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घोटाला नहीं हुआ तो फिर किस बात से डर रही है आपकी सरकार मोदी जी : भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीटर पर पोस्ट किया है, चौकीदार जांच से डर रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार के मुखिया पर एक बार फिर से बड़ा हमला किया है। अपने ट्वीटर एकाउंट के माध्यम से जारी पोस्ट में मुख्यमंत्री बघेल ने लिखा-आप कहते हैं कि घोटाला नहीं हुआ तो फिर किस बात से डर रही है आपकी सरकार मोदी जी? चौकीदार जांच से डर रहा है। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके पूर्व भी प्रधानमंत्री पर कई हमले किए हैं। राज्य में संपन्न हो चुके लोकसभा चुनाव के ठीक पूर्व प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ प्रवास के पूर्व भी उन्होंने अपने ट्वीटर के माध्यम से प्रधानमंत्री से कुछ सवाल पूछे थे। इसके पूर्व राज्य के विधानसभा चुनाव के समय भी सीएम बघेल ने केन्द्र सरकार पर जमकर शब्दबाण छोड़े थे।

आज शाम से थम जाएगा प्रचार, 6 मई को होगा मतदान

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भोपाल। लोकसभा के पांचवे चरण के लिए 6 मई सोमवार को मतदान होगा। इसमें मध्यप्रदेश में सात सीटों के मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। सोमवार को होशंगाबाद, बैतूल, रीवा, सतना दमोह, खुजराहो और टीकमगढ़ लोकसभा सीटों पर चुनाव होना है। इसके लिए शनिवार शाम 6 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा। प्रचार की अवधि समाप्त होने के बाद न तो सभा होगी और न ही रोड शो या जुलूस निकलेगा। हालांकि प्रत्याशी घर घर जाकर संपर्क कर सकते हैं। चुनाव आयोग की ओर से पांचवे चरण के मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में दूसरे चरण के चुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजार कर लिए हैं। केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की कपंनियों के साथ राज्य के सशस्त्र बल और पुलिस बल की तैनाती होगी। वेबकास्टिंग और सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से कई मतदान केंद्रों पर नजर रखी जाएगी।

कवासी लखमा ने अयोध्या में सरयू नदी में स्नान कर की रामलला की पूजा अर्चना

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रायपुर। प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में उत्तरप्रदेश के बाराबंकी लोकसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार किया। इसके बाद शनिवार को ब्रम्ह मुहूर्त में अपने समर्थकों के साथ अयोध्या पहुंचे। वहां उन्होंने सरयू नदी में स्नान कर रामलला की पूजा अर्चना की। उन्होंने देश सहित प्रदेशवासियों की सुख शांति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

थाने पहुंचा 2 फुट 3 इंच का आदमी, बोला-मेरी शादी करवाओ

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उत्तर प्रदेश के कैराना से एक मामला सामने आया है। जहां पर 26 वर्षीय व्यक्ति ने पुलिस से संपर्क साधा और अपने परिवार वालों पर आरोप लगाया है कि वे उसकी शादी नहीं होने दे रहे हैं। सुनने में आपको ये मामला थोड़ा अजीब लग रहा होगा, लेकिन यह सच है। इस व्यक्ति के घरवाले इसकी शादी क्यों नहीं होने दे रहे, यह जानकर आप चैंक जाएंगे। दरअसल इस व्यक्ति की लंबाई 2 फुट 3 इंच है और यही कारण है जिसके कारण इस व्यक्ति को शादी के लिए लड़की मिलने में दिक्कत हो रही है। कैराना के रहने वाले आजिम मंसूरी ने शादी के लिए लड़की न मिलने के कारण स्थानीय पुलिस से मदद मांगी कि उसकी शादी कराएं।

वोटरों को साधने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्गविजय सिंह आज से निकालेंगे भोपाल यात्रा

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भोपाल। वोटरों को साधने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह शनिवार से भोपाल यात्रा निकालने जा रहे हंै। जिसके तहत वे भोपाल लोकसभा में आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्रा करेंगे। इसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र शामिल होंगें। खास बात यह है कि इस यात्रा का मोर्चा शिवराज सरकार की नाक में दम करने वाले कम्प्यूटर बाबा ने संभाला हुआ है। पदयात्रा की जिम्मेदारी मंत्री पीसी शर्मा और जिला कांग्रेस को सौपी गई है। इस यात्रा की शुरूआत आज भोपाल मध्य सीट से हो रही है। यात्रा राजधानी की सात विधानसभाओं से होकर गुजरेगी। इस यात्रा में भाजपा के कब्जे की तीन विधानसभाओं पर फोकस किया जाएगा।  इसमें गोविंदपुरा, नरेला और हुजूर विधानसभा शामिल है। इसमें कांग्रेस के कई बड़े नेता भी शामिल रहेंगें। पदयात्रा की जिम्मेदारी मंत्री पीसी शर्मा और जिला कांग्रेस को सौपी गई है।

मुकेश अंबानी की रिलायंस रच सकती है इतिहास, बन सकती है ऐसा करने वाली पहली कंपनी

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एशिया के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड जल्द ही एक नया रिकॉर्ड बना सकती है। जी हां, ऐसा रिकॉर्ड जो आज तक किसी भारतीय कंपनी ने नहीं बनाया।

दरअसल शुक्रवार को कंपनी की मार्केट वैल्यू 8.92 लाख करोड़ रुपए हो गई। मतलब यह हुआ कि ये कंपनी जल्द ही देश की पहली 9 लाख करोड़ रुपए मार्केट वैल्यू कंपनी बन सकती है।

अगस्त में कंपनी की मार्केट कैप हुई थी 8 लाख करोड़ रु

याद दिला दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज गत वर्ष अगस्त, 2018 में 8 लाख करोड़ की मार्केट वैल्यू कंपनी बनी थी। जी हां, और इससे पहले नवंबर, 2017 में कंपनी ने 6 लाख करोड़ रुपए का मार्केट कैप हासिल किया था।

एक साल में 40 % मजबूत हुआ शेयर

जानकारी के लिए बता दें कि रिलायंस जियो जनवरी, 2018 में मुनाफे में आई थी, जिसके बाद से कंपनी के शेयर में लगातार मजबूती आ रही है। जी हां, दरअसल बीते एक साल की बात करें तो कंपनी का शेयर लगभग 40 % मजबूत हो चुका है, जो इस दौरान 1000 रुपए से 1400 रुपए का सफर कर चुका है। ऐसे में शेयर में लगभग 1 % की मजबूती के साथ कंपनी की मार्केट कैप 9 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच सकती है।

Cyclone Fani : भारत ने दुनिया को बताया कैसे करें डिज़ास्टर मैनेजमेंट, UN ने भी की तारीफ

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चक्रवाती तूफान ‘फानी’ ओडिशा से बंगाल पहुंच चुका है. शाम तक इसके बांग्लादेश का रुख करने की खबर है. इस तूफान की तबाही का सामना करने वाले ओडिशा ने दुनिया को एक बड़ी सीख दी है. दरअसल, राज्य प्रशासन ने अपनी बेहतर प्लानिंग से जनहानि को कई गुना कम करके एक मिसाल पेश की है. इसमें भारतीय मौसम विभाग ने सराहनीय भूमिका निभाई. संयुक्त राष्ट्र संघ की डिज़ास्टर मिटिगेशन एजेंसी (आपदा न्यूनीकरण एजेंसी) ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से चक्रवाती तूफान ‘फानी’ की पूर्व चेतावनियों की ‘लगभग अचूक सटीकता’ की तारीफ की है.

दरअसल, शुक्रवार को आया तूफान ‘फानी’ भी दुनियाभर में भारी नुकसान करने वाले चक्रवाती तूफानों जैसा ही था, लेकिन राज्य सरकार की बेहतर प्लानिंग की वजह से सिर्फ 10 लोगों की मौत हुई, जो तूफान से पहले से पीड़ित देशों और क्षेत्रों के लिए हैरानी भरा है. फानी तूफान की गंभीरता को देखते हुए ये आंकड़ा बहुत कम है, क्योंकि इससे पहले आए ऐसे ही भीषण तूफान में राज्य में 10 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी.

भारत में पिछले 20 साल में आए इस सबसे भयंकर तूफान ने तीर्थस्थल पुरी में समुद्र तट से टकराने के बाद तबाही मचाना शुरू किया. देखते ही देखते ओडिशा के कई इलाके जलमग्न हो गए, जिससे राज्य के करीब 11 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. इन्हें अस्थायी शेल्टर होम में रखा गया है. भारतीय मौसम विभाग ने ‘फानी’ को ‘अत्यंत भयावह चक्रवाती तूफान’ की श्रेणी में रखा है.

 

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां ‘फानी’ की गति पर करीब से नज़र बनाए हुए हैं. हालांकि, बंगाल में ये तूफान कमजोर पड़ चुका है. अब शाम तक ये बांग्लादेश पहुंच जाएगा. लिहाजा वहां के शेल्टर होम में रह रहे परिवारों को बचाने के इंतजाम किए जा रहे हैं.

डिज़ास्टर मिटिगेशन एजेंसी के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि मामी मिजुतोरी ने कहा, “अत्यंत प्रतिकूल स्थितियों के प्रबंधन में भारत का हताहतों की संख्या बेहद कम रखने का दृष्टिकोण सेनदाई रूपरेखा के क्रियान्वयन में और ऐसी घटनाओं में अधिक जिंदगियां बचाने में बड़ा योगदान है.”

मिजुतोरी डिज़ास्टर मिटिगेशन एजेंसी 2015-2030 के सेनदाई ढांचे की ओर इशारा करता है. यह 15 साल का ऐच्छिक, अबाध्यकारी समझौता है, जिसके तहत आपदा जोखिम को कम करने में प्रारंभिक भूमिका राष्ट्र की है. लेकिन इस जिम्मेदारी को अन्य पक्ष धारकों के साथ साझा किया जाना चाहिए.

पूरी दुनिया में कमाल कर रहा है गुजरात का नमक, जानें वजह

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इन दिनों गुजरात कई मामलों में देश का नाम रोशन कर रहा है, लेकिन क्या आप मानेंगे कि गुजरात के नमक को भी इन दिनों यूरोप, अमेरिका और चीन में हाथोंहाथ लिया जा रहा है. कहा जा सकता है कि यहां कच्छ का नमक पूरी दुनिया में कमाल कर रहा है.

गुजरात देश का ऐसा राज्य है, जहां सबसे ज्यादा नमक का उत्पादन होता है. ज्यादातर नमक का उत्पादन कच्छ की खाड़ी और आसपास के इलाकों में होता है. पिछले तीन सालों में यहां के नमक को दुनियाभर में मान्यता मिल रही है.

आपको ये भी बता दें कि 1930 में गांधीजी ने जिस दांडी में पहुंच कर खुद नमक बनाकर अंग्रेजी कानून को तोड़ा था, वो गुजरात में ही है.

खाने नहीं बल्कि इस काम में होता है इस्तेमाल 
शायद आपको लग रहा होगा कि गुजरात के नमक में ऐसा क्या है, जो वो दुनिया में कमाल कर रहा है, तो हम ये भी बता देते हैं कि ये कमाल खाने का स्वाद बढ़ाने में नहीं, बल्कि किसी और काम में हो रहा है.

गुजरात में ढेर लगाकर नमक का उत्पादन
गुजरात का नमक बड़े पैमाने पर अमेरिका, यूरोप और एशिया के वह देश इस्तेमाल कर रहे हैं, जहां जमकर बर्फबारी होती है और सड़कों से इसे हटाना मुश्किल हो जाता है. ऐसी जगहों पर पहले तो  महंगे रसायन का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब उसका स्थान गुजरात के सस्ते नमक ने ले लिया है.

सड़कों से बर्फ हटाने में बहुत असरदार
गौरतलब है कि जैसे ही बर्फ पर नमक छिड़का जाता है, ये तेजी से पिघलने लगती है. नमक सोडियम क्लोराइड का काम करता है. इससे पिघलने वाली नमक से सड़क पर वाहनों के फिसलने का खतरा भी नहीं के बराबर होता है. पहले तो गुजरात से हल्की क्वालिटी का नमक भेजा जाता था, लेकिन अब इन देशों में यहां से वो नमक जा रहा है, जिसकी क्वालिटी बेहतर होती है.

कच्छ में समुद्र का वो इलाका जहां, समुद्री पानी के सूखने के बाद नमक ही नमक नजर आ रहा है

तीन साल में दोगुने से ज्यादा बढ़ गया निर्यात
इंडियन साल्ट मेन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन (आईएसएमए) का कहना है कि गुजरात से पिछले तीन सालों में चीन के रास्ते यूरोप और अमेरिका जाने वाले नमक का एक्सपोर्ट दोगुने से कहीं ज्यादा बढ़ रहा है. नमक को चीन के रास्ते इसलिए भेजा जाता है, क्योंकि इससे ये ज्यादा सस्ती पड़ती है.  2015-16 में गुजरात से चीन के लिए नमक का एक्सपोर्ट अगर 22.17 लाख टन था तो अब 2017-18 में ये बढ़कर 48 लाख टन हो चुका है.

ये भी जानिए

    • गुजरात देश का प्रमुख नमक उत्पाद राज्य है. ये उत्पादन क्षेत्र 1600 किमी कोस्टल एरिया में फैला है. यहां बड़ी मात्रा में नमक और मरीन प्रोडक्टस का उत्पादन किया जाता है.
    • गुजरात नमक उत्पादन में पूरे देश का 76 फीसदी योगदान करता है.
    • गुजरात नमक निर्यात में पूरे देश में दूसरे स्थान पर है. देश में नमक निर्यात का 90 फीसदी गुजरात से ही होता है.
गुजरात के प्रमुख नमक उत्पादक क्षेत्र –

 

जामनगर, मिठापुर, झाकर, चीरा, भावनगर, राजुला, दहेज, गांधीधाम, कांडला, मालिया, लावणपुर

 

यूरोप में लारियों में नमक भरकर उन्हें बर्फ से भरी सड़कों से गुजारा जाता है, जो थोड़े समय बाद पिघलना शुरू हो जाता है

कैसे बर्फ को पिघला देता है नमक 

 

सड़क पर गिरी हुई बर्फ बहुत खतरनाक होती है. ये सतह को एकदम चिकनी बना देती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए सड़क पर नमक और रेत का छिड़काव किया जाता है. नमक बर्फ को जल्द पिघलने में मदद करता है और रेत पहियों और रोड के बीच का घर्षण बढाने का काम करती है.

 

कई बार बर्फबारी से पहले ही सड़क पर रेत और नमक डाल दी जाती है, जिससे बर्फबारी के बाद बर्फ पिघलने में देर नहीं लगती

नमक बर्फ पर पड़ते ही उसके पिघलने के तापमान को गिरा देता है. ठंडे देशों में बर्फ के पिघलने की प्रक्रिया सीधी सीधी नहीं होती. बल्कि बर्फ धीरे धीरे पिघलती है और बर्फ के पिघलने पर जो पानी बनता है तो भी अक्सर बर्फ बन जाता है. लेकिन नमक इसे सीधे पानी में तब्दील कर देता है.

मोबाइल का ज्यादा उपयोग बच्चों के लिए होता है हानिकारक

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मोबाइल का उपयोग बच्चो के लिए कई तरह की परेशनीय ले कर आता है । आज कल के बच्चों में मोबाइल का उपयोग बढ़ जाने के कारण समय से पहले ही परिपक्वता आने लगी है । और तो और उनकी बौद्धिक क्षमता का भी विकास उस तरह नही हो पाता जिस तरह होना चाहिए । मोबाइल का उपयोग बहुत ज्यादा करना उनके लिए शारीरिक क्षमता भरी चुनौतियाँ भी ले कर आता है ।

डबल्यूएचओ ने भी अपनी रिपोर्ट में यह बताया है की यह बच्चों के जीवन के लिए बहुत ही घातक हैं इसलिए बच्चों को मात्र 1 घंटे तक ही मोबाइल का उपयोग करने देना चाहिए और कम से कम 3 घंटे तक उनकी कोइना कोई शारीरक ऐक्टिविटी होनी बहुत ज्यादा जरूरी है ।यश उनके दिमागी और शारीरक विकास के लिए बहुत ही जरूरी है ।

WHO की मानें तो 5 साल से कम के बच्चे अगर बहुत ज्यादा स्क्रीन के सामने वक्त बिताते हैं तो ऐसे बच्चों की लाइफस्टाइल निष्क्रिय और गतिहीन हो जाती है जिससे उनका ऐक्टिविटी लेवल कम हो जाता है और नींद नहीं आने की समस्या भी विकसित होने लगती है। साथ ही आगे चलकर ऐसे बच्चे मोटापा और उससे संबंधित दूसरी बीमारियों से बचे रहें और उनका शारीरिक और मानसिक विकास सही तरीके से हो इसलिए भी स्क्रीन टाइम पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।

WHO की मानें तो 5 साल से कम के बच्चे अगर बहुत ज्यादा स्क्रीन के सामने वक्त बिताते हैं तो ऐसे बच्चों की लाइफस्टाइल निष्क्रिय और गतिहीन हो जाती है जिससे उनका ऐक्टिविटी लेवल कम हो जाता है और नींद नहीं आने की समस्या भी विकसित होने लगती है। साथ ही आगे चलकर ऐसे बच्चे मोटापा और उससे संबंधित दूसरी बीमारियों से बचे रहें और उनका शारीरिक और मानसिक विकास सही तरीके से हो इसलिए भी स्क्रीन टाइम पर रोक लगाना बेहद जरूरी है। 5 साल तक के बच्चों के लिए घातक है 1 घंटे से ज्यादा मोबाइल का उपयोग

अगर आप भी पीते हैं प्रोटीन शेक तो हो जाएं सावधान, आपके आसपास मंडरा रहा है मौत का खतरा!

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आज का युग मॉर्डन युग है, जहां हर कोई परफेक्ट दिखने की होड़ में लगा हुआ है. फिर चाहे वो बॉडी परफेक्शन हो या वर्क परफेक्शन. आजकल युवाओं के अंदर बॉडी को टोन्ड करने का जुनून काफी सिरचढ़कर बोल रहा है. इसके लिए वह जिम में घंटों पसीना बहाते हैं और प्रोटीन शेक का सेवन करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह प्रोटीन शेक आपको मोटापे के साथ-साथ मौत की ओर भी घसीट रहा है. जी हां यह हम नहीं कह रहे बल्कि स्टडी से साबित हुआ है.

ज्यादा प्रोटीन शेक है खतरनाक

हालहि में यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के चार्ल्स पेरकिन्स सेंटर के शोधकर्ताओं ने एक जांच की जिसके जरिए वह ये जानने की कोशिश कर रहे थे कि प्रोटीन पाउडर में मौजूद ब्रांच्ड चेन अमिनो ऐसिड BCCA का हद से ज्यादा सेवन करने से शरीर पर क्या असर पड़ता है.

मौत के करीब ले जा सकता है आपको

इस जांच से पता चला कि BCCA भले ही मसल्स बनाने का काम करता है लेकिन यह आपके शरीर में नकारात्मक असर भी डालता है. इससे केवल वजन नहीं बढ़ता है बल्कि मौत का खतरा भी बढ़ जाता है. अगर खून में BCCA का लेवल अधिक हो जाए तो नींद में मदद करने वाले हार्मोन को भी कम कर देता है. इससे व्यक्ति को अनिद्रा की समस्या पैदा हो जाती है.

स्टडी के आधार पर यह बताया गया कि आमतौर पर हमारे शरीर को अमीनो एसिड की जरूरत होती है लेकिन उसे किसी प्रोटीन शेक की जगह अलग-अलग स्त्रोतों से हासिल किया जाए तो बैलेंस बना रहता है.