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“Navratri 2025 Sawari: 22 सितंबर से शारदीय नवरात्रि, इस बार हाथी पर सवार होकर आ रहीं मां दुर्गा, जानें शुभ है या अशुभ”

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Shardiya Navratri 2025 Kab Hai: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri 2025) का विशेष महत्व है. यह पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. शारदीय नवरात्रि के खास मौके पर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना की जाती है. शारदीय नवरात्रि आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को प्रारंभ होती है और नवमी तिथि तक चलती है. नवरात्रि में भक्त नौ दिनों तक माता की पूजा करते हैं और उपवास रखते हैं. दरअसल, इस समय शरद ऋतु प्रारंभ हो जाती है इसलिए इसे शारदीय नवरात्रि कहते हैं. इसी दिन घटस्थापना की जाएगी.

शारदीय नवरात्रि 2025 तिथि (Shardiya Navratri 2025 Date) हिंदू पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि का त्योहार हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हो जाता है और शारदीय नवरात्रि के दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है. इस साल शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर, 2025 से शुरू हो रहा है. वहीं समापन 01 अक्टूबर को होगा. इसके अगले दिन 2 अक्टूबर को विजयदशमी का पावन पर्व मनाया जाएगा.

शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की उपासना करने से साधक के जीवन में आने वाले सभी दुख और संकट दूर हो जाते हैं और मां दुर्गा की कृपा सदैव बनी रहती है.

शारदीय नवरात्रि 2024 शुभ मुहूर्त (Shardiya Navratri 2025 Shubh Muhurat हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ 22 सितंबर, 2025 को रात 01: 23 बजे से हो रहा है, जो 23 सितंबर को रात 02: 55 बजे तक है. ऐसे में उदया तिथि के मुताबिक शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर, 2024 आरंभ हो रही है. शारदीय नवरात्र के आखिरी में कन्या पूजन करने का विधान है. कन्या पूजन आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी या नवमी तिथि पर किया जाता है. इससे साधक को पूजा का पूरा फल मिलता है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है.

शारदीय नवरात्र 2025 घटस्थापना शुभ मुहूर्त (Sharadiya Navratri 2025 Ghatsthapana Muhurat) वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 22 सितंबर, 2025 की रात 01: 23 बजे हो रही है, जबकि समापन 23 सितंबर की रात 02:55 बजे होगा. वहीं शारदीय नवरात्र में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:09 बजे से लेकर सुबह 08:06 बजे तक है. ऐसे में घटस्थापना के लिए आपको 2 घंटे 3 मिनट का समय मिलेगा. इसके अलावा आप अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना कर सकते हैं. अभिजीत मुहूर्त 22 सितंबर की सुबह 11:49 बजे से लेकर दोपहर 12:38 बजे तक है. इन दोनों ही मुहूर्त में घटस्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सकते हैं.

हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा (Shardiya Navratri 2025 Maa Durga Sawari) हिंदू धर्म में मां दुर्गा की सवारी का विशेष महत्व है. हर बार नवरात्रि में माता रानी अलग-अलग वाहन से पृथ्वी पर आगमन करती हैं. इस साल शारदीय नवरात्रि में मां भगवती हाथी यानी गज पर सवार होकर धरती पर आएंगी. वहीं मनुष्य के कंधे पर प्रस्थान करेंगी. बता दें कि मां दुर्गा की सवारी हाथी सुख समृद्धि का प्रतीक जाता है. ऐसी मान्यता है कि जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं तो देश में धन-धान्य की वृद्धि होती है. साथ ही यह सवारी उन्नति का संकेत माना जाता है.

शारदीय नवरात्रि 2025 में मां दुर्गा की सवारी (Shardiya Navratri 2025 Maa Durga Ki Sawari) इस साल शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की सवारी हाथी होगी और वो हाथी पर सवार होकर स्वर्ग से धरती पर आएंगी. मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि मां की यह सवारी शांति और समृद्धि का प्रतीक है. साथ ही मां की यह सवारी इस बात का संकेत है कि साल 2025 में अच्छी बारिश होगी, जो की फसल के लिए बहुत अच्छा है. इससे देश में अन्न-धन्न का भंडार बढ़ेगा.

CG: रेलवे यात्रियों को बड़ा झटका, छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली कई ट्रेनें रद्द, यहां देखें लिस्ट…

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धनबाद मंडल (परसनाथ, छपरा, प्रधानखंटा) और दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर और खड़गपुर मंडलों में चल रहे आंदोलनों के कारण रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रणाली और अन्य रेल मार्गों पर कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई ट्रेनें बदले हुए रूट से चलाई जा रही हैं। इससे यात्रियों का काफी परेशानी हो रही है।

कई डाउन ट्रेनें प्रभावित

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की कई डाउन ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। उदाहरण के लिए, दुर्ग-आरा (13287) अब बिलासपुर-न्यू कटनी जंक्शन-कटनी-माणिकपुर-प्रयागराज छीवकी-दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन-आरा मार्ग से चलेगी।

इसी तरह, वास्को डि गामा-जसीडीह (17321) और पुणे-हावड़ा (12129) जैसी ट्रेनों को भी परिवर्तित मार्गों जैसे इब-झारसुगुड़ा रोड-कपिलास रोड-खड़गपुर के जरिए चलाया जा रहा है।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी-टाटानगर (18110) को झारसुगुड़ा पर शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। अन्य रेलवे की ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं।
संबलपुर-जम्मूतवी (18309), संबलपुर-गोरखपुर (15027), और भुवनेश्वर-नई दिल्ली (20817) जैसी ट्रेनें अब इब-झारसुगुड़ा रोड-बिलासपुर-न्यू कटनी जंक्शन-माणिकपुर-प्रयागराज मार्ग से चलेंगी।

ये ट्रेनें रद्द की गई

आंदोलन के कारण निम्नलिखित महत्वपूर्ण ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।

बिलासपुर-टाटानगर (18114), हावड़ा-पुणे (12222), टाटानगर-बिलासपुर (18113), हावड़ा-सीएसएमटी मेल (12810), और शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस (12906) शामिल हैं। ये रद्दीकरण 20 और 21 सितंबर 2025 की तारीखों के लिए लागू हैं।

 

रायपुर शहर का वीआईपी रोड अब वन-वे रहेगा। वाहन चालक सोमवार से इस मार्ग के बीच वाले हिस्से का इस्तेमाल केवल नवा रायपुर, माना एयरपोर्ट की ओर जाने के लिए कर सकेंगे।

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छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर का वीआईपी रोड अब वन-वे रहेगा। वाहन चालक सोमवार से इस मार्ग के बीच वाले हिस्से का इस्तेमाल केवल नवा रायपुर, माना एयरपोर्ट की ओर जाने के लिए कर सकेंगे। उसी तरह नवा रायपुर, एयरपोर्ट आदि से शहर की ओर आने के लिए मुख्य रोड के किनारे बनी दोनों सर्विस रोड का इस्तेमाल करेंगे। इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों पर 2500 रुपए का जुर्माना लगेगा।

इसके लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो रांग साइड चलने पर ई-चालान करेंगे। उल्लेखनीय है कि करीब 6 साल पहले वीआईपी रोड को बनाया गया था। उस समय इसी तरह की व्यवस्था करनी थी, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। अब बढ़ते सडक़ हादसों को रोकने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। रविवार को ट्रैफिक पुलिस ने इसकी तैयारियों का जायजा लिया।

इस मार्ग का उपयोग सबसे ज्यादा एयरपोर्ट जाने और नवा रायपुर जाने वाले करते हैं। एयरपोर्ट पर समय पर पहुंचने के चक्कर में वाहन चालक अधिक रफ्तार से चलते हैं। इस मार्ग में बड़ी संख्या में होटल, क्लब, कैफे और पब हैं, जिसमें से देर रात तक लोग शराब पीकर बाहर निकलते हैं। फिर अधिक रफ्तार में गाडिय़ां चलाते

10 सितंबर को जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में वीआईपी रोड को वनवे घोषित करने तथा अन्य वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद रविवार को नगर निगम, परिवहन व यातायात पुलिस की टीम ने वीआईपी रोड का निरीक्षण किया। एयरपोर्ट तक जल्दी पहुंचने के लिए इसका उपयोग लोग करेंगे।

माना एयरपोर्ट, ग्राम फुंडहर, टेमरी व माना पीटीएस की ओर से शहर आने वाले लोग सर्विस रोड का उपयोग कर आवागमन कर सकेंगे। श्रीराम मंदिर टर्निंग से विमानतल के अलावा अन्य गंतव्य को जाने वाले सर्विस रोड से चलेंगे।

माना विमानतल प्रवेश मार्ग, माना पीटीएस चौक, ग्राम टेमरी ,ग्राम फुंडहर चौक, मौलश्री विहार से मध्य मार्ग में प्रवेश को रोकने के लिए इन स्थानों पर मध्य मार्ग में रांग वे डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं। इसके जरिए ई-चालान की कार्रवाई की जाएगी।

वीआईपी रोड के मध्य मार्ग को वन-वे दर्शाने और वापस आने वालों को मध्य मार्ग में प्रवेश न करने की जानकारी देते हुए आवश्यक स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। वन-वे का उल्लंघन करने पर मोटरयान अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। 2500 रु. जुर्माना लगेगा।

माना विमानतल जाने वाले वीआईपी मार्ग में श्रीराम मंदिर के सामने से नवा रायपुर और विमानतल प्रवेश मार्ग तक 3 मार्ग हैं। एक मध्य मार्ग और दोनों ओर एक-एक सर्विस रोड है। माना विमानतल जाने वालों के लिए मध्य मार्ग तथा रोड के दोनों ओर होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों में आवागमन करने वालों के लिए सर्विस रोड दिया गया है।

माना विमानतल, होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों, गांवों से शहर की ओर आने-जाने वाले मध्य मार्ग का ही उपयोग करते हैं, जिससे मध्य मार्ग में ट्रैफिक दबाव बढ़ गया है। ओवरटेक और रफ्तार के चलते सडक़ दुर्घटनाएं बढ़ी हैं।

वर्तमान में वीआईपी रोड के बीच वाले हिस्से में ही दोनों ओर से वाहनों का आना-जाना होता था। वाहनों की रफ्तार अधिक होती थी। इसके चलते सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले 20 माह में इस मार्ग पर 55 सडक़ हादसे हो चुके हैं। माना और तेलीबांधा थाने में दर्ज मामलों के अनुसार इन सडक़ हादसों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 59 लोग घायल भी हो चुके हैं।

एसएसपी डॉक्टर लाल ने वीआईपी मार्ग का उपयोग करने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे माना एयरपोर्ट जाने के लिए ही बीच सडक़ का उपयोग करें। शहर की ओर वापसी के लिए सर्विस रोड का इस्तेमाल करें। बीच वाले सडक़ से शहर की ओर आने पर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कृपया सर्विस रोड से ही वापसी करें।

 

CG: पांच शक्तिपीठों के कॉरिडोर के लिए राज्य सरकार ने सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारी…

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छत्तीसगढ़ सरकार ने पांच शक्तिपीठों के कॉरिडोर का विकास शुरू किया। नवरात्रि 2025 से पहले मां दंतेश्वरी और मां महामाया शक्तिपीठ में सौंदर्यीकरण, सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारी।

छत्तीसगढ़ की पांच शक्तिपीठों के कॉरिडोर के लिए राज्य सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने की कवायद शुरू कर दी है। राज्य सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने काम करना भी शुरू कर दिया है।

जिला प्रशासन को इसके लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है, जिसमें शक्तिपीठों को पर्यटन क्षेत्र में विकसित करने के साथ ही जमीनों के चिन्हांकन के साथ अन्य सुविधाएं शामिल हैं। मंडल ने इस प्रोजेक्ट के लिए कंसलटेंसी की नियुक्ति की है। दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर व रतनपुर स्थित मां महामाया शक्तिपीठ में डेवलपमेंट का प्रस्ताव जिला प्रशासन से पर्यटन मंडल को प्राप्त हो चुका है।

शक्तिपीठों में यह सुविधाएं; नीलू शर्मा, चेयरमैन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल: सौंदर्यीकरण, गार्डन, ठहने की व्यवस्था, लाइटिंग, हवन-पूजन स्थल, रेलिंग, पानी, सामुदायिक शौचालय, बैठने की व्यवस्था, रोप-वे, पर्यटन मंडल का केंद्र, सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा व्यवस्था और होम स्टे आदि। छत्तीसगढ़ की पांच शक्तिपीठों की परियोजना के लिए जिला प्रशासन से प्रस्ताव मंगाया जा रहा है। यह राज्य सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना है। श्रीराम वन गमन प्रोजेक्ट में अधूरे कार्य पूरे होंगे।

प्रोजेक्ट पर रोक हटेगी; श्रीराम वन गमन प्रोजेक्ट में अघोषित रोक हटाई जाएगी। आस्था के इस महत्वपूर्ण विषय पर राज्य सरकार इस पर काम शुरू कर सकती है। सरकार बदलने के बाद श्रीराम वन गमन प्रोजेक्ट में इस समय कार्य बंद हैं। पिछली सरकार ने प्रोजेक्ट के अंतर्गत 75 स्थानों को विकसित करने का निर्णय लिया था, जिसके एवज में निर्माण एजेंसियों को 82 करोड़ रुपके के करीब भुगतान हो चुका है। सत्ता के गलियारों में प्रोजेक्ट के नाम पर संशोधन आदि विषय पर भी चर्चा गर्म है।

मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़

1600 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर छत्तीसगढ़ ही नहीं देश-विदेशों में भक्तों के लिए आस्था का केंद्र हैं। मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास 2500 वर्ष से भी प्राचीन बताया जाता है। केंद्र सरकार ने यहां प्रसाद योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर की परियोजना की घोषणा की है।

मां महामाया मंदिर रतनपुर

बिलासपुर-कोरबा मार्ग पर महामाया देवी का यह मंदिर 1050 ईसवी में बनना बताया जाता है। राजा रत्नदेव प्रथम द्वारा स्थापित मंदिर क्षेत्र को कलचुरियों की राजधानी माना जाता है।

मां दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा

दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर आदिवासियों के साथ आम लोगों के लिए आस्था का प्रतीक है। 14वीं शताब्दी का यह मंदिर द्रविड़ शैली में निर्मित है जो कि डंकिनी, शंखिनी नदियों के संगम तट पर स्थित है।

मां बागेश्वरी कुदरगढ़ धाम

सूरजपुर जिले के ओडगी विकासखंड स्थित बागेश्वरी माता को राक्षसों के संहार के लिए जाना जाता है। 1500 फीट ऊंचे पहाड़ों पर स्थित यह मंदिर चारों ओर घने जंगलों से घिरा है।

मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर

जांजगीर-चांपा के सक्ती जिला स्थित मां चंद्रहासिनी मंदिर का इतिहास काफी प्राचीन है। यह चंद्रपुर की पहाड़ी पर स्थित हैं। मंदिर की सुंदर कलाकृति प्राचीनता का अनुभव कराती है। लोगों की माता को लेकर बड़ी आस्था है।

 

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री चौधरी ने कहा- बीजेपी की नीति स्पष्ट है कि तुष्टिकरण किसी का नहीं, न्याय सभी को…

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छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि अंग्रेजों के कौन कितना करीब था, किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी, और राजे-रजवाड़े किस प्रकार का जीवन व्यतित करते थे, यह पूरा देश जानता है। भारतीय जनता पार्टी की नीति बिल्कुल स्पष्ट है कि तुष्टिकरण किसी का नहीं, न्याय सभी को। कैबिनेट मिनिस्टर ओपी ने कहा कि कांग्रेस की हमेशा से तुष्टिकरण की नीति रही है, और यही वजह है कि आज देश की जनता कांग्रेस को नकार चुकी है।

”उद्योग और व्यापार जगत को बड़ी राहत, किसानों को होगा सीधा फायदा”

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छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर से लागू हो रहे जीएसटी 2.0 को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इसका सीधा असर आम लोगों, उद्योगों और किसानों पर दिखाई देगा।

इस सुधार से उद्योग और व्यापार जगत को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, कृषि उपकरण और कीटनाशकों की कीमतें कम होंगी, जिससे किसानों की लागत घटेगी और उन्हें सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब जीएसटी के स्लैब घटकर केवल दो रह गए हैं – 5% और 18%। पहले 28% वाला स्लैब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है और इसे घटाकर 18% कर दिया गया है। इस तरह कुल 10 प्रतिशत की कटौती हुई है।

उन्होंने कहा कि इस सुधार से उद्योग और व्यापार जगत को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, कृषि उपकरण और कीटनाशकों की कीमतें कम होंगी, जिससे किसानों की लागत घटेगी और उन्हें सीधा लाभ मिलेगा।

 

NSUI: युवा कांग्रेस में अच्छा काम करने वालों को मूल कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी ।

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प्रदेश हाई कमान ने निर्णय लिया है कि NSUI में अच्छा काम करने वाले पदाधिकारियों को युवक कांग्रेस में और युवा कांग्रेस में अच्छा काम करने वालों को मूल कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी ।

युवक कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी की पिछले दिनों हुई महत्वपूर्ण रिव्यू मीटिंग में नहीं आने वाले 100 से अधिक जिला अध्यक्षों और प्रभारियों व अन्य पदाधिकारियों को युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने नोटिस दिया है। इस बैठक में युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और प्रभारियों के कामकाज की समीक्षा की गई थी।

इसके आधार पर आने वाले दिनों में अच्छा काम करने वाले युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों को प्रमोशन दिया जाना है। वहीं अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से पालन नहीं करने वाले पदाधिकारियों की छुट्टी की जाएगी। इस बैठक में अच्छा काम करने वाले NSUI के पदाधिकारियों के काम भी चर्चा हुई ।

हम आपको बता दें कि प्रदेश हाई कमान ने निर्णय लिया है कि NSUI में अच्छा काम करने वाले पदाधिकारियों को युवक कांग्रेस में और युवा कांग्रेस में अच्छा काम करने वालों को मूल कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी ।

युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने बताया कि युवा कांग्रेस की नई टीम दशहरा के पहले तैयार हो जाएगी । नई टीम सबसे पहले महंगी बिजली और रोजगार के मुद्दे पर प्रदेश भर में साय सरकार के खिलाफ मुहिम चलाएगी धरना, प्रदर्शन, आंदोलन करेगी । इसके अलावा पंचायत स्तर के कांग्रेस मेंटेलिटी के जनप्रतिनिधियों को पार्टी से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा ।

इस पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की सभी बॉडी में अंतरकलह चल रही है । युवा कांग्रेस के नेता भी अलग-अलग नेताओं के गुट में बंटे हुए । कोई किसी की नहीं सुन रहा है । ऐसे में यह पहले अपने आप को संभाल रहे फिर नए लोगों को जोड़ें ।

 

”कोयला लेवी और शराब ‘घोटाले’ में दो कारोबारियों के परिसरों पर छापेमारी”

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छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ईओडब्ल्यू/एसीबी) ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित कोयला लेवी और शराब घोटालों के सिलसिले में कई जगहों पर रविवार को छापेमारी की। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि शराब ‘घोटाले’ की जांच के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में व्यवसायी अवधेश यादव और उसके सहयोगियों से कथित तौर पर जुड़े सात ठिकानों पर तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि इन सात ठिकानों में छत्तीसगढ़ में तीन और बिहार तथा झारखंड में दो-दो ठिकाने शामिल हैं।

अधिकारी ने कहा, “छापेमारी के दौरान मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संपत्ति के दस्तावेज और नकदी जब्त की गई। इनका विश्लेषण किया जा रहा है। संदिग्धों/आरोपियों से पूछताछ जारी है।”

उन्होंने बताया कि कथित कोयला लेवी घोटाले में रायपुर और जांजगीर-चांपा जिले में जयचंद कोशेले के आवासों पर छापेमारी की गई।

अधिकारी के मुताबिक, कोशेले मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया का कथित तौर पर एक प्रमुख सहयोगी है, जिस पर लेवी के माध्यम से अवैध रूप से एकत्र किए गए लगभग 50 करोड़ रुपये के वितरण का आरोप है।

उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आदि मिले।

जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ ईओडब्ल्यू/एसीबी ने कथित कोयला लेवी और शराब घोटालों से जुड़े धन शोधन मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की थीं।

यह कदम 2023 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्तारूढ़ कांग्रेस को हराने के एक महीने बाद उठाया गया था।

कोयला लेवी ‘घोटाले’ की प्राथमिकी में नामजद 35 आरोपियों में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक यूडी मिंज, गुलाब कामरो, चंद्रदेव प्रसाद राय, शिशुपाल सोरी और बिरहस्पत सिंह, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी समीर बिश्नोई और रानू साहू के साथ-साथ सीएमओ में तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया शामिल हैं।

प्राथमिकी के अनुसार, वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, नेताओं और बिचौलियों से जुड़े एक गिरोह ने कोयले पर 25 रुपये प्रति टन की दर से जबरन वसूली की। प्राथमिकी में कहा गया है कि इस गिरोह ने जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच 540 करोड़ रुपये की वसूली की।

ईडी ने मामले के धन शोधन पहलू की जांच के दौरान 11 लोगों को गिरफ्तार किया और 220 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अस्थायी रूप से कुर्क की।

ईडी के मुताबिक, कथित शराब घोटाले से सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। निदेशालय ने कहा कि इससे 2,161 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की गई।

शराब ‘घोटाले’ की प्राथमिकी में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड समेत 70 व्यक्तियों व कंपनियों को नामजद किया गया है।

ईओडब्ल्यू/एसीबी ने अब तक मामले में एक आरोपपत्र और चार पूरक आरोपपत्र दायर किए हैं तथा एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा, व्यवसायी अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और अन्य को गिरफ्तार किया है।

 

”EOW Raids : राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने तीन राज्यो में करीब 07 ठिकानों पर तलाशी कार्यवाही”

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बताया जा रहा है कि अवधेश यादव, कवासी लखमा का खास आदमी बताया जा रहा है और कवासी के बेटे हरीश लखमा के इशारे पर पूरे बस्तर संभाग में सरकारी शराब दुकानों से पूर्ववर्ती सरकार के समय शराब सिंडिकेट की शराब की अफरातफरी करने का आरोप है।

शराब घोटाले मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने तीन राज्यो में करीब 07 ठिकानों पर तलाशी कार्यवाही शुरू की है। मिली जानकारी के अनुसार इस घोटाले से जुड़े कारोबारी अवधेश यादव के रायपुरा देवनगरी सोसाइटी स्थित मकान समेत उसके दो करीबियों के अलावा झारखंड में 02 ठिकाने और बिहार में 02 ठिकानों पर दबिश दी।

बिहार, झारखंड में कारोबारी अवधेश यादव के रिश्तेदारों के घर पर भी EOW की टीम ने दबिश दी है। बताया जा रहा है कि अवधेश यादव, कवासी लखमा का खास आदमी बताया जा रहा है और कवासी के बेटे हरीश लखमा के इशारे पर पूरे बस्तर संभाग में सरकारी शराब दुकानों से पूर्ववर्ती सरकार के समय शराब सिंडिकेट की शराब की अफरातफरी करने का आरोप है।

25 लाख हर महीना कवासी लखमा तक पहुंचाता था अवधेश यादव

बताया ये भी जा रहा है कि अवधेश यादव के द्वारा सिडिंकेट की शराब को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने तक का काम किया जाता था। पुख्ता सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक कारोबारी अवधेश यादव ही 25 लाख रूपये महीना कवासी लखमा तक पहुंचाता था। EOW इससे जुड़े कांकेर और कोंडागाव के दो सहयोगियों की भी तलाश में जुटी है लेकिन वो फरार बताये जा रहे हैं।

आपको बता दें कि EOW में दर्ज अपराध कमांक 04/2024 के तहत ये छापेमारी कार्रवाई की गई। EOW की इस छापेमारी कार्यवाही के दौरान घोटाले से जुडे महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाईल फोन, इलेक्ट्रानिक उपकरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज एवं नगद रकम जप्त किये गये हैं। जप्त किये गये सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है और संदेहियों/आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही जारी है।

सौम्या चौरसिया का निज सहायक के ठिकानों पर छापा

वही अवैध कोल लेवी वसूली घोटाले मामले में भी EOW ने रेड़ कार्यवाही की है। ये रेड़ कार्रवाई जयचंद कोसले के रायपुर और जांजगीर-चांपा स्थित ठिकानों पर की गई है। EOW से मिली जानकारी के मुताबिक कोसले के बारे में बताया जा रहा है कि पूर्ववर्ती सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया का निज सहायक रहा है और घोटाले में मुख्य सहयोगी के रूप में काम करता था। जयचंद कोसले द्वारा इस घोटाले से करीब 50 करोड़ रुपये की काली कमाई की गई है।

आरोपी जयचंद कोसले के सेजबहार स्थित अविनाश ग्रीन सिटी स्थित निवास और जांजगीर-चांपा स्थित ठिकानों से घोटाले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाईल फोन, इलेक्ट्रानिक उपकरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज जप्त किये गये हैं। जप्त किये गये सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है, साथ ही रायपुर स्थित निवास पर मिले आरोपी जयचंद से पूछताछ की जा रही है और प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

फिलहाल रायपुर के ठिकानों पर दबिश कार्यवाही खत्म हो चुकी है लेकिन बिहार और झारखंड स्थित ठिकानों से टीमें वापस नहीं लोटी हैं।

 

”350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर आयोजित नगर कीर्तन यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय”

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सेरीखेड़ी में गुरु श्री तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर आयोजित नगर कीर्तन यात्रा में शामिल हुए।मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की अगुवाई कर रहे पंच प्यारों का सम्मान भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को पवित्र सिरोपा और कृपाण भेंट की गई।