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“9 महीनों में आए 28 हजार से ज्यादा भूकंप, वैज्ञानिकों ने बताई हैरान करने वाली वजह, क्यो आ रहे बार-बार Earthquakes”

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9 महीनों में आए 28 हजार से ज्यादा भूकंप, वैज्ञानिकों ने बताई हैरान करने वाली वजह, क्यो आ रहे बार-बार Earthquakes.

धरती के भीतर चल रही हलचल जब सतह पर असर दिखाने लगती है, तो उसका नतीजा अक्सर विनाशकारी होता है। ग्रीस के सुंदर लेकिन ज्वालामुखीय इतिहास से जुड़े सेंटोरिनी द्वीप पर बीते 9 महीनों में जो कुछ हुआ है, वह न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।

 यहां एक के बाद एक आए हजारों भूकंपों ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर इतनी बार धरती क्यों कांप रही है?

अब इस रहस्य से पर्दा उठ चुका है। वैज्ञानिकों ने महीनों की रिसर्च और जमीनी जांच के बाद साफ किया है कि इन लगातार आ रहे भूकंपों के पीछे एक ही वजह है – धरती के गर्भ से ऊपर की ओर उठता हुआ मैग्मा।

लगातार कांप रही धरती के पीछे की कहानी सेंटोरिनी द्वीप पर जब 2024 के जुलाई महीने से भूकंप के झटकों की शुरुआत हुई, तो वैज्ञानिकों को शक हुआ कि यह कोई सामान्य भूकंपीय गतिविधि नहीं है। शुरुआत में कम तीव्रता वाले झटकों की संख्या बढ़ती गई, और 2025 के शुरुआती महीनों में यह आंकड़ा तेजी से ऊपर जाने लगा। अब तक यहां 28,000 से ज्यादा भूकंप रिकॉर्ड किए जा चुके हैं।

इस असामान्य गतिविधि की तह तक जाने के लिए वैज्ञानिकों ने द्वीप के आसपास और पास के समुद्री इलाके में भूगर्भीय उपकरण लगाए। खासतौर पर ‘कोलुम्बो’ नामक अंडरवॉटर वोल्केनो, जो सेंटोरिनी से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, उस पर फोकस किया गया।

AI और भूगर्भीय आंकड़ों से मिला चौंकाने वाला सच रिसर्च टीम ने इस डेटा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से एनालाइज़ किया और यह निष्कर्ष निकाला कि करीब 300 मिलियन क्यूबिक मीटर मैग्मा धरती की गहराई से ऊपर की ओर बढ़ रहा है। जब मैग्मा ऊपर की ओर उठता है, तो वह चट्टानों को तोड़ता हुआ रास्ता बनाता है – यही प्रक्रिया भूकंप की मुख्य वजह है।

इस स्टडी के प्रमुख लेखक और GFZ रिसर्च सेंटर के जियोफिजिसिस्ट डॉ. मारियस इस्केन ने बताया कि यह पहली बार है जब वैज्ञानिक इतनी स्पष्टता से मैग्मा की गति और दिशा को समझ पाए हैं। उनके अनुसार, इस बार की हलचल ने हमें यह भी बताया कि ज्वालामुखी गतिविधियों को समझने के लिए सतह के नीचे हो रहे बदलावों पर नजर रखना कितना जरूरी है।

टेक्टोनिक प्लेटों की टकराहट और ज्वालामुखी की भूख सेंटोरिनी और उसके आसपास का इलाका भूगर्भीय रूप से बेहद सक्रिय है। यह क्षेत्र विभिन्न माइक्रोप्लेट्स के टकराने और सरकने की वजह से प्रभावित रहता है। इन्हीं प्लेट्स के खिसकने से पृथ्वी की परतों में दरारें बनती हैं, और पिघलती चट्टानों से बनता है मैग्मा – जो समय के साथ सतह की ओर बढ़ता है और ज्वालामुखीय गतिविधियों को जन्म देता है।

कोलुम्बो अंडरवॉटर वोल्केनो भी इस भूगर्भीय हलचल का एक सक्रिय हिस्सा है, और इसके नीचे दबा हुआ मैग्मा फिलहाल फिर से हरकत में है।

इतिहास खुद को दोहराता है? सेंटोरिनी का भूगर्भीय इतिहास भी डरावना रहा है। साल 1956 में यहां भयंकर भूकंप आए थे – सिर्फ 13 मिनट के भीतर दो बड़े झटकों ने इस क्षेत्र को हिला दिया था, जिनकी तीव्रता क्रमशः 7.4 और 7.2 मापी गई थी। उन झटकों के कारण इलाके में सुनामी भी आई थी।

अब 2025 में फिर से उसी क्षेत्र में लगातार भूकंप दर्ज किए जा रहे हैं, और वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि इनका केंद्र ठीक वही है, जहां 1956 में था। इस बार मैग्मा करीब 18 किलोमीटर गहराई से ऊपर उठकर केवल 3 किलोमीटर की गहराई तक आ चुका है, जो कि एक संभावित खतरे की ओर इशारा करता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल सेंटोरिनी में किसी बड़े ज्वालामुखी विस्फोट की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन जिस तरह से मैग्मा लगातार ऊपर बढ़ रहा है और धरती को हिला रहा है, उससे यह तय है कि सतर्कता बेहद जरूरी है। इस रिसर्च ने यह भी दिखा दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मॉडर्न टेक्टोनिक स्टडीज़ किस तरह भविष्य की आपदाओं को समझने और उनसे बचने का मौका दे सकती हैं।

“PM मोदी ने किया BSNL 4G का उद्घाटन, डिजिटल इंडिया को मिलेगी नई गति”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (27 सितंबर) ऑडिशा में कई विकास परियोजनाओं के साथ BSNL का 4G नेटवर्क लॉन्च किया। इस नई तकनीक से देश के कोने-कोने में लोगों को तेज और विश्वसनीय इंटरनेट की सुविधा मिलेगी।

बीएसएनएल के 4G नेटवर्क को 98,000 साइट्स पर रोलआउट किया गया है। इसे स्वदेशी टेक्नोलॉजी से तैयार किया गया है और इसे भविष्य में आसानी से 5G में अपग्रेड किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मील का पत्थर है और देश के हर क्षेत्र में विश्वस्तरीय दूरसंचार सेवाएं लाएगा। BSNL ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए लिखा कि यह सिर्फ तेज इंटरनेट नहीं है, बल्कि नई आशा, नए अवसर और नया भारत है। बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क देश को तकनीकी दृष्टि से और मजबूत बनाएगा।

BSNL 4G: आत्मनिर्भर भारत में बड़ी उपलब्धि बीएसएनएल का 4G स्टैक आत्मनिर्भर भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी बल्कि देश की तकनीकी क्षमता में भी मजबूती आएगी। बीएसएनएल अब जल्द ही 5G रोलआउट के जरिए एडवांस टेक्नोलॉजी की मजबूत नींव तैयार करेगा।

“Heavy Rain Alert: सितंबर में गर्मी और उमस ने फिर दी दस्तक, इन राज्यों के लिए जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट”

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दिल्ली और कई राज्यों में गर्मी और उमस ने फिर दस्तक दे दी है। IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून कुछ इलाकों में वापस आ चुका है, जबकि कई राज्यों में अब मानसून की विदाई नजर आएगी।

आइए जानते हैं आज का मौसम और कहां-कहां होगी बारिश।

दिल्ली-एनसीआर में मौसम दिल्ली और एनसीआर में गर्मी और उमस अभी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक आज अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। वहीं 29 सितंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है।

इन जगहों पर हो सकती है भारी बारिश बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव वाला क्षेत्र बन रहा है। यह 27 सितंबर की सुबह तक नॉर्थ आंध्र प्रदेश और साउथ ओडिशा के तटों से टकरा सकता है। इस कारण ओडिशा में रेड अलर्ट और आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 26-30 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है।

पहाड़ी इलाकों में मौसम जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून कुछ दिनों के लिए गायब रहा। उत्तराखंड में अगले 4-5 दिनों तक मौसम शुष्क और धूप वाला रहेगा। हिमाचल प्रदेश में भी मानसून लौट चुका है, लेकिन भारी बारिश की संभावना नहीं है। पहाड़ी इलाकों में सुबह-शाम ठंडक रहेगी और दोपहर के समय मौसम शुष्क रहेगा।

“आई लव मुहम्मद लिखे पोस्टरों से संबंधित कई प्राथमिकी और गिरफ्तारियों को चुनौती, दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर”

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मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एमएसओ) और सुन्नी समूह रजा अकादमी ने आई लव मुहम्मद लिखे पोस्टरों से संबंधित कई प्राथमिकी और गिरफ्तारियों को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है।

उन्होंने दावा किया है कि ये पोस्टर भक्ति की अभिव्यक्ति थे।

जनहित याचिका में दावा किया गया है कि दर्ज की गई प्राथमिकी ‘सांप्रदायिक प्रकृति’ की हैं और याचिकाकर्ताओं के ‘मौलिक अधिकारों’ का उल्लंघन करती हैं।

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि ये प्राथमिकी उत्तर प्रदेश के कैसरगंज और बहराइच सहित विभिन्न स्थानों पर मुस्लिम समुदाय के उन साधारण नागरिकों के खिलाफ दर्ज की गईं, जिन्होंने केवल धार्मिक त्योहारों को मनाने और पोस्टरों, बैनरों तथा शांतिपूर्ण सभाओं के माध्यम से ईश्वर के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त करने की कोशिश की।

याचिका में कहा गया है, हालांकि, किसी भी ठोस या स्वतंत्र साक्ष्य के बिना, बहुसंख्यक समुदाय के सदस्यों द्वारा उन्हें कई आपराधिक मामलों में फंसाया गया है, जिन्होंने उन पर दंगा भड़काने, आपराधिक धमकी और शांति भंग करने के आरोप लगाए। यह विवाद नौ सितंबर को शुरू हुआ, जब कानपुर पुलिस ने बारावफात जुलूस के दौरान सार्वजनिक सड़क पर ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे बोर्ड लगाने के आरोप में नौ नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। हिंदू समूहों ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे परंपरा से विचलन और जानबूझकर उकसावे वाला कृत्य बताया था।

“ओवैसी ने बिहार में राजद से गठबंधन पर कहा, राजनीति में एकतरफा मोहब्बत नहीं चलती”

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनावों के लिए राजद के साथ गठबंधन की इच्छा जताई थी, लेकिन वहां से सकारात्मक जवाब नहीं मिला।

 हैदराबाद के सांसद ओवैसी इन दिनों पूर्वी बिहार के सीमांचल क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं जहां मुस्लिम आबादी का बड़ा हिस्सा है।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ”गठबंधन की हमारी इच्छा कमजोरी का संकेत नहीं थी। हम चुनाव जीतने के लिए लड़ेंगे। लेकिन राजनीति में एकतरफा मोहब्बत नहीं चलती। ऐसी बातें सिर्फ फिल्मों में अच्छी लगती हैं, जहां कॉलेज जाने वाले लड़का-लड़की के किरदार निभाए जाते हैं।”

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित उत्तर प्रदेश में ”आई लव मोहम्मद” लिखे पोस्टरों पर विवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर ओवैसी ने कहा, ”पैगंबर के प्रति मुसलमानों की मोहब्बत जताने में कोई आपत्तिजनक बात नहीं है। मुझे समझ नहीं आता भाजपा-आरएसएस को समस्या क्या है?”

ओवैसी ने कहा, ”अगर उन्हें ‘आई लव मुहम्मद’ नारा देशविरोधी लगता है तो इसका मतलब है कि वे मोहब्बत के ही खिलाफ हैं। हालांकि फिल्मों में प्यार के किस्से देखना उन्हें अच्छा लगता है।”

ओवैसी ने कहा, ”भारत की खूबसूरती इसकी विविधता में है, जहां अलग-अलग धर्मों को पनपने का अवसर मिला है। संविधान ने हर नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता दी है।” उन्होंने दावा किया, ”भारत में मुसलमान भले ही बहुसंख्यक न हों, लेकिन पूरे उपमहाद्वीप के किसी भी देश की तुलना में उनकी संख्या यहां सबसे अधिक है। भाजपा-आरएसएस देश को बदनामी कर रहे हैं।

“बिहार में NDA का ‘महामंथन’, अमित शाह ने फूंका चुनावी बिगुल, दो-तिहाई बहुमत का लक्ष्य”

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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को समस्तीपुर जिले के सरायरंजन और अररिया जिले के जोगबनी के पास फोर्ब्सगंज में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने यह जानकारी दी। पत्रकारों से बात करते हुए, जायसवाल ने कहा कि अमित शाह आगामी चुनावों के लिए निर्देश दे रहे हैं और एनडीए कार्यकर्ता विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं।

दिलीप जायसवाल ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं और जिला कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं। कल उन्होंने बेतिया, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण में 300 कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। जायसवाल ने संवाददाताओं से कहा कि आज उन्होंने समस्तीपुर के सरायरंजन और अररिया जिले के जोगबनी के पास फोर्ब्सगंज में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। वे आगामी चुनावों के लिए निर्देश दे रहे हैं। भाजपा और एनडीए कार्यकर्ता विधानसभा में दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल करने के लिए उत्साह दिखा रहे हैं और एकजुटता के साथ काम कर रहे हैं।

अमित शाह 26-27 सितंबर को बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं, इस दौरान वे कई बैठकें कर रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं। इस बीच, दिलीप जायसवाल ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बिहार दौरे को लेकर उन पर तंज कसा और उन पर राज्य के लोगों पर की गई गालियों की तारीफ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “उन्हें पाँच साल बाद बिहार की याद आई। अब जब चुनाव सामने हैं, तो वह बिहार का दौरा कर रही हैं। जब दिल्ली और पंजाब में बिहारियों के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो प्रियंका गांधी ताली बजाती हैं। आप किस मुँह से बिहार आ रहे हैं?”

कोई मोदी वोदी सरकार नहीं है अडानी अम्बानी का सरकार है। ये लोग उनके मोहरें है हर जगह पर चाहे जमीन हो या जंगल सब अडानी को दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी अडानी के गुलाम बनने वाला है क्योंकि मैं देख रहा हूँ सब जगह अडानी कब्जा कर लिया है।हमारे बच्चे आगे चलकर अडानी के लिए काम करेंगे या घंटा बजाएंगे।

“हैदराबाद में भारी बारिश से तबाही, मूसी नदी में बाढ़, 1,000 लोगों को निकाला गया”

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हैदराबाद में शनिवार को भारी बारिश हुई, जिसके कारण शहर के जुड़वां जलाशयों, हिमायतसागर और उस्मानसागर के द्वार अधिकारियों द्वारा खोलने के बाद चदरघाट पुल के पास मुसी नदी उफान पर आ गई।

हैदराबाद और तेलंगाना के अन्य हिस्सों में मूसी नदी के उफान पर होने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लगभग 1,000 लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। जलाशय के गेट खोलने के बाद नदी के पास के घरों में पानी भर गया। अधिकारियों ने बताया कि राहत शिविरों में स्थानांतरित किए गए निवासियों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएँ प्रदान की गईं। एएनआई के अनुसार, मूसलाधार बारिश के कारण तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के मीरपेट नगर निगम क्षेत्र के मिथिला नगर कॉलोनी में भी भारी जलभराव हो गया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी मूसी नदी में भारी बाढ़ के बाद स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को नदी से सटे सभी इलाकों में स्थिति पर नज़र रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से एहतियात के तौर पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित करने को भी कहा। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने आगे कहा कि अधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को तेलंगाना के कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। पुलिस अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर चदरघाट पुल के पास की सड़क को बंद कर दिया, जिससे क्षेत्र में भारी यातायात जाम हो गया।

तेलंगाना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने अधिकारियों को जलमग्न सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रोकने और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के एक प्रमुख बस परिसर, महात्मा गांधी बस स्टेशन (एमजीबीएस) में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे बस सेवाएं ठप हो गईं। परिसर में बसों का इंतज़ार कर रहे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

“2 साल बढ़ सकता है संसदीय समितियों का कार्यकाल, शशि थरूर को होगा सीधा फायदा”

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सरकार संसदीय समितियों के पुनर्गठन पर विचार कर रही है, क्योंकि अधिकांश समितियों का कार्यकाल 20 सितंबर को समाप्त हो गया था। सरकार कथित तौर पर इन समितियों को एक वर्ष का विस्तार देने पर विचार कर रही है।

ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि संसदीय स्थायी समितियों के कई अध्यक्षों का मानना ​​है कि विधेयकों और विषयों की गहन जाँच के लिए वर्तमान एक वर्ष का कार्यकाल अपर्याप्त है। एक राय में कहा गया है कि एक वर्ष की समय सीमा बहुत कम है। सरकार कार्यकाल बढ़ाने पर विचार कर रही है, साथ ही वह कई सांसदों के अनुरोधों की भी समीक्षा कर रही है जो एक समिति से दूसरी समिति में स्थानांतरित होना चाहते हैं। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में विधेयकों की अधिक गहन जाँच की जाए।

यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद शशि थरूर के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष हैं। पार्टी के भीतर हाल के तनावों के बावजूद, इस विस्तार से उन्हें दो साल के लिए अपना पद बरकरार रखने का मौका मिलेगा। संसदीय स्थायी समितियाँ स्थायी निकाय होती हैं जिनमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों के निश्चित संख्या में सांसद होते हैं। ये समितियाँ कानूनों की जाँच, सरकारी नीतियों की समीक्षा, बजट आवंटन की जाँच और पूछताछ तथा साक्ष्य संकलन के माध्यम से मंत्रालयों को जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

जब संसद सत्र में नहीं होती है, तो ये समितियाँ “लघु-संसद” के रूप में कार्य करती हैं, जिससे सांसदों को पूर्ण संसदीय सत्र की प्रतीक्षा किए बिना नीतियों और कानूनों की विस्तृत निगरानी करने की अनुमति मिलती है। वर्तमान में, समितियों का पुनर्गठन प्रतिवर्ष किया जाता है। हालाँकि, विपक्षी दलों सहित कई सांसदों ने कार्यकाल को कम से कम दो वर्ष तक बढ़ाने की माँग की है, क्योंकि उनका तर्क है कि जटिल विषयों की व्यापक जाँच के लिए एक वर्ष पर्याप्त नहीं है।

हालांकि समिति अध्यक्षों के बदलने की संभावना कम है, लेकिन नए सदस्यों का कार्यकाल दोगुना किया जा सकता है ताकि अधिक निरंतरता सुनिश्चित हो सके और समितियाँ अपने विधायी और नीतिगत कार्यों पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकें।

“दक्षिण अमेरिका दौरे पर राहुल गांधी, कई देशों के नेताओं और छात्रों से करेंगे मुलाकात”

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कांग्रेस नेता और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार को घोषणा की कि वरिष्ठ विपक्षी नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी दक्षिण अमेरिका की यात्रा पर रवाना हुए हैं। अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से जानकारी देते हुए, खेड़ा ने लिखा, “लोकसभा में विपक्ष के नेता, राहुल गांधी, दक्षिण अमेरिका की यात्रा पर रवाना हुए हैं।

उनका चार देशों के राजनीतिक नेताओं, विश्वविद्यालय के छात्रों और व्यापारिक समुदाय के सदस्यों से मिलने का कार्यक्रम है।” इस साल अप्रैल में संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी पिछली यात्रा के बाद, यह राहुल गांधी का नवीनतम विदेश दौरा है।

इस यात्रा के दौरान, राहुल गांधी का बोस्टन लोगान अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारतीय प्रवासी कांग्रेस के सदस्यों ने स्वागत किया, और प्रवासी कांग्रेस प्रमुख सैम पित्रोदा ने स्वयं उनकी अगवानी की। कांग्रेस पार्टी ने तब X पर पोस्ट किया था, “विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बोस्टन, अमेरिका के बोस्टन लोगान अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।” वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बोस्टन में प्रवासी भारतीयों को भी संबोधित किया था, जहाँ उन्होंने आरोप लगाया था कि भारतीय चुनाव आयोग “समझौता” कर रहा है। महाराष्ट्र चुनावों का उदाहरण देते हुए, राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव प्रणाली में कुछ बुनियादी तौर पर गड़बड़ है।

राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “महाराष्ट्र में कुल मतदाताओं की संख्या से ज़्यादा लोगों ने मतदान किया, और यह एक सच्चाई है… चुनाव आयोग ने हमें शाम लगभग 5:30 बजे एक आँकड़ा दिया, और दो घंटे में लगभग 7:30 बजे, 65 लाख मतदाताओं ने मतदान किया, जो शारीरिक रूप से असंभव है…।” उनके इस बयान की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आलोचना की और उन पर राष्ट्रीय संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी की दक्षिण अमेरिका यात्रा से उनके चल रहे अंतर्राष्ट्रीय संपर्क अभियान के तहत, चार देशों के राजनीतिक प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालय समुदायों और व्यावसायिक क्षेत्र सहित विविध हितधारकों के साथ बातचीत की उम्मीद है।

“ओडिशा में PM मोदी ने बरसाई 60 हजार करोड़ की सौगातें, विकास को मिलेगी ‘डबल इंजन’ रफ्तार”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर को ओडिशा में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। ओडिशा के झारसुगुड़ा में, उन्होंने दूरसंचार, रेलवे, स्वास्थ्य सेवा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण आवास से जुड़ी 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।

इन परियोजनाओं की प्रमुख विशेषताओं में स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके लगभग 97,500 4G टावरों की स्थापना और ओडिशा तथा पड़ोसी राज्यों में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए रेलवे के बुनियादी ढांचे का प्रमुख उन्नयन शामिल है।

मोदी ने ब्रह्मपुर और उधना (सूरत) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई, जो राज्यों के बीच किफायती और आरामदायक संपर्क प्रदान करेगी, पर्यटन को बढ़ावा देगी, रोजगार के अवसर पैदा करेगी और प्रमुख आर्थिक जिलों को जोड़ेगी। इस दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा कि ओडिशा को प्रकृति ने अपार उपहार दिए हैं। ओडिशा ने कई दशक कष्ट देखे हैं, लेकिन यह दशक ओडिशा को समृद्धि की ओर ले जाएगा। यह दशक ओडिशा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने हाल ही में ओडिशा के लिए दो सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दी है… ओडिशा में एक सेमीकंडक्टर पार्क भी बनाया जाएगा।

मोदी ने कहा कि नवरात्रि का पर्व चल रहा है और ऐसे पावन दिनों में मुझे मां समोली और मां रामोचंडी देवी की इस भूमि पर आप सभी के दर्शन का सौभाग्य मिला है। आपका आशीर्वाद ही हमारी शक्ति है। मैं आप सभी को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल पहले, विधानसभा चुनाव के दौरान ओडिशा के लोगों ने एक नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने का प्रण लिया था, ये संकल्प था विकसित ओडिशा। आज हम देख रहे हैं, ओडिशा डबल इंजन की रफ़्तार से आगे बढ़ने लगा है। आज फिर एक बार, ओडिशा के विकास के लिए, देश के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का काम शुरू हुआ है। आज से BSNL का नया अवतार भी सामने आया है। BSNLकी स्वदेशी 4G सर्विसेज लॉन्च हुई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा बहुत जोर गरीबों को, दलितों को, पिछड़ों को, आदिवासियों को मूल सुविधाएं पहुंचाने पर है। जब एक गरीब परिवार को पक्का घर मिलता है, तो वर्तमान ही नहीं, भावी पीढ़ियों का जीवन भी आसान हो जाता है। हमारी सरकार देशभर के 4 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को पक्का घर दे चुकी है। ओडिशा में भी हजारों घर बनाने का काम चल रहा है। आज करीब 50,000 परिवारों को घर की स्वीकृति मिली है।

उन्होंने कहा कि जो भी देश आर्थिक रूप से सशक्त होना चाहता है, वो बड़े-बड़े जहाज निर्माण पर बहुत बल देता है। व्यापार हो, तकनीकी हो या फिर देश की सुरक्षा – जहाज निर्माण से हर जगह फायदा होता है। अपने जहाज होंगे तो संकट के समय दुनिया के साथ आयात-निर्यात में रुकावट नहीं आएगी। इसलिए भाजपा सरकार ने देश में बड़े-बड़े जहाज निर्माण के लिए 70 हजार करोड़ रुपये का पैकेज स्वीकृत किया है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि चिप से लेकर जहाज तक, भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। कोई भी देश जो आर्थिक रूप से मज़बूत बनना चाहता है, वह जहाज निर्माण को बहुत महत्व देता है। चाहे व्यापार हो, तकनीक हो या राष्ट्रीय सुरक्षा, जहाज निर्माण हर क्षेत्र में लाभ प्रदान करता है।