Home Blog Page 3148

आचार संहिता लागू, PMO समेत कई सरकारी वेबसाइटों ने PM और मंत्रियों की हटाई तस्वीरें

0

संहिता में कहा गया है कि केंद्र या राज्यों में सत्ताधारी दल को सुनिश्चत करना चाहिए कि वह प्रचार के लिए अपने आधिकारिक पदों का इस्तेमाल नहीं करे.

नई दिल्ली: आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय सहित कई सरकारी वेबसाइटों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की तस्वीरें हटा दी है लेकिन कुछ मंत्रालयों में अभी इसका पालन नहीं किया है. लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से शुरू होगा और चुनाव की तारीखों की घोषणा का मतलब है कि तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है. प्रक्रिया पूरी होने तक यह जारी रहेगी. संहिता में कहा गया है कि केंद्र या राज्यों में सत्ताधारी दल को सुनिश्चत करना चाहिए कि वह प्रचार के लिए अपने आधिकारिक पदों का इस्तेमाल नहीं करे.

मंत्री और अन्य सरकारी प्राधिकार किसी भी रूप में वित्तीय आवंटन की घोषणा नहीं कर सकते. पार्टी के पक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किसी भी परियोजना या कार्यक्रम की घोषणा नहीं की जा सकती और मंत्री चुनाव प्रचार के मकसद से सरकारी तंत्र का इस्तेमाल नहीं कर सकते. कैबिनेट सचिव और राज्यों के मुख्य सचिवों को एक पत्र में चुनाव आयोग ने उनसे सुनिश्चित करने को कहा था कि सरकारी बेबसाइटों पर राजनीतिक पदाधिकारियों की तस्वीरें तत्काल हटा लिए जाएं.

पीएमओ बेबसाइट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटा दी है और पत्र सूचना कार्यालय ने भी ऐसा ही किया है. लेकिन, कानून मंत्रालय की वेबसाइट पर विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद, राज्य मंत्री पी पी चौधरी की तस्वीरें और प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो संबोधन ‘मन की बात’ का भी लिंक बना हुआ है.

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट का भी यही हाल है. इस पर मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और राज्य मंत्री वीरेंद्र कुमार की तस्वीरें दिख रही है.

ट्रैप से चढ़ीं पुलिस के हत्थे, अकेले बुजुर्गों के घर में घुसती थी महिला, फिर पूरी गैंग लूटती थी सोना-चांदी

0

सौराष्ट्र में लोगों को बेहोश कर लूटने वाली एक गैंग का पर्दाफाश राजकोट पुलिस ने कर डाला है। यह गैंग मेटोड़ा के बाद गोंडल-पालिताणा में वारदात को अंजाम देने वाली थी। तभी पुलिस ने प्लान बनाकर गैंग की 4 महिलाओं समेत 6 मेंबर्स को धर दबोचा। हालांकि, 2 अन्य बदमाश चकमा देकर भागने में कामयाब हो गए।

गैंग के मेंबर्स से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस ने पाया कि इस गैंग के द्वारा ज्यादातर अकेले और वृद्ध लोगों को टार्गेट किया जाता था। पहले गैंग की महिला मेंबर फोन पर बात कर सारी जानकारी हासिल करती थी। बाद में उसी महिला के साथ जाकर पूरी गैंग लूटपाट करती थी। कोई रंगीन व्यक्ति मिलने पर उसे हनीट्रैप मे फंसा लिया जाता था।

पकड़ी गई महिलाओं ने कुबूला कि उन्होंने मेटोड़ा के बाद गोंडल और उसके बाद पालिताणा में भी लूट का प्लान किया। मगर, उससे पहले ही वे पुलिस ने पकड़ लीं। उन्होंने बताया कि वे लोगों को बेहोश कर उन्हें शिकार बनाती थीं। एक महिला ने कहा कि वे मेटोड़ा जीआईडीसी स्थित मेलडी माता मंदिर के पास अकले रहते मनोजभाई जोशी को अपना अगला शिकार बनाने वाली थी। लूट का प्लान कमलेश उर्फ मुन्ना पोपटभाई चावड़ा ने तैयार किया था। जिसके तहत गैंग की महिला सदस्य जिनन्त को मनोजभाई को ललचाकर दरवाजा खुलवाकर उसे बेहोश करने का काम सौंपा गया था। बाद में पूरी गैंग को हथियारों के साथ घर में घुसकर सोने-चाँदी के गहने और रुपये लूटने थे। हालांकि पुलिस ने मनोजभाई के घर तक पहुंचने से पहले ही गैंग का वार नाकाम कर दिया।

अब पुलिस ने सभी 7 मेंबर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पकड़े गए आरोपियों के नाम, अशोक उर्फ मामा भोपाभाई बाबरिया, हितेश उर्फ हितों हिंमतभाई पढियार, निलेश उर्फ कादु गोरधनभाई मकवाणा, जिनन्त रफीकभाई रजाकभाई मकवाणा, हसीना अहेसानभाई शबीरशा दिवान और हंसाबेन प्रवीणसिंह जीवुभा जडेजा बताए जा रहे हैं। उनसे बेहोश करने की दवाई, हथियारों और कार समेत रुपये रुपये 4.25 लाख का मुदामाल जप्त किया गया है। साथ ही फ़रार हुए कमलेश उर्फ मुन्ना पोपटभाई चावड़ा समेत अजय उर्फ विजय मकवाणा को ढूंढ़ा जा रहा है।

15 को छत्तीसगढ़ पहुंच सकते हैं काँग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी

0

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी 15 मार्च को छत्तीसगढ़ का दौरा कर सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रायपुर में यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम को लेकर एक सेमिनार का आयोजन किया है। इसमें राहुल गांधी के शामिल होने की सम्भावना है। हालांकि, कांग्रेस ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के आने की खबर है। लेकिन अभी तक दिल्ली से हरी झंडी नहीं मिली है। प्रदेश कांग्रेस के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने मोदी सरकार के आयुष्मान भारत की जगह छत्तीसगढ़ में यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम लागू करने की योजना तैयार की है। इस रिपोर्ट को राहुल को सौंपा जाएगा। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान घोषणापत्र में यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम का वादा किया था। सरकार गठन के बाद स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के नेतृत्व में विभाग के अफसरों की एक टीम इसका अध्ययन करने थाईलैंड भी गई थी। लेकिन टीम वहां से क्या सीखकर आई, यह अभी तक गोपनीय है। बहरहाल राहुल के आगमन को सियासी नजरिए से ही देखा जा रहा है।

भारत ने पोखरण में किया पिनाका गाइडेड मिसाइल का तीसरी बार सफल परीक्षण

0

भारत ने मंगलवार को एक बार फिर से पिनाका गाइडेड मिसाइल का तीसरी बार सफल परीक्षण किया है। डीआरडीओ ने राजस्थान के पोखरण में लगातार दूसरे दिन तीसरी बार पिनाका गाइडेड मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। यह मिसाइल प्रणाली लंबी दूरी से ही दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने में सक्षम है। पिनाका गाइडेड मिसाइल 90 किलोमीटर की रेंज में अपने टारगेट को हिट करने की क्षमता रखते हैं। सोमवार को भी पोखरण में पिनाका गाइडेड मिसाइल के उन्नत संस्करण का दो परीक्षण किया गया।

डीआरडीओ की ओर से विकसित पिनाक गाइडेड मिसाइल अत्याधुनिक गाइडेंस सिस्टम से लैस है जिसमें एडवांस नेवीगेशन और कंट्रोल सिस्टम मौजूद है। सोमवार को दो और मंगलवार को एक बार हुए परीक्षणों में मिसाइल ने अपेक्षित लक्ष्य को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया। टेस्ट में मिसाइल प्रणाली ने बेहद सटीक निशाना लगाया। परीक्षण के दौरान पिनाका गाइडेड मिसाइल को ट्रैक करते हुए इस पर नजर रखी गई। परीक्षण में हथियार प्रणाली ने सभी अपेक्षित उद्देश्यों को पूरा किया।

इससे पहले जनवरी में भारत ने ओडिशा के चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से गाइडेड रॉकेट ‘पिनाका’ का दूसरा सफल प्रक्षेपण किया था। इस रॉकेट की रेंज 70 किलोमीटर है। डीआरडीओ ने परिमार्जित संस्करण का पहला परीक्षण बीते 12 जनवरी को किया था। पिनाका को आयुध अनुसंधान एवं विकास स्थापना (एआरडीई), शोध केंद्र इमारत (आरसीआई) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) ने संयुक्त तौर पर विकसित किया है।

शादी के कार्ड में की गई अपील, ‘बिटिया को आशीर्वाद स्वरूप नरेंद्र मोदी के पक्ष में करें वोट’

0

बिहार के सिवान जिले में रहने वाले एक शख्स ने अपनी बेटे की शादी के कार्ड पर भाजपा को वोट करने की अपील की है। कार्ड में मेहमानों से वधू को आशीर्वाद देने के नाम देशहित में बीजेपी को वोट देने की बात लिखी गई है।

‘बिटिया को आशीर्वाद स्वरूप मोदी के पक्ष में करें वोट’

सीवान के सिसवा कलां गांव के रहने वाले अशोक सिंह की बेटी सलोनी की शादी 12 मार्च को थी। सलोनी की शादी के लिए छपवाए गए निमंत्रण कार्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट देने की अपील की गई। कार्ड पर लिखा गया कि ”बिटिया को आशीर्वाद स्वरूप 2019 के लोकसभा चुनाव में वोट देशहित में नरेंद्र मोदी के पक्ष में करें।”

देश के विकास के लिए की वोट अपील

कार्ड की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जब अशोक सिंह से पूछा गया कि क्या वह बीजेपी से जुड़े हैं या पार्टी का दबाव था तो उन्होंने किसी राजनीतिक दल से संबंध होने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनका किसी पार्टी से नाता नहीं है। वह गांव में रहते हैं और जो विकास पिछले पांच साल में हुआ, वह अब तक नहीं हुआ था। ऐसे में हमने मोदी को दोबारा पीएम बनाने की मांग की है, जिससे देश का विकास हो सके।

टेक ऑफ के 6 मिनट बाद विमान क्रैश, शिखा ने पिता को किया था आखिरी कॉल

0

 इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से केन्या की राजधानी नैरोबी जा रहा पैसेंजर विमान रविवार (10 मार्च) सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में 8 क्रू मेंबर्स सहित 149 यात्री शामिल थे।

जिसमें चार भारतीय भी थे। वहीं उन चार भारतीयों में से एक यात्री ने दुर्घटना के कुछ देर पहले ही अपने पिता से दिल्ली फोन कर बात भी की थी।

शिखा ने दिल्ली किया था अपने पिता का कॉल: इस विमान में जो चार भारतीय यात्री शामिल थे उनमें से एक थी भारत की UNEP सलाहकार शिखा गर्ग। शिखा यूएन के पर्यावरण कार्यक्रम से जुड़ी हुई थीं। शिखा ने इस हादसे से कुछ देर पहले ही अपने पिता सतीश गर्ग को कॉल किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारइस बारे में शिखा के पिता सतीश कहते हैं कि शिखा अपने फ्लाइट चेंज कर रही थी। उसमें मुझे सुबह 10:06 मिनट पर कॉल किया था।

इसके साथ ही सतीश ने बताया कि मेरी बेटी एक होनहार स्टूडेंट थी और भारतीय मौसम विभाग के लिए काम करने से पहले उसने प्राइवेट सेक्टर में भी काम किया था। वहीं बाद में उसने बतौर भारत की UNEP सलाहकार काम किया।

सतीश गर्ग बताते हैं कि जब मेरी शिखा से बात हुई तब वो एक दम ठीक थी और अपनी फ्लाइट चेंज कर रही थी। लेकिन कुछ देर बाद ही मुझे इंटरनेट पर विमान के क्रैश होने की खबर मिली। बता दें कि सतीश गर्ग की रोहिणी में ज्वेलरी शॉप है।

रिसर्च में हुआ खुलासा : धूम्रपान की लत के चलते नपुंसकता का शिकार हो रहे युवा

0

धूम्रपान की लत की वजह से युवाओं में नपंसुकता बढ़ रहा है। एक रिसर्च के मुताबिक, स्मोकिंग की लत तेजी से नपुंसकता को बढ़ा रही है। लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के यूरोलॉजी विभाग की एक रिसर्च में ये दावा किया गया है। रिसर्च कहती है कि सिरगेट के आदी मर्दों के स्पर्म घटते हैं और ऐसे लोगों के स्पर्म कमजोर भी पड़ रहे हैं।

तेजी से बढ़ी ऐसे मरीजों की संख्या

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के यूरोलॉजी विभाग की ये रिसर्च कहती है कि उनके यहां आने वाले ऐसे मरीजों की संख्या बीते दो साल में दोगुना से ज्यादा बढ़ गई है, जिन्हें स्पर्म कम होने के साथ-साथ स्पर्म की कमजोर होने की भी शिकायत है। इसके पीछे लगातार स्मोकिंग एक वजह सामने आई है।

 

छह साल तक चसी रिसर्च

रिसर्च करने वाली टीम को लीड करने वाले किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एस एन शंखवार के मुताबिक, डिपार्टमेंट 2012 से 2018 तक छह साल यह स्टडी चली। इसमें 150 मरीजों पर जांच की गई। रिसर्च में पाया गया कि स्मोकिंग करने से वो कोशिकाएं खत्म हो रही हैं, जिनसे फ्री रैडिकल निकलते हैं। जिससे धमनियां सिकुड़ने लगती हैं और इनका लचीलापन कम होता जाता है। इसका सीधा असर स्पर्म पर पड़ता है।

 

दो साल से बढ़े ऐसे मरीज

शंखवार ने बताया कि विभाग में इन्फर्टिलिटी क्लीनिक भी चलाई जा रही है। इसमें इन्फर्टिलिटी से पीड़ित 20 से 45 साल के औसतन 10 मरीज हर दिन आ रहे हैं। इनमें 70 से 80 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिन्हें स्मोकिंग की वजह से यह समस्या हुई है। दो साल पहले ऐसे मरीजों की संख्या तीन से चार हुआ करती थी। उन्होंने बताया कि स्मोकिंग की आदत छुड़वाने के लिए भी कॉलेज में काउंसलिंग कराई जा रही है।

बारूद से भरी ट्रेन लेकर पाकिस्‍तान में घुस गया था ये जांबाज, लड़ाकू विमान भी नहीं बिगाड़ पाए थे कुछ

0

(भारत और पाकिस्‍ताान के बीच पिछले काफी दिनों से तनातनी का माहौल है. पुलवामा हमले से लेकर भारतीय सेना द्धारा की एयर स्‍ट्राइक. उसके बाद से लगातार दोनों देशों के बीच हालात बेहद खराब हैं. ऐसी स्‍थितियों में एक शख्‍स हैं, जो दुश्‍मन देश  की सरजमीं पर  जाकर उनसे दो-दो हाथ करने की ताकत रखते हैं. उनकी उम्र भले ही 83 वर्ष की हो लेकिन उनके हौसलो में कोई कमी नहीं है. उनका कहना है कि अगर उनको मौका मिले तो वे आज भी दुश्‍मनों को मात दे सकते हैं. हम बात कर रहे हैं वीर चक्र से सम्‍मानित उदयपुर निवासी रेलवे  पायलट दुर्गाशंकर पालीवाल की, जिन्‍होंने 1971 के पाकिस्तानी हवाई हमले में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

उस वक्‍त जब समय भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सीमा में करीब 30 किलोमीटर तक कब्ज़ा कर लिया था और जब सेना का असलहा खत्‍म होने को आया था तब बारूद और असलहा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दुर्गाशंकर पालीवाल को दी गई थी. उन्‍होंने भारतीय सेना को सीमा के उस पार जाकर असलहा और बारूद पहुचानें का काम किया था. कैसे किया था उन्‍होंने ये सबकुछ आइए जानते हैं उनकी ही जुबानी… )

ये 1971 के युद्ध की बात है. भारत और पाक के बीच ये जंग 3 दिसंबर को शुरू हुई थी और पूरे 13 दिन तक चली थी. इसी दौरान 11 दिसंबर को भारतीन सेना को बारूद और हथियारों की जरूरत थी. दुश्‍मन देश के भीतर घुसकर सेना को ये चीजें उपलब्‍ध करवानी थी. ऐसे में 11 दिसंबर को ये टास्‍क मुझे दिया गया था.ऑफिसर ने बताया कि बारूद और हथियार से भरी ट्रेन की लेकर मुझे दुश्‍मन देश पाकिस्‍तान में जाना है और वहां हथियारों की सप्‍लाई करके अपने देश लौटना था.

दुर्गाशंकर पालीवाल

इस काम के लिए मुझे सिर्फ 12 घंटे दिए गए थे. मैं निकल पड़ा. 25 बोगी वाली ट्रेन लेकर पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश करना था. यहां मुझे बाड़मेर के समीप मुनाबाव रेलवे स्टेशन होते हुए पाकिस्तान के खोखरापार और फिर परचे की बेरी रेलवे स्टेशन तक पहुंचना था.  ये सब कुछ इतना आसान नहीं था, क्‍योंकि हालात उस वक्‍त बेहद खराब थे. कभी भी कुछ भी हो सकता था. कहीं से भी कोई गोलीबारी या बमबारी हो सकती थी लेकिन मैं डरा नहीं, क्‍योंकि सोच लिया था अब तो चाहें कुछ हो जाए. मुझे पीछे नहीं मुड़ना है. बस इसलिए आगे बढ़ता रहा. अब तक रात के 12 बज चुके थे. मैं पाकिस्‍तान के बॉर्डर के आगे खोखरापर पहुंच गया था. यहां मुझे ऑफिसर ने 27  किलोमीटर और परचे की बेरी स्‍टेशन पहुंचने के बारे में बताया.

मैं दोबारा निकल पड़ा. इस दौरान पाकिस्तानी सीमा में खोखरापर से कुछ ही दूरी पर एक विमान दिखा जो की मेरी ट्रेन पर नज़र रख रहा था. ज़रा सी देरी में वो विमान फिर से पाकिस्तान की ओर लौट गया. लेकिन वह विमान खतरा भांप चुका था और सुबह 6 बजे छह मिराज विमान मौके पर पहुंच कर बमबारी करने लगे. इन विमानों ने मेरी  ट्रेन को घेर लिया था लेकिन मैं एक पल के लिए भी घबराया नहीं. मैंने अपनी ट्रेन की रफ़्तार बढ़ा दी और सिंध हैदराबाद की ओर जाने लगा. पाकिस्तानी विमानों ने कई बम गिराए लेकिन गनीमत ये रही कि  ट्रेन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाए.

दुर्गाशंकर पालीवाल

इसी तरह से विमानों में भी बम खत्म हो गए थे और रीलोड करने के लिए वे सिंध हैदराबाद की ओर उड़ान भरते हुए निकल गए. इस समय मैंने रिवर्स में ट्रेन को 25 किलोमीटर तक खींच ले गया और परचे की बेरी पहुंचकर अपने बटालियन को भी घटना की सूचना दे दी. बटालियन ने करीब 15 मिनट में पूरी ट्रेन का माल खाली कर दिया और एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल रिलोड कर दी.

वहां से लौटते हुए फिर से पाकिस्तानी विमानों ने मेरी ट्रेन का एक बार फिर पीछा किया और खोखरापर से 5 किलोमीटर से पहले रेल लाइन पर एक हज़ार पौंड का बेम फेंक दिया. इस बम से निकलती हुई चिंगारियों से मेरा हाथ और मुंह भी जल गया था लेकिन उसकी परवाह किये बिना मैं बस अपनी कोहनियों से ट्रेन चलाना जारी रखा.

एक वक्‍त के बाद हाथ में बन्दूक लेकर  मैं ट्रेन से निकल गया और और करीब 2 किलोमीटर आगे उन्होंने भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर को इशारा कर उतरवाया और अधिकारी को सूचना दे दी.अब तक मेरा टॉस्‍क पूरा हो चुका था, लेकिन हां मेरी तबियत खराब हो चुकी थी. मुझे फौरन हॉस्‍पटिल में एडमिट कराया गया. मगर सारी तकलीफ उस वक्‍त खत्‍म हो गई, जब मुझे राष्‍ट्रपति से सम्‍मानित होने के बारे में सूचना मिली. आखिरकार 30 अक्टूबर 1972 को वो दिन आया और राष्ट्रपति वीवी गिरी ने वीरचक्र से सम्मानित किया.

कांग्रेस में शामिल हुए हार्दिक पटेल, राहुल गांधी ने इस तरह किया वेलकम

0

गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल मंगलवार को आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल हो गए. कांग्रेस अध्यक्ष ने हार्दिक पटेल का वेलकम किया. इस मौके पर प्रियंका गांधी और मनमोहन सिंह भी मौजूद थे. कांग्रेस में शामिल होने से पहले खुद हार्दिक पटेल ने इस बात की जानकारी दी थी. पाटीदार नेता ने ट्वीट किया था, ‘देश और समाज की सेवा के मकसद से अपने इरादों को मूर्तरूप देने के लिए मैंने 12 मार्च को श्री राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इंडियन नेशनल कांग्रेस जॉइन करने का निर्णय लिया है.

आपको बता दें महज 22 साल की उम्र में हार्दिक पटेल ने पूरे गुजरात की राजनीति को हिलाकर रख दिया था. वे पटेल आरक्षण को लेकर आंदोलन चला रहे थे. उस दौरान उन्होंने 80 से ज्यादा रैलियां की थीं. हार्दिक के साथ आरक्षण की मांग में उतरे लोग इससे कम की बात करने को भी तैयार नहीं थे. हार्दिक ने उस वक्त 6 जुलाई को गुजरात के महेसाणा में आयोजित एक छोटी-सी रैली को विशाल रूप दे दिया था. बाद में हार्दिक ने 2017 में हुए गुजरात विधानसभा चुनावों में गुजरात के दो अन्य युवा नेताओं अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवानी के साथ कांग्रेस का साथ दिया था.

View image on TwitterView image on Twitter

कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब हार्दिक के जामनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं. आपको बता दें जामनगर में कांग्रेस को 2009 और 2004 में जीत मिली थी. इससे पहले यहां बीजेपी के चंद्रेश कोराडिया को 1989 से 1999 के बीच लगातार पांच बार जीत मिली थी. ऐसे में हार्दिक का जामनगर से चुनाव लड़ने की खबर सामने आने के बाद से दिग्गज हैरान हैं. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर पर कुछ भी साफ नहीं हुआ है

चुनाव से ठीक पहले देश में महंगाई बढ़ी, इंडस्ट्री ग्रोथ गिरी

0

फरवरी में खुदरा महंगाई बढ़कर 4 माह के उच्च स्तर पर पहुंच गई है. पिछले महीने खुदरा महंगाई माह दर माह के आधार पर बढ़कर 2.57 फीसदी दर्ज की गई. जनवरी में यह 1.97 फीसदी थी. इससे पहले खुदरा महंगाई का 2.33 फीसदी का आकड़ा नवंबर 2018 में देखा गया था. वहीं, खुदरा महंगाई के साथ ही जनवरी माह का इंडिस्ट्रयल प्रॉडक्शन का आंकड़ा भी जारी कर दिया गया. जनवरी में इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन की ग्रोथ रेट घटकर 1.7 फीसदी पर आ गई. दिसंबर 2018 में यह 2.4 फीसदी के स्तर पर थी.

दाल, अनाज और सब्जियों की महंगाई
>> फरवरी में खुदरा खाद्य महंगाई -2.24 फीसदी से बढ़कर -0.66 फीसदी हो गई है.
>> अनाज की महंगाई 0.8 फीसदी से बढ़कर 1.32 फीसदी और सब्जियों की महंगाई -13.3 फीसदी से बढ़कर -7.69 फीसदी हो गई.
>> फ्यूल, बिजली की महंगाई 2.2 फीसदी घटकर 1.4 फीसदी पर आ गई.इंडस्ट्री ग्रोथ में आई गिरावट
>> जनवरी में इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट दिसंबर के 2.6 फीसदी से घटकर 1.7 फीसदी पर आ गई है.
>> ग्रोथ की बात करें तो महीने दर महीने आधार पर जनवरी में माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ -1 फीसदी के बढ़कर 3.9 फीसदी रही है, वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 2.7 फीसदी से घटकर 1.3 फीसदी पर आ गई है.
>> महीने दर महीने आधार पर जनवरी में इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर की ग्रोथ 4.4 फीसदी से घटकर 0.8 फीसदी रही है. वहीं प्राइमरी गुड्स की ग्रोथ -1.2 फीसदी से बढ़कर 1.4 फीसदी रही है.
>> महीने दर महीने आधार पर जनवरी में कैपिटल गुड्स सेक्टर की ग्रोथ 5.9 फीसदी से घटकर -3.2 फीसदी रही है. वहीं इसी अवधि में इंटरमीडियेट गुड्स की ग्रोथ -1.5 फीसदी से घटकर -3 फीसदी रही है.
>> महीने दर महीने आधार पर जनवरी में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की ग्रोथ 2.9 फीसदी से घटकर 1.8 फीसदी रही है. वहीं कंज्यूमर नॉन ड्यूरेबल्स की ग्रोथ 5.3 फीसदी से घटकर 3.8 फीसदी रही है.

महंगाई दर का अर्थव्‍यवस्‍था पर क्‍या होता है असर- महंगाई दर का असर अर्थव्‍यवस्‍था पर दो तरह से होता है. अगर महंगाई दर बढ़ती है तो बाजार में वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं और लोगों की खरीदने की क्षमता कम हो जाती है. वहीं यदि महंगाई दर घटती है तो बाजार में वस्तुओं के दाम घट जाते और लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ जाती है. महंगाई के बढ़ने और घटने का असर सरकार की नीतियों पर भी पड़ता है. आरबीआई भी ब्याज दरों में बदलाव के लिए महंगाई के आधार पर फैसला लेता है.

क्‍या है रीटेल महंगाई दर- रीटेल महंगाई दर (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) वह महंगाई दर है जो जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है और खुदरा कीमतों के आधार पर तय की जाती है. भारत में रीटेल महंगाई दर खाद्य पदार्थों की हिस्सेदारी 45 फीसदी के करीब है. दुनिया भर में ज्यादातर देशों में रीटेल महंगाई के आधार पर ही मौद्रिक नीतियों तय होती हैं.