पीतल की सीढ़ी से लेकर दरबार में लगे कॉल बेल तक…सरगुजा के महल में 6 दिनों तक मनता दशहरा
हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, दशहरा पर्व हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. इस बार दशहरा 2 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. इस दिन भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी.
इस मौके पर आप अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को स्पेशल मैसेज भेजकर दशहरा की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
रावण रूपी अहंकार का सबके मन से नाश हो श्री राम जी का सबके हृदय में वास हो विजयदशमी की शुभकामनाएं!
सच्चाई की जीत बुराई की हार आपके लिए खुशियों लेकर आए दशहरे का त्योहार Happy Dussehra 2025
विजयादशमी का यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लाए रावण पर राम की जीत की तरह, आपके जीवन में भी अच्छाई की जीत हो!
Happy Dussehra 2025 हृदय में धारण करें प्रभु श्री राम का नाम अपने भीतर के रावण का करें सर्वनाश दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं
अधर्म पर धर्म की जीत का प्रमाण है कथा ये श्री राम की बहुत ही महान है दशहरा की शुभकामनाएं
बुराई का नाश हो, सुख का आवास हो राम बसे आपके मन में, रावण न आसपास हो दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विजयादशमी के दिन गुजरात के भुज में हैं. रक्षा मंत्री ने भुज में शस्त्र पूजा की. दशहरा मनाने तीनों सेनाओं (जल सेना, वायु सेना और थल सेना) के जवानों के बीच पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात की जमीन से पड़ोसी पाकिस्तान को कड़ा संदेश भी दिया.
उन्होंने कहा कि आप हमारे देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को ध्यान से देखिए, उनके एक हाथ में शास्त्र है और दूसरे में शस्त्र भी.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे देवी-देवता हमें यह संदेश देते हैं कि शास्त्रों की रक्षा शस्त्र से ही की जा सकती है. अगर हमारे पास ज्ञान है, लेकिन उसे बचाने की शक्ति नहीं है, तो वह ज्ञान भी नष्ट हो जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर हमारे पास केवल शस्त्र हैं और उनका मार्गदर्शन करने वाला ज्ञान नहीं है, तो वह शक्ति अराजकता में बदल जाएगी. रक्षा मंत्री ने कहा कि इसलिए शास्त्र और शस्त्र का संतुलन ही हमारी सभ्यता को जीवंत और अजेय बनाता है.
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे सशस्त्र बलों ने यह दिखा दिया कि भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाली ताकतें चाहे जहां कहीं भी छिपी हों, हम उनकी तलाश कर उनका खात्मा करने की शक्ति रखते हैं. रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत हो, यदि वह हमारी संप्रभुता को चुनौती देगी तो भारत चुप नहीं बैठेगा. उन्होंने कहा कि आज का भारत आतंकवाद हो या किसी भी तरह की समस्या, सबसे निपटने की और जीतने की क्षमता रखता है.
पाकिस्तान को जब, जहां, जैसे चाहें, पहुंचा सकते हैं नुकसान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक के इस इलाके तक भारत के डिफेंस सिस्टम को भेदने की नाकाम कोशिश की. उन्होंने कहा कि भारत की सेनाओं ने अपनी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्सपोज़ कर दिया. रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने दुनिया को यह संदेश दे दिया की भारत की सेनाएं जब, जहां और जैसे चाहें पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं.
उन्होंने आगे कहा कि अपने सामर्थ्य के बावजूद हमने संयम का परिचय दिया, क्योंकि हमारी सैन्य कार्रवाई आतंकवाद के विरोध में थी. रक्षा मंत्री ने कहा कि इसको एस्केलेट करके जंग छेड़ना ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य नहीं था. मुझे इस बात की खुशी है कि भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के सभी सैन्य उद्देश्य सफलतापूर्वक प्राप्त किए. उन्होंने फिर दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी है.
कोई हिमाकत की, तो बदल जाएगा इतिहास-भूगोल रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि आजादी के 78 साल बीत जाने के बाद भी सर क्रीक इलाके में सीमा को लेकर एक विवाद खड़ा किया जाता है. उन्होंने कहा कि भारत ने कई बार बातचीत के रास्ते इसका समाधान करने का प्रयास किया है, मगर पाकिस्तान की नीयत में ही खोट है. उसकी नीयत साफ नहीं है. रक्षा मंत्री ने कहा कि जिस तरह से हाल ही में पाकिस्तान की फौज ने सर क्रीक से सटे इलाकों में अपना मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर बढाया है, वह उसकी नीयत बताता है.
उन्होंने कहा कि भारत की सीमाओं की रक्षा भारतीय सेनाएं और बीएसएफ मिलकर मुस्तैदी से कर रहे हैं. रक्षा मंत्री ने पड़ोसी देश को चेतावनी दी कि अगर सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान की ओर से कोई भी हिमाकत की गई, तो उसे ऐसा करारा जबाव मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएगा. उन्होंने कहा कि 1965 की जंग में भारत की सेना ने लाहौर तक पहुंचने का सामर्थ्य दिखाया था. आज 2025 में पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का एक रास्ता क्रीक से होकर गुजरता है.
रिकॉर्ड समय में अंजाम दिया ऑपरेशन सिंदूर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह हमारी सेनाओं की एकजुटता ही थी, जिसने ऑपरेशन सिंदूर को रिकॉर्ड समय में अंजाम दिया. उन्होंने विजयादशमी के मौके पर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए अपने वीर जवानों और अधिकारियों को भी बधाई दी और कहा कि आपकी रणनीति, आपके साहस और आपकी क्षमता ने यह साबित कर दिया कि भारत हर परिस्थिति में दुश्मन को मात देने में सक्षम है. रक्षा मंत्री ने यह विश्वास व्यक्त किया कि सेना का साहस और शौर्य भारत की संप्रभुता और अखंडता की इसी तरह रक्षा करता रहेगा.
मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कृषि मंडपम में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वृद्धजन हमारे मार्गदर्शक और अमूल्य संस्कृति के वाहक हैं। वृद्धजनों की देखभाल सरकार और समाज दोनों की साझी जिम्मेदारी है। केंद्र और राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के पेंशन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन के लिए समर्पित योजनाओं को लगातार मजबूत बना रही है। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कृषि मंडपम में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वृद्धजनों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए राज्य में सियान गुड़ी, प्रदेश के चार बड़े शहरों रायपुर, बिलासपुर कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल पर सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम बनाने और दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों के रिपेयरिंग के लिए राजधानी रायपुर में सर्विस सेंटर बनाने की घोषणा की। साय ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राज्यभर में जागरूकता हेतु 25 नशामुक्ति रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुति दी गई और स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वृद्धजन दिवस हमें अपने दायित्वों को याद दिलाने का अवसर है। मेरे गुरु ने मुझे सिखाया है कि माता-पिता की सेवा ही ईश्वर की पूजा है। मैंने अपने गुरु के संस्कार और आदर्शों का हमेशा पालन किया है। श्री साय ने कहा कि हम सभी को यह सच्चाई नहीं भूलनी चाहिए कि आज हमारे बुजुर्ग जिस अवस्था में है, कल हम सभी उसी अवस्था में होंगे। मुख्यमंत्री साय और अतिथियों ने जनता से अपील की कि वे वृद्धजनों का सम्मान करें और उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें, ताकि उनका जीवन और अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बुजुर्गों के लिए संचालित पेंशन योजनाओं में 14 लाख से बुजुर्ग लाभान्वित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक बुजुर्गों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी गई है।
मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं। समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश के 35 वृद्धाश्रमों में 1049 वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की जा रही है तथा 6 जिलों में प्रशामक देखरेख गृह संचालित हैं। विभागीय हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 54 हजार से अधिक वरिष्ठजनों की समस्याओं का समाधान किया गया है।
इस अवसर पर मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, इन्द्र कुमार साहू, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त विकास निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
*पर्यटन साथी पहल : जिला प्रशासन रायपुर और इज माय ट्रिप के बीच एमओयू
कार्यक्रम में पर्यटन साथी पहल के लिए ईज़ माई ट्रिप और जिला प्रशासन के मध्य एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री ने इस विशेष पहल के लिए जिला प्रशासन की टीम को बधाई दी और कहा कि युवाओं के लिए रोजगार नए अवसर खुलेंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन साथी पहल के तहत युवाओं को आईटीआई सड्डू में टूर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रति बैच 50 युवाओं को शामिल किया जाएगा और प्रशिक्षण तीन महीने में पूरा होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों की मैराथन बैठक ली। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिकारियों को विभागीय समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री साय ने उच्च स्तरीय बैठक में पूंजीगत व्यय में तेजी, शासकीय कामकाज में पारदर्शिता, आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण तथा गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की और अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार लाने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से शासन के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है और इससे सुशासन का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि लगभग सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो चुकी है। शेष विभाग दिसंबर 2025 तक इसे अनिवार्य रूप से लागू करें। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर विशेष बल दिया। साथ ही, जेम पोर्टल से होने वाली शासकीय खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय से राज्य की आधारभूत संरचना मज़बूत होती है और दीर्घकालिक विकास की नींव पड़ती है। उन्होंने कम पूंजीगत व्यय वाले विभागों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के रजत जयंती वर्ष को “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक प्रावधान किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में प्रावधानित कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति समय पर दी जाए, स्वीकृत कार्यों के टेंडर शीघ्र जारी हों और बिना विलंब कार्य प्रारंभ हो।
उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के सभी कार्य जनता के हित से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समय पर पूरा करना आवश्यक है। जिन विभागों का व्यय पिछले वर्ष की तुलना में कम है, वे इसके कारणों की पहचान कर तत्काल सुधार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात अब समाप्ति की ओर है, ऐसे में आगामी दो महीनों का सदुपयोग करते हुए निर्माण कार्यों से संबंधित सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी करें।
जनता की समस्याओं को धैर्य से सुनें अधिकारी
मुख्यमंत्री साय ने विभागीय सचिवों से कहा कि आप सभी जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उनका निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सतत मॉनिटरिंग और नियमित प्रवास से विकास की गति बढ़ती है। प्रभारी सचिव अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का हर दो माह में दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करें।
मंत्रालय के कामकाज में कसावट के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस
मुख्यमंत्री साय ने मंत्रालय के कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से 1 दिसंबर से बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय पर कार्यालय पहुँचें और अपने अधीनस्थों को भी समयपालन के लिए प्रेरित करें।
मुख्य सचिव विकास शील ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 1 दिसंबर से मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों तक के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू होगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 2 अक्टूबर 2025 को राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अपने दिन की शुरुआत में मुख्यमंत्री आजाद चौक पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
आज यानी 2 अक्टूबर को दशहरा मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अपने दिन की शुरुआत में मुख्यमंत्री आजाद चौक पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे शास्त्री चौक जाएंगे और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई गणमान्य लोग, प्रशासनिक अधिकारी और आमजन भी मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इसके बाद रायपुर के WRS कॉलोनी स्थित मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में वे जनता को संबोधित भी कर सकते हैं और रावण दहन की परंपरा का हिस्सा बनेंगे। यह कार्यक्रम हर साल की तरह इस बार भी भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री का एक और बड़ा कार्यक्रम रावण भाठा मैदान में है, जहां वे एक अन्य दशहरा उत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। रावण भाठा मैदान रायपुर का एक प्रमुख स्थल है, जहां हजारों लोग दशहरा मनाने के लिए एकत्र होते हैं। मुख्यमंत्री वहां भी लोगों को संबोधित करेंगे और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देंगे।
मुख्यमंत्री के इन सभी कार्यक्रमों के चलते रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने कुछ रास्तों पर डायवर्जन लागू किया है ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी ना हो। प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया है कि सभी कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रामलीला, और रावण दहन का आयोजन होगा।