिवीजन (1941 से रॉयल न्यूजीलैंड) से कमीशन में प्राप्त किया गया. 1937 में HMNZS Achilles के रूप में नौसेना के बेड़े में शामिल हुई थी. द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में उसे रॉयल नेवी में लौटा दिया गया और 1948 में रॉयल इंडियन नेवी को बेच दिया गया.
1950 में बदला गया था नाम
1950 में उसका नाम बदलकर INS दिल्ली कर दिया गया और 30 जून 1978 को बंबई में डिकॉय करने के बाद तक वह सेवा में रहा. इस जहाज को रॉयल इंडियन नेवी में HMIS दिल्ली के रूप में 5 जुलाई 1948 को रॉयल नेवी के कैप्टन एच एन ब्राउन के नेतृत्व में लाया गया था. उसके पास 17 ब्रिटिश अधिकारी थे बाकी चालक दल भारतीय थे. कमांडर राम दास कटरी उनके कार्यकारी अधिकारी और वरिष्ठतम भारतीय अधिकारी थे, जबकि लेफ्टिनेंट सरदारलाल मथुरादास नंदा उनके पहले लेफ्टिनेंट थे. HMIS दिल्ली 16 सितंबर 1948 को बॉम्बे पहुंचा.
आधार कुमार चटर्जी पहले कमांडिंग ऑफिसर
जनवरी 1950 में भारत के गणतंत्र बनने के बाद, उन्हें आईएनएस दिल्ली का नाम दिया गया. जून 1950 में, कमांडर आधार कुमार चटर्जी (बाद में नौसेनाध्यक्ष) आईएनएस दिल्ली के पहले भारतीय कमांडिंग अधिकारी बने थे. उसी महीने ही पीएम जवाहरलाल नेहरु को इंडोनेशिया की आधिकारिक यात्रा पर भेजा गया था.
जेबी सीमन्स पहले लेफ्टिनेंट
1951 में पहले लेफ्टिनेंट जेबी सीमन्स थे. उन्होंने स्वतंत्रता के बाद पहली बार झंडा दिखाते हुए अफ्रीका और मेडागास्कर की ओर रवाना किया था. 1953 में उन्होंने क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के राज्याभिषेक का जश्न मनाने के लिए फ्लीट रिव्यू में भी भाग लिया था.
ऑपरेशन विजय में भी आईएनएस दिल्ली का योगदान
18 दिसंबर 1961 को, भारत के “ऑपरेशन विजय” या पुर्तगाली-भारतीय युद्ध में भी इसकी भूमिका थी. सुबह के समय, जहाज को पुर्तगाली रक्षकों ने देख लिया था लेकिन इसके लहराए गए लड़ाई झंडे को नहीं पहचान पाए. उसके बाद भारतीय थल सेना और वायु सेना तीनों ने मिलकर यहां हमला बोल दिया. भारतीय सैनिकों की टुकड़ी ने गोवा के बॉर्डर में प्रवेश किया. 36 घंटे से भी ज्यादा वक्त तक जमीनी, समुद्री और हवाई हमले हुए. इसके बाद पुर्तगाली सेना ने बिना किसी शर्त के भारतीय सेना के समक्ष 19 दिसंबर को आत्मसमर्पण किया.
मध्यप्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि ‘चौकीदार’ भ्रष्टाचारियों का रखवाला क्यों बन गया है। सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ का वादा किया था। देश ने भरोसा किया, मगर 5 साल में यह वादा कई बार टूटा। आज प्रधानमंत्री को रॉफेल, पीएनबी घोटाला, नीरव मोदी, विजय माल्या के कारण जाना जाता है। चौकीदार भ्रष्टाचारियों का रखवाला क्यों बन बैठा है। उन्होंने कहा कि 48 रहस्यमयी मौत, ढाई हजार से ज्यादा आरोपी, दो हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां, अफसर से लेकर मंत्रियों तक की संलिप्तता वाले व्यापमं घोटाले की सीबीआई जांच संदिग्ध क्यों है। रसूखदार आरोपी एक के बाद एक कैसे छूट गए। कांग्रेस जांच कर रही है, पर केंद्र ने न्याय क्यों नहीं किया।
रमजान में बनाएं स्वादिष्ट केसर मखाना फिरनी रमजान का महीना शुरू हो चुका है। ऐसे में आज हम आपको केसर मखाना फिरनी की रेसिपी बताएंगे, जिसे आप इस दौरान बना सकते हैं। तो चलिए जानते हैं केसर मखाना फिरनी बनाने की रेसिपी।
– एक बर्तन लेकर उसमें घी गर्म करें।
– इसके बाद इसमें मखाने डालकर क्रिस्पी और हल्का ब्राउन होने तक भूनें।
– अब इन मखानों को आंच से उतारकर एक बाउल में डालकर ठंडा होने के लिए रख दें।
– मखाने ठंडे हो जाए तो इन्हें एक जिपलॉक बैग में डालकर बेलन की मदद से क्रश कर लें लेकिन इसे ज्यादा बारीक ना पीसें।
– अब दूसरे बर्तन में मीडियम आंच पर दूध उबलने के लिए रख दें।
– दूध में केसर डाल दें और तब तक मीडियम आंच पर उबलने दें जब तक वह गाढ़ा होकर आधा न रह जाए।
– फिर दूध में पिसे हुए मखाने डालें और लगातार चलाते रहे। मखाने मिलाते ही दूध और भी गाढ़ा हो जाएगा।
– अब इसमें हरी इलायची पाउडर और चीनी मिलाकर थोड़ी देर पकाकर गैस बंद कर दें।
– तैयार फिरनी को एक सर्विंग बाउल में निकालें और थोड़ी देर ठंडा होने के लिए रख दें।
– आखिर में इसे कटे हुए नट्स के साथ गार्निश करें।
– लीजिए तैयार है आपकी स्वादिष्ट केसर मखाना फिरनी।
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से फैनी तूफान हटते ही गर्मी तेजी से बढ़ने लगा है। कुछ दिनों पहले 42 से 44 डिग्री के आसपास चल रहा था। वहीं मौसम विभाग के अधिकारी पीएल देवांगन ने बताया कि आज बिलासपुर 45 डिग्री से 46 हो जाएगा साथ ही राजनांदगांव भी तेज गर्मी के प्रभाव में रहेगा। वहीं राजधानी में 45 डिग्री तापमान रहेगा। 15 दिनों बाद जब नौतपा शुरू होगा तो पारा 46 से 47 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। अब तक पड़ी भीषण गर्मी का रेकॉर्ड इस साल टूट सकता है। 25 मई से शुरू हो रहा नौतपा 2 जून तक चलेगा। प्रतिदिन तापमान बढ़ता ही जाएगा। देश के कुछ इलाकों में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच सकता है।
तेज किरणों से पशु, पक्षी, इंसान सभी गर्मी के मारे त्रस्त हो जाते हैं। इस साल सूर्य 25 मई शनिवार को रात्रि 8 बजकर 24 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इसके पश्चात के नौ दिनों तक अर्थात 2 जून तक भीषण गर्मी पड़ेगी॥ 25 मई को चंद्र प्रधान श्रवण नक्षत्र भी है, अत: इस बार नौतपा के पूरे नौ दिन भीषण गर्मी पड़ेगी। हो सकता है भीषण गर्मी के अब तक के सारे रिकार्ड टूट जाए।
बाहर निकलते समय ढके पूरे शरीर को
डॉक्टर कीर्ति चावड़ा ने गर्मी से होने वाले समस्या को देखते हुए कहा कि धूप में कम ही रहना ज्यादा बेहतर है। निकलते है तो शरीर के सभी अंग को स्कॉर्फ से ढंक कर निकलने की सलाह दिए हैं। इस गर्मी में पानी के सेवन के साथ ओआरएस जैसे घोल व ग्लूकान-डी को पानी के साथ लें। साथ ही बाहर खाने से परहेज करने की बात कही है।