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छत्तीसगढ़: मथुरा की तरह जांजगीर में भी खेली जाती है लट्ठमार होली

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छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से 45 किलोमीटर दूर बसे एक छोटे से गांव पंतोरा में होली के पांच दिन बाद रंग पंचमी के अवसर पर पिछले 200 सालों से गांव में लट्ठमार होली खेलने की परंपरा चली आ रही है. ग्राम पंतोरा के ग्रामीणों के लिए इस लट्ठमार होली का विशेष महत्व है. दरअसल ग्रामीणों की मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन लट्ठमार होली खेलने से उनके गांव में आने वाली महामारी और बीमारी दूर होती है.

रंग पंचमी के एक दिन पूर्व संध्या गांव से दूर कोरबा जिले के पहांड़ियों में स्थित मां मड़वारानी मंदिर के पहाड़ से पंतोरा ग्राम के ग्रामीण बांस की लाठियां लाकर मां भवानी के मंदिर में बैगा के पास पूजा कर अभिमंत्रित करने के लिए छोड़ देते है. फिर पूरा का पूरा गांव इसी लाठी से दूसरे दिन लट्ठमार होली की शुरूवात करता है. होली के पांच दिन बाद रंग पंचमी के अवसर पर ग्राम पंतोरा के भवानी मंदिर में गांव के लोग एकत्रित होकर इस लट्ठमार होली की शुरूवात करते है.

पंतोरा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्थित मां भवानी मन्दिर के बैगा द्धारा गांव के नौ कुंवारी कन्याओं को पूजा कर अभिमंत्रित की हुई लाठियां थमाई जाती है. फिर कुंवारी कन्याएं और महिलाएं घूम-घूमकर पुरूषों पर लाठियां बरासाती है. इस मौके पर गांव से गुजरने वाले हर शख्स को लाठियों की मार झेलनी पड़ती है. इस गांव में यह परम्परा वर्षों से चली आ रही है.

गांव के मंदिर से लट्ठमार होली की शुरूआत गांव की महिलाएं एंव युवतियां हांथों में लाठी लेकर करती है और लोगों को पीटने के लिए गांव की गलियों में निकल पड़ती है. महिलाओं और युवतियां के हांथों पिटने वाले लोग परम्परा की वजह से नाराज भी नहीं होते है. इस होली की सबसे खास बात यह है कि इस दिन लाठी से मार खाने के दौरान अगर किसी को चोट लग भी जाती है या खून निकल जाता है तो दर्द नहीं होता और वह रातों रात ठीक भी हो जाता है.

 

होली पर बनाएं खास ‘पनीर पुलाव’, जानें आसान रेसिपी

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पुलाव को किसी भी तरह से बनाकर खाएं ये हमेशा टेस्टी लगता है। पुलाव बच्‍चों से लेकर बड़ों तक सभी उम्र के लोगों को काफी पसंद आता है। पुलाव अलग-अलग जगहों में वहां के खान-पान के हिसाब से अलग-अलग तरीके से पकाई जाती हैं और सभी तरह के पुलाव का स्वाद अलग-अलग होता है। हमारे खानों में आमतौर पर शामिल रहने वाला अनाज है चावल। चावल शरीर में कॉम्प्लेक्स, विटामिन-बी और कार्बोहाइड्रेट की आपूर्ति करता है। पुलाव में सब्जियों को मिलाकर बनाने से यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है और साथ ही यह पेट के लिए हल्का होता है और जल्दी पच जाता हैं, इसलिए अपच होने पर इसको खाने से पेट को आराम मिलता है। पुलाव बनाना भी बहुत आसान है, यह जल्दी से तैयार हो जाने वाली रेसिपी है, इसलिए अगर आपके घर पर अचानक मेहमान आ गये हैं और आपको जल्‍द उनको कुछ टेस्‍टी बनाकर खिलाना है तो पनीर पुलाव बनाना आपके लिये सबसे आसान रहेगा आइए जानते हैं, पनीर पुलाव बनाने का तरीका। इसे जरूर ट्राई करें।

 

  • कितने लोगों के लिए- 2
  • रेसिपी बनाने में लगने वाला समय- 45 मिनट

 

पनीर पुलाव को बनाने के लिए समाग्री:

 

  • बासमती चावल- 1 कप
  • पनीर- 200 ग्राम
  • मटर के दाने- ½ कप
  • अदरक पेस्ट- 1 टेबल स्‍पून
  • जीरा- ½ टेबल स्‍पून
  • बड़ी इलायची- 2
  • दालचीनी- ½ इंच
  • लौंग- 3-4
  • काली मिर्च- 8-10
  • हरा धनिया- 3-4 टेबल स्‍पून
  • घी- 4-5 टेबल स्‍पून
  • नमक- स्वादानुसार
  • नींबू- 1

 

पनीर पुलाव बनाने का तरी‍का:

 

  • सबसे पहले चावल को धोकर आधे घंटे के लिए भिगोकर रख दें। अब एक पतीले में पानी डालें और चावलो को उसमें डालकर उबाल लें और जब चावल उबल जाए तो उसका पानी निकाल लें। पुलाव बनाने के लिए बासमती चावल का ही इस्‍तेमाल करें।
  • अब इलाइची के दानों और दाल चीनी, काली मिर्च, लौंग को दरदरा कूट लें और पनीर को छोटे-छोटे आकार में टुकड़ों में काट लें।
  • गैस में धीमी आंच पर पैन रखें और उस पैन में घी डालें और गर्म करें। जब घी के गर्म हो जाए तो उसमें पनीर के टुकड़े डालकर ब्राउन होने तक फ्राई कर लें। जब पनीर के पीस फ्राई हो जाए तो उसे निकालकर प्‍लेट में रख लें।
  • पैन के बचे हुए घी में जीरा और कुटी हुई काली मिर्च, लौंग, इलाइची और दाल चीनी डालें और हल्का फ्राई कर लें। भूने हुए मसालों में अदरक का पेस्ट डालें और फ्राई करें।

 

  • अब इसमें मटर के दाने डालकर फ्राई कर लें, चावल और सभी चिजों को फ्राई करें और उसके बाद 5 मिनट के लिए ढककर पका लें।
  • मसाले में उबले हुए चावल, फ्राई किए हुए मटर, तले हुए पनीर के टुकडे़, नींबू का रस और नमक डालकर इसे अच्छे से मिक्स करें। मिक्‍स करने के बाद गैस को बंद कर दें।
  • आपका पनीर पुलाव तैयार है, इसे प्लेट में निकाल लें और हरे धनिये को बारीक-बारीक काट लें और पुलाव को इससे गार्निश करें।

 

पनीर पुलाव को गरमा गरम ही खाएं। इसे रायता, दही, सलाद, पापड़ और चटनी या अचार के साथ सर्व कर सकती हैं।

जानें डर्मेटोलॉजिस्ट से : होली के बाद रंग छुड़ाने के लिए कैसे करें स्नान

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होली के रंगों से नहाने के बाद रंग छुड़ाना आसान नहीं होगी। कुछ महिलाएं रंग छुड़ाने के लिए रगड़-रगड़ के नहाती हैं जिस वजह से स्किन पर एलर्जी हो जाती है या फिर दाने उग आते हैं। कई महिलाओं की स्किन से होली का रंग भी नहीं उतरता और उनकी त्वचा पर लाल निशान भी पड़ जाते हैं। दरअसल में होली के बाद रंग छुड़ाने के लिए कैसे नहाना चाहिए ये ज्यादातर महिलाओं का पता ही नहीं होता। होली से पहले आप अगर इस बारे में जान लेंगी तो होली खेलते समय आपको रंगों से डर नहीं लगेगा और होली के बाद त्वचा से रंग छुड़ाते समय आपको परेशानी भी नहीं होगी। होली का त्योहार सेलिब्रेट करने के लिए होता है ना कि ये सोचने के लिए कि रंग लगाने से त्वचा ना खराब हो जाए। डर्मेटोलॉजिस्ट निरुपमा परवंदा के ये स्किन केयर टिप्स आपको होली के बाद स्किन से रंग छुड़ाते समय जरूर काम आएंगे। तो आइए जानते हैं कि डॉक्टर निरुपमा आपको क्या स्किन केयर टिप्स दे रही हैं।

नॉर्मल पानी- होली खेलने के बाद आप जब नहाने जाए तो पहले सिर्फ नॉर्मल पानी को अपनी बॉडी पर डालें और जितना रंग निकल सकता है उसे बॉडी से निकलने दें स्किन पर हल्का सा भी रगड़ने की जरुरत नहीं है। सिर से पांव तक साफ पानी डालने से आपका आधा रंग तो ऐसे ही निकल जाता है।

साबुन ना लगाएं- होली खेलने के बाद साबुन से ना नहाएं। साबुन या फेसवॉश में अल्कालाइन होता है जो आपकी स्किन को ड्राई कर देता है। होली खेलने के बाद आप जब स्किन पर साबुन लगाती हैं तो इससे ना सिर्फ आपकी त्वचा रफ होती है बल्कि पैच भी बन जाते हैं। इसलिए साबुन लगाने से बचें।

गर्म पानी से ना नहाएं- कुछ लोग ये मानते हैं कि गर्म पानी से रंग आसानी से निकल जाता है लेकिन ये गलत है डॉक्टर निरुपमा परवंदा का कहना है कि नॉर्मल पानी से ही नहाना चाहिए इससे रंग आसानी से निकल जाता है।

देसी उबटन

घरेलू नुस्खों से बेस्ट और कुछ नहीं है। होली का रंग छुड़ाने के लिए किसी शैम्पू या बॉडी वॉश की जगह उबटन का इस्तेमाल करना चाहिए। रसोई में रखे सामान से ही आप अपनी स्किन के हिसाब से उबटन तैयार कर सकती हैं।

ऑयली स्किन- अगर आपकी स्किन ऑयली है और आप होली का रंग छुड़ाने के लिए नहाने जा रही हैं तो उससे पहले ये उबटन तैयार कर लें।

कैसे बनाएं उबटन- एक कटोरी लें उसमें आधा बेसन और आधी मुल्तानी मिट्टी डालें और पानी डालकर पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट से अपने चेहरे और पूरी बॉडी की 5 मिनट मसाज करें। जहां पर ज्यादा होली का रंग हो वहां थोड़ी ज्यादा देर हल्के हाथ से मसाज करें फिर नॉर्मल पानी से नहा लें। अगर रंग एक बारी में पूरी तरह साफ ना हो तो कुछ दिनों तक ऐसे ही नहाएं साबुन का इस्तेमाल ना करें।

ड्राई स्किन- रुखी त्वचा वाली महिलाओं को होली खेलने के बाद काफी परेशानी होती है। रंग छुड़ाने के बाद उनकी स्किन पर पैच बन जाते हैं और लाल निशान भी आसानी से आ जाते हैं।

कैसे बनाएं उबटन- एक कटोरी में बेसन डालें फिर इसमें दूध और 2 चुटकी हल्दी डालकर उबटन बना लें। इसे अपने शरीर पर लगाएं और 5 मिनट रब करें फिर इसे कुछ मिनट सूखने दें और 10 मिनट बाद नहा लें। इसे लगाने से पहले आप स्किन पर ऑलिव ऑयल या बादाम तेल भी लगा सकती हैं इससे आपकी स्किन पर शाइन भी आ जाएगी और रंग भी आसानी से निकल जाएगा।

नॉर्मल स्किन- 2 चम्मच मसूर दाल पाउडर में थोड़ा सा चावल का आटा मिलाएं फिर इसमें गुलाब जल डालकर इसका उबटन तैयार कर लें। अब आप इस पेस्ट को होली खेलने के बाद अपनी स्किन पर लगाकर नहाएं। ना सिर्फ होली का रंग निकलेगा बल्कि आपकी स्किन भी मुलायम हो जाएगी।

ध्यान रखें- उबटन लगाते समय इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आप उसे लगाकर जल्दी रंग छुड़ाने के चक्कर में रगड़े नहीं सिर्फ हल्के हाथों से स्किन पर उबटन से मसाज करें। आसानी से रंग निकल जाएगा और स्किन भी खराब नहीं होगी।

नहाने के बाद आप स्किन पर गुलाब जल जरूर लगा लें इससे आपकी स्किन पर होली के रंगों से होने वाली एलर्जी भी खत्म होगी और आपकी स्किन पर आराम भी महसूस होगा। तो इस साल होली के दिन जमकर रंगों से होली खेलें और उसके बाद डॉक्टर निरुपमा परवंदा की इन टिप्स को फोलो करते हुए नहाएं आपकी स्किन की खूबसूरती होली के बाद भी बनी रहेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की आज मणिपुर में रैली

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राहुल गांधी ने मणिपुर के स्कूली बच्चों से की मुलाकात

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मणिपुर के इंफाल में स्कूली बच्चों से मुलाकात की. गांधी आज एक पब्लिक रैली को भी संबोधित करेंगे

राहुल गांधी पहुंचे इंफाल

राहुल गांधी स्कूली बच्चों से मिले

राहुल गांधी की मणिपुर में रैली

अरुणाचल प्रदेश में 2 BJP मंत्री, 6 MLA ने NPP ज्वाइन की

लोकसभा चुनाव से पहले अरुणाचल प्रदेश में BJP के 2 मंत्री और 6 विधायकों ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ज्वाइन कर ली हैं.प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव 11 अप्रैल को एक साथ होंगे.

छत्तीसगढ़ : प्रदेश के चार लोकसभा क्षेत्रों के लिए अब तक किसी ने नहीं भरा नामांकन पत्र

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लोकसभा निर्वाचन के लिए अब तक किसी भी अभ्यर्थी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुब्रत साहू ने बताया कि दूसरे चरण के लिए मंगलवार 19 मार्च 2019 को अधिसूचना जारी होने के साथ ही तीन लोकसभा क्षेत्रों में भी नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई। इस चरण में प्रदेश के तीन कांकेर, महासमुंद तथा राजनांदगाँव लोकसभा क्षेत्रों के लिए पहले दिन कोई भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया। वहीं पहले चरण मैं होने वाले बस्तर लोकसभा क्षेत्र के लिए नामांकन के दूसरे दिन भी नामांकन पत्र नहीं भरे गए।

छत्तीसगढ़ में लोकसभा के लिए तीन चरणों में मतदान होगा। पहले और दूसरे चरण के लिए प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र शासकीय अवकाश को छोड़कर कार्यालयीन दिवसों में प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 3ः00 बजे तक दाखिल कर सकते हैं। पहले चरण के लिए 25 मार्च तक नामांकन पत्र जमा किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जाँच 26 मार्च को होगी, जबकि 28 मार्च तक अभ्यर्थी अपना नाम वापस ले सकते हैं। वहीं दूसरे चरण के लिए नामांकन 26 मार्च तक जमा किये जा सकेंगे, नामांकन पत्रों की जाँच 27 मार्च को होगी वहीं 29 मार्च तक नाम वापस लिये जा सकेंगे।

श्री साहू ने बताया कि प्रदेश में शांतिपूर्ण मतदान के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। तीनों चरणों को मिलाकर 11 लोकसभा क्षेत्रों के लिए कुल एक करोड़ 91 लाख 6 हजार 285 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 94 लाख 77 हजार 113 पुरूष, 94 लाख 38 हजार 463 महिलाएँ तथा 709 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। इसमें पहले चरण में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के कुल 13 लाख 72 हजार 127 मतदाता हिस्सा लेंगे, दूसरे चरण में 3 लोकसभा क्षेत्रों के  48 लाख  95 हजार 719 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। वहीं तीसरे चरण में 1 करोड़ 26 लाख 48 हजार 439 मतदाता शामिल होंगे। इन मतदाताओं के सुगम मतदान के लिए कुल 23 हजार 727 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। इसमें पहले चरण में एक हजार 878, दूसरे चरण में छह हजार 484 तथा तीसरे चरण में 15 हजार 365 मतदान केन्द्र शामिल हैं।

लोकसभा निर्वाचन के तहत प्रदेश में तीसरे चरण के लिए 28 मार्च को अधिसूचना जारी की जाएगी। इस चरण में छत्तीसगढ़ के शेष बचे सभी सात सीटों के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा। प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जाँजगीर, दुर्ग तथा सरगुजा लोकसभा क्षेत्रों के लिए तीसरे चरण में मतदान होगा।

मध्यप्रदेश में पांच हत्याओं के दोषी को फांसी

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 मध्यप्रदेश के भिंड की एक अदालत ने शहर में विधवा महिला, तीन बच्चियों और एक बच्चे की गला काटकर हत्या के अभियुक्त को दोषी ठहराए जाने पर फांसी की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश एम एल राठौर ने कल अपने फैसले में अभियुक्त अंकुर दीक्षित को पांच हत्याओं के मामले में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा से दंडित किया। न्यायाधीश ने आदेश सुनाते हुए कहा, जो व्यक्ति केवल महिला से संबंध होने से चार छोटे-छोटे बच्चों और महिला की निर्ममतापूर्वक हत्या कर सकता है, वह व्यक्ति भविष्य में अपनी इच्छा पूर्ति नहीं होने पर किसी भी व्यक्ति को मार सकता है। उसके सुधारने की संभावना नहीं है। अदालत ने माना कि इस अपराध की पृष्ठभूमि में आजीवन कारावास का दंडादेश अपर्याप्त प्रतीत होता है और उससे न्याय की मंशा पूर्ण नहीं होती। पांच सनसनी खेज यह कृत्य विरलतम की श्रेणी में आता है। आरोपी मृतकों के घर अंग्रेजी की ट्यूशन पढाने जाता था।

अभियोजन के अनुसार सनसनीखेज वारदात शहर के वीरेंद्र नगर में 13-14 मई 2016 की दरमियानी रात की है। भिण्ड शहर के वीरेंद्र नगर में रीना शुक्ला (40), बेटी छवि (12), गढा गांव निवासी जेठ वेदप्रकाश शुक्ला की बेटी महिमा (17) के साथ रहती थी। पास में मायका था। मायके से भाई बृजमोहन शर्मा की बेटी अंबिका (15) सोने आती थी। गजना गांव निवासी ममेरे ससुर रामकुमार शर्मा का बेटा अवनीश शर्मा (15) पढने के लिए रीना के घर रह रहा था। चौदह मई 2016 की सुबह रीना के घर हलचल नहीं दिखी तो उनकी मां सियाबेटी ने नाती बेटू (10) को रिश्तेदार के घर से रीना की छत पर भेजा था। बेटू ने खिडकी में सरिया डालकर सीढियों का गेट खोला और घर में गया। एक कमरे में रीना, छवि, महिमा और अंबिका के शव पडे थे। किचन में गोलू का शव था। बेटू ने बाबा श्रीराम शर्मा को लाशों के बारे में बताया था। रीना के मोबाइल कॉल डिटेल से पुलिस आरोपी अंकुर दीक्षित तक पहुंची थी।

छत्तीसगढ़ में ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की नियुक्ति, देखें सूची

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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के अनुमोदन से छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने प्रदेश के विभिन्न जिला कांग्रेस कमेटी के अंतर्गत नवगठित नगर, ब्लाक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों की नियुक्ति की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए राजधानी रायपुर समेत नवापारा, सोनाखान, सरसीवा, रामपुर (ठाठापुर), कुण्डा, बीजापुर नगर को संगठनात्मक कसावट लाने के उद्देश्य से विस्तारित करते हुए एआईसीसी ने अनुमोदित किया है।

ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की नियुक्ति, देखें सूची

छत्तीसगढ़ भाजपा में पुराने सांसदों को मौका नहीं, सभी 11 प्रत्याशी होंगे नए!

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आसन्न लोकसभा चुनाव के लिए सारे राजनीतिक दलों में सरगर्मियां बढ़ गई हैं। छत्तीसगढ़ में जहां बसपा-जोगी गठबंधन ने अपने छह प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है वहीं कांग्रेस ने भी शुरू के दो चरणों के चुनाव के लिए अपने प्रत्याशी तय कर दिए हैं। भाजपा अपने प्रत्याशी चयन में अभी पीछे चल रही है। इधर खबर है कि इस बार छत्तीसगढ़ के चुनावी मैदान में भाजपा 11 नए प्रत्याशी उतार रही है। भाजपा प्रदेश प्रभारी अनिल जैन ने बताया है कि सारे प्रत्याशी नए होंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि प्रदेश के सभी सांसदों को भाजपा ने टिकट नहीं देने का फैसला लिया है।

पीएम मोदी आज 25 लाख चौकीदारों को करेंगे ऑडियो ब्रिज के जरिए संबोधित

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मैं भी चौकीदार अभियान को और आक्रामक बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को देशभर के 25 लाख चौकीदारों को संबोधित करेंगे। यह संबोधन आॅडियो ब्रिज के माध्यम से होगा। भाजपा मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने बताया कि प्रधानमंत्री चौकीदारों के साथ होली के रंग बांटेंगे। साथ ही 31 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 500 जगह लोगों के साथ चौकीदार पर चर्चा करेंगे। भाजपा नेताओं के अलावा प्रोफेशनल्स और किसान भी चर्चा में शामिल होंगे। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को कहा कि यह अभियान जन आंदोलन बन चुका है।

मैं भी चौकीदार हैशटैग 20 लाख बार ट्वीट किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि मोदी ने पिछले शनिवार को ट्विटर पर लोगों से मैं भी चौकीदार की शपथ लेने का आग्रह किया था। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित पार्टी के नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने भी ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार शब्द जोड़ दिया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रविशंकर ने कहा कि जमानत पर छूटे लोगों को ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान से परेशानी है। जिनका परिवार और संपत्ति कठिनाई में है, उन्हें परेशानी है।

वेदांता प्लांट में हिंसक झड़प, पुलिसकर्मी को जिंदा जलाया

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कालाहांडी। ओडिसा के कालाहांडी जिले के लांजीगढ़ में वेदांता संयंत्र में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। ओडिसा औद्योगिक सुरक्षा बल (ओआईएसएफ) और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई इस झड़प में दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं बहुत से लोग घायल बताए जा रहे हैं। संघर्ष में भीड़ ने एक सुरक्षाकर्मी को जिंदा जला दिया जबकि एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। मृतकों की पहचान दानी बत्रा (प्रदर्शनकारी) और सुजीत कुमार मिंज (ओआईएसएफ के जवान) के तौर पर हुई है। ओआईएसएफ पुलिस कमांड के तहत आने वाला एक राज्य सुरक्षा बल है। लगभग 70 स्थानीय लोगों के समूह ने लांजीगढ़ स्थित कंपनी के संयंत्र के मुख्य द्वार के बाहर धरना दिया था। कालाहांडी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बी गंगाधर ने बताया कि रेंगोपाली और आसपास के गांवों के निवासी लंजीगढ़ में रिफाइनरी के पास नौकरी एवं अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि वे कंपनी द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला कराने और रिफाइनरी में स्थानीय युवकों को नौकरी देने की भी मांग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने रिफाइनरी परिसर में घुसने की कोशिश की लेकिन वहां तैनात ओआईएसएफ के कर्मियों ने उन्हें रोक लिया जिसके विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने लाठियों से भीड़ को खदेड़ा और करीब 20 लोग जख्मी हो गए। बाद में एक घायल की अस्पताल में मौत हो गई। एसपी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने एल्युमिनियम संयंत्र के समुदाय सेवा केंद्र में तोड़फोड़ की और एक कमरे में ओआईएसएफ स्टाफ सुजीत कुमार मिंज को कमरे में बंद करके उसमें आग लगा दी। गंगाधर ने बताया कि मिंज की जलने से मौत हो गई। वहीं गांव के एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘हम शांतिपूर्ण धरना कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने हमें जबरन मौके से हटाने की कोशिश की। जब हमने इसका विरोध किया तो उन्होंने हमपर लाठीचार्ज किया। जिसकी वजह से दानी बत्रा की मौत हो गई और बहुत से लोग घायल हो गए।’ महेश्वर पाटी नामक दूसरे गांववाले ने आरोप लगाया कि हिंसा तब भड़की जब कुछ पुलिसवालों ने प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्वव्यहार किया। इससे पहले तमिलनाडु के तूतीकोरिन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में पुलिस ने गोलियां चलाई थीं। जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारी वहां एक और वेदांता संयंत्र के संचालन का विरोध कर रहे थे।