Home Blog Page 536

आई के दौर में बदल रही है दुनिया, शिक्षकों पर भी पड़ेगा असर…..अभी से सीख लें ये जरूरी स्किल्स*-

0
आज, 05 अक्टूबर 2025 को विश्व शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती पैठ ने दुनिया के लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित किया है. शिक्षण क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है. एआई अब केवल असिस्टेंट डिवाइस नहीं है, बल्कि शिक्षा की पूरी प्रक्रिया को बदलने की क्षमता रखता है. पर्सनलाइज्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म, ऑटोमेटेड ग्रेडिंग सिस्टम और इंटेलिजेंट ट्यूटरिंग सॉफ्टवेयर जैसे एआई-ऑपरेटेड डिवाइसेस शिक्षकों की पारंपरिक भूमिका को फिर से परिभाषित कर रहे हैं.

टेक्नोलॉजी एक ही क्लास में बैठे हर स्टूडेंट को उसकी सीखने की स्पीड और स्टाइल के आधार पर Adapted कॉन्टेंट और प्रैक्टिस सेशन प्रदान कर सकती है. AI असाइनमेंट चेक करने, अटेंडेंस लेने जैसे कामों को ऑटोमैटिक करके शिक्षकों का समय बचाएगा. वहीं शिक्षा को स्टूडेंट सेंट्रिक भी बनाएगा. एआई के जरिए फैक्चुअल इन्फॉर्मेशन तक पहुंच आसान हो गई है. इसलिए अब शिक्षकों को ‘ज्ञान का भंडार’ नहीं माना जाएगा. विश्व शिक्षक दिवस पर समझिए एआई और एजुकेशन का तालमेल.

AI Impact on Education: एआई बदल देगा शिक्षकों की भूमिका

बदलते दौर में शिक्षकों को सुविधा देने वाले (Facilitators), गाइड और मेंटर की भूमिका में आना होगा. क्लास का वातावरण अब तथ्यों को याद करने के बजाय क्रिटिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग और क्रिएटिविटी विकसित करने पर फोकस्ड होगा. यह बदलाव शिक्षकों से हाई लेवल स्किल्स और नई मानसिकता की डिमांड करता है. उन्हें समझना होगा कि AI शिक्षा को रिप्लेस नहीं करेगा, बल्कि उसे बेहतर करेगा. अब शिक्षकों को वो काम करने होंगे, जो मशीन चाहकर भी नहीं कर सकती.
एआई टूल्स के कारण शिक्षण क्षेत्र में कई बदलाव देखने को मिलेंगे. जानिए 3 प्रमुख बदलाव:

1. शिक्षण और मूल्यांकन का निजीकरण (Personalization of Learning)

AI हर स्टूडेंट का डेटा एनालाइज करके उसकी सीखने की कमियों और मजबूतियों को पहचान लेगा. इससे शिक्षक एक ही कोर्स/सिलेबस को पर्सनाइज कर सकेंगे. मूल्यांकन ज्यादा डायग्नॉस्टिक हो जाएगा. इसमें एआई तुरंत फीडबैक देगा. फिर शिक्षक उसी फीडबैक का इस्तेमाल करके सीखने का अनुभव बेहतर बनाएंगे.

2. कम होगा प्रशासनिक बोझ (Reduction in Administrative Load)

AI-संचालित सॉफ्टवेयर ग्रेडिंग, अटेंडेंस रिकॉर्डिंग और प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार करने जैसे समय लेने वाले काम ऑटोमैटिक कर देंगे. इससे शिक्षकों को स्टूडेंट्स के साथ पर्सनली जुड़ने, क्लास एक्टिविटीज को डिजाइन करने और नए टीचिंग मेथड्स पर फोकस करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा.

3. शुरू होंगे नए विषय

एआई और डेटा साइंस से संबंधित विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की जरूरत बढ़ जाएगी. शिक्षकों को इन उभरते हुए क्षेत्रों को पढ़ाने और स्टूडेंट्स को इन टेक्नोलॉजीस का नैतिक और प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए तैयार करने की जरूरत होगी.

AI Skills for Teachers: एआई के दौर में टीचर्स के लिए जरूरी स्किल्स

एआई के दौर में सफल होने के लिए शिक्षकों को पारंपरिक शिक्षण कौशल के साथ ही नीचे लिखी 4 अनिवार्य स्किल्स भी डेवलप करनी होंगी:

1. AI लिटरेसी और कोलैबोरेटिव स्किल

शिक्षकों को एआई डिवाइसेस को समझने, उनका प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने और उन्हें अपने कोर्स में इंटीग्रेट करने की क्षमता विकसित करनी होगी. उन्हें AI को सहयोगी (Co-pilot) के रूप में देखना होगा, न कि रिप्लेसमेंट के रूप में. उन्हें जानना होगा कि कौन से काम AI के लिए उपयुक्त हैं और कौन से उनके लिए.

2. हायर ऑर्डर थिंकिंग स्किल्स

एआई फैक्ट्स प्रदान कर सकता है. इसलिए शिक्षकों को छात्रों को एनालिटिकल स्किल्स, क्रिटिकल रीजनिंग और कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम सॉल्विंग सिखाने पर फोकस करना होगा. उन्हें ऐसे प्रश्न पूछने होंगे, जिनके जवाब AI से आसानी से न मिल सकें. इससे स्टूडेंट्स को गहराई से सोचने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा.

3. इमोशनल एंड सोशल इंटेलिजेंस

AI इमोशनल सपोर्ट या ह्यूमन गाइडेंस प्रदान नहीं कर सकता है. शिक्षकों की भूमिका छात्रों के Socio-Emotional Well-being के लिए जरूरी होगी. सिंपेथी, कम्युनिकेशन और Conflict resolution जैसी ह्यूमन स्किल्स AI के दौर में शिक्षकों के लिए जरूरी होंगी.

4. क्रिएटिविटी और कोर्स डिजाइन

शिक्षकों को AI-जनरेटेड कॉन्टेंट का इस्तेमाल करके नए और आकर्षक चैप्टर्स डिजाइन करने में सक्षम होना चाहिए. उन्हें फ्लेक्सिबल हाइब्रिड लर्निंग मॉडल बनाने की जरूरत होगी, जिनमें ऑनलाइन (AI-असिस्टेड) और ऑफलाइन (शिक्षक-नेतृत्व वाले) शिक्षण को कंबाइन किया जा सके.

ड्रग्स, पॉर्नोग्राफी, जुआ… डेटिंग ऐप्स की जाल में फंसे 18 से कम उम्र वाले बच्चे, पुलिस के D-DAD ने बचाई हजारों जान

0
केरल का एक मात्र 16 साल का लड़का, दो साल से लगातार डेटिंग ऐप पर एक्टिव था. नाबालिग बच्चे के डेटिंग ऐप पर फंसे रहना ऑनलाइन ऐप के खतरे को उजागर किया है. आज के डिजिटल दुनिया से हम जहां कदम ताल मिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं, नाबालिग या फिर कम उम्र के बच्चों ने वहां पर अपनी एक अलग ही दुनिया बना लीं है. वे बाहर भी नहीं आना चाहते हैं और इसके जाल में फंसते-फंसते वे कब ड्रग्स, सिगरेट, पॉर्न और गेमिंग की लत लगा बैठते हैं, पता ही नहीं चलता है.

हाल ही में केरल पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिसमें कई सरकारी कर्मचारी भी हैं, जिनके खिलाफ किशोर के यौन शोषण का मामला दर्ज किया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी फर्जी प्रोफाइल के जरिए बच्चे दोस्ती के बहाने शोषण करने वाले थे. जांच में पता चला कि लड़का करीबन दो सालों से फर्जी प्रोफाइल बनाकर एक्टिव रहता था. पुलिस का कहना है कि ऐसी घटनाएं अब आम हो रही हैं. ये केस डिजिटल दुनिया के काले साइड को उजागर करती हैं.

पुलिस ने इस बच्चे की जान डिजिटल डी-एडिक्शन (डी-डैड- D-DAD) पहल की मदद से बचाया था. इस ऐप के जरिए ऑनलाइन गेम्स, सोशल मीडिया और पॉर्नोग्राफी की लत से बचाने का प्रयास है.

जानते हैं डी-डैड प्रोजेक्ट के बारे में?

डी-डैड प्रोजेक्ट 2023 में शुरू हुआ. यह देश का पहला ऐसा कार्यक्रम है. वर्तमान में तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोच्चि, त्रिशूर, कोझिकोड और कन्नूर में छह केंद्र चल रहे हैं. माता-पिता, स्कूलों और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं से पॉजिटिव प्रतिक्रिया मिलने के बाद पुलिस ने इसे 2025-26 वित्तीय वर्ष के अंत तक पठानमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, पलक्कड़, मलप्पुरम, वायनाड, इडुक्की और कासरगोड में विस्तार की तैयारी में है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2023 से जुलाई 2025 तक डी-डैड केंद्रों ने 1,992 डिजिटल लत को बचाया. इनमें से 571 बच्चों को ऑनलाइन गेम्स की लत थी.

बच्चों को समय पर बचाने की पहल

एर्नाकुलम के डी-डैड केंद्र के समन्वयक और स्टूडेंट पुलिस कैडेट (एसपीसी) प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी सूरज कुमार एमबी ने कहा, ‘यह पहल सैकड़ों बच्चों के लिए समय रहते पुलिस की हस्तक्षेप से बचाने की पहल है. लड़के ज्यादातर गेम्स की लत में फंसते हैं, जबकि लड़कियां सोशल मीडिया की ओर आकर्षित होती हैं. हम काउंसलरों के जरिए व्यावहारिक तरीके सुझाते हैं. माता-पिता को भी शामिल करते हैं.’ सूरज ने बताया कि पहले परिवार मोबाइल इस्तेमाल को लत नहीं मानते थे, लेकिन अब मामले बढ़ने से वे इसे शराब या ड्रग्स जितना गंभीर समझ रहे हैं. राज्य सरकार ने जुलाई में समाप्त हुए काउंसलर कॉन्ट्रैक्ट्स को नवीनीकृत किया है और बढ़ती मांग के लिए अतिरिक्त स्टाफ नियुक्त कर रही है.

डेटिंग ऐप्स के शिकार नाबालिग

हाल ही विधानसभा सत्र में मोबाइल और इंटरनेट के दुरुपयोग पर चिंता जा जा रही थी. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एमएलए केजे मैक्सी के सवाल पर बताया कि जनवरी 2021 से 9 सितंबर 2025 तक 41 बच्चों ने मोबाइल दुरुपयोग से आत्महत्या की. इसी अवधि में 30 बच्चों पर डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े यौन या नशीले पदार्थों के अपराधों में कार्रवाई हुई. साइबर लॉ एक्सपर्ट और साइबर सुरक्ष फाउंडेशन के संस्थापक जियास जमाल ने डी-डैड को मॉडल पहल बताया, लेकिन चेतावनी दी कि नाबालिगों के बीच डेटिंग ऐप्स का दुरुपयोग गंभीर चुनौती है. जमाल ने कहा, ‘ये ऐप्स 18+ के लिए हैं, लेकिन कमजोर वेरिफिकेशन से नाबालिग घुस जाते हैं। ये शोषण का केंद्र बन रहे हैं. विदेशी सर्वर से चलने वाले ऐप्स पर विज्ञापनों को रोकना जरूरी है.’

ऐप्स की लत में फंसे बच्चे पॉर्नोग्राफी और ड्रग्स के शिकार

इस प्रकार के ऐप्स में फंसे बच्चे फंसकर ब्लैकमेल, पॉर्नोग्राफी या नशीले पदार्थों के कारोबार में धकेले जाते हैं. महिलाओं एवं बाल विकास विभाग ने 1,227 स्कूलों में ‘अवर रिस्पॉन्सिबिलिटी टू चिल्ड्रन’ (ओआरसी) पहल शुरू की है, जो डिजिटल लत पर जागरूकता फैलाती है. शिक्षा विभाग के साथ मिलकर 1,012 स्कूलों में साइको-सोशल काउंसलर तैनात किए गए हैं.

CG: 5 अक्टूबर से वर्षा की तीव्रता में कमी आने की संभावना, पिछले 24 घंटों में कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई…

0

छत्तीसगढ़ में 5 अक्टूबर से वर्षा की तीव्रता में कमी आने की संभावना है. पिछले 24 घंटों में कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है. मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सिस्टम कमजोर पड़ रहा है. रायपुर में कैसा रहेगा मौसम, पढ़ें आईएमडी की लेटेस्ट रिपोर्ट.

छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से अब राहत मिलने के संकेत हैं. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 5 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में वर्षा की तीव्रता और वितरण दोनों में कमी आने की संभावना है. हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रह सकता है. राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश देखने को मिलेगी.

पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के लगभग सभी संभागों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हुई. सबसे ज्यादा बारिश बारसूर में 7 सेमी और बिहारपुर में 6 सेमी दर्ज की गई.

प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.6°C दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 20.6°C दुर्ग में ही रिकॉर्ड किया गया.

बारसूर 7, बिहारपुर 6, कुसमी 5, छुरा 5, कशडोल 5, बोदारी 5, दौरा कोचली 5, पचपेड़ी 4, सोनहत 4, पेंड्रा 3, अहिवारा 3, मस्तूरी 3, कुनकुरी 3, चांदो 3, भटगांव 3, बैकुण्ठपुर 3 और अन्य स्थानों पर 3 सेमी से कम वर्षा दर्ज की गई.

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा अब गुजरात, मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर भारत की ओर बढ़ रही है. वहीं, पश्चिमी झारखंड, दक्षिण बिहार और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है, जो अगले 12 घंटों में कमजोर पड़ सकता है.

मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी रहेगी. वहीं, एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है.

राजधानी रायपुर में 5 अक्टूबर को आसमान सामान्यतः मेघाच्छादित रहेगा और गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश हो सकती है. अधिकतम तापमान 32°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहने की संभावना है.

अरविंद केजरीवाल नहीं जाएंगे राज्‍यसभा…..AAP ने पंजाब से किन्‍हें किया नॉमिनेट

0
आम आदमी पार्टी ने राज्‍यसभा के लिए राजिंदर गुप्‍ता को नॉमिनेट किया है. वे राज्‍यसभा चुनाव के लिए AAP के प्रत्‍याशी घोषित किए गए हैं. आम आदमी पार्टी ने पंजाब से उन्‍हें अपना कैंडिडेट बनाया है. बता दें कि पंजाब के कोटे से राज्‍यसभा की सीट खाली हुई थी. उस वक्‍त से ही इस बात की कयासबाजी चल रही थी कि सत्‍तारूढ़ आप राज्‍यसभा के लिए किन्‍हें पार्टी का प्रत्‍याशी बनाती है. अब इससे पर्दा उठ गया है. अब आम आदमी पार्टी ने इससे पर्दा उठ दिया है. पार्टी ने राजिंदर गुप्‍ता को प्रत्‍याशी नॉमिनेट किया है. उनका जीतना लगभग तय है, क्‍योंकि पंजाब विधानसभा में संख्‍याबल आप के पक्ष में है.
राजिंदर गुप्‍ता जानेमाने कारोबारी हैं. वे ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन हैं, जिसका टर्नओवर 5000 करोड़ रुपये है. बता दें कि इससे पहले सियासी गल‍ियारों में इस बात की चर्चा थी कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पंजाब के रास्‍ते राज्‍यसभा जा सकते हैं. हालांकि, यह महज कयासबाजी साबित हुई और पार्टी ने राजिंदर गुप्‍ता को अपना प्रत्‍याशी घोषित कर दिया है. इस बाबत औपचारिक लिस्‍ट भी जारी कर दी गई है. बता दें कि साल 2022 में राजिंदर गुप्ता को पंजाब प्लानिंग बोर्ड का वाइस चेयरपर्सन बनाया गया था. उन्‍होंने दो दिन पहले ही इस पद से इस्तीफा दिया है. मालूम हो कि पंजाब की राज्यसभा सीट संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. संजीव अरोड़ा ने लुधियाना विधानसभा उपचुनाव लड़ा और जीते. फिलहाल संजीव अरोड़ा पंजाब सरकार में मंत्री हैं.

क्या आप अपने घर से कॉकरोचों से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं? बस इन आसान उपायों को अपनाएं

0

कॉकरोच से सावधान रहें, ये आपके घर में घुसकर बहुत परेशानी पैदा कर सकते हैं. ये नालियों और बाथरूम से भी आपकी रसोई में घुस सकते हैं. ये बैक्टीरिया या एलर्जी का कारण बन सकते हैं. कॉकरोच से छुटकारा पाना बहुत मुश्किल माना जाता है. लेकिन कुछ आसान तरीकों से इन्हें हमेशा के लिए नियंत्रित किया जा सकता है. आइए अब जानें कि कॉकरोच की समस्या का स्थायी समाधान कैसे पाया जा सकता है.

रसोई की सफ़ाई: कॉकरोचों का मुख्य कारण खाना है. उन्हें खाने तक पहुंचने नहीं देना चाहिए. रसोई में गिरने वाले छोटे-छोटे टुकड़ों को भी तुरंत साफ़ कर देना चाहिए. खाने-पीने की चीज़ों और पालतू जानवरों के खाने को हवाबंद डिब्बों में रखना चाहिए. गंदे बर्तन सिंक में नहीं छोड़ने चाहिए, बल्कि खाने के तुरंत बाद धो लेने चाहिए. फ्रिज और चूल्हे के पीछे के हिस्सों को नियमित रूप से साफ़ करना चाहिए. कचरे को ढकी हुई टोकरी में डालकर रोज़ाना खाली करना चाहिए.

पानी का रिसाव: कॉकरोच को पानी की ज़रूरत होती है. अगर कोई नल या पाइप लीक कर रहा है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं. बाथरूम और किचन के सिंक में पानी तुरंत पोंछ दें. सिंक और टब को सूखा रखें. अगर नमी ज़्यादा है, तो हवा का संचार बढ़ाएं या डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें.

छोटे रास्ते: कॉकरोच छोटी-छोटी दरारों से भी घर में घुस सकते हैं. दीवारों, फर्शों और दरवाज़ों की चौखटों की दरारों को सीमेंट से भर देना चाहिए. जिन छेदों से पाइप और तार घर में घुसते हैं, उन्हें भी बंद कर देना चाहिए. ये किराने की थैलियों या गत्ते के डिब्बों से भी घर में घुस सकते हैं.

चारा इस्तेमाल करें: कॉकरोचों के झुंड को मारने के लिए चारा ज़्यादा बेहतर होता है. ये अपने धीमे ज़हर को अपने घोंसले तक ले जाते हैं, जहाँ ये मर जाते हैं. चारे को सिंक के नीचे और अंधेरी जगहों पर सावधानी से रखना चाहिए. अच्छे परिणामों के लिए, इनकी समाप्ति तिथि जाँच लें और समय-समय पर इन्हें बदलते रहें.

चारा इस्तेमाल करें: कॉकरोचों के झुंड को मारने के लिए चारा ज़्यादा बेहतर होता है. ये अपने धीमे ज़हर को अपने घोंसले तक ले जाते हैं, जहाँ ये मर जाते हैं. चारे को सिंक के नीचे और अंधेरी जगहों पर सावधानी से रखना चाहिए. अच्छे परिणामों के लिए, इनकी समाप्ति तिथि जाँच लें और समय-समय पर इन्हें बदलते रहें.

बोरिक एसिड: बोरिक एसिड एक प्रभावी विष है. इसे वस्तुओं के पीछे या दीवारों की दरारों में हल्के से छिड़कना चाहिए. यह विषैला होता है, इसलिए इसे भोजन या जल स्रोतों के पास इस्तेमाल न करें. इसे बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखना बहुत ज़रूरी है.

डायटोमेसियस अर्थ: डायटोमेसियस अर्थ (DE) भी एक अच्छा विकल्प है. यह तिलचट्टों के बाह्यकंकाल से तेल और नमी सोख लेता है. तिलचट्टे अंततः निर्जलित होकर मर जाएंगे. केवल वही DE इस्तेमाल करें जो खाने के लिए सुरक्षित हो. यह केवल सूखे में ही काम करता है, इसलिए इसे नम जगहों पर इस्तेमाल न करें. जहां तिलचट्टे रहते हैं, वहां पाउडर छिड़कें.

खुशबू से कॉकरोच भगाएं: कुछ प्राकृतिक तेल या पत्ते कॉकरोचों को दूर भगाते हैं. उन्हें बिरयानी के पत्तों या नींबू के छिलकों की गंध पसंद नहीं होती. पुदीने के तेल जैसे सुगंधित तेलों को पानी में मिलाकर स्प्रे करना चाहिए. ये कॉकरोचों को पूरी तरह से नहीं मार सकते, इसलिए इन्हें अन्य तरीकों के साथ इस्तेमाल करना चाहिए.

कफ सिरप मामले में हिमाचल प्रदेश में ताबड़तोड़ छापे, पांच यूनिट्स पर एक्‍शन, राजस्‍थान-MP में फिर मौत

0
मध्य प्रदेश और राजस्थान में कथित रूप से जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानी CDSCO ने छह राज्यों में दवा निर्माण इकाइयों की रिस्क-बेस्ड (जोखिम-आधारित) जांच शुरू कर दी है. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, ये जांच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में चल रही हैं, जहां से कुल 19 दवाओं (जिनमें खांसी की दवाएं, एंटीबायोटिक्स और बुखार की दवाएं शामिल हैं) के सैंपल लिए गए. शुक्रवार से शुरू हुई इस जांच का उद्देश्य दवा निर्माण प्रक्रिया में संभावित खामियों की पहचान करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाना है.

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने बताया कि NIV (National Institute of Virology), आईसीएमआर, नीरी (NEERI), AIIMS नागपुर और CDSCO के विशेषज्ञों की एक टीम बच्चों की मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच कर रही है. मंत्रालय ने बताया कि CDSCO द्वारा जांचे गए छह नमूने और मध्य प्रदेश फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (MPFDA) द्वारा जांचे गए तीन नमूनों में डायइथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) और इथिलीन ग्लाइकॉल (EG) जैसे घातक रासायनिक तत्व नहीं पाए गए.हालांकि, ये नमूने उन दो संदिग्ध खांसी की दवाओं में से नहीं थे जिनमें से एक ‘Coldrif Cough Syrup’ जांच के दायरे में है.

Coldrif में घातक तत्व

तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित Sresan Pharma की निर्माण इकाई से लिए गए Coldrif कफ सिरप के सैंपलों की जांच में DEG की मात्रा अनुमेय सीमा से अधिक पाई गई. इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने इस खांसी की दवा की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया और बाजार से स्टॉक हटाने का आदेश जारी किया. इसके साथ ही कंपनी के Sunguvarchathram (कांचीपुरम) स्थित संयंत्र पर निरीक्षण कर उत्पादन भी रोका गया. मध्य प्रदेश सरकार ने भी शनिवार को Coldrif की बिक्री पर राज्यव्यापी प्रतिबंध लगा दिया.

ताबड़तोड़ एक्‍शन

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 9 बच्चों की मौत संदिग्ध गुर्दे की विफलता से हुई है, जबकि 13 बच्चे अब भी इलाजरत हैं. मुख्यमंत्री मोहान यादव ने कहा, ‘यह अत्यंत दुखद घटना है. Coldrif सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है. कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी कार्रवाई होगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.’ राजस्थान में भी दो बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार ने जयपुर की Kaysons Pharma पर कार्रवाई की है. राज्य सरकार ने कंपनी द्वारा निर्मित सभी 19 दवाओं की आपूर्ति निलंबित कर दी है और राज्य औषधि नियंत्रक राजाराम शर्मा को निलंबित कर दिया है.

पहलगाम हमले का चीन कनेक्शन, ड्रैगन ने कैसे की थी आतंकियों की मदद? प्रोफेसर का सनसनीखेज खुलासा

0
क्या जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भी आतंकियों ने चीन की मदद ली थी. चीन मामलों के जानकार प्रोफेसर श्रीकांत कोंडापल्ली ने कुछ ऐसे ही आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि पहलगाम आतंकी हमले के दौरान एक आतंकी के पास हुआवे का फोन था, जिसमें चीनी सैटेलाइट कनेक्शन मौजूद था. हमले के बाद उसी फोन से पाकिस्तान को संदेश भेजा गया.

प्रोफेसर कोंडापल्ली ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ’22 अप्रैल को पहलगाम में जब हमला हुआ, तब एक आतंकी के पास हुवावे का फोन मिला, जिसमें चीनी सैटेलाइट कनेक्शन था. उसने हमले के बाद पाकिस्तान को मैसेज भेजा. यह साफ तौर पर चीन की भूमिका दिखाता है. हमले से पहले चीन ने पाकिस्तान को पहलगाम की 120-129 स्लाइड्स वाली सैटेलाइट इमेज भी उपलब्ध कराई थीं. आतंकवाद के खिलाफ भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय (SCO) के साथ प्रतिबद्धता जताने के बावजूद चीन पाकिस्तान की मदद कर रहा था.’

आतंकियों की ढाल बना चीन

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की चर्चाओं से द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का नाम हटवाने की कोशिश की, जिसने शुरू में हमले की जिम्मेदारी ली थी.

साइक्लोन शक्ति को लेकर मौसम विभाग का बड़ा अपडेट, महाराष्ट्र के लिए डेंजर अलर्ट

0
इस सीजन यानी कि इस साल के मानसून सीजन का पहला साइक्लोन अरब सागर में उठा है. मौसम विज्ञानियों ने साइक्लोन का नाम ‘शक्ति’ रखा है. शुक्रवार को डेवलप हुए इस तूफान का नाम श्रीलंका ने दिया है. इस तूफान की वजह से महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ वाले जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है. साथ पूर्वी गुजरात मौसम विभाग का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने कहा कि साइक्लोन शक्ति का असर पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा पर होने की संभावना है. साथ ही इस तूफान को देखते हुए गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाके वाले मछुआरों को समंदर में नहीं जाने की सलाह दी गई है.

चक्रवात के लिए अलर्ट जारी

गंभीर चक्रवाती तूफान ‘शक्ति’ चक्रवात, जो उत्तर-पश्चिमी अरब सागर पर सक्रिय है. पिछले छह घंटों में 17 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में बढ़ा है. 5 अक्टूबर को सुबह 05:30 बजे (IST) यह चक्रवात उत्तर-पश्चिम और इसके आसपास के पश्चिम-मध्य अरब सागर क्षेत्र में केंद्रित था, जो लगभग 21.0° उत्तरी अक्षांश और 61.8° पूर्वी देशांतर के पास स्थित है। मौसम विभाग ने बताया कि यह चक्रवात अभी भी सक्रिय है. इसके प्रभाव को देखते हुए ओमान और भारत के तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है.

इस देश पर मंडराया खतरा, करीब पहुंच चुका है साइक्लोन शक्ति

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक चक्रवात लगभग 250 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में रास अल हद्द (ओमान) और 300 किलोमीटर पूर्व में मसिराह (ओमान) के पास सक्रिय है. यह चक्रवात सोमवार 6 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में बढ़ता रहेगा. इसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होगा. फिर यह रास्ता बदलकर लगभग पूर्व की ओर मुड़ेगा, जो पश्चिमी मध्य अरब सागर (WC) और इसके आसपास के उत्तर-पूर्वी अरब सागर (NE AS) क्षेत्रों को प्रभावित करेगा. इस दौरान ये और भी कमजोर पड़ता जाएगा. मौसम विशेषज्ञों ने ओमान तटवर्ती इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

साइक्लोन शक्ति के लिए मौसम विभाग का बड़ा अपडेट

साइक्लोन शक्ति को लेकर मौसम विभाग का बड़ा अपडेट आया है. मौसम विभाग ने बताया कि गंभीर श्रेणी के इस तूफान का महाराष्ट्र के कोस्टल एरिया में कोई खतरा नहीं है. मौसम विभाग ने बताया कि साइक्लोन शक्ति का महाराष्ट्र में ज्यादा असर नहीं रहेगा.
उत्तर-पश्चिम अरब सागर के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान ‘शक्ति’ पिछले 10 घंटों से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ रहा. आईएमडी की मैप से समझिए इसका पैटर्न-

महाराष्ट्र के कई जिलों में हाई अलर्ट

चक्रवात शक्ति की वजह से महाराष्ट्र के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है. महाराष्ट्र के कई जिले हाई अलर्ट पर हैं. इससे प्रभावित होने वाले जिलों में पालघर, सिंधुदुर्ग, अहिल्यानगर, कोल्हापुर के घाट, कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर, परभणी, बीड, हिंगोली, नांदेड़, लातूर, धाराशिव, भंडारा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर और यवतमाल हैं.
गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लिया शक्ति, 110 KM की रफ्तार से चल रही हैं हवाएं
उत्तर-पश्चिम अरब सागर के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान ‘शक्ति’ पिछले 10 घंटों से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ रहा. आईएमडी की मैप से समझिए इसका पैटर्न-
मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार तक गुजरात-महाराष्ट्र तट पर समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है. तूफानी मौसम और 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 75 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया है. मौसम विभाग ने बताया कि रविवार और सोमवार को 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 60-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.

भगोड़े नीरव मोदी का भारत आने बचने का नया पैंतरा, लंदन कोर्ट में फिर से मुकदमा खोलने की चली चाल

0
लंदन की एक अदालत भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की उस याचिका पर 23 नवंबर को सुनवाई करेगी, जिसमें उसके प्रत्यर्पण के मुकदमे को फिर से खोले जाने का अनुरोध किया गया है. नीरव मोदी ने इस आधार पर याचिका दायर की है कि अगर उसे भारत वापस लाया गया, तो विभिन्न एजेंसी उससे पूछताछ कर सकती हैं. एजेंसी उसके ​​इस दावे का यह आश्वासन देकर खंडन कर सकती हैं कि उससे पूछताछ नहीं की जाएगी.

इस घटनाक्रम के बारे में जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि मोदी सुप्रीम कोर्ट के स्तर तक उपलब्ध अपनी सभी कानूनी अपीलों का इस्तेमाल कर चुका है और इस बार उसने अपने प्रत्यर्पण के मुकदमे को फिर से खोलने के लिए ‘वेस्टमिंस्टर’ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. समझा जाता है कि उसने यह दलील दी है कि यदि उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया, तो विभिन्न एजेंसी उससे पूछताछ करेंगी, जिसके परिणामस्वरूप उसे यातनाएं दी जा सकती हैं.
मामले की जांच कर रहीं एजेंसी अदालत के समक्ष अपना पुराना आश्वासन दोहरा सकती हैं कि प्रत्यर्पित किए जाने पर मोदी पर भारतीय कानूनों के अनुसार मुकदमा चलाया जाएगा और वे उससे पूछताछ नहीं करेंगी.

भारत-ब्रिटेन के रिश्तों को लगेंगे पंख, PM मोदी के न्यौते पर भारत आ रहे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर

0
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यौते पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर 8-9 अक्टूबर 2025 को भारत का दौरा करेंगे. यह ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी. 9 अक्टूबर को मुंबई में दोनों प्रधानमंत्री भारत–ब्रिटेन “कम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” की प्रगति की समीक्षा करेंगे. यह साझेदारी “विजन 2035” के तहत है, जिसमें अगले 10 साल के लिए व्यापार और निवेश, टेक्नोलॉजी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु और ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और जन-जन के रिश्तों जैसे कई क्षेत्रों में काम करने की रूपरेखा तय की गई है.

दोनों नेता “इंडिया–UK कम्प्रिहेंसिव इकॉनमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA)” के अवसरों पर उद्योगपतियों और व्यापार जगत से भी चर्चा करेंगे. इसके अलावा वे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टार्मर मुंबई में होने वाले ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के 6वें संस्करण में भी शामिल होंगे और मुख्य भाषण देंगे. वहां वे उद्योग विशेषज्ञों, नीतिनिर्माताओं और नवाचारकों से भी मिलेंगे. यह दौरा 23–24 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री मोदी के ब्रिटेन दौरे से बनी गति और सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाएगा. दोनों देशों के बीच यह संवाद न केवल आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देगा, बल्कि एक आधुनिक, मजबूत और भविष्य उन्मुख साझेदारी की नींव को और मजबूत करेगा.
भारत-ब्रिटेन के बीच क्वांटम कंप्यूटिंग पर समझौता
क्वांटम कंप्यूटिंग और जैव प्रौद्योगिकी का उपयोग करके जलवायु परिवर्तन के हिसाब से फसलें उगाने में किसानों की मदद करने के लिए इंपीरियल कॉलेज लंदन और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के बीच एक समझौता हुआ है. यह समझौता अगले सप्ताह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केयर स्टार्मर की मुंबई यात्रा से पहले हुआ है. यह परियोजना ‘भारत-यूके टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव. (टीएसआई) का हिस्सा है, जो क्वांटम तकनीक पर आधारित है. इसका उद्देश्य मृदा सूक्ष्मजीवों को बेहतर बनाना और सूखे व जलवायु परिवर्तन से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की रक्षा के नए तरीके खोजना है.