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बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए सरकार कर्मचारियों को देगी विशेष छुट्टी

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केंद्र सरकार के कर्मचारी 30 दिनों की छुट्टी का लाभ उठा सकेंगे, जिसमें 20 दिन की अर्धवेतन छुट्टी, 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी और 2 दिन का प्रतिबंधित अवकाश शामिल है. यह जानकारी केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि के सवाल के जवाब में दी.

दरअसल, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल सहित निजी कारणों के लिए प्रति वर्ष 30 दिन की अर्जित छुट्टी (ईएल), 20 दिन की अर्धवेतन छुट्टी (हाफ पे लीव), 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी (सीएल), और 2 दिन की प्रतिबंधित अवकाश (आरएच) लेने की अनुमति दी है.

मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि ‘केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972′ के तहत कर्मचारी निजी कारणों (बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल) के लिए ये छुट्टियां ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को प्रति वर्ष 30 दिन की अर्जित छुट्टी, 20 दिन की अर्धवेतन छुट्टी, 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी और 2 दिन की प्रतिबंधित अवकाश के साथ-साथ अन्य पात्र छुट्टियां दी जाती हैं, जिनका उपयोग वे किसी भी निजी कारण के लिए कर सकते हैं.

‘केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972’ (1 जून 1972 से लागू हैं) में कर्मचारियों के लिए कई प्रकार की छुट्टियों का प्रावधान है. इनमें अर्जित छुट्टी, अर्धवेतन छुट्टी, मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश, गोद लेने की छुट्टी, कार्य-संबंधी बीमारी और चोट, नाविकों की छुट्टी, विभागीय छुट्टी और अध्ययन अवकाश शामिल हैं.

बनता है लीव अकाउंट
कर्मचारियों का एक ‘लीव अकाउंट’ बनाया जाता है, जिसमें हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को छुट्टियों का ब्योरा होता है. छुट्टियां लेने पर इस खाते से कटौती होती है. हालांकि, मातृत्व, पितृत्व और बाल देखभाल जैसी विशेष छुट्टियां खाते से नहीं काटी जातीं और जरूरत पड़ने पर दी जाती हैं.

ये है नियम
नियमों के अनुसार, कुछ छुट्टियों को अन्य छुट्टियों या अवकाशों के साथ जोड़ा जा सकता है. प्रत्येक कर्मचारी को हर महीने की सेवा के लिए 2.5 दिन की अर्जित छुट्टी दी जाती है. इसके अलावा, दो से कम बच्चों वाली महिला कर्मचारी (प्रशिक्षु सहित) को 180 दिन तक का मातृत्व अवकाश और पुरुष कर्मचारी को 15 दिन तक का पितृत्व अवकाश मिल सकता है.

रीवा के सुपर अस्पताल ने बनाया एक नया रिकॉर्ड, 45 दिन में हो गई 14 ओपन हार्ट सर्जरी

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मध्य प्रदेश रीवा के सुपर अस्पताल ने एक बार फिर इतिहास रच दिया. इस बार यहां लगभग डेढ़ महीने में 95 प्रतिशत सक्सेस रेट के हिसाब से 14 ओपन हार्ट सर्जरी की गई है. इसी अस्पताल ने कुछ दिन पहले एक ही दिन में दो किडनी ट्रांसप्लांट करके ऐसा कारनामा किया था, जो बड़े महानगर के अस्पताल भी नहीं कर पाते. आज हुए ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया, रीवा में अब सभी तरीके के ऑपरेशन पूरी तरीके से सफलता पूर्वक किए जा सकते हैं.

रीवा का सुपर अस्पताल आए दिनों कुछ ना कुछ नया करके इलाके के मरीजों को जीवन दान देने का काम कर रहा है. फिर चाहे वह किडनी की बीमारी का इलाज हो, या दिल की बीमारी का, लगातार सुपर अस्पताल में हर तरीके के मरीज आ रहे हैं. और पूरी तरीके से ठीक होकर जा रहे हैं .अस्पताल के निर्माण के बाद से ही ओपन हार्ट सर्जरी की प्लानिंग की गई थी.

लेकिन उसके लिए उस दौरान दिल्ली सफदरजंग से टीम को बुलाया जाता था. जिसमें काफी दिक्कतें आती थी .बदलते वक्त के साथ रीवा के हृदय रोग विभाग ने तमाम तरीके की सुविधा अपने यहां उपलब्ध करा ली है.इसमें सबसे बड़ा सहयोग मिला मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल का, वह इसी इलाके से विधायक है.

तमाम संसाधन जुटाने के बाद आज रीवा का सुपर अस्पताल लगातार ऐसे करनामे कर रहा है, जिसके बारे में रीवा के लोगों ने कभी नहीं सोचा था. कभी किडनी ट्रांसप्लांट करके, तो कभी ओपन हार्ट सर्जरी करके, पिछले डेढ़ महीने की बात की जाए तो सुपर अस्पताल की टीम ने लगभग 14 ओपन हार्ट सर्जरी की है .इस ओपन हार्ट सर्जरी की सफलता की बात की जाए तो, लगभग 95% का स्ट्राइक रेट निकाल कर सामने आता है. जो देश के किसी भी हृदय रोग अस्पताल से तुलनात्मक रूप से बेहतर साबित किया जा सकता है . ओपन हार्ट सर्जरी करने वाली टीम के डाक्टर इमरान का कहना यह टीम वर्क है, हमारे पास मजबूत टीम है.

शातिर ठग ने दक्षिणा का दिखाया सब्जबाग, 21 पुरोहितों के साथ किया ठगी का अनुष्ठान, फिर मोबाइल बंदकर हुआ फरार

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सतना जिले में एक ठग ने वैदिक अनुष्ठान कराने के नाम पर एक साथ कुल 21 पुरोहितों के साथ ठगी को अंजाम देने का मामला सामने आया है. शातिर ठग ने नए घर में पूजा-पाठ के लिए मध्य प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से 21 पुरोहितों से संपर्क किया और होटल आईडी कार्ड बनाने के नाम पर हजारों ऐंठ कर चंपत हो गया.

शातिर ठग ने वैदिक अनुष्ठान के लिए 21 पुरोहितों से संपर्क किया. सभी 21 पुरोहितों को उसने 10 हजार दक्षिणा,आने-जाने का किराया और होटल में रहने-खाने का सब्जबाग दिखाया. फिर होटल आईडी कार्ड बनाने के नाम पर उसने हजारों रुपए ऐंठा और मोबाइल फोन बंद कर लिया.

ठगी के शिकार 21 पुरोहितों में से अधिकांश जबलपुर और कटनी से सतना पहुंचे थे
शातिर ठग ने खुद को विशाल शुक्ला बताकर 21 पुराहितों से संपर्क साधा था और जिले के धवारी मोहल्ले में वैदिक अनुष्ठान कराने के लिए आमंत्रित किया था. ठगी के शिकार हुए सभी 21 पुरोहितों में ज्यादातर जबलपुर और कटनी जिले से हैं, शेष उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बुलाए गए थे.

10 हजार रुपए दक्षिणा और होटल में रहने-खाने के इंतजाम का दिखाया था सब्जबाग
ठग ने सभी पुरोहितों से संपर्क कर कहा कि जिले के धवारी निवासी सुनील अग्रवाल अपने नए घर में एक माह तक चलने वाला वैदिक अनुष्ठान कराना चाहते हैं, जिसके लिए 21 विद्वान पुरोहितों की जरूरत है. यह भी बताया कि हर पुरोहित को 10-10 हजार रुपए दक्षिणा, आने-जाने का किराया और होटल में रहने-खाने की पूरी व्यवस्था दी जाएगी.

खुद को विशाल शुक्ला बताने वाले शातिर ठग ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के 21 पुरोहितों को संपर्क किया और एक व्यापारी के नए घर के वैदिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए सतना बुलाया और आईडी कार्ड बनाने के नाम पर हजारों रुपए ठग कर फरार हो गया.

21 पुरोहितों से हजारों रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए फिर फरार हो गया ठग
रिपोर्ट के मुताबिक ठगी की शुरुआत तब हुई जब आरोपी ने पुरोहितों से कहा कि होटल में ठहरने के लिए पहचान पत्र (आईकार्ड) की जरूरत होगी और आईडी कार्ड बनाने के नाम पर किसी से 300 रुपए, किसी से 500 रुपए तो किसी से 1000 रुपए एक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और फिर मोबाइल बंद कर फरार हो गया.

पुरोहितों को ठगी का एहसास हुआ जब वो सतना पहुंचे और ठग का फोन बंद मिला
गौरतलब है गुरुवार को निश्चित तिथि पर जब सभी पुरोहित सतना पहुंचे, तो ठग का मोबाइल बंद मिला. काफी देर इंतजार के बाद सभी पुरोहित सिटी कोतवाली पहुंचे और आपबीती सुनाई. पुरोहितों के मुताबिक ठग कटनी का रहने वाला है और कुछ के पुराने परिचितों में शामिल है. जिसके चलते वो झांसे में आ गए. फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

छत्तीसगढ़ में बढ़ाए सब्जियों के दाम, आम आदमी की थाली हुई सूनी, सेम बनी मार्केट टॉपर

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राजधानी रायपुर सहित राज्य में सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं. स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आवक कम होने के कारण सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं. सब्जी मंडी में सब्जियों में सबसे अधिक दाम सेम का है, जो 180 रुपए प्रति किलो बिक रहा है. स्थानीय स्तर पर सब्जियों के दाम लगभग 15 से 20% बढ़ गए हैं.

सब्जियों दाम छू रहे आसमान
भिंडी 50 से 60 रुपए प्रति किलोग्राम

टमाटर प्रति किलोग्राम 35 से 40 रुपए

लौकी प्रति किलोग्राम 25 से 30 रुपए

अदरक प्रति किलोग्राम 50 से 60 रुपए

लहसुन प्रति किलोग्राम 200 से 220 रुपए

गवार फली प्रति किलोग्राम 80 से 90 रुपए

मिर्ची प्रति किलोग्राम 50 से 60 रुपए

कुम्हड़ा प्रति किलोग्राम 20 से 25 रुपए

फूलगोभी प्रति किलोग्राम 60 से 80 रुपए

पत्ता गोभी प्रति किलोग्राम 20 से 25 रुपए

बरबटी प्रति किलोग्राम 50 से 60 रुपए

करेला प्रति किलोग्राम 70 से 80 रुपए

शिमला मिर्च प्रति किलोग्राम 120 से 140 रुपए

बैगन प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

आलू प्रति किलोग्राम 20 से 25 रुपए

ब्याज प्रति किलोग्राम 25 से 30 रुपए

गाजर प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

चुकंदर प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

परवल प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

कुंदरू प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

सेम प्रति किलोग्राम 160 से 180 रुपए

पालक भाजी प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

लाल भाजी प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

मेंथी प्रति किलोग्राम 70 से 80 रुपए

खीरा प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

गाजर प्रति किलोग्राम 50 से 60 रुपए

मूली प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

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एक साल के बाद गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी

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रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट भिलाई के अपराध क्रमांक 05/2024 अंतर्गत धारा 3(ए ) रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम दिनांक 28.05.2024 व माननीय न्यायालय, रायपुर प्रकरण क्रमांक 17842/2024 में फरार आरोपी एवं अस्थाई (NBW) वारंटी अजूबा देवार निवासी – देवार बस्ती खुर्शीपार भिलाई थाना –खुर्शीपार, जिला – दुर्ग (छ.ग.), वर्तमान में वारंटी की गिरफ्तारी हेतु माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 21.05.2025 को अस्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
उक्त वारंट के अनुपालन में दिनांक 24.07.2025 को निरीक्षक मनीष कुमार के मार्गदर्शन में वारंट टीम के उप निरीक्षक एस.आर. रात्रे, प्रधान आरक्षक एन के वर्मा,आरक्षक अजय राठौर एवं आरक्षक एस.आर. मीणा के साथ मुखबीर खास की सूचना पर उपरोक्त वारंटी के निवास स्थान पर दबिश दिए और मामले के जांच अधिकारी सहायक उप निरीक्षक सी एल साहू को भी बुलाया गया। वारंटी को उसके परिजनों की उपस्थिति में विधिसम्मत रूप से गिरफ्तार किया गया।
उक्त आरोपी उपरोक्त अपराध क्रमांक का फरार आरोपी था जो दिनांक 28.05.2024 से फरार था, जिसके संबंध में माननीय न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था मामले में आरोपी का बयान एवं गिरफ्तारी आदि कार्यवाही सहायक उप निरीक्षक सी एल साहू चौकी बीएमवाई द्वारा किया गया। जिसे अग्रिम कार्यवाही हेतु दिनांक 25.07.25 को माननीय रेलवे न्यायालय, रायपुर के समक्ष पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव दिखी परंपरा और प्रगति की अनूठी झलक

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छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता और कृषि परंपराओं का प्रतीक हरेली तिहार इस वर्ष मुख्यमंत्री साय के निवास परिसर में अत्यंत हर्षाेल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्य की समृद्ध विरासत, पारंपरिक कृषि यंत्रों, लोक परिधानों, खानपान और आधुनिक कृषि तकनीकों का समन्वय एक अद्भुत नजारे के रूप में सामने आया। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी रंग-रूप में सजाया गया था, जहां ग्रामीण परिधान पहने अतिथि, कलाकार और आमजन लोक संस्कृति में रमे हुए नजर आए।
हरेली उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री निवास में परम्परागत और आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण कर विभिन्न पारंपरिक यंत्रों और वस्तुओं का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में काठा, खुमरी, झांपी, कांसी की डोरी और तुतारी जैसे ऐतिहासिक कृषि उपकरणों को प्रदर्शित किया गया। कृषि विभाग द्वारा आयोजित आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, जिसमें नांगर, कुदाली, फावड़ा, रोटावेटर, बीज ड्रिल, पावर टिलर और स्प्रेयर जैसे यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। ‘काठा’ वह परंपरागत मापक है जिससे पुराने समय में धान तौला जाता था; ‘खुमरी’ बांस और कौड़ियों से बनी छांव प्रदान करने वाली टोपी है; ‘झांपी’ शादी-ब्याह में उपयोग होने वाली वस्तुएं रखने की बांस से बनी पेटी; ‘कांसी की डोरी’ खाट बुनने में काम आती है और ‘तुतारी’ पशुओं को संभालने में उपयोग होती है।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि हरेली तिहार केवल पर्व नहीं, बल्कि यह हमारे कृषि जीवन, पशुधन और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी किसानों, युवाओं और आमजनों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रही। मुख्यमंत्री ने इन उपकरणों की जानकारी लेकर कृषि तकनीकी प्रगति की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ की खेती परंपरा और तकनीक के समन्वय से और भी अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनेगी। किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देकर हम राज्य की कृषि उत्पादकता को ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम नागरिक, किसान, छात्र और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और कृषि नवाचार के अद्वितीय संगम को सजीव रूप में प्रस्तुत किया, जो राज्य की समृद्ध परंपरा और विकासशील सोच का प्रतीक है।

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संस्कृति में सजीव और निर्जीव सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना: मुख्यमंत्री

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रायपुर सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में आज हरेली पर्व का गरिमामय आयोजन हुआ। त्यौहार मनाने के लिए पूरे परिसर को ग्रामीण परिवेश में सजाया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार का मुख्य ध्येय है। हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की परंपरा, प्रकृति और खेती-किसानी से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो हमें अपने मूल से जोड़ता है। आज पूरा छत्तीसगढ़ हरेली की खुशी में डूबा है। मुख्यमंत्री निवास में भी यह पर्व पूरे उल्लास और पारंपरिक तरीके से मनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक हरेली को मनाने का अपना-अपना अंदाज है। लेकिन सभी जगह इसका रंग एक ही है, आस्था और उत्साह एक ही है। जिस तरह प्रकृति हमारा ख्याल रखती है, उसी तरह हमें भी प्रकृति का ख्याल रखना चाहिए। हरेली केवल खेती-किसानी का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह अपनी धरती की हरियाली और प्रकृति पूजा का भी त्यौहार है। छत्तीसगढ़ महतारी की कृपा हम सब पर बरसाती रहे और सभी किसान भाई खुशहाल रहें। यही मंगल कामना है
उन्होंने कहा कि साय ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तय कर ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। हम सभी ने 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का सपना देखा है और इसके लिए हमने अपना विजन डॉक्यूमेंट भी बनाया है। हमारी सरकार राज्य से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रयास कर रही है।

हरेली त्योहार पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और किसान जीवन का उत्सव है। इस पावन अवसर पर मैं प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। यह त्योहार प्रकृति, कृषि और पशुधन से जुड़े हमारे जीवन मूल्यों की गूंज है। उन्होंने कहा कि ऐसा विश्वास है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती स्वयं धरती पर आकर किसानों के बीच उपस्थित होते हैं और उनके खेतों का निरीक्षण करते हैं। यही कारण है कि इस दिन किसान अपने कृषि यंत्रों, हल-बैल और खेत-खलिहानों की पूजा करते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ कृषि के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति कर रहा है। किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीद और विभिन्न योजनाओं में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। यह हिंदुस्तान में किसी भी राज्य द्वारा किसानों के लिए किया गया सबसे बड़ा कार्य है। यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में एक ऐसा मुख्यमंत्री है, जो केवल घोषणाएं नहीं करता, बल्कि धरातल पर किसानों के पसीने की कीमत चुका रहा है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायकगण, निगम मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

हरेली पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति से जुड़ाव का उत्सव है – मुख्यमंत्री

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छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और कृषि परंपरा से जुड़े पर्व हरेली के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री के निवास कार्यालय में पारंपरिक उल्लास और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली पर्व छत्तीसगढ़ की जीवनशैली, मेहनतकश किसानों की आस्था और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। हमारी सरकार किसानों के कल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान और पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। बच्चों में गेड़ी जैसी पारंपरिक विधाओं के प्रति आकर्षण बनाए रखना हमारी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा है। हमें चाहिए कि हम ऐसे पर्वों के माध्यम से अपनी नई पीढ़ी को भी छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जोड़ें।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हरेली पर्व किसान, खेत-खलिहान और गोधन की पूजा का पर्व है। मान्यता है कि आज के दिन शिव-पार्वती स्वयं भू-लोक में आकर किसानों की खेती-किसानी को देखने आते हैं। हरेली से ही छत्तीसगढ़ में त्योहारों की श्रृंखला की शुरुआत होती है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की आत्मा से जुड़ा पर्व है। यह हमारी धरती, परिश्रम और परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह पर्व हमारे किसानों की आस्था और प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध को दर्शाता है।

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। हरेली जैसे पर्व हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और कृषि संस्कृति को जीवंत रखने की प्रेरणा देते हैं। इस पर्व में गेड़ी चलाने की प्रतियोगिता बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। साथ ही गोधन को पौष्टिक आहार देकर ग्रामीणजन पशुधन के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं।

इस अवसर पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन, छत्तीसगढ़ी लोक गीतों की प्रस्तुति, गेड़ी चढ़ने की प्रतियोगिता और लोकनृत्यों ने पूरे माहौल को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम स्थल छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोकपरंपरा की झलक से सराबोर हो गया। कार्यक्रम में पारंपरिक कृषि औजारों की पूजा कर प्रकृति और कृषि परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संकल्प दोहराया।

RBI का बड़ा एक्शन इस बैंक का लाइसेंस किया रद्द, कहीं इसमें आपका अकाउंट भी तो नहीं?

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अगर आपका या आपके किसी जानने वाले का बैंक अकाउंट किसी छोटे सहकारी बैंक में है, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्नाटक के करवार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है. इसका मतलब है कि अब यह बैंक किसी भी तरह का बैंकिंग कारोबार नहीं कर सकेगा और 23 जुलाई, 2025 से इसका कामकाज पूरी तरह बंद हो जाएगा.

इस फैसले का असर सैकड़ों खाताधारकों पर पड़ेगा. हालांकि, घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आपकी जमा रकम का इंश्योरेंस पहले से तय है. इस खबर में हम आपको बताएंगे कि आपका पैसा कितना सुरक्षित है और आप इसे निकाल सकते हैं या नहीं?

RBI ने क्यों रद्द किया बैंक का लाइसेंस?
आरबीआई के अनुसार, करवार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के पास न तो पर्याप्त पूंजी बची थी और न ही भविष्य में कोई अच्छी कमाई की संभावना. यानी बैंक अपने खर्च और देनदारियों को पूरा करने की स्थिति में नहीं था. ऐसे में रिजर्व बैंक ने बैंक का लाइसेंस कैंसिल कर दिया और कर्नाटक सरकार से कहा है कि वह बैंक को बंद करने और एक लिक्विटेडर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करे.

अब बैंक में जमा आपका पैसा कितना सुरक्षित है?
इस तरह की स्थिति के लिए सरकार की तरफ से DICGC यानी Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation नाम की एक बीमा सुविधा होती है. इसके तहत अगर कोई बैंक बंद हो जाता है, तो हर अकाउंटहोल्डर्स को उसकी जमा राशि में से अधिकतम 5 लाख रुपये तक वापस मिलते हैं.

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस पर 14,000 करोड़ से ज्‍यादा के लोन फ्रॉड का आरोप, CBI केस की तैयारी

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रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और इसके प्रमोटर अनिल अंबानी पर बड़ा आरोप लगा है. कंपनी पर 14,000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा के लोन फ्रॉड का मामला सामने आया है. यह जानकारी संसद में खुद केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने दी है. उन्होंने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी को रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के तहत “धोखाधड़ी” यानी फ्रॉड की कैटेगरी में डाल दिया है.

SBI ने इस फ्रॉड की जानकारी RBI को दे दी है और अब CBI में केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है.

कनरा बैंक से भी 1,050 करोड़ की ठगी
इतना ही नहीं, रिलायंस कम्युनिकेशंस पर केनरा बैंक से भी 1,050 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है. बैंकिंग सिस्टम में इतना बड़ा घोटाला सामने आने के बाद अब इसकी जांच और एजेंसियों के हाथ में है.

विदेशों में छिपाई दौलत की भी जांच
सूत्रों के मुताबिक अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों के विदेशों में छुपे बैंक अकाउंट्स और प्रॉपर्टी की भी जांच शुरू हो चुकी है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

अब जब SBI ने धोखाधड़ी की पुष्टि कर दी है और CBI में शिकायत दर्ज की जा रही है, तो आने वाले वक्त में अनिल अंबानी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. अन्‍य एजेंसियां भी इस मामले में एक्टिव हो सकती हैं.

अनिल अंबानी के ठिकानों पर छापेमारी
बता दें कि ED ने गुरुवार को अनिल अंबानी से जुड़े अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है. ये छापेमारी दिल्ली और मुंबई में की गई है. सूत्रों के अनुसार ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्‍ली और मुंबई में 35 ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही है. शुरुआती जांच में “बैंकों, शेयरधारकों, निवेशकों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों को धोखा देकर जनता के पैसे की हेराफेरी करने की योजना का खुलासा हुआ है. इस दौरान 50 कंपनियों की जांच की गई है. छापेमारी के दौरान 25 लोगों से पूछताछ किए जाने की बात सामने आ रही है.