Home Blog Page 541

NHM : त्योहारी सीजन में वेतन न मिलने से कर्मचारी पर आर्थिक संकट…

0

हड़ताल समाप्त हुए 10 दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन अब तक उन्हें दो माह का वेतन नहीं मिला है और न ही उनकी मांग पूरी हुई।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों की एक महीने लंबी चली हड़ताल समाप्त हुए 10 दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन अब तक उन्हें दो माह का वेतन नहीं मिला है और न ही उनकी मांग पूरी हुई। त्योहारी सीजन में वेतन न मिलने से कर्मचारी गहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, जिससे उनके और उनके परिवार के लिए दशहरा का उत्सव फीका रहा, और दिवाली को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।

प्रदेश में संविलियन और स्थायीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे, जो 33 दिनों तक चली। कर्मचारी संघ ने बताया था कि संघ से चर्चा के बाद सरकार ने संविलियन और नियमितीकरण को छोड़कर अन्य मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिसके बाद हड़ताल समाप्त की गई थी।

हड़ताल खत्म हुए 10 दिन से ज्यादा बीतने के बावजूद, किसी भी मांग पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों को हड़ताल अवधि का वेतन तो दूर, उससे पहले पिछले माह (अगस्त) का रुका हुआ वेतन भी जारी नहीं किया गया है। एनएचएम कर्मचारी संघ ने बताया कि हड़ताल के कारण अगस्त माह की 30 तारीख को मिलने वाला वेतन रोक दिया गया था।

हड़ताल खत्म करवाते समय सरकार ने हड़ताल अवधि को अनुपस्थित न मानकर वेतन भुगतान का वादा किया था, लेकिन अगस्त और सितंबर माह का वेतन अभी तक नहीं भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अधिकांश कर्मचारियों के पास त्योहारी सीजन में परिवार और बच्चों के लिए नए कपड़े लेने के लिए भी पैसे नहीं हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से चर्चा के दौरान बर्खास्त किए गए 25 एनएचएम कर्मचारियों की बहाली और हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान समेत कई मांगों पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में एनएचएम कर्मचारियों को लेकर किसी तरह की चर्चा नहीं हुई, जिससे कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है। इसके लिए सरकार को संघ की ओर से ज्ञापन सौंपे जाने की तैयारी है।

CG: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक बार फिर देश से नक्सलवाद को खत्म कर देने की बात कही। कहा कि अभी कुछ काम हुआ है, कुछ बाकी है…

0

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज बस्तर दौरे पर है। वे जगदलपुर में बस्तर दशहरा की प्रमुख रस्म मुरिया दरबार में शामिल होने के बाद लालबाग मैदान पहुंचे। यहां सभा को संबोधित करते हुए गृहमंत्री शाह ने एक बार फिर नक्सलियों के खात्मे को लेकर कहा कि 31 मार्च 2026 के बाद नक्सली बस्तर के विकास और आपके अधिकार को रोक नहीं पाएंगे। अभी कुछ काम हुआ है कुछ काम होना बाकी है।

आगे कहा कि इस देश की धरती से नक्सलवाद को अलविदा कहने के लिए 31/3/2026 की तारीख तय की गई है। कुछ लोग (नक्सलियों से) बातचीत की बात करते हैं। मैं एक बार फिर स्पष्ट करना चाहता हूँ: हमारी दोनों सरकारें, छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार, बस्तर और पूरे नक्सली क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित हैं। इसमें बात करने की क्या बात है? हमने एक बहुत ही आकर्षक आत्मसमर्पण नीति बनाई है। आइए, हथियार डाल दीजिए। अगर आप हथियार उठाकर बस्तर की शांति भंग करने की कोशिश करेंगे, तो हमारे सशस्त्र बल, सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस जवाब देंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री सभा से पहले दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे। जहां माता की आरती कर सुख समृद्धि की कामना की, साथ ही मां दंतेश्वरी से जवानों के लिए शक्ति और पराक्रम मांगा। इसके बाद मुरिया दरबार में शामिल हुए, यहां र​श्म निभाई और समस्याएं सुनीं। बता दें कि मंत्री अमित शाह देश के पहले केंद्रीय गृहमंत्री हैं जो बस्तर दशहरा के किसी रस्म में शामिल हुए। वहीं मंच पर एक बार फिर नक्सलियों को चेतावनी देते हुए भटके हुए युवकों को मुख्य धारा में लौटने की बात कही। कहा कि 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद को मिटा देंगे।

शांति वार्ता पर केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा- किस चीज की वार्ता करें, आइए हथियार डाल दीजिए, शांति को बिगाड़ा तो हमारी फ़ोर्स मिलकर जवाब देंगे। नक्सलवाद की विदाई अब करीब है। आगे कहा ​कि मैं अपील करने नहीं आए हूं, जो युवा गुमराह होकर भटक गए हैं उसे मसझाइए और मुख्य धारा में लौट आए। इसमें सरकार मदद करेंगी। सभी लोग सरेंडर करें और आपने गांव को नक्सल मुक्त बनाए। साथ ही नक्सल मुक्त घोषित होते ही विकास के लिए शासन की ओर से 1 करोड़ रुपए दी जाएगी।

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली के लोगों ने भ्रम फैलाया, नक्सलवाद ने बस्तर को विकास से दूर किया, लेकिन अब भाजपा शासन में मुफ्त स्वास्थ्य बीमा, 3100 रुपये प्रति क्विंटल पर धान खरीदी की। महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए ​दिए जा रहे हैं। अब नक्सल मुक्त गांव घोषित होने पर विकास के लिए 1 करोड़़ रुपए देने की घोषणा हुई है।

गृहमंत्री शाह ने कहा, “अगर 140 करोड़ की आबादी स्वदेशी के संकल्प को अपना ले, तो हमारे भारत को दुनिया की शीर्ष आर्थिक व्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में जीएसटी दरों में कमी करके बहुत बड़ी राहत प्रदान की है। अगर हम स्वदेशी की संस्कृति को अपनाएंगे, तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ी गति मिलेगी।”

CG: कलेक्टर को पद से हटाने की मांग को लेकर भाजपा के पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर अपनी ही सरकार के विरोध में प्रदर्शन…

0

कोरबा के जिला कलेक्टर को पद से हटाने की मांग को लेकर भाजपा के पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर अपनी ही सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना देने की तैयारी कर कर रहे कंवर को पुलिस ने घेराबंदी करके रोका है। वहीं मौके पर अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं।

राज्य के पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता ननकीराम कंवर शुक्रवार को रायपुर पहुंचे तो अचानक राजनीतिक हलचल तेज हो गई। जानकारी के मुताबिक, वे मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देने की तैयारी में थे। जैसे ही इसकी सूचना प्रशासन को मिली, तो पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर दी।

इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और ननकीराम कंवर को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, वे कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग पर अड़े रहे और कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, वे आंदोलन जारी रखेंगे।

कंवर ने कहा कि वे लंबे समय से प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो वे मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देंगे।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अतिरिक्त बल को तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

CG: 1,000 करोड़ रुपये के एनजीओ घोटाले में आरोपित रहे सभी अधिकारी अब सेवानिवृत्त…

0

छत्तीसगढ़ में हुए 1000 करोड़ के NGO Scam मामले में जांच को लेकर सीबीआई को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि आरोपित रहे सभी अधिकारी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें पेंशन मिल चुका है। अधिकारियों का कहना है कि मामला कोर्ट में होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी थी।

समाज कल्याण विभाग में हुए 1,000 करोड़ रुपये के एनजीओ घोटाले में आरोपित रहे सभी अधिकारी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जिनमें दो पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड और सुनील कुजूर भी शामिल हैं। ये स्थिति तब है जब इस मामले में पूर्व मुख्य सचिव अजय सिंह की कमेटी ने जांच करके अनियमितताओं की जानकारी देते हुए रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसके आधार पर आगे जांच होनी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

विभागीय जिम्मेदारों का तर्क कि तब तक मामला कोर्ट में चला गया था, इसके कारण विभागीय कार्रवाई नहीं हो पाई और सभी आरोपितों को सेवानिवृत्ति के बाद नो ड्यूज प्रमाणपत्र व पेंशन दे दी गई। अब हाईकोर्ट ने रोक हटाते हुए सीबीआइ को 15 दिनों के भीतर सोसायटियों से जुड़े दस्तावेज जब्त करने और दर्ज एफआइआर पर कार्रवाई तेज करने का आदेश दिया है। जानकारों का कहना है कि जांच में दोष सिद्ध होने पर सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन रोकने और नुकसान की वसूली करना सरकार के लिए चुनौती होगी।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सरकार का चलेगा हंटर! कैश ऑन डिलीवरी फीस पर शुरू की जांच, ग्राहकों से ठगी पर लगेगी लगाम

0
केंद्र सरकार अब Amazon और Flipkart जैसी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों की जांच कर रही है. ये जांच कैश ऑन डिलीवरी यानी सीओडी पर लगने वाली अतिरिक्त फीस को लेकर है. सरकार देख रही है कि क्या ये कंपनियां ग्राहकों को पहले पेमेंट करने के लिए मजबूर कर रही हैं और अगर प्रीपेड ऑर्डर कैंसल हो जाए तो रिफंड में देरी या रुकावट क्यों होती है.
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, दो लोगों ने इस जानकारी को दिया है लेकिन अपने नाम नहीं बताए हैं. उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय इन शिकायतों की समीक्षा कर रहा है. जल्द ही ई-कॉमर्स कंपनियों, उपभोक्ता अधिकार संगठनों और उद्योग समूहों के साथ बातचीत होगी ताकि ऐसा समाधान निकाला जाए जो कंपनियों की जरूरतों और ग्राहकों की सुरक्षा में संतुलन बनाए. ये जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं है, इसलिए लोगों ने नाम नहीं बताया.

कंपनियां सीओडी के लिए चार्ज कर रही है इतनी फीस

मंत्रालय ने शिकायतों की संख्या नहीं बताई, लेकिन ग्राहकों से कहा गया है कि वे नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करें. मंत्रालय के मुताबिक, कई ग्राहक सीओडी पर लगने वाली फीस से बचने के लिए पहले पेमेंट कर रहे हैं. Amazon सीओडी के लिए 7 से 10 रुपये चार्ज करता है, जबकि फ्लिपकार्ट और फर्स्टक्राई 10 रुपये अतिरिक्त लेते हैं.
भारत का ई-कॉमर्स बाजार अभी करीब 160 बिलियन डॉलर का है. इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन की मई 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, ये 2030 तक 345 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. 881 मिलियन इंटरनेट यूजर्स के साथ भारत 2030 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑनलाइन रिटेल मार्केट बन सकता है. ऐसे में ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव बहुत जरूरी है.
जब कोई ग्राहक सीओडी चुनता है, तो फ्लिपकार्ट का मैसेज आता है कि हैंडलिंग कॉस्ट की वजह से 10 रुपये की छोटी फीस लगेगी. ऑनलाइन पेमेंट करके इसे टाला जा सकता है. अमेज़न भी कहता है कि 10 रुपये का कन्वीनियंस फीस लागू होगा.

फीस और डिलीवरी में देरी से ग्राहकों को परेशानी

मिंट के एक सूत्र ने जानकारी दी है कि ये प्लेटफॉर्म सीओडी पर फीस लगाकर ग्राहकों को पहले पेमेंट करने के लिए दबाव डाल रहे हैं, जो उपभोक्ता अधिकारों के खिलाफ है. मंत्रालय इन मामलों की जांच कर रहा है. कॉमर्स के लोग कहते हैं कि ये छोटी फीस बार-बार ऑर्डर कैंसल होने से रोकने के लिए है, क्योंकि इससे इन्वेंटरी और लॉजिस्टिक्स की प्लानिंग बिगड़ती है. लेकिन कंज्यूमर वॉयस जैसे उपभोक्ता संगठन कहते हैं कि ये फीस और डिलीवरी में देरी ग्राहकों को परेशान कर रही है. ग्राहकों को लगता है कि उनका पैसा ब्लॉक हो रहा है और कंपनियां उस पर ब्याज कमा रही हैं. सरकार को इस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि ऑनलाइन शॉपिंग ग्राहकों के लिए आसान और भरोसेमंद बने.
इंडस्ट्री वाले कहते हैं कि ये फीस बहुत कम है और इसका मकसद बार-बार ऑर्डर कैंसल रोकना है, जो इन्वेंटरी और लॉजिस्टिक्स को बिगाड़ता है. लेकिन कंज्यूमर वॉयस जैसे संगठन कहते हैं कि ये चार्ज और डिलीवरी में देरी चिंता की बात है. ग्राहक ठगा हुए महसूस करते हैं क्योंकि उनका पैसा ब्लॉक रहता है और कंपनियां उस पर ब्याज कमा लेती हैं. सरकार को ऐसे मुद्दों पर सख्ती करनी चाहिए ताकि ऑनलाइन शॉपिंग सबके लिए आसान और सुरक्षित बने.

पीतल की सीढ़ी से लेकर दरबार में लगे कॉल बेल तक…सरगुजा के महल में 6 दिनों तक मनता दशहरा

0
बुराई पर अच्छाई की जीत यानी दशहरा वर्षों से मनाया जा रहा है वहीं सरगुजा में भी रियासत काल से जुड़ी परम्परा का राज घराना दशहरा के दिन निर्वहन किया जाता है क्या खास मान्यता है देखिए ग्राउंड रिपोर्ट…

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में दशहरा पर्व आज भी रियासतकालीन परंपराओं के साथ मनाया जाता है. सरगुजा रियासत में यह दिन खास महत्व रखता था, जब राजदरबार सजता था और आम जनता घंटों इंतजार के बाद राजा के दर्शन करती थी. कचहरी में राजा स्वयं बैठकर जनता की समस्याएं सुनते थे. ढोल-नगाड़ों और राजशाही अंदाज में दशहरा मनाया जाता था, जहां लोग राजा को नजराना भेंट करते और शस्त्र पूजा की जाती थी. समय के साथ भले ही बहुत कुछ बदला हो, लेकिन दशहरा मनाने की परंपरा अब भी रघुनाथ पैलेस में जीवंत है. आज भी इस अवसर पर आम जनता के लिए महल के द्वार खोले जाते हैं और लोग वर्तमान उत्‍तराधिकारी टी.एस. सिंहदेव (टीएस बाबा) से मुलाकात करते हैं.

रियासत काल से जुड़ी पारंपरिक पूजा के बारे में जानिए
सरगुजा राजपरिवार द्वारा प्रत्येक वर्ष दशहरा के लिए फाटक, अश्व, गज, शस्त्र, नगाड़ा, नवग्रह, ध्वज, निशान सहित अन्य पूजा परंपरा अनुसार राजपरिवार के मुखिया व 117 वे उतरा अधिकारी टीएस सिंहदेव सहित उनके उत्तराधिकारी आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने की। पूर्वजों से चली आ रही परंपरा का राजपरिवार ने निर्वहन किया. दशहरा का पर्व राज रियासत के प्रति एक मान्यता का प्रतीक है जिसमें दशहरा के दिन आकर राजपरिवार से जुड़े लोग एवं आमजन राजा के प्रति अपना विश्वास प्रकट करते हैं. नज़राना पेश करते हैं.
कैसे तैयार होता था रघुनाथ पैलेस जानिए
इस पैलेस को बनाने और इसमें बेहतरीन साज सज्जा का श्रेय महारानी विजेश्वरी को जाता है महारानी विजेश्वरी नेपाल राजघराने से थी. जिनका विवाह सरगुज़ा राजपरिवार में हुआ था महारानी विजेश्वरी ने नेपाल के पैलेस की तर्ज पर नक्शा तैयार किया और इंजीनियर की टीम को पैलेस निर्माण का जिमा सौंपा गया पैलेस के आंगन में बचपन से रहने वाले और राजपरिवार के करीबी गोविंद शर्मा बताते हैं कि, यह पैलेस 11 एकड़ जमीन में फैला हुआ था. जिसमे बॉटनिकल गार्डन भी शामिल था. पैलेस में 7 आंगन हैं मुख्य द्वार के बगल में एक कुंआ है.
इस पैलेस के हर आंगन, हर चीज की अपनी एक कहानी है, बेहद खास है यहां की हर चीज. पैलेस के अंदर जाते ही पहला आंगन है. जिसमे शीशे के दरवाजे लगे हैं. इस दरवाजे के पीछे पीतल की सीढ़ी है. पीतल सीढ़ी भी बेहद खास मकसद से बनवाई गई थी. असल में जब महाराज दरबार में होते थे तो उन्हें खाना खाने या अन्य किसी काम से महारानी के कक्ष के क्षेत्र में आना होता था तो लंबा रास्ता तय करना पड़ता था. महाराज समय के बड़े पाबंद थे जिसे देखते हुए पीतल की सीढ़ी बनाई गई यह सीढ़ी महाराज के दरबार और महारानी के कक्ष का एक शॉर्ट कट रास्ता था. जब भी महारानी को महाराज से कोई काम होता वो इसी रास्ते से आकर अपनी बात कह देतीं. दरबार में महाराज को सूचना देने के लिए कॉल बेल लगाई गई थी

ट्रंप टैरिफ से भारत को नुकसान नहीं होने देगा रूस, पुतिन ने दिया बड़ा आदेश

0
अमेरिका ने भारत को झुकाने के लिए 50 फीसदी टैरिफ लगाया. डोनाल्ड ट्रंप ने सोचा इससे भारत-रूस की दोस्ती टूट जाएगी. भारत टैरिफ के दबाव में रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा. इससे रूस कमजोर पड़ जाएगा. रूस-यूक्रेन खत्म हो जाएगा. मगर ट्रंप की सोच से भी आगे निकली भारत-रूस की दोस्ती. जी हां,ट्रंप के टैरिफ का असर अब उल्टा हो रहा है. भारत और रूस की दोस्ती और मजबूत हो रही है. यही कारण है कि रूस अब अपने दोस्त भारत को टैरिफ से अधिक नुकसान नहीं होने देगा. ट्रंप टैरिफ से भारत को हो रहे नुकसान की भरपाई खुद रूस करेगा. इसका आदेश भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दे दिया है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को अपनी सरकार को आदेश दिया है कि वह नई दिल्ली की ओर से कच्चे तेल के भारी आयात के कारण भारत के साथ व्यापार असंतुलन को कम करने के उपाय करे. साउथ रूस के काला सागर रिसॉर्ट में गुरुवार शाम भारत सहित 140 देशों के सुरक्षा और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अंतर्राष्ट्रीय वल्दाई चर्चा मंच से बोलते हुए पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि रूस और भारत के बीच कभी कोई समस्या या तनाव नहीं रहा है और उन्होंने हमेशा अपनी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए हैं.
पुतिन ने कहा कि भारत के साथ रूस का कभी कोई समस्या या अंतर्राज्यीय तनाव नहीं रहा. कभी नहीं. व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया और कहा कि वे उनके भरोसेमंद संबंधों में सहज महसूस करते हैं. पुतिन ने मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादी सरकार की सराहना की और उन्हें एक संतुलित, बुद्धिमान और राष्ट्र हितैषी नेता बताया.
भारत के नुकसान की भरपाई करेगा रूस
पुतिन ने कहा कि भारत में हर कोई यह बात अच्छी तरह जानता है. खासकर रूस से तेल आयात रोकने के अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज करने के भारत के फैसले के बारे में. उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी. साथ ही इससे भारत को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी.’
क्या है रूस का प्लान
पुतिन ने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से और अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है. पुतिन ने कहा, ‘भारत से और अधिक कृषि उत्पाद खरीदे जा सकते हैं. औषधीय उत्पादों और दवाइयों के लिए हमारी ओर से कुछ कदम उठाए जा सकते हैं.’ उन्होंने रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाओं का जिक्र किया, मगर इन अवसरों को पूरी तरह से खोलने के लिए विशिष्ट मुद्दों को सुलझाने की जरूरत को भी स्वीकार किया. पुतिन ने वित्तपोषण, रसद और भुगतान संबंधी बाधाओं को प्रमुख चिंताओं के रूप में चिन्हित करते हुए कहा कि हमें अपने अवसरों और संभावित लाभों को खोलने के लिए सभी तरह के कार्यों को हल करने की ज़रूरत है.

मीराबाई चानू ने फिर लहराया देश का परचम, वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल

0
भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू (48 किग्रा) ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीत कर देशवासियों को एक बार फिर जश्न मनाने का मौका दिया है. उन्होंने 48 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीत एक और खास उपलब्धि अपने करियर में हासिल की. इससे पहले भी वह दो बार पोडियम पर रह चुकी हैं. भारत की शान इस एथलीट ने 2017 में वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीता था जबकि 2022 की सिल्वर मेडलिस्ट रही थी.

मीराबाई चानू ने वर्ल्ड चैंपियनशिप कुल 199 किग्रा (स्नैच में 84 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 115 किग्रा) उठाकर इस बार भारत के लिए फिर से मेडल पक्का किया. चानू ने 49 किग्रा वर्ग से नीचे आकर यह उपलब्धि हासिल की. स्नैच में चानू को संघर्ष करना पड़ा और वह दो बार 87 किग्रा उठाने में असफल रहीं, लेकिन क्लीन एंड जर्क में उन्होंने अपनी लय वापस पाई और तीनों प्रयासों में सफल रहीं.
क्लीन एंड जर्क में पूर्व वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर चानू ने 109 किग्रा, 112 किग्रा और 115 किग्रा का वजन आसानी से उठाया. आखिरी बार उन्होंने 115 किग्रा का वजन टोक्यो ओलंपिक 2021 में उठाया था, जहां उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था. मुख्य कोच विजय शर्मा ने पहले पीटीआई को बताया था कि इन वर्ल्ड चैंपियनशिप का उद्देश्य 200 किग्रा का मार्क पार करना और 49 किग्रा वर्ग में चानू द्वारा उठाए गए वजन को फिर से उठाना था.
उत्तर कोरिया की री सोंग गुम ने 213 किग्रा (91 किग्रा 122 किग्रा) के प्रभावशाली प्रयास के साथ गोल्ड मेडल जीता, जिसमें उन्होंने कुल वजन और क्लीन एंड जर्क में नए वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए. उन्होंने अपने आखिरी दो प्रयासों में 120 किग्रा और 122 किग्रा का वजन उठाया. थाईलैंड की थन्याथोन सुकचारोएन ने 198 किग्रा (88 किग्रा 110 किग्रा) के कुल वजन के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता.

जर्मनी में अचानक से 17 ड्रोन ने फैलाया आतंक! म्यूनिख एयरपोर्ट बंद किया गया……फ्लाइट्स डायवर्ट

0
जर्मनी का म्यूनिख एयरपोर्ट, जो देश का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, शुक्रवार को ड्रोन दिखने के कारण बंद करना पड़ा. एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, इस घटना में 17 फ्लाइट्स रद्द हो गईं और करीब 3,000 यात्री फंस गए.सिर्फ इतना ही नहीं, 15 फ्लाइट्स को स्टटगार्ट, नूर्नबर्ग, फ्रैंकफर्ट और पड़ोसी ऑस्ट्रिया के विएना एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा. यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा लेकिन एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि हालात काबू में हैं और सुबह 5 बजे से संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा. यह घटना ऐसे समय हुई है जब हाल के दिनों में यूरोप के कई नाटो देशों में ड्रोन देखे जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. पिछले हफ्ते ही डेनमार्क और पोलैंड के हवाई क्षेत्र में अज्ञात ड्रोन देखे गए थे, जिससे हवाई यातायात घंटों बाधित रहा.

म्यूनिख एयरपोर्ट, जो जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा का हब है, ने इस साल के पहले छह महीनों में करीब 2 करोड़ यात्रियों को संभाला है. इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के बीच अचानक ड्रोन अलर्ट से न केवल एयरपोर्ट बल्कि पूरी एयरलाइंस व्यवस्था प्रभावित हुई. एक यात्री ने एयरपोर्ट हेल्पलाइन पर बताया- ‘कुछ फ्लाइट्स उड़ान भरने का इंतजार कर रही हैं, कुछ रद्द हो गई हैं. हालांकि स्थिति नियंत्रण में है.’ म्यूनिख सिर्फ एक उदाहरण है. पिछले हफ्ते ही डेनमार्क में कई एयरपोर्ट्स पर ड्रोन दिखे थे, जिससे दसियों हजार यात्री प्रभावित हुए. इसके बाद डेनमार्क ने सभी नागरिक ड्रोन उड़ानों पर रोक लगा दी.

क्या रूस से आ रहे ड्रोन?

ड्रोन घटनाओं को लेकर यूरोपीय संघ (EU) के नेताओं की बैठक गुरुवार को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में हुई. यहां सुरक्षा एजेंसियों ने साफ कहा कि ये घटनाएं रूस की चुनौती का हिस्सा हो सकती हैं. हालांकि डेनमार्क ने सीधा आरोप नहीं लगाया, लेकिन प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने इशारों में रूस की ओर उंगली उठाई. उन्होंने कहा- ‘यूरोप को अब अपनी सुरक्षा खुद मजबूत करनी होगी. हमें न सिर्फ ड्रोन बनाने की क्षमता बढ़ानी है, बल्कि एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैयार करने होंगे.’/
यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ‘ड्रोन वॉल’ बनाने का विचार पेश किया है. इसका मतलब है कि यूरोप की पूर्वी सीमाओं पर एक ऐसा सुरक्षा जाल तैयार किया जाए जिसमें सेंसर, रडार और हथियार तैनात हों, ताकि किसी भी संदिग्ध ड्रोन को तुरंत पहचानकर गिराया जा सके. नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने भी इस विचार का समर्थन करते हुए कहा कि यह बेहद ‘जरूरी और समय पर लिया गया कदम’ है.

शतक की ओर केएल राहुल की नजर, कुछ ही देर में शुरू होगा दूसरे दिन का खेल

0
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैच की सीरीज का पहला मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है. मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए वेस्टइंडीज की पारी सिर्फ 162 रन पर सिमट गई. जिसके जवाब में भारत अपने पहले दिन के स्कोर 121/2 से आगे बढ़ रहा है.

सिर्फ 41 रन पीछे भारत
टॉस जीतकर जब वेस्टइंडीज ने पहले बैटिंग का हिम्मत भरा फैसला लिया तो हर कोई हैरान रह गया. मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह ने मिलकर कैरेबियाई बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस किया. बाद में भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद 121 रन बनाए, जिसके आधार पर वेस्टइंडीज से अब टीम इंडिया सिर्फ 41 रन ही पीछे है.

शतक की ओर राहुल की निगाहें
स्टंप्स के समय लोकेश राहुल 53 और कप्तान शुभमन गिल 18 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे. इंग्लैंड दौरे पर शानदार लय दिखाने वाले राहुल शतक बनाना चाहेंगे, जबकि ‘लोकल ब्वॉय’ गिल भी बड़ी पारी की ओर देख रहे हैं. इससे पहले भारत ने यशस्वी जायसवाल (36) और साई सुदर्शन (सात) के के रूप में दो विकेट गंवाए हैं. ये विकेट जायडेन सील्स और रोस्टन चेज को मिले.
सिराज की भारत में करियर की बॉलिंग
इससे पहले शुरुआती सत्र में पिच पर घास की मौजूदगी के बावजूद तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा मदद नहीं दिखी लेकिन बुमराह और सिराज ने शानदार ‘लाइन और लैंग्थ’ से बल्लेबाजों को परेशान किया. मोहम्मद सिराज ने 40 रन देकर चार विकेट लिए. वह भले ही फाइव विकेट हॉल से चूक गए, लेकिन भारत में अपने करियर की बेस्ट बॉलिंग का रिकॉर्ड बना गए.