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CG: उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड की जोरदार वापसी, बढ़ी ठिठुरन, सरगुजा में पारा 6.3 डिग्री…

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राजधानी में 8 फरवरी को धुंध छाने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 15 डिग्री के आसपास रहेगा। वहीं अधिकतम तापमान 31 डिग्री रहेगा। प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा इसलिए रात में ठंड पड़ेगी…

प्रदेश में पिछले 24 घंटे में हल्की ठंड की वापसी हुई है। न्यूनतम तापमान 3 डिग्री तक गिर गया है। उत्तर छत्तीसगढ़ में तो कड़ाके की ठंड लौट आई है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री पर आ गया। वहीं राजधानी में रात का तापमान 18 से गिरकर 15.9 डिग्री पर आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में विशेष बदलाव नहीं आएगा।

इसके बाद पारा 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। अगले एक हफ्ते तक अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। ठंड चला चली की बेला में है। फरवरी में राजधानी का अधिकतम तापमान औसतन 31.1 व न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री रहने का ट्रेंड रहा है। औसत बारिश 16.3 मिमी है। ये 30 साल का औसत है। सरगुजा संभाग में हल्की ठंड पड़ती है, लेकिन शीतलहर जैसी स्थिति नहीं होती। वहां अधिकतम तापमान 26.8 व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री रहता है।

इस माह हल्की बारिश व गर्जना होती है। कहीं-कहीं ओले गिरने का भी ट्रेंड रहा है। फरवरी का एक सप्ताह गुजर गया है, लेकिन प्रदेश में पेंड्रारोड को छोड़कर कहीं भी बारिश नहीं हुई है। ओले भी नहीं गिरे हैं। इससे किसानों को बड़ी राहत है। दिन में तेज धूप व रात में हल्की ठंड रहती है।

राजधानी में 8 फरवरी को धुंध छाने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 15 डिग्री के आसपास रहेगा। वहीं अधिकतम तापमान 31 डिग्री रहेगा। प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा इसलिए रात में ठंड पड़ेगी। प्रदेश में कहीं भी बादल छाने की संभावना नहीं है। इसका मतलब ये है कि दिन में तीखी धूप रहेगी और रातें हल्की सर्द होंगी।

राजधानी में वायरल फीवर का पैटर्न बदल गया है। इस कारण लोगों को लंबे समय तक बीमार कर रहा है। गले में दर्द के साथ वायरल फीवर की शुरूआत हो रही है। सर्दी व बुखार तो ठीक भी हो रहे हैं, लेकिन खांसी आसानी से नहीं जा रही है। कई लोगों की खांसी 15 से 20 दिनों में भी नहीं जा रही है। दिन व रात के तापमान में दोगुना अंतर है। इस कारण भी लोग अब बीमार होने लगे हैं। आंबेडकर अस्पताल में रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. आरके पंडा व मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा के अनुसार इन दिनों सांस में तकलीफ व एलर्जी के मरीजों की संख्या कुछ कम हुई है। जब ठंड ज्यादा थी तो काफी संख्या में मरीज आ रहे थे। अब मरीजों को राहत है।

कहां 24 घंटे में कितना गिरा तापमान; स्थान न्यूनतम तापमान गिरा तापमान

  • रायपुर 15.9 2.1
  • बिलासपुर 13.4 1.9
  • पेंड्रारोड 11.2 1.6
  • कोरबा 12.1 1.9
  • कांकेर 15.6 2.8
  • बालोद 16.1 1.9
  • सरगुजा 6.3 2.1
  • बलरामपुर 5.4 1.3

संवाद कार्यक्रम : बजट में छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के लिए अनेक अवसर: केंद्रीय मंत्री…

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केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, केंद्रीय बजट-2026-27 से छत्तीसगढ़ को भी अनेक लाभ होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशन अब एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होंगे। छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट ऐतिहासिक रूप से बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ में चल रही 54 हजार करोड़ रुपए की

केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, केंद्रीय बजट-2026-27 से छत्तीसगढ़ को भी अनेक लाभ होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशन अब एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होंगे। छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट ऐतिहासिक रूप से बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ में चल रही 54 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं को बड़ा बल मिलेगा। छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर से निवेश, उद्योग-व्यापार और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी। केन्द्रीय मंत्री रविवार को राजधानी में प्रदेश के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापारियों व बुद्धिजीवियों से केन्द्रीय बजट के परिप्रेक्ष्य में आहूत ‘बजट संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

लगातार व्यापारी हित में अनेक कार्य

उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में रहने वाली महिलाओं को ‘शी-मार्ट’ के माध्यम से अपने उत्पाद को न सिर्फ बेचने, बल्कि उसकी ब्राण्डिंग करने और आर्थिक रूप से सशक्त होने में मदद मिलेगी। केन्द्र सरकार ने लगातार व्यापारी हित में अनेक कार्य किए हैं। इनमें टैक्स के कम्प्लाइन्स को कम करना हो, टैक्स की दरों को कम करना हो, या फिर कई जटिल कानूनों को हटाना हो, केन्द्र सरकार इसमें पीछे नहीं रही है। इस बार भी एमएसएमई सेक्टर में 10 हजार करोड़ रु. की मदद व्यापारियों के लिए बहुत ही मददगार साबित होगी।

तीन कर्त्तव्यों का जिक्र

केन्द्रीय मंत्री ने बजट के तीन कर्त्तव्यों का जिक्र करते हुए कहा, पहला, बजट में इकॉनॉमिक ग्रोथ के तहत कैपेक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग पर जोर दिया गया है। दूसरा, यह जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाला बजट है, और तीसरा कर्त्तव्य सबका साथ-सबका विकास है ताकि सभी समुदायों व वर्गों को संसाधनों का पूरा लाभ मिले।

इन नेताओं ने ये कहा

केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा, जब व्यक्तिगत लाभ की योजनाएं ज्यादा चलती हैं, तो व्यक्ति को सरकारों से सीधा लाभ मिलता है, लेकिन उससे इकॉनॉमी में पैसे और संसाधनों का सर्कुलेशन ज्यादा नहीं होता। जब किसी योजना में सरकार पैसै डालती है तो इकॉनॉमी में पैसे का सर्कुलेशन ज्यादा समय तक रहता है और इकॉनॉमी ग्रो करती है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने केन्द्र सरकार के सभी मंत्रालयों द्वारा विकसित भारत की तरफ क्रियान्वित की जा रही योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत की अवधारणा से जुड़ा हुआ है।

अनेक सुधारात्मक उपायों पर जोर

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, केन्द्र सरकार के इस बजट में अनेक सुधारात्मक उपायों पर जोर दिया गया है जिससे व्यापारियों व अन्य वर्गों का सरकार से रिश्ता सहज-सरल हो। कार्यक्रम का संचालन बजट समिति के सदस्य और बजट सम्वाद कार्यक्रम के प्रभारी अमित चिमनानी ने किया।

Indian Railways: छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास को रफ्तार, 51 हजार करोड़ से इन परियोजनाओं पर हो रहा काम, देखें…

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dian Railways: छत्तीसगढ़ के लिए रेलवे बजट में निरंतर बढ़ोतरी की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 51,080 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न रेल विकास कार्य प्रगति पर हैं।

भारतीय रेलवे में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में यात्रियों की सुविधाओं, परिचालन व्यवस्था और माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के लिए रेलवे बजट में निरंतर बढ़ोतरी की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 51,080 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न रेल विकास कार्य प्रगति पर हैं।

इन कार्यों में रेल संरक्षा एवं सुरक्षा, तीसरी-चौथी रेल लाइन का निर्माण, माल परिवहन क्षमता का विस्तार, अतिरिक्त रेल लाइनों का विकास, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा आधुनिक तकनीक आधारित अवसंरचना का निर्माण शामिल है। कुल मिलाकर राज्य में 1,083 रेलवे परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 845 परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं। वहीं केंद्रीय बजट 2026-27 में रेलवे के लिए 7,470 करोड़ रुपए का बजटीय अनुदान प्रदान किया गया है।

इन परियोजनाओं पर हो रहा काम

  • बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 206 किलोमीटर है। इसकी लागत 2,135.34 करोड़ रुपए है। इस परियोजना के अंतर्गत अब तक 175 किलोमीटर से अधिक चौथी रेल लाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिससे इस व्यस्त रेलखंड पर परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
  • बिलासपुर-नागपुर रेल खंड पर बिलासपुर से गोंदिया के बीच विभिन्न खंडों (पैचों) में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है।
  • दल्लीराझरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसकी लागत 16,275.56 करोड़ रुपए है। वहीं35 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। यह परियोजना विशेष रूप से दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
  • खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा नई रेल लाइन परियोजना भी प्रगति पर है। जिसकी कुल लंबाई 278 किलोमीटर और अनुमानित लागत 7,854 करोड़ रुपए है। यह परियोजना राज्य की राजधानी क्षेत्र सहित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगी।
  • सरदेगा-भालूमाड़ा नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी लंबाई24 किलोमीटर है। इसकी कुल लागत 1,282 करोड़ रुपए है। इससे क्षेत्रीय संपर्क को सु²ढ़ करने के साथ-साथ खनिज परिवहन को अधिक सुगम बनाएगी।
  • रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 140 किलोमीटर है। इसकी लागत 3,513 करोड़ रुपए है, यह बस्तर अंचल को रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

32 स्टेशनों का हो रहा पुनर्विकास

  • प्रदेश में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है। इसमें कई स्टेशेनों का उद्घाटन पीएम मोदी के द्वारा किया जा चुका है। कई स्टेशनों का कार्य चल रहा है।
  • वर्तमान में यहां दो वंदे भारत एक्सप्रेस ( बिलासपुर-नागपुर-बिलासपुर और दुर्ग-विशाखापट्टनम-दुर्ग) के साथ ही अमृत भारत एक्सप्रेस ब्रह्मपुर (ओडिशा)-उधना (सूरत गुजरात) के बीच चल रही है।
  • पिछले 10-11 साल में नई रेल पटरियों का निर्माण, संपूर्ण रेल विद्युतीकरण और 170 फ्लाईओवर व अंडरपास का निर्माण किया गया है। जिससे रेल एवं सडक़ यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ।

 

CG: पूर्व महापौर के भतीजे शोएब ढेबर पर केस दर्ज, कारोबारी मामले में कांप गए पुलिस के हाथ, जानें पूरा मामला…

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तेलीबांधा इलाके में हुए एक मामूली विवाद में पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भतीजे शोएब ढेबर ने एक युवक से जमकर गाली-गलौज की। उसे धमकियां दी।

तेलीबांधा इलाके में हुए एक मामूली विवाद में पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भतीजे शोएब ढेबर ने एक युवक से जमकर गाली-गलौज की। उसे धमकियां दी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शोएब के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, लेकिन होटल कारोबारी दीपक टंडन की शहर के एक जमीन कारोबारी द्वारा अपने गुंडों से बुरी तरह पिटाई करवाते हुए वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है, फिर भी जमीन कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस के हाथ कांप रहे हैं।

जानें क्या है पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक, विधायक कॉलोनी निवासी राजू मिश्रा की कार राममंदिर के पास खड़ी थी। इस दौरान शोएब ढेबर की कार से हल्की टक्कर हुई। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। जमकर गाली-गलौज हुई। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया, लेकिन शोएब का गाली-गलौज करते हुए किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। इसको पुलिस ने संज्ञान में लिया।

पिंटू मंडल पर पुलिस क्यों है मेहरबान: कुछ दिन पहले सोशल मीडिया में एक वीडियो जमकर वायरल हुआ था। इसमें होटल कारोबारी दीपक को जमीन कारोबारी पिंटू मंडल द्वारा अपने गुर्गों से पिटवाते हुए दिखाया गया। पिंटू ने भी उसकी पिटाई की थी। पिंटू के लोगों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया और वायरल किया। ऐसी क्रूरता और गुंडागर्दी का वीडियो वायरल हुआ और रायपुर पुलिस की जानकारी में भी है, लेकिन अब तक कारोबारी और उसके गुर्गों के खिलाफ किसी तरह का एक्शन नहीं लिया है।

‘पहले की सरकारों ने माओवादी आतंक को संरक्षण दिया’, अमित शाह बोले- विकसित भारत का शुभंकर बनेगा छत्तीसगढ़….

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रायपुर में रविवार को ऑर्गनाइजर के कॉनक्लेव में कहा, ‘मैं भूपेश बघेल के समय भी केंद्रीय गृह मंत्री रहा था. मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कह सकता हूं कि बघेल की सरकार ने माओवादी आतंक को प्रश्रय दिया था. मैं समझ नहीं पाता हूं कि कैसे कोई शासन किसी हथियारबंद समूह को प्रश्रय दे सकती है.’

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित छत्तीसगढ़ @25 : शिफ्टिंग द लेंस कार्यक्रम में शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल स्वयं विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, बल्कि यह नए भारत के लिए शुभंकर सिद्ध होगा. छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर विकसित भारत @2047 की दिशा में एक मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहा है.

विकसित छत्तीसगढ़केवल एक नारा नहीं, बल्कि विचार

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “विकसित छत्तीसगढ़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि विचार, विचारधारा और सुशासन से निकली हुई 25 वर्षों की यात्रा का परिणाम है. उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों की अवधारणा को लेकर कभी शंका व्यक्त की जाती थी, लेकिन छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि शासन स्पष्ट विचारधारा से संचालित हो, तो छोटे राज्य भी विकास के बड़े मॉडल बन सकते हैं.

शाह ने कहा कि जब छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के लिए आंदोलन चल रहे थे, तब लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही और कहा जाता था कि इतने छोटे राज्य कैसे टिकेंगे, इनके पास संसाधन कहां से आएंगे और क्या ये विकास कर पाएंगे. उस समय छत्तीसगढ़ भोपाल से 500 किलोमीटर से अधिक दूर था और संयुक्त मध्यप्रदेश की भौगोलिक व प्रशासनिक संरचना ऐसी थी कि इस क्षेत्र के साथ न्याय होना कठिन था. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी तत्कालीन मुख्यमंत्री की असफलता नहीं थी, बल्कि संरचना ही ऐसी थी कि एक ही प्रशासनिक इकाई से इसे संभालना संभव नहीं था.

अटल सरकार में ऐतिहासिक फैसले लिए गए

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिया और कहा कि छोटे राज्यों का निर्माण कोई प्रयोग नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति है. इसी निर्णय के तहत मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़, बिहार से झारखंड और उत्तरप्रदेश से उत्तराखंड का गठन हुआ. उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि विचारधारा आधारित निर्णय था.

शाह ने राज्य विभाजन के दो उदाहरण देते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुए विभाजन शांतिपूर्ण रहे और आज मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़, बिहार–झारखंड तथा उत्तरप्रदेश–उत्तराखंड एक-दूसरे के पूरक बनकर देश के विकास में योगदान दे रहे हैं. वहीं कांग्रेस शासन में हुए आंध्रप्रदेश–तेलंगाना विभाजन के दौरान लोकसभा में सांसदों को बाहर निकालकर कानून पारित करना पड़ा और दोनों राज्यों के बीच कटुता एक दशक से अधिक समय तक बनी रही, जिसके कई विवाद आज भी अनसुलझे हैं. उन्होंने कहा कि इससे सिद्ध होता है कि राजनीति में विचारधारा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है.

‘MP और छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनने की कगार पर हैं

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज 25 वर्ष का हो चुका है और इस दौरान राज्य ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है. कभी ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में गिने जाने वाले क्षेत्रों में शामिल रहे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ आज विकसित राज्य बनने की कगार पर हैं. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों में से लगभग 18 वर्ष भारतीय जनता पार्टी की सरकार रही और 7 वर्ष कांग्रेस की सरकार रही. 25 वर्षों बाद यदि पीछे मुड़कर देखें तो छत्तीसगढ़ बीमारू राज्य से विकसित राज्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ चुका है.

शाह ने आर्थिक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य के वार्षिक बजट में 25 वर्षों में 30 गुना वृद्धि हुई है, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना बढ़ी है और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 25 गुना वृद्धि दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को मापने वाले 16 के 16 संकेतकों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सुधार किया है.

कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंचाई क्षमता दोगुनी हुई है. खरीफ फसलों के उत्पादन में तीन गुना और रबी फसलों के उत्पादन में लगभग छह गुना वृद्धि दर्ज की गई है. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों की संख्या 7 से बढ़कर 30 हो गई है, मेडिकल कॉलेज 1 से बढ़कर 16 हो गए हैं और आंगनबाड़ी भवनों में 18 गुना वृद्धि हुई है. कुपोषण से होने वाली मृत्यु दर 61 से घटकर 15, मातृ मृत्यु दर 365 से घटकर 146 और शिशु मृत्यु दर 79 से घटकर 37 रह गई है.

छत्तीसगढ़ में साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हुई

आदिवासी कल्याण पर बोलते हुए शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है. एक भी एकलव्य आवासीय विद्यालय नहीं था, आज 75 संचालित हो रहे हैं और छात्रावासों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या तीन गुना बढ़ी है. उन्होंने कहा कि देश में यदि सबसे अच्छा आदिवासी कल्याण किसी राज्य ने किया है, तो वह छत्तीसगढ़ है.

माओवादी समस्या पर स्पष्ट शब्दों में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह न तो विकास की कमी का परिणाम है और न ही केवल कानून-व्यवस्था की समस्या, बल्कि पूरी तरह विचारधारा आधारित चुनौती है. उन्होंने कहा कि बंदूक से समस्या का समाधान भारतीय संविधान की आत्मा के विरुद्ध है.

उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी पर गोली नहीं चलाना चाहती, हथियार डालने वालों के लिए रेड कारपेट बिछा है और आदिवासी युवाओं से अपील की कि वे आत्मसमर्पण करें और मुख्यधारा में लौटें.

शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर सहित माओवादी प्रभावित क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ रहे हैं और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर 31 मार्च 2026 से पहले देश को माओवादी समस्या से पूरी तरह मुक्त करने के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं. उन्होंने कहा कि 25 वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि छत्तीसगढ़ ने जिस गति से विकास किया है, आने वाले 25 वर्षों में वह दोगुनी रफ्तार से आगे बढ़ेगा और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा.

परीक्षा पे चर्चा 2026: तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के छात्रों से PM का संवाद; दिए नेतृत्व के गुरुमंत्र…

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परीक्षा पे चर्चा 2026 का दूसरा सत्र सोमवार 10 बजे आयोजित किया जा रहा है। यह वार्षिक कार्यक्रम प्रधानमंत्री के आधिकारिक यूट्यूब चैनल और दूरदर्शन पर लाइव देखा जा सकता है और इसे शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है, ताकि हर छात्र आसानी से इसमें शामिल हो सके।

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कई राज्यों के छात्रों से अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत की। खासबात ये रही कि पीएम मोदी ने छात्रों को कैसे नेतृत्व करना है इसके लिए गुरुमंत्री भी दिए। पीएम मोदी ने छात्रों से बातचीत के दौरान कहा कि खुद को प्रौद्योगिकी का गुलाम न बनने दें।

कितनी भी प्रेरणा हो, अनुशासन के बिना उसका कोई फायदा नहीं होगा। नेतृत्व का पहला और सबसे महत्वपूर्ण गुण यह है कि आप अपने विचारों को कम से कम 10 लोगों तक स्पष्ट रूप से पहुंचा सकें।

CG: पुलिस कमिश्नरी लागू… कलेक्ट्रेट परिसर में 30 करोड़ की बिल्डिंग निर्माण में देरी, डिजाइन पर पुनर्विचार…

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राजधानी में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू हो जाने के बाद कलेक्टे्रट परिसर में प्रस्तावित पांच मंजिला कंपोजिट बिल्डिंग की योजना में बदलाव की संभावना बन गई है।

राजधानी में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू हो जाने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में प्रस्तावित पांच मंजिला कंपोजिट बिल्डिंग की योजना में बदलाव की संभावना बन गई है। इसी कारण कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एसपी भवन को अब तक नहीं तोड़ा गया है। जबकि बीते कई दिनों से आसपास तोड़फोड़ और खुदाई का कार्य लगातार जारी है, लेकिन एसपी भवन जस का तस बना हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, पहले जिस कंपोजिट बिल्डिंग में एसपी कार्यालय को शामिल किया जाना था, वहां अब पुलिस कमिश्नर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था किए जाने पर शासन स्तर पर विचार चल रहा है। हालांकि कलेक्टोरेट परिसर में ही नई बिल्डिंग का निर्माण होना तय है, इसलिए एसपी भवन के चारों ओर खुदाई का कार्य शुरू करा दिया गया है।

दो साल में बननी है बिल्डिंग, अटका है पेंच

जानकारी के मुताबिक, कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण के लिए दो साल की समय-सीमा निर्धारित की गई है। ऐसे में एसपी भवन के चारों ओर खुदाई का कार्य तो चल रहा है, लेकिन भवन के नहीं टूटने से निर्माण कार्य में देरी की आशंका जताई जा रही है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि वर्क ऑर्डर में तय दो साल की समय-सीमा एसपी भवन के ध्वस्तीकरण के बाद ही प्रभावी मानी जाएगी।

डिजाइन में हो सकता है बदलाव

पांच मंजिला कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण पर शासन द्वारा लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत तय की गई है। पीडब्ल्यूडी ने निर्माण एजेंसी को ठेका भी दे दिया है और भवन का डिजाइन तैयार है। हालांकि एसपी की जगह अब पुलिस कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था किए जाने की स्थिति में निर्माण डिजाइन में बदलाव किया जा सकता है। इसके चलते परियोजना की लागत बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।

राजनांदगांव में नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर यातायात पुलिस की कार्रवाई

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राजनांदगांव। शहर में आम रोड और सर्विस रोड पर वाहनों की अवैध पार्किंग पर आज पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और अति. पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी निरीक्षक नवरतन कश्यप के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से खड़े वाहनों पर कार्रवाई की।
कार्यवाही के दौरान अग्रवाल ट्रांसपोर्ट तिराहा, पुराना बस स्टैंड चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, रेलवे स्टेशन रोड, भगत सिंह चौक, महावीर चौक, गुरूद्वारा चौक, नया बस स्टैंड, अम्बेडकर चौक और मनोकामना से आरके नगर चौक तक के सर्विस रोड पर खड़े वाहनों पर लॉकिंग और मोटरयान अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया गया। साथ ही नो पार्किंग एरिया में खड़ी दुपहिया वाहनों को क्रेन के माध्यम से उठाकर कार्रवाई की गई।
इस दौरान कुल 81 वाहनों पर कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस ने कहा कि अवैध पार्किंग से आमजनों की आवाजाही बाधित होती है, इसलिए यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वाहन को सर्विस रोड या अन्य आम रोड पर न खड़ा करें, बल्कि निर्धारित पार्किंग स्थल या फ्लाईओवर के नीचे ही पार्किंग करें। साथ ही शहर के कारोबारियों से अनुरोध है कि मालवाहक वाहनों में लोडिंग-अनलोडिंग जिला दंडाधिकारी द्वारा निर्धारित समय अनुसार ही कराएं।
यातायात पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

शांति भंग करने वाले दो बदमाशों पर की कार्रवाई

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राजनांदगांव। शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून के शासन को मजबूत करने के लिए चौकी चिखली पुलिस ने 08 फरवरी 2026 को दो बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।
पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई में आरोपियों ने गाली-गलौज और वाद-विवाद कर शांति भंग करने की कोशिश की, साथ ही संज्ञेय अपराध घटित होने की संभावना भी जताई गई। गिरफ्तार आरोपियों में जागेश्वर यादव पिता स्व. भिखम यादव, उम्र 50 वर्ष, निवासी गठुला, ओपी चिखली, थाना कोतवाली एवं नितिन सोनटक्के, पिता स्व संजय सोनटक्के, उम्र 34 वर्ष, निवासी 16 खोली स्टेशनपारा, ओपी चिखली, थाना कोतवाली शामिल है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 170, 126, 135 (3) बीएनएसएस के तहत कार्यवाही की गई और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अवैध गांजा और शराब बिक्री, असामाजिक तत्वों, गुंडा-गर्दी और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई, महिला प्रधान आरक्षक वंदना पटले, आरक्षक आदित्य सोलंकी, चंद्रकपूर आयाम, सौरभ बुराडे, गोपाल पैकरा, जयराम निषाद, तामेश्वर भुआर्य और चौकी चिखली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका और सराहनीय योगदान रहा।

लालबाग पुलिस ने पेंड्री मारपीट केस का फरार आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। ग्राम पेण्ड्री में प्रार्थी टुकेश उर्फ बाबू के घर घुसकर मारपीट और धारदार चाकूनुमा कटारी दिखाकर धमकी देने वाले फरार आरोपी करीम मुगल उर्फ बबलू (28) को लालबाग पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा।
मामले के अनुसार, प्रार्थी के मंगेतर को आरोपी देवीलाल साहू ने जन्मदिन पर बधाई दी थी, जिसके बाद आपसी विवाद हुआ था। विवाद के बावजूद समझौता हो गया। लेकिन 01 जनवरी 2026 की शाम 7 बजे प्रार्थी घर के बाहर आग ताप रहा था, तभी आरोपी सुनील मरकाम उर्फ टिर्रू देवीलाल साहू, कमरान और करीम मुगल उर्फ बबलू घर में घुस गए। उन्होंने गाली-गलौज की, डंडे से मारपीट की और धारदार चाकूनुमा कटारी दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना लालबाग में धारा 296, 115 (2), 351 (2), 3 (5) व 333 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। गंभीरता को देखते हुए धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट भी जोड़ा गया। पहले सुनील मरकाम उर्फ टिर्रू और देवीलाल साहू को 02 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। घटना में शामिल अन्य दो आरोपी फरार थे।
मोबाइल लोकेशन के आधार पर फरार आरोपी करीम मुगल उर्फ बबलू को 07 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ पहले से एनडीपीएस और जुआ एक्ट के मामले दर्ज हैं।
पूरा कार्यवाही निरीक्षक राजेश कुमार साहू, सउनि अश्वनी यादव और आरक्षक राकेश धु्रव की सक्रिय भूमिका में संपन्न हुईए जिनकी सराहना की गई।