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रायपुर : निर्वाचन प्रक्रिया को सुगम बनाने में जिला से लेकर बूथ स्तर के अधिकारियों की भूमिका अहम : श्री सुब्रत साहू

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुब्रत साहू ने कहा है कि निर्वाचन की सुगमता और सफलता के लिये जिला से लेकर बूथ स्तर के अधिकारियों की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाये रखते हुए निर्वाचन कार्य सम्पन्न कराना हमारी सफलता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन से जुड़ी हमारी हर गतिविधि में यह प्रदर्शित भी होना चाहिए।

श्री साहू लोकसभा निर्वाचन-2019 की तैयारियों के सिलसिले में प्रदेश के सहायक रिटर्निंग अधिकारियों तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के पहले समूह के दो दिवसीय सर्टिफिकेशन कोर्स के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। दूसरे समूह का प्रशिक्षण 27 तथा 28 फरवरी को होगा।

इस दौरान अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी त्रय श्री समीर विश्नोई, श्रीमती पद्मिनी भोई साहू तथा डॉ. के.आर.आर. सिंह सहित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नवीन विश्राम भवन के ऑडिटोरियम में दिन-भर चले सर्टिफिकेशन कोर्स के दो दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुब्रत साहू ने सभी सहायक रिटर्निंग अधिकारियों तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को लोकसभा निर्वाचन-2019 में विधानसभा निर्वाचन की भाँति बेहतर और सुगम निर्वाचन की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इन दो दिनों में प्रदेश के सभी 11 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के अधिकारियों को सुगम, निष्पक्ष और स्वतंत्र निर्वाचन के लिए आवश्यक जानकारियाँ दी जा रही हैं। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा सहायक रिटर्रिंग अधिकारी के दायित्वों, मतदाता सूची का पुनरीक्षण, आदर्श आचरण संहिता और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन 7 सत्रों  में विषय विशेषज्ञों तथा मास्टर ट्रेनरों ने निर्वाचन संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिया। इस दौरान प्रश्नोत्तरी तथा व्यावहारिक चुनौतियों को लेकर पर समस्याओं का समाधान किया गया।

उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व मास्टर ट्रेनर श्री श्रीकांत वर्मा ने मतदाता सूची तथा इस  सूची को अद्यतन करने, सूचना का अधिकार के तहत मतदाता सूची के बारे में निषेध सहित मतदाता सूची के विषय में अन्य जानकारियाँ दी। उन्होंने निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस और प्रशासन के बेहतर समन्वय की बात कही। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों की तैनाती के लिए पुलिस को सही समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मास्टर ट्रेनर श्री प्रणव सिंह तथा श्रीमती भारती चंद्राकर ने सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के दायित्वों पर प्रकाश डाला। उन्होंने निर्वाचन के दौरान नामांकन प्रक्रिया, नामांकन की संवीक्षा, अभ्यर्थी की योग्यता तथा अयोग्यता समेत अन्य विषयों पर बातें रखीं।

मास्टर ट्रेनर श्री पुलक भट्टाचार्य ने निर्वाचन तैयारियों, मतदान दल, मतदान केंद्रों की तैयारियों, रिजर्व दलों सहित अन्य तैयारियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। आदर्श आचरण संहिता के पालन तथा इस दौरान रखी जाने वाली सावधानियों के संबंध में प्रकाश डाला। उन्होंने निर्वाचन व्यय तथा निगरानी की बारीकियों को साझा किया। दो दिवसीय प्रशिक्षण उपरांत लोकसभा निर्वाचन हेतु सहायक रिटर्निंग अधिकारियों तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिये भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सर्टिफिकेशन कोर्स पर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी। दूसरे दिन अर्थात 26 फरवरी को प्रशिक्षण उपरांत द्वितीय चरण की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

प्रशिक्षण के दूसरे दिन 26 फरवरी को 6 सत्र होंगे। इसमें इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईव्हीएम) तथा व्हीव्हीपेट का उपयोग, मतदान दल एवं दिव्यांग मतदाता की सहूलियतों, पेड न्यूज, मीडिया तथा मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी, मतगणना तथा परिणाम की घोषणा के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग जैसे सुविधा, सुगम, समाधान, सी-विजिल तथा मतगणना एप्लीकेशन पर जानकारी दी जाएगी।

पाक विदेश मंत्री का बयान – हमारे ऊपरे खतरे के बादल मंडरा रहे हैं

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पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारत ने सबसे बड़ा बदला ले लिया है। आज सुबह साढ़े तीन बजे भारतीय वायुसेना ने एलओसी के पार जाकर जैश-ए-मोहम्मद के अलावा कई आंतकी संगठनों के लॉन्च पैड पूरी तरह बर्बाद कर दिए।

1971 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर दाखिल होकर हवाई हमला किया है। इस हमले के बाद से ही पाकिस्तान घबराया हुआ है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने आनन-फानन में सुरक्षा को लेकर एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में देश के पूर्व विदेश सचिवों और नौकरशाहों को बुलाया गया है।

इस बीच पाक के विदेश मंत्री का बयान आया है। उन्होंने कहा कि, मैं देश की आवाम को गुमराह नहीं करना चाहता। हमारे ऊपरे खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में हमें सतर्क रहने की जरूरत है।

ऐसे एयर स्ट्राइक को दिया गया अंजाम

भारतीय वायुसेना ने 12 मिराज-2000 जेट ने आज तड़के साढ़े तीन बजे एलओसी के पार मुजफ्फराबाद, चिकोटी, बालाकोट में जैश, लश्कर जैसे आतंकी संगठनों के कंट्रोल रूम पर हवाई हमला किया है। इस हमले में एक हजार किलो से ज्यादा के गाइडेड बम का इस्तेमाल किया गया है।

ये हवाई हमला पुलवामा अटैक के 12 दिन बाद हुआ है। सीआरपीएफ के काफिले पर हुए जैश-ए-मोहम्मद के फिदाइनी हमले में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ जवानों की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही पूरा देश गुस्से से उबल रहा था। सब बदले की बात कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साफ कर दिया था कि जवानों की बलिदान बेकार नहीं जाएगा और आतंकियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

रायपुर : समाज को आगे बढ़ाने में हर व्यक्ति बने भागीदार : श्री ताम्रध्वज साहू

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गृह, लोक निर्माण और संस्कृति मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित भामाशाह छात्रावास, साहू समाज भवन में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए। तेली इंजीनियर्स वेलफेयर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित ‘साहू विधायकों का अभिनंदन’ कार्यक्रम की अध्यक्षता अभनपुर के विधायक श्री धनेन्द्र साहू ने की। प्रदेश में वर्तमान में साहू समाज से छह विधायकों में दुर्ग ग्रामीण से श्री ताम्रध्वज साहू, अभनपुर से श्री धनेन्द्र साहू, डोंगरगांव से श्री दलेश्वर साहू, खुज्जी से श्रीमती छन्नी साहू, धमतरी से श्रीमती रंजना साहू और कसडोल से सुश्री शकुंतला साहू शामिल हैं। समारोह में गृह मंत्री श्री साहू ने भक्त माता कर्मा के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

गृह मंत्री श्री साहू ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए हर व्यक्ति को हमेशा बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने साहू समाज के सभी इंजीनियर्स द्वारा समाज की सेवा के लिए गठित एसोसिएशन की सराहना की और इसे सक्रिय बनाकर समाज सेवा के लिए निरंतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने एसोसिएशन को समाज के खासकर कमजोर तथा असहाय लोगों को सक्षम बनाने के लिए हर संभव मदद प्रदान करने के लिए भी विशेष जोर दिया। इसके साथ ही कोचिंग आदि के माध्यम से युवाओं को सही मार्गदर्शन देकर उन्हें स्वावलम्बी बनाने में सहयोग देने के लिए कहा। श्री साहू ने कहा कि संगठन में हर तरह के लोगों का मेल-मिलाप होता है और नये-नये सोच तथा चीजों के बारे में जानकारी मिलती है। इसे आत्मसात कर व्यक्ति स्वयं सहित अपने परिवार और समाज की उन्नति के लिए भागीदार बनें।
समारोह को विधायक श्री धनेन्द्र साहू ने भी सम्बोधित करते हुए एसोसिएशन को समाज की भलाई की दिशा में सतत रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एसोसिएशन के पदाधिकारी सर्वश्री राम साहू, टिकाराम, राधेश्याम, रामजी राठौर, नारायण साहू, सुश्री नलिनी साहू चन्द्रशेखर साहू, संतराम साहू, डॉ. सरिता साहू, श्री भागवत साहू, श्री प्रेमनारायण साहू, श्री हरिराम साहू सहित साहू समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Ayodhya Ram Mandir Issue: SC ने कहा- मध्यस्थता से हो विवाद का हल, मंगलवार को जारी होगा ऐसा आदेश

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नई दिल्ली। अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। सर्वोच्च अदालत ने कहा, यह निजी जमीन को लेकर विवाद नहीं है। यह मामला अब बहुत विवादित हो चुका है। हम मध्यस्थता को एक और मौका देना चाहते हैं। यदि इस मुद्दे को बातचीत से हल करने की एक फीसदी भी संभावना है तो ऐसा किया जाना चाहिए।

जस्टिस एसए बोबडे ने कहा, सुप्रीम कोर्ट अगले मंगलवार को इस पर फैसला सुनाएगा कि क्या कोर्ट की निगरानी में सभी पक्षों के बीच बातचीत हो सकती है। इससे कोर्ट का समय बचेगा।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ में इस मामले पर सुनवाई हुई। इससे पहले कोर्ट अयोध्या राम जन्मभूमि मालिकाना हक मुकदमें से संबंधित अपीलों पर 29 जनवरी को सुनवाई करने वाला था लेकिन जस्टिस एसए बोबडे के उपलब्ध न होने के कारण सुनवाई टल गयी थी। इसके बाद 20 फरवरी को सुनवाई की नई तिथि 26 फरवरी तय हुई थी।

सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई और संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष अपनी रिट याचिका का जिक्र करते हुए गुहार लगाई थी कि उनकी याचिका पर भी मुख्य मामले के साथ ही मंगलवार को सुनवाई की जाए। पीठ ने स्वामी से कहा कि वह मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रहें। स्वामी ने याचिका में कहा है कि जमीन पर अधिकार से बड़ा मौलिक अधिकार पूजा अर्चना का है। उन्हें अबाधित पूजा अर्चना का अधिकार मिलना चाहिए।

अयोध्या भूमि अधिग्रहण कानून 1993 को चुनौती देने वाली याचिका भी सुनवाई के लिए कोर्ट के सामने लगी है। हालांकि विवादित भूमि को छोड़ कर अधिगृहित जमीन का अतिरिक्त भाग भूस्वामियों को वापस लौटाने की अनुमति मांगने वाली केंद्र सरकार की अर्जी फिलहाल सुनवाई सूची में शामिल नहीं है। इसका कारण शायद यह है कि वह अर्जी अयोध्या राम जन्मभूमि पर मालिकाना हक के मुख्य मुकदमें में दाखिल नहीं की गई थी बल्कि पहले से निस्तारित हो चुके असलम भूरे मामले में दाखिल की गई है, जो कि एक अलग केस है।

वायुसेना ने शहीदों की तेरहवीं पर लिया बदला

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18 सितंबर 2016 को उरी में हुए आतंकी हमले में भारतीय सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे। इसका बदला लेने के लिए भारत ने नियंत्रण रेखा पार करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। इसमें पाकिस्तान की शह पर बनाए गए टेरर लॉन्च पैड्स को ध्वस्त कर दिया गया था।

29 सितंबर को पाक अधिकृत कश्मीर में इस सर्जिकल स्ट्राइक को उरी हमले के 11 दिन बाद 29 सितंबर 2016 को मुकम्मल किया गया।

इसी तर्ज पर भारतीय वायुसेना ने पुलवामा हमले के बाद पीओके में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। खास बात यह है कि 14 फरवरी 2019 को हुए इस हमले के ठीक 12 दिन बाद एक बार फिर भारत ने बड़ा ऐक्शन लिया है।

ख़बरों के अनुसारभारतीय सेना ने पीओके में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान कम से कम 7 आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया था।इस कार्रवाई के दौरान 38 आतंकियों को भी मार गिराए जाने की बात सामने आई थी।

सर्जिकल स्ट्राइक के ठीक बाद डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिटरी ऑपरेशंस (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर LoC के पार आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर डाला।

भारत ने इससे पहले बेहद आक्रामक ढंग से पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक अभियान चलाया। साथ ही मिलिटरी मूवमेंट भी ऐसा रखा, जिससे यह मेसेज गया कि जवाबी हवाई हमला किया जा सकता है

मसूद अजहर को पाकिस्तान घबरा कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में पुलवामा हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर कोस भारत विरोधी गतिविधियों के लिए पहचाना जाता है और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में से एक है। सीमा पर मौजूद इंटेलीजेंस के सूत्रों के मुताबिक सर्जिकल स्ट्राइल के बाद पाकिस्तान के बहावल में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को रावलपिंडी स्थित एक मिलिट्री हॉस्पिटल से हटाकर बहावलपुर स्थित कोटघनी के पास शिफ्ट किया गया है।

पाकिस्तान सरकार ने मसूद अजहर को रावलपिंडी में किसी सुरक्षित जगह भेजा था। रावलपिंडी में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हेडक्वार्टर भी है।

छत्तीसगढ़ : गांजा बेचते तीन लोगों को पुलिस ने पकड़ा, साढ़े छह किलो गांजा जब्त

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भिलाई !

गांजे की तस्करी करने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से कुल साढ़े छह किलो गांजा जब्त किया गया है। जिसकी कीमत 35 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

सुपेला पुलिस ने जेवरा-सिरसा निवासी आरोपित शेख हमीद (47) को कोसानाला टोल प्लाजा के पास गिरफ्तार किया। आरोपित रायपुर से गांजा लेकर बस से सुपेला पहुंचा था। टोल प्लाजा के पास वह अपने किसी साथी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे पकड़ा। आरोपित के कब्जे से चार किलो 100 ग्राम गांजा जब्त किया गया।

वहीं स्मृति नगर चौकी पुलिस ने मुरम खदान कोहका से सेक्टर-7 निवासी राजा विश्वकर्मा और अभिषेक सिंह को गांजा के साथ गिरफ्तार किया। आरोपित एक एक्टीवा सीजी-04 एडी 8800 से गांजा लेकर स्मृति नगर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ा। आरोपितों के कब्जे से ढाई किलो गांजा जब्त किया गया है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

छत्तीसगढ़ : अस्पताल से लौटी नर्स ने लगा ली फांसी

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रायपुर!

मोवा थाना क्षेत्र के पंचवटी नगर में मित्तल अस्पताल में काम करने वाली एक नर्स ने खुदकुशी कर ली। दोपहर दो बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद उसने अस्पताल के क्वार्टर रुम में दुपट्टे से फांसी लगा ली। शाम को महिला की सहयोगी ने फंदे पर झूलती लाश देखकर अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। मृतका का नाम सप्या मोंगरी पिता छगाराम (23), मूल निवासी रायगढ़ पटेरापाली बताया गया है। सालभर पहले ही वह मित्तल अस्पताल में काम करने आई थी। घर वालों से पुलिस ने संपर्क किया है। कमरे की तलाशी ली गई लेकिन कुछ भी पता नहीं चल सका। पुलिस ने सुसाइड नोट मिलने से इंकार किया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।

छत्तीसगढ़ : वन विभाग में बड़ा बदलाव, राकेश चतुर्वेदी को मिली कमान

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रायपुर। सरकार गठन के बाद राज्य सरकार ने दूसरा बड़ा निर्णय लेते हुए वन विभाग के मुखिया मुदित कुमार सिंह को हटाकर छत्तीसगढ़ मूल के आईएफएस अफसर राकेश चतुर्वेदी को वन विभाग की कमान सौंप दी। राकेश चतुर्वेदी 1985 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं। मुदित कुमार सिंह को राज्य वन अनुसंधान संस्थान का निदेशक बनाया गया है। मुदित सिंह वन वल प्रमुख बने रहेंगे।

जारी स्थानांतरण आदेश में शिरीष चंद्र अग्रवाल को निदेशक राज्य वन अनुसंधान संस्थान से प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव बनाया गया है। कौशलेंद्र सिंह को पीसीसीएफ वन्य जीव से राज्य शासन में संबद्ध कर दिया गया है। कौशलेंद्र सिंह से नान घोटाले में पूछताछ भी हो रही है।

संजय शुक्ला को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक पीसीसीएफ कार्यालय से अनुश्रवण व मूल्यांकन में स्थापित किया गया है। पीसी पांडेय को मानव संसाधन विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी से संरक्षण के पद पर पदस्थापित किया गया है।

सुधीर कुमार अग्रवाल को प्रशासन राज समन्वय के पद पर, युनूस अली को अनुश्रवण एवं मूल्यांकन के मानव संसाधन विकास सूचना प्रौद्योगिकी, तपेश झा को राज्य जैव विविधता बोर्ड से विकास योजना तथा संजय ओझा को जैव विविधता बोर्ड कार्यालय में स्थापित किया गया है। संजय शुक्ला, सुधीर अग्रवाल व संजय ओझा राज्य शासन से वापस आने के बाद बिना पद के थे।

कुछ को और करना होगा इंतजार

राज्य शासन से मूल विभाग में लौट कर आए कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अभी और इंतजार करना होगा। कारण की इस सूची में भी इनका नाम नहीं है।

SSP ने रायपुर में बदमाशों पर अंकुश के लिए बनाई यह योजना

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रायपुर। जिले की तंग गलियों में बदमाशी करने वाले शरारती तत्वों पर अब पुलिस के पहले वहीं रहने वाली महिलाएं तंज कसेंगी। बतौर पुलिस कमांडों के रूप में बदमाशों को आड़े हाथ लेकर कानून व्यवस्था संभालने के लिए अपनी भूमिकाएं बांधेंगी।

नए पुलिस कप्तान ने बालोद की तर्ज पर रायपुर शहर में महिला कमांडो बनाने की रणनीति तैयार की है। 15 से 20 हजार युवतियों व महिलाओं को महिला रक्षक दल से जोड़कर सुरक्षा का नया सिस्टम तैयार किया जाएगा। किसी भी परिवार से बालिग बेटियां अपनी मां के साथ और बहू अपनी सास के साथ मिलकर सुरक्षा गश्त में पुलिस संग शामिल हो सकेंगी। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस इन्हें महिला कमांडो का नाम देगी।

किसी भी तरह की अप्रिय वारदात होने पर सीधे वर्दीवालों से संवाद कर सकेंगे। फौरन इस पर कार्रवाई होगी। तंग गलियों से लेकर शहर की मुख्य संवेदनशील जगहों में ज्यादा से ज्यादा पुलिस सहयोगी यूनिट बनाई जाएंगी। महिला सुरक्षा दल में एएसपी, डीएसपी रैंक के अफसरों के लिए संवेदनशील जगहों में सहायता समूहों से सदस्य सुरक्षा दल से जोड़ने की जिम्मेदारी तय होगी।

2016 में बालोद हुआ सफल

एसएसपी आरिफ शेख ने बालोद में रहते हुए 2016 में पहली बार इस तरह का प्रयोग किया था, जिसमें स्लम हिस्सों से महिलाओं व युवतियों को महिला रक्षक दल के साथ जोड़ा गया। इसके बाद पूरे प्रदेश में यह कॉन्सेप्ट अपनाया गया। पुलिस रिकॉर्ड में 14 जिलों में तकरीबन 45 हजार महिला कमांडों सुरक्षा के लिए अपनी भूमिका बांध रहे हैं।

महिला कमांडों ऐसे बनाएगी सुरक्षा का माहौल

  • अड्डेबाजी बढ़ने पर सोशल मीडिया के जरिए सीधे पुलिस को त्वरित सूचना दे सकेंगी।
  • पुलिस हेल्प लाइन नंबर जारी करेगी। थानेवार समितियों से कमांडो का चयन कर संपर्क तय होगा।
  • महिला संबंधी अपराध होने पर सूचना देने की तय करेंगे जवाबदारी, समझाइश देने पहुंचा रक्षा दल।
  • पुलिस के अवेयरनेंस कार्यक्रमों का हिस्सा बनकर लोगों के बीच सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचाने उठा सकेंगे जिम्मा।
  • महिला पुलिस की रक्षा यूनिट दिन ही नहीं बल्कि शाम व रात में जरूरत के वक्त संवेदनशील जगहों में होगी हाजिरी।