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छत्तीसगढ़ में रेल विकास को रफ्तार, 51,080 करोड़ रुपए की परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में जारी…

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राज्य में 51,080 करोड़ रुपए की रेल परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं, जिससे कनेक्टिविटी, सुरक्षा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क को मजबूत करने और अधोसंरचना के विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को 7,470 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। इस राशि का उपयोग रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने, यात्रियों की सुविधाओं में सुधार, माल ढुलाई क्षमता के विस्तार और रेल सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए किया जाएगा।

Chhattisgarh Rail Budget: विकास को निरंतर गति ​मिलने की उम्मीद

राज्य में इस समय कुल 51,080 करोड़ रुपए की लागत से कई रेल परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में निर्माणाधीन हैं। इन परियोजनाओं के तहत नई रेल लाइनों का विस्तार, दोहरीकरण कार्य, स्टेशन पुनर्विकास, सुरक्षा से जुड़े कार्य और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित रेल अवसंरचना विकसित की जा रही है। रेल परियोजनाओं के माध्यम से न केवल परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, व्यापारिक गतिविधियों और समग्र आर्थिक प्रगति को भी निरंतर गति मिलने की उम्मीद है।

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में संचालित प्रमुख रेल परियोजनाएं

(1) बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन परियोजना शामिल है, जिसकी कुल लंबाई 206 किलोमीटर तथा लागत 2,135.34 करोड़ रुपए है। इस परियोजना के अंतर्गत अब तक 175 किलोमीटर से अधिक चौथी रेल लाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे इस व्यस्त रेलखंड पर परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

(2) बिलासपुर–नागपुर रेल खंड पर बिलासपुर से गोंदिया के बीच विभिन्न खंडों (पैचों) में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

(3) दल्लीराझरा–रावघाट नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 95 किलोमीटर एवं लागत 16,275.56 करोड़ रुपए है, के अंतर्गत 77.35 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यह परियोजना विशेष रूप से दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

(4) छत्तीसगढ़ राज्य में खरसिया–नया रायपुर–परमालकसा नई रेल लाइन परियोजना भी प्रगति पर है, जिसकी कुल लंबाई 278 किलोमीटर तथा अनुमानित लागत 7,854 करोड़ रुपए है। यह परियोजना राज्य की राजधानी क्षेत्र सहित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगी।

(5) सरदेगा–भालूमाड़ा नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी लंबाई 37.24 किलोमीटर एवं लागत 1,282 करोड़ रुपए है, क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने के साथ-साथ खनिज परिवहन को अधिक सुगम बनाएगी।

(6) रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 140 किलोमीटर तथा लागत 3,513 करोड़ रुपए है, बस्तर अंचल को रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

(7) यात्री सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है।

(8) राज्य में वर्तमान में वंदे भारत एक्सप्रेस की दो जोड़ी सेवाएँ ( बिलासपुर नागपुर बिलासपुर एवं दुर्ग विशाखापट्टनम दुर्ग ) तथा अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी सेवा ब्रह्मपुर (ओडिशा)-उधना (सूरत गुजरात) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक रेल यात्रा का लाभ मिल रहा है।

(9) इसके साथ ही राज्य में रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार करते हुए पिछले 10-11 वर्षों में नई रेल पटरियों का निर्माण, संपूर्ण रेल विद्युतीकरण तथा 170 फ्लाईओवर एवं अंडरपास का निर्माण किया गया है, जिससे रेल एवं सड़क यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है।

(10) वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल 1,083 रेलवे कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से 845 कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। ये सभी प्रयास छत्तीसगढ़ को एक आधुनिक, सुरक्षित एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित रेल नेटवर्क प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

CG: हंगामेदार होगा छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र, पहले दिन मुख्यमंत्री के विभागों से जुड़े सवाल…

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विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के भी तीखे सवाल सामने आएंगे। ऐसे में उन्हें सोच समझकर उत्तर तैयार करने पड़ेंगे। दरअसल, विधानसभा के शीतकालीन सत्र में साइंस कॉलेज चौपाटी से जुड़े सवाल के लिखित उत्तर ने सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर दी थी। यही वजह है कि इस बार सभी विभाग पहले से सतर्क है।

विधानसभाका बजट सत्र भले ही 23 फरवरी से शुरू होगा, लेकिन सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के विधायकों ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। ज्यादातर विधायक स्थानीय और प्रदेश स्तरीय समस्याओं पर केंद्रित सवालों की छड़ी लगा रहे हैं। कुछ सवाल तो ऐसे हैं, जिन्हें देखकर अफसरों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है।

उन्हें पता है कि विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के भी तीखे सवाल सामने आएंगे। ऐसे में उन्हें सोच समझकर उत्तर तैयार करने पड़ेंगे। दरअसल, विधानसभा के शीतकालीन सत्र में साइंस कॉलेज चौपाटी से जुड़े सवाल के लिखित उत्तर ने सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर दी थी। यही वजह है कि इस बार सभी विभाग पहले से सतर्क है।

इस बार विधानसभा का सत्र हंगामेदार होना तय माना जा रहा है, क्योंकि पिछले दिनों में दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई है। इसमें राहुल गांधी ने आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ने पर जोर दिया था।

  • धान, मनरेगा, अवैध खनन जैसे मुद्दे पर घेरने की तैयारी

बताया जाता है कि इस बार विपक्ष सरकार को घेरने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा धान खरीदी का रहेगा। इसे लेकर विपक्ष स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा आदिवासी क्षेत्रों में हो रही पेड़ों की कटाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि केंद्र मनरेगा योजना में बदलाव किया है। इसका विपक्ष तीखा विरोध कर रहा है। छत्तीसगढ़ में भी इसे लेकर विधानसभ में हंगामा होने के आसार है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि विपक्ष के हंगामों की वजह से एक-दो दिन सदन की कार्यवाही भी प्रभावित हो सकती है।

लगातार 9 दिन नहीं चलेगा सत्र

विधानसभा का सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठकें होंगी। खास बात यह है कि लगातार नौ दिन तक विधानसभा का सत्र नहीं होगा। दरअसल, 28 फरवरी को शनिवार और 1 मार्च को रविवार होने की वजह से अवकाश रहेगा। 2 मार्च सोमवार को बैठक नहीं होगी। 3 मार्च को होलिका दहन की वजह से बैठक नहीं होगी। 4 मार्च को होली का अवकाश होगा। 5 और 6 मार्च को बैठक नहीं होगी। 7 और 8 मार्च को शनिवार और रविवार होने की वजह से अवकाश रहेगा।

पहले दिन मुख्यमंत्री के विभागों से जुड़े सवाल

विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इस वजह से प्रश्नकाल नहीं होगा। इसके दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वन मंत्री केदार कश्यप और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सत्ता पक्ष और विपक्ष के सवालों के जवाब देंगे।

फैक्ट फाइल दिनांक- तारांकित-अतारांकि- कुल

  •  30 जनवरी- 16-07-23
  • 02 फरवरी-250-192-442
  • 03 फरवरी-447-377-824
  • 04 फरवरी-530-450-980
  • 05 फरवरी-561-473-1034
  • 06 फरवरी-605-499-1104

CG: आज से छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, नक्सलवाद पर हाइलेवल मीटिंग; मिनट टू मिनट कार्यक्रम…

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिनों के छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे. वे बस्तर भी जाएंगे. आइए जानते हैं उनके कार्यक्रम का शेड्यूल आखिर क्या है? 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज शनिवार को छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. यहां वे नक्सलवाद पर हाईलेवल मीटिंग लेंगे. छत्तीसगढ़ में तीन दिनों तक शाह का डेरा रहेगा. वे बस्तर भी जाएंगे. जहां बस्तर पंडुम के कार्यक्रम में शामिल होंगे. आइए जानते हैं उनके तीन दिनों के कार्यक्रम का क्या है शेड्यूल…

नक्सल अभियानों की होगी समीक्षा 

अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा कई मायनों में बेहद खास माना जा रहा है.मार्च 2026 तक नक्सलियों के खात्में का टारगेट है. ऐसे में यहां वे नक्सल अभियानों की समीक्षा कर अफसरों को जरूरी निर्देश भी देंगे. दरअसल शाह ने जब से ये ऐलान किया है उसके बाद से उनका लगातार छत्तीसगढ़ दौरा हो रहा है. वे इस बार फिर से बस्तर भी जाएंगे.

केंद्रीय गृहमंत्री का मिनट टू मिनट कार्यक्रम

केंद्रीय गृहमंत्री 7 फ़रवरी की शाम 4:40 को रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे. रायपुर एयरपोर्ट से निजी होटल के लिए रवाना होंगे. 8 फरवरी को सुबह 11:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक नक्सलवाद पर हाई लेवल मीटिंग लेंगे. शाम 5 बजे से 06:10 मिनट तक शिफ्टिंग द लेंस थीम पर आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होंगे. निजी होटल में ही रात्रि विश्राम करेंगे. दौरे के तीसरे और आखिरी दिन शाह बस्तर पंडूम के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे. सुबह 11 बजे विशेष विमान से रायपुर से दंतेश्वरी एयरपोर्ट के लिए  रवाना होंगे. दंतेश्वरी एयरपोर्ट से बाय रोड बस्तर पंडुम कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे. यहां वे दोपहर 12:05 से शाम 04:00 बजे तक कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद वे शाम 4:20 को जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे.

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, बार एसोसिएशन चुनाव का रास्ता साफ, 12 फरवरी को मतदान…

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, इसलिए अब हस्तक्षेप करना ठीक नहीं है. कोर्ट ने चुनाव से जुड़े विवादों का समाधान सही समय और मंच पर करने का निर्देश दिया.

बिलासपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से साफ इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि चुनाव की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, इसलिए इस लेवल पर कोर्ट का हस्तक्षेप सही नहीं है. इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका है, नामांकन, जांच और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं. ऐसे में अगर अब चुनाव पर रोक लगाई जाती है, तो इससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित होगी और बार एसोसिएशन की कार्यप्रणाली भी बाधित हो सकती है. कोर्ट ने यह भी कहा कि चुनाव से जुड़े विवादों का समाधान उचित मंच पर और उचित समय पर किया जाना चाहिए.

12 फरवरी को मतदान
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब बार एसोसिएशन चुनाव का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. जानकारी के अनुसार, 12 फरवरी को मतदान कराया जाएगा. इस चुनाव में अध्यक्ष सहित कुल 17 पदों के लिए वोटिंग होगी. चुनाव को लेकर वकीलों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. इस बार के चुनाव में कुल 61 प्रत्याशी मैदान में हैं, जो अलग-अलग पदों के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. अध्यक्ष पद को लेकर मुकाबला खासा रोचक माना जा रहा है, वहीं, अन्य पदों पर भी कड़े मुकाबले की संभावना है. चुनाव प्रचार भी तेज हो गया है और प्रत्याशी अधिवक्ताओं से समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं.

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बार एसोसिएशन के सदस्यों ने राहत की सांस ली है. कई अधिवक्ताओं के मुताबिक, समय पर चुनाव होना संगठन के लिए जरूरी है, ताकि नई कार्यकारिणी बार की समस्याओं और मुद्दों पर प्रभावी ढंग से काम कर सके. अब सभी की नजरें 12 फरवरी को होने वाले इलेक्शन पर टिकी हैं, जिसके बाद यह तय होगा कि आने वाले कार्यकाल में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की कमान किसके हाथों में होगी.

पैसा दोगुना करने का लालच, लाखों की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। खैरागढ़ पुलिस ने मेडिसिन कंपनी के नाम पर पैसा दोगुना करने का लालच देकर लाखों रुपये ठगने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन ठगों ने अपने शिकार को 30 प्रतिशत कमीशन देने का लालच देकर 12 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को तकनीकी साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार कर लिया और उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, खैरागढ़ जिले के छुईखदान बोरसी निवासी रेखचंद जंघेल ने 17 मई 2021 से 13 जनवरी 2022 के बीच आरोपी सुखविंदर सिंग कडियाल और हुलास कुमार साहू के खिलाफ ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपियों ने प्रार्थी से मेडिसिन कंपनी में पैसा दोगुना करने का वादा किया और साथ ही 30 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर 12 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। इस मामले में 3 फरवरी 2025 को थाना छुईखदान में अपराध क्रमांक 41/2025, धारा 420, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने जुर्म को स्वीकार किया। आरोपी सुखविंदर सिंग कडियाल (32), निवासी क्वाटर नंबर 23 एफ, शिव मंदिर रोड, सेक्टर-07, भिलाई और हुलास कुमार साहू (29), निवासी ग्राम बोरई, छुईखदान को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी हुलास कुमार साहू को पुलिस अभिरक्षा में लेकर विधिवत कार्रवाई की गई, जबकि सुखविंदर सिंग कडियाला को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर उपजेल सलोनी भेजा गया।

पुलिस ने बताया कि ठगी के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और ठगी से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।

इंश्योरेंस मार्केटिंग प्रोफेशनल्स अकादमी और बजाज फिनसर्व के सहयोग से रोजगार सृजन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारी

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राजनांदगांव। इंश्योरेंस मार्केटिंग प्रोफेशनल्स अकादमी (आईएमपीए) के तहत बजाज फिनसर्व सीएसआर (सीएसआर) के सहयोग से और रूरल अपलिफ्टमेंट फाउंडेशन के साथ मिलकर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग, वित्तीय प्रबंधन और बीमा क्षेत्र में स्थायी और टिकाऊ रोजगार के अवसर सृजित करना तथा सामुदायिक विकास को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम का फोकस विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने पर रहेगा, ताकि वे बीमा और बैंकिंग क्षेत्र में सफल करियर की शुरुआत कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बीमा क्षेत्र से संबंधित तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे रोजगार के योग्य बन सकें।
इस कार्यक्रम की योजना को लेकर उमंग सेवा संस्था छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष सोमनाथ साहू और अल्वा फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. हेमशंकर जेठमल के मध्य विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में कार्यक्रम के संचालन, लाभार्थियों के चयन और आगामी कार्ययोजना पर विचार.विमर्श किया गया।
इस पहल के सफल क्रियान्वयन से जिले के युवाओं और महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
संगठनों का मानना है कि इस कार्यक्रम से ना केवल रोजगार की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि यह समग्र सामुदायिक विकास में भी योगदान देगा।

साइबर ठगी में इस्तेमाल म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार, दो आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए

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राजनांदगांव। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सिटी कोतवाली पुलिस ने म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए साइबर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जिला जेल भेज दिया है। आरोपी विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त राशि का उपयोग कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में आवेश पिता अब्दुल रउफ खान (24 वर्ष) निवासी गौरी नगर, गली नंबर 01, ओपी चिखली, थाना कोतवाली तथा मुकेश कुमार वैष्णव पिता बंशीदास वैष्णव (28 वर्ष) निवासी दिनदयाल कॉलोनी, कौरिन भांठा, थाना बसंतपुर, राजनांदगांव शामिल हैं।

समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी पर कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम तथा प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक विनय कुमार पम्मार के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की गई।

पुलिस ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूचना के आधार पर जांच की गई। जांच में युको बैंक, राजनांदगांव के दो खातों में वर्ष 2024-25 के दौरान साइबर धोखाधड़ी से कुल 1 लाख 44 हजार 15 रुपये जमा होना पाया गया।

पूछताछ में अपराध स्वीकार
पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि का उपयोग एवं संवर्धन किया गया। बैंक स्टेटमेंट एवं संबंधित दस्तावेजों के आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उन्होंने अपराध स्वीकार किया।

इसके बाद आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 380/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 317(2), 317(4), 317(5), 111 एवं 3(5) में मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

न्यायालय में पेश कर जेल भेजा
पुलिस ने दोनों आरोपियों को 6 फरवरी 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से जेल वारंट जारी होने पर दोनों को जिला जेल राजनांदगांव दाखिल किया गया।

इस कार्रवाई में निरीक्षक नंदकिशोर गौतम एवं सिटी कोतवाली थाना स्टाफ की भूमिका सराहनीय रही।

जिले में एनीमिया, कुपोषण और बाल मृत्यु दर घटाने के लिए कलेक्टर ने संयुक्त कार्ययोजना बनाई

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मोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला पोषण समिति की बैठक एवं एक दिवसीय संयुक्त कार्ययोजना कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, सीएमएचओ श्री विजय खोबरागड़े, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री सीएस मिश्रा सहित स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

एनीमिया, कुपोषण और बाल मृत्यु दर घटाने पर विशेष जोर
बैठक में गर्भवती माताओं और छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर फोकस किया गया। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि सभी स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, प्रभावी और समन्वित ढंग से किया जाना चाहिए।

संयुक्त रणनीति और समन्वय पर बल
कार्यशाला में गर्भवती और धात्री महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य निगरानी, एनीमिया की समय पर जांच और उपचार, कुपोषित बच्चों की शीघ्र पहचान और प्रबंधन, शिशु एवं बाल आहार व्यवहार को प्रोत्साहित करने पर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग और महिला-बाल विकास विभाग को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय और संयुक्त उत्तरदायित्व के साथ निर्धारित कार्ययोजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करें।

प्राथमिकता – प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना था कि इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार होगा, एनीमिया और कुपोषण में कमी आएगी और बाल मृत्यु दर पर नियंत्रण सुनिश्चित होगा।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला पोषण समन्वयक, खंड चिकित्सा अधिकारी, परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा, मितानिन जिला समन्वयक, विकासखंड समन्वयक सहित जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सभी अधिकारियों को जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वित और प्रभावी कार्यान्वयन का दायित्व सौंपते हुए जोर दिया कि प्रत्येक बच्चे और मां तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं समय पर पहुँचें।

ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था के लिए कलेक्टर ने बनाई कार्ययोजना, जन-शिकायतों का त्वरित निराकरण किया निर्देशित

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मोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए जल संकट से बचाव के लिए तैयार की गई कार्ययोजना
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता जताई। उन्होंने सीईओ जनपद को ग्राम-वार हैंडपंपों की मरम्मत की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए और कहा कि जिले में कहीं भी पेयजल की समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जल जीवन मिशन के तहत सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के आदेश दिए।

सोलर यूनिटों की नियमित निगरानी पर जोर
सोलर यूनिट की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सुनिश्चित किया कि सभी सोलर यूनिट पूरी तरह से चालू स्थिति में रहें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन यूनिटों की नियमित मॉनिटरिंग करने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

कृषि विभाग को शत-प्रतिशत फार्मर आईडी पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी किसानों का फार्मर आईडी में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

शिक्षा विभाग की प्रगति पर भी चर्चा
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी शिक्षकों के पंजीयन पूर्ण करने तथा उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित केंद्रों की प्रगति की जानकारी ली।

निर्माण कार्यों की शीघ्रता से पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश
कलेक्टर ने सभी निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने के लिए भी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति की समीक्षा
नगरीय प्रशासन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत आवासों की स्थिति की जानकारी ली और स्वनिधी योजना में प्रगति लाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।

महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित निर्देश
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती, पूरक पोषण आहार वितरण, और स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों की पूर्णता की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग को संयुक्त रूप से आगामी वजन त्यौहार की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए।

जन-शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जन-शिकायतों के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की और सभी विभागीय अधिकारियों को समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ई-ऑफिस प्रणाली में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया
समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर ने ई-ऑफिस प्रणाली के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया। जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग, एससीपीडीसीएल, स्वास्थ्य विभाग, मानपुर एसडीएम कार्यालय और पीएचई विभाग के अधिकारियों को पौधा भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सभी अधिकारियों को अपने मासिक दौरे की योजना तैयार कर क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य करने का भी निर्देश दिया।

नगर निगम का मवेशी धर-पकड़ अभियान, 6 मवेशी पकड़े गए

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राजनांदगांव। नगर निगम ने शहर में बढ़ती दुर्घटनाओं और यातायात बाधित होने के चलते मवेशी धर-पकड़ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत निगम की टीम शहर के प्रमुख चौक चौराहों पर निरंतर निरीक्षण कर रही है और शिकायतों के आधार पर घुमन्तु एवं खुले में बैठे मवेशियों को पकड़ने की कार्यवाही कर रही है।

आज की कार्यवाही में लखोली चौक, नंदई चौक, इंदिरा नगर चौक, गंज मंडी के सामने और फरहद चौक से 6 मवेशियों को पकड़ा गया। इन मवेशियों को रेवाडीह कांजी हाउस में रखा गया है। बताया गया है कि कई पशु मालिक अपने मवेशियों को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे मवेशी चौक चौराहों और सड़कों पर घू्मते रहते हैं, जिससे यातायात में रुकावट आती है और दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है, जो न केवल आम नागरिकों के लिए बल्कि मवेशियों के लिए भी खतरे का कारण बनता है।

नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यवाही दुर्घटनाओं को रोकने और शहरवासियों की सुरक्षा के लिए की जा रही है। उन्होंने पशु मालिकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को खुला छोड़ने की बजाय उन्हें बांध कर रखें, ताकि सड़क पर कोई दुर्घटना न हो।

पकड़े गए मवेशियों को कांजी हाउस में सुरक्षित रखा गया है, जहां उन्हें पौष्टिक आहार के रूप में पैरा, कुट्टी और बचे हुए फल-सब्जियां दी जाती हैं। यदि मवेशी मालिक अपने मवेशी को छुड़वाना चाहते हैं तो उन्हें 570-570 रुपये जुर्माना अदा करना होता है। इसके अलावा, बीमार मवेशियों का इलाज गौशाला पिंजरा पोल में किया जाता है।

आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने बताया कि मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस में रखा जाता है और पशु मालिकों से जुर्माना वसूलने के बाद ही उन्हें मवेशी सौंपे जाते हैं। इसके अलावा, कांजी हाउस में रखे मवेशियों की नीलामी भी की जाती है।

नगर निगम के इस अभियान को शहरवासियों द्वारा सराहा जा रहा है, और यह उम्मीद जताई जा रही है कि मवेशी मालिक अपने पशुओं को खुले में छोड़ने से बचेंगे, जिससे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी।