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Gold-Silver Rate Today: सोने और चांदी के रेट ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, जानिए आज कहां पहुंची कीमत…

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वायदा कारोबार में चांदी की कीमत गुरुवार (29 जनवरी 2026) को चार लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई, जबकि सोने का भाव 1.8 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।

निवेशकों की मजबूत मांग तेजी की प्रमुख वजह रही।

एमसीएक्स पर चांदी में जोरदार उछाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी के मार्च में आपूर्ति वाले अनुबंधों का वायदा भाव 22,090 रुपये या 5.73 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,07,456 रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।

सोने के वायदा भाव ने भी तोड़ा रिकॉर्ड

सोने के वायदा भाव में भी तेजी रही। एमसीएक्स पर फरवरी में आपूर्ति वाले अनुबंधों की कीमत 14,586 रुपये या 8.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,80,501 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहली बार इस स्तर के पार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स बाजार पर सोने के वायदा भाव ने पहली बार 5,600 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा पार कर दिया। अप्रैल में आपूर्ति वाले सोने का भाव 286.6 डॉलर या 5.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5,626.8 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

चांदी ने ग्लोबल मार्केट में भी दिखाई मजबूती

कॉमेक्स बाजार में चांदी के वायदा भाव में भी तेजी रही और यह 119.51 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

चांदी को क्यों मिल रहा ज्यादा सपोर्ट

विश्लेषकों का कहना है कि चांदी की औद्योगिक मांग में तेजी और कमजोर अमेरिकी डॉलर ने चांदी को और अधिक समर्थन दिया जो हाल के सत्रों में सोने से बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग से सोने में तेजी बरकरार

उन्होंने कहा कि आर्थिक अनिश्चितताओं और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच व्यापारियों द्वारा लगातार सुरक्षित निवेश के रूप में की जा रही खरीदारी से सोने की कीमतों में तेजी जारी रही।

Weather Update: मौसम फिर लेगा करवट, दिल्ली, यूपी, बिहार और उत्तराखंड समेत इन राज्यों के लिए IMD का अलर्ट…

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देश के कई हिस्सों में ठंड का असर थोड़ा कम होने के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जनवरी से उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, इस बदलाव के चलते सुबह और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड और गलन फिर से बढ़ने के आसार हैं।

राजस्थान से लेकर पहाड़ों तक बारिश-बर्फबारी की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में 31 जनवरी और 1 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 1 फरवरी को कई इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे ठंड का असर और बढ़ेगा।

उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा में शीतलहर का खतरा

उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा के लिए मौसम विभाग ने शीतलहर की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है और सुबह-शाम ठिठुरन महसूस की जाएगी। खासकर खुले इलाकों और खेतों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली में शीतलहर और हल्की बूंदाबांदी के आसार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार (29 जनवरी) की सुबह शीतलहर का असर देखने को मिला है। मौसम विभाग के मुताबिक, शीतलहर के दौरान 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलेंगी। शुक्रवार को दिल्ली में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

यूपी में पश्चिमी विक्षोभ का असर, कोहरा और गलन बरकरार

उत्तर प्रदेश में इस समय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) का प्रभाव बना हुआ है। 28 जनवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, जिसके बाद पछुआ हवाओं के चलते गलन बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, आज भी इसका असर महसूस किया जाएगा। सुबह और रात के समय कई जिलों में घना कोहरा छा सकता है।

मौसम विभाग ने बताया है कि प्रदेश के कुछ इलाकों में शीतलहर जैसे हालात बन सकते हैं, क्योंकि तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा। मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की धूप के बावजूद ठंड बनी रह सकती है, जबकि रात में तापमान और गिर सकता है। न्यूनतम तापमान 6 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

बिहार में घना कोहरा, तापमान में गिरावट

बिहार की बात करें तो मौसम विभाग, पटना के अनुसार, आज राज्य के 5 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा छाया रह सकता है। जिन जिलों में कोहरे की चेतावनी जारी की गई है, उनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, सिवान और गोपालगंज शामिल हैं। हालांकि इस सप्ताह बिहार में बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम के मद्देनजर सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर सुबह और रात के समय यात्रा करने वाले लोगों को कोहरे और ठंडी हवाओं से सावधान रहने को कहा गया है।

50 दिनों का औसत जादुई तरीके से 125 दिन कैसे हो जाएगा? रोजगार गारंटी पर चिदंबरम का मोदी सरकार से सवाल…

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कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के बाद नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र द्वारा तैयार किया गया भाषण नीरस और खोखले वादों से भरा था।

पी चिदंबरम ने गुरुवार को मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि 125 दिन क्यों, आप तो आप साल में 365 दिन की गारंटी भी दे सकते हैं। उन्होंने मोदी सरकार के वादे को खोखला वादा बताया।

मनरेगा को लेकर संसद में विरोध, जयराम रमेश बोले- बहाली के लिए लोकतांत्रिक तरीकों का इस्तेमाल करेगा विपक्ष

गलत, प्रेसिडेंट मैडम!

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू ने अपने भाषण में कहा कि “विकसित भारत-ग्रामीण विकास कानून लागू हो गया है। इस सुधार से गांवों में 125 दिन के रोजगार की गारंटी होगी।” गलत, प्रेसिडेंट मैडम!’

कांग्रेस नेता ने बताया कि क्यों हाल के सालों में एक परिवार को सिर्फ 50 दिन ही रोजगार दिए गए। उन्होंने कहा, ‘हाल के सालों में मनरेगा के तहत एक परिवार को मिलने वाले रोजगार के दिनों की औसत संख्या 50 दिन थी। मांग की कमी की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए कि पर्याप्त फंड नहीं दिए गए थे।’

राष्ट्रपति का अभिभाषण नीरस और खोखले वादों से भरा था: कांग्रेस

50 दिनों का औसत जादुई तरीके से 125 दिन कैसे हो जाएगा?

पी चिंदबरम ने सरकार से सवाल किया, ’50 दिनों का औसत जादुई तरीके से 125 दिन कैसे हो जाएगा? क्या सरकार 2024-25 और 2025-26 में दिए गए पैसे का 2.5 गुना पैसा देगी?’

कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘125 दिन’ कोई गारंटी नहीं है। यह एक भ्रम है। पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा, ‘125 दिनों पर क्यों रुकें? आप साल में 365 दिन की गारंटी भी दे सकते हैं।’

उन्होंने इसे एक खोखला वादा बताया।

बारामती: पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, दोनों बेटों ने दी मुखाग्नि…

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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजीत पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार को बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। पवार के अंतिम संस्कार में उनका पूरा परिवार मौजूद रहा।

पवार के दोनों बेटों ने उन्हें मुखाग्नि दी।

इससे पहले, अजित पवार की अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। पवार की अंतिम यात्रा के दौरान सड़कों पर जाम की स्थिति देखने को मिली।

बता दें, कि गुरुवार सुबह अजित पवार के पार्थिव शरीर को काटेवाड़ी स्थित उनके आवास लाया गया था। बुधवार सुबह 8.45 बजे एक प्लेन क्रैश में पवार का निधन हुआ था। इस हादसे में पवार के सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू समेत 5 लोगों की मौत हुई। उनके निधन पर महाराष्ट्र में 3 दिन का राजकीय शोक रखा गया है। इस दौरान राज्यभर की सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

पुलिस ने प्लेन क्रैश के सिलसिले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की है। इसके अलावा, एयरक्राफ्ट दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने जांच अपने हाथ में ले ली है। वीटी-एसएसके रजिस्ट्रेशन नंबर वाला यह विमान वीएसआर वेंचर्स द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा दी गई पूरी जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान लीयरजेट 45 था जिसका रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके था और इसे ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स मैनेज कर रहा था। फ्लाइट क्रू द्वारा पहले लैंडिंग के शुरुआती सीक्वेंस को रद्द करने का फैसला करने के बाद फ्लाइट को ठीक 8:43 बजे रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई थी।

दिल्ली में कई स्कूलों को मिली बम की धमकी, जांच में जुटी पुलिस…

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देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कई नामी स्कूलों को बम धमाके की धमकी भरा ईमेल मिला। यह ईमेल तड़के करीब 1 बजकर 42 मिनट पर भेजा गया था, जिसमें दावा किया गया कि तीन से चार स्कूलों में विस्फोट किए जाएंगे।

धमकी में दिल्ली के साथ-साथ चंडीगढ़ स्थित कुछ स्कूलों का भी जिक्र किया गया था।

ईमेल मिलते ही पुलिस को दी गई सूचना

जैसे ही स्कूल प्रशासन को इस ईमेल की जानकारी मिली, उन्होंने बिना देर किए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए संबंधित स्कूल परिसरों में तलाशी अभियान शुरू किया।

बम निरोधक दस्तों की तैनाती

सुरक्षा जांच के लिए K9 डॉग स्क्वॉड, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल टीम और अन्य विशेष सुरक्षा इकाइयों को स्कूल परिसरों में भेजा गया। टीमों ने कक्षाओं, गलियारों, मैदानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।

इन स्कूलों को मिली धमकी

बताया जा रहा है कि जिन स्कूलों को धमकी भरा ईमेल मिला है, उनमें डीपीएस (DPS), मॉडर्न स्कूल और संस्कृति स्कूल जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान शामिल हैं। एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

ईमेल भेजने वाले की तलाश में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकी भरा ईमेल कहां से और किसने भेजा। फिलहाल किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु बरामद होने की पुष्टि नहीं हुई है।

एक दिन पहले द्वारका कोर्ट को भी मिली थी धमकी

एक दिन पहले द्वारका कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। हालांकि बाद में वह धमकी फर्जी निकली थी। इसी वजह से इस ताजा मामले को भी बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2026 संसद में पेश, बजट सत्र में सरकार का आर्थिक रोडमैप आया सामने…

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया। यह दस्तावेज बताता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिका के टैरिफ (शुल्क) के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है।

आर्थिक सर्वेक्षण में चालू वित्त वर्ष 2025-26 और आने वाले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की अनुमानित आर्थिक विकास दर (जीडीपी ग्रोथ) की जानकारी दी जाएगी। यह बजट से पहले आने वाला एक अहम दस्तावेज है, जो देश की सालभर की आर्थिक स्थिति का सार बताता है और आने वाले समय की संभावनाओं को दिखाता है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन बाद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 में बताए गए नीतिगत सुधारों के प्रमुख निष्कर्षों को समझाएंगे। इसमें रुपए की कीमत में गिरावट, दुनिया में बढ़ता राजनीतिक तनाव और ऐसे ही कई अहम मुद्दे शामिल होंगे।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं। उन्होंने इसे देश के संसदीय इतिहास का एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बताया।

संसद में 2026 के बजट सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि देश के संसदीय इतिहास में दर्ज हो गई है और यह सभी के लिए गर्व की बात है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का 15वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह 2024 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट होगा।

संसद का बजट सत्र कुल 65 दिनों में 30 बैठकों के साथ चलेगा। यह सत्र 13 फरवरी को स्थगित होगा और 9 मार्च से दोबारा शुरू होगा, ताकि संसदीय समितियां अलग-अलग मंत्रालयों के खर्च प्रस्तावों की जांच कर सकें।

संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है और यह दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित है।

राज्यसभा में उठा सोने-चांदी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि का मुद्दा, कांग्रेस सांसद बोले- महिलाओं और विवाह…

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राज्यसभा में बृहस्पतिवार को कांगेस के एक सदस्य ने सोने-चांदी की कीमतों में हाल में बेतहाशा वृद्धि पर चिंता जताई और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य नीरज डांगी ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि देश में सोने एवं चांदी की बेकाबू कीमतों ने ग्रामीण भारत विशेषकर महिलाओं और विवाह वाले परिवारों की कमर तोड़ कर रख दी है।

उन्होंने कहा कि पिछले 13 महीनों में यानी दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच भारत में चांदी की कीमतों में करीब 306 प्रतिशत और सोने की कीमतों में 111 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारत में सोना-चांदी नारी की सुरक्षा, आत्मसम्मान और पारिवारिक भविष्य से जुड़ा है और ऐसे देश में इनकी कीमतों में इस कदर बेलगाम वृद्धि सरकार की गंभीर नीतिगत और आर्थिक असफलता को दर्शाता है।

डांगी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार शादी के मौके पर न्यूनतम आभूषण भी नहीं खरीद पा रहे हैं, कई मध्यमवर्गीय परिवारों ने विवाह को टाल दिया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ओर सरकार महिला सशक्तीकरण की बात कर रही है, दूसरी ओर उच्च आयात शुल्क, भारी जीएसटी, सट्टेबाजों और जमाखोरों पर लगाम नहीं लगाकर महिलाओं की बचत को लगातार मूल्यहीन बना रही है।

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान नीतियों में आम महिलाओं को सजा मिल रही है वहीं जमाखोरों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार तुरंत हस्तक्षेप करे और सट्टेबाजों एवं जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करे।

देश में सोने और चांदी की कीमतें बेकाबू हो चुकी हैं। ग्रामीण भारत – विशेष रूप से महिलाओं और विवाह योग्य परिवारों की कमर टूट चुकी है।

पिछले 13 महीनों में चांदी की कीमतों में 306% और सोने की कीमतों में 111% की वृद्धि देखने को मिली है।

जिस देश में सोना-चांदी नारी की सुरक्षा,…

शून्यकाल में ही सीपीएम सदस्य वी शिवदासन ने देश में शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने की मांग की वहीं उनकी ही पार्टी के जॉन ब्रिटास ने हवाई किरायों को नियंत्रित करने तथा हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाने की मांग की। उन्होंने हवाई यात्रियों के हितों की रक्षा किए जाने की मांग करते हुए कहा कि देश के हवाई यातायात क्षेत्र में कुछ कंपनियों का एकाधिकार है।

“बड़ी खबर LIVE: SC ने UGC के नए नियमों पर रोक लगाई, CJI बोले- नए आदेश तक 2012 के नियम लागू”

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सुप्रीम कोर्ट ने UGC पर रोक लगाई: कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी छात्र को जाति के आधार पर भेदभाव का सामना न करना पड़े, इस पर फिर से चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह एक संवेदनशील मुद्दा है।”

सुप्रीम कोर्ट ने UGC रेगुलेशन 2026 पर रोक लगा दी है, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने सही काम किया है क्योंकि UGC की गाइडलाइन असंवैधानिक थी।”

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) रेगुलेशन पर रोक लगा दी है, जिसे 23 जनवरी, 2026 को नोटिफाई किया गया था। इसे कई याचिकाकर्ताओं ने मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन एक्ट, 1956 का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि नए आदेश तक 2012 के नियम लागू रहेंगे।

यूजीसी केस: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू, नए नियमों की वैधता की जांच की जाएगी

योजनाएं फाइल में नहीं, ‘लाइफ’ में दिखनी चाहिए; बजट से पहले पीएम मोदी ने दिया बड़ा संदेश…

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संसद का बजट सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है. यह सत्र कई मायनों में खास रहने वाला है. इन सब के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद परिसर में पत्रकारों को संबोधित किया.

इस दौरान उन्होंने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ को सरकार की नीति बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि साल 2026 के प्रारंभ में ही राष्ट्रपति ने संसद के सदस्यों के सामने जो अपेक्षाएं रखी हैं, वे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सांसदों ने उन अपेक्षाओं को गंभीरता से लिया होगा और उसी भावना से आगामी कार्यवाही में योगदान देंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कई मार्गदर्शन वाली बातें हम सभी के सामने रखी थीं. सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा. यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है. भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है. मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे. मैं सभी तरह के प्रोड्यूसर्स से अपील करूंगा कि अब जब भारत-यूरोपियन यूनियन का मार्केट खुल गया है तो एक बहुत बड़ा मार्केट उपलब्ध है और हमारा सामान वहां कॉम्पिटिटिव कीमतों पर पहुंच सकता है. उन्हें सिर्फ हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि-

हमें गुणवत्ता पर बल देना है. आज बाजार खुल गया है, तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है. 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरों, किसानों, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश का ध्यान बजट की तरफ होना स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की पहचान रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म रही है. हमने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर तेजी से शुरुआत की है. मैं इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में उनके सकारात्मक योगदान के लिए सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं. नतीजतन, ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ गति पकड़ रही है.

उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है, आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है. आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है. आज भूमिका व्यवधान का रोना रोने की नहीं है. आज भूमिका समाधान ढूंढने और उन्हें जमीन पर उतारने की है. उन्होंने आगे कहा कि कोई हमारी कितनी भी आलोचना करे, लेकिन एक बात हर कोई कहता है कि सरकार ने लास्ट माइल डिलीवरी पर बल दिया है. योजना को फाइल तक नहीं, लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है. इसी परंपरा को हम रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जेनरेशन के रिफॉर्म में आगे बढ़ाने वाले हैं.

हजारों में एक शूरवीर.’ पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक के जरिए सेना के शौर्य को किया नमन…

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गणतंत्र दिवस समारोह 2026 का औपचारिक समापन आज, 29 जनवरी (गुरुवार) को ऐतिहासिक ‘बीटिंग रिट्रीट’ (Beating Retreat) सेरेमनी के साथ होगा. रायसीना हिल्स और विजय चौक आज शाम भारतीय संगीत और सैन्य अनुशासन के अद्भुत संगम का गवाह बनेंगे.

इस खास मौके से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सेना के जवानों के प्रति देश का आभार और गर्व व्यक्त किया है. पीएम मोदी ने लिखा-

‘आज शाम बीटिंग रिट्रीट का आयोजन होगा. यह गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन का प्रतीक है. इसमें भारत की समृद्ध सैन्य विरासत की शक्ति दिखाई देगी. देश की रक्षा में समर्पित अपने सशस्त्र बलों पर हमें अत्यंत गर्व है.’

पीएम मोदी ने अपने संदेश के साथ एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जो एक योद्धा के विवेक और वीरता को परिभाषित करता है. उन्होंने संस्कृत के श्लोक (एको बहूनामसि मन्य ईडिता विशं विशं युद्धाय सं शिशाधि. अकृत्तरुक्त्वया युजा वयं द्युमन्तं घोषं विजयाय कृण्मसि) बोला. इसका अर्थ है हे वीर! तुम्हारा क्रोध विवेकपूर्ण होना चाहिए. तुम हजारों में एक शूरवीर हो. सम्मान के साथ अपने लोगों को शासन करना और युद्ध करना सिखाओ. हम तुम्हारे साथ विजय प्राप्ति के लिए जयघोष करना चाहते हैं.

आज शाम विजय चौक पर होने वाले इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे. भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के बैंड अपनी मनमोहक धुनों से समां बांधेंगे.

पुराने जमाने में सूर्यास्त के समय जब ‘रिट्रीट’ की बिगुल बजती थी, तो सैनिक युद्ध रोककर, तलवारें म्यान में रखकर अपने शिविरों (Camps) में लौट जाते थे. यह सेरेमनी उसी घर वापसी और शांति का प्रतीक है.