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छत्तीसगढ़ : सड़क हादसों में पांच गंभीर

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बिलासपुर। अलग-अलग स्थानों में हुए सड़क हादसों में घायल पांच को उपचार के लिए सिम्स में भर्ती कराया गया है। जशपुर निवासी दिगंबर पैकरा पिता मनोज कुमार पैकरा(23) सरकंडा थाना के पास हुए हादसे में घायल हो गया। इसी प्रकार रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कर्रा निवासी करन सिंह पिता वीर सिंह(23) खूंटाघाट के पास, मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम लिमतरा निवासी सोनी बंजारे पिता छोटेलाल बंजारे(30) मल्हार के पास तो मस्तूरी थाना क्षेत्र के ही ग्राम गतौरा निवासी सुशील कुमार पिता छतलाल(13) घर के पास हुए सड़क हादसे में घायल हो गया।

छत्तीसगढ़ :जहरीला पदार्थ खाने से किशोर ने दम तोड़ा

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बिलासपुर।

जहरीला पदार्थ खाने से किशोर की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है। पेंड्रा रोड केंवची निवासी विनोद कुमार यादव पिता छोटेलाल यादव(17) ने घर के बाहर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिवार वालों ने उसे उपचार के लिए सिम्स में भर्ती कराया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और मौत हो गई।

छत्तीसगढ़ : किसानों की समस्याओं को लेकर बैठक 31 को

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छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा पंडरिया ब्लॉक इकाई द्वारा 31 मार्च को पुराना बस स्टैंड पंडरिया स्थित संयज मीटिंग हॉल में किसानों की समस्याओं को लेकर बैठक दोपहर 3 बजे से आयोजित की गई है। इसकी अध्यक्षता राज्य आंदोलनकारी प्रदेश किसान नेता अनिल दुबे करेंगे एवं किसानों की समस्याओं से रूबरू होंगे। बैठक में सरकार द्वारा धान, गन्नाा, गेंहू सहित समस्त दलहन-तिलहन फसलों का समर्थन मूल्य घोषित किया गया है, उसको कानूनी दर्जा दिलाने समस्त फसलों की खरीदी बारहों माह समर्थन मूल्य पर करने, खरीदी के लिए समुचित बाजार की व्यवस्था कराने पर चर्चा की जाएगी।

शक्कर कारखाना में व्याप्त भ्रष्टाचार

पिछले दो वर्ष का बकाया बोनस 600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अविलम्ब भुगतान कराने, समस्त कृषि ऋण को माफ करने के लिए सहकारी बैंक की तरह अन्य व्यावसायिक बैंकों को किसानों के ऋण माफ कराने, शक्कर कारखाना में गन्नाा बेचने वाले किसानों को तत्काल भुगतान कराने के संबंध में तथा शक्कर कारखाना में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त कराने, मजदूरों की समस्याओं के निकराकरण के विषय पर, अन्य क्षेत्रीय समस्याओं के निराकरण की भावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी। रमेश सिन्हा सहित अनेक किसान नेता उपस्थित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ : डाक्टर पुनीत गुप्ता की तलाश में पिता के अस्पताल पर छापा, कई दस्तावेज ले गई पुलिस

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रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद एवं डीकेएस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के पूर्व अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता की तलाश में गुरुवार शाम को आजाद चौक सीएसपी नसर सिद्दिकी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने न्यू राजेंद्र नगर स्थित उनके पिता डॉ.जीबी गुप्ता के जीबीजी किडनी सेंटर में छापा मारा। इस दौरान वहां पर पिता-पुत्र नहीं थे।

फोन पर सीएसपी ने डॉ. जीबी गुप्ता से बात कर जांच में सहयोग करने को कहा तो उन्होंने सर्च वारंट को लेकर सवाल उठाया। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों की मौजूदगी में पुलिस ने करीब दो घंटे तक अस्पताल के तीन कक्षों में रखे दस्तावेजों को खंगाला। ऊपरी तल पर ही निवास स्थान है। वहां भी एक-एक कमरे को खुलवाकर पुलिस ने जांच की। जांच में डीकेएस अस्पताल से जुड़े कई अहम दस्तावेज पुलिस को मिले, जिसे जब्त कर लिया गया। कर्मचारियों से पूछने पर पता चला कि दो महीने से डॉ. पुनीत गुप्ता अस्पताल व घर नहीं आए हैं, जबकि उनके पिता रोज अस्पताल आते हैं।

सीएसपी नसर सिद्दिकी ने बताया कि 50 करोड़ रुपये की आर्थिक गड़बड़ी के मामले में फरार चल रहे डॉ. गुप्ता की तलाश में गोलबाजार और मौदहापारा टीआइ संजय पुढ़ीर, राहुल तिवारी के साथ पुलिस बल ने गुरुवार को शाम 4 बजे जीबीजी किडनी सेंटर में छापा मारा। देर शाम तक तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने ढेरों दस्तावेज जब्त किए।

गौरतलब है कि डॉ. पुनीत गुप्ता को 27 मार्च को गोलबाजार पुलिस ने बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। उन्होंने वकील के माध्यम से अस्वस्थ होने का हवाला देकर 20 दिन का समय मांगा था, लेकिन पुलिस ने नहीं दिया। अब उनकी तलाश तेज कर दी गई है। शुक्रवार को पुलिस डीकेएस जाकर जब्त दस्तावेजों का मिलान करेगी। इसके अलावा डॉ. पुनीत के सीएम हाउस के पास स्थित मकान की भी तलाशी लेने की तैयारी की गई है।

कोर्ट में दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा- डॉ. रमन सिंह

समधी डॉ. जीबी गुप्ता की क्लीनिक व घर में पुलिस की छापेमारी पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मीडिया कर्मियों से चर्चा करते हुए कहा-मुझे लगता है एक प्रकार की राजनीतिक दृष्टि से बदनाम करने की साजिश है। कोई तथ्य, प्रमाण नहीं है। मामला न्यायालय में जाएगा, सब प्रमाणित हो जाएगा। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। कांग्रेस सरकार के कहने पर एफआइआर दर्ज की गई है।



छत्तीसगढ़ : आखिरी व्हाट्सएप कॉल में छुपे हैं कई राज, पुलिस को मिले अहम सुराग

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रायपुर। मॉडल आंचल यादव हत्याकांड में रायपुर के कुछ रसूखदारों के शामिल होने के संकेत मिलते ही पुलिस ने जांच तेज कर दी है। बालोद पुलिस की जांच में सहयोग कर रही रायपुर पुलिस की टीम वारदात को अंजाम देने वालों के काफी नजदीक पहुंच चुकी है। इस मामले में तीन संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान ही आरोपितों के नाम सामने आए।

अफसरों का दावा है कि इस हत्याकांड की गुत्थी एक-दो में सुलझा ली जाएगी। इधर बालोद पुलिस ने आंचल की वीआइपी रोड स्थित फ्लावर वैली के किराए के मकान की तलाशी में वहां से कम्प्यूटर का हार्ड डिस्क और चिप जब्त कर कमरे को सील कर दिया है। जांच के दौरान कोलकाता के एक कथित तांत्रिक के साथ आंचल के दो साल से अनैतिक संबंध होने की जानकारी सामने आई है। लिहाजा पुलिस उस तांत्रिक की भी पतासाजी कर रही है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आंचल की हत्या में रायपुर के रसूखदारों के शामिल होने के सुबूत मिले हैं। हत्या की वजह ब्लैकमेलिंग बनी है। पुलिस ने आंचल के फेसबुक समेत अन्य सोशल साइट को खंगाला तो उसके एक फेसबुक पोस्ट और फेसबुक फ्रेंड्स पर निगाह टिकी है। उस फ्रेंड के अलावा दो लोगों को हिरासत में लेकर बालोद पुलिस पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि आंचल के साथ उस फ्रेंड को आखिरी बार देखा गया था और वह हमेशा उसके साथ घूमता था।

पुलिस अफसरों ने बताया कि तांत्रिक क्रिया के जरिए आंचल कोई सिद्धि हासिल करना चाह रही थी। इस बीच पैसे के लेनदेन को लेकर कथित तांत्रिक से उसका विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि आंचल से तांत्रिक ने लाखों रूपये ठगने के साथ उससे अनैतिक संबंध भी बनाया था। इसकी शिकायत आंचल पुलिस में करने की मन बना चुकी थी, लेकिन इससे पहले उसकी लाश बालोद इलाके में पाई गई।

आंचल के मोबाइल का कॉल डिटेल खंगालने पर रायपुर, भिलाई, दुर्ग और धमतरी के कई कारोबारियों, रसूखदारों, अफसरों से उसकी लगातार फोन पर बातचीत के सुबूत मिले हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि मूलतः धमतरी निवासी आंचल ने सड्डू में मकान बनवाकर यही बसने का फैसला ले लिया था।

व्हाट्सएप कॉल से आखिरी बात

सूत्रों ने बताया कि 25 मार्च की रात आंचल के मोबाइल पर आए आखिरी फोन करने वाले ने व्हाट्सएप कॉल किया था। पुलिस को उस कॉल का रिकार्ड नहीं मिल रहा है। उसका मोबाइल भी गायब है। लिहाजा पुलिस को शक है कि हत्याकांड को कम से कम चार लोगों ने पूरी योजना बनाकर अंजाम दिया है।

इनका कहना है

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आंचल हत्याकांड से जुड़े कुछ संदेहियों के नाम सामने आए हैं। पूछताछ चल रही है। बालोद पुलिस की जांच में हमारी टीम सहयोग कर रही है।

-अभिषेक माहेश्वरी, डीएसपी



Lok Sabha Elections 2019 : राहुल गांधी की छत्‍तीसगढ़ में छह सभा और दो रोड शो की संभावना

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी छह चुनावी सभा और दो रोड कर सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को राहुल की सभा और रोड शो का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। प्रदेश कमेटी जांजगीर, कोरबा, सरगुजा, रायगढ़, कांकेर और महासमुंद लोकसभा क्षेत्र में सभा करना चाहती है, जबकि रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर व राजनांदगांव में से किसी दो लोकसभा सीट में रोड करने का प्रस्ताव दिया है।

पार्टी के नेताओं का कहना है कि दो-चार दिन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से कार्यक्रम जारी हो सकता है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने छत्तीसगढ़ के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। प्रदेश में पहले चरण में 11 अप्रैल को एक सीट बस्तर में मतदान होना है।

पार्टी के नेताओं का कहना है कि राहुल की बस्तर में पहले ही 16 फरवरी को सभा चुकी है, इसलिए बस्तर में सभा का प्रस्ताव नहीं भेजा है। दूसरे चरण में कांकेर और महासमुंद में 18 अप्रैल को मतदान होना है। कांकेर और महासमुंद में राहुल की सभा का प्रस्ताव भेजा है। यह हो सकता है कि प्रथम चरण के मतदान के पहले बस्तर की सीमा से लगे कांकेर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत किसी गांव में राहुल की सभा हो जाए, ताकि दोनों सीटों पर सभा का प्रभाव हो सके।

तीसरे चरण में सात सीटों पर मतदान होना है, लेकिन पीसीसी ने कोरबा, रायगढ़, सरगुजा और जांजगीर सीटों में सभा का प्रस्ताव दिया है। दूसरे चरण की बची हुई एक सीट राजनांदगांव और तीसरे चरण की बची हुई तीन सीट रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग को सभा से बाहर रखा है। पीसीसी का मानना है कि रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग बड़े शहर हैं, जहां राहुल का रोड शो ज्यादा प्रभावी होगा।

रायपुर में तो अभी 15 मार्च को यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम पर चर्चा के लिए राहुल आए भी थे। राजनांदगांव में इसलिए रोड शो कराना चाह रही है, क्योंकि यह पूर्वतर्वी भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनके पुत्र सांसद अभिषेक सिंह के प्रभाव वाली सीट है। यहां राहुल की सभा कराकर राजनीतिक हवा को बदलने की कोशिश होगी।

सभा के लिए छह सीट क्यों?

सरगुजा- राज्य बनने के पहले यह सीट कांग्रेस के पास थी, लेकिन राज्य बनने के बाद 2004 से 2014 के बीच हुए तीनों लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हर बार यहां हार का सामना करना पड़ा है।

रायगढ़- यह सीट भाजपा का गढ़ है, क्योंकि 1999 से लेकर लगातार 2004, 2009, 2014 तक चार लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस को हराया है। भाजपा के गढ़ को कांग्रेस ढहाना चाहती है।

जांजगीर- राज्य बनने के पहले यह सीट कांग्रेस के कब्जे वाली थी, लेकिन बनते ही इस सीट पर भाजपा का कब्जा हो गया। पिछले तीनों लोकसभा चुनाव से लगातार भाजपा ही यहां से जीत रही है।

कोरबा- परिसीमन के बाद यहां दो लोकसभा चुनाव हुए। 2009 में कांग्रेस और 2014 में भाजपा का यहां कब्जा हुआ। अब दोनों दल यहां तीसरा चुनाव जीतकर बढ़त बनाना चाहते हैं।

महासमुंद- राज्य बनने के बाद पहला लोकसभा चुनाव 2004 में कांग्रेस जीती थी, उसके बाद से लगातार दो चुनाव 2009 व 2014 में कांग्रेस हारी है। भाजपा से कांग्रेस यह सीट छीनना चाहती है।

कांकेर- यह भाजपा का अभेद किला है, क्योंकि पांच लोकसभा चुनाव 1998, 1999, 2004, 2009, 2014 में लगातार भाजपा ही जीतती रही है। कांग्रेस, भाजपा के किले को भेदना चाह रही है।

रोड शो के लिए चार शहर क्यों?

रायपुर- इस सीट से कांग्रेस लगातार छह चुनाव हार चुकी है। अभी इस लोकसभा क्षेत्र की आठ में से छह विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है।

बिलासपुर-इस सीट पर लगातार पांच चुनाव से भाजपा का कब्जा है। इस लोकसभा क्षेत्र की आठ में से केवल दो विधानसभा सीटों पर कांग्रेस है।

दुर्ग- लगातार पांच बार से चुनाव जीत रही भाजपा को पिछले चुनाव में कांग्रेस ने हराया। इसी लोकसभा क्षेत्र से सीएम भूपेश बघेल और तीन मंत्री हैं।

राजनांदगांव-पिछले दो चुनाव से भाजपा जीत रही। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव विधानसभा सीट के विधायक है।



छत्तीसगढ़ : भाजपा उम्‍मीदवारों के लिए PM मोदी और अमित शाह की चार सभाएं

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा के रणनीतिकारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की सभाओं में बड़ी संभावनाएं नजर आ रही हैं। भाजपा मोदी और शाह की चार सभाओं के माध्यम से प्रदेश की चुनावी फिजा को अपने पक्ष में करने की कवायद में जुटा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छह अप्रैल को बालोद में सभा प्रस्तावित है। भाजपा की राजनीति के जानकारों की मानें तो पीएम मोदी का बालोद से निकला संदेश दुर्ग, कांकेर और राजनांदगांव लोकसभा तक जाएगा। सभा के लिए इन तीनों लोकसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही मोदी की रायगढ़ में सभा की तैयारी है।

रायगढ़ में मोदी की सभा से चार लोकसभा को कवर किया जाएगा। इसमें रायगढ़, सरगुजा, बिलासपुर और जांजगी-चांपा है। विधानसभा चुनाव की तरह मोदी की सभाओं को क्लस्टर के आधार पर कराया जा रहा है। ऐसे में एक सभा से तीन से चार लोकसभा को कवर किया जा रहा है।

विधानसभा चुनाव के परिणाम को देखें तो बिलासपुर और जांजगीर-चांपा लोकसभा में पार्टी को बेहतर जीत मिली है। वहीं, कांकेर, दुर्ग और राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र में आने वाली विधानसभा में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की दो सभाएं राजनांदगांव और महासमुंद में कराने की तैयारी है।

प्रदेश संगठन की ओर से भेजे प्रस्ताव में इन दो स्थानों पर सभा कराने का सुझाव है। शाह की राजनांदगांव में सभा से दो लोकसभा दुर्ग और राजनांदगांव को कवर किया जाएगा। पिछले लोकसभा चुनाव में सिर्फ दुर्ग लोकसभा में भाजपा को हार मिली थी। इसको देखते हुए मोदी और शाह का फोकस दुर्ग लोकसभा के वोटरों तक सीधे पहुंचने की है।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो अमित शाह की महासमुंद में सभा से कांकेर और महासमुंद लोकसभा को कवर करने का प्लान है। महासमुंद में भाजपा ने साहू उम्मीदवार को मैदान में उतारकर जातिगत समीकरण साधने की कोशिश की है। विधानसभा चुनाव में साहू समाज के वोटरों ने कांग्रेस का समर्थन किया था।

यही कारण है कि महासमुंद से कांग्रेस ने भी साहू उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। वहीं, दुर्ग लोकसभा में भी दोनों पार्टियों ने कुर्मी समाज से उम्मीदवार उतारा है। रायगढ़ में कंवर आदिवासी को कांग्रेस और भाजपा ने टिकट देकर मुकाबले को रोमांचक बनाने की कोशिश की है। प्रदेश की यह तीन सीट है, जहां एक ही समाज के नेता चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं।



छत्तीसगढ़ : पुलिस महानिदेशक ने किया प्रदेशस्तरीय पुलिस मॉनिटरिंग सेल का गठन

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पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम. अवस्थी के द्वारा प्रदेश स्तर पर पुलिस कर्मियों के अनुशासन एवं कल्याण को नियमित रूप से मॅानिटर करने के उद्देश्य से प्रदेशस्तरीय ‘‘मॉनिटरिंग सेल’’ का गठन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(प्रशासन) श्री अशोक जुनेजा की अध्यक्षता में किया गया। पुलिस महानिरीक्षक रेंज रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा एवं बस्तर इसके सदस्य होंगे। यह मॅानिटरिंग सेल पुलिस कर्मियों के अनुशासन में सुधार एवं कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में कार्य करेगा।
    मॉनिटरिंग सेल की बैठक पुलिस महानिदेशक द्वारा ली गई एवं बैठक में यह तय किया गया कि इकाई स्तर पर KYM ( Know Your Men ) कार्यक्रम प्रारॅंभ किया जाएगा जिसके तहत् इकाई प्रमुख एवं उनके अधिकारी अपने सभी कर्मचारी से प्रत्यक्ष रूप से मिलेंगे एवं कर्मचारी के अनुशासन के स्तर, उसकी समस्याएं एवं उसकी मानसिक स्थिति की जानकारी लेकर प्रत्येक कर्मचारी का प्रोफाईल तैयार करेंगे। इस दौरान कर्मचारी की जायज समस्याओं का निराकरण किया जावेगा तथा अनुशासनहीन कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।
    उक्त बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पुलिस कर्मियों की समस्याओं एवं उनके मानसिक तनाव के निराकरण हेतु पुलिस मुख्यालय में महिला एवं पुरूष पुलिस कर्मियों के लिए पृथक-पृथक 02 ग्रिवान्स सेल ‘‘अनुग्रह’’ के नाम से प्रारंभ किये जा रहे हैं। उप पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती नेहा चम्पावत की अध्यक्षता में महिलाओं की समस्याओं के निराकरण के लिए एवं उप पुलिस महानिरीक्षक श्री सुशीलचंद द्विवेदी की अध्यक्षता में पुरूष कर्मचारियों के लिए यह अनुग्रह सेल कार्य करेंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि इसी तरह के अनुग्रह सेल जिला सहित सभी पुलिस इकाईयों एवं रेंज पुलिस महानिरीक्षक के कार्यालयों में गठित होंगे जिनके माध्यम से कर्मचारियों की समस्याओं एवं उनके मानसिक उलझनों का निराकरण किया जा सके। उक्त अनुग्रह सेल में कर्मचारियों के स्थानान्तरण, पदोन्नति एवं नियुक्ति की समस्याओं को छोड़कर उनकी अन्य सभी प्रकार की पारिवारिक, विभागीय, व्यक्तिगत समस्याओं को सुना जावेगा एवं उन पर कार्यवाही की जावेगी ताकि कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर मानसिक तनाव एवं आत्मघाती निर्णयों से स्वयं को दूर रख सकें।

लोकसभा चुनाव के बाद झारखण्ड से भाजपा का हो जाएगा सफाया – बाबूलाल मरांडी

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 लोकसभा चुनाव में झारखंड से भाजपा का सफाया हो जाएगा।

2014 में जब से नरेंद्र मोदी की सरकार आयी है, इस देश का संविधान और प्रजातंत्र खतरे में आ गया है।

उक्त बातें झारखंड के प्रथम मूख्यमंत्री -सह- झविमो (प्र) के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज पत्रकारों से कहीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि न खाएंगे और न खाने देंगे।

लेकिन राफेल के मामले में उन्होंने देश के पैसे को गलत तरीके से अनिल अंबानी को लूटने दिया।

केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हमे वैसे राष्ट्रवाद की जरूरत नही है जो समाज को बंटता है।

हम रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुबिधा को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ेंगे।

श्री मरांडी ने कहा कि समय रहते चतरा लोकसभा सीट के गांठ को सुलझा लिया जाएगा।

कांग्रेस और राजद में बातचीत हो रही है।

वामपंथियों से भी बात चल रही है।

उन्होंने कहा कि झारखंड में महागठबंधन एकजुट है।

प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा, केंद्रीय उपाध्यक्ष डॉ सबा अहमद, केंद्रीय महासचिव रमेश राही, सरोज सिंह,

योगेंद्र यादव, संतोष महतो, दिलीप चैधरी, राजीव शर्मा, फातिमा अंसारी, कैप्टन प्रदीप मोहन सहाय, सीताराम प्रसाद, ध्रुव हाड़ी, रूपेश पासवान, बिनोद पासवान, शिव शंकर दास आदि उपस्थित थे।

लोकसभा चुनाव के करीब होने के दौरान श्री मरांडी लगातार पूरे झारखंड क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं।

इस बार श्री मरांडी ने लोकसभा चुनाव में भाजपा और नरेंद्र मोदी की पराजय सुनिश्चित करने के नाम पर महागठबंधन में शामिल होने का फैसला किया है।

इस दौरान अनेक जनसभाओं में उन्होंने इस लोकसभा चुनाव के महत्व और वर्तमान केंद्र तथा राज्य सरकार की खामियों और विफलताओं के खिलाफ आग उगला है।

लोकसभा चुनाव के साथ ही श्री मरांडी ने अपनी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए छह विधायकों के पक्ष में विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ भी उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।

कायस्थ वोटों को कौन साध पाएगा? , पटना साहिब में रविशंकर Vs शत्रुघ्न

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अभिनेता और राजनेता शत्रुध्न सिन्हा ने बीजेपी का दामन छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का फैसला कर लिया है. इस संबंध में गुरुवार को शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. महागठबंधन में सीट शेयरिंग के लेकर सहमित बन गई है, जिसके तहत पटना साहिब सीट कांग्रेस के खाते में आई है. बीजेपी ने पहले ही इस सीट से रविशंकर प्रसाद को मैदान में उतार दिया है. इससे साफ जाहिर है कि पटना की सियासी रणभूमि में रविशंकर प्रसाद को अपने ही पुराने साथी शत्रुघ्न सिन्हा से कड़ा मुकाबला करना होगा.

बता दें कि दो बार से पटना साहिब सीट से सांसद रहे शत्रुघ्न सिन्हा बीजेपी में रहते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी नीतियों पर लगातार हमलावर रहे. इसी बगावती तेवर के चलते बीजेपी ने उनका टिकट काटकर केंद्रीय रविशंकर प्रसाद को अपना प्रत्याशी बना दिया. हालांकि बीजेपी की ओर से आरके सिन्हा भी अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने उन पर भरोसा नहीं जताया.

जातीय समीकरण

पटना साहिब लोकसभा सीट पर जातीय समीकरण के आधार पर कायस्थों का दबदबा है. यहां कायस्थों के बाद यादव और राजपूत वोटरों का बोलबाला है. पिछले दो लोकसभा चुनावों से पटना साहिब सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार नंबर दो रहे हैं. ऐसे में महागठबंधन के तहते ये सीट कांग्रेस के खाते में गई है और माना जा रहा है कि इस सीट से शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं.

दिलचस्प बात ये है कि पटना साहिब सीट पर कायस्थ मतदाताओं का झुकाव बीजेपी के पक्ष में रहता है, ऐसे में शत्रुघ्न सिन्हा के कांग्रेस के टिकट पर उतरने से यहां मुकाबला दिलचस्प हो सकता है. कांग्रेस के टिकट से चुनाव मैदान में आने से शत्रुघ्न को महागठबंधन के तहत यादव, मुस्लिम, दलित मतों का समर्थन मिल सकता है. इसके अलावा कायस्थ के वोटों में भी शत्रुघ्न सेंधमारी कर सकते हैं.

वहीं, रविशंकर प्रसाद पहली बार चुनावी मैदान में उतर रहे हैं. ऐसे में कायस्थों मतों के साधने के साथ-साथ बीजेपी के परंपरागत वोटों को भी साधने की बड़ी चुनौती है. जिस तरह से आरके सिन्हा के समर्थक लगातार उनकी मुखालफत कर रहे हैं. ऐसे में उन्हें भितरघात से भी निपटना पड़ सकता है.

पटना का सियासी समीकरण

पटना साहिब लोकसभा सीट शुरू से कांग्रेस, सीपीआई और बीजेपी का गढ़ रहा है. सारंगधर सिन्हा यहां के पहले सांसद थे. रामदुलारी सिन्हा ने 1962 में कांग्रेस की ओर से यहां का प्रतिनिधित्व किया था. वहीं सीपीआई की टिकट पर राम अवतार शास्त्री यहां से तीन बार सांसद चुने गए. 1977 में इंदिरा विरोधी लहर में लोकदल के महामाया प्रसाद सिन्हा लोकसभा में पहुंचे.

सीपी ठाकुर एक बार कांग्रेस और दो बार बीजेपी से लोकसभा पहुंच चुके हैं. 1989 में बीजेपी से शैलेंद्र नाथ श्रीवास्तव भी यहां से चुनाव जीत चुके हैं. रामकृपाल यादव भी यहां से तीन बार आरजेडी के टिकट पर सांसद चुने जा चुके हैं. 2009 में परिसीमन के बाद पटना जिला की दो सीटें बनी. इसमें एक पाटिलपुत्र और दूसरी पटना साहिब सीट. पटना साहिब सीट से शत्रुघ्न सिन्हा लगातार दो बार चुनावी जंग फतह कर चुके हैं, लेकिन इस बार लड़ाई बदल गई है और शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर के बीच टक्कर होगी.