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“दीपावली 2025: लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त और तैयारी के टिप्स”

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दीपावली 2025: लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त और तैयारी के टिप्स;

Diwali 2025: इस वर्ष दीपावली का लक्ष्मी पूजन सोमवार, 20 अक्टूबर को आयोजित होगा। यह पूजा कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर की जाएगी। इस दिन संध्या के प्रादोष काल, जो कि 07:08 बजे से 08:18 बजे तक है, को सबसे शुभ माना गया है। लक्ष्मी पूजन केवल देवी लक्ष्मी की आराधना नहीं है, बल्कि यह समृद्धि, सुख और भाग्य की प्राप्ति का प्रतीक भी है। इस दिन भक्त गणेश जी और सरस्वती माता की भी पूजा करते हैं, ताकि उनके घर और जीवन में खुशहाली और सफलता बनी रहे।

लक्ष्मी पूजन की तिथि और शुभ मुहूर्त

पूजन की तिथि: सोमवार, 20 अक्टूबर 2025
प्रादोष काल: 05:46 PM – 08:18 PM
लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: 07:08 PM – 08:18 PM (1 घंटे 11 मिनट)
वृषभ काल (सबसे स्थिर लग्न): 07:08 PM – 09:03 PM
अमावस्या तिथि: 20 अक्टूबर 03:44 PM से 21 अक्टूबर 05:54 PM तक

ज्योतिषी बताते हैं कि प्रादोष काल और वृषभ लग्न में लक्ष्मी पूजन करने से अधिक फल प्राप्त होता है।

शहरवार शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली: 07:08 PM – 08:18 PM
मुंबई: 07:41 PM – 08:41 PM
अहमदाबाद: 07:36 PM – 08:40 PM
पुणे: 07:38 PM – 08:37 PM
चेन्नई: 07:20 PM – 08:14 PM
बैंगलुरु: 07:31 PM – 08:25 PM
कोलकाता: 05:06 PM – 05:54 PM
हैदराबाद: 07:21 PM – 08:19 PM
जयपुर: 07:17 PM – 08:25 PM
चंडीगढ़: 07:06 PM – 08:19 PM
नोएडा/गुरुग्राम: 07:07 PM – 08:19 PM

लक्ष्मी पूजन की तैयारी घर और कार्यालय को गेंदे, आम के पत्ते, केले के पत्ते, रंगोली और दीपों से सजाएं।

प्रवेश द्वार पर मंगलिक कलश रखें, जिसमें जल, आम के पत्ते और लाल कपड़े में लिपटा नारियल हो।

लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्तियाँ लाल वस्त्र पर तथा नवग्रह की मूर्तियाँ सफेद वस्त्र पर स्थापित करें।

फूल, मिठाइयां, फल, सिक्के और खीले-बताशे भोग में चढ़ाएं।

लक्ष्मी पूजन विधि

पूजन स्थल को साफ करें और रंगोली तथा फूलों से सजाएं।
लक्ष्मी, गणेश और सरस्वती की मूर्तियाँ उठे हुए मंच पर रखें।
घर के हर कोने में दीपक और घी का दीपक जलाएं।
देवी लक्ष्मी को फूल, फल, मिठाई और सिक्के अर्पित करें।
षोडशोपचार पूजा (16 प्रकार के भेंट) जैसे धूप, दीप, भोजन और प्रार्थना करें।
लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ करें।
परिवार के साथ लक्ष्मी आरती करें।
पूजा समाप्त होने के बाद प्रसाद वितरित करें और आतिशबाजी करें।

लक्ष्मी पूजन का महत्व

यह दिन अंधकार पर प्रकाश और गरीबी पर समृद्धि की जीत का प्रतीक है।

भक्त धन, ज्ञान, फसल, पशु और दिव्य ऊर्जा सहित सभी प्रकार की संपत्ति की पूजा करते हैं।

व्यवसायी वर्ग में इसे चौपड़ा पूजन के रूप में भी मनाया जाता है।

स्थिर लग्न में पूजा करने से माता लक्ष्मी का वास घर में स्थायी रूप से होता है।

“डोनाल्ड ट्रंप की नोबेल शांति पुरस्कार की उम्मीदें: क्या वह जीत पाएंगे?”

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नोबेल पुरस्कारों की घोषणा 6 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। इस बार सबसे अधिक ध्यान 10 अक्टूबर को घोषित होने वाले नोबेल शांति पुरस्कार पर है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी दावेदारी को उजागर करने में कोई कमी नहीं छोड़ी है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, उनके हाथ से यह पुरस्कार फिसल सकता है। हाल ही में, ट्रंप ने गाजा में शांति स्थापित करने के लिए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को व्हाइट हाउस बुलाया था, लेकिन स्थिति अभी भी अनिश्चित है।

नॉमिनेशन की स्थिति’

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन की समय सीमा 31 जनवरी 2025 थी, जो ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के 11 दिन बाद थी। हालांकि, नेतन्याहू और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ जैसे नेताओं ने ट्रंप को बाद में नामित किया था, जिससे उनकी दावेदारी पर सवाल उठता है।

युद्ध रोकने के दावे’

ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्ध रोकने का दावा किया, लेकिन भारत ने इसे खारिज कर दिया। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के अनुरोध पर ही कार्रवाई रोकी गई थी।

आर्मेनिया और अजरबैजान का संघर्ष’

आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच संघर्ष फिर से भड़क गया है। ट्रंप ने दोनों नेताओं को शांति के लिए वाशिंगटन बुलाया, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ।

कंबोडिया और थाईलैंड के बीच विवाद’

कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा विवाद में गोलीबारी हुई, लेकिन ट्रंप के दावों के विपरीत, सीजफायर आसियान की पहल पर हुआ।

ट्रंप के दावों की सच्चाई’

सर्बिया-कोसोवो, रवांडा और कांगो के बीच विवादों का समाधान नहीं हुआ है। मिस्र और इथियोपिया के बीच भी पानी के विवाद को लेकर तनाव बना हुआ है।

गाजा में स्थिति’

गाजा पट्टी में हमास ने इजरायल पर हमला किया, जिसमें कई इजरायली नागरिक मारे गए। ट्रंप का गाजा शांति योजना भी खतरे में है।

रूस-यूक्रेन युद्ध’

ट्रंप के प्रयासों के बावजूद, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध नहीं रुक सका। उन्होंने यूक्रेन को जमीन देने की सलाह दी, जो विवादास्पद थी।

घरेलू मोर्चे पर विफलता’

ट्रंप की घरेलू नीतियों ने उनकी दावेदारी को कमजोर किया है, जैसे कि अवैध अप्रवासियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना।

ट्रंप के विवादास्पद निर्णय’

ट्रंप ने कनाडा से ग्रीनलैंड मांगने, जलवायु परिवर्तन को नकारने और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर हमले करने जैसे विवादास्पद निर्णय लिए हैं।

नोबेल पुरस्कार पर ट्रंप की टिप्पणी’

ट्रंप ने कहा कि अगर उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला, तो यह अमेरिका का अपमान होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि उनके विभाजनकारी नीतियों के कारण उनकी संभावना कम है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति’

अमेरिका के चार पूर्व राष्ट्रपति नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। ट्रंप भी इसी तरह का सपना देख रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय’

विशेषज्ञों का कहना है कि नोबेल चयन समिति शांति प्रयासों की स्थिरता और वैश्विक संस्थाओं को मजबूत करने पर ध्यान देती है। ट्रंप का रिकॉर्ड इसके विपरीत है।

नोबेल पुरस्कारों की घोषणा का कार्यक्रम’

नोबेल पुरस्कारों की घोषणा 6 अक्टूबर से शुरू होगी, जिसमें मेडिसिन, फिजिक्स, केमिस्ट्री, साहित्य, शांति और आर्थिक विज्ञान शामिल हैं।

“जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री: साने ताकाइची का ऐतिहासिक उदय”

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जापान ने अपने राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ लेते हुए सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) की कमान एक महिला नेता को सौंप दी है।

पूर्व आंतरिक मामलों की मंत्री साने ताकाइची ने पार्टी चुनाव में जीत हासिल की है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ, 64 वर्षीय ताकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने की ओर बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कृषि मंत्री शिंजीरो कोइजुमी को कड़े मुकाबले में हराया और पूर्व प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के इस्तीफे के बाद पार्टी की बागडोर संभाली।

साने ताकाइची का प्रेरणादायक सफर’

साने ताकाइची का जीवन यात्रा प्रेरणादायक और अनोखी रही है। कॉलेज के दिनों में वे हेवी मेटल ड्रम बजाने और मोटरसाइकिल चलाने की शौकीन थीं, लेकिन अब वे जापान की सबसे सख्त नेताओं में से एक मानी जाती हैं। 1993 में नारा से सांसद के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने के बाद, उन्होंने आंतरिक मामलों, लैंगिक समानता और आर्थिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला।

जापान की ‘आयरन लेडी’

ताकाइची को उनके स्पष्ट विचारों और सख्त रवैये के कारण ‘जापान की आयरन लेडी’ के नाम से जाना जाता है। वे ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर को अपनी प्रेरणा मानती हैं। पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे उनके राजनीतिक गुरु रहे हैं, जिनकी अबेनॉमिक्स नीतियों और सशक्त रक्षा नीति का वे समर्थन करती हैं।

सख्त प्रवासन और रक्षा नीति’

ताकाइची की जीत ऐसे समय में हुई है जब जापान में प्रवासन, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक अस्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान, उन्होंने जापान की रक्षा क्षमता बढ़ाने, परमाणु संलयन और साइबर सुरक्षा पर अनुसंधान को बढ़ावा देने, कड़े आप्रवासन कानून और अपराध नियंत्रण की वकालत की। वे जापान के शांतिवादी संविधान में संशोधन कर सेना को अधिक अधिकार देने की भी पक्षधर हैं।

ताकाइची की आर्थिक नीति और कार्य संस्कृति’

ताकाइची खुद को वर्कहोलिक मानती हैं और उनका मंत्र है ‘वर्क, वर्क, वर्क एंड वर्क।’ उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे ‘वर्क-लाइफ बैलेंस’ की अवधारणा को नहीं मानतीं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। उनकी आर्थिक योजना सरकारी खर्च बढ़ाकर विकास को गति देने की है, जिससे जापान वैश्विक आर्थिक अस्थिरता का सामना कर सके।

ताकाइची के सामने चुनौतियां’

ताकाइची की लीडरशिप ऐसे समय में आई है जब एलडीपी घोटालों और महंगाई के चलते जनता के गुस्से का सामना कर रही है। उनकी कट्टर विचारधारा एलडीपी के गठबंधन सहयोगी कोमेटो पार्टी के साथ रिश्तों में खटास ला सकती है। इसके अलावा, चीन और कोरिया के साथ राजनयिक संबंध भी तनावपूर्ण हो सकते हैं।

फिर भी, एलडीपी के भीतर उन्हें मजबूत समर्थन प्राप्त है और राष्ट्रवादी मतदाताओं में उनकी लोकप्रियता भी काफी है। उनकी जीत जापान में राजनीतिक विचारधारा के दक्षिणपंथी झुकाव की पुष्टि करती है और महिला नेतृत्व के लिए यह एक ऐतिहासिक पल है।

“जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर लगाया धन के केंद्रीकरण का आरोप”

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धन के असमान वितरण पर चिंता

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने हाल ही में एक रिपोर्ट साझा करते हुए मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ उद्योगपतियों के साथ सत्ता का गठजोड़ उन्हें और अधिक समृद्ध बना रहा है।

उनका मानना है कि प्रधानमंत्री की नीतियां केवल इन उद्योगपतियों के लाभ के लिए बनाई गई हैं। भारत की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा, MSME क्षेत्र, अत्यधिक दबाव में है, जो न केवल घरेलू नीतियों का परिणाम है, बल्कि विदेश नीति की विफलताओं का भी नतीजा है।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक समाचार कटिंग साझा की, जिसमें बताया गया है कि भारत के केवल 1687 लोगों के पास देश की आधी संपत्ति है। उन्होंने लिखा कि लगातार आ रही रिपोर्टें भारत में धन के केंद्रीकरण की गंभीरता को उजागर कर रही हैं। जबकि करोड़ों भारतीय अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर, केवल 1687 लोग देश की आधी दौलत के मालिक हैं।

मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण धन का इतना बड़ा केंद्रीकरण देश में गंभीर आर्थिक असमानता को जन्म दे रहा है। यह असमानता सामाजिक असुरक्षा और असंतोष को बढ़ावा दे रही है। अन्य देशों में हाल के उदाहरण दर्शाते हैं कि ऐसी आर्थिक असमानता और कमजोर लोकतांत्रिक संस्थाएं राजनीतिक अराजकता का कारण बन सकती हैं। जयराम रमेश ने चेतावनी दी कि भारत भी इसी दिशा में बढ़ रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि सत्ता के गठजोड़ से कुछ उद्योगपति और अधिक समृद्ध हो रहे हैं। प्रधानमंत्री की नीतियां उनके उद्योगपति मित्रों के लाभ के लिए केंद्रित हैं। MSME क्षेत्र पर अभूतपूर्व दबाव है, जो घरेलू नीतियों और विदेश नीति की असफलताओं का परिणाम है। आम लोगों के लिए रोजगार के अवसर घटते जा रहे हैं, और महंगाई इतनी बढ़ गई है कि नौकरीपेशा लोगों की जेब में बचत की जगह कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर निवेश में कमी आ रही है, और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं कमजोर हो रही हैं।

मनरेगा जैसी सफल योजनाएं, जिन्होंने करोड़ों लोगों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की थी, अब वेतन संकट का सामना कर रही हैं। श्रमिकों को समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। धन का इतना केंद्रीकरण केवल आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की आत्मा पर भी हमला है। जब आर्थिक शक्ति कुछ हाथों में सिमट जाती है, तो राजनीतिक निर्णय भी उन्हीं के हित में होने लगते हैं। इसके परिणामस्वरूप सामाजिक और आर्थिक असमानता बढ़ती जा रही है, जिससे करोड़ों नागरिक धीरे-धीरे लोकतंत्र और विकास की प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।

“नेपाल में मूसलधार बारिश से आई तबाही: 22 लोगों की मौत, राहत कार्य प्रभावित”

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नेपाल में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। रविवार को पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में भूस्खलन, बिजली गिरने और बाढ़ के कारण कम से कम 22 लोगों की जान चली गई है, जबकि 12 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।

नेपाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सबसे अधिक नुकसान पूर्वी जिले में हुआ है, जहां कई गांव बारिश और भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं।

इलाम में भूस्खलन से भारी नुकसान इलाम में भूस्खलन से तबाही

नेपाल पुलिस के प्रवक्ता बिनोद घिमिरे ने जानकारी दी कि इलाम जिले में भूस्खलन के कारण 18 लोगों की जान गई और 7 लोग लापता हैं। इलाम के सहायक प्रशासनिक अधिकारी भोलनाथ गुरागाईं ने बताया कि एक ही परिवार के छह सदस्य उस समय मारे गए जब रात में सोते समय उनका घर भूस्खलन की चपेट में आ गया।

राहत कार्यों में बाधा राहत कार्यों में बाधा बनी बारिश

बारिश के चलते प्रभावित गांवों में राहत और बचाव दलों की पहुंच में कठिनाई आ रही है। कई सड़कों पर भूस्खलन के कारण मार्ग बंद हो गए हैं या पूरी तरह बह गए हैं। गुरागाईं ने बताया कि चिकित्सा आपात स्थितियों के लिए केंद्र सरकार से हेलीकॉप्टरों की मांग की गई है।

बिजली गिरने और बाढ़ से हुई मौतें बिजली गिरने और बाढ़ से भी गई जानें

भूस्खलन के अलावा, विभिन्न घटनाओं में तीन लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई, जबकि दक्षिण नेपाल में एक व्यक्ति की जान बाढ़ के कारण गई। अब तक कुल 114 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

सड़कें बंद, उड़ानें रद्द हाईवे बंद, घरेलू उड़ानें भी ठप

नेपाल सरकार ने शनिवार से सोमवार तक पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की थी, जिसके चलते कई प्रमुख राजमार्गों को बंद कर दिया गया। शनिवार को भारी बारिश के कारण सभी घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई थीं, हालांकि रविवार को कुछ उड़ानें फिर से शुरू की गईं।

त्योहार के बाद लौटने वाले लोगों की मुश्किलें त्योहार के बाद लौट रहे लोगों की बढ़ी मुश्किलें

यह आपदा तब आई जब लाखों लोग नेपाल के सबसे बड़े पर्व दशैं के बाद काठमांडू लौट रहे थे। त्योहार का मुख्य दिन गुरुवार को मनाया गया था, जब लोग अपने गांवों में परिवार के साथ त्योहार मनाने गए थे। रविवार को काठमांडू लौटते समय हाइवे पर भारी भीड़ और जाम देखा गया।

बाढ़ का असर काठमांडू में राजधानी काठमांडू में नदी किनारे के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ आई, लेकिन किसी बड़े नुकसान या जानमाल की हानि की सूचना नहीं है। भारी बारिश के कारण सरकार ने सोमवार तक राष्ट्रीय छुट्टी घोषित कर दी है।

हर साल की तरह फिर से त्रासदी हर साल दोहराती है त्रासदी

पिछले साल भी इसी समय बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल में 224 लोगों की मौत हुई थी और 158 लोग घायल हुए थे। इस साल की भारी बारिश ने फिर से वही संकट खड़ा कर दिया है।

“Sharad Purnima: शरद पूर्णिमा पर क्‍या आसमान से बरसता है ‘अमृत’, चांदनी में रखी ‘खीर’ का इतना महत्‍व क्‍यों?”

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Sharad Purnima Importance: नवरात्रि के साथ ही शुरू हुआ ‘उत्‍सवी माहौल’ चल रहा है. दशहरे के बाद दीवाली का इंतजार है, लेकिन इससे पहले भी कई महत्‍वपूर्ण तिथियां आ रही हैं.

इन्‍हीं में से एक है- शरद पूर्णिमा. हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा मनाई जाती है. इस साल 6 अक्टूबर को शारदीय पूर्णिमा है. अमावस्या या अन्य पर्वों से अलग, इसे विशेष रूप से चंद्रमा की पूजा और भक्ति के लिए जाना जाता है.

शरद पूर्णिमा को ‘कोजागरी पूर्णिमा’ भी कहा जाता है. इसका धार्मिक, आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यधिक महत्व है. ‘कोजागरी’ का अर्थ है- ‘कौन जाग रहा है?’, क्योंकि इस रात मां लक्ष्मी अपने भक्तों के जागरण की परीक्षा लेती हैं.

क्‍या आसमान से बरसता है ‘अमृत’?

शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा, पृथ्वी के सबसे निकट होता है. 16 कलाओं से परिपूर्ण चंद्रमा की चांदनी को ‘अमृतमयी’ माना जाता है. कहा जाता है कि जड़ी-बूटियों और औषधियों को इस रात चांदनी में रखने से उनकी औषधीय शक्ति चार गुना बढ़ जाती है. खास तौर पर आयुर्वेदाचार्य वर्ष भर इस रात का इंतजार करते हैं. वे जीवनदायिनी और रोगनाशक जड़ी-बूटियों को चांदनी में रखकर उनकी शक्ति बढ़ाते हैं.

इसके अलावा शरद पूर्णिमा को मां लक्ष्‍मी के प्राकट्योत्‍सव के रूप में मनाया जाता है. ये भी एक वजह है कि शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्‍मी को प्रिय खीर का भोग लगाकर प्रसाद के रूप में खाने से मां लक्ष्‍मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस दिन खीर बनाकर देवी-देवताओं को अर्पित करना और चंद्रमा की कृपा प्राप्त करना एक प्राचीन परंपरा है.

खीर का इतना महत्‍व क्‍यों?

पद्म पुराण और स्कंद पुराण में शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने और देवी-देवताओं को अर्पित करने का उल्लेख है. खीर को शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. इसे अर्पित करने से संपूर्ण परिवार में सुख-समृद्धि का संचार होता है. खीर में दूध और चावल के मिश्रण को अन्न और पोषण का प्रतीक माना गया है.

खीर दूध, चावल, केसर, काजू-बादाम, पिस्ता जैसी पौष्टिक चीजों से बनाई जाती है. ये सभी सामग्री हमारी सेहत के लिए वैसे भी लाभदायक ही हैं. दूध में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन जैसे तत्व होते हैं. चावल में फोलिक एसिड, विटामिन, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फाइबर और आयरन जैसे तत्व होते हैं. इसी तरह केसर, काजू-बादाम और पिस्ता में भी हमारी सेहत के लिए फायदेमंद तत्व होते हैं. खीर पकने में काफी समय लगता है, तो इन सभी पौष्टिक चीजों के तत्व खीर में आ जाते हैं और इसके सेवन से स्वाद के साथ स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है.

खीर बनाना और अर्पित करना केवल खाना देने की क्रिया नहीं, बल्कि भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है. शास्त्रों में कहा गया है कि जो भक्त सादगी और श्रद्धा से खीर बनाकर चंद्रमा या देवी को अर्पित करता है, उसे आध्यात्मिक शांति और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है.

“जंग के मैदान में दिखेगा प्राइवेट कंपनियों का दबदबा, रक्षा मंत्रालय ने किया ये बड़ा फैसला”

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भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के तहत बड़ा कदम उठाया है. रक्षा मंत्रालय ने मिसाइल, आर्टिलरी शेल, गोला-बारूद और अन्य हथियारों के विकास और निर्माण को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया है.

यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि लंबे समय तक चलने वाले युद्ध की स्थिति में भारतीय सेना को गोला-बारूद की कमी का सामना न करना पड़े.

अब तक यह क्षेत्र पूरी तरह से सरकारी कंपनियों के नियंत्रण में था. लेकिन अब निजी कंपनियां भी इसमें भागीदारी कर सकेंगी. इस कदम को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन की दिशा में एक और बड़ा प्रयास माना जा रहा है.

अब बिना NOC के बनेगा गोला-बारूद यूनिट;

सरकार ने राजस्व खरीद नियमावली में संशोधन किया है. इसके तहत अब निजी कंपनियों को हथियार और गोला-बारूद निर्माण यूनिट लगाने के लिए सरकारी कंपनी म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (MIL) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने की जरूरत नहीं होगी. इससे अब निजी कंपनियां 105 मिमी, 130 मिमी, 150 मिमी आर्टिलरी शेल, पिनाका मिसाइल, 1000 पाउंड बम, मोर्टार बम, हैंड ग्रेनेड और छोटे-मध्यम आकार की गोलियों का निर्माण कर सकेंगी.

मिसाइल निर्माण में भी निजी कंपनियों को मौका;

रक्षा मंत्रालय ने केवल गोला-बारूद ही नहीं, बल्कि मिसाइलों के विकास और एकीकरण के क्षेत्र को भी निजी कंपनियों के लिए खोल दिया है. मंत्रालय ने इस संबंध में DRDO को पत्र लिखकर अपनी मंशा जताई है. अब तक भारत डायनामिक्स लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ही DRDO के तहत मिसाइल और सरफेस टू एयर सिस्टम जैसे आकाश, अस्त्र, मिलन, कोंकुर और टॉरपीडो बनाते थे. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अनुभव किया गया कि भविष्य की लड़ाई लंबी दूरी की मिसाइलों और स्टैंड-ऑफ हथियारों से ही लड़ी जाएगी, इसलिए अब निजी कंपनियों की भागीदारी जरूरी हो गई है.

चीन से मिल रही पाकिस्तान को मिसाइल सप्लाई;

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने चीन से मिले एयर टू एयर और एयर टू सरफेस मिसाइलों का इस्तेमाल किया. भारत को इस बात की चिंता है कि पाकिस्तान को चीन से लगातार हथियार मिलते रहेंगे, जबकि भारत को अब आत्मनिर्भर बनना होगा क्योंकि रूस-यूक्रेन और इजरायल-गाजा युद्ध के चलते वैश्विक हथियारों की मांग पहले से कहीं ज्यादा है.

लड़ाइयों में मिसाइलों से होंगी तबाही;

विशेषज्ञों का मानना है कि अब युद्ध केवल मिसाइलों, स्टैंड-ऑफ हथियारों और एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम से लड़े जाएंगे. जैसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 10 मई को भारत की S-400 प्रणाली ने पाकिस्तान के एक ELINT विमान को 314 किलोमीटर अंदर मार गिराया था. इससे साबित होता है कि अब फाइटर प्लेनों का युग खत्म हो रहा है.

“दार्जलिंग में जबरदस्त बारिश से भूस्खलन और तबाही… 7 लोगों की मौत, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट”

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पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के मिरिक में जमीन खिसकने से कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है. जिसमें 2 शहरों और टूरिस्ट जगहों, मिरिक और कुर्सेओंग को जोड़ने वाला दुदिया आयरन ब्रिज भी गिर गया है.

कुर्सेओंग के पास नेशनल हाईवे 110 पर हुसैन खोला नाम की जगह पर भी तेज बारिश के कारण जमीन खिसकने की खबर है. अधिकारियों के मुताबिक दार्जिलिंग के मिरिक में एक लोहे का पुल गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि सुखिया इलाके में अलग-अलग भूस्खलन की घटनाओं के कारण 4 लोग मारे गए.

मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया कि उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग के पास वाले जिले अलीपुरद्वार में सोमवार सुबह तक भारी बारिश होती रहेगी. एक और बुलेटिन में IMD ने कहा कि, इन जिलों के ज्यादातर हिस्सों में सोमवार सुबह तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. बंगाल पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा,’शनिवार रात हुई भारी बारिश के कारण दार्जिलिंग की कुछ सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात बाधित हुआ. सड़क साफ करने का काम चल रहा है और जल्द ही सामान्य यातायात बहाल होने की उम्मीद है. जो पर्यटक फंसे हुए हैं या जिन्हें सहायता की जरूरत है, वे दार्जिलिंग पुलिस नियंत्रण कक्ष से +91 91478 89078 पर संपर्क कर सकते हैं.’

प्रशासन ने क्या कहा?

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कुर्सियांग) अभिषेक रॉय ने कहा,’हमने मिरिक में 5 शव बरामद कर लिए हैं. दिन में दो शव पहले ही बरामद किए जा चुके थे. सुखिया में चार और लोगों की मौत की खबर मिली है। बचाव कार्य जारी है.’ उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण बचाव अभियान चलाना बहुत मुश्किल है. रोहिणी जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद है. दिलाराम वाला रास्ता भी बंद है. हम मिरिक में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

फिलहाल प्रशासन ने दार्जिलिंग के सभी पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया है. दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और अन्य इलाकों में फंसे पर्यटकों को अपने होटलों से बाहर न निकलने को कहा गया है. प्रशासन ने यह भी बताया कि तीस्ता नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाने और राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के बह जाने के कारण सिक्किम और कलिम्पोंग से संपर्क पूरी तरह टूट गया है. दार्जिलिंग शहर से भी संपर्क टूट गया है’

और कहां पड़ सकती है मौसम की मार?

निम्न दबाव का क्षेत्र(कम दबाव वाला इलाका)अभी पश्चिम झारखंड और उसके आश-पास के इलाकों जैसे दक्षिण बिहार, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ पर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार, यह इलाका उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बिहार की तरफ बढ़ेगा और शनिवार शाम तक धीरे-धीरे कमजोर होकर सिर्फ एक कम दबाव का क्षेत्र बन जाएगा.

दक्षिण बंगाल में बारिश का हाल’

मौसम विभाग की चेतावनी है कि रविवार(आज)सुबह तक दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, कूच बिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में बहुत ज्यादा भारी बारिश होगी. इस वजह से पूरे इलाके के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण बंगाल अधिकतर हिस्सों में हल्की मध्यम बारिश होने की उम्मीद है. वहीं मुर्शिदाबाद, बीरभूम और नादिया जिलों में सोमवार सुबह तक भारी बारिश होगी. मौसम विभाग ने बताया कि, पिछले 24 घंटों में(शनिवार सुबह 8:30 तक)West Bengal के कई जगहों पर हल्की मध्यम बारिश हई है. बांकुरा में सबसे ज्यादा 65.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.

“करोड़पति बिजनेसमैन, 150 देशों में कारोबार… केजरीवाल को नहीं, AAP ने राजिंदर गुप्ता कारोबारी को दिया राज्यसभा का टिकट”

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आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब से राज्यसभा चुनाव के लिए राजिंदर गुप्ता को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. इससे पहले यह अफवाहें चल रही थीं कि पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को पंजाब से राज्यसभा के लिए मनोनीत किया जा सकता है.

लेकिन पार्टी ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है. पंजाब के आप विधायकों ने राजिंदर गुप्ता के नाम पर सहमति जताई है, जिसके बाद पार्टी ने आधिकारिक तौर पर अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है.

राजिंदर गुप्ता पंजाब के एक प्रमुख उद्योगपति रहे हैं और लंबे समय से राज्य के व्यापार और आर्थिक मामलों में सक्रिय भूमिका में हैं. उन्होंने हाल ही में अपने दो महत्वपूर्ण सरकारी पदों से इस्तीफा दिया है, ताकि उनके नामांकन की राह साफ हो सके.

कौन हैं राजिंदर गुप्ता?

66 साल के राजिंदर गुप्ता लुधियाना के रहने वाले एक करोड़पति बिजनेसमैन हैं. ये ट्राइडेंट के संस्थापक हैं, जो अपने घरेलू वस्त्र, कागज और रसायनों के लिए जानी जाने वाली कंपनी है. लुधियाना स्थित यह कंपनी तौलिए, डुवेट और फिटेड चादरें जैसे बाथ और बिस्तर के लिनेन बनाती है. ट्राइडेंट का दो-तिहाई सालाना कमाई 150 से अधिक देशों में निर्यात से आता है. राजिंदर गुप्ता ने स्वास्थ्य कारणों और पारिवारिक समस्याओं का हवाला देते हुए 2022 में अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक राजिंदर गुप्ता का नेट वर्थ 10,000 करोड़ है.

राजिंदर गुप्ता का राजनीतिक सफर

राजिंदर गुप्ता पंजाब के व्यापारिक जगत में एक जाना-माना नाम हैं. वे राज्य आर्थिक नीति और योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष और श्री काली देवी सलाहकार समिति के अध्यक्ष के पद पर काम कर रहे थे. इन पदों से इस्तीफा देकर उन्होंने अपनी राजनीतिक उम्मीदवारी पर ध्यान केंद्रित किया है. राजिंदर गुप्ता की राज्यसभा उम्मीदवार बनने की खबर के साथ ही पंजाब में आम आदमी पार्टी की स्थिति मजबूत नजर आ रही है. पार्टी के पास पंजाब विधानसभा की कुल 117 सीटों में से 93 सीटें हैं, जो राज्यसभा चुनाव में आवश्यक बहुमत से कहीं अधिक हैं. इस वजह से माना जा रहा है कि राजिंदर गुप्ता की जीत लगभग तय है.

लुधियाना सीट खाली होने के कारण हो रहा चुनाव

यह राज्यसभा सीट लुधियाना विधानसभा उपचुनाव के बाद खाली हुई थी. उपचुनाव में आप के संजीव अरोड़ा ने जीत हासिल की थी, जबकि पहले यह सीट गुरप्रीत सिंह गोगी के निधन के कारण खाली हुई थी. संजीव अरोड़ा की जीत के बाद उन्हें पंजाब का उद्योग मंत्री बनाया गया.

कब होगा चुनाव

राज्यसभा चुनाव 24 अक्टूबर 2025 को होंगे. मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा और उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी. चुनाव आयोग ने अधिसूचना 6 अक्टूबर को जारी करने का फैसला किया है. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर है, जबकि नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 16 अक्टूबर होगी.

 

CG: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 12 से 14 अक्टूबर 2025 तक कलेक्टर और एसपी की बैठक लेंगे, इस बैठक में गुड गवर्नेस पर चर्चा होगी…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कलेक्टर और एसपी की बैठक लेंगे. यह बैठक 12 से 14 अक्टूबर 2025 तक आयोजित की जाएगी और इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री साय करेंगे. जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में मुख्य तौर पर “गुड गवर्नेस” पर चर्चा होगी.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 12 से 14 अक्टूबर 2025 तक कलेक्टर और एसपी की बैठक लेंगे. इस बैठक में “गुड गवर्नेस” पर चर्चा होगी. इसके अलावा सीएम विष्णु देव साय विकास योजना, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे.

कलेक्टर-एसपी की बैठक में डीएफओ औपचारिक रूप से शामिल हो सकते हैं. नवनियुक्त मुख्य सचिव विकास शील के पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बड़ी प्रशासनिक बैठक आयोजित की जा रही है.

भारतीय प्रशासनिक सेवा 94 बैच के आईएएस अधिकारी विकास शील छत्तीसगढ़ के 13वें मुख्य सचिव नियुक्त किए गए हैं. उन्होंने 30 सितंबर को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव का कार्यभार ग्रहण किया है.

विकास शील इसके पहले वे एशियन डेवलपमेंट बैंक, मनीला में कार्यकारी निदेशक के पद पर थे. बता दें कि विकास शील को आईएएस बनने के बाद मध्य प्रदेश कैडर मिला था, लेकिन नवंबर 2000 में मध्य प्रदेश राज्य के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला.

विकास शील कोरिया, बिलासपुर और रायपुर जिले के कलेक्टर रहे हैं. अप्रैल 2007 से अप्रैल 2008 तक राजधानी रायपुर के कलेक्टर रहे. हालांकि वर्ष 2018 से वो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भारत सरकार में रहे.