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CG: भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम; नवविवाहित जोड़ों को दिया जाएगा आर्थिक सहयोग; कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी होगा शुभारंभ…

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राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे से भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां 1,316 जोड़े विभिन्न धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे. कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अध्यक्षता करेंगे, जबकि उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे.

छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी को सामाजिक समरसता और जनकल्याण का बड़ा दृश्य देखने को मिलेगा. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधेंगे. राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे. यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे से भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां 1,316 जोड़े विभिन्न धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे. कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अध्यक्षता करेंगे, जबकि उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे, जबकि अन्य जिलों में जिला मुख्यालयों पर सामूहिक विवाह आयोजित किए जाएंगे.

नवविवाहित जोड़ों को दिया जाएगा आर्थिक सहयोग

योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में दी जाएगी. इसके अलावा 15 हजार रुपये की उपहार सामग्री और विवाह आयोजन की अन्य व्यवस्थाएं भी सरकार द्वारा की जाएंगी. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलती है और सामाजिक गरिमा के साथ बेटियों का विवाह संभव हो पाता है.

हर धर्म, हर समाज की होगी भागीदारी

इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सामाजिक विविधता भी दिखाई देगी. कुल विवाहों में से 6,281 हिंदू रीति रिवाज से, 3 इस्लामिक रीति रिवाज से, 113 ईसाई रीति रिवाज से, 5 बौद्ध रीति रिवाज से कराए जाएंगे. इसके अलावा, 10 बैगा समुदाय के जोड़े भी इस कार्यक्रम में शादी के बंधन में बंधेंगे. यानी यह आयोजन सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी देगा.

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी होगा शुभारंभ

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का भी शुभारंभ करेंगे. पहले चरण में 6 माह से 52 माह आयु वर्ग के 40 हजार कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोषण सहायता दी जाएगी. इस अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिलों से होगी.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता, सम्मान और सुरक्षित भविष्य का संदेश देती है. एक ही मंच पर हजारों जोड़ों का विवाह राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच को दर्शाता है, वहीं कुपोषण मुक्त अभियान भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ बनाने की दिशा में अहम कदम है. छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी का दिन सामाजिक उत्सव और जनहित योजनाओं के संगम के रूप में याद किया जाएगा.

CG: रेल बजट 7,470 करोड़ का, एयरपोर्ट की तर्ज होंगे विकसित 32 रेलवे स्टेशन, व्यापारियों को 10 हजार करोड़ रु. की मदद…

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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ के लिए की गई घोषणाओं की जानकारी संवाद कार्यक्रम के जरिए दी। बताया कि रेल बजट में प्रदेश को 7,470 करोड़ मिले.

केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, केंद्रीय बजट-2026-27 से छत्तीसगढ़ को भी अनेक लाभ होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशन अब एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होंगे। छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट ऐतिहासिक रूप से बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ में चल रही 54 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं को बड़ा बल मिलेगा। छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर से निवेश, उद्योग-व्यापार और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी। केन्द्रीय मंत्री रविवार को राजधानी में प्रदेश के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापारियों व बुद्धिजीवियों से केन्द्रीय बजट के परिप्रेक्ष्य में आहूत ‘बजट संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में रहने वाली महिलाओं को ‘शी-मार्ट’ के माध्यम से अपने उत्पाद को न सिर्फ बेचने, बल्कि उसकी ब्राण्डिंग करने और आर्थिक रूप से सशक्त होने में मदद मिलेगी। केन्द्र सरकार ने लगातार व्यापारी हित में अनेक कार्य किए हैं। इनमें टैक्स के कम्प्लाइन्स को कम करना हो, टैक्स की दरों को कम करना हो, या फिर कई जटिल कानूनों को हटाना हो, केन्द्र सरकार इसमें पीछे नहीं रही है।

इस बार भी एमएसएमई सेक्टर में 10 हजार करोड़ रु. की मदद व्यापारियों के लिए बहुत ही मददगार साबित होगी। केन्द्रीय मंत्री ने बजट के तीन कर्त्तव्यों का जिक्र करते हुए कहा, पहला, बजट में इकॉनॉमिक ग्रोथ के तहत कैपेक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग पर जोर दिया गया है। दूसरा, यह जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाला बजट है, और तीसरा कर्त्तव्य सबका साथ-सबका विकास है ताकि सभी समुदायों व वर्गों को संसाधनों का पूरा लाभ मिले।

केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा, जब व्यक्तिगत लाभ की योजनाएं ज्यादा चलती हैं, तो व्यक्ति को सरकारों से सीधा लाभ मिलता है, लेकिन उससे इकॉनॉमी में पैसे और संसाधनों का सर्कुलेशन ज्यादा नहीं होता। जब किसी योजना में सरकार पैसै डालती है तो इकॉनॉमी में पैसे का सर्कुलेशन ज्यादा समय तक रहता है और इकॉनॉमी ग्रो करती है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने केन्द्र सरकार के सभी मंत्रालयों द्वारा विकसित भारत की तरफ क्रियान्वित की जा रही योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत की अवधारणा से जुड़ा हुआ है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, केन्द्र सरकार के इस बजट में अनेक सुधारात्मक उपायों पर जोर दिया गया है जिससे व्यापारियों व अन्य वर्गों का सरकार से रिश्ता सहज-सरल हो। कार्यक्रम का संचालन बजट समिति के सदस्य और बजट सम्वाद कार्यक्रम के प्रभारी अमित चिमनानी ने किया।

रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और टिकट जांच में विवाद रोकने के लिए बड़ा कदम अब ट्रेनों में TTE बॉडी वॉर्न कैमरे पहनकर ड्यूटी करेंगे…

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छत्तीसगढ़ के रायपुर रेल मंडल में करीब 240 TTE को इन कैमरों की ट्रेनिंग दी जा चुकी है. ये कैमरे नाइट विजन और लंबी बैटरी बैकअप के साथ आते हैं. विवाद की स्थिति में पूरी घटना रिकॉर्ड हो जाएगी, जो जांच में सबूत बनेगी. जानिए ये कैमरे क्या हैं, कैसे काम करते हैं और TTE इन्हें कैसे इस्तेमाल करेंगे. ये तकनीक पारदर्शिता बढ़ाएगी और स्टाफ को फॉल्स आरोपों से बचाएगी.

रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और टिकट जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. अब ट्रेनों में टिकट चेक करने वाले ट्रैवलिंग टिकट एक्जामिनर्स (TTE) को बॉडी वॉर्न कैमरे दिए जा रहे हैं. ये छोटे, पोर्टेबल कैमरे TTE की वर्दी पर लगाए जाते हैं, जो टिकट चेकिंग के दौरान हर गतिविधि को रिकॉर्ड करते हैं.

छत्तीसगढ़ के रायपुर रेल मंडल में करीब 240 TTE काम करते हैं और इन्हें इन कैमरों को चलाने की विशेष ट्रेनिंग दी जा चुकी है. ट्रेनिंग में कैमरों को ऑन-ऑफ करने, रिकॉर्डिंग शुरू करने और डाटा स्टोरेज के तरीके सिखाए गए. विवाद की स्थिति में ये रिकॉर्डिंग जांच अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण सबूत बनती है. इससे न केवल यात्रियों की शिकायतें कम होंगी बल्कि TTE को फॉल्स आरोपों से भी सुरक्षा मिलेगी.

हाल के वर्षों में टिकटलेस यात्रियों से विवाद और गलत शिकायतों के मामले बढ़े हैं, जिसके चलते रेलवे ने ये पहल की है. कैमरों में नाइट विजन फीचर है, जो कम रोशनी में भी साफ रिकॉर्डिंग करता है. बैटरी बैकअप 20 घंटे तक का है, जो लंबी शिफ्ट के लिए पर्याप्त है. ये कैमरे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में पहले से इस्तेमाल हो रहे हैं, लेकिन रेलवे में ये नई शुरुआत है. इस तकनीक से रेल यात्रा ज्यादा सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी.

इस पहल का मुख्य उद्देश्य टिकट जांच के दौरान होने वाले विवादों पर रोक लगाना है. TTE अक्सर टिकटलेस यात्रियों से बहस या हमले का शिकार होते हैं, जबकि यात्री TTE पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाते हैं. बॉडी वॉर्न कैमरे इन दोनों पक्षों को संतुलित करते हैं.

रायपुर मंडल में ट्रेनिंग के दौरान TTE को बताया गया कि कैमरे को हमेशा ऑन रखें, खासकर संदिग्ध स्थितियों में. रिकॉर्डिंग ऑटोमैटिक स्टोर होती है और टैंपर-प्रूफ है, यानी इसे डिलीट या बदलना मुश्किल है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ये कैमरे न केवल विवाद सॉल्व करेंगे बल्कि TTE की परफॉर्मेंस भी इम्प्रूव करेंगे. मुंबई और वाल्टेयर डिवीजन में पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, जहां 50 कैमरों का इस्तेमाल किया गया. छत्तीसगढ़ में इसे बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है.

कैमरों की कीमत करीब 9 हजार रुपये प्रति पीस है, लेकिन इनके फायदे अनमोल हैं. ट्रेनिंग में वीडियो डेमो दिखाए गए, जहां TTE ने सीखा कि कैमरे को कैसे क्लिप करें और बैटरी चार्ज करें. ये तकनीक यात्रियों को भी आश्वस्त करती है कि जांच निष्पक्ष है. कुल मिलाकर, ये रेलवे की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में बड़ा कदम है.

बॉडी वॉर्न कैमरा क्या है? ट्रेन की हलचल में भी काम करेगा 
बॉडी वॉर्न कैमरा एक छोटा, वियरेबल डिवाइस है जो वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड करता है. ये पुलिस, सुरक्षा गार्ड्स और अब TTE जैसे पेशेवरों के लिए डिजाइन किए गए हैं. कैमरा TTE की छाती या कंधे पर क्लिप होता है और फ्रंट-फेसिंग लेंस से हर चीज कैप्चर करता है. मुख्य फीचर्स में हाई-डेफिनिशन वीडियो (720p या बेहतर), नाइट विजन (कम रोशनी में रिकॉर्डिंग), और जीपीएस ट्रैकिंग शामिल हैं.

बैटरी 12-20 घंटे चलती है और स्टोरेज 32GB या ज्यादा का होता है. रेलवे के कैमरों में वाटरप्रूफ और शॉकप्रूफ डिजाइन है, जो ट्रेन की हलचल में भी काम करता है. ये कैमरे रियल-टाइम स्ट्रीमिंग नहीं करते, लेकिन रिकॉर्डिंग बाद में डाउनलोड की जा सकती है. दुनिया भर में ये कैमरे पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होते हैं, जैसे अमेरिका की पुलिस में.

बॉडी वॉर्न कैमरा कैसे काम करता है?
ये कैमरे सरल तरीके से काम करते हैं. पावर बटन दबाने पर ऑन होता है और रिकॉर्डिंग शुरू हो जाती है. सेंसर ऑटोमैटिक रूप से मोशन डिटेक्ट कर रिकॉर्डिंग एक्टिवेट कर सकता है. ऑडियो और वीडियो सिंक होते हैं, और टाइमस्टैंप हर फ्रेम पर लगता है. नाइट विजन इंफ्रारेड लाइट से काम करता है, जो अंधेरे में भी साफ इमेज देता है. बैटरी लिथियम-आयन है, जो फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है. रिकॉर्डिंग खत्म होने पर डाटा USB या क्लाउड पर ट्रांसफर होता है. रेलवे में ये कैमरे सुरक्षित सॉफ्टवेयर से कनेक्टेड हैं, जहां अधिकारी रिव्यू कर सकते हैं. अगर कोई विवाद हो, तो रिकॉर्डिंग कोर्ट में सबूत बन सकती है.

TTE कैसे ऑपरेट करेंगे बॉडी वॉर्न कैमरा?
ट्रेनिंग में TTE को स्टेप-बाय-स्टेप सिखाया गया. सबसे पहले कैमरा चार्ज करें और वर्दी पर क्लिप करें. ऑन करने के बाद LED इंडिकेटर चेक करें. रिकॉर्डिंग शुरू करने के लिए बटन दबाएं – ये मैनुअल या ऑटो हो सकता है. विवाद में कैमरा हमेशा ऑन रखें. बैटरी लेवल मॉनिटर करें और शिफ्ट खत्म होने पर डाटा डाउनलोड करें. ट्रेनिंग में वीडियो दिखाए गए, जहां TTE ने प्रैक्टिस की. अगर कैमरा डैमेज हो, तो तुरंत रिपोर्ट करें. ये आसान है, जैसे स्मार्टफोन यूज करना.

CG: बिना अनुमति अवकाश पर गए अधिकारी-कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश…

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कलेक्टर अजीत वसंत ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अवकाश में जाने से पूर्व अनिवार्य रूप से अनुमति लें।

अंबिकापुर में प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा और आगामी मैनपाट महोत्सव की तैयारियों को लेकर सोमवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर अजीत वसंत ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अवकाश में जाने से पूर्व अनिवार्य रूप से अनुमति लें। बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि समय-सीमा बैठक में आने से पहले सभी विभाग अद्यतन जानकारी के साथ उपस्थित हों और पूर्व में दिए गए निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट भी उपलब्ध कराएं। बैठक में अपार आईडी के अंतर्गत बच्चों की शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि अपार आईडी के लिए जन्म प्रमाण पत्र आवश्यक है, इसलिए शिक्षा विभाग सर्वे कर ऐसे बच्चों की सूची तैयार करे जिनका जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना है और उसे संबंधित एसडीएम को उपलब्ध कराए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, नगर निगम आयुक्त डीएन कश्यप सहित सभी एसडीएम एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मैनपाट महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में मैनपाट महोत्सव 2026 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बताया कि महोत्सव के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आगमन प्रस्तावित है, इसलिए सभी तैयारियां गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय पर पूरी की जाएं। विभागों को लोकार्पण-भूमिपूजन, स्टॉल व्यवस्था और हितग्राही सामग्री वितरण की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

13 से 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी, बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर सहित कई नामी कलाकार प्रस्तुति देंगे। साथ ही एडवेंचर गेम्स, बोटिंग, झूले, भव्य मेला और दंगल जैसे आकर्षण भी होंगे। लंबे समय बाद इस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है, जिसके लिए शासन द्वारा 10 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

धान उठाव में तेजी लाने के निर्देश

सरगुजा जिले में समर्थन मूल्य पर बढ़ी हुई दो दिन की तिथि में भी धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपार्जन केंद्रों से धान उठाव की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर वसंत ने 28 फरवरी तक उठाव कार्य पूर्ण कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने भौतिक सत्यापन का कार्य गंभीरता से कराने पर जोर दिया।

छत्तीसगढ़ में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी, दोपहर में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंडी का असर…

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छत्तीसगढ़ में मौसम लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। नमीयुक्त हवाओं के प्रभाव के कारण दिन का तापमान रात के मुकाबले लगभग दोगुना हो गया है।

छत्तीसगढ़ में मौसम लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। नमीयुक्त हवाओं के प्रभाव के कारण दिन का तापमान रात के मुकाबले लगभग दोगुना हो गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, वहीं सरगुजा संभाग के ठंडे माने जाने वाले इलाके अंबिकापुर में भी तापमान धीरे-धीरे ऊपर चढ़ने के आसार हैं।

प्रदेश में प्रवेश कर रही हवाएं बार-बार अपनी दिशा बदल रही हैं। यही कारण है कि मौसम में स्थिरता नहीं बन पा रही है। कभी तापमान में गिरावट तो कभी अचानक बढ़ोतरी महसूस हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में वातावरण में नमी की मात्रा और बढ़ेगी, जिससे रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर जा सकता है। अब दिन के समय ठंड का असर पूरी तरह खत्म हो चुका है और रातें भी पहले की तुलना में काफी सामान्य हो गई हैं।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा। इस दौरान कहीं भी बारिश, तेज हवा या अन्य मौसमी गतिविधि दर्ज नहीं की गई। सबसे अधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 31.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में अंबिकापुर जैसे ठंडे क्षेत्रों में भी न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

अगले दो दिनों के पूर्वानुमान को लेकर मौसम विभाग ने किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है और बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। बदलते मौसम के बीच लोगों को दिन में हल्की गर्मी और रात में सामान्य मौसम का अनुभव हो सकता है।

राजधानी रायपुर की बात करें तो आज यहां मौसम शुष्क रहने की संभावना है। सुबह के समय हल्की धुंध छा सकती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ रहेगा। अगले 24 घंटों के दौरान रायपुर में अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में राजधानी समेत पूरे प्रदेश में गर्मी का असर धीरे-धीरे और बढ़ सकता है।

जनसंपर्क विभाग की जनमन पत्रिका और जी राम जी ब्रोसर का डिजिटल लाईब्रेरी व कॉलेज में नि:शुल्क वितरण

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राजनांदगांव। जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ जनमन पत्रिका और जी राम जी का डिजिटल लाईब्रेरी राजनांदगांव में तथा शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय में नि:शुल्क वितरित किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. ओमकार लाल श्रीवास्तव ने कहा कि जनमन पत्रिका शासन की योजनाओं का अच्छा संकलन है और युवाओं व जनमानस के लिए अत्यंत उपयोगी है।

महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. जय सिंह साहू और डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी ने भी पत्रिका और ब्रोसर की प्रशंसा की। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने जनमन पत्रिका पढ़कर खुशी जाहिर की। छात्र श्री मुकेन्द्र कुमार ने बताया कि वे एसआई एवं व्यावसायिक परीक्षा की तैयारी के लिए नियमित रूप से डिजिटल लाईब्रेरी का उपयोग करते हैं और जनमन पत्रिका उनकी तैयारी में बेहद सहायक साबित हो रही है।

डिजिटल लाईब्रेरी में अध्ययन करने आए श्री सौरभ सम्राट ने बताया कि पत्रिका में नई शिक्षा नीति, खनिज संपदा, औद्योगिक नीति और विकसित छत्तीसगढ़ परिकल्पना की जानकारी शामिल है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। वहीं महाविद्यालय की छात्राओं ने भी पत्रिका पढ़कर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।

जनमन पत्रिका में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना, 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1 हजार रूपए मिलने की जानकारी, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पर्यटन, खेल, औद्योगिक विकास, डिजिटल प्रशासन, कुटीर उद्योग, खनिज संपदा, धार्मिक स्थल और शासन की विभिन्न योजनाओं का संकलन दिया गया है।

इसके साथ ही जी राम जी ब्रोसर में 125 दिनों के रोजगार की नई गारंटी सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी शामिल है। राज्य शासन द्वारा यह पत्रिका और ब्रोसर नि:शुल्क वितरित किए जा रहे हैं, ताकि जनता और विद्यार्थियों को सटीक और प्रमाणिक जानकारी मिल सके।

रैंप योजना के तहत बुनकर केन्द्र लखोली में उद्यमियों हेतु सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण सम्पन्न

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राजनांदगांव। केन्द्र सरकार की रैंप योजना के अंतर्गत बुनकर केन्द्र लखोली में हथकरघा क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए तीन दिवसीय सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय और राज्य सरकार की उद्यमिता प्रोत्साहन पहल के तहत सीएसआईडीसी रायपुर के मार्गदर्शन में चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में कुल 32 महिला उद्यमियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना, स्वरोजगार के अवसर सृजित करना और प्रतिभागियों को व्यवहारिक तथा तकनीकी ज्ञान प्रदान करना था।

प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों से संवाद कर उनकी वर्तमान गतिविधियों, कार्यप्रणाली और चुनौतियों की जानकारी ली गई। मास्टर ट्रेनर द्वारा वन-टू-वन मार्गदर्शन के माध्यम से संस्थागत ढांचे, अनुभव और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। दूसरे दिन केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी प्रावधानों, ईडीपी प्रशिक्षण, कौशल विकास, मार्केटिंग रणनीतियों और उद्यम पंजीयन की आवश्यकताओं पर जानकारी दी गई।

अंतिम दिन आयात-निर्यात की रणनीति, विभागीय समन्वय और भविष्य की मांगों के अनुरूप साड़ी, सूट, कुर्ता सहित अन्य रेडीमेड वस्त्रों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि बुनकरों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर मिल सकें। इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र के प्रबंधक श्री प्रणय बघेल ने प्रतिभागियों को शासकीय योजनाओं, ऋण प्रणाली, सब्सिडी, वर्किंग कैपिटल और प्रस्तुति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। पूर्व ईडीपी लीप बैच के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायी और मार्गदर्शक बताया। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर पारूल पाण्डेय, डिविजनल समन्वयक श्री लोकेश सिन्हा और श्री तुषार साहू की सक्रिय भूमिका रही। समापन अवसर पर चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ श्रीमती मधु वर्मा का अपना घर का सपना

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राजनांदगांव। वार्ड नंबर-3 मोतीपुर की निवासी श्रीमती मधु वर्मा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों का घर पाया है। पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। दो बेटियों के पालन-पोषण के लिए वे एक निजी स्कूल में रसोइया के रूप में काम करती रही हैं।

किराए के मकान में रहने के दौरान आर्थिक तंगी उनका हमेशा साथ रही। श्रीमती मधु बताती हैं कि स्कूल में छुट्टियों के दिनों में आय कम हो जाती थी, जिससे किराया देने की चिंता बनी रहती थी। अक्सर उन्हें डर रहता था कि समय पर किराया न देने पर मकान मालिक घर खाली करने के लिए न कह दें। ऐसे में अपने सपनों के घर की कल्पना ही उनके लिए सहारा बन गई।

बड़ी बेटी सुजाता की नौकरी से थोड़े-थोड़े पैसे बचाकर मां-बेटी ने एक छोटा सा भूखंड खरीदा। इसके बाद श्रीमती मधु ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत आवेदन किया। कुछ ही दिनों में उनके आवास निर्माण की स्वीकृति मिल गई और पूरे परिवार ने उत्साह के साथ घर निर्माण की शुरूआत की।

वास्तुविद के मार्गदर्शन में उनका घर जल्दी ही तैयार हो गया। आज श्रीमती मधु अपने टाइल्स से सजे, सर्वसुविधायुक्त पक्के घर में रहते हुए गर्व और संतोष का अनुभव कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्रीमती मधु वर्मा का यह अनुभव यह साबित करता है कि प्रधानमंत्री आवास योजना न केवल मकान देती है बल्कि जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी देती है।

राजनांदगांव में पुलिस की कांबिंग गश्त, 45 से अधिक असामाजिक तत्वों की हुई चेकिंग

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राजनांदगांव। जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से राजनांदगांव पुलिस ने शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक कांबिंग गश्त अभियान चलाया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।
अभियान के तहत 03 अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गयाए जिन्होंने थाना कोतवाली, थाना बसंतपुर और पुलिस चौकी चिखली के संवेदनशील मोहल्लों और कॉलोनियों में सघन कांबिंग गश्त की। गश्त के दौरान कुल 60 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए, जिन्होंने गली-मोहल्लों, सार्वजनिक स्थलों और सुनसान क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए 45 से अधिक असामाजिक और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच-पड़ताल की।
चेकिंग के दौरान थाना कोतवाली क्षेत्र के लखोली क्षेत्र, बैगापारा, दुर्गा चौक, राजीव नगर, पुलिस चौकी चिखली क्षेत्र के 16 खोली स्टेशन, शंकरपुर, शांति नगर, मोतीपुर, रामनगर एवं थाना बसंतपुर क्षेत्र के कुंआ चौक, नंदई चौक, इंदिरा नगर चौक, डबरीपारा शामिल थे।
कांबिंग गश्त के दौरान सक्रिय गुंडा-बदमाशों, निगरानी बदमाशों और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की गई। साथ ही, पुलिस ने पूर्व में अपराधों में संलिप्त रहे नाबालिग बच्चों के घर जाकर उनके माता-पिता को समझाया कि वे बच्चों को रात्रि समय में अनावश्यक रूप से बाहर न जाने दें।
इस गश्त अभियान में नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन, नगर पुलिस अधीक्षक एलेक्जेंडर किरो, एसडीओपी डोंगरगढ़ केसरी नंदन नायक और सभी संबंधित थाना एवं चौकी प्रभारी अपने दल.बल के साथ उपस्थित थे।
राजनांदगांव पुलिस ने इस प्रकार की कांबिंग गश्त को आगे भी निरंतर जारी रखने की योजना बनाई है, ताकि नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनी रहे और अपराधियों के बीच भय का माहौल कायम हो।

पुलिस अधीक्षक ने किया पुलिस चौकी मोहारा का औचक निरीक्षण, व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश

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राजनांदगांव। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने आज, 09 फरवरी 2026 को पुलिस चौकी मोहारा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चौकी की कार्यप्रणाली, अभिलेख संधारण और अनुशासनात्मक व्यवस्था का गहन अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर की साफ सफाई और रख-रखाव की स्थिति का जायजा लिया और ड्यूटी पर तैनात जवानों से संवाद कर उनके कार्य अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने थाना अभिलेखों की जांच की और पुलिस रेगुलेशन के अनुसार सभी रजिस्टरों के सुव्यवस्थित और अद्यतन संधारण की दिशा में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने थाना स्टाफ को कर्तव्यों के निर्वहन में अधिक सजगता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने चलित थाना संवाद अभियान के तहत आम नागरिकों से निरंतर संपर्क स्थापित कर उन्हें अपराधों की रोकथाम, उनके अधिकारों, यातायात नियमों और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान थाना स्टाफ का समर्पण और कार्य के प्रति समर्पण अत्यंत सराहनीय पाया गया, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने स्टाफ की प्रशंसा की और उन्हें शाबाशी दी।
इस अवसर पर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक सुमेंद्र खरे और पुलिस चौकी मोहारा का समस्त स्टाफ उपस्थित था।