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मोदी सरकार के कद्दावर मंत्री ने जगदीप धनखड़ को लगाया फोन…..इस्तीफे से पहले क्या हुआ था

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जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया. उनके अचानक इस्तीफे से सियासी हलचल मच गई. अब सवाल है कि आखिर ऐसा हुआ क्या कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ा? दरअसल, सरकार को जब पता चला कि जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए विपक्ष के प्रस्ताव को जगदीप धनखड़ ने स्वीकार कर लिया है, तब आनन-फानन में कम से कम दो सीनियर केंद्रीय मंत्रियों ने उनसे संपर्क साधा था. इनमें से एक मंत्री ने फोन पर उन्हें बताया था कि उनके इस कदम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुश नहीं हैं. मगर जगदीप धनखड़ ने जवाब दिया कि वह सदन के नियमों के अनुसार ही कार्य कर रहे हैं.

एचटी की खबर के मुताबिक, हेल्थ मिनिस्टर और राज्यसभा सदस्य जेपी नड्डा और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ही सोमवार को जगदीप धनखड़ से फोन पर बात की थी. जगदीप धनखड़ को यह फोन तब आया, जब उन्होंने राज्यसभा में 63 सदस्यों के साइन किए गए जस्टिस वर्मा वाले महाभियोग नोटिस के बारे में बात की थी. बता दें कि सोमवार की रात को जगदीप धनखड़ ने अचानक इस्तीफा दिया था.
इस्तीफे से पहले क्या हुआ?

किरेन रिजिजू ने जगदीप धनखड़ से कहा था कि लोकसभा में महाभियोग पर आम सहमति बनाने की एक प्रक्रिया होती है. उन्होंने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रधानमंत्री इस अचानक हुए घटनाक्रम से खुश नहीं हैं. लेकिन जगदीप धनखड़ ने जवाब दिया कि वह सदन के नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं. इस बातचीत के बाद ही जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू ने सोमवार शाम 4:30 बजे होने वाली दूसरी बीएसी बैठक में शामिल न होने का फैसला किया. जगदीप धनखड़ और केंद्रीय मंत्री के बीच यह बातचीत सोमवार दोपहर 12:30 बजे राज्यसभा की पहली बीएसी की बैठक के बाद हुई थी.

कैसे इस्तीफे की नौबत आई?

सूत्रों की मानें तो इस बीएसी वाली बैठक की अध्यक्षता जगदीप धनखड़ कर रहे थे. शाम वाली बैठक में काफी समय तक वह जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू का इंतजार करते रहे, मगर वे नहीं आए. इसके बाद ही जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा देने का फैसला किया. बहरहाल, चुनाव आयोग ने अब नए उपराष्ट्रपति चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है. नोटिफिकेशन जारी हो चुका है और बहुत जल्द तारीख सामने आएगी.

कैसे सरकार भी चौंक गई?

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभिग प्रक्रिया को राज्यसभा में शुरू करने के जगदीप धनखड़ के कदम से सरकार आश्चर्यचकित रह गई थी. यही वह कारण था जिसके चलते उन्हें अचानक इस्तीफा देना पड़ा. सरकार चाहती थी कि यह प्रक्रिया लोकसभा से होकर गुजरे, मगर उससे पहले जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा वाला बम फोड़ दिया. सोमवार यानी 21 जुलाई की रात को जगदीप धनखड़ ने राष्ट्रपति भवन जाकर इस्तीफा दिया था. उन्होंने मानसून सत्र के पहले दिन ही इस्तीफा दिया.

‘इंडिया आउट’ से ‘भारत का द‍िल बड़ा’, मालदीव के सुर कैसे बदले

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दो साल पहले जब मालदीव में सत्‍ता पर‍िवर्तन हुआ, और मुहम्‍मद मुइज्‍जू राष्‍ट्रपत‍ि बने तो भारत और मालदीव के रिश्ते रसातल में चले गए. ‘इंडिया आउट’ का नारा देकर सत्‍ता में आए मुइज्‍जू भारत विरोधी बयानबाजी करने लगे. चीन के गुणगान करते नजर आए. लेकिन भारत की कूटनीत‍ि ने ऐसा कमाल क‍िया क‍ि वही मालदीव चीन छोड़कर अब भारत की गोद में आ बैठा है. पीएम मोदी के दौरे से पहले मालदीव में खूब चर्चा है. वहां के पूर्व विदेश मंत्री ने तो यहां तक कह द‍िया ‘भारत का द‍िल बहुत बड़ा है. उसके बिना मालदीव का काम नहीं चल सकता.’

मालदीव मामलों के जानकार पूर्व राजदूत राजीव भाटिया कहते हैं, मालदीव में पिछला राष्ट्रपति चुनाव ‘इंडिया आउट’ अभियान के आधार पर लड़ा गया था. इसी के आधार पर चुने गए नए नेता ने सोचा कि वे उन 75 भारतीय सैनिकों को हटाना चाहते हैं जो चिकित्सा आपात स्थितियों में उनके हेलीकॉप्टरों की देखभाल के लिए वहां तैनात थे. वहीं से माहौल बिगड़ गया. आमतौर पर मालदीव के राष्ट्रपति अपनी पहली यात्रा भारत की करते हैं, लेकिन मुहम्‍मद मुइज्‍जू तुर्की और चीन गए. जहां उन्होंने 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसलिए ऐसा लग रहा था कि वे भारत से नाखुश थे और दूरी बनाना चाहते थे. लेकिन बड़ी बात यह है कि मालदीव के लोगों और विभिन्न राजनीतिक दलों में भारत के लिए बहुत प्यार है. यह बात अंततः उभरी और राष्‍ट्रपत‍ि मुइज्‍जू पर दबाव बना.
चीन से उम्‍मीदें पूरी नहीं हुईं
राजीव भाटिया कहते हैं, मुहम्‍मद मुइज्‍जू को चीन से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन वह पूरी नहीं हुईं. भारत ने स्थिति को परिपक्वता और व्यावहारिकता से संभाला. हमने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और मालदीव में अपने अच्छे काम जारी रखे. फिर हमारे विदेश मंत्री ने मालदीव का दौरा किया और मुइज्‍जू पिछले साल भारत आए.

अतिथि शिक्षकों के 40 पदों का वाक-इन-इन्टरव्यू निरस्त

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आदिवासी विकास सहायक आयुक्त कोण्डागांव से प्राप्त जानकारी अनुसार शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए कोण्डागांव अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों के 40 पदों के लिए जिला स्तरीय समिति गठित कर साक्षात्कार (वाक-इन-इन्टरव्यू) का आयोजन किया गया था। जिसका वरियता सूची संस्था प्रमुखों द्वारा तैयार कर 15 जुलाई 2025 को जारी किया गया है। किन्तु वरियता सूची में अनुभव के अंक दिये जाने में संस्था प्रमुखों के द्वारा विसंगतियां हुई है। अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए साक्षात्कार (वाक-इन-इंटरव्यू) निरस्त किया गया है।P[;’/

भर्रीटोला व्यपवर्तन योजना के कार्यों के लिए 2.71 करोड़ रूपए स्वीकृत

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छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बालोद जिले के विकासखण्ड-डौण्डी की भर्रीटोला व्यपवर्तन योजना का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य हेतु 2 करोड़ 71 लाख 14 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। सिंचाई योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई 366 हेक्टेयर क्षेत्र में 104 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। मंत्रालय महानदी भवन जल संसाधन विभाग से सिंचाई योजना के कार्यों को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने दी जशपुर जिले को 11 करोड़ 52 लाख रुपए की सौगात

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मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए एक और बड़ी सौगात दी है। जिले के तीन प्रमुख नदी-नालों में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य के लिए कुल 11 करोड़ 52 लाख 43 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन निर्माण कार्यों से ग्रामीण अंचल की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी और वर्षा ऋतु में भी अब नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

तीन प्रमुख स्थलों पर होगा पुल निर्माण
लोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा जशपुर जिले के बोडोकछार से चटकपुर मार्ग पर स्थित चंपाझरिया नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 4 करोड़ 46 लाख 58 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है और पुल निर्माण से वर्षा के दिनों में बहाव से कटने वाली सड़क की समस्या स्थायी रूप से दूर होगी। जिले के भालूमुंडा-खजूरघाट मार्ग पर स्थित कोकिया नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण हेतु 3 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पुल के निर्माण से ग्रामीणों को पूरे साल निर्बाध रूप से आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी। डूमरबहार से तमता मार्ग पर शेखरपुर के पास गुढ़ा नाला पर 3 करोड़ 73 लाख 85 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि आपातकालीन सेवाएं भी सुगमता से पहुंच सकेंगी।

इन पुलों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेंगी। जिससे कृषि, व्यापार, स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों में सुधार होगा। मुख्यमंत्री साय द्वारा जिले के विकास के लिए निरंतर की जा रही घोषणाएं और स्वीकृतियाँ यह दर्शाती हैं कि राज्य सरकार जशपुर जैसे दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।वहीं क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री साय का आभार जताया है।

नौनिहालों के पोषण के साथ ही सुरक्षित और सुनहरा भविष्य देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि नौनिहालों के पोषण और उनको सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बच्चों के समुचित विकास हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ मिलकर कार्य करना होगा।

मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित योजनाओं की जिलेवार नियमित मॉनिटरिंग सचिव स्तर से की जाए तथा आगामी कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में इसकी गहन समीक्षा की जाएगी।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत संरचना, बजट और संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विभाग बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के पोषण एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों की देखभाल और पोषण जितनी संवेदनशीलता और कुशलता से की जाएगी, उनका शारीरिक और मानसिक विकास उतना ही प्रभावी और सुदृढ़ होगा।

बच्चे हमारे देश के भविष्य की नींव हैं और इस नींव को मजबूत करने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अमले को जमीनी स्तर पर सक्रियता और स्वप्रेरणा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को पूरक पोषण आहार और विभागीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो।

उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहार, गर्म भोजन, उसकी मात्रा, गुणवत्ता और कैलोरी मानकों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और वितरण की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई।

पीएम जनमन योजना अंतर्गत संचालित 197 आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की जानकारी ली तथा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बच्चों के पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण सूचकांकों की समीक्षा करते हुए अपेक्षित सुधार लाने हेतु ठोस प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सूचकांकों के माध्यम से वास्तविक स्थिति का आंकलन संभव होता है, और जहां भी कमी दिखाई दे, वहां त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि यह प्रगति इसी प्रकार सतत बनी रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास पर छोटी-छोटी बातों और व्यवहार का गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संवेदनशीलता के साथ बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव बनाएं।

विभागीय अमले के नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि वे तकनीकी रूप से दक्ष और अनुसंधानपरक दृष्टिकोण के साथ परिणामोन्मुखी कार्य कर सकें।

बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला कोष, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मिशन वात्सल्य तथा अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका ने ड़ॉ. सारस्वत पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त किया

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राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका ने प्रोफेसर डॉ. विरेन्द्र कुमार सारस्वत को पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय बिलासपुर का कुलपति नियुक्त किया गया है।
राज्यपाल द्वारा डॉ. सारस्वत की नियुक्ति पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (संशोधन अधिनियम, 2006, 2010 एवं 2019) की धारा 9(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। उनका कार्यकाल, परिलब्धियां तथा सेवा शर्ते विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम में निहित प्रावधान अनुसार होंगी।
वर्तमान में डॉ. सारस्वत, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

देश को रचनात्मक दिशा देने का कार्य किया है भारतीय मजदूर संघ ने – अरुण साव

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज भिलाई के बैकुंठ नगर में भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहां अंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने की। विधायक श्री रिकेश सेन और ललित चन्द्राकर तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सब भारतीय मजदूर संघ का 70वां स्वर्णिम स्थापना दिवस मना रहे हैं। उन्होंने संघ के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि मजदूर भाईयों ने विगत 70 सालों से भारतीय मजदूर संघ के साथ ही देश को रचनात्मक दिशा देने का कार्य किया है। भारतीय मजदूर संघ दुनिया का सबसे बड़ा संघ है। इसने देश को आत्मनिर्भर बनाने में सरकार और मजदूरों के मध्य सेतु का कार्य किया है। श्री साव ने कहा कि मोदी सरकार समाज के सभी वर्गों के हित में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है। श्रमिकों का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने संघ की मांग पर भवन के लिए पदाधिकारियों से जमीन की व्यवस्था करने का आग्रह किया। उन्होंने भवन के निर्माण के लिए हरसम्भव सहयोग का भरोसा दिलाया।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कार्यक्रम में भारत की आजादी के बाद गठित विभिन्न मजदूर संघों और उनकी विचारधारा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विधायक रिकेश सेन ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारतीय मजदूर संघ एक संगठन नहीं विचारधारा है। विधायक ललित चन्द्राकर ने कहा कि संघ मजदूरों के हितों के साथ ही राष्ट्रीय हित के लिए भी काम करते आ रहा है। भिलाई में बड़ी संख्या में मजदूर विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत् हैं। वे सभी भारतीय मजदूर संघ से जुड़े हैं। स्थापना दिवस कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, मजदूर और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

रेल यात्रियों की फिर बढ़ेगी मुश्किलें, 22 एक्सप्रेस व 4 पैसेंजर ट्रेनें हुईं रद्द, कुछ के मार्ग बदले गए

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छत्तीसगढ़ से रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है. यहां बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनों को रद्द किया गया है. 24 अगस्त से 26 अगस्त 2025 तक अलग- अलग दिनों में रद्द रहेंगी. बिलासपुर रेल मंडल के किरोड़ीमल नगर स्टेशन में नॉन इंटरकनेक्टिविटी व रायगढ़–झारसुगुड़ा सेक्शन में तीसरी और चौथी रेलवे लाइन का विद्युतीकरण के लिए ट्रेनों को रद्द किया गया है.

इन एक्सप्रेस ट्रेनों को किया गया रद्द
दिनांक 23 से 26 अगस्त, 2025 तक टाटा से चलने वाली टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक को बिलासपुर से चलने वाली 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 23 अगस्त, 2025 को सांतरागाछी से चलने वाली 20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
दिनांक 25 अगस्त, 2025 को पुणे से चलने वाली 20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 22 अगस्त, 2025 को हावड़ा से चलने वाली 12870 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 24 अगस्त, 2025 को मुंबई से चलने वाली 12869 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 25 अगस्त, 2025 को हटिया से चलने वाली 22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 27 अगस्त, 2025 को पुणे से चलने वाली 22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 27 अगस्त, 2025 को पुरी से चलने वाली 20813 पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 30 अगस्त, 2025 को जोधपुर से चलने वाली 20814 जोधपुर–पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .

ये भी रहेंगी रद्द
दिनांक 23 अगस्त, 2025 को उदयपुर से चलने वाली 20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 24 अगस्त, 2025 को शालीमार से चलने वाली 20972 शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 27 अगस्त, 2025 को गया से चलने वाली 22358 गया-कुर्ला एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 29 अगस्त, 2025 को कुर्ला से चलने वाली 22357 कुर्ला-गया एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 27 अगस्त, 2025 को पोरबंदर से चलने वाली 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 29 अगस्त, 2025 को शालीमार से चलने वाली 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 22 अगस्त, 2025 को वास्को-द-गामा से चलने वाली 17321 वास्को-द-गामा-जसीडीह एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 25 अगस्त, 2025 को जसीडीह से चलने वाली 17322 जसीडीह-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 21 अगस्त, 2025 को हैदराबाद से चलने वाली 17005 हैदराबाद-रक्सोल एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 24 अगस्त, 2025 को रक्सोल से चलने वाली 17006 रक्सोल-हैदराबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 23, 25 एवं 26 अगस्त, 2025 को कुर्ला से चलने वाली 12101 कुर्ला–शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 25, 27 एवं 28 अगस्त, 2025 को शालीमार से रवाना होने वाली 12102 शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस रद्द रहेगी .

पैसेंजर ट्रेन भी रहेंगी रद्द
दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक रायगढ़ से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 68737 रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी .
दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक बिलासपुर से चलने वाली 68738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द रहेगी .
दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक रायगढ़ से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी .
दिनांक 23 से 26 अगस्त, 2025 तक बिलासपुर से चलने वाली 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द रहेगी .

लड़कियों को किडनैप कर देह व्यापार में धंकेलने का चला रहे थे गंदा खेल, कोर्ट ने आरोपियों को दे दी बहुत बड़ी सजा

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छत्तीसगढ़ के सरगुजा में लड़कियों को किडनैप करके देह व्यापार में धकेलने के मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है. सरगुजा जिला सत्र न्यायालय के विशेष कोर्ट ने इस मामले में आरोपियों को 14-14 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई है. जिन तीन आरोपियों को कोर्ट ने सजा सुनाई है उसमें दो महिला और एक पुरुष शामिल है. यह घटना जशपुर जिले के तपकरा थाना क्षेत्र में हुई थी.

इन आरोपियों को कोर्ट ने दी सजा
दरअसल न्यायालय विशेष न्यायाधीश अंबिकापुर केएल चरयाणी की अदालत ने आरोपी विमला यादव कासाबेल जशपुर, नीलू उर्फ निर्मला नायक और उसके पति कोमल अहिरवार को भारतीय दंड संहिता की धारा आरोपित धाराओं 120 बी, 363, 365, 366 क, 368 व 370 के तहत दोषी ठहराते हुए को 14-14 वर्ष कठोर कारावास और 8- 8 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है.

पीड़िताओं की उम्र 18 वर्ष से भी कम थी. आरोपियों ने इन किशोरियों को देहव्यापार में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा था. पीड़िताओं के पिता की मौत हो चुकी थी. जिससे उनके रिश्तेदार उनका पालन पोषण कर रहे थे.12 अप्रैल 2024 को यह तीनों किशोरियां गायब हो गईं थी. जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया.

खोजबीन करने पर ग्रामीणों ने यह जानकारी दी थी कि विमला यादव स्कूटी से बालिकाओं को ले जाते देखी गई है. जिससे परिजनों ने विमला यादव के खिलाफ तपकरा थाने में अपराध पंजीबद्ध कराया था. पुलिस ने जब संदेही महिला को पकड़ कर पूछताछ की तो चौंकाने वाला मामले का खुलासा हुआ.पुलिस ने बालिकाओं को बरामद कर उनका बयान भी दर्ज किया. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में संपूर्ण साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सजा सुनाई है.मामले में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक गौरांगों सिंह ने की.