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छत्तीसगढ़ : सरकारी नियुक्तियों पर रोक के आदेश पर भ्रम फैला रही भाजपा: कांग्रेस

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रायपुर। सरकारी नियुक्तियों पर रोक लगाने के आदेश को कांग्रेस ने मिथ्या और भ्रामक करार दिया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा भ्रम फैला रही है। जबकि सत्यता यह है कि आदेश के दूसरे बिंदु पर स्पष्ट है कि पूर्ववर्ती रमन सरकार के आदेश को एक साल तक जारी रखा जाएगा और नई नियुक्तियों पर वित्त विभाग से आदेश लेना आवश्यक है।

विकास तिवारी ने कहा कि पहले रमन सरकार के समय मे बिना किसी भी जानकारी के सरकारी पदों में भाजपा आउटसोर्सिंग के माध्यम से नौकरियों को रेवड़ी की तरह बांटा जा रहा था। श्री तिवारी ने कहा कि अब सरकारी नौकरियो में केवल स्थानीय छत्तीसगढ़ी युवा/युवतियों को प्राथमिकता दी जाएगी। भूपेश सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है।

 

सरकारी नियुक्तियों पर रोक के आदेश पर भ्रम फैला रही भाजपा कांग्रेस

 

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बाद गधे की सवारी करने पर मजबूर पाकिस्‍तान की जनता

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लाहौर। पिछले दिनों खबरें आई थीं कि पाकिस्‍तान ने गधों की जनसंख्‍या के मामले में अपने सबसे करीबी दोस्‍त चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। पाकिस्‍तान में अब बढ़ी हुई गधों की तादाद का प्रयोग उन्‍हें गधा गाड़ी खींचने के लिए कर रहा है। दरअसल पाकिस्‍तान में लगातार बढ़ती पेट्रोल की कीमतों की वजह से यहां के पंजाब प्रांत में आने वाले शहर लाहौर में इन दिनों गधा गाड़ी के जमाने फिर से वापस आ गए हैं। यहां की सड़कों पर गधा गाड़ी आसानी से देखी जा सकती है। पा‍किस्‍तान के जियो न्‍यूज की ओर से इस पर एक मजेदार वीडियो तैयार किया गया है।

गधा गाड़ी के मालिक बोले बहुत सस्‍ता है यह

लाहौर की सड़कों पर पहले मोटर से चलने वाले रिक्‍शे चलते थे। लेकिन यहां पर लगातार पेट्रोल की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं। ऐसे में अब उन्‍हीं मोटरगाड़ी में गधों को लगाकर उन्‍हें गाड़ी के तौर पर प्रयोग किया जाने लगा है। लोगों की मानें तो उन्‍हें इस गाड़ी की वजह से पुराने जमाने के तांगे की याद आ गई है। वहीं गधा गाड़ी के मालिकों की मानें तो पेट्रोल या फिर डीजल वाली गाड़ी की तुलना में गधा गाड़ी सस्‍ती पड़ती है।

113 रुपए से भी महंगा पेट्रोल

आर्थिक तंगी की मार झेल रहे पाकिस्‍तान में इन दिनों पेट्रोल कीमतें आसमान छू रही हैं। यहां पर सोमवार को कीमतों को बढ़ाने का नया प्रस्‍ताव फिर से भेजा गया है। इस प्रस्‍ताव को अगर सरकार मान लेती है तो फिर पेट्रोल की कीमत 113.26 पैसे और डीजल की कीमत 122.32 पैसे हो जाएगी। पाकिस्‍तान में सामान ढोने, गधा गाड़ी और कंस्‍ट्रक्‍शन वाली जगह पर गधे का खासतौर पर प्रयोग होता है। गधे के मालिकों की मानें तो गधों का बिजनेस तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही साथ इन्‍हें बेचकर हमें अच्‍छा खासा फायदा मिलता है।

 

गधों की आबादी के मामले में तीसरा देश

पाकिस्‍तान दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन गया है जहां पर गधों की आबादी सबसे ज्‍यादा है। पाकिस्‍तान में गधों की संख्‍या बढ़कर पांच मिलियन यानी 50 लाख के भी पार पहुंच गई है। सिर्फ इतना ही पंजाब प्रांत का लाहौर ऐसी जगह है जहां पर गधों की आबादी सबसे ज्‍यादा है। पाकिस्‍तान इकोनॉमिक सर्वे 2017-2018 की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक गधों की संख्‍या 100,000 से बढ़कर 53 लाख पर पहुंच गई है। जुलाई में चुनावों के दौरान पाकिस्‍तान में राजनीतिक समर्थकों की वजह से हीरो नाम के एक गधे की मौत हो गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक कैंपेन भी चलाया गया था।

 

हर दिन बढ़ रही गधों की आबादी

पंजाब लाइवस्‍टॉक डिपार्टमेंट के मुताबिक लाहौर में 41,000 गधे हैं और इनकी संख्‍या में लगातार इजाफा हो रहा है। पंजाब की सरकार ने गधों के लिए अस्‍पताल भी खोले हैं और यहां पर इनका मुफ्त इलाज किया जाता है। लाहौर में दिन पर दिन गधों का बिजनेस बढ़ रहा है और कीमतों में भी खासी तेजी आई है। लाहौर में एक गधा 35,000 से 55,000 की कीमत पर मिलता है। गधे के मालिक को एक दिन में 800 से 1000 रुपए तक की कमाई आसानी से हो जाती है। पाकिस्‍तान इकोनॉमिक सर्वे के आंकड़ें अप्रैल में जारी हुए थे।

 

… तो क्या अब नहीं बिकेगा जॉन्सन एंड जॉन्सन बेबी शैंपू?

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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने देश के चार राज्यों को (ज़ोन के आधार पर) पत्र भेजकर बेबी प्रोडक्ट बनाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी जॉन्सन एंड जॉन्सन के एक उत्पाद शैंपू की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है.

एनसीपीसीआर की इस चिट्ठी में कहा गया है कि यह आदेश ना सिर्फ़ नए स्टॉक के लिए है बल्कि दुकानों में मौजूद पुराने स्टॉक को भी दुकानों से हटाने के लिए है.

एनसीपीसीआर का यह आदेश राजस्थान की ड्रग्स टेस्टिंग लेबोरेटरी की रिपोर्ट आने के बाद आया है.

जॉन्सन एंड जॉन्सन की प्रतिक्रिया

हालांकि कंपनी ने अपनी प्रतिक्रिया में इन सभी आरोपों को ग़लत ठहराया है. जॉन्सन एंड जॉन्सन ने राजस्थान सरकार की प्रयोगशाला के जांच में आई रिपोर्ट को ग़लत ठहराया है.

कंपनी का कहना है कि वो किसी भी सरकार की अंतरिम रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करते हैं और हम इसे चुनौती देते हैं. हम इस मामले में दोबारा जांच की मांग करते हैं और सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी की जांच रिपोर्ट का इंतज़ार करेंगे. इस दिशा में एनसीपीसीआर ने कोई क़दम उठाया है या नहीं, हमें इसकी जानकारी नहीं है.

जॉन्सन एंड जॉन्सन की तरफ़ से बीबीसी को भेजा गया जवाब

कंपनी का दावा है कि भारतीय मानकों पर उनके उत्पाद पूरी तरह खरे उतरते हैं. हमने भारतीय संस्थाओं को इस बारे में सूचित किया है कि हमारे शैंपू में फॉर्मेल्डिहाइड का इस्तेमाल नहीं करते ना ही कोई ऐसा तत्व डालते हैं जिससे आगे चलकर फॉर्मेल्डिहाइड बने. हमारे उत्पाद D&C Act और D&C नियमकों पर खरे उतरते हैं.

जॉन्सन एंड जॉन्सन मूल रूप से एक अमरीकी कंपनी है जो बच्चों के लिए कॉस्मेटिक्स और दूसरी चीज़ें बनाती है. कंपनी का कहना है कि उसके उत्पादों में ख़तरनाक़ तत्व होने की बात की जा रही है, जोकि ग़लत है.

जबकि एनसीपीसीआर ने अपनी चिट्ठी में सीपीसीआर एक्ट 2005 के सेक्शन 13 (1) (j) का हवाला दिया है. एनसीपीसीआर के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने बीबीसी को बताया कि साल 2016 में कई ऐसी ख़बरें आई थीं जिसमें जॉन्सन एंड जॉन्सन कंपनी के उत्पादों में कुछ ऐेसे तत्वों के होने की ख़बर आई थी जो बच्चों के लिए ख़तरनाक होते हैं.

कानूनगो कहते हैं “आयोग ने उसी समय संज्ञान लेते हुए राज्यों को आदेश दिया था कि वे अपने यहां बिकने वाले उत्पादों की गुणवत्ता की रिपोर्ट दें. उनसे कहा गया था वे सैंपल लें और टेस्ट कराके रिपोर्ट भेजें. इसमें आयोग ने बार-बार पूछा लेकिन कोई ठोस रिपोर्ट आ नहीं सकी. जिसके बाद उन राज्यों के संबंधित अधिकारियों को सम्मन भेजा गया. जिसके बाद वो लोग पेश हुए लेकिन जो रिपोर्ट उन्होंने दी उसमें किसी भी राज्य के संबंधित अधिकारी ने शैंपू के सैंपल की रिपोर्ट नहीं ली. उन्होंने पाउडर की तो रिपोर्ट ली लेकिन शैंपू की नहीं.”

बैन सिर्शैंपू पर

कानूनगो बताते हैं कि पाउडर की रिपोर्ट तो संतोषजनक थी लेकिन शैंपू की कोई रिपोर्ट नहीं आई. सिर्फ़ राजस्थान एकमात्र ऐसा राज्य था जहां से शैंपू के सैंपल की रिपोर्ट मिली और इस रिपोर्ट में कहा गया कि शैंपू में फॉर्मेल्डिहाइड है और इसे हटा देना चाहिए.

कानूनगो बताते हैं कि इस रिपोर्ट के आधार पर ही सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखा गया है कि राजस्थान से आई शैंपू के सैंपल की रिपोर्ट बताती है कि यह ख़तरनाक है, इसलिए इसे आप अपने यहां बैन करें और इसकी बिक्री पर रोक लगाएं.

हालांकि राज्यों को यह भी कहा गया है कि अगर उनके यहां के सैंपल की रिपोर्ट इससे अलग आती है तो आयोग को सूचित करें.

कंपनी का रिपोर्ट मानने से इनक़ार

जॉन्सन एंड जॉन्सन ने बीबीसी को एक मेल के ज़रिए सूचित किया कि वो किसी राज्य की इस तरह की आंतरिक जांच रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करते हैं. कंपनी का कहना है कि वे दोबारा-जांच और उसकी रिपोर्ट का इंतज़ार करेंगे जो सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेट्री में होगी. उन्होंने कहा कि उन्हें एनसीपीसीआर के किसी दिशा-निर्देश के बारे में जानकारी भी नहीं है.

कंपनी ने अपने जवाब में दावा किया है कि उसके उत्पाद पूरी तरह से सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले हैं.

ख़तरा किस चीज़ को लेकर?

प्रियांक कानूनगो कहते हैं कि यह बैन या रोक शैंपू में मौजूद फ़ॉर्मेल्डिहाइड रसायन की वजह से लिया गया है. फ़ॉर्मेल्डिहाइड बच्चों के लिए ख़तरनाक है, इसलिए यह फ़ैसला बच्चों को ख़तरे से दूर रखने के लिए लिया गया है.

दरअसल, फ़ॉर्मेल्डिहाइड एक रंगहीन, तेज़ गंध वाला और ज्वलनशील रसायन है. इसका इस्तेमाल घर में इस्तेमाल होने वाले कई उत्पादों में किया जाता है. इसके अलावा इसका उपयोग फंगस ख़त्म करने, कीटाणुनाशक के रूप में किया जाता है. कई बार इसका प्रयोग प्रीज़र्वेटिव के तौर पर भी किया जाता है.

फ़ॉर्मेल्डिहाइड की कुछ मात्रा तो हवा में भी मौजूद होती है लेकिन अगर इसकी मात्रा बढ़ जाए तो आंखों में पानी, जलन, नाक और गले में जलन, खांसी और चक्कर आने की शिकायत हो सकती है.

कई बार कुछ लोगों को स्किन इंफ़्केशन भी हो जाता है.

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि फ़ॉर्मेल्डिहाइड की अधिक मात्रा की वजह से कैंसर भी हो सकता है. नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़, फ़ॉर्मेल्डिहाइड के संपर्क में आने से जहां आंखों में जलन जैसी शिकायत हो सकती है वहीं इसके दूरगामी प्रभाव भी हो सकते हैं.

साल 1980 में प्रयोगशाला में हुए एक अध्ययन में यह भी दावा किया गया था कि इसके संपर्क में आने से चूहों में नाक का कैंसर हो गया. जिसके बाद 1987 में एन्वायरमेंट प्रोटेक्शन एजेंसी ने भी माना कि इसकी बहुत अधिक मात्रा से कैंसर होने का ख़तरा हो सकता है.

विशेषज्ञ की राय

दिल्ली में प्रैक्टिस करने वाली डॉ. दिपाली भी कुछ यही कहती हैं. उनका कहना है कि फॉर्मेल्डिहाइड सिर्फ़ बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि बड़ों के लिए भी उतना ही ख़तरनाक है. वो कहती हैं कि अगर त्वचा बहुत अधिक इसके संपर्क में आ रही है तो कैंसर का ख़तरा भी हो सकता है.

वो कहती हैं “अमूमन इस रसायन का इस्तेमाल शैंपू को झागदार बनाने के लिए किया जाता है. लेकिन जिन प्रोडक्ट्स में इसकी मात्रा बहुत अधिक हो उससे बचना चाहिए. ख़ासतौर पर बच्चों के लिहाज़ से…”

दिपाली के अनुसार, ये एक बहुत महीन रसायन होता है. जो शरीर के रोम-छिद्रों और दूसरे छिद्रों से रक्त-कोशिकाओं में चला जाता है और इसकी वजह से कोशिकाएं टूटने लगती हैं, जो कैंसर का कारण बन सकता है. ऐसे में कोशिश करें कि नेचुरल और ऑर्गेनिक चीज़ों का ही इस्तेमाल करें.

गर्मी के मौसम में क्या अंडे खाना नुकसानदेह है? जानिए क्या कहते हैं एक्‍सपर्ट्स

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आपको बता दें कि अंडे में सबसे ज्यादा पौष्टिक खाद्य पदार्थों की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। अंडे की जर्दी में पूरे अंडे का करीब 90 फीसदी कैल्शियम और लोहा मौजूद होता है। सफेद हिस्से में आधे अंडे का प्रोटीन होता है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि अंडे पोषक तत्वों का सबसे समृद्ध स्रोत हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इस चिलचिलाती गर्मी में अंडे का सेवन करना ठीक होगा? इस बारे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मियों में अंडे खाने से आप अस्वस्थ हो सकते हैं, यह एक गलत धारणा है। विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मियों में ज्‍यादा अंडे खाने से बचना चाहिए।

चूंकि अंडे में गर्मी पैदा करने की प्रवृत्ति होती है, इसलिए अपच और बेचैनी की समस्‍या हो सकती है। लेकिन अगर सीमित मात्रा में सेवन किया जाए तो अंडा उत्तम पौष्टिक खाद्य पदार्थ साबित हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार गर्मी के मौसम में आप एक दिन में 2 अंडे तक खा सकते हैं, इससे अधिक अंडे खाने पर आंतों में समस्‍या हो सकती है।

सेहत के लिए अमृत समान हैं अंडे

अंडे में विटामिन बी2 और प्रोटीन की प्रचुर मात्रा मौजूद होती है। इतना ही नहीं अंडे की सफेदी में सेलेनियम, बी 6, बी 12, विटामिन डी और जिंक, आयरन जैसे खनिज तत्व मौजूद होते हैं। अंडे में मौजूद विटामिन ए और डी से शरीर की हड्डियां मजबूत बनती हैं। अंडे के सेवन से थकान और कमजोरी दूर होती है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार आता है। अगर आपको अंडे खाना पसंद नहीं है तो आप प्रोटीन और अन्‍य पोषक तत्‍वों के लिए दूसरे वैकल्पिक खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं।

गर्मियों में कड़कड़ाती धूप से आँखों को बचाने के लिए अपनाये ये आसान तरिके

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डेस्क। गर्मी में लोगो को बहुत समस्याएं होती हैं। गर्मियों की शुरूआत होते ही लोग तेज धूप से बचने और खुद को ठंडा रखने के लिए खान-पान में बदलाव लाने के साथ हैट, छतरी और स्टोल्स का इस्तेमाल करते हैं। गर्मियों में तेज धूप का असर सिर्फ हमारे चेहरे या त्वचा पर ही नहीं पड़ता बल्कि हमारी आंखों को बेहद नुकसान पहुंचाती है। गर्मी के मौसम में आंखों का खास खयाल रखना चाहिए क्योंकि इस मौसम में आंखों की समस्याएं बढ़ जाती हैं। गर्मी के मौसम में लू और धूलभरी आंधी के चलते अक्सर आंखों में खुजली-जलन जैसी कई समस्याएं हो जाती हैं। लेकिन ऐसे में अगर आप अपने स्टाइल को बरकरार रखना चाहते हैं और गर्मी के मौसम को मात देना चाहते हैं, तो धूप के चश्मों का यूज करें। इसके लिए आज हम आपको गर्मियों के स्पेशल धूप के चश्में पहनने का सही तरीका और उसके फायदे बताने जा रहे हैं।

-गर्मी में लू और हवा के चलने से आंखों में धूल, मिट्टी के कण चले जाते हैं। इसके बाद हम आखों को रगड़ने लगते हैं, जिससे हमारी आंखों को नुकसान पहुंचता है। धूल, मिट्टी चले जाने से आंखों को दिन में दो-तीन बार साफ पानी से धोएं।

-गर्मियों में तेज धूप में निकलने से पहले धूप के चश्मे यानि गोगल्स जरूर पहनें।

-गर्मियों में धूप से आंखों को बचाने के लिए चश्मे की शेप बेहद अहम भूमिका निभाती है। हमेशा चेहरे की शेप के मुताबिक ही चश्मे का चुनाव करें। जो चेहरे पर परफेक्ट लुक देने के साथ आंखों की कवर भी करे।

-अगर आप सोच रहे हैं कि चश्मा लगाकर आपका स्टाइल या लुक्स खराब हो जाएगा, तो ऐसा नहीं है आप ड्रेस की मैच के फ्रेम्स का भी यूज कर सकते हैं।

-अगर आपको आंखों से कम दिखाई देता है और आप चश्मा पहनते हैं, लेकिन धूप में जाने पर अलग-अलग चश्मा लगाने से बचना चाहते हैं, तो अपनी नार्मल चश्मे में ही सनग्लासेस इफेक्ट लगवा सकते हैं।

-कभी भी सस्ते और बिना आंखों को टेस्ट किए धूप के चश्मे का इस्तेमाल न करें। इससे आंखों में जलन और खुजली और आंखों का इंफेक्सशन होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा ब्रांडेड या अच्छी क्वॉलिटी का चश्मा ही बनवाएं।

गर्मियों में बियर पीने से दूर हो जाते हैं ये 5 रोग, पुरुष जरूर जान लें.!

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बहुत से लोग हैं जो कि बीयर पीने के काफी शौकिन होते हैं. खासाकर गर्मियो की बात करें तो इन दिनों में लोग एल्कोहल की मात्रा लेना काफी पसंद करते हैं जो बियर गेंहू. मक्का, जौ से मिलकर बनी होती है वह मनुष्य के शरीर के लिए काफी सेहतमंद होती है.

आपने अपने बड़ो से सुना होगा कि वह जिसको भी बियर पीते हुए देखते हैं तो वह इसको पीने के लिए मना ही करते हैं. परंतु ऐसे बहुत से कम लोग हैं जो कि बियर के फायदे के बारे में नहीं जानते होंगे. बियर नुकसान ही नहीं बल्कि हमको इन बीमारियों से बचाती है.

दिल के लिए

जो लोग बीयर का सेवन करते हैं उन लोगों के दिल के लिए बहुत लाभदायक होती है. यहां तक की यह दिल से संबंधित रोगों को भी नष्ट करती है. कहा जाता है हफ्ते में लोगों को 2,3 बार बीयर जरुर चाहिए जिससे आप स्वास्थ रह सके.

गुर्दे की पत्थरी

किडनी में पत्थरी एक बेहद गंभीर बीमारी होती. ऐसी बीमारी वालों को बियर का सावन जरुर करना चाहिए क्योंकि इसे पीने के बाद लोग बाथरुम कई बार जाते हैं और इसके चलते पत्थरी बाहर आ जाती है.

पाचन शक्ति

जिन लोगों की पाचन शक्ति मजबूत नहीं होती है उन लोगो को बीयर का सेवन अवश्य जरुर करें. बीयर पीने से हमारे पाचन तंत्र मजबूत रहता है और पेट भी आसानी सा साफ हो जाता है.

हड्डियां मजबूत

बीयर पीने का जबरदस्त फायदा यहा भी है कि जो लोग बीयर का सेवन करते हैं उन लोगं की मांसपेशियां व हड्डियां काफी मजबूत रहती है.

डायबिटीज

डायबिटीज वाले लोगों को बीयर बहुत फायदेमंद होती है. बीयर पीने से डायबिटीज पहले से काफी कम हो जाती है.

छत्तीसगढ़ : अपहृत नाबालिग को पुलिस ने किया बरामद

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महासमुंद। पिछले पांच दिन से तुमगांव से गायब एक नाबालिग लड़की को पुलिस ने बचेली, दंतेवाड़ा से ढूंढ निकाला। इस मामले में तुमगांव पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 24 अप्रैल की शाम पांच बजे उसकी नाबालिग लड़की अंडे लेने के लिए किराना दुकान जा रही कहकर निकली थी। रात तक वापस नहीं आई। परिजनों ने इधर-उधर खोजबीन करने की कोशिश की, लेकिन पता नहीं चला। तब तुमगांव थाना प्रभारी योगेश सोनी और उनकी टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नाबालिग की पतासाजी की। उन्हें पता चला कि नाबालिग लड़की दंतेवाड़ा के बचेली के बाजार में आरोपी महिला के साथ है। तुमगांव पुलिस ने बचेली के थाना प्रभारी से संपर्क किया। फिर यहां से एक टीम बचेली के लिए रवाना हुई। वहां से नाबालिग को लेकर आई। पूछताछ में पता चला कि 24 अप्रैल को नाबालिग घर से निकली थी। एक व्यक्ति ने कहा कि वह उसे रेलवे स्टेशन छोड़ देगा कहकर मोटरसाइकिल से ले गया। जंगल में उसके साथ अनाचार किया। फिर नाबालिग को रेलवे स्टेशन में छोड़ दिया। इसके बाद पीडि़ता बस स्टैंड महासमुंद से बस में बैठकर रायपुर चली गई। जहां उसे पटेलपारा सुकमा की रहने वाली पार्वती पोयाम मिली, जो उसे लेकर बचेली चली गई। इस मामले में तुमगांव पुलिस ने उस मोटरसाइकिल सवार की व्यक्ति की पतासाजी की। पता चला कि देवनाथ साहू पिता सुखराम साहू(20) ने नाबालिग के साथ अनाचार किया है। इस मामले में तुमगांव पुलिस ने महिला पार्वती पोयाम और देवनाथ साहू के खिलाफ धारा 363, 376 एवं पाक्सो एक्ट की धारा 4,6 के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी योगेश सोनी, सउनि रनसाय मिरी, आरक्षक अनिल बंजारे, महिला आरक्षक अनिता गोरियार का विशेष योगदान रहा।

छत्तीसगढ़ : सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवा वर्ग को बड़ा झटका, एक साल के लिए नई भर्तियों पर रोक

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रायपुर। शासकीय नौकरी की सपना देख रहे प्रदेश के युवाओं को एक बड़ा झटका लगा है। राज्य की खराब वित्तीय स्थितियों को देखते हुए नई सरकारी नौकरियों पर रोक लगा दी गई है। अनिवार्य होने पर पहले वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है।
राज्य के गंभीर वित्तीय संकट को देखते हुए आगामी एक वर्ष के लिए नई शासकीय नौकरियों की भर्तियों पर रोक लगा दी गई है। अनिवार्य होने पर भर्ती के पूर्व वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। वित्त विभाग के अपर सचिव सतीश पाण्डेय के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि वित्त विभाग के संदर्भ विज्ञापनों द्वारा लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने वाले सीधी भर्ती के रिक्त पदों एवं अनुकंपा नियुक्ति के पदों को छोड़कर शेष सभी सीधी भर्ती के रिक्त पदों को भरने के पूर्व वित्त विभाग की अनुमति प्राप्त करना होगा। राज्य शासन द्वारा विचार के बाद यह निर्णय लिया गया है कि उक्त निर्देश आगामी एक वर्ष के लिए और प्रभावशाली रहेगा। ऐसी केंद्र योजनाएं जिनके अंतर्गत पद संरचना स्वीकृत है तथा जिन्हें केंद्रीय बजट 2019-20 में समाप्त कर दिया गया है उन योजनाओं में रिक्त पदों पर यदि वित्त विभाग द्वारा भर्ती की अनुमति पूर्व में दी गई है किंतु अभी तक भर्ती नहीं की गई है तो ऐसे रिक्त पदों को भरने की अनुमति पुन: वित्त विभाग से प्राप्त की जाए।

धार्मिक, सामाजिक व सेवाभावी जनप्रतिनिधियों में से एक थे बलराम सिंह : डॉ. महंत विस अध्यक्ष

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रायपुर। तखतपुर के पूर्व विधायक व बिलासपुर के पूर्व महापौर ठाकुर बलराम सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए छग विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि बिलासा नगरी के व्यापक हित चिंतक का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है डॉ. महंत ने कहा कि ठाकुर साहब मेरे परिवार के अभिभावक की भूमिका में सदैव रह कर अपना दुलार मुझ पर रखते रहे हैं उनका निधन मेरे परिवार के साथ-साथ कांग्रेस के लिए भी अपूरणीय क्षति है,धार्मिक, सामाजिक व सेवाभावी जनप्रतिनिधियों में से एक ठाकुर बलराम सिंह के निधन से बिलासा नगरी के साथ-साथ कांग्रेस परिवार इस दुख की घड़ी में उनके परिजन रश्मिसिंह विधायक तखतपुर, ठा.आशीष सिंह और उनके पूरे परिवार के साथ है।

 

ऑनलाइन गेम खेलती थी पत्नी, पति ने छीना फोन, प्रताड़ना का केस दर्ज

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उत्तर प्रदेश के नोएडा में अकेलापन दूर करने के लिए मोबाइल में ऑनलाइल गेम खेलना महिला को भारी पड़ गया. नोएडा के सेक्टर 50 में रहने वाली एक महिला की ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान कुछ प्लेयर्स से दोस्ती हो गई. इन्हीं में से एक ने महिला को गलत मेसेज भेज दिया. यह मेसेज महिला के पति ने देख लिया और उसके बाद से ही वह महिला को प्रताड़ित करने लगा. पति ने महिला का मोबाइल फोन भी करीब एक महीने से अपने पास रख लिया है. अब पीड़िता ने अपने पति के खिलाफ थाने में उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है.

पूरा मामला नोएडा के सेक्टर 50 का है जहां यह महिला अपने पति और 3 बच्चों के साथ रहती है. महिला का पति बिज़नेसमैन है और दोनों की शादी को करीब 16 साल हो चुके हैं. महिला पति और बच्चों के घर से जाने के बाद सारा काम खत्म कर ऑनलाइन गेम खेलती थी.

महिला का कहना है कि गेम खेलने से उसे बोरियत नहीं होती थी. लेकिन जब से उसके पति को इसके बारे में मालूम पड़ा तब से वह महिला को परेशान करने लगा.

महिला ने बताया कि गेम खेलते हुए उसकी कुछ लोगों से दोस्ती हुई. एक दिन गेम खेलने वाले दोस्त ने महिला को कुछ गलत मेसेज भेज दिया. इस बात की जानकारी होने पर उसके पति ने वह नंबर ब्लॉक कर दिया. साथ ही उसने इस पर नाराज़गी जताते हुए फोन अपने पास रख लिया.

महिला का कहना है कि एक महीने से फोन उसके पति के पास ही है. महिला ने कहा कि उसका पति बिज़नेसमैन है इसके बावजूद भी उसके बैंक खाते में एक भी रुपया नहीं है जिससे वह नया फोन खरीद सके.