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पीतल की सीढ़ी से लेकर दरबार में लगे कॉल बेल तक…सरगुजा के महल में 6 दिनों तक मनता दशहरा

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बुराई पर अच्छाई की जीत यानी दशहरा वर्षों से मनाया जा रहा है वहीं सरगुजा में भी रियासत काल से जुड़ी परम्परा का राज घराना दशहरा के दिन निर्वहन किया जाता है क्या खास मान्यता है देखिए ग्राउंड रिपोर्ट…

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में दशहरा पर्व आज भी रियासतकालीन परंपराओं के साथ मनाया जाता है. सरगुजा रियासत में यह दिन खास महत्व रखता था, जब राजदरबार सजता था और आम जनता घंटों इंतजार के बाद राजा के दर्शन करती थी. कचहरी में राजा स्वयं बैठकर जनता की समस्याएं सुनते थे. ढोल-नगाड़ों और राजशाही अंदाज में दशहरा मनाया जाता था, जहां लोग राजा को नजराना भेंट करते और शस्त्र पूजा की जाती थी. समय के साथ भले ही बहुत कुछ बदला हो, लेकिन दशहरा मनाने की परंपरा अब भी रघुनाथ पैलेस में जीवंत है. आज भी इस अवसर पर आम जनता के लिए महल के द्वार खोले जाते हैं और लोग वर्तमान उत्‍तराधिकारी टी.एस. सिंहदेव (टीएस बाबा) से मुलाकात करते हैं.

रियासत काल से जुड़ी पारंपरिक पूजा के बारे में जानिए
सरगुजा राजपरिवार द्वारा प्रत्येक वर्ष दशहरा के लिए फाटक, अश्व, गज, शस्त्र, नगाड़ा, नवग्रह, ध्वज, निशान सहित अन्य पूजा परंपरा अनुसार राजपरिवार के मुखिया व 117 वे उतरा अधिकारी टीएस सिंहदेव सहित उनके उत्तराधिकारी आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने की। पूर्वजों से चली आ रही परंपरा का राजपरिवार ने निर्वहन किया. दशहरा का पर्व राज रियासत के प्रति एक मान्यता का प्रतीक है जिसमें दशहरा के दिन आकर राजपरिवार से जुड़े लोग एवं आमजन राजा के प्रति अपना विश्वास प्रकट करते हैं. नज़राना पेश करते हैं.
कैसे तैयार होता था रघुनाथ पैलेस जानिए
इस पैलेस को बनाने और इसमें बेहतरीन साज सज्जा का श्रेय महारानी विजेश्वरी को जाता है महारानी विजेश्वरी नेपाल राजघराने से थी. जिनका विवाह सरगुज़ा राजपरिवार में हुआ था महारानी विजेश्वरी ने नेपाल के पैलेस की तर्ज पर नक्शा तैयार किया और इंजीनियर की टीम को पैलेस निर्माण का जिमा सौंपा गया पैलेस के आंगन में बचपन से रहने वाले और राजपरिवार के करीबी गोविंद शर्मा बताते हैं कि, यह पैलेस 11 एकड़ जमीन में फैला हुआ था. जिसमे बॉटनिकल गार्डन भी शामिल था. पैलेस में 7 आंगन हैं मुख्य द्वार के बगल में एक कुंआ है.
इस पैलेस के हर आंगन, हर चीज की अपनी एक कहानी है, बेहद खास है यहां की हर चीज. पैलेस के अंदर जाते ही पहला आंगन है. जिसमे शीशे के दरवाजे लगे हैं. इस दरवाजे के पीछे पीतल की सीढ़ी है. पीतल सीढ़ी भी बेहद खास मकसद से बनवाई गई थी. असल में जब महाराज दरबार में होते थे तो उन्हें खाना खाने या अन्य किसी काम से महारानी के कक्ष के क्षेत्र में आना होता था तो लंबा रास्ता तय करना पड़ता था. महाराज समय के बड़े पाबंद थे जिसे देखते हुए पीतल की सीढ़ी बनाई गई यह सीढ़ी महाराज के दरबार और महारानी के कक्ष का एक शॉर्ट कट रास्ता था. जब भी महारानी को महाराज से कोई काम होता वो इसी रास्ते से आकर अपनी बात कह देतीं. दरबार में महाराज को सूचना देने के लिए कॉल बेल लगाई गई थी

ट्रंप टैरिफ से भारत को नुकसान नहीं होने देगा रूस, पुतिन ने दिया बड़ा आदेश

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अमेरिका ने भारत को झुकाने के लिए 50 फीसदी टैरिफ लगाया. डोनाल्ड ट्रंप ने सोचा इससे भारत-रूस की दोस्ती टूट जाएगी. भारत टैरिफ के दबाव में रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा. इससे रूस कमजोर पड़ जाएगा. रूस-यूक्रेन खत्म हो जाएगा. मगर ट्रंप की सोच से भी आगे निकली भारत-रूस की दोस्ती. जी हां,ट्रंप के टैरिफ का असर अब उल्टा हो रहा है. भारत और रूस की दोस्ती और मजबूत हो रही है. यही कारण है कि रूस अब अपने दोस्त भारत को टैरिफ से अधिक नुकसान नहीं होने देगा. ट्रंप टैरिफ से भारत को हो रहे नुकसान की भरपाई खुद रूस करेगा. इसका आदेश भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दे दिया है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को अपनी सरकार को आदेश दिया है कि वह नई दिल्ली की ओर से कच्चे तेल के भारी आयात के कारण भारत के साथ व्यापार असंतुलन को कम करने के उपाय करे. साउथ रूस के काला सागर रिसॉर्ट में गुरुवार शाम भारत सहित 140 देशों के सुरक्षा और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अंतर्राष्ट्रीय वल्दाई चर्चा मंच से बोलते हुए पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि रूस और भारत के बीच कभी कोई समस्या या तनाव नहीं रहा है और उन्होंने हमेशा अपनी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए हैं.
पुतिन ने कहा कि भारत के साथ रूस का कभी कोई समस्या या अंतर्राज्यीय तनाव नहीं रहा. कभी नहीं. व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया और कहा कि वे उनके भरोसेमंद संबंधों में सहज महसूस करते हैं. पुतिन ने मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादी सरकार की सराहना की और उन्हें एक संतुलित, बुद्धिमान और राष्ट्र हितैषी नेता बताया.
भारत के नुकसान की भरपाई करेगा रूस
पुतिन ने कहा कि भारत में हर कोई यह बात अच्छी तरह जानता है. खासकर रूस से तेल आयात रोकने के अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज करने के भारत के फैसले के बारे में. उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी. साथ ही इससे भारत को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी.’
क्या है रूस का प्लान
पुतिन ने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से और अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है. पुतिन ने कहा, ‘भारत से और अधिक कृषि उत्पाद खरीदे जा सकते हैं. औषधीय उत्पादों और दवाइयों के लिए हमारी ओर से कुछ कदम उठाए जा सकते हैं.’ उन्होंने रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाओं का जिक्र किया, मगर इन अवसरों को पूरी तरह से खोलने के लिए विशिष्ट मुद्दों को सुलझाने की जरूरत को भी स्वीकार किया. पुतिन ने वित्तपोषण, रसद और भुगतान संबंधी बाधाओं को प्रमुख चिंताओं के रूप में चिन्हित करते हुए कहा कि हमें अपने अवसरों और संभावित लाभों को खोलने के लिए सभी तरह के कार्यों को हल करने की ज़रूरत है.

मीराबाई चानू ने फिर लहराया देश का परचम, वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल

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भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू (48 किग्रा) ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीत कर देशवासियों को एक बार फिर जश्न मनाने का मौका दिया है. उन्होंने 48 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीत एक और खास उपलब्धि अपने करियर में हासिल की. इससे पहले भी वह दो बार पोडियम पर रह चुकी हैं. भारत की शान इस एथलीट ने 2017 में वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीता था जबकि 2022 की सिल्वर मेडलिस्ट रही थी.

मीराबाई चानू ने वर्ल्ड चैंपियनशिप कुल 199 किग्रा (स्नैच में 84 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 115 किग्रा) उठाकर इस बार भारत के लिए फिर से मेडल पक्का किया. चानू ने 49 किग्रा वर्ग से नीचे आकर यह उपलब्धि हासिल की. स्नैच में चानू को संघर्ष करना पड़ा और वह दो बार 87 किग्रा उठाने में असफल रहीं, लेकिन क्लीन एंड जर्क में उन्होंने अपनी लय वापस पाई और तीनों प्रयासों में सफल रहीं.
क्लीन एंड जर्क में पूर्व वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर चानू ने 109 किग्रा, 112 किग्रा और 115 किग्रा का वजन आसानी से उठाया. आखिरी बार उन्होंने 115 किग्रा का वजन टोक्यो ओलंपिक 2021 में उठाया था, जहां उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था. मुख्य कोच विजय शर्मा ने पहले पीटीआई को बताया था कि इन वर्ल्ड चैंपियनशिप का उद्देश्य 200 किग्रा का मार्क पार करना और 49 किग्रा वर्ग में चानू द्वारा उठाए गए वजन को फिर से उठाना था.
उत्तर कोरिया की री सोंग गुम ने 213 किग्रा (91 किग्रा 122 किग्रा) के प्रभावशाली प्रयास के साथ गोल्ड मेडल जीता, जिसमें उन्होंने कुल वजन और क्लीन एंड जर्क में नए वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए. उन्होंने अपने आखिरी दो प्रयासों में 120 किग्रा और 122 किग्रा का वजन उठाया. थाईलैंड की थन्याथोन सुकचारोएन ने 198 किग्रा (88 किग्रा 110 किग्रा) के कुल वजन के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता.

जर्मनी में अचानक से 17 ड्रोन ने फैलाया आतंक! म्यूनिख एयरपोर्ट बंद किया गया……फ्लाइट्स डायवर्ट

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जर्मनी का म्यूनिख एयरपोर्ट, जो देश का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, शुक्रवार को ड्रोन दिखने के कारण बंद करना पड़ा. एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, इस घटना में 17 फ्लाइट्स रद्द हो गईं और करीब 3,000 यात्री फंस गए.सिर्फ इतना ही नहीं, 15 फ्लाइट्स को स्टटगार्ट, नूर्नबर्ग, फ्रैंकफर्ट और पड़ोसी ऑस्ट्रिया के विएना एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा. यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा लेकिन एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि हालात काबू में हैं और सुबह 5 बजे से संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा. यह घटना ऐसे समय हुई है जब हाल के दिनों में यूरोप के कई नाटो देशों में ड्रोन देखे जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. पिछले हफ्ते ही डेनमार्क और पोलैंड के हवाई क्षेत्र में अज्ञात ड्रोन देखे गए थे, जिससे हवाई यातायात घंटों बाधित रहा.

म्यूनिख एयरपोर्ट, जो जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा का हब है, ने इस साल के पहले छह महीनों में करीब 2 करोड़ यात्रियों को संभाला है. इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के बीच अचानक ड्रोन अलर्ट से न केवल एयरपोर्ट बल्कि पूरी एयरलाइंस व्यवस्था प्रभावित हुई. एक यात्री ने एयरपोर्ट हेल्पलाइन पर बताया- ‘कुछ फ्लाइट्स उड़ान भरने का इंतजार कर रही हैं, कुछ रद्द हो गई हैं. हालांकि स्थिति नियंत्रण में है.’ म्यूनिख सिर्फ एक उदाहरण है. पिछले हफ्ते ही डेनमार्क में कई एयरपोर्ट्स पर ड्रोन दिखे थे, जिससे दसियों हजार यात्री प्रभावित हुए. इसके बाद डेनमार्क ने सभी नागरिक ड्रोन उड़ानों पर रोक लगा दी.

क्या रूस से आ रहे ड्रोन?

ड्रोन घटनाओं को लेकर यूरोपीय संघ (EU) के नेताओं की बैठक गुरुवार को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में हुई. यहां सुरक्षा एजेंसियों ने साफ कहा कि ये घटनाएं रूस की चुनौती का हिस्सा हो सकती हैं. हालांकि डेनमार्क ने सीधा आरोप नहीं लगाया, लेकिन प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने इशारों में रूस की ओर उंगली उठाई. उन्होंने कहा- ‘यूरोप को अब अपनी सुरक्षा खुद मजबूत करनी होगी. हमें न सिर्फ ड्रोन बनाने की क्षमता बढ़ानी है, बल्कि एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैयार करने होंगे.’/
यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ‘ड्रोन वॉल’ बनाने का विचार पेश किया है. इसका मतलब है कि यूरोप की पूर्वी सीमाओं पर एक ऐसा सुरक्षा जाल तैयार किया जाए जिसमें सेंसर, रडार और हथियार तैनात हों, ताकि किसी भी संदिग्ध ड्रोन को तुरंत पहचानकर गिराया जा सके. नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने भी इस विचार का समर्थन करते हुए कहा कि यह बेहद ‘जरूरी और समय पर लिया गया कदम’ है.

शतक की ओर केएल राहुल की नजर, कुछ ही देर में शुरू होगा दूसरे दिन का खेल

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भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैच की सीरीज का पहला मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है. मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए वेस्टइंडीज की पारी सिर्फ 162 रन पर सिमट गई. जिसके जवाब में भारत अपने पहले दिन के स्कोर 121/2 से आगे बढ़ रहा है.

सिर्फ 41 रन पीछे भारत
टॉस जीतकर जब वेस्टइंडीज ने पहले बैटिंग का हिम्मत भरा फैसला लिया तो हर कोई हैरान रह गया. मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह ने मिलकर कैरेबियाई बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस किया. बाद में भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद 121 रन बनाए, जिसके आधार पर वेस्टइंडीज से अब टीम इंडिया सिर्फ 41 रन ही पीछे है.

शतक की ओर राहुल की निगाहें
स्टंप्स के समय लोकेश राहुल 53 और कप्तान शुभमन गिल 18 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे. इंग्लैंड दौरे पर शानदार लय दिखाने वाले राहुल शतक बनाना चाहेंगे, जबकि ‘लोकल ब्वॉय’ गिल भी बड़ी पारी की ओर देख रहे हैं. इससे पहले भारत ने यशस्वी जायसवाल (36) और साई सुदर्शन (सात) के के रूप में दो विकेट गंवाए हैं. ये विकेट जायडेन सील्स और रोस्टन चेज को मिले.
सिराज की भारत में करियर की बॉलिंग
इससे पहले शुरुआती सत्र में पिच पर घास की मौजूदगी के बावजूद तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा मदद नहीं दिखी लेकिन बुमराह और सिराज ने शानदार ‘लाइन और लैंग्थ’ से बल्लेबाजों को परेशान किया. मोहम्मद सिराज ने 40 रन देकर चार विकेट लिए. वह भले ही फाइव विकेट हॉल से चूक गए, लेकिन भारत में अपने करियर की बेस्ट बॉलिंग का रिकॉर्ड बना गए.

“Dussehra Wishes 2025: विजयदशमी पर अपनों को भेजें ये मैसेज, खास अंदाज में दें दशहरा की शुभकामनाएं”

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हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, दशहरा पर्व हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. इस बार दशहरा 2 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. इस दिन भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी.

इस मौके पर आप अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को स्पेशल मैसेज भेजकर दशहरा की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

रावण रूपी अहंकार का सबके मन से नाश हो श्री राम जी का सबके हृदय में वास हो विजयदशमी की शुभकामनाएं!

सच्चाई की जीत बुराई की हार आपके लिए खुशियों लेकर आए दशहरे का त्योहार  Happy Dussehra 2025

विजयादशमी का यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लाए रावण पर राम की जीत की तरह, आपके जीवन में भी अच्छाई की जीत हो!

Happy Dussehra 2025  हृदय में धारण करें प्रभु श्री राम का नाम अपने भीतर के रावण का करें सर्वनाश दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं

अधर्म पर धर्म की जीत का प्रमाण है कथा ये श्री राम की बहुत ही महान है दशहरा की शुभकामनाएं

बुराई का नाश हो, सुख का आवास हो राम बसे आपके मन में, रावण न आसपास हो दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं

“‘…तो इतिहास और भूगोल, दोनों बदल जाएगा’, शस्त्र पूजा कर राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दी चेतावनी”

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विजयादशमी के दिन गुजरात के भुज में हैं. रक्षा मंत्री ने भुज में शस्त्र पूजा की. दशहरा मनाने तीनों सेनाओं (जल सेना, वायु सेना और थल सेना) के जवानों के बीच पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात की जमीन से पड़ोसी पाकिस्तान को कड़ा संदेश भी दिया.

उन्होंने कहा कि आप हमारे देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को ध्यान से देखिए, उनके एक हाथ में शास्त्र है और दूसरे में शस्त्र भी.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे देवी-देवता हमें यह संदेश देते हैं कि शास्त्रों की रक्षा शस्त्र से ही की जा सकती है. अगर हमारे पास ज्ञान है, लेकिन उसे बचाने की शक्ति नहीं है, तो वह ज्ञान भी नष्ट हो जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर हमारे पास केवल शस्त्र हैं और उनका मार्गदर्शन करने वाला ज्ञान नहीं है, तो वह शक्ति अराजकता में बदल जाएगी. रक्षा मंत्री ने कहा कि इसलिए शास्त्र और शस्त्र का संतुलन ही हमारी सभ्यता को जीवंत और अजेय बनाता है.

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे सशस्त्र बलों ने यह दिखा दिया कि भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाली ताकतें चाहे जहां कहीं भी छिपी हों, हम उनकी तलाश कर उनका खात्मा करने की शक्ति रखते हैं. रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत हो, यदि वह हमारी संप्रभुता को चुनौती देगी तो भारत चुप नहीं बैठेगा. उन्होंने कहा कि आज का भारत आतंकवाद हो या किसी भी तरह की समस्या, सबसे निपटने की और जीतने की क्षमता रखता है.

पाकिस्तान को जब, जहां, जैसे चाहें, पहुंचा सकते हैं नुकसान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक के इस इलाके तक भारत के डिफेंस सिस्टम को भेदने की नाकाम कोशिश की. उन्होंने कहा कि भारत की सेनाओं ने अपनी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्सपोज़ कर दिया. रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने दुनिया को यह संदेश दे दिया की भारत की सेनाएं जब, जहां और जैसे चाहें पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं.

उन्होंने आगे कहा कि अपने सामर्थ्य के बावजूद हमने संयम का परिचय दिया, क्योंकि हमारी सैन्य कार्रवाई आतंकवाद के विरोध में थी. रक्षा मंत्री ने कहा कि इसको एस्केलेट करके जंग छेड़ना ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य नहीं था. मुझे इस बात की खुशी है कि भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के सभी सैन्य उद्देश्य सफलतापूर्वक प्राप्त किए. उन्होंने फिर दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी है.

कोई हिमाकत की, तो बदल जाएगा इतिहास-भूगोल रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि आजादी के 78 साल बीत जाने के बाद भी सर क्रीक इलाके में सीमा को लेकर एक विवाद खड़ा किया जाता है. उन्होंने कहा कि भारत ने कई बार बातचीत के रास्ते इसका समाधान करने का प्रयास किया है, मगर पाकिस्तान की नीयत में ही खोट है. उसकी नीयत साफ नहीं है. रक्षा मंत्री ने कहा कि जिस तरह से हाल ही में पाकिस्तान की फौज ने सर क्रीक से सटे इलाकों में अपना मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर बढाया है, वह उसकी नीयत बताता है.

उन्होंने कहा कि भारत की सीमाओं की रक्षा भारतीय सेनाएं और बीएसएफ मिलकर मुस्तैदी से कर रहे हैं. रक्षा मंत्री ने पड़ोसी देश को चेतावनी दी कि अगर सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान की ओर से कोई भी हिमाकत की गई, तो उसे ऐसा करारा जबाव मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएगा. उन्होंने कहा कि 1965 की जंग में भारत की सेना ने लाहौर तक पहुंचने का सामर्थ्य दिखाया था. आज 2025 में पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का एक रास्ता क्रीक से होकर गुजरता है.

रिकॉर्ड समय में अंजाम दिया ऑपरेशन सिंदूर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह हमारी सेनाओं की एकजुटता ही थी, जिसने ऑपरेशन सिंदूर को रिकॉर्ड समय में अंजाम दिया. उन्होंने विजयादशमी के मौके पर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए अपने वीर जवानों और अधिकारियों को भी बधाई दी और कहा कि आपकी रणनीति, आपके साहस और आपकी क्षमता ने यह साबित कर दिया कि भारत हर परिस्थिति में दुश्मन को मात देने में सक्षम है. रक्षा मंत्री ने यह विश्वास व्यक्त किया कि सेना का साहस और शौर्य भारत की संप्रभुता और अखंडता की इसी तरह रक्षा करता रहेगा.

वृद्धजन हमारे मार्गदर्शक और अमूल्य संस्कृति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कृषि मंडपम में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वृद्धजन हमारे मार्गदर्शक और अमूल्य संस्कृति के वाहक हैं। वृद्धजनों की देखभाल सरकार और समाज दोनों की साझी जिम्मेदारी है। केंद्र और राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के पेंशन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन के लिए समर्पित योजनाओं को लगातार मजबूत बना रही है। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कृषि मंडपम में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वृद्धजनों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए राज्य में सियान गुड़ी, प्रदेश के चार बड़े शहरों रायपुर, बिलासपुर कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल पर सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम बनाने और दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों के रिपेयरिंग के लिए राजधानी रायपुर में सर्विस सेंटर बनाने की घोषणा की। साय ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राज्यभर में जागरूकता हेतु 25 नशामुक्ति रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुति दी गई और स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वृद्धजन दिवस हमें अपने दायित्वों को याद दिलाने का अवसर है। मेरे गुरु ने मुझे सिखाया है कि माता-पिता की सेवा ही ईश्वर की पूजा है। मैंने अपने गुरु के संस्कार और आदर्शों का हमेशा पालन किया है। श्री साय ने कहा कि हम सभी को यह सच्चाई नहीं भूलनी चाहिए कि आज हमारे बुजुर्ग जिस अवस्था में है, कल हम सभी उसी अवस्था में होंगे। मुख्यमंत्री साय और अतिथियों ने जनता से अपील की कि वे वृद्धजनों का सम्मान करें और उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें, ताकि उनका जीवन और अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बुजुर्गों के लिए संचालित पेंशन योजनाओं में 14 लाख से बुजुर्ग लाभान्वित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक बुजुर्गों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी गई है।

मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं। समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश के 35 वृद्धाश्रमों में 1049 वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की जा रही है तथा 6 जिलों में प्रशामक देखरेख गृह संचालित हैं। विभागीय हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 54 हजार से अधिक वरिष्ठजनों की समस्याओं का समाधान किया गया है।

इस अवसर पर मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, इन्द्र कुमार साहू, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त विकास निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

*पर्यटन साथी पहल : जिला प्रशासन रायपुर और इज माय ट्रिप के बीच एमओयू

कार्यक्रम में पर्यटन साथी पहल के लिए ईज़ माई ट्रिप और जिला प्रशासन के मध्य एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री ने इस विशेष पहल के लिए जिला प्रशासन की टीम को बधाई दी और कहा कि युवाओं के लिए रोजगार नए अवसर खुलेंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन साथी पहल के तहत युवाओं को आईटीआई सड्डू में टूर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रति बैच 50 युवाओं को शामिल किया जाएगा और प्रशिक्षण तीन महीने में पूरा होगा।

 

CG: मुख्यमंत्री साय ने उच्च स्तरीय बैठक में पूंजीगत व्यय, शासकीय कामकाज, आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण के साथ निर्माण कार्यों निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों की मैराथन बैठक ली। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिकारियों को विभागीय समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री साय ने उच्च स्तरीय बैठक में पूंजीगत व्यय में तेजी, शासकीय कामकाज में पारदर्शिता, आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण तथा गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की और अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार लाने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से शासन के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है और इससे सुशासन का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि लगभग सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो चुकी है। शेष विभाग दिसंबर 2025 तक इसे अनिवार्य रूप से लागू करें। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर विशेष बल दिया। साथ ही, जेम पोर्टल से होने वाली शासकीय खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय से राज्य की आधारभूत संरचना मज़बूत होती है और दीर्घकालिक विकास की नींव पड़ती है। उन्होंने कम पूंजीगत व्यय वाले विभागों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के रजत जयंती वर्ष को “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक प्रावधान किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में प्रावधानित कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति समय पर दी जाए, स्वीकृत कार्यों के टेंडर शीघ्र जारी हों और बिना विलंब कार्य प्रारंभ हो।

उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के सभी कार्य जनता के हित से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समय पर पूरा करना आवश्यक है। जिन विभागों का व्यय पिछले वर्ष की तुलना में कम है, वे इसके कारणों की पहचान कर तत्काल सुधार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात अब समाप्ति की ओर है, ऐसे में आगामी दो महीनों का सदुपयोग करते हुए निर्माण कार्यों से संबंधित सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी करें।

जनता की समस्याओं को धैर्य से सुनें अधिकारी

मुख्यमंत्री साय ने विभागीय सचिवों से कहा कि आप सभी जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उनका निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सतत मॉनिटरिंग और नियमित प्रवास से विकास की गति बढ़ती है। प्रभारी सचिव अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का हर दो माह में दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करें।

मंत्रालय के कामकाज में कसावट के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस

मुख्यमंत्री साय ने मंत्रालय के कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से 1 दिसंबर से बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय पर कार्यालय पहुँचें और अपने अधीनस्थों को भी समयपालन के लिए प्रेरित करें।

मुख्य सचिव विकास शील ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 1 दिसंबर से मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों तक के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू होगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

CG: राजधानी रायपुर में सीएम साय करेंगे रावण दहन, आज कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 2 अक्टूबर 2025 को राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अपने दिन की शुरुआत में मुख्यमंत्री आजाद चौक पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

आज यानी 2 अक्टूबर को दशहरा मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अपने दिन की शुरुआत में मुख्यमंत्री आजाद चौक पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे शास्त्री चौक जाएंगे और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई गणमान्य लोग, प्रशासनिक अधिकारी और आमजन भी मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इसके बाद रायपुर के WRS कॉलोनी स्थित मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में वे जनता को संबोधित भी कर सकते हैं और रावण दहन की परंपरा का हिस्सा बनेंगे। यह कार्यक्रम हर साल की तरह इस बार भी भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री का एक और बड़ा कार्यक्रम रावण भाठा मैदान में है, जहां वे एक अन्य दशहरा उत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। रावण भाठा मैदान रायपुर का एक प्रमुख स्थल है, जहां हजारों लोग दशहरा मनाने के लिए एकत्र होते हैं। मुख्यमंत्री वहां भी लोगों को संबोधित करेंगे और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देंगे।

मुख्यमंत्री के इन सभी कार्यक्रमों के चलते रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने कुछ रास्तों पर डायवर्जन लागू किया है ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी ना हो। प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया है कि सभी कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रामलीला, और रावण दहन का आयोजन होगा।