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CG: रफ्तार, रोमांच और संस्कृति का संगम: बस्तर राइडर्स मीट 2026 4 अप्रैल को होगा ऐतिहासिक आयोजन…

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देशभर के राइडर्स जुटेंगे बस्तर में, पहली बार इतना बड़ा बाइकिंग इवेंट, पर्यटन और जनजातीय संस्कृति को मिलेगा नया मंच’

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में 4 अप्रैल 2026 को एक अनूठा और रोमांच से भरपूर आयोजन “बस्तर राइडर्स मीट 2026” होने जा रहा है। गरुड़ा राइडिंग क्लब के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम क्षेत्र का पहला और अब तक का सबसे बड़ा राइडर्स मीट माना जा रहा है, जिसमें देशभर के बाइक प्रेमी हिस्सा लेंगे।

इस आयोजन की खास बात यह है कि यह केवल रफ्तार और एडवेंचर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेगा। बस्तर के हृदय में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को एक अनोखा सांस्कृतिक और रोमांचक अनुभव मिलेगा।

कार्यक्रम में प्रवेश सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा और आयोजन स्थल से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था भी की गई है।  “बस्तर राइडर्स मीट 2026” का उद्देश्य राइडिंग समुदाय को एक मंच पर लाना, युवाओं में एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रति रुचि बढ़ाना और बस्तर को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

गरुड़ा राइडिंग क्लब ने सभी बाइक राइडर्स और आम नागरिकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। यह आयोजन न केवल रफ्तार का उत्सव होगा, बल्कि बस्तर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का एक सशक्त प्रयास भी साबित होगा।

रफ्तार, रोमांच और संस्कृति का संगम: बस्तर राइडर्स मीट 2026 4 अप्रैल को होगा ऐतिहासिक आयोजन

रफ्तार, रोमांच और संस्कृति का संगम: बस्तर राइडर्स मीट 2026 4 अप्रैल को होगा ऐतिहासिक आयोजन

रफ्तार, रोमांच और संस्कृति का संगम: बस्तर राइडर्स मीट 2026 4 अप्रैल को होगा ऐतिहासिक आयोजन

CG: 108 संजीवनी एक्सप्रेस (NAS) के अंतर्गत नवीन एम्बुलेंसों के शुभारंभ हेतु आमंत्रण…

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में 108 संजीवनी एक्सप्रेस (NAS) के तहत 375 नवीन इमरजेंसी एम्बुलेंस के साथ 05 नवीन नियो-नेटल एम्बुलेंस (नवजात शिशुओं हेतु) का लोकार्पण/शुभारंभ  दिनांक 31 मार्च 2026 को नया रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय चौक पर प्रातः 10 बजे किया जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

यह पहल प्रदेश के दूरस्थ एवं जरूरतमंद क्षेत्रों तक त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध होगी, जिससे आमजन, विशेषकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक लाभ प्राप्त होगा। आप सभी सम्मानित मीडिया प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि उक्त कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कर इस जनहितकारी पहल को व्यापक जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग प्रदान करें।

108 संजीवनी एक्सप्रेस (NAS) के अंतर्गत नवीन एम्बुलेंसों के शुभारंभ हेतु आमंत्रण

108 संजीवनी एक्सप्रेस (NAS) के अंतर्गत नवीन एम्बुलेंसों के शुभारंभ हेतु आमंत्रण

CG: रायपुरवासियों की बड़ी मांग पूरी, एक्सप्रेस-वे पर फुण्डहर चौक में ग्रेड सेपरेटर के लिए 87.53 करोड़ स्वीकृत…

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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद प्रशासकीय स्वीकृति का पत्र जारी’
एक्सप्रेसवे और वीआईपी रोड पर यातायात होगा तेज और सुव्यवस्थित’

राज्य शासन ने रायपुर में अटल पथ एक्सप्रेस-वे पर फुण्डहर चौक में ग्रेड सेपरेटर के निर्माण के लिए 87 करोड़ 53 लाख 13 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इसके निर्माण से इस रुट पर यातायात तेज होगा। इससे एक्सप्रेस-वे के साथ ही वीआईपी रोड पर भी यातायात तेज और सुव्यवस्थित होगा। एक्सप्रेस-वे के निर्माण के समय से ही शहरवासी इसकी मांग कर रहे थे।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।

CG: पुरुष हॉकी में रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले, झारखंड और ओडिशा ने फाइनल में पक्की की अपनी जगह…

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राजधानी स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल मुकाबले उत्साह और रोमांच से भरपूर रहे।पहले सेमीफाइनल मैच में झारखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-1 के बड़े अंतर से पराजित कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।

दूसरे सेमीफाइनल में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन अंततः ओडिशा ने 5-1 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। मैच के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के शुभंकर ‘मोर वीर’ के साथ दर्शकों ने जमकर आनंद लिया और वातावरण उत्सवमय बना रहा। इस अवसर पर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के सांई डिप्टी डायरेक्टर श्री मयंक श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए मैच का आनंद लिया।

CG: प्रभारी सचिव ने जिला अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश…

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राजनांदगांव जिले के प्रभारी सचिव श्री अविनाश चंपावत ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के समस्त विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित रूप से फील्ड में जाकर कार्य करें तथा अटल मॉनिटरिंग पोर्टल एवं ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से आम नागरिकों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

श्री चंपावत ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में संचालित नवाचारों की समीक्षा करते हुए इन्हें और अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि आवेदकों को अनावश्यक प्रतीक्षा न कराई जाए तथा दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए प्रकरणों का निष्पक्ष ढंग से शीघ्र निराकरण किया जाए।

बैठक में धान उठाव, पीएम आशा योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2 हजार से अधिक घरों में सोलर कनेक्शन स्थापित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को बधाई दी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों श्री संजय कुमार रघुवेन्द्र (राजनांदगांव) एवं श्रीमती केकती साहू (कंचनबाग, राजनांदगांव) को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित किया है, जिससे उनका बिजली बिल शून्य हो गया है तथा भविष्य में अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आय की भी संभावना है। बैठक में कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

CG: आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है…

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जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुलिस अकादमी में 859 प्रशिक्षुओं का दीक्षांत समारोह संपन्न’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर सूबेदार, उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर संवर्ग के अधिकारियों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण किया, जिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक (जीडी), 02 उप निरीक्षक (कंप्यूटर), 01 उप निरीक्षक (रेडियो), 01 उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह), 68 उप निरीक्षक (एसबी) तथा 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन सभी प्रशिक्षुओं के जीवन का एक यादगार पड़ाव है, जहाँ से वे राष्ट्र और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद प्राप्त यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं के लिए, बल्कि उनके परिजनों और पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष जब उन्होंने इन्हीं युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे, तब उनके पास प्रतिभा थी, और आज प्रशिक्षण के बाद उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का समावेश हो चुका है, जो उन्हें एक सफल अधिकारी बनाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस सेवा को अत्यंत प्रतिष्ठित एवं जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सेवा का आधार सत्यनिष्ठा होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है।  जब भी कोई नागरिक असुरक्षित महसूस करता है, तो सबसे पहले पुलिस के पास ही जाता है। इसलिए जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प और उससे जुड़ी प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी कभी आसान नहीं होती, लेकिन क्षमता और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान किए गए कठिन परिश्रम की तरह ही सेवा में भी निरंतर प्रयास और समर्पण से संतोष और सफलता प्राप्त होती है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का यह निष्क्रमण केवल अकादमी से बाहर निकलना नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश का संकेत है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के ‘निष्क्रमण संस्कार’ से जोड़ते हुए बताया कि जैसे शिशु पहली बार घर से बाहर निकलता है, उसी प्रकार आज ये प्रशिक्षु सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण से निकलकर व्यापक जिम्मेदारियों वाले सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्वरित बनाया गया है, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को पुलिस बल में शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक स्वरूप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं होगी, बल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगी, जिसके लिए उसे प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक एजेंसी में रूपांतरित होना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश वर्तमान में एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जिसमें औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। यह दीक्षांत समारोह इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है कि यह उप निरीक्षकों का पहला बैच है, जिसने इन नवीन संहिताओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और विश्वास इन तीन स्तंभों पर कार्य कर रही है और पुलिस की भूमिका इन तीनों को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज से जुड़कर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल विश्वास से ही जीता जा सकता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में स्मार्ट, तकनीक-संचालित और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिस डिजिटल, तकनीकी और उन्नत साधनों से लैस होगी, लेकिन जनता का विश्वास केवल व्यवहार, आचरण और निष्ठा से ही अर्जित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन प्रशिक्षुओं का जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि समाज और राज्य की सेवा के लिए समर्पित हो गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय न्याय, ईमानदारी और मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अंत में उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी निष्ठा और समर्पण से छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी केवल कानून के रक्षक ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आशाओं और विश्वास के संरक्षक भी हैं।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके सभी उप निरीक्षकों एवं उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षु छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत को और सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई है, जो शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ऐसा वातावरण बनाएँ जिसमें अपराधियों के मन में कानून का भय और आम नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे।

समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह, भरत कुमार, जयप्रकाश राठौर, सचिन यादव, सुंदर मनीष, जितेन्द्र कुमार वैष्णव, जितेंद्र सिंह राजपूत एवं राकेश वैष्णव—को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, अकादमी के संचालक श्री अजय यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक पल्लव सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे।

CG ‘हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके’ प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार…

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मुख्यमंत्री ने अंबिकापुरदिल्लीकोलकाता हवाई यात्रा का किया वर्चुअल शुभारंभ

राजधानी दिल्ली से क्षेत्र का सीधा जुड़ाव व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को देगा बढ़ावा

केबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल और सरगुजा सांसद ने विमान सेवा के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार

प्रदेश में हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी से अंबिकापुर–दिल्ली – कोलकाता हवाई सेवा का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख शहरों को विमान सेवाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे आमजन को भी सुलभ हवाई यात्रा का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह परिकल्पना रही है कि “हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सके” और छत्तीसगढ़ में यह सपना अब साकार होता दिख रहा है। उन्होंने सरगुजा अंचल के नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय सांसद के प्रयासों से यह महत्वपूर्ण सुविधा संभव हो पाई है। राजधानी दिल्ली और कोलकाता से सीधा जुड़ाव होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में हवाई सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है और हाल ही में बिलासपुर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा भी प्रारंभ हुई है। इसके साथ ही बजट में ‘सीजी वायु’ योजना के माध्यम से घरेलू विमान सेवाओं के सुचारू संचालन का प्रावधान भी किया गया है। रायपुर एयरपोर्ट पर कार्गो सेवा प्रारंभ होने से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि अंबिकापुर (दरिमा) में 72-सीटर विमान के संचालन से दिल्ली–अंबिकापुर–कोलकाता के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेश को बड़ी सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि बिलासपुर में नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने के साथ-साथ दक्षिण छत्तीसगढ़ में जगदलपुर में भी एयर कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है।

कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से मंत्री श्री राजेश अग्रवाल एवं सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने भी मुख्यमंत्री को इस पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।

उल्लेखनीय है कि निर्धारित शेड्यूल के तहत यात्रियों को आने-जाने दोनों दिशाओं में सुविधा उपलब्ध होगी तथा बिलासपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी सुदृढ़ होगी। अम्बिकापुर सरगुजा संभाग का मुख्यालय होने के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ का प्रमुख प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं वाणिज्यिक केंद्र है। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा एवं खनिज भंडार से समृद्ध है। साथ ही मैनपाट, तातापानी एवं विविध जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों के कारण यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं।
हवाई सेवा के प्रारंभ होने से सरगुजा संभाग सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ जाएगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध होगा।

एलायंस एयर का फ्लाइट शेड्यूल (सप्ताह में 4 दिन)

विमानन कंपनी एलायंस एयर द्वारा इन उड़ानों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग आधिकारिक वेबसाइट पर प्रारंभ हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा का विकास केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के अंतर्गत किया गया है। वर्ष 1950 में निर्मित इस हवाई पट्टी का विस्तार कर रनवे को 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया, जिससे अब एटीआर जैसे बड़े विमान यहां संचालित हो सकते हैं। माँ महामाया एयरपोर्ट दरिमा, अम्बिकापुर लगभग 365 एकड़ में फैला हुआ है, एयरपोर्ट के सिविल एवं विद्युतीकरण कार्य हेतु राशि रू. 48.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी, जिससे इस एयरपोर्ट में सभी कार्य डीजीसीए मानक अनुरूप कराया गया है। मां महामाया एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उन्नयन 72 यात्रियों के अनुरूप कराया गया। हवाई अड्डे में लगभग 100 वाहन की पार्किंग की व्यवस्था के साथ टर्मिनल भवन तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराया गया है।

दिल्ली रूट (सोमवार और बुधवार)

सोमवार (फ्लाइट नं. 91613): दिल्ली से बिलासपुर होते हुए सुबह 11:35 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। वापसी में दोपहर 12:00 बजे अम्बिकापुर से सीधे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। बुधवार (फ्लाइट नं. 91614): दिल्ली से सुबह 10:25 बजे अम्बिकापुर आगमन और दोपहर 12:00 बजे बिलासपुर होते हुए दिल्ली प्रस्थान करेगी।

कोलकाता रूट (गुरुवार और शनिवार)

शनिवार (फ्लाइट नं. 91763): कोलकाता से बिलासपुर होते हुए सुबह 10:00 बजे अम्बिकापुर आगमन और 10:25 बजे सीधे कोलकाता प्रस्थान करेगी। गुरुवार (फ्लाइट नं. 91765): कोलकाता से सुबह 08:50 बजे अम्बिकापुर आगमन और 09:15 बजे बिलासपुर होते हुए कोलकाता प्रस्थान करेगी।

CG: संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल: मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग चंदूलाल की सुनी पुकार, मिनटों में मिला समाधान…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील और जनहितकारी शासन की एक भावुक झलक आज चंदखुरी में देखने को मिली, जब उन्होंने एक दिव्यांग ग्रामीण की समस्या को न केवल सुना, बल्कि मौके पर ही उसका समाधान सुनिश्चित कर मानवता और उत्तरदायी नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया।

चंदखुरी निवासी दिव्यांग श्री चंदूलाल वर्मा के लिए यह दिन जीवन का अविस्मरणीय क्षण बन गया। वे मुख्यमंत्री से मिलने की आशा लेकर कायस्थ मंगल भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्ति के बाद जब वे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आगे बढ़े, तो सुरक्षा कारणों से उन्हें रोक दिया गया।इसी दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि श्री वर्मा को मंच पर बुलाया जाए। यह एक छोटा-सा निर्णय था, लेकिन चंदूलाल के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मिलते ही चंदूलाल ने अपनी व्यथा साझा की। उन्होंने बताया कि वे पहले राजमिस्त्री का कार्य करते थे, लेकिन शुगर की बीमारी और डायबिटिक फुट के कारण उनके पैरों में गंभीर समस्या हो गई, जिससे चलना-फिरना कठिन हो गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे अब कोई कार्य नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें बैटरी संचालित ट्राईसिकल की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उनकी पूरी बात सुनी और तत्काल सहायता राशि प्रदान करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्हें शीघ्र मोटराइज्ड ट्राईसिकल उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों का त्वरित पालन सुनिश्चित किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रतीक बैस ने तत्काल प्रक्रिया पूर्ण कर चंदूलाल वर्मा को मोटराइज्ड ट्राईसिकल उपलब्ध कराया।

अपनी खुशी व्यक्त करते हुए चंदूलाल भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि “मैंने सोचा भी नहीं था कि मुख्यमंत्री मुझसे मिलेंगे और मेरी समस्या का इतना जल्दी समाधान हो जाएगा। मैं उनका दिल से आभारी हूँ। धन्यवाद विष्णु भईया।”

यह घटना केवल एक व्यक्ति की सहायता भर नहीं, बल्कि यह दर्शाती है कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर नागरिक तक संवेदनशीलता, पहुंच और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार सुशासन के उस मॉडल को मजबूत करता है, जिसमें हर जरूरतमंद की आवाज सीधे शासन तक पहुंचती है और समाधान भी उतनी ही तेजी से मिलता है।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महावीर जयंती की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी के सत्य, अहिंसा, करुणा और अपरिग्रह के सिद्धांत आज भी मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर समाज में शांति, सद्भाव और संतुलन स्थापित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन हमें आत्मसंयम, त्याग और सह-अस्तित्व की भावना के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उनका संदेश केवल किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करें और समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए सदैव आगे आएं।

नीतीश कुमार के इस्तीफे पर BJP विधायक मैथिली ठाकुर ने क्या कहा? ‘आने वाले समय में मुख्यमंत्री.’

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बांकीपुर सीट से विधायक नितिन नवीन और एमएलसी के पद से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार (30 मार्च, 2026) को इस्तीफा दे दिया. ये दोनों राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. दोनों नेताओं के इस्तीफे पर बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने प्रतिक्रिया दी है.

मैथिली ठाकुर ने कहा कि हम सभी लोगों ने उनके (नीतीश कुमार और नितिन नवीन) लिए राज्यसभा के लिए वोट किया था. आज वो समय है कि वो लोग राज्यसभा में प्रवेश करने वाले हैं. बिहार में तो उनको (नीतीश कुमार) बहुत याद किया जाएगा. बिहार का मुख्यमंत्री जब भी बोला जाता है तो दिमाग में नीतीश कुमार का ही नाम गूंजता है क्योंकि उन्होंने बिहार के लिए बहुत काम किया.

‘उनके चेहरे पर…’, इस्तीफे को लेकर कैसा था CM नीतीश कुमार का रिएक्शन? इस नेता ने बताया

‘नीतीश कुमार के नेतृत्व में बढ़ेगा बिहार’

मैथिली ठाकुर ने कहा, “बिहार 15 साल पहले क्या था और आज जो खुद को बिहारी बोलने में गर्व महसूस होता है तो कहीं न कहीं नीतीश कुमार की देन है. आने वाले समय में मुख्यमंत्री के पद पर जो भी रहता है वो नीतीश कुमार जी के ही मार्गदर्शन पर काम करेगा. आगे उन्हीं के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ेगा.”

दूसरी ओर बिहार के अगले सीएम को लेकर मैथिली ठाकुर ने कहा, “मुख्यमंत्री की गद्दी किधर किसको मिलनी चाहिए मुझे नहीं मालूम.. ना ही मैं कोई होती हूं कि इस पर बोलूं. नीतीश कुमार ने जिस तरह से काम किया है, निशांत भैया से भी उम्मीद करते हैं. ये नॉर्मल भी है… कोई भी बड़ा हीरो होता है तो हम उसके बेटे से भी वैसा ही उम्मीद करते हैं.”