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छत्तीसगढ़ में 5 अक्टूबर से वर्षा की तीव्रता में कमी आने की संभावना है. पिछले 24 घंटों में कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है. मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सिस्टम कमजोर पड़ रहा है. रायपुर में कैसा रहेगा मौसम, पढ़ें आईएमडी की लेटेस्ट रिपोर्ट.
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से अब राहत मिलने के संकेत हैं. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 5 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में वर्षा की तीव्रता और वितरण दोनों में कमी आने की संभावना है. हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रह सकता है. राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश देखने को मिलेगी.
पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के लगभग सभी संभागों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हुई. सबसे ज्यादा बारिश बारसूर में 7 सेमी और बिहारपुर में 6 सेमी दर्ज की गई.
प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.6°C दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 20.6°C दुर्ग में ही रिकॉर्ड किया गया.
बारसूर 7, बिहारपुर 6, कुसमी 5, छुरा 5, कशडोल 5, बोदारी 5, दौरा कोचली 5, पचपेड़ी 4, सोनहत 4, पेंड्रा 3, अहिवारा 3, मस्तूरी 3, कुनकुरी 3, चांदो 3, भटगांव 3, बैकुण्ठपुर 3 और अन्य स्थानों पर 3 सेमी से कम वर्षा दर्ज की गई.
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा अब गुजरात, मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर भारत की ओर बढ़ रही है. वहीं, पश्चिमी झारखंड, दक्षिण बिहार और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है, जो अगले 12 घंटों में कमजोर पड़ सकता है.
मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी रहेगी. वहीं, एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है.
राजधानी रायपुर में 5 अक्टूबर को आसमान सामान्यतः मेघाच्छादित रहेगा और गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश हो सकती है. अधिकतम तापमान 32°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहने की संभावना है.
कॉकरोच से सावधान रहें, ये आपके घर में घुसकर बहुत परेशानी पैदा कर सकते हैं. ये नालियों और बाथरूम से भी आपकी रसोई में घुस सकते हैं. ये बैक्टीरिया या एलर्जी का कारण बन सकते हैं. कॉकरोच से छुटकारा पाना बहुत मुश्किल माना जाता है. लेकिन कुछ आसान तरीकों से इन्हें हमेशा के लिए नियंत्रित किया जा सकता है. आइए अब जानें कि कॉकरोच की समस्या का स्थायी समाधान कैसे पाया जा सकता है.
रसोई की सफ़ाई: कॉकरोचों का मुख्य कारण खाना है. उन्हें खाने तक पहुंचने नहीं देना चाहिए. रसोई में गिरने वाले छोटे-छोटे टुकड़ों को भी तुरंत साफ़ कर देना चाहिए. खाने-पीने की चीज़ों और पालतू जानवरों के खाने को हवाबंद डिब्बों में रखना चाहिए. गंदे बर्तन सिंक में नहीं छोड़ने चाहिए, बल्कि खाने के तुरंत बाद धो लेने चाहिए. फ्रिज और चूल्हे के पीछे के हिस्सों को नियमित रूप से साफ़ करना चाहिए. कचरे को ढकी हुई टोकरी में डालकर रोज़ाना खाली करना चाहिए.
पानी का रिसाव: कॉकरोच को पानी की ज़रूरत होती है. अगर कोई नल या पाइप लीक कर रहा है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं. बाथरूम और किचन के सिंक में पानी तुरंत पोंछ दें. सिंक और टब को सूखा रखें. अगर नमी ज़्यादा है, तो हवा का संचार बढ़ाएं या डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें.
छोटे रास्ते: कॉकरोच छोटी-छोटी दरारों से भी घर में घुस सकते हैं. दीवारों, फर्शों और दरवाज़ों की चौखटों की दरारों को सीमेंट से भर देना चाहिए. जिन छेदों से पाइप और तार घर में घुसते हैं, उन्हें भी बंद कर देना चाहिए. ये किराने की थैलियों या गत्ते के डिब्बों से भी घर में घुस सकते हैं.
चारा इस्तेमाल करें: कॉकरोचों के झुंड को मारने के लिए चारा ज़्यादा बेहतर होता है. ये अपने धीमे ज़हर को अपने घोंसले तक ले जाते हैं, जहाँ ये मर जाते हैं. चारे को सिंक के नीचे और अंधेरी जगहों पर सावधानी से रखना चाहिए. अच्छे परिणामों के लिए, इनकी समाप्ति तिथि जाँच लें और समय-समय पर इन्हें बदलते रहें.
चारा इस्तेमाल करें: कॉकरोचों के झुंड को मारने के लिए चारा ज़्यादा बेहतर होता है. ये अपने धीमे ज़हर को अपने घोंसले तक ले जाते हैं, जहाँ ये मर जाते हैं. चारे को सिंक के नीचे और अंधेरी जगहों पर सावधानी से रखना चाहिए. अच्छे परिणामों के लिए, इनकी समाप्ति तिथि जाँच लें और समय-समय पर इन्हें बदलते रहें.
बोरिक एसिड: बोरिक एसिड एक प्रभावी विष है. इसे वस्तुओं के पीछे या दीवारों की दरारों में हल्के से छिड़कना चाहिए. यह विषैला होता है, इसलिए इसे भोजन या जल स्रोतों के पास इस्तेमाल न करें. इसे बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखना बहुत ज़रूरी है.
डायटोमेसियस अर्थ: डायटोमेसियस अर्थ (DE) भी एक अच्छा विकल्प है. यह तिलचट्टों के बाह्यकंकाल से तेल और नमी सोख लेता है. तिलचट्टे अंततः निर्जलित होकर मर जाएंगे. केवल वही DE इस्तेमाल करें जो खाने के लिए सुरक्षित हो. यह केवल सूखे में ही काम करता है, इसलिए इसे नम जगहों पर इस्तेमाल न करें. जहां तिलचट्टे रहते हैं, वहां पाउडर छिड़कें.
खुशबू से कॉकरोच भगाएं: कुछ प्राकृतिक तेल या पत्ते कॉकरोचों को दूर भगाते हैं. उन्हें बिरयानी के पत्तों या नींबू के छिलकों की गंध पसंद नहीं होती. पुदीने के तेल जैसे सुगंधित तेलों को पानी में मिलाकर स्प्रे करना चाहिए. ये कॉकरोचों को पूरी तरह से नहीं मार सकते, इसलिए इन्हें अन्य तरीकों के साथ इस्तेमाल करना चाहिए.
SCS “Shakhti” over northwest Arabian Sea
moved west-southwestwards with a speed of 15 kmph during last 6 hours and lay centered at
2330 hrs IST of 4th October over the same region near latitude 21.3°N
and longitude 62.7°E, about 320 km east-southeast of Ras Al Hadd (Oman).— India Meteorological Department (@Indiametdept) October 4, 2025rtfgvb