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‘’देशभर में दौड़ने लगी 164 वंदेभारत एक्सप्रेस.. PM मोदी ने दिखाई चार नई ट्रेनों को हरी झंडी.. “

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प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में चार नई दे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। इसके साथ ही भारतीय रेलवे अब देश भर में कुल 164 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन कर रही है।

भारतीय रेलवे बोर्ड के सूचना और प्रचार के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने इसकी जानकारी दी है।

उद्घाटन के बाद पीएम मोदी स्कूली बच्चों के साथ खुद भी बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस की सवारी की। इस दौरान स्कूली बच्चों के साथ पीएम बातचीत करते नजर आएं।

164 हुई वंदेभारत एक्सप्रेस की कुल संख्या

निदेशक दिलीप कुमार ने बताया, “हमारे पास पहले से ही देश भर में 156 वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं हैं और 8 नई सेवाओं के जुड़ने से अब कुल 164 हो जाएंगी। आज प्रधानमंत्री ने बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इसके अलावा, हम लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस और एक एर्नाकुलम-कोयंबटूर-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू कर रहे हैं।”

जानें सभी नई ट्रेनों के बारें में Vande Bharat Express Full List:

रेलवे ने बताया कि, यह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु मार्गों पर चलेंगी। प्रमुख गंतव्यों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी लाकर, ये ट्रेनें क्षेत्रीय गतिशीलता को बढ़ावा देंगी, पर्यटन को बढ़ावा देंगी और देश भर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी।

बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस

बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस इस मार्ग पर सीधी कनेक्टिविटी स्थापित करेगी और वर्तमान में चल रही विशेष ट्रेनों की तुलना में लगभग 2 घंटे 40 मिनट की बचत करेगी। बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों, जैसे वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो को जोड़ेगी। यह संपर्क न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि तीर्थयात्रियों और यात्रियों को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक एक तेज़, आधुनिक और आरामदायक यात्रा भी प्रदान करेगा।

लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस

लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 7 घंटे 45 मिनट में यात्रा पूरी करेगी, जिससे यात्रा समय में लगभग 1 घंटे की बचत होगी। लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस से लखनऊ, सीतापुर, शाहजहाँपुर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुर के यात्रियों को बहुत लाभ होगा, साथ ही रुड़की होते हुए हरिद्वार तक पहुँच में भी सुधार होगा। मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुगम और तेज़ अंतर-शहर यात्रा सुनिश्चित करके, यह सेवा कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस

फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत इस रूट पर सबसे तेज़ चलने वाली ट्रेन होगी, जो अपनी यात्रा मात्र 6 घंटे 40 मिनट में पूरी करेगी। फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस राष्ट्रीय राजधानी और पंजाब के प्रमुख शहरों, जैसे फिरोजपुर, बठिंडा और पटियाला, के बीच संपर्क को मज़बूत करेगी। इस ट्रेन से व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के अवसरों को बढ़ावा मिलने, सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने और राष्ट्रीय बाज़ारों के साथ बेहतर एकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस

दक्षिण भारत में, एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रा समय को 2 घंटे से ज़्यादा कम कर देगी, जिससे यह यात्रा 8 घंटे 40 मिनट में पूरी हो जाएगी। एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस प्रमुख आईटी और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ेगी, जिससे पेशेवरों, छात्रों और पर्यटकों को तेज़ और अधिक आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। यह मार्ग केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे क्षेत्रीय विकास और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

“छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सहप्रभारी जरिता लैतफलांग पर जिलाध्यक्ष पद के लिए पैसे मांगने का आरोप.. पार्टी के इस पूर्व नेता के बयान से सियासत तेज”

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रायपुर: पार्टी में रहते हुए अपने ही नेताओं के खिलाफ देने वाले पूर्व विधायक और मौजूदा समय में कांग्रेस से निष्कासित बृहस्पत सिंह ने एक नया बयान देकर प्रदेश की सियासत में खलबली मचा दी है।

बृहस्पत सिंह ने इस बार अपनी पूर्व पार्टी की नेता और छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सह प्रभारी जरिता लैतफलांग पर गंभीर आरोप लगाए है।

क्या है बृहस्पत सिंह के आरोप? कांग्रेस के पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने जरिता लैतफलांग पर जिलाध्यक्ष पद के नाम पर पैसे मांगने के आरोप लगाए है। उनका दावा है कि, कांग्रेस जिलाध्यक्ष उम्मीदवारों को फोन इसके लिए फोन आ रहे है। सरगुजा संभाग में नए जिला अध्यक्षों के नियुक्ति के लिए पैसो की मांग की जा रही है।

क्या है कांग्रेस की प्रतिक्रिया? हालांकि इस बयानबाजी के बाद कांग्रेस ने भी मोर्चा संभाल लिया। इस बारें में पीसीसी के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि, बृहस्पत सिंह का बयान राजनीति से प्रेरित है। पार्टी ने उनको बाहर निकाल दिया है लेकिन वह फिर से पार्टी में आना चाहते है। उनके आवेदन पर विचार नहीं किया गया, इसलिए वे ऐसा बयान दे रहे है।

कांग्रेस में लेन-देन का चलन है : विजय शर्मा

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ़ किया कि, कांग्रेस में जिला अध्यक्ष की नियुक्ति पारदर्शी तरीके से हो रही है। यह किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं है, ऐसे में आरोप निराधार हैं। वही कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री शिव कुमार डहरिया ने भी बृहस्पत सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि, आदरणीय बृहस्पति सिंह हमारी पार्टी में नहीं है, ऐसे में वह कपोल कल्पित बातें ना करें। वही बृहस्पत सिंह के आरोपों पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि, कांग्रेस में लेन-देन का चलन है। विपक्ष का यह हाल होना ठीक नहीं है।

“टूट गया महागठबंधन? एक दूसरे के खिलाफ प्रचार के लिए उतरे राहुल-तेजस्वी, हाई हुआ बिहार का सियासी पारा”

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बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण की वोटिंग से पहले महागठबंधन की महा’दरार खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव शनिवार को एक-दूसरे के खिलाफ प्रचार करते हुए दिखाई दिए।

साथ ही तेजस्वी की सभा में कुछ ऐसा दिखा जिसने इसकी पुष्टि भी कर दी।

दरअसल, दूसरे चरण में भागलपुर जिले की दो ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां आरजेडी और कांग्रेस दोनों ने ही उम्मीदवार उतारे हैं। कहने के लिए तो सियासी भाषा में इसे ‘फ्रेंडली फाइट’ की संज्ञा दी जाती है, लेकिन शनिवार को जब राहुल-तेजस्वी प्रचार के लिए पहुंचे तो फ्रेंडली माहौल नहीं दिखाई दिया।

खिलाफत पर उतरे राहुल-तेजस्वी

भागलपुर की कहलगांव सीट की बात करें तो यहां सियासी मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। तेजस्वी यादव ने यहां रजनीश यादव को मैदान में उतार दिया है तो कांग्रेस ने अपने युवा चेहरे प्रवीण सिंह कुशवाहा पर दांव लगाया है। इसके अलावा सुलतानगंज सीट पर भी राहुल गांधी ललन यादव के लिए वोट मांग हुए नजर आए, जबकि तेजस्वी चंदन सिन्हा को जिताने की अपील करते हुए देखे गए।

अब महागठबंधन की दो बड़ी पार्टियों के आमने-सामने आने से स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी असमंजस की स्थिति बन गई है। कार्यकर्ताओं में दुविधा है कि किसके झंडे के नीचे प्रचार किया जाए। क्योंकि दोनों दलों के नेता अब एक ही मैदान में अलग-अलग मंच पर जा रहे हैं।

भागलपुर में हाथ से छूटी लालटेन

शनिवार को भागलपुर चुनाव प्रचार करने पहुंचे राहुल गांधी ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण कुशवाहा, लल्लन यादव को मंच पर बुलाकर कहा कि ‘ये हमारे कैंडिडेट्स हैं इनका पूरा समर्थन कीजिए।’ वहीं दूसरी तरफ आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी कहा कि भाई रजनीश जी को हम लोगों ने टिकट दिया है। आप सब लोगों से हम कहना चाहते हैं कि एकजुट होकर इस बार लालटेन का बटन दबाकर इन्हें भारी बहुमत से जिताएं।

RJD की रैली से कांग्रेस गायब!

इन दोनों सीटों पर दूसरे चरण में मतदान होना है, इसलिए प्रचार ज़ोर-शोर से चल रहा है। सुल्तानगंज और कहलगांव में तेजस्वी यादव ने राजद उम्मीदवार के समर्थन में वोट मांगे, जबकि राहुल गांधी अपने उम्मीदवार के लिए प्रचार करते नज़र आए। ख़ास बात यह है कि कहलगाँव और सुल्तानगंज में तेजस्वी यादव की रैलियों में राजद और भाकपा के झंडे तो दिखाई दिए, लेकिन कांग्रेस का झंडा नदारद रहा।

सामने आई महागठबंधन की दरार

इन सबके बाद, महागठबंधन में दरार की बात खुलकर सामने आती दिख रही है। गौरतलब है कि सीट बंटवारे के बाद, कांग्रेस और राजद ‘दोस्ताना मुकाबले’ का दावा कर रहे थे। अब, यह आश्चर्यजनक है कि तेजस्वी यादव और राहुल गांधी जैसे प्रमुख गठबंधन नेता अब अपने-अपने उम्मीदवारों के लिए वोट मांग रहे हैं।

बिहार में अब होगी NDA की असली अग्निपरीक्षा! महागठबंधन को भी चुनौती, माया-ओवैसी बिगाड़ेंगे किसका गेम?

इन सीटों ने महागठबंधन के घटक दलों के कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। राजद और कांग्रेस के मतदाताओं में भी ऐसा ही भ्रम पैदा हो गया है। भागलपुर में भी महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं दिख रहा है।

चुनाव से पहले दिखाई एकजुटता

इससे पहले राहुल गांधी ने जब बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकाली थी तब तेजस्वी यादव, दीपांकर भट्टाचार्य, मुकेश सहनी महागठबंधन के तमाम नेताओं ने एकजुटता दिखाई थी। सभी लगभग एक महीने तक साथ घूमते रहे और संदेश देते रहे कि महागठबंधन मजबूती से मैदान में है। लेकिन सीट बंटवारे के साथ ही गठजोड़ तार-तार हो गया।

कांग्रेस ने क्यों नहीं छोड़ी सीट?

बता दें कि भागलपुर जिले की कहलगांव सीट लगभग दो दशक से कांग्रेस की पुश्तैनी सीट रही है। दिवंगत राजनेता सदानंद सिंह कहलगांव से कई बार चुनाव जीतते रहे। इस लिहाज से कांग्रेस किसी भी कीमत पर कहलगांव सीट चाह रही थी। न मिलने पर उसने प्रवीण कुशवाहा को टिकट दे दिया। इसके बाद तेजस्वी यादव ने यहां से आरजेडी का प्रत्याशी मैदान में उतार दिया। जिससे कहलगांव में त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है।

“तुर्की का बड़ा एक्शन! इजरायली PM नेतन्याहू पर ‘जनसंहार’ का वारंट जारी, पूरी दुनिया में हलचल”

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गाजा में हुए लंबे युद्ध और हालिया संघर्षविराम के बीच अब तुर्की ने इजरायल के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को तुर्की के इस्तांबुल अभियोजक कार्यालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि उसने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जनसंहार (Genocide) और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।

बयान के मुताबिक, कुल 37 इजरायली अधिकारियों को इस सूची में शामिल किया गया है। इनमें रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज, राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर और सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जामिर जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि अभियोजक कार्यालय ने कहा है कि पूरी सूची को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है।

मानवता के खिलाफ अपराध

तुर्की ने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने गाजा पट्टी में व्यवस्थित रूप से जनसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध किए हैं। तुर्की के बयान में विशेष रूप से तुर्की-फिलिस्तीन मित्रता अस्पताल का उल्लेख किया गया, जिसे मार्च में इजरायली हमले में नष्ट कर दिया गया था।

यह कदम उस समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में 10 अक्टूबर से गाजा में संघर्षविराम लागू है। लेकिन तुर्की की कार्रवाई ने इस नाजुक शांति प्रक्रिया पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

हमास ने तुर्की की प्रशंसा की

इजरायल ने तुर्की के कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि इजरायल तानाशाह एर्दोआन के इस नए पब्लिसिटी स्टंट को सख्ती से खारिज करता है। उन्होंने तुर्की की न्यायपालिका पर निशाना साधते हुए कहा कि यह अब केवल राजनीतिक विरोधियों को चुप कराने का उपकरण बन चुकी है।

गिदोन सार ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन पर आरोप लगाया कि वे न्यायपालिका का दुरुपयोग कर रहे हैं जैसे उन्होंने हाल में इस्तांबुल के मेयर एकरेम इमामोग्लू को हिरासत में लिया था। इस घटनाक्रम पर हमास ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए तुर्की की सराहना की। हमास ने कहा कि “ये गिरफ्तारी वारंट तुर्की की जनता और नेतृत्व की महान मानवीय भावना का प्रमाण हैं।

मध्य-पूर्व की राजनीति में नया भूचाल

गौरतलब है कि इसी सप्ताह कई मुस्लिम-बहुल देश इस्तांबुल में  गाजा  के लिए अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) पर चर्चा के लिए एकत्र हुए थे। माना जा रहा है कि यह बल ट्रंप की प्रस्तावित 20-पॉइंट गाजा शांति योजना”में प्रमुख भूमिका निभा सकता है।

हालांकि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने साफ कहा कि गाजा में किसी भी विदेशी सैनिक की तैनाती इजरायल की सहमति के बिना संभव नहीं है। तुर्की की इस कार्रवाई ने मध्य-पूर्व की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है और आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

Shitkalin Chutti 2025: शीतकालीन छुट्टी के लिए ​शिक्षा विभाग ने जारी किया नोटिफिकेशन, जानिए कब से कब तक बंद रहेंगे स्कूल…

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छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अवकाश की घोषणा कर दी है। जारी आदेश के अनुसार शासकीय, अनुदान प्राप्त एवं गैर अनुदान प्राप्त शालाओं के साथ-साथ डी.एड., बी.एड. एवं एम.एड. महाविद्यालयों में विभिन्न त्यौहारों एवं मौसम के अनुसार अवकाश निर्धारित किए गए हैं।

जारी नोटिफिकेशन के अनुसार शीतकालीन अवकाश 22 दिसम्बर से 27 दिसम्बर 2025 तक रहेगा और इसमें भी विद्यार्थियों को 06 दिन का अवकाश मिलेगा। ग्रीष्मकालीन अवकाश 01 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा।

बता दें कि स्कूलों और शैक्षणिक संस्थाओं की छुट्टी को लेकर शिक्षा विभाग ने पहले ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। सितंबर महीने में ही ये नोटिफिकेशन सभी जिले के जिला शिक्षा अधिकारियों को भेज दिया गया था, ताकि किसी प्रकार की सं​देह की स्थिति न बने।

छत्तीसगढ़ से फोर्टिफाइड चावल की पहली खेप पहुंची पापुआ न्यू गिनी, प्रदेश की वैश्विक पहचान को मिला नया आयाम…

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नई दिल्ली: भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने छत्तीसगढ़ से पापुआ न्यू गिनी (पीएनजी) को 20 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड चावल के निर्यात की सुविधा दी।

यह खेप भारत के कृषि निर्यात पोर्टफोलियो को बढ़ाने और वैश्विक बाजारों में उच्च गुणवत्ता वाले, फोर्टिफाइड और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में देश की प्रतिष्ठा को मजबूत करने के भारत के निरंतर प्रयासों में मील का एक और महत्वपूर्ण पत्थर है।

छत्तीसगढ़ राज्य ने चावल और फोर्टिफाइड चावल के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार कठोर प्रयास किए हैं, जिससे राज्य के किसानों, मिल मालिकों और निर्यातकों को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में बेहतर दृश्यता और पहचान हासिल करने में मदद मिली है। पापुआ न्यू गिनी को फोर्टिफाइड चावल की सफल शिपमेंट वैश्विक पोषण-केंद्रित खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में छत्तीसगढ़ के बढ़ते योगदान को रेखांकित करती है और भारत की कृषि-निर्यात महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में राज्य की उभरती भूमिका को दर्शाती है।

इस मौके पर, एपीडा अध्यक्ष अभिषेक देव ने निर्यातक मेसर्स स्पॉन्ज एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर और इस उपलब्धि को हासिल करने में शामिल सभी हितधारकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से फोर्टिफाइड चावल का सफल निर्यात अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को प्रीमियम क्वालिटी, विज्ञान-आधारित और पोषण वाले खाद्य समाधान प्रदान करने में भारत की बढ़ती क्षमता का उदाहरण है। देव ने वैश्विक कृषि-व्यापार इकोसिस्टम में भारत की स्थिति को और मजबूत करने के उद्देश्य से गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली, क्षमता बढ़ाने, मूल्य-श्रृंखला विकास और रणनीतिक बाजार संबंधों के माध्यम से निर्यातकों की सुविधा के लिए एपीडा की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की। द राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ (टीआरईए-सीजी) अध्यक्ष मुकेश जैन ने एपीडा के लगातार समर्थन और सुविधा के लिए आभार जताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ से कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देने और आगे बढ़ाने में एपीडा की भूमिका की भी सराहना की।

फोर्टिफाइड चावल चावल के आटे को आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों के साथ मिलाकर बनाया जाता है। फोर्टिफाइड मिश्रण को प्राकृतिक चावल के दानों जैसा आकार दिया जाता है, और फिर उसे एक निश्चित अनुपात में नियमित चावल के साथ मिलाकर उसकी पौष्टिकता बढ़ाई जाती है। भारत से फोर्टिफाइड चावल का निर्यात खाद्य फोर्टिफिकेशन में देश की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है और वैश्विक खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में योगदान देने की उसकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

छत्तीसगढ़ से पापुआ न्यू गिनी तक इस खेप का सफल निर्यात भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र के लिए एक और विशिष्ट उपलब्धि है। यह एपीडा, छत्तीसगढ़ सरकार और निजी क्षेत्र के बीच तालमेलपूर्ण सहयोग को दर्शाता है, जिससे भारत दुनिया के लिए सुरक्षित, पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों का एक भरोसेमंद और जिम्मेदार आपूर्तिकर्ता बन गया है।

रियासतकालीन तालाब बना मौत का सागर! पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र थी ये म​छलियां, अब बनी लोगों की परेशानी की वजह…

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राजनांदगांव के ऐतिहासिक बूढ़ा सागर तालाब में सैकड़ों मछलियाँ मर रही हैं। दूषित पानी और ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियाँ सतह पर आ रही हैं और बदबू फैल रही है। स्थानीय लोग परेशान हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी राजनांदगांव में रियासतकाल से निर्मित बूढ़ा सागर तालाब से जुड़ा एक गंभीर मामला उजागर हुआ है। ऐतिहासिक तालाब में सैकड़ों मछलियाँ, जो कभी यहाँ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र थीं, अब मरती जा रही हैं। मरी हुई सभी मछलियाँ पानी की सतह पर आने लगी हैं, और यह सिलसिला लगातार जारी है। मछलियों की बदबू से आसपास के सभी लोग परेशान हैं, बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

दरअसल, प्राचीन काल में निर्मित ऐतिहासिक बूढ़ा सागर तालाब अब दूषित हो चुका है। तालाब के चारों ओर गंदगी का आलम है, जिसकी वजह से पानी प्रदूषित हो रहा है। जल में घुली ऑक्सीजन की कमी हो गई है, जिसके चलते बूढ़ा सागर की लाखों मछलियाँ पानी की ऊपरी सतह पर आ गई हैं। ऊपरी सतह पर मछलियाँ अपने जीवन से संघर्ष कर रही हैं और अंततः मर रही हैं। यह सिलसिला यहाँ लगातार जारी है।

मछलियों के मरने की वजह से यहाँ पर तेज बदबू फैल गई है। सड़क पर चलने वाले और आसपास रहने वाले लोगों को इस कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तालाब के पास शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय, माँ शीतला का प्राचीन मंदिर, अस्पताल और स्कूल स्थित हैं। मरी हुई मछलियों की बदबू से इन इलाकों में परेशानी बढ़ती जा रही है। यदि लंबे समय तक इन मछलियों को साफ नहीं किया गया, तो यहां विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ भी फैल सकती हैं।

शहर के समाजसेवी राकेश ठाकुर का कहना है कि ऐतिहासिक बूढ़ा सागर की साफ-सफाई को लेकर प्रशासन की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस वजह से पानी प्रदूषित हो गया है और मछलियाँ मर रही हैं। कुछ समय पूर्व इस तालाब को संवारने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन उसका सौंदर्यीकरण पूरा नहीं हो पाया। वहीं दूसरी ओर, बूढ़ा सागर की गंदगी को भी दूर नहीं किया जा सका, जिसके चलते यहाँ मछलियाँ मर रही हैं।

छत्तीसगढ़ में फिर ठेके पर दी जाएंगी शराब दुकानें ! दीपक बैज ने कहा BJP ने ही​ किया था सरकारीकरण…

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दीपक बैज ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि निजी ठेकेदारों से लेनदेन करके शराब नीति बदली जा रही है। विपक्ष में रह कर पूर्ण शराबबंदी की मांग करने वाले नीति बदली करके पूर्ण शराबबंदी क्यों नहीं लागू करते?

रायपुर: छत्तीसगढ़ में फिर से शराब का ठेका दिए जाने की चर्चा को लेकर सियासत गरमा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि चर्चा है कि सरकार आबकारी नीति बदल कर शराब दुकानें निजी ठेकेदारों को सौंपने जा रही है। भाजपा की ही सरकार ने शराब का सरकारीकरण किया था, भाजपा ही फिर निजीकरण करने जा रही। इस बदलाव के पीछे का कारण क्या है? सरकार और भाजपा स्पष्ट करे?

निजी ठेकेदारों से लेनदेन करके बदली जा रही शराब नीति : दीपक बैज

दीपक बैज ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि निजी ठेकेदारों से लेनदेन करके शराब नीति बदली जा रही है। विपक्ष में रह कर पूर्ण शराबबंदी की मांग करने वाले नीति बदली करके पूर्ण शराबबंदी क्यों नहीं लागू करते?

हालांकि इस मामले में प्रदेश के आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने इससे इंकार किया है। उन्होंने कहा है कि फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। विपक्ष बेवजह इसको लेकर हल्ला कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर वर्षभर चलने वाले समारोह का किया शुभारंभ…

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर में एक साथ “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन हुआ, जिससे राष्ट्रभक्ति और एकता का उत्साहपूर्ण वातावरण बना।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर “वंदे मातरम्” पर आधारित विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया।

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देश के सभी जिलों, शासकीय कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में किया गया। इसी क्रम में जशपुर जिले में कलेक्टरेट और जिला पंचायत कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने एक स्वर में “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन किया।

कलेक्टरेट में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला पंचायत कार्यालय के कार्यक्रम में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू और अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह एक मंत्र, एक ऊर्जा और एक दृढ़ संकल्प है। आज़ादी के आंदोलन से लेकर आज तक यह गीत भारतीयता की पहचान रहा है। उन्होंने माँ भारती के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि जब भी तिरंगा फहरता है, हर भारतीय के हृदय से “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” का स्वर गूंजता है।

विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि “वंदे मातरम्” ने आज़ादी के आंदोलन के समय लाखों देशभक्तों के भीतर जोश और बलिदान की भावना जगाई थी। उन्होंने कहा कि आज यह हमारा कर्तव्य है कि आने वाली पीढ़ियों को इस राष्ट्रगीत के महत्व और इसके ऐतिहासिक योगदान से परिचित कराया जाए, ताकि उनमें भी वही राष्ट्रभक्ति और समर्पण की भावना जागृत हो सके।

वर्षभर चलेगावंदे मातरम् महाअभियान” — चार चरणों में होगा आयोजन
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में यह ऐतिहासिक पर्व पूरे वर्ष भर चार चरणों में मनाया जाएगा–

पहला चरण 7 से 14 नवम्बर 2025, दूसरा चरण 19 से 26 जनवरी 2026, तीसरा चरण 7 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ) और चौथा चरण 1 से 7 नवम्बर 2026 तक चलेगा।

इस अवधि में प्रदेश के सभी जिलों, जनपदों, ग्राम पंचायतों और शिक्षण संस्थानों में “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, निबंध-वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण तथा देशभक्ति पर आधारित प्रस्तुतियाँ आयोजित होंगी।

राज्यभर में “वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ” भी स्थापित किए जाएंगे, जहाँ नागरिक अपनी आवाज़ में यह गीत रिकॉर्ड कर पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। यह अभिनव पहल लोगों को अपने तरीके से राष्ट्रप्रेम व्यक्त करने का अवसर देगी और राष्ट्रीय एकता के इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगी।

कृषि महाविद्यालय, रायपुर में किया गया “वंदे मातरम” के 150वें वर्ष समारोह का सीधा प्रसारण…

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रायपुर: मां भारती को समर्पित राष्ट्रगीत “वन्देमातरम” की 150वीं वर्षगाठ के शुभ अवसर पर आज कृषि महाविद्यालय रायपुर में राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रातः 10:00 बजे से 11:00 बजे तक किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत माननीय प्रधानमंत्री जी के संबोधन के सीधे प्रसारण के साथ हुआ। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सेमिनार हॉल में आयोजित इस प्रसारण कार्यक्रम में डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पी.एच.डी. के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत से हुआ, जिसके पश्चात माननीय प्रधानमंत्री जी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया गया।

इस अवसर पर संचालक, अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री जी के विचारों को आत्मसात करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को दोहराया। महाविद्यालय परिसर में देशभक्ति एवं सांस्कृतिक एकता का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के सीधे प्रसारण के उपरांत महाविद्यालय के अधिष्ठाता, प्राध्यापक, वैज्ञानिक एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साह पूर्वक “वंदे मातरम” का गायन किया। अंत में डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने सभी को इस ऐतिहासिक अवसर पर बधाई देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया।