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वेनेजुएला में भूकंप प्रभावितों के लिए राहत कार्य, चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री भेजने का निर्णय….

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भारत ने वेनेजुएला में राहत कार्यों के लिए उठाया बड़ा कदम

वेनेजुएला में भूकंप से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए भारत ने एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल की है। केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ के तहत चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री भेजने का निर्णय लिया है।

इस अभियान का उद्देश्य प्रभावित व्यक्तियों तक शीघ्र आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना है, क्योंकि प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

भारतीय वायुसेना का राहत मिशन

इसी संदर्भ में, भारतीय वायुसेना ने विशेष विमानों को राहत सामग्री और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ भेजा है। सरकार का कहना है कि यह मिशन केवल सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक मानवीय सहयोग का प्रतीक भी है।

C-17 विमानों के माध्यम से राहत सामग्री

ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत, भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान वेनेजुएला के लिए रवाना किए गए हैं। इन विमानों में 41 सदस्यीय सैन्य चिकित्सा टीम, लगभग 6 टन राहत सामग्री और आवश्यक दवाइयां शामिल हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भूकंप से प्रभावित लोगों को तात्कालिक चिकित्सा सहायता प्रदान करना और राहत कार्यों को सुदृढ़ करना है.

BHISHM Cube: आपदा में सहायक

भारत ने इस मिशन में अत्याधुनिक BHISHM Cube भी भेजा है, जो एक मोबाइल फील्ड हॉस्पिटल के रूप में कार्य करता है। यह आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से चिकित्सा सेवाएं शुरू करने में सक्षम है, जिसमें आपातकालीन उपचार, सर्जरी और एक साथ कई मरीजों को गहन चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा सकती है।

भारत का मानवता का संदेश

केंद्र सरकार ने कहा है कि यह अभियान ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना से प्रेरित है। भारत ने स्पष्ट किया है कि संकट के इस समय में वह वेनेजुएला के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। सरकार के अनुसार, यह मिशन दोनों देशों के बीच सहयोग और मानवीय मूल्यों को और मजबूत करने का प्रयास है।

आपदाओं में सहायता की परंपरा

हाल के वर्षों में, भारत ने कई देशों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत अभियान चलाए हैं। तुर्किये, नेपाल और म्यांमार जैसे देशों में भारतीय टीमों ने चिकित्सा और राहत सहायता प्रदान की थी। ऑपरेशन अमिस्ताद इसी मानवीय परंपरा की नई कड़ी है, जिसमें त्वरित सहायता और आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया गया है।

जल्द मिलेगी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षित चिकित्सा टीम, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और तेज हवाई परिवहन के कारण वेनेजुएला में राहत कार्यों को गति मिलेगी। इससे प्रभावित लोगों को समय पर इलाज और आवश्यक सहायता मिलने की संभावना बढ़ेगी। भारत का यह मिशन वैश्विक स्तर पर मानवीय सहयोग और जिम्मेदार साझेदारी का मजबूत संदेश भी देता है।

” कांग्रेस सांसद की नई पहल”  “पासपोर्ट और आधार को नागरिकता का प्रमाण मानने की मांग…”

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कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को भारतीय पासपोर्ट की कानूनी स्थिति को लेकर चल रहे विवाद को समाप्त करने के लिए कानून में संशोधन की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि पासपोर्ट और आधार कार्ड को भारतीय नागरिकता के वैध प्रमाण के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए, जब तक कि इन्हें सरकार द्वारा रद्द नहीं किया जाता।

थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “विदेश मंत्रालय के हालिया बयान पर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया है कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का पक्का प्रमाण।” उन्होंने कहा कि यह बयान, विशेष रूप से ‘पासपोर्ट सेवा दिवस’ पर जारी होने के कारण, लोगों में हैरानी और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

थरूर ने बताया कि सरकार ने अपने पक्ष में कहा है कि यह स्थिति 1967 के पासपोर्ट अधिनियम की धारा 20 पर आधारित है, जिसके तहत विशेष परिस्थितियों में सरकार गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट जारी कर सकती है। हालांकि, उनका कहना है कि आम नागरिक के लिए दशकों से पासपोर्ट पहचान और नागरिकता का सबसे विश्वसनीय दस्तावेज़ माना जाता रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि पासपोर्ट जारी करने से पहले सरकार पुलिस सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और नागरिकता की पुष्टि करती है। ऐसे में, यदि यह दस्तावेज नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो यह एक कानूनी विरोधाभास उत्पन्न करता है।

थरूर ने आधार कार्ड का भी उल्लेख किया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट किया है कि आधार केवल पहचान और पते का प्रमाण है, नागरिकता का नहीं। इससे यह स्थिति बन गई है कि करोड़ों भारतीयों के पास सरकारी दस्तावेज होने के बावजूद उनके पास नागरिकता का कोई निर्विवाद प्रमाण नहीं है।

इस विवाद का स्थायी समाधान सुझाते हुए थरूर ने सरकार से कानून में संशोधन की मांग की। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट और आधार कार्ड को भारतीय नागरिकता का वैध और अंतिम प्रमाण घोषित किया जाना चाहिए, जब तक कि सरकार इन्हें औपचारिक रूप से रद्द न करे।

उन्होंने सुझाव दिया कि चूंकि आधार फिलहाल नागरिकता के बजाय भारत में 182 दिन निवास करने के आधार पर जारी किया जाता है, इसलिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण को गैर-नागरिक निवासियों के लिए अलग पहचान वाला आधार कार्ड जारी करना चाहिए।

थरूर ने कहा कि इससे नागरिकों और गैर-नागरिकों के बीच स्पष्ट अंतर होगा और सभी भारतीय नागरिकों के लिए सामान्य आधार या वैध पासपोर्ट को नागरिकता का पर्याप्त प्रमाण माना जा सकेगा। इससे पहचान सत्यापन की प्रक्रिया सरल होगी और अनावश्यक प्रशासनिक विवादों का अंत हो सकेगा।

” भारत के खूबसूरत हिल स्टेशनों में शानगढ़ हिमाचल का छिपा हुआ स्वर्ग…”

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भारत में कई अद्भुत स्थल हैं, जो हर किसी को आकर्षित करते हैं। घूमने का शौक रखने वाले लोग अक्सर गर्मियों में शिमला, मनाली, नैनीताल या मसूरी जैसे लोकप्रिय स्थानों पर जाते हैं।

लेकिन इन स्थलों पर भीड़-भाड़ होती है। उत्तराखंड और हिमाचल में कई ऐसे छिपे हुए गंतव्य हैं, जिनकी सुंदरता अद्वितीय है और यहां शिमला-मनाली जैसी भीड़ नहीं होती।

शानगढ़: एक शांत हिल स्टेशन

हिमाचल प्रदेश में एक छोटा सा हिल स्टेशन है, जिसे शानगढ़ कहा जाता है। यह स्थान शांति और हरियाली से भरा हुआ है। शिमला से इसकी दूरी लगभग 190 किमी और जिब्बी से 60 किमी है। आइए जानते हैं इस अनोखे हिल स्टेशन के बारे में।

शानगढ़ का स्थान

शानगढ़, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज वैली में स्थित है। यह एक खूबसूरत गांव है, जहां हरे-भरे मैदान, पहाड़ों के अद्भुत दृश्य और देवदार के पेड़ देखने को मिलते हैं। यदि आप एक शांत और सुकून भरी जगह की तलाश में हैं, तो शानगढ़ आपके लिए एक आदर्श स्थान है।

शानगढ़ का मैदान

शानगढ़ का मैदान यहां का प्रमुख आकर्षण है। चारों ओर पहाड़ों से घिरा यह हराभरा मैदान देखने में बेहद सुंदर लगता है। यहां आप फोटोग्राफी कर सकते हैं और सुकून के कुछ पल बिता सकते हैं।

ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क

यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं और ट्रैकिंग का शौक रखते हैं, तो यह स्थान आपके लिए बेहतरीन है। यहां के घने जंगल, विभिन्न प्रकार के पक्षी, पेड़-पौधे और खूबसूरत पहाड़ी रास्ते मन को सुकून देते हैं।

बरशानगढ़ जलप्रपात

यहां एक दूधिया सफेद जलप्रपात है, जो बेहद आकर्षक है। इसके अलावा, यहां पाइन के सुंदर पेड़ भी हैं। जलप्रपात की आवाज और पक्षियों की चहचहाहट आपके मन को खुश कर देगी।

शानगढ़ कैसे पहुंचें

आप सड़क मार्ग से शानगढ़ पहुंच सकते हैं। यदि आप दिल्ली से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको लगभग 8 से 9 घंटे का समय लगेगा। आप निम्नलिखित मार्गों से शानगढ़ पहुंच सकते हैं: मंडी, औट, सैंज। इस यात्रा के दौरान आपको अद्भुत दृश्य देखने को मिलेंगे।

रुकने के स्थान

यहां रुकने के लिए होमस्टे एक बेहतरीन विकल्प है। यहां बड़े होटल कम हैं, लेकिन होमस्टे की संख्या अधिक है। आप स्थानीय भोजन का आनंद ले सकते हैं और खर्च भी कम होगा। इसके अलावा, आप कैंपिंग का मजा भी ले सकते हैं, लेकिन मौसम की जानकारी लेने के बाद ही कैंपिंग की योजना बनाएं।

घूमने का सही समय

मार्च से जून के बीच यहां का मौसम बहुत सुहावना होता है और हरियाली भी बेहद खूबसूरत दिखती है। वहीं, सितंबर से नवंबर में बारिश के दौरान यहां की प्राकृतिक सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है।

” पूजा का महत्व और सही सामग्री का चयन…”

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पूजा-पाठ केवल श्रद्धा का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि इसे विधि-विधान के साथ करना भी आवश्यक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा सामग्री का चयन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि मन की भक्ति।

कई बार लोग अनजाने में ऐसी वस्तुएं पूजा में शामिल कर लेते हैं, जिन्हें किसी विशेष देवी-देवता की पूजा में वर्जित माना जाता है। इसलिए यह जानना आवश्यक है कि विभिन्न देवताओं की पूजा में कौन-सी सामग्री नहीं चढ़ाई जाती और इसके पीछे क्या धार्मिक मान्यता है।

भगवान विष्णु की पूजा में ध्यान देने योग्य बातें

भगवान विष्णु की आराधना में साबुत और स्वच्छ अक्षत अर्पित करने की परंपरा है। खंडित अक्षत का उपयोग शुभ नहीं माना जाता। इसके अलावा, आक और धतूरा भी विष्णु पूजा में नहीं चढ़ाए जाते। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ये दोनों सामग्री भगवान शिव को प्रिय हैं। विष्णु पूजा में तुलसी दल, पीले पुष्प और शुद्ध अक्षत का विशेष महत्व है।

भगवान शिव की पूजा में केतकी का फूल क्यों वर्जित है

भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र, धतूरा और आक का विशेष स्थान है, लेकिन केतकी का फूल अर्पित नहीं किया जाता। पौराणिक मान्यता के अनुसार, ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता विवाद के समय केतकी के फूल ने असत्य का साथ दिया था। इसी कारण भगवान शिव ने इसे स्वीकार नहीं किया। तभी से शिवलिंग पर केतकी का फूल चढ़ाने की परंपरा नहीं है।

गणेश जी की पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं

तुलसी को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है, लेकिन भगवान गणेश की पूजा में तुलसी दल का उपयोग नहीं किया जाता। धार्मिक कथा के अनुसार, तुलसी और गणेश जी से जुड़ी एक घटना के कारण यह परंपरा बनी। इसलिए गणेश पूजा में तुलसी के स्थान पर अन्य सामग्री का उपयोग किया जाता है।

देवी दुर्गा और सूर्य देव की पूजा के नियम

देवी दुर्गा की पूजा में हमेशा ताजे और स्वच्छ फल अर्पित करने की परंपरा है। बासी या खराब फल चढ़ाना उचित नहीं माना जाता। वहीं, सूर्य देव की उपासना में लाल पुष्प, जल, गुड़ और गेहूं का विशेष महत्व है। बिल्व पत्र भगवान शिव से जुड़ा माना जाता है, इसलिए सूर्य पूजा में इसका प्रयोग नहीं किया जाता।

श्रद्धा और विधि का महत्व

धार्मिक ग्रंथों में पूजा सामग्री से जुड़े कई नियम बताए गए हैं, हालांकि विभिन्न क्षेत्रों और परिवारों की परंपराओं में कुछ भिन्नता भी देखने को मिलती है। ऐसे में किसी विशेष व्रत या अनुष्ठान के समय स्थानीय परंपरा या जानकार विद्वान की सलाह लेना उचित होता है। श्रद्धा के साथ शास्त्रों में वर्णित विधि का पालन करने से पूजा अधिक व्यवस्थित और परंपरा के अनुरूप मानी जाती है।

 ” पंजाब में भाजपा की रणनीति”  नितिन नवीन का बयान…”

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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के संभावित गठबंधन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पार्टी का मुख्य ध्यान राज्य में अपने संगठन को मजबूत करने पर है।

गठबंधन के संबंध में कोई निर्णय उचित समय पर राजनीतिक परिस्थितियों और जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर लिया जाएगा।

भाजपा का संगठनात्मक अभियान

हाल ही में जालंधर में आयोजित एक मीडिया संवाद में नितिन नवीन ने गठबंधन के सवाल पर कहा कि भाजपा इस समय सभी विधानसभा सीटों पर अपने संगठन को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। पार्टी अपनी स्वतंत्र रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो गठबंधन के पक्ष में कोई निर्णय लिया गया है और न ही इसके खिलाफ। चुनावों के नजदीक आने पर परिस्थितियों का मूल्यांकन कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

भाजपा की प्राथमिकताएं

संगठनात्मक क्षमता में वृद्धि
नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता संगठनात्मक क्षमता और जनाधार को मजबूत करना है। अगले छह महीनों में पार्टी नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में गांव-गांव और शहर-शहर जाकर स्थानीय मुद्दों को उठाएगी और संगठन का विस्तार करेगी। उन्होंने कहा कि समय के साथ कई राजनीतिक स्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी, जिनके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

गठबंधन पर भविष्य की चर्चा

छह महीने बाद होगा मंथन
नितिन नवीन ने कहा कि गठबंधन पर चर्चा के लिए अभी पर्याप्त समय है। अगले छह महीनों में भाजपा जनता की प्रतिक्रिया, राजनीतिक परिस्थितियों और संगठन की मजबूती का आकलन करेगी। इसके बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा कि भविष्य में किसी दल के साथ चुनावी समझौता किया जाए या पार्टी अकेले चुनावी मैदान में उतरे।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

राजनीतिक गलियारों में चर्चा
नितिन नवीन के इस बयान को पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा ने शिरोमणि अकाली दल या अन्य अकाली गुटों के साथ संभावित गठबंधन की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। हालांकि, वर्तमान में पार्टी की रणनीति स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने और संगठन का विस्तार करने पर केंद्रित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में राज्य की बदलती परिस्थितियां भाजपा की भावी रणनीति और संभावित गठबंधन की दिशा तय कर सकती हैं।

भाजपा सांसद का कांग्रेस पर आरोप…

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भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका ‘सरेंडर का कैलेंडर’ 1947 में भारत के विभाजन से शुरू होता है, जब उन्होंने मुस्लिम लीग के सामने समर्पण किया।

कांग्रेस के समर्पण की श्रृंखला

प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने कहा कि 1947 में भारत के विभाजन के बाद, 1948 में पाकिस्तान को पीओके सौंपना, 1962 में चीन को अक्साई चिन देना, और कच्चातिवु द्वीप को श्रीलंका को सौंपना, ये सभी कांग्रेस के समर्पण की दुखद घटनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि यह श्रृंखला भारत के लिए हमेशा याद रखने योग्य है।

कच्चातिवु द्वीप का ऐतिहासिक संदर्भ

उन्होंने बताया कि 26 जून 1974 को कच्चातिवु द्वीप को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भारत से अलग करके श्रीलंका को सौंप दिया था, जिससे तमिलनाडु के मछुआरों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। त्रिवेदी ने कहा कि यह कांग्रेस की शर्मनाक विदेश नीति का एक उदाहरण है।

केरल शराब नीति पर प्रतिक्रिया

केरल में कांग्रेस की शराब नीति पर टिप्पणी करते हुए, त्रिवेदी ने कहा कि हाल ही में यूडीएफ के माध्यम से सत्ता में आई कांग्रेस ने शराब पर एक्साइज ड्यूटी को 251 प्रतिशत से घटाकर 121 प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इससे सरकार के राजस्व में कमी आएगी और यह पैसा किसकी जेब में जाएगा।

युवाओं के भविष्य पर चिंता

उन्होंने कहा कि केरल के गृह मंत्री ने ड्रग्स की समस्या को गंभीर बताया है, और कांग्रेस को राहुल गांधी से सवाल पूछने की आवश्यकता है कि युवाओं के भविष्य के लिए उनकी क्या योजना है।

भाजपा का विरोध

भाजपा सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर तीव्र विरोध व्यक्त करती है और कांग्रेस से पूछती है कि सस्ती शराब देकर युवाओं के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है।

एलडीएफ और यूडीएफ की समानता

त्रिवेदी ने कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, और दोनों ने केरल की युवा पीढ़ी को नशे में डुबोने का काम किया है।

प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय अनुभव प्राकृतिक सुंदरता की पहचान…

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बारिश का मौसम आते ही यात्रा का उत्साह कई गुना बढ़ जाता है। यदि आप इस बार भीड़-भाड़ वाले स्थलों से दूर किसी शांत और प्राकृतिक स्थान की खोज में हैं, तो मिजोरम आपकी यात्रा की सूची में होना चाहिए।

पूर्वोत्तर भारत का यह सुंदर राज्य अपनी हरियाली, पहाड़ियों, झरनों और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। मानसून के दौरान यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और भी बढ़ जाता है, जिससे हर यात्रा अविस्मरणीय बन जाती है।

प्राकृतिक सुंदरता की पहचान

मिजोरम की पहचान उसकी हरी-भरी पहाड़ियों, घने जंगलों और बादलों से ढकी घाटियों से होती है। बारिश के मौसम में यहां के दृश्य और भी आकर्षक हो जाते हैं। चारों ओर फैली हरियाली और ताजा वातावरण प्रकृति प्रेमियों को विशेष अनुभव प्रदान करता है। यही कारण है कि मानसून के दौरान यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होती है।

आइजोल से वंतावंग तक के आकर्षण

राजधानी आइजोल अपनी साफ-सुथरी सड़कों, सुंदर पहाड़ी दृश्यों और स्थानीय संस्कृति के लिए जानी जाती है। वहीं, वंतावंग झरना राज्य के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। इसके अलावा, रेइएक और तमदिल झील भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। इन स्थानों पर प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताए जा सकते हैं।

संस्कृति और स्थानीय जीवन का आकर्षण

मिजोरम केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली के लिए भी जाना जाता है। यहां के स्थानीय लोग अपनी मेहमाननवाजी के लिए प्रसिद्ध हैं। पारंपरिक भोजन, हस्तशिल्प और लोक संस्कृति पर्यटकों को इस राज्य से जुड़ने का एक अनूठा अनुभव प्रदान करते हैं।

मानसून में यात्रा का विशेष अनुभव

बारिश के मौसम में मिजोरम की पहाड़ियां बादलों से ढक जाती हैं और झरनों का जलप्रवाह बढ़ जाता है। मौसम ठंडा और सुहावना बना रहता है, जिससे घूमने का आनंद कई गुना बढ़ जाता है। प्रकृति की गोद में समय बिताने वाले यात्रियों के लिए यह मौसम सबसे उपयुक्त माना जाता है।

यात्रा से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

मानसून में यात्रा के दौरान मौसम में अचानक बदलाव आ सकता है। इसलिए रेनकोट, छाता और आवश्यक सामान साथ रखना बेहतर रहेगा। पहाड़ी रास्तों पर सावधानी से यात्रा करें और मौसम की जानकारी लेकर ही सफर शुरू करें। सही योजना के साथ मिजोरम की यात्रा आपके लिए एक यादगार अनुभव साबित हो सकती है।

|एमएसएमई का आर्थिक महत्व” भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम अब देश की आर्थिक विकास की एक मजबूत नींव…|

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एमएसएमई का आर्थिक महत्व

भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) अब देश की आर्थिक प्रगति और औद्योगिक विकास की एक मजबूत नींव बन चुके हैं। विश्व एमएसएमई दिवस से पहले शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक तथ्य पत्रक के अनुसार, एमएसएमई क्षेत्र का देश की जीडीपी में लगभग 31.1 प्रतिशत, विनिर्माण उत्पादन में 35.4 प्रतिशत और कुल निर्यात में 48.58 प्रतिशत योगदान है (जनवरी 2026 तक)।

रोजगार सृजन में एमएसएमई की भूमिका

38.9 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देने वाला एमएसएमई क्षेत्र, कृषि के बाद देश में रोजगार का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बन गया है।

विश्व एमएसएमई दिवस का महत्व

संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 27 जून को विश्व एमएसएमई दिवस के रूप में घोषित किया है, ताकि एमएसएमई के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में उनके योगदान को उजागर किया जा सके।

सरकारी पहल और उपलब्धियां

सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष रहा। इस दौरान औपचारिक पंजीकरण, ऋण सुविधाएं, तकनीकी अपनाना, शिकायत निवारण और बाजार विस्तार जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गईं।

जून 2026 तक उद्यम पंजीकरण पोर्टल और उद्यम सहायता प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण की संख्या 8.7 करोड़ से अधिक हो गई है, जिससे करोड़ों सूक्ष्म और लघु उद्यमों को संस्थागत ऋण, सरकारी योजनाओं और नए बाजारों तक बेहतर पहुंच मिली है।

क्रेडिट गारंटी और ऋण सुविधाएं

फैक्ट शीट के अनुसार, क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई) ने 1 जनवरी से 30 नवंबर 2025 के बीच 29.03 लाख गारंटी को मंजूरी दी, जिनकी कुल राशि 3.77 लाख करोड़ रुपए रही।

सरकार ने बिना गिरवी अधिक ऋण उपलब्ध कराने के लिए गारंटी कवरेज सीमा को 5 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए कर दिया है।

खादी और ग्रामोद्योग की बिक्री

वर्ष के दौरान खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1.27 लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गई, जो ग्रामीण उद्योगों की बढ़ती मांग और रोजगार सृजन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

समस्या समाधान के लिए पोर्टल

सूक्ष्म और लघु उद्योगों को भुगतान में देरी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संचालित एमएसएमई समाधान पोर्टल पर जून 2026 तक 2,56,892 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें कुल 55,244.29 करोड़ रुपए के दावे शामिल थे।

इनमें से 58,148 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा एमएसई सुविधा परिषदों द्वारा किया गया।

उद्यमियों की शिकायतों का समाधान

उद्यमियों की शिकायतों के समाधान के लिए बनाए गए चैंपियंस पोर्टल पर वर्ष 2025-26 के दौरान 39,494 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 39,387 शिकायतों का समाधान कर दिया गया, जिससे पोर्टल ने 99.72 प्रतिशत निस्तारण दर हासिल की।

डिजिटल समाधान और उद्यमिता का विकास

सरकार ने ऑनलाइन विवाद समाधान (ओडीआर) पोर्टल भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म और लघु उद्योगों के भुगतान विवादों का तकनीक आधारित और तेज समाधान उपलब्ध कराना है।

सरकार का कहना है कि एमएसएमई सेक्टर केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश में उद्यमिता की नई संस्कृति को भी बढ़ावा दे रहा है।

नए अवसरों का सृजन

विशेष रूप से अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पहली पीढ़ी के उद्यमियों, महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए यह सेक्टर नए अवसर पैदा कर रहा है।

सरकार का कहना है कि डिजिटल क्रेडिट असेसमेंट मॉडल और सिडबी (एसआईडीबी) को बढ़ी हुई इक्विटी सहायता जैसी सुधारात्मक पहलें एमएसएमई को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने और उनकी पूंजी तक पहुंच आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

” आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित तिरुमाला मंदिर ने एक महत्वपूर्ण घोषणा…”

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तिरुमाला मंदिर में नई पहल तिरुमाला दर्शन:

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित तिरुमाला मंदिर ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। तिरुपति बालाजी, जो भक्तों की आस्था का केंद्र हैं, के दर्शन के लिए तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम (TTD) ने बताया है कि प्रतिदिन 1000 वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को मुफ्त दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके लिए तीन महीने पहले ऑनलाइन टिकट बुक करने की सलाह दी गई है, जिससे बुजुर्ग और दिव्यांगजन बिना किसी कठिनाई के भगवान के दर्शन कर सकें। इसके साथ ही, उन्हें निशुल्क लड्डू भी प्रदान किए जाएंगे।

तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम ने यह भी बताया कि टिकट धारकों को 50 रुपये का प्रसाद लड्डू दिया जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों को तिरुमाला के नम्बी मंदिर में दोपहर 3 बजे विशेष दर्शन कतार के माध्यम से दर्शन की अनुमति दी जाएगी।

टीटीडी ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और गलत सूचनाओं पर ध्यान न देने की सलाह दी है। श्रद्धालुओं को सही जानकारी के लिए केवल तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम की आधिकारिक वेबसाइट www.tirumala.org और https://ttdevastanams.ap.in पर जाने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि हमारी सरकार की ओर से अनियमितता और भष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है।

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भगवान श्री राम जी के मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितता की जैसे ही जानकारी आई, तत्काल एसआईटी का गठन किया गया और जांच की गई। इसके बाद एफआईआर की गई है। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

भाजपा नेता आर.पी. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से कहा गया था कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी बनाई गई है। अब एसआईटी रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें जिनकी भी संलिप्तता मिलेगी, सबके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल राजनीति कर रहे हैं।

आर.पी. सिंह ने आगे कहा कि ये वही अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्होंने मंच से कहा था कि मेरी नानी ने कहा है कि वहां मंदिर नहीं होना चाहिए। उनके नेता की ओर से कहा गया था कि राम मंदिर की जगह वहां पर कोई यूनिवर्सिटी बना देनी चाहिए। लेकिन दान पात्र में हुई चोरी को लेकर कार्रवाई कर दी गई है, आगे भी जांच जारी है।

भाजपा नेता प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल रामद्रोही हैं। जब राम मंदिर का निर्माण किया जा रहा था, तब अरविंद केजरीवाल भगवान राम के विरोध में अनेक प्रकार की दलीलें दे रहे थे और राम मंदिर के निर्माण में उनकी कोई सहमति नहीं थी।

प्रवीण खंडेलवाल ने आगे कहा कि आज वही अरविंद केजरीवाल अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन करने जा रहे हैं तो उनकी कोई आस्था नहीं है। अपनी राजनीति को चमकाने की उनकी एक सुनियोजित प्लानिंग है। अयोध्या में रामलला के दर्शन करने से उनके रामद्रोही होने के पाप मिटेंगे नहीं।

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि सब लोगों ने मान लिया है कि राम मंदिर में चोरी की गई है। ड्राइवर और मुंशी को पकड़ने से काम नहीं चलेगा। करोड़ों लोगों के हित में प्रधानमंत्री से मेरा निवेदन है कि वे इस मामले में एक्टिव हों। केंद्र सरकार भी एक टीम गठित कर जांच कराए। राज्य सरकार की ओर से गठित की गई एसआईटी भी ठीक काम कर रही है। एसआईटी के ऊपर मेरा कोई सवाल नहीं है। हम चाहते हैं कि एसआईटी और बेहतर करे और जितने लोग शामिल हैं उनको भी पकड़ा जाए।

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि बड़े-बड़े लुटेरों को बचाने के लिए छोटे-छोटे चोरों को जेल में बंद किया गया है। छोटे-छोटे लोगों के खिलाफ उस ट्रस्ट की ओर से एफआईआर कराई गई है, जो खुद लुटेरे और डकैती के आरोपों के घेरे में है। राम मंदिर में जो चढ़ावे की लूट है, उसमें शामिल लोगों को बचाने में सरकार भी लगी है।