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छत्तीसगढ़ : वार्डन का फरमान, रूम में खाने पर रोक, कीड़े से शॉर्ट सर्किट का खतरा

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आइआइटी भिलाई के सेजबहार स्थित हॉस्टल में लगी आग की जांच की दिशा तय नहीं हुई है। छह मार्च को देर रात पोटा केबिन में लगी आग की गुत्थी सुलझाने के लिए बनी जांच कमेटी ने अब तक रिपोर्ट नहीं सौंपी है न ही एक बार बैठक हुई है। पहले प्रबंधन विद्यार्थियों की गलती (सिगरेट पीना या हीटर जलाना) बताकर पल्ला झाड़ रहा था। शनिवार को देर शाम जांच कमेटी की दूसरी बैठक भी रद होने के बाद वार्डन ने विद्यार्थियों को अजीबो-गरीब फरमान जारी किया है। वार्डन ने जारी मेल में कहा है कि जिनके पास इलेक्ट्रिक सामान हैं, वे जमा कर दें। जब उन्हें जरूरत होगी तब दिया जाएगा। यह भी लिखा है कि कुछ बच्चे खाना मेस से ले जाकर हॉस्टल रूम में खाते हैं। इसकी वजह से कीड़े आते हैं और शॉर्ट-सर्किट होने का खतरा रहता है। इस पर रोक लगा दी है। यह मेल जांच कमेटी में शामिल डॉ. धृति सुंदर घोष, वार्डन हॉस्टल कैस्टल ईना ने भेजा गया है। इस मेल को लेकर बात करने के लिए जब ‘नईदुनिया’ ने फोन किया तो उन्होंने रिसीव किया, लेकिन मेल के बारे में जानकारी मांगने पर यह कहकर फोन काट दिया कि वे अभी क्लास ले रहे हैं। उसके बाद कोई बात नहीं हुई।

मेल में ये बातें :

दुर्भाग्यपूर्ण आग की घटना के प्रकाश में, जो कैंपस में हुई है, संभावित कारणों में से एक विद्युत शॉर्ट-सर्किट हो सकता है। आप सभी से स्वेच्छा से इलेक्ट्रिक उपकरण कार्यालय में जमा करने का अनुरोध किया जाता है। छात्रावास कार्यालय रसीद जारी करेगा। जब भी वे इसे अपने घर ले जाना चाहेंगे तो रसीद देने के बाद उपकरण वापस कर दिया जाएगा।

इस बीच, हम मेस क्षेत्र (दोनों छात्रावासों में) में एक प्रावधान कर रहे हैं, जहां एक इंडक्शन कुकटॉप, इलेक्ट्रिक केतली, और माइक्रोवेव स्थापित किया जाएगा। छात्र अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह भी देखा गया है कि कुछ छात्र अपने कमरों में खाना खाते हैं, जिससे रूम में कीटाणु आते हैं। ये कीट अल्डसो कीटों को ठीक करने वाले होते हैं। ये कीट इलेक्ट्रिकल सर्किट वायरिंग के साथ जुड़े होते हैं, जिससे शॉर्ट्स-सर्कुलेटिंग होती है। कमरों में ऐसी प्रथा से परहेज करने का अनुरोध किया जाता है। इस संबंध में आपका सहयोग हमें परिसर को सुरक्षित बनाने में मदद करेगा।

बॉक्स…

दिक्कतों का करना पड़ सकता है सामना :

बच्चों से इलेक्ट्रिक आइटम जमा करवाने से उनके कुछ रोजना उपयोग आने वाले सामान को भी जमा करना पड़ेगा। जैसे प्रेस, इंडक्शन, सेविंग ट्रिमिंग मशीन सहित अन्य उपकरण। ऐसे में छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

वर्सन

जांच कमेटी की बैठक का पता नहीं

दो बैठक का समय तय होने के बाद रद हो गई। रिपोर्ट में क्या-क्या सामने आया, यह अभी कुछ कहना सही नहीं है। अगली बैठक कब होगी इसके लिए कोई जानकारी नहीं दी गई है। -एमएन खान, फायर ब्रिगेड सुपरिन्टेंडेंट, रायपुर (जांच कमेटी में)

छत्तीसगढ़ : डीकेएस अस्पताल के नौ डॉक्टरों का राजनांदगांव तबादला

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दाऊ कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल (डीकेएस) के नौ डॉक्टरों का स्थानांतरण स्व. अटल बिहारी चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव किया गया है। संचालक चिकित्सा शिक्षा ने आदेश पर शनिवार को डॉक्टरों का तबादला कर दिया है। आदेश में लिखा है कि तत्काल डॉक्टर कार्यमुक्त होकर राजनांदगांव ज्वाइन करें। गौरतलब है कि कुछ ही दिनों में राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में पीजी सीट के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के उच्च अधिकारी निरिक्षण के लिए पहुंचने वाले हैं। निरीक्षण को मद्देनजर रखते हुए डीकेएस रायपुर के डॉक्टरों का स्थानांतरण किया गया है।

नीरव मोदी: भारत से भागकर लंदन ही क्यों जाते हैं भगोड़े

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नीरव मोदी लंदन के वेस्ट एंड इलाक़े में रह रहे हैं

ब्रिटेन के दैनिक अख़बार ‘द टेलिग्राफ़’ ने शनिवार को रिपोर्ट किया कि भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी लंदन के वेस्ट एंड इलाक़े के एक 75 करोड़ रुपये के अपार्टमेंट में रह रहे हैं.

इसके बाद इसी अख़बार की वेबसाइट पर नीरव मोदी का एक वीडियो पब्लिश किया गया जिसमें वह गुलाबी शर्ट और एक महंगी जैकेट पहने नज़र आए.

इस बार नीरव मोदी वह नीरव मोदी नहीं थे जो पुरानी तस्वीरों में नज़र आते थे.

इस बार उनकी दाढ़ी बड़ी हुई थी और लंबी मूंछे तनी हुई थीं. पंजाब नेशनल बैंक के साथ 13 हज़ार करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के आरोपी नीरव मोदी से अख़बार के पत्रकार ने कई सवाल पूछे लेकिन उन्होंने इसका ‘नो कमेंट्स’ में जवाब दिया.

अख़बार ने यह भी दावा किया है कि नीरव मोदी ने वेस्ट एंड के सोहो में हीरे का नया कारोबार भी शुरू किया है.

48 साल के नीरव को लेकर अब तक सिर्फ़ कयास लगाए जाते थे कि वह लंदन में हैं लेकिन उनका वीडियो सामने आने के बाद इसकी पुष्टि हो चुकी है. वहीं, बैंक धोखाधड़ी में दूसरी मुख्य आरोपी और नीरव के चाचा मेहुल चौकसी एंटीगुआ और बारबाडोस की नागरिकता ले चुके हैं.

पीएनबी बैंक घोटाले के सामने आने से पहले दोनों ही आरोपी पिछले साल जनवरी में देश छोड़कर भाग गए थे.

वहीं, बैंकों का क़र्ज़ा लेकर फ़रार एक और शख़्स लंदन में हैं. लिकर किंग के नाम से मशहूर रहे उद्योगपति विजय माल्या इस समय लंदन की अदालत में प्रत्यर्पण के ख़िलाफ़ केस लड़ रहे हैं.

प्रत्यर्पण के ख़िलाफ़ लंदन की कोर्ट में केस लड़ रहे हैं विजय माल्या

लंदन ही क्यों जाते हैं

भारत और पाकिस्तान में भूगोल और संस्कृति के अलावा भी कई समानताएं हैं. इनमें से एक समानता यह भी है कि वहां से भागकर भी लोग लंदन में शरण लेते हैं. पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़, बेनज़ीर भुट्टो के अलावा कई आमो-ख़ास लोग लंदन में रहते और छिपते आए हैं.

भारत के नीरव मोदी, विजय माल्या से लेकर मेहूल चोकसी और संगीतकार नदीम सैफ़ी ने भी जाकर लंदन में शरण ली थी.

आख़िरकार ऐसा क्या है जो भारत और पाकिस्तान के विवादित लोग लंदन में शरण लेते रहे हैं?

भारत के पूर्व विदेश सचिव और लंदन में भारत के उच्चायुक्त रहे सलमान हैदर इस सवाल का जवाब देते हैं. वह कहते हैं, इसकी सबसे बड़ी वजह भारत का ब्रिटेन का उप-निवेश रहना है.

वह कहते हैं, “लोग इसलिए भागकर जाते हैं क्योंकि भारत और ब्रिटेन का उपनिवेश रहा है और इस वजह से वहां की और यहां की क़ानूनी प्रणाली लगभग एक जैसी है. ब्रिटेन और भारत के क़ानूनी जानकार दोनों देशों के क़ानूनों को बहुत अच्छे से जानते हैं जिससे भागकर गए शख़्स को बहुत लाभ होता है.”

क़ानूनी वजहों के अलावा ब्रिटेन में भारत और पाकिस्तान के लोगों का वहां होना भी एक बड़ी वजह है जो कुछ लोग भागकर वहां जाते हैं.

लंदन में बीबीसी संवाददाता नरेश कौशिक कहते हैं कि लंदन में बहुत से भारतवासी रहते हैं जिसके कारण यहां रहना आसान है.

वह कहते हैं, “यहां पर दक्षिण एशियाई खाना आराम से मिल जाता है. लंदन के बहुत सारे इलाक़े ‘मिनी भारत’ जैसे बन गए हैं. बहुत सारे लोगों के पहले से यहां पर ठिकाने हैं. बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स, उद्योगपतियों के यहां घर हैं. पहले से घर होने के कारण भी लंदन में भागकर आने में आसानी होती है.”

मेहुल चौकसी ने एंटीगुआ एंड बारबुडा की नागरिकता ले ली है

भगोड़ों को भारत वापस लाना कितना आसान

‘द टेलिग्राफ़’ की रिपोर्ट सामने आने के बाद कल दोपहर को प्रवर्तन निदेशालय ने ट्वीट कर बताया कि उसने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अर्ज़ी ब्रिटेन को पिछले साल जुलाई में ही भेज दी थी.

प्रवर्तन निदेशालय ने ट्वीट में लिखा कि ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के केंद्रीय प्राधिकरण ने अर्ज़ी मिलने की पुष्टि भी की थी और आगे की कार्यवाही के लिए उसको वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट कोर्ट भेज दिया था.

विजय माल्या के प्रत्यर्पण का मामला भी लंदन की कोर्ट में चल रहा है तो क्या इसी तरह से नीरव मोदी का मामला भी कोर्ट में चलेगा? और उनको ब्रिटेन से कैसे प्रत्यर्पित किया जा सकता है? ये तमाम सवाल उठ रहे हैं.

इस पर सलमान हैदर कहते हैं कि भारत से फ़रार होकर ब्रितानिया में पहुंचने वाले लोगों को न्याय का पूरा मौक़ा दिया जाता है.

वह कहते हैं, “विजय माल्या के मामले की अदालती कार्यवाही को सालभर से अधिक होने वाला है. ब्रिटेन से लोगों को प्रत्यर्पित किया जा सकता है लेकिन इस प्रक्रिया को पूरी क़ानूनी कार्यवाही से होकर गुज़रना होता है.”

सलमान हैदर का कहना है कि प्रत्यर्पण कार्यवाही के दौरान क़ानूनी दांव-पेंच का इस्तेमाल होता है और दोनों देशों के क़ानूनों की जानकारी होना लंदन में काम आती है.

अगर उदाहरण के तौर पर संगीतकार नदीम अख़्तर सैफ़ी के मामले को लें तो उसमें भी यही हुआ था. हिंदी सिनेमा के 90 के दशक की हिट संगीत जोड़ी नदीम-श्रवण के नदीम अख़्तर सैफ़ी गुलशन कुमार हत्याकांड के बाद देश छोड़कर लंदन भाग गए थे.

भारत सरकार ने उनके प्रत्यर्पण के लिए लंदन की कोर्ट में केस लड़ा लेकिन हत्याकांड मामले में उनके ख़िलाफ़ प्रथम दृष्टया मामला न होने के कारण उनके प्रत्यर्पण के मामले को रद्द कर दिया गया.

नीरव मोदी का प्रत्यर्पण हो पाएगा

हाल में कुछ ऐसी रिपोर्ट्स आई थीं जब नीरव मोदी के वकील के ज़रिए कहा गया कि उन्हें भारत प्रत्यर्पित न किया जाए क्योंकि वहां उनकी जान को ख़तरा है, वहां राजनेता रैलियों में उनका नाम लेते हैं जिससे लोग आक्रोशित हैं.

इसी आधार पर नीरव मोदी द्वारा ब्रिटेन से राजनीतिक शरण मांगने की ख़बरें हैं लेकिन इस पर ब्रिटेन सरकार ने अब तक कुछ नहीं बोला है. उसका कहना है कि वह व्यक्तिगत मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करती है.

नरेश कौशिक का कहना है, “नीरव मोदी द्वारा राजनीतिक शरण मांगने की रिपोर्ट्स हैं और राजनीतिक शरण मांगने के बाद उसके ख़ारिज होने तक पूरा क़ानूनी सिस्टम आपको सपोर्ट करता है. अगर उन्होंने राजनीतिक शरण न भी मांगी हो तो यहां अपील करके प्रत्यर्पण से बचा जा सकता है.”

तो क्या क़ानूनी पेचीदगियों के कारण भारत नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे उद्योगपतियों को ब्रिटेन से वापस नहीं ला पाएगा?

इस सवाल पर नरेश कौशिक कहते हैं कि भारत इस समय मज़बूत स्थिति में है और विजय माल्या के मामले में उसे काफ़ी सफलता भी मिली है तो यह कहा जा सकता है कि प्रत्यर्पण में भारत को सफलता मिल सकती है.

वह कहते हैं, “भारत इस समय काफ़ी महत्वपूर्ण शक्ति है जिसे ब्रिटेन समझता है. ब्रेग्ज़िट के बाद ब्रिटेन को भारत की ज़रूरत है वह भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करना चाहता है तो इसलिए ब्रिटेन के हक़ में नहीं है कि वह इन लोगों को अपने यहां रहने दे. हालांकि, फिर भी ब्रिटेन के क़ानून का मज़बूत होना इन लोगों को लंदन में रोके रख सकता है.”

होली विज्ञापन : सर्फ एक्सल के हिन्दू-मुस्लिम होली विज्ञापन पर फूटा लोगों का गुस्सा

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सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर रविवार को हिन्दुस्तान लीवर कंपनी(एचयूएल) के डिटर्जेंट सर्फ एक्सल के एक विज्ञापन को लेकर लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। होली की थीम पर बने इस विज्ञापन को लोगों ने बहुसंख्यक हिन्दुओं की भावनाओं के ठेस पहुंचाने वाला बताया। इतना ही नहीं लोगों ने आरोप लगाया कि बॉलीवुड की तर्ज पर विदेशी कंपनियां भी भारत के बहुसंख्यक हिन्दुओं के त्यौहार, रीति-रिवाज, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का समय-समय पर मजाक बनाती हैं। लोगों की प्रतिक्रिया के चलते बायकाट सर्फ एक्सल हैसटैग टॉप ट्रेंड करता रहा।

दुनिया की सबसे बड़ी उपभोक्ता उत्पादक कंपनी यूनिलीवर की भारतीय शाखा एचयूएल ने अपने ब्रांड सर्फ एक्सल के विज्ञापन में हिन्दू और मुस्लिम बच्चों को दिखाया है। विज्ञापन में एक हिन्दू बालिका अपने मुस्लिम पड़ोसी बच्चे के लिए पूरे मोहल्ले के बच्चों के रंग खुद पर डलवा लेती है। जब सबके रंग खत्म हो जाते हैं तो वह हिन्दू बच्ची अपने मुस्लिम देस्त को अपनी साइकिल पर बैठाकर मस्जिद तक छोड़कर आती है। इस तरह वह मुस्लिम बच्चा बिना रंग से सराबोर हुए मस्जिद तक नमाज पढ़ने के लिए पहुंच जाता है। लोगों का आरोप है कि होली जैसे हिन्दुओं के पवित्र त्योहार को एक विदेशी कंपनी क्यों अपने फायदे के लिए विज्ञापन में उपयोग में ला रही है। क्यों इस विदेशी कंपनी यूनिलीवर ने बच्चों के बीच में हिन्दु-मुस्लिम वाला भेद बताया। होली के रंग पवित्र होते हैं ऐसे में उन्हें दाग की संज्ञा देने पर भी लोगों ने रोष जताया है।

इस पर योगगुरु बाबा रामदेव ने ट्वीट कर कहा कि हम किसी भी मजहब के विरोध में नहीं हैं लेकिन जो चल रहा है उस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लगता है जिस विदेशी सर्फ से हम कपड़ों की धुलाई करते हैं अब उसकी धुलाई के दिन आ गए हैं।

इस मामले पर कुछ ट्विटर यूजर ने अपने पक्ष रखते हुए ट्वीट किए हैं। अवनीश राजपूत ने लिखा है, सर्फ एक्सेल कुछ दाग बहुत अच्छे होते हैं। हम तो होली पर रंगों के दाग ‘सर्फ एक्सेल’ से धो लेंगे लेकिन तुम भी अपने मन की कालिख को इसी से धुलना। ठीक है तो आइए इस होली पर जमकर रंग खेलें और संप्रदायिक सौहार्द को मजबूत रखें।

पंडिताईन उवाच ने ट्वीट किया कि लेखक होने के साथ-साथ गृहणी भी हूं। घड़ी डिटरजेंट बेहतरीन है। आज ही सर्फ एक्सल को फेंक दें। यह डिटरजेंट हमारी बच्चियों को गलत शिक्षा देता है। कल को जब हमारी बेटियां लव जेहाद का शिकार होंगी तो यह लोग चुप्पी साध लेंगे।

अंकित शुक्ल ने कहा यूनिलीवर दाग अच्छे हैं क्योंकि होली के पवित्र रंगों के हैं। सर्फ एक्सल में दम हो तो इस प्रकार के एड दूसरे पंथ पर भी बनाए। क्या सारी गंगा-जमुना तहजीब हमें ही सिखाई जाएगी।

आलोक मिश्रा ने ट्वीट किया कि लव जिहाद का ऐड सर्फ एक्सेल जिस किसी के घर में यूज होता हो बहिष्कार करो।

अशोक सिरोही ने ट्वीट किया, ये जेहाद है, ये युद्ध है। तुम्हारे खिलाफ, तुम्हारी मानसिकता के खिलाफ! इस तरह के फोटो खींचकर इस होली पर जेहाद का बेहूदा युद्ध लड़ा जा रहा है।

पिंकू शुक्ला ने कहा कि सर्फ एक्सल ने दाग नहीं अपितु हिंदुत्व को मिटाने वाला विज्ञापन बनाया है। क्या ये कम्पनी अन्य पंथ या धर्म को मानने वालों को भी इसी प्रकार की सीख देगी। आखिर क्यों हर बार केवल हिन्दू त्योहारों का ही मजाक उड़ाया जाता है।

सौरभ पांडेय ने ट्वीट किया कि दाग अच्छे हैं सर्फ एक्सल। होली का रंग दाग नहीं है। ये सौहार्द और एकता का रंग है ना कि निरीह अबोध जानवरों का रक्त। बाजार चलाइये। बाजार की आड़ में धार्मिक विद्रोह नहीं।

पूजा सिंह ने ट्वीट किया, दाग अच्छे हैं… सिर्फ एक विशेष वर्ग के बचाव में इस प्रकार के एड न बने.. क्योंकि आपके उत्पाद का उपयोग धर्म और विचार से परे किया जाता है।

अंबानी परिवार आर्मी और पुलिस के सम्मान में आयोजित कर रहा स्पेशल म्यूजिकल फाउंटेन शो

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अंबानी परिवार 12 मार्च को मुंबईवासियों के लिए स्पेशल म्यूजिकल फाउंटेन शो का आयोजन कर रहा है। इस आयोजन में भारतीय सैन्य बल, पुलिस और उनकी फैमिली के कुल 7000 सदस्य शामिल होंगे, जो नवविवाहित जोड़े आकाश अंबानी और श्लोका मेहता को आशीर्वाद देंगे। बता दें, मुकेश अंबानी और नीता अंबानी ने 6 मार्च को लगभग 2000 गरीब बच्चों के साथ धीरुभाई अंबानी स्क्वायर का उद्घाटन किया था। अंबानी परिवार ने इसे मुंबईवासियों को समर्पित किया है।

म्यूजिकल फाउंटेन के साथ डांस प्रोग्राम

मंगलवार को होने वाले स्पेशल शो में म्यूजिकल फाउंटेन कम डांस प्रोग्राम का आयोजन होगा। सशस्त्र बलों के लिए आयोजित म्यूजिकल फाउंटेन और डांस शो में शानदार नृत्य प्रदर्शन के साथ साथ पानी के फव्वारे के साथ मंत्रमुग्ध करने वाले लाइट शो होंगे। शो भगवान कृष्ण की रास लीला, राधा और वृंदावन की गोपियों के भक्ति के प्राचीन विषय पर आधारित है। इस शो में 150 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकार भाग ले रहे हैं।

 

धीरुभाई अंबानी स्क्वायर के पास किया जाएगा म्यूजिकल शो

बता दें, म्यूजिकल शो का आयोजन मुंबई के बीकेसी पर जियो वर्ल्ड सेंटर में धीरुभाई अंबानी स्क्वायर के पास किया जाएगा। यहां पर करीब 600 एलईडी बल्ब के साथ खूबसूरत वॉटर फाउंटेन की भी व्यवस्था है। फायर इफेक्ट के लिए 392 वॉटर नोजल्स होंगे जो करीब 45 फीट की उंचाई तक वॉटर शूट करेंगे।

 

देश के सुरक्षाबलों का आशीर्वाद पाकर खुशी हो रही: नीता अंबानी

जानकारी देते हुए नीता अंबानी ने कहा, ”इस देश की सुरक्षा करने वाले अपने सुरक्षा बलों के साथ अपनी खुशी साझा करके और उनका आशीर्वाद पाकर खुशी हो रही है। धीरूभाई अंबानी स्क्वायर में स्पेशल म्यूजिकल फाउंडेशन प्रोग्राम मुंबई की कभी हार न मानने और जिंदादिली को समर्पित है। हम अपने सुरक्षाबलों और उनके परिवारों के सदस्यों के साथ इस अनुभव को साझा करने के लिए तत्पर हैं।”

बड़ी खबर : 9 चरण में होंगे लोकसभा चुनाव, तारीखों के ऐलान के साथ देश में आदर्श आचार संहिता लागू

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7 चरण में होंगे लोकसभा चुनाव, 23 मई को होगी मतगणना

चुनाव आयोग ने रविवार को 17वें लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। पूरे देश में 7 चरणों में 543 सीटों पर मतदान कराए जाएंगे। 23 मई को चुनाव के नतीजों का ऐलान होगा।

यूपी की 80 सीटों पर 7 चरण में मतदान होंगे

उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर 7 चरण में मतदान होंगे। बिहार और पश्चिम बंगाल में भी 7 चरणों में चुनाव होंगे। वहीं जम्मू-कश्मीर में 5 चरण में चुनाव होंगे।

7 चरणों में इतनी सीटों पर होंगे चुनाव

  • पहले चरण में 91 सीटों पर चुनाव होंगे
  • दूसरे चरण में 97 सीटों पर होंगे चुनाव
  • तीसरे चरण में 115 सीटों पर चुनाव होंगे
  • चौथे चरण में 71 सीटों पर चुनाव होंगे
  • पांवें चरण में 51 सीटों पर होंगे चुनाव
  • छठे चरण में 51 सीटों पर चुनाव होंगे
  • 7वें चरण में 59 सीटों पर चुनाव होंगे

इन राज्यों में इतने चरणों में होंगे चुनाव

कर्नाटक, मणिपुर, राजस्थान और त्रिपुरा में दो चरणों में चुनाव होंगे। असम और छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में चुनाव होंगे। झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र में चार चरणों में चुनाव होंगे।

इन सभी राज्यों में एक चरण में होंगे चुनाव

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तराखंड, अंडमान निकोबार, दादरा एंड नगर हवेली, दमन दीव, लक्ष्यदीप, दिल्ली, पांडिचेरी और चंडीगढ़।

11 अप्रैल को पहले चरण के लिए वोटिंग होगी

पहले चरण में 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों पर 11 अप्रैल को चुनाव होंगे।

7 चरण में होंगे लोकसभा चुनाव, 23 मई को होगी मतगणना: सुनील अरोड़ा

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 7 चरण में लोकसभा चुनाव होंगे और 23 मई को होगी मतगणना होगी।

लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होंगे:

  • पहला चरण- 11 अप्रैल
  • दूसरा चरण- 18 अप्रैल
  • तीसरा चरण- 23 अप्रैल
  • चौथा चरण- 29 अप्रैल
  • पांचवां चरण- 6 मई
  • छठा चरण- 12 मई
  • सातवां चरण- 19 मई

विज्ञापन के लिए कई नियम बनाए गए हैं

सुनील अरोड़ा ने कहा कि सोशल मीडिया पर विज्ञापन देने से पहले विज्ञापन देने वाले को प्रमाणित कराना होगा। उन्होंने कहा कि गूगल, फेसबुक और यू-ट्यूब ने लिखकर दी है इस नियम के पालन की मंजूरी। गूगल और फेसबुक विज्ञापन देने वालों के नाम आयोग को बताएंगे।

मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापाक प्रबंध: सुनील अरोड़ा

सुनील अरोड़ा ने कहा कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापाक प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को लोक कलाकारों, कम्युनिटी रेडियो और सोशल मीडिया से के जरिए जागरूक किया जाएगा।

सभी संवेदनशील इलाकों में सीआरपीएफ की तैनाती होगी: सुनील अरोड़ा

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि सभी संवेदनशील इलाकों में सीआरपीएफ की तैनाती होगी। उन्होंने कहा कि संवेदनशील इलाकों में विशेष पर्यवेक्ष भेजे जाएंगे।

सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे: सुनील अरोड़ा

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम होंगे। चुनावी धांधलियों की शिकायत के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम काम करेगा। सुनील अरोड़ा ने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत के लिए मोबाइल एप होगा।

आज से चुनाव आचार संहिता लागू: सुनील अरोड़ा

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के चुनाव आचार संहिता आज से लागू हो गया है। आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि रात में 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच प्रचार में लाउड स्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रचार में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट की व्यवस्था: सुनील अरोड़ा

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि वोट डालने के लिए पहचान पत्र के रूप में 11 विकल्प होंगे। उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट की व्यवस्था

इस बार चुनाव में 90 करोड़ मतदाता करेंगे वोट: सुनील अरोड़ा

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि इस बार 8 करोड़ 43 लाख मतदाता बढ़े। उन्होंने कहा कि चुनाव में नोटा का इस्तेमाल होगा। इस बार चुनाव में 90 करोड़ लोग करेंगे वोट। मतदान के लिए 10 लाख मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

99.36 फीसदी मतदाताओं के पास वोटर कार्ड: सुनील अरोड़ा

सुनील अरोड़ा ने कहा कि 99.36 फीसदी मतदाताओं के पास वोटर कार्ड हैं। वोटर लिस्ट में नाम चेक करने के लिए विशेष फोन नंबर मुहैया कराए गए हैं।

परीक्षाओं और त्योहारों का ध्यान रखा गया: सुनील अरोड़ा

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव की तारीखें तय करने में परीक्षाओं और त्योहारों का ध्यान रखा गया। खासतौर से रमजान के महीने का ध्यान रखा गया। फसल पकने के मौसम का भी तिथि तय करने में ध्यान रखा गया।

चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस शुरू

विज्ञान भवन में चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस शुरू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा प्रेस से बात कर रहे हैं। चुनाव आयुक्त ने कहा, “विभिन्न राज्यों के अधिकारियों, राजनीतिक दलों और सुरक्षा एजेंसियों से बातचीत करने के बाद चुनाव कार्यक्रम तैयार किया गया है। 3 जून को 16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है।”

जानिए लोकसभा चुनाव 2019 के वो मुद्दे जिस पर पीएम मोदी को जवाब देना होगा मुश्किल

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चुनाव आयोग आज लोकसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान कर सकता है। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि इस बार के चुनाव में वो कौन से मुद्दे हैं जिसको लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

मोदी सरकार से किसान हैं नाराज!

2014 लोकसभा चुनाव से पहले तब के बीजेपी के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने किसानों के लिए कई बड़े वादे किए थे। लेकिन क्या उन वादों पर अमल किया गया? किसानों को उनका हक दिलाने की बात करने वालो पीएम मोदी उनको हक दिला पाए? किसानों की नाराजगी को देखकर लगता तो नहीं है। कृषि क्षेत्र की मुख्य समस्या है कम विकास दर और खाद्य पदार्थो का कम दाम। देश भर के किसान न्युनतम मूल्य को बढ़ाने के लिए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं। किसानों को लागत के हिसाब से उपज पर मूल्य नहीं मिल रहा। कर्ज के बोझ से दबे किसान हर दिन आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। अब चुनाव में किसान पीएम मोदी को पिछले चुनाव के वक्त किए गए वादों को याद दिलाएंगे और सवाल पूछा जाएगा।

नौकरियों का अकाल

हमारे देश में बेरोजगारी हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है। बेरोजगारी वर्तमान सरकार की सबसे बड़ी असफलता कही जा सकती है। हर साल एक करोड़ नौकरी देने का वादा कर के सत्ता में आने वाली पार्टी की सरकार ने कुछ ऐसे फैसले लिए जिसकी वजह से हालात और खराब हो गए। नोटबंदी और जीएसटी की वजह से लाखों लोग बेरोजगार हो गए और कइयों के व्यवसाय चौपट हुए। एक रिपोर्ट के मुतबाकि नोटबंदी की वजह से करीब 15 लाख लोग बेरोजगार हो गए। बेरोजगारी का आलम यह है कि 2017-18 में बिगत 45 सालों में सबसे कम नौकरियां उत्पन्न हुई। सरकार का नौकरी का हालात बताने वाला विभाग राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग से कई इस्तीफा भी हो चुके है। विपक्ष का आरोप है की सरकार आंकड़ों को छुपाने के वास्ते अधिकारियो पर दवाब बना रही है।

राफेल डील

इस लोकसभा चुनाव में राफेल डील भी एक बड़ा मुद्दा है। राफेल डील को लेकर कांग्रेस लगातार मोदी सरकार को कटघरे में खड़ी करती रही है। कांग्रेस इस डील में भारी अनियमितताओं का आरोप लगा रही है। उसका कहना है कि सरकार प्रत्येक विमान 1,670 करोड़ रुपये में खरीद रही है जबकि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने प्रति विमान 526 करोड़ रुपये कीमत तय की थी। साथ ही कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार से लगातार यह सवाल पूछती आई है कि सरकारी ऐरोस्पेस कंपनी एचएएल को इस डील में शामिल क्यों नहीं किया गया।

हाल की चुनाव रैलियों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीधे तौर पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि पीएम मोदी ने अनिल अंबानी को इस डील का फायदा पहुंचाया। राहुल गांधी का आरोप है कि डसॉल्ट ने मोदी सरकार के दबाव में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को ऑफसेट पार्टनर चुना, जबकि उसके पास इस क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को कम करके आंकना

इस सरकार के सत्ता में आने के साथ ही विपक्षी पार्टियों का एक बड़ा आरोप यह भी रहा है कि यह सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को कम करने का प्रयास कर रही है। विपक्षी पार्टियों के अनुसार यह सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट भी कर रही है। विपक्षी पार्टियों के अनुसार न्यायिक प्रक्रिया, संसद, जनसंचार, रिजर्व बैंक, सीबीआई, जनसूचना का अधिकार सहित सभी इस तरह के जान कल्याणकारी संस्थाओ को सरकार नजरअंदाज कर रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी संविधान बचाओ की मांग को लेकर धरने पर बैठ गयी जिसका कई पार्टियों ने समर्थन भी किया।

रामजन्मभूमि विवाद

यह विवाद भारत की राजनीती को पिछले 3 दशकों से प्रभावित कर रही है। बीजेपी इस पर अपनी सुविधा की राजनीति करती रही है। हालांकि इस बार राम मंदिर मुद्दे पर बीजेपी को चुनाव में ज्यादा फायदा नहीं मिलने वाला। अब लोग पार्टी से सवाल कर रहे हैं कि मंदिर कब बनेगा ये बताइए सरकार।

नागरिकता संशोधन विधेयक

लोकसभा चुनाव 2019 में नागरिकता संशोधन विधेयक भी एक मुद्दा है। इस विधेयक का सबसे ज्‍यादा विरोध असम में हो रहा है। असम सहित पूर्वोत्‍तर में इस संशोधन विधेयक का विरोध करने वालों का कहना है कि इससे क्षेत्र में सामाजिक व जनसांख्यिकीय संरचना बुरी तरह प्रभावित होगी। उन्‍होंने इसे असम समझौता, 1985 के विरुद्ध भी माना है, जो 25 मार्च, 1971 के बाद बांग्‍लादेश से आने वाले अवैध प्रवासियों को वापस उनके देश भेजने की बात करता है।

उनका कहना है कि ऐसे प्रवासियों की पहचान और उन्‍हें वापस उनके देश भेजने के लिए हुए समझौते में किसी भी कीमत पर बदलाव नहीं किया जाना चाहिए।

अफगानिस्‍तान, बांग्‍लादेश या पाकिस्‍तान से आए जिन लोगों को सितंबर 2015 में भारत में रहने की अनुमति दी गई, वे ऐसे लोग थे, जो 31 दिसंबर, 2014 से पहले या उस दिन तक भारत पहुंच गए थे। इसी तरह उक्‍त देशों से आए कुछ अन्‍य अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने की बजाय जुलाई 2016 में भी उन्‍हें नागरिकता देने का मुद्दा उठा और विधेयक लोकसभा में पेश किया गया, जिसके बाद से पूर्वोत्तर उबल पड़ा।

वेल्डिंग का काम करने वाले युवक ने बनाया विमान, दो लोगों के बैठने के लिए लगाई सीट

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जहाजपुर में वेल्डिंग का काम करने वाले पांचवी पास युवक शिवराज पांचाल ने बाइक के इंजन से विमान बनाकर नया करनामा कर दिखाया है। इस विमान का उड़ान भरते देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी। पुलिस ने शिवराज की दुकान पहुंचकर उड़ान नहीं भरने के लिए पाबंद किया। इसके साथ ही युवक के जुगाड़ हवाई जहाज को जब्त कर लिया। प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने से शिवराज के अरमान दिल में ही दबकर रह गए। पहली उड़ान भरने की पूर्व घोषणा के चलते बड़ी संख्या में लोग नागदी बांध पर पहुंच गए और इस उड़ान कटोले को देखने के लिए उत्साहित दिखे।

30 वर्षीय शिवराज ने मोटरसाइकिल के इंजन से हवाईजहाज बनाया है। खिलौना बनाते समय उसे हवाईजहाज बनाने की सूझी। उसने 20 फीट लंबे पंख वाला 15 फीट लंबा उड़न खटोला बना डाला। पंखों पर कपड़े का खोल चढ़ाया गया। दो लीटर की प्लास्टिक की बोतल पेट्रोल टैंक रूप में बांधी। शिवराज ने बताया कि 6 माह में पूरे हुए इसके निर्माण में 35-40 हजार रुपए खर्च हुए। इसमें लोहे के तीन पहिए लगाए व दो लोगों के बैठने के लिए सीट बनाई। पुलिस के अनुसार हादसे के अंदेशे के चलते विमाननुमा उड़न-खटोला जब्त कर लिया गया गया है। शिवराज ने बताया कि आज उन्हें नागदी बांध से उड़न खटोले को उड़ा कर देखना था, लेकिन प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने से मुझे थोड़ी मायूसी जरूर हुई, लेकिन इसे उड़ा कर दिखाऊंगा। युवक ने कहा कि मेरे विमान पर प्रशासन को मैं विश्वास में लूंगा और इसे सफलतापूर्वक उड़ा कर दिखाऊंगा।

जानकर चकरा जाएगा आपका सिर, दुनिया में पहली बार कब बनी थी रोटी

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दुनिया में पहली बार रोटी कब बनी, कहां बनी और कैसे बनी इसे लेकर इतिहासकर्ताओं के अलग-अलग मत हैं। लेकिन हाल ही में शोधकर्ताओं ने रोटी से जुड़ा नया सच खोज निकाला है।

उत्तर-पूर्वी जॉर्डन में शोधार्थियों को एक ऐसी जगह मिली है जिसे लेकर कहा जा रहा है कि वहां करीब साढ़े चौदह हजार साल पहले फ्लैटब्रेड यानी रोटी पकाई गई थी।

शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि इस जगह पर पत्थर के बने एक चूल्हे में रोटी पकाई गई थी। शोधार्थियों को मौके से वह पत्थर का चूल्हा भी मिला है।

इन अवशेषों से यह पता चलता हैं कि मानव ने कृषि विकास होने से सदियों पहले ही रोटी पकानी शुरू कर दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 4000 साल पहले इंसानों ने खेती करना शुरू किया था लेकिन उससे काफी समय पहले ही पूर्वी भूमध्यसागर में शिकारियों ने रोटियां पकानी शुरू कर दी थीं।

अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि उस समय रोटी बनाने में जंगली अनाजों का इस्तेमाल किया गया होगा। यह रोटी जौ, इंकॉर्न, जई और पानी में उगने वाले एक खास किस्म के पौधे ट्यूबर्स से बनाई गई होगी।

शोध के अनुसार इस रोटी को नॉटफियन संस्कृति के लोगों ने बनाया होगा। ये वे लोग होंगे जो एक जगह ठहरकर जीवन व्यतीत करते होंगे। यह अवशेष ब्लैक डेजर्ट एर्केओलॉजिक साइट पर मिला है।

इस शोध से मिले अवशेषों से यह प्रतीत होता है कि रोटी का इतिहास कृषि विकास से भी काफी पुराना है। शोधार्थी अमाया अरन्ज-ओटेगुई ने बताया, यह संभव है कि रोटी ने पौधों की खेती करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया होगा।

कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने लगाया मोदी सरकार पर ये आरोप, कहा….

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चौदह हजार करोड़ रुपए की बैंक धांधली के भगौड़े नीरव मोदी को लेकर शनिवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर निशाना साधा और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार उसे धर दबोचने में नाकाम रही है। कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नीरव मोदी लंदन में अपना कारोबार सामान्य रुप से चला रहा है जबकि केन्द्र सरकार उसे पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने में नाकामयाब रही है।

खबरों के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक के साथ करोड़ों रुपए की धांधली करने वाला हीरा कारोबारी नीरव मोदी से लंदन में रहकर अपना व्यापार संचालित कर रहा है। चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि एक अखबार का रिपोर्टर नीरव मोदी का साक्षात्कार करने में सफल रहता है जबकि भारत की जांच एजेंसियों को उसका कोई अता-पता नहीं मिलता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मोदी है तो मुमकिन है के नारे का एक और ज्वलंत उदाहरण है। देश में धांधलीबाज पुनर्वास योजना चल रही है। उन्होेंने कहा कि देश में मचाओ लूट, प्रधानमंत्री मोदी देंगे खुली छूट। देश के बैंक लुटेरों को भगवाकर चौकीदारी करने का झूठा रोना रोते हैं। चतुर्वेदी ने कहा कि मोदी ने वर्ष 2014 में 80 लाख करोड़ रुपए का कालाधन देश में लाने का वादा किया था लेकिन इसकी बजाय करदाताओं के पैसे पर बैंकों के धांधली करने वाले लोग विदेशों में ऐशोआराम का जीवन जी रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को मेहुल चौकसी के गीतांजलि ग्रुप कंपनियों की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी। उन्होेंने कहा कि और इन सवालों का कुछ जवाब है साहिब? छोटे मोदी का कोई हिसाब है साहिब? ठेंगा दिखाकर लंदन में ऐश कर रहा है भगोड़ा, देश को लुटवाकर आप नौजवानों से बेचवा रहे हैं पकौड़े..!

इससे पहले कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिह सुरजेवाला ने नीरव मोदी के लंदन में होने पर ट्वीट किया, बैंक धांधलीबाज पुनर्वास योजना’ के पोस्टर बॉय का विदेश में एक दिन का जीवन। ट्वीट में कहा गया है, निर्देशक एवं निर्माता- नरेंद्र मोदी। संपादक- अरुण जेटली। पटकथा लेखक-ईडी और सीबीआई। लागत 23000 करोड़ रुपए। वित्त पोषण- भारतीय बैंक। मोदी है तो मुमकिन है।