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छत्तीसगढ़ : गठन से अभी तक वोटिंग का है ऐसा रिकॉर्ड

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के बाद से लोकसभा के लिए तीन बार चुनाव हो चुके हैं। इन चुनावों में यहां 50 फीसद से अधिक मतदान हुआ है। पिछले चुनाव यानी 2014 में मतदान का आंकड़ा 69 फीसद के पार चला गया था, जो अब तक का सबसे अधिक मतदान है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार राज्य बनने से पहले भी यहां की 11 सीटों पर औसत 50 फीसद से अधिक ही मतदान होता था। केवल 1991 के उपचुनाव में आंकड़ा साढ़े 41 फीसद तक पहुंचा था। उससे पहले 1989 में 55 फीसद मतदान हुआ था, जबकि 1996 में लगभग 57 फीसद मतदान हुआ था।

वर्ष मतदान (%में)

2014 69.39

2009 55.30

2004 52.90

1999 55.88

1998 61.60

1996 56.78

1991 41.52

1989 55.42

छत्तीसगढ़ : रायपुर-दुर्ग में सराफा कारोबारियों से लाखों के जेवर लूटने वाले दो बदमाश पुलिस के फंदे में फंसे

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राजधानी रायपुर और दुर्ग में चार सराफा कारोबारी से लाखों के जेवर लूटकर फरार लुटेरे को दबोचने के लिए रायपुर और दुर्ग पुलिस मिलकर ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है। दुर्ग लूटकांड में शामिल दो बदमाशों के पकड़े जाने के बाद उनसे हुई पूछताछ में गिरोह के मास्टर माइंड समेत दो लोगों के नाम-पते हासिल हुए। इसके बाद से पुलिस की तीन अलग-अलग टीम उप्र और बिहार में कैंप कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरा गिरोह गिरफ्त में होगा।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि 1 फरवरी की रात पुरानी बस्ती इलाके के चंगोराभाठा मैना बार के पास एक्टीवा सवार सराफा कारोबारी जसराज सोनी को गोली मारकर लाखों के जेवर लूटने वाले बाइक सवार तीन लुटेरे रिंग रोड होते दुर्ग स्थित अपने ठिकाने पहुंचे थे। घटनास्थल से मिले के फुटेज का मिलान अगस्त 2018 में दुर्ग जिले में ठीक इसी तरीके से हुई दो लूट की घटना में कैद हुए लुटेरे से किया गया तो वह एक ही निकला। इससे पहले 15 दिसम्बर को इन तीनों लुटेरों ने राजेंद्र नगर इलाके में सराफा कारोबारी अनिल सोनी से नौ लाख रुपये के जेवरों से भरा बैग लूटा था। पुलिस का दावा है कि रायपुर और दुर्ग में हुई दो-दो लूट की वारदात को एक ही गिरोह ने अंजाम दिया है। संदेह के आधार पर पुलिस ने भिलाई में सालों से रह रहे मूलतः उप्र के दो बदमाशों को पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने गिरोह से जुड़े दो प्रोफेशनल लुटेरों का नाम-पता उगल दिया। वारदात के बाद पुलिस की सक्रियता को भांपकर ये लुटेरे उप्र भाग निकले। बाद में हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और बिहार में भी कुछ दिनों तक छिपकर फरारी काटी। लिहाजा दुर्ग और रायपुर की पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर फरार लुटेरों को दबोचने का प्लान बनाया। तीन अलग-अलग टीम बनाकर उप्र, बिहार रवाना किया गया। खबर है कि पुलिस की टीम लुटेरों के ठिकानों पर लगातार नजर रख रही है। चारों लूटकांड का जल्द ही पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है।

लुटेरों के नजदीक पहुंची पुलिस

एडिशनल एसपी सिटी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि चंगोराभाठा में सराफा कारोबारी जसराज सोनी और उसके बेटे मोहित सोनी पर तीन बदमाशों ने फायर कर 20 लाख के जेवरों से भरे तीन थैले लूटकर भागे हैं। जसराज के पेट में गोली लगी थी और बेटा बाल-बाल बचा था। इसी तरह अनिल सोनी से भी इन्हीं लुटेरों ने 9 लाख के जेवर लूटे थे। उन्होंने दुर्ग में दो संदिग्धों के पक़ड़े जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि फरार लुटेरों को एक-दो दिनों के भीतर पकड़ने में सफलता मिलने की उम्मीद है।

त्राल मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर, पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड का नाम भी आया सामने

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जम्मू। दक्षिण कश्मीर स्थित पुलवामा के त्राल में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों को मार गिराया। तीनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस बीच खबर है कि मारे गए आतंकियों में जैश आतंकी और पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मुदस्सिर भी शामिल है। हालांकि, फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल को घेर लिया और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हथियार और गोलाबारूद भी बरामद किया गया है। इससे पहले आतंकियों का ठिकाना बने मकान को सुरक्षाबलों ने उड़ा दिया।

त्राल के पिगंलिश क्षेत्र में सुरक्षाबलों को क्षेत्र में आतंकवादियों के छुपे होने की सूचना मिली। पुलिस, सीआरपीएफ और सेना के जवानों ने पूरे क्षेत्र को घेर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान एक घर में छुपे आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की।

काफी देर तक गोलीबारी चलती रही। इसके बाद जिस घर में आतंकी छुपे थे। सुरक्षाबलों ने उसे उड़ा दिया। पहले दो शव मिले। इसके बाद एहतियात बरतते हुए तलाशी अभियान चलाया गया। कुछ देर बाद मलबे में एक और शव मिला है। तीनों आतंकी किस संगठन के हैं इस बारे में पता नहीं चला है। सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेरा हुआ है।

Chhattisgarh : सोशल मीडिया पर भी ‘युद्ध’, कांग्रेस उतारेगी 6 लाख योद्धा

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रायपुर। लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दलों का बड़ा हथियार सोशल मीडिया रहेगा। छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया वार के लिए कांग्रेस अपने छह लाख से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को तैयार करने में जुट गई है। पहली बार पार्टी का आइटी सेल सभी मोर्चा, संगठन, विभाग और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को सोशल मीडिया वार की ट्रेनिंग दे रहा है। प्रशिक्षण पाने वाले पदाधिकारी अपने संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया वार के लिए तैयार करेंगे।

छत्तीसगढ़ बनने के बाद विधानसभा चुनाव में पहली बार कांग्रेस ने सोशल मीडिया में अपनी ताकत दिखाई थी। आइटी सेल का गोपनीय स्थान पर बकायदा वार रूम तैयार किया गया था, जहां न केवल पार्टी के आइटी सेल के पदाधिकारी, बल्कि दूसरे राज्यों से आइटी विशेषज्ञों ने भी मोर्चा संभाल रखा था।

वार रूम से आइटी सेल की जिला स्तर की टीम जुड़ी थी, जो कांग्रेस समर्थित पोस्ट को मतदाताओं तक फैलाने का काम करती थी। अब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का सोशल मीडिया में वृहद स्तर पर विस्तार नजर आएगा।

इसका कारण यह है कि आइटी सेल न केवल अपनी टीम, बल्कि युवा कांग्रेस, एनएसयूआइ, महिला कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक विभाग समेत अन्य मोर्चा-संगठनों को जोड़कर सोशल मीडिया वार में कूदने वाला है। सब मिलाकर कांग्रेस के लगभग छह लाख तीन हजार सदस्य हैं, सभी को सोशल मीडिया वार से जोड़ा जा रहा है, जिसकी शुस्र्आत रायपुर संभाग से हो चुकी है।

आइटी सेल ने 17 मार्च तक सभी संभाग के मोर्चा, संगठन, विभाग व प्रकोष्ठों के जिलास्तर के पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। जिले के पदाधिकारी कैंप लगाकर ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे।

बघेल सरकार की ब्रांडिंग एपीसोड

प्रदेश में अब कांग्रेस की सरकार है, इसलिए आइटी सेल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार के 60 दिनों के काम की ब्रांडिंग करने वाला वीडियो एपीसोड भी तैयार कर रहा है। इसे भी सोशल मीडिया पर हर दिन चलाया जाएगा।

केंद्र की नाकामियों पर भी वीडियो सिरीज

विधानसभा चुनाव में ‘रमन का उल्टा चश्मा” नाम से वीडियो सिरीज कांग्रेस आइटी सेल ने बनाया था, जो हिट हुआ था। राहुल गांधी ने भी इस वीडियो सीरिज की तारीफ की थी। अब प्रदेश का आइटी सेल लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टॉरगेट करने की तैयारी कर रही है। आइटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष जयवर्धन बिस्सा ने बताया है कि सोशल मीडिया पर मोदी को घेरने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं की पोल खोलती वीडियो सिरीज तैयार किया जा रहा है, जो कि जल्द ही एक के बाद एक लांच किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ : अपराध बढ़ा तो होंगे सीधे जिम्मेदार, इस मुख्यमंत्री ने सभी SP की चेतावनी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के दो महीने में ही एक दर्जन से ज्यादा बड़ी घटनाओं ने पुलिस की सतर्कता की पोल खोलकर रख दी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के गृह जिले दुर्ग में गोलीबारी और लूट के मामले में किरकिरी के बाद अब सरकार ने सख्त कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी पुलिस अधीक्षकों के लिए चेतावनी जारी की है। बघेल ने कहा कि अपराध नियंत्रण में अगर पुलिस असफल रहती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक की होगी। ऐसे पुलिस अधीक्षकों के खिलाफ राज्य सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।

दरअसल, प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराध को लेकर विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। विधानसभा से लेकर सड़क पर विपक्ष सरकार पर अपराध को रोकने में असफल होने का आरोप लगा रही है।

पांच मार्च को भिलाई शहर से गुजरने वाले नेशनल हाइवे पर दिन-दहाड़े बाइक से आए बदमाशों ने एक कंपनी के कलेक्शन एजेंट से मारपीट की। तीन राउंड फायर करते हुए उनके पास रखे नौ लाख रुपये लूट लिये। इससे पहले राजधानी में जनवरी में सराफा कारोबारी को गोली मार दी गई थी।

राजेंद्र नगर में कारोबारी से नौ लाख स्र्पये का जेवर लूट लिया गया था। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद 15 जिलों के एसपी को बदला गया है। राजधानी में दो महीने में दो एसपी बदले गये। पहले आइपीएस नीथू कमल को कमान सौंपी गई, फिर उनको हटाकर आरिफ शेख को लाया गया।

छत्तीसगढ़ : BJP के सामने चुनाव में ये है सबसे बड़ी चुनौती

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्यकर्ताओं की नाराजगी और नेताओं की अंतरकलह दूर करने की है। पिछले दो लोकसभा चुनावों से 11 में दस-दस सीट जीतने वाली भाजपा का बूथ स्तर का कार्यकर्ता नाराज है। विधानसभा चुनाव में उपेक्षा के कारण कार्यकर्ताओं की नाराजगी ने पार्टी को सबसे बुरे प्रदर्शन स्तर पर पहुंचा दिया था। अब कार्यकर्ताओं की नाराजगी और अंतरकलह दूर करके भाजपा चुनावी नैया पार करने की तैयारी कर रही है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विक्रम उसेंडी की मानें तो पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करना है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है। इससे निपटने के लिए कमल रंगोली और मेरा घर, भाजपा का घर अभियान चलाया गया है।

उसेंडी ने खुद संभाली कमान, एक हजार नेताओं को किया फोन

इसके साथ ही बड़े नेताओं के बीच मचे घमासान से निपटना भी सबसे बड़ी चुनौती है। प्रदेशभर में आला नेताओं के बीच वाकयुद्ध चल रहा है। इससे निपटने का मोर्चा खुद उसेंडी ने संभाल लिया है। प्रदेश के करीब एक हजार से ज्यादा नेताओं से उसेंडी ने फोन पर संपर्क किया है और उन्हें पार्टी के पक्ष में काम करने और उनकी समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया है।

भाजपा का कमजोर पक्ष

– नाराज कार्यकर्ता

– बड़े नेताओं में अंतरकलह

– पिछली सरकार की एंटी इनकंबेंसी

– एक ही उम्मीदवार को बार-बार चुनाव मैदान में उतारना

– केंद्र की उपलब्धियों को जनता तक नहीं पहुंचा पाना

भाजपा का मजबूत पक्ष

– बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की फौज

– सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक का जोश

– मोदी के रूप में सशक्त नेतृत्व का दावा

– 35 लाख लोगों को मोदी सरकार की योजना का लाभ मिलना

– स्वच्छता, उज्जवला से लेकर पीएम आवास की सफलता

Chhattisgarh : विचारधारा की जंग के शिकार बन सकते हैं कुछ और कुलपति

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से उच्च शिक्षा में विचारधारा की लड़ाई छिड़ गई है।  पहले खबर दी थी कि 15 साल तक भाजपा की सरकार में विश्व विद्यालयों में संघ की विचारधारा को प्रश्रय देने का आरोप कांग्रेस लगाती रही। सरकार बनाने के बाद अब कुलपतियों पर इस्तीफा देने का दबाव है। खबर तो यह भी है कि इस मुद्दे पर सरकार और राजभवन के बीच बन नहीं रही है। विश्व विद्यालयों की राजनीति इस बीच गरम हो गई है।

दुर्ग विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ शराफ ने इस्तीफा दिया तो इसे निजी मामला बताया गया। हालांकि अंदरखाने खबर यह है कि कुलपतियों से साफ कह दिया गया है कि वे खुद पद छोड़ दें। अगर नहीं छोड़ा तो सरकार हटाएगी। सरकार सीधे तो हटा नहीं सकती इसलिए कुलपतियों के खिलाफ पहले हुई शिकायतों को खंगाला जा रहा है। इसी दबाव में शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विवि के कुलपति प्रोफेसर मानसिंह परमान ने इस्तीफा दे दिया है। अब बचे हुए पांच विश्व विद्यालयों के कुलपति भी निशाने पर हैं।

खंगाले जा रहे आरोप

पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर बीजी सिंह की कुर्सी पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन पर पूर्व शिक्षा मंत्री केदार कश्यप की पत्नी के नकल प्रकरण को दबाने का आरोप है। केदार की पत्नी का प्रकरण मुन्नी बाई के नाम से चर्चा में रहा। उनकी जगह परीक्षा में कोई और युवती बैठी थी।

तब विपक्ष में रही कांग्रेस ने खूब हल्ला मचाया लेकिन यह मामला दबा दिया गया। बस्तर और सरगुजा विवि के कुलपतियों पर नियुक्तियों में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इन आरोपों के आधार पर उन्हें हटाने की संभावना देखी जा रही है। इंदिरा गांधी कृषि विवि के कुलपति डॉ.एसके पाटिल की कुर्सी पर भी खतरा मंडरा रहा है।

कुलसचिवों की विदाई तय

सरकार ने कुछ दिन पहले तीन कुलसचिवों का तबादला किया था। पत्रकारिता विवि के कुलपति के इस्तीफे के साथ ही वहां के कुलसचिव की भी छुट्टी की गई। सरकार विश्वविद्यालयों में अपनी विचारधारा के लोगों को लाना चाहती है। इसके लिए एक विधेयक भी लाया गया है जिसमें उप कुलाधिपति की नियुक्ति का अधिकार सरकार ने अपने पास रखा है।

छत्तीसगढ़ : बंद रेलवे फाटक के नीचे से पार करने की कोशिश के दौरान आई ट्रेन, कटकर साइकिल सवार की मौत

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रायपुर

बंद रेलवे फाटक को पार करने की हड़बड़ी में एक साइकिल सवार की जान चली गई। हादसा राजधानी के खमतराई ओवरब्रिज के नीचे स्थित रेलवे फाटक में घटी। मृतक की पहचान कर ली गई है।

पुलिस के मुताबिक उरला थाना क्षेत्र के गाजीनगर बिरगांव निवासी मंजूर आलम (36) रविवार की दोपहर 3 बजे साइकिल से किसी काम से निकला था। खमतराई ओवरब्रिज के नीचे का रेलवे फाटक ट्रेन आने के कारण बंद था। उसने थोड़ी देर रुकने की जरूरत महसूस नहीं की और हड़बड़ी में फाटक के नीचे साइकिल को घुसाकर पार करने की कोशिश करने लगा, तभी रफ्तार से बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर ट्रेन आ गई। मंजूर को चपेट में लेते हुए ट्रेन स्टेशन की तरफ बढ़ गई। हादसे में मंजूर आलम का एक पैर कट गया और सिर में गंभीर चोटे आई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर खमतराई पुलिस पहुंची। शव को उठवाकर अस्पताल पहुंचाया। मृतक के परिजान ने आकर शव की शिनाख्त की। मंजूर आलम मजदूरी करता था।

छत्तीसगढ़ : बच्चों से भरा डीआइ वाहन पलटा, घायल सात बच्चे एम्स में भर्ती

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रायपुर

डीडी नगर थाना क्षेत्र के सरोना में रविवार की दोपहर बच्चों से भरा डीआइ वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। वाहन में सवार सात बच्चे घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर क्षेत्रीय विधायक विकास उपाध्याय पहुंचे। उन्होंने जोन अध्यक्ष सोमन ठाकुर, भारती निषाद के साथ घायल बच्चों को आसपास के लोगों की मदद से एम्स में भर्ती करवाया। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक दोपहर डेढ़ बजे सरोना से डीआइ वाहन क्रमांक सीजी 04 जेसी 1232 गुजर रहा था। सरकारी स्कूल के पास वाहन को आता देखकर वहां खड़े सात बच्चों ने हाथ देकर रुकवाया। बच्चों को बाल कटवाने के लिए नया बाजार जाना था, इसलिए उन्होंने चालक से वहां तक छोड़ने का निवेदन किया। चालक ने सभी को वाहन के डाले में बैठा लिया। वाहन कुछ दूर ही आगे बढ़ा था कि रफ्तार अधिक होने से अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे डाले में बैठे बच्चे झटका खाकर फेंका कर सड़क किनारे जा गिरे। बच्चों को मामूली चोट आई। घायल बच्चों को देखकर वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस और सरोना के रहवासियों को घटना की जानकारी दी। मौके पर विधायक विकास उपाध्याय समेत कई लोग पहुंच गए। सातों घायलों को तत्काल दूसरे वाहन से एम्स ले जाया गया।

छत्तीसगढ़ : आचार संहिता लगते ही क्लीन सिटी के लिए निकला प्रशासनिक अमला

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रायपुर

लोकसभा चुनाव की जैसे ही घोषणा हुई, जिला प्रशासन की टीम नगर निगम दस्ते के साथ सड़क पर उतर कर सरकारी योजनाओं के प्रचार वाले सहित राजनीतिक पोस्टर-बैनर हटाने में जुट गई। पहले ही दिन शहर के विभिन्न इलाकों से हजारों पोस्टर-बैनर हटाए गए। अभियान की शुरुआत कलेक्टोरेट से हुई।

अधिकारियों ने कलेक्टोरेट, रेलवे स्टेशन, मरीन ड्राइव, जयस्तंभ चौक, फाफाडीह चौराहा सहित विभिन्न इलाकों में पोस्टर-बैनर हटाए। जिलाधिकारी डॉ बसवराजू एस ने कहा कि शहर में आचार संहिता का पालन शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाएगा और इसमें किसी तरह की ढील किसी को नहीं दी जाएगी। हरकत में आए आला अधिकारियों को देखकर ऐसा लग रहा था मानो वे चुनाव आचार सहिता का इंतजार कर रहे थे।

छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी वाले फ्लैक्स भी हटे

राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा, घुरवा, गरुवा बारी योजना के शहर भर में लगे बड़े-बड़े फ्लैक्स सबसे पहले हटाए गए।

अवैध पोस्टर लगाने वालों पर होगी कार्रवाई

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ बसवराजू एस ने कहा कि आचार संहिता के दौरान अनाधिकृत रूप से पोस्टर-बैनर लगाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।