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बलौदाबाजार पुलिस पर लूट के आरोपियों को थाने से छोड़ने का लगा आरोप, जांच करेंगे अफसर

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छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले की पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं. शिकायत में कहा गया है कि सिटी कोतवाली पुलिस ने लूट जैसे संगीन अपराध के आरोपियों को बिना न्यायालय की अनुमति और बिना जमानत के थाने से छोड़ दिया. पूरा मामला चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों द्वारा देर रात ट्रक खींचकर ले जाने और पैसों की जबरन मांग से जुड़ा हुआ है.

ये है मामला
दरअसल सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम रसेड़ा निवासी आकाश साहू ने एसपी से शिकायत कर बताया कि चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी आशुतोष मिश्रा और उसके साथी उनके घर देर शाम पहुंचे और ट्रक खींचकर ले जाने की धमकी देते हुए 56 हजार रुपये की जबरन मांग की. पैसे नहीं देने पर गाली-गलौच कर रात में ट्रक खींचकर ले गए. मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने लूट और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया.

पुलिस पर लगे आरोप
आरोप है कि 22 जुलाई को सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर महज दो घंटे में बिना जमानत और कोर्ट आदेश के थाने से छोड़ दिया. पीड़ित आकाश साहू ने थाना प्रभारी पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है. वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, और जांच में आवश्यकता पड़ने पर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी.

पुलिस हिरासत में युवक की मौत का मामला, हाईकोर्ट ने 4 पुलिस कर्मियों को सुनाई सजा में किया ये संशोधन

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट ने जांजगीर-चांपा के बहुचर्चित पुलिस हिरासत में मौत मामले में चार पुलिसकर्मियों की सजा में संशोधन किया है. इस मामले में अब आजीवन कारावास की बजाय 10 वर्ष का कठोर कारावास भुगतना होगा, जबकि जुर्माना यथावत रहेगा.

मामला 17 सितंबर 2016 को मुलमुला थाना क्षेत्र का है. यहां हिरासत में लिए गए युवक सतीश नोरगे की मौत हो गई थी. इस मामले में पहले आरोपित पुलिसकर्मियों को धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास की सजा दी गई थी.

आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी की खंडपीठ ने इसे इरादतन नहीं बल्कि गैरइरादतन हत्या मानते हुए धारा 304(भाग-2)/34 के तहत दोषी करार दिया. अब सभी को आजीवन कारावास की बजाय 10 वर्ष का कठोर कारावास भुगतना होगा, जबकि जुर्माना यथावत रहेगा.यह मामला मानवाधिकार हनन का गंभीर उदाहरण रहा, लेकिन कोर्ट ने इरादे की बजाय परिणाम को आधार बनाकर सजा में संशोधन किया.

CG PSC घोटाला हाईकोर्ट ने कहा- हत्या से भी बड़ा अपराध है, तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CG-PSC) 2020 भर्ती घोटाले से जुड़ी एक बड़ी खबर है. अस मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है.मामले में जस्टिस बीडी गुरु ने एक बड़ा तर्क भी दिया है. आइए जानते हैं इस मामले से जुड़ी एक बड़ी अपडेट क्या है ?

हुआ था बड़ा घोटाला
दरअसल छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2020 भर्ती घोटाले का मामला सामने आया था. इस मामले में अब हाईकोर्ट ने परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर सहित तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. जस्टिस बीडी गुरु ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक करना युवाओं के भविष्य से खेलना है, यह हत्या से भी गंभीर अपराध है.

इन लोगों की हुई है गिरफ्तारी
मामले में पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उनके भतीजे नितेश व साहिल सोनवानी, परीक्षा नियंत्रक, उद्योगपति श्रवण गोयल, उसके बेटे व बहू को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है. घोटाले में अफसरों व नेताओं के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर जैसे पद मिले. हाईकोर्ट ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए जमानत देने से इंकार किया.

जेल में बंद कैदी ने धमकी देकर की 7.95 लाख रुपए की उगाही, दुर्ग लाया गया आरोपी फिर भेजा गया जेल

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां एक जेल में बंद एक कैदी ने धमकी देकर 7.95 लाख रुपए का उगाही की है. शिकायत के बाद राजनांदगांव उप-जेल पहुंची दुर्ग पुलिस ने कैदी को प्रोटक्शन वारंट के तहत गिरफ्तार कर दुर्ग लेकर आई और पूछताछ के बाद एक नई धारा जोड़कर फिर जेल भेज दिया.

छत्तीसगढ़ के एक जेल में बंद कैदी द्वारा फिरौती वसूलने का चौंकाने वाले मामले ने दुर्ग पुलिस को भी हैरान कर दिया. करीब 8 लाख रुपए की फिरौती वसूलने वाले कैदी रवि विट्ठल ने जेल में बंद सह कैदी को जान से मारने की धमकी देकर उसके भाई से फिरौती वसूलने में सफल रहा.

उप-जेल राजनांदगांव में बंद कैदी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उगाही फिरौती
रिपोर्ट के मुताबिक उप-जेल राजनांदगांव में बंद कैदी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर जेल में बंद दूसरे बंदी के भाई को जेल से मोबाइल फोन के जरिए कॉल किया और जेल में बंद उसके भाई को जान से मारने की धमकी देकर 7.95 लाख रुपए की वसूली की. मामले के खुलासे के बाद दुर्ग पुलिस आरोपी कैदी को गिरफ्तार कर दुर्ग लेकर आई.

धमकी से घबराए भाई ने कैदी द्वारा मांगी गई फिरौती के 7.95 लाख रुपए पहुंचाए
जेल से उगाही करने के आरोपी कैदी रवि विट्ठल ने जेल में बंद सह कैदी के भाई से उगाही करने की धमकी देते हुए कहा कि अगर अपने भाई को बचाना चाहते हो तो हमारी मांगे पूरी करो. भाई को जान से मारने की मिली धमकी से घबराए भाई ने आरोपी कैदी द्वारा मांगी गई फिरौती के 7.95 लाख रुपए कैश में दिए.

ASP दुर्ग तंवर ने बताया कि उप जेल राजनांदगांव में बंद कैदी के भाई ने दर्ज लिखित शिकायत में बताया कि जेल में निरुद्ध उसके भाई को कैदी रवि विट्ठल व उसके 3 दोस्तों ने जान से मारने की धमकी देकर उसकी सलामती के लिए 7.95 लाख रुपए की फिरौती वसूली थी.

BJP के नेता से 41 लाख रुपये की ठगी, खनिज निगम का अध्यक्ष बनाने का लालच देकर ले उड़े रकम

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छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से एक बड़ी खबर है. यहां के एक भाजपा नेता से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. खनिज निगम का अध्यक्ष बनाने का लालच देकर उनसे 41 लाख रुपये ऐंठ लिए गए हैं. जैसे ही ठगी का अहसास हुआ भाजपा के नेता ने केशकाल के थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी है.

आरोपियों ने खुद को बताया था RSS का बड़ा पदाधिकारी
दरअसल जिले के केशकाल के रहने वाले भाजपा नेता संतोष कटारिया से लाखों रुपये की ठगी हो गई. वे कोंडागांव जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष रह चुके हैं. सीनियर नेता है. थाने में शिकायत की है उनसे 41 लाख 30 हजार रुपए की ठगी हुई है. भाजपा नेता के मुताबिक काजल जोशी उर्फ कोमल झुंगले और राजीव सोनी नाम के दो लोग उनके पास आए थे.

खनिज निगम में अध्यक्ष बनाने का लालच दिया. आरोपियों ख़ुद को RSS का बड़ा पदाधिकारी बताया था. वादा किया था कि उन्हें भी पद दिलाएंगे. बताया जा रहा है कि उनसे करोड़ों की डिमांड की गई थी. लेकिन उन्होंने 41 लाख 30 हजार रुपए दिए.

ऐसे हुआ अहसास
जब भाजपा नेता को पद नहीं मिला तो इनसे संपर्क करने लगे. इसके बीच उन्हें खुद के साथ हुई इस बड़ी ठगी का अहसास हो गया. सच्चाई जानकर पैरों तले जमीन ही खिसक गई. पैसा वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने केशकाल थाने में पहुंचकर पुलिस को सारा माजरा बताया और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. शिकायत दर्ज होते ही पुलिस भी पूरे मामले की जांच में जुट गई है. ये मामला जिला ही नहीं बल्कि प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है.

हरकाटन पारा में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एम्बुलेंस तक पहुंचने के लिए 3 KM कर पैदल यात्रा

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एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पाराडोल अंतर्गत हरकाटन पारा इन दिनों स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है. क्षेत्र में लगातार मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है, लेकिन यहां की सबसे बड़ी समस्या है जर्जर और उबड़-खाबड़ सड़क, जिससे इलाज के लिए समय पर एम्बुलेंस तक पहुँचना भी मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों को करीब 3 किलोमीटर की दूरी कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क पर पैदल तय करनी पड़ती है, जिससे मरीजों की स्थिति और भी गंभीर हो जाती है.

गांव में रास्ता ही नहीं
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हरकाटन पारा में मौसमी बीमारियों के साथ-साथ त्वचा रोग, बुखार, दस्त और अन्य संक्रामक रोग तेजी से फैल रहे हैं. गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा न होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए दूर के स्वास्थ्य केंद्रों में जाना पड़ता है. लेकिन गांव तक एम्बुलेंस पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है, जिससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों को झोले या खाट पर लादकर सड़क तक लाया जाता है.

ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है, वर्षों से सड़क की हालत खराब है, लेकिन अब तक न तो किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने कोई ठोस पहल की. बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है और मरीजों को अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन जाता है.
ग्रामवासी ने बताया कि बीते एक सप्ताह में दर्जनों लोग बीमार पड़े हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने से स्थिति बिगड़ रही है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी अब तक क्षेत्र में कोई स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया गया है.

ग्रामीणों की क्या है मांग?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल सड़क मरम्मत की व्यवस्था की जाए और गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी जाए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके. उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या की अनदेखी की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

ट्रंप ने फिर भारत के खिलाफ उगले जहर, कहा- वो दिन लद गए, अब जो भी किया जाएगा सिर्फ अमेरिका के लिए होगा

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अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की जीत के लिए भारत में हवन और पूजा की गई थी. ट्रंप को पीएम मोदी और भारत को अपना दोस्‍त बताते नहीं थकते थे. लेकिन, जबसे व्‍हाइट हाउस पहुंचे हैं, सिर्फ भारत के खिलाफ ही काम कर रहे हैं. उनके बयान भी सिर्फ भारत के खिलाफ ही निकल रहे हैं. एक बार फिर उन्‍होंने भारत के खिलाफ जहर उगला है. उन्‍होंने कहा कि अब वो दिन लद चुके हैं क‍ि अमेरिकी कंपनियां चीन में अपना कारखाना लगाएं और भारतीयों को नौकरियां दें. उन्‍होंने अमेरिकी कंपनियों को भी चेतावनी दी और कहा कि ऐसा करने के दिन खत्‍म हो चुके हैं, उनके कार्यकाल में ऐसा हरगिज नहीं चलेगा.

एआई शिखर सम्‍मेलन में पहुंचे ट्रंप ने आई से जुड़े तीन नए अध्‍यादेशों पर साइन किए जिसमें एआई के उपयोग के लिए व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की कार्य योजना भी शामिल है. उन्होंने कहा कि बहुत लंबे समय तक अमेरिका का अधिकतर प्रौद्योगिकी उद्योग ‘कट्टरपंथी वैश्वीकरण’ का अनुसरण करता रहा, जिसके कारण लाखों अमेरिकी ठगा महसूस करते रहे. उनकी जगह अमेरिकी कंपनियों ने दूसरे देशों के लोगों को रोजगार दिया, लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा.
अमेरिकी कंपनियों को क्‍यों दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी कई बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने चीन में अपने कारखाने बनाकर, भारत में मजदूरों को नौकरी देकर और आयरलैंड में मुनाफे में कटौती करके अमेरिकी आजादी का फायदा उठाया है. इन सभी के बीच उन्होंने अपने ही देश में अपने साथी नागरिकों को बरगलाने और यहां तक कि उन पर ‘सेंसरशिप’ (नियंत्रित करने) लगाने का काम किया है. राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में, वे दिन अब लद गए हैं.
एआई निर्यात को बढ़ावा देने की तैयारी
डोनाल्‍ड ट्रंप ने इस मौके पर एआई से संबंधित तीन कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए. इसमें व्हाइट हाउस कार्ययोजना भी शामिल है, जो अमेरिकी एआई प्रौद्योगिकी ‘पैकेज’ के निर्यात को बढ़ावा देकर अमेरिकी एआई उद्योग को समर्थन देने के लिए एक समन्वित राष्ट्रीय प्रयास स्थापित करता है. इसका मकसद देश में एआई का विकास कर उसका दुनियाभर में निर्यात करना है. इससे एक बार फिर अमेरिकी तकनीक को पूरी दुनिया में अव्‍व्‍ल बनाने की तैयारी है.

शिरडी साईं मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल में दो जगहों पर विस्‍फोटक रखने का दावा, हरकत में आई पुलिस

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शिरडी के साईं मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. शिरडी साईं मंदिर ट्रस्‍ट की ओर से इस बाबत शिरडी पुलिस स्‍टेशन में शिकायत दी गई है. शिरडी साईं मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी की बात से पुलिस तत्‍काल हरकत में आ गई. बता दें कि शिरडी के साईं मंदिर में लाखों की तादाद में श्रद्धालु आते हैं. देश के साथ ही विदेश से भी लोग शिरडी साईं बाबा का दर्शन-पूजन करने यहां आते हैं. इसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम रहते हैं. ऐसे मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी से पुलिस और प्रशासन तत्‍काल हरकत में आ गया.

भागवत मान नाम के शख्‍स ने शिरडी के साईं बाबा मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी है. ई-मेल आईडी से धमकी देने वाले शख्‍स के नाम का पता चला है. ई-मिलने के तुरंत बाद शिरडी साईं बाबा मंदिर ट्रस्‍ट की ओर से स्‍थानीय शिरडी पुलिस थाने शिकायत दर्ज कराई गई है. भागवत मान नाम के व्यक्ति के नाम से शिरडी साईं मंदिर को धमकी भरा ई-मेल आया है. bhagvanthmann@yandex.com से धमकी भरा ई-मेल आया है. इसमें लिखा है की साईं मंदिर समाधि स्थल और द्वारका माई में बम रखा गया है. ई-मेल मिलते ही खलबली मच गई. पुलिस से लेकर स्‍थानीय प्रशासन तक में हड़कंप मच गया. फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है.

पहले भी मिल चुकी है धमकी

इससे पहले भी शिरडी के साईं मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है. यह धमकी इसी साल मई में दी गई थी. तब भी ई-मेल के जरिए ही बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. जिसके बाद साईं भक्तों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए दर्शन के लिए कतार के प्रवेश द्वार पर जांच शुरू की गई थी. तब शिरडी साईं मंदिर को पाइप बम से उड़ाने का यह धमकी भरा ई-मेल मिला था. यह मेल अजीत जोकामुल्ला नाम के ईमेल आईडी से आया था. आमतौर पर शिरडी में साईं भक्तों की भारी भीड़ रहती है. दर्शन के लिए शिरडी आनेवाले भक्तों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाता है. दर्शन कतार के प्रवेश द्वार पर साईं बाबा संस्थान के सुरक्षाकर्मियों द्वारा पुरुषों और महिलाओं दोनों की कड़ी जांच की जाती है.
कुछ दिनों पहले ही शिरडी के साईं बाबा मंदिर में एक भक्त ने गुप्त रूप से 65 लाख रुपये के आभूषणों का दान दिया, जिसमें 566 ग्राम सोने का मुकुट, 2 किलो चांदी का हार और 54 ग्रीम सोने के फूल शामिल थे. श्रद्धालु ने दान करते समय अपना नाम और पता नहीं बताया. गुरु पूर्णिमा के मौके पर मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे थे, जिसके चलते मंदिर में लगभग 5 घंटे तक लंबी लाईन लगी हुई थी. बता दें कि शिरडी का साईं बाबा मंदिर तकरीबन 2,000 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ देश के सबसे बड़े तीर्थस्थलों में से एक है. इसका खुद का बैंक बैलेंस ही 1,800 करोड़ रुपये है. इसके अलावा यहां 34,400 किलो से अधिक चांदी, 380 किलो सोना और विदेशी मुद्रा में नकदी भी है. शिरडी साईं बाबा देश के शीर्ष आध्यात्मिक स्थलों में से एक है. ऐसे में इसको संपत्ति लाखों श्रद्धालुओं की भक्ति से मिलती है. इसलिए यह देश के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है.

India-UK FTA: ₹863580 के एग्री एक्‍सपोर्ट टारगेट को मेगा बूस्‍ट, भारतीय किसानों की इस तरह होगी बल्‍ले-बल्‍ले

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भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर आज 24 जुलाई 2025 को औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान यह ऐतिहासिक करार किया जा रहा है, जिससे भारत के कृषि और समुद्री निर्यात को जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. खास बात यह है कि इस FTA में भारत की कृषि पहचान का सम्मान करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है. किसानों को इससे प्रत्यक्ष लाभ होने की संभावना है. भारतीय उपज की प्रीमियम बाजार तक पहुंच भी हो सकेगी. FTA के तहत भारत के किसानों को ब्रिटेन के प्रीमियम बाजारों तक शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी. समझौते में 95% कृषि उत्पादों को शून्य शुल्क श्रेणी (0 Tariff Catgory) में रखा गया है. इसमें फल, सब्जियां, अनाज, अचार, मसाला मिक्स, फलों का गूदा, रेडी-टू-ईट भोजन और प्रोसेस्ड फूड जैसे उत्पाद शामिल हैं. इससे ब्रिटैन में इनकी लैंडेड कॉस्ट घटेगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.

हल्दी, काली मिर्च, इलायची, आम का गूदा, अचार और दालों जैसे प्रमुख उत्पादों पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा. इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और निर्यातकों को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा. सरकार का दावा है कि यह FTA भारत की कृषि विविधता, वैल्यू एडिशन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा. साथ ही ग्रामीण और सीमांत किसानों तक भी इसका लाभ पहुंच सकेगा. अगले तीन वर्षों में कृषि निर्यात में 20% से अधिक वृद्धि की उम्मीद है, जो भारत के $100 बिलियन एग्री-एक्सपोर्ट लक्ष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगा.

संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षा कवच

इस FTA की एक अहम विशेषता यह है कि भारत ने अपने सबसे संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को समझदारी से इससे बाहर रखा है. डेयरी उत्पाद, सेब, जई और खाद्य तेल जैसे सेक्टर्स पर किसी तरह की रियायत नहीं दी गई है. इससे घरेलू उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाया जा सकेगा. SPS (Sanitary and Phytosanitary) प्रावधानों को सरल बनाकर भारतीय उत्पादकों के लिए ब्रिटेन के मानकों पर खरा उतरना आसान किया गया है. इससे निर्यात अस्वीकृति की दर घटेगी और भरोसा बढ़ेगा.

केंद्र से बंगाल को मिला 00 फंड, दावे पर भड़की BJP, फिर TMC ने धर दिया सबूत

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अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से काफी पहले ही पश्चिम बंगाल की राजनीति चुनावी मोड में आ गई है. केंद्र सरकार से राज्य को मिलने वाले फंड को लेकर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है. दरअसल, टीएमसी ने एक विवादास्पद पोस्ट के जरिए दावा किया कि केंद्र सरकार ने बंगाल को शून्य (00) फंड आवंटित किया है, जिसके जवाब में बीजेपी ने टीएमसी पर विचार चोरी का आरोप लगाया. हालांकि, टीएमसी ने पलटवार करते हुए योजनाओं की एक सूची जारी कर बीजेपी के दावों को खारिज करने की कोशिश की. इस सूची में दिखाया गया है कि कैसे केंद्र की कई योजनाओं को उनके मूल नामों से जोड़ा गया.

विवाद की शुरुआत

सोमवार को टीएमसी ने एक पोस्ट में केवल शून्य (0) का चित्र साझा करते हुए दावा किया कि बीजेपी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने बंगाल के लोगों के लिए कोई फंड नहीं दिया. इस पर बीजेपी पश्चिम बंगाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी और टीएमसी पर ‘क्रिएटिव चोरी’ का आरोप लगाया. उसने कहा कि पार्टी केवल विचारों की नकल करती है. इस बीच टीएमसी ने बुधवार को एक तालिका साझा की, जिसमें बीजेपी सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत अभियान, और डिजिटल को उनके मूल नामों- इंदिरा अवास योजना, निर्मल भारत अभियान और नेशनल ई गवर्नेंस प्लान के साथ जोड़ा गया. टीएमसी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या बीजेपी ने इन योजनाओं को भी रीब्रांड कर लिया है और क्या अब शून्य (0) पर भी कॉपीराइट का दावा करेगी?

योजनाओं का बदला गया नाम

टीएमसी के इस कदम को बीजेपी पर एक जोरदार प्रहार माना जा रहा है. पार्टी ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से बीजेपी ने कई मौजूदा योजनाओं को नए नाम देकर पेश किया जो मूल रूप से कांग्रेस या अन्य सरकारों की पहल थीं. इस सूची में कई अन्य योजनाओं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को नेशनल गर्ल चाइल्ड डे प्रोग्राम और मेक इन इंडिया को नेशनल मैनुफैक्चरिंग पॉलिसी से जोड़ा गया. इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि बीजेपी का नया दावा पुरानी नीतियों का महज पुनर्नामकरण है.