Home Blog Page 580

छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में बड़ा झटका! शिक्षा विभाग में पदस्थ दो अफसरों की सेवा समाप्त../

0

राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में पदस्थ दो अफसरों की सेवा समाप्त कर दी हैं। ये अफसर साक्षरता मिशन प्राधिकरण में सहायक संचालक की जिम्मेदारी निभा रहे थे। दोनों अफसर संविदा पर कार्यरत थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंजूरी के बाद राज्य सरकार ने प्रशांत कुमार पाण्डेय और दिनेश कुमार टॉक की सेवाएं समाप्त कर दी है। मिशन संचालक ने आदेश के मुताबिक परिपत्र के प्रावधानों और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के तहत की गई है। मिशन संचालक ने अपने आदेश में कहा कि प्राधिकरण ने आवश्यकता और प्रदर्शन का आकलन करने के बाद उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय भूतलक्षी प्रभाव से लागू किया गया है।

CG: लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की 2021-22 की भर्ती परीक्षाओं में घोटाले से जुड़े मामले में सीबीआइ ने पूर्व आइएएस समेत पांच लोगों को गिरफ्तार…

0

छत्तीसगढ़ में लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की 2021-22 की भर्ती परीक्षाओं में घोटाले से जुड़े मामले में सीबीआइ ने पूर्व आइएएस समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सीजीपीएससी की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक पूर्व सचिव व सेवानिवृत्त आइएएस जीवन किशोर ध्रुव उनके बेटे सुमित ध्रुव निशा कोसले और दीपा आदिल को शुक्रवार को विशेष कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया।

छत्तीसगढ़ में लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की 2021-22 की भर्ती परीक्षाओं में घोटाले से जुड़े मामले में सीबीआइ ने पूर्व आइएएस समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

इनमें सीजीपीएससी की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पूर्व सचिव व सेवानिवृत्त आइएएस जीवन किशोर ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल को शुक्रवार को विशेष कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया।

अब तक कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया

इनमें सुमित ध्रुव का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ था। इससे पहले भी सीबीआइ कई बार आरती वासनिक व जीवन किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। मामले में अब तक कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

राज्य में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के दौरान सीजीपीएससी भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को 48 शिकायतें भेजी गई थीं। आरोप था कि प्रभावशाली राजनेताओं और अधिकारियों के करीबियों का डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य उच्च पदों पर चयन किया गया है।

तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा कोई जांच नहीं करने पर भाजपा नेता ननकी राम कंवर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद कोर्ट ने 18 अभ्यर्थियों की नियुक्तियों पर रोक लगा दी थी।

2021 में जारी हुआ था भर्ती विज्ञापन

सीजीपीएससी की ओर से भर्ती के लिए 2021 में विज्ञापन जारी किया गया था। प्रारंभिक परीक्षा में 171 पदों के लिए 2,565 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए। 26 से 29 मई 2022 को मुख्य परीक्षा में 509 उम्मीदवार सफल रहे। साक्षात्कार के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी की गई थी।

भर्ती में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप

भर्ती में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सह सोनवानी, सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और अन्य अधिकारियों के खिलाफ एक और एफआइआर दर्ज की गई थी। वर्तमान विष्णु देव साय सरकार के अनुरोध पर इस मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी गई।

 

मौसम विभाग कि चेतावनी, कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना, जानें आज कैसा रहेगा मौसम!

0

छत्तीसगढ़ में इन दिनों मानसून कमजोर पड़ गया है। हालांकि अगले सप्ताह से रफ्तार एक बार फिर बढ़ने की संभावना है। बीते 24 घंटों में सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि रायपुर, दुर्ग और बस्तर में केवल बूंदाबांदी से ही लोग तर-बतर हुए। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि शनिवार को कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय द्रोणी रेखाएं और द्रोपिकाएं छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर रही हैं। फिलहाल बारिश की गतिविधियों में अगले कुछ दिनों तक कमी रहेगी, लेकिन उसके बाद प्रदेशभर में वर्षा का दौर फिर तेज़ हो सकता है।

राजधानी रायपुर में शनिवार को आसमान बादलों से घिरा रहेगा और दोपहर या शाम को मेघगर्जन के साथ बरसात हो सकती है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

“जलेबी का हिंदी नाम क्या है? 99% लोग नहीं जानते हैं यह वाला नाम, बता द‍िया तो मान जाएंगे ज्ञानी हो आप”

0

जलेबी एक ऐसी मिठाई है जो भारत में सभी को पसंद होती है. अगर कोई जलेबी का नाम भी ले लेता है तो लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. जलेबी त्योहारों से लेकर शादी-ब्याह तक हर जगह मौजूद होती है.

त्योहारों के समय भी लोग एक दूसरे को मिठाई के तौर पर देते हैं. कई जगह पर तो सुबह के नाश्ते में लोग जलेबी खाना बहुत ही ज्यादा पसंद करते हैं. जलेबी हर एक मौके को बहुत ही ज्यादा खास और यादगार बना देती है (Popular Sweets In India). जलेबी की खासियत की बात करें तो, उसकी आउटर लेयर कुरकुरी होती है और उसके अंदर मीठा रस भरा होता है जो उसको बहुत ही ज्यादा टेस्टी बनाता है. जलेबी मिठाई होने के बावजूद अन्य मिठाइयों से बहुत ही अलग है (Jalebi Is Different From Other Sweets), लेकिन इतनी खास होने के बाद भी इसका इंग्लिश नाम पूछा जाए तो अधिकांश लोगों को नहीं पता होगा. और आप जानते हैं जलेबी का ‍िहदी नाम क्‍या है. सुनकर चकरा गए ना आप, तो चलिए आज जलेबी से जुड़ी कुछ अहम बातें जानते हैं (Facts About Jalebi).

जलेबी क्या है? (What Is Jalebi?) जलेबी एक गोल और घुमावदार मिठाई होती है. जलेबी को बनाने के लिए एक बैटर तैयार किया जाता है उसके बाद उसे गरम तेल या घी में तला जाता है. जब वो तल जाती है फिर उसको चाश्नी में डुबो दिया जाता है. जलेबी को अंग्रेजी में ‘Sweet Pretzel’ या ‘Coiled Funnel Cake’ भी कहा जाता है क्योंकि वो कॉइल की तरह दिखती है. कुछ लोग इसको ‘Indian Syrup-Coated Dessert’ के नाम से भी जानते हैं. इसका स्वाद और बनावट इसको अन्य मिठाइयों से अलग बनाता है. ये बाहर से क्रंची और अंदर से रस भरी होती है.

कैसा होता है जलेबी का स्वाद? जलेबी के स्वाद की बात करें तो, जिसने गर्मा-गरम जलेबी खाई होगी वो ही इसके स्वाद का असली मजा बता सकता है. जब आप इसे मुंह में रखते हैं तो सबसे पहले इसकी कुरकुराहट का मजा आता है, फिर अंदर से मीठा रस मुंह में फैल जाता है. जलेबी को अक्सर रबड़ी, दही या दूध के साथ खाया जाता है, जिससे उसका स्वाद और भी शानदार हो जाता है.

हर मौके पर याद की जाती है जलेबी भारत में जलेबी सिर्फ मिठाई नहीं, बल्कि एक परंपरा है. हर त्योहार में जलेबी तो बनती ही है. कई राज्यों में तो लोग इसे सुबह के नाश्ते में भी खाना बहुत ही ज्यादा पसंद करते हैं – जैसे मध्यप्रदेश में पोहा के साथ गरम जलेबी या उत्तर भारत में समोसे के साथ इसको जरूर खाया जाता है. शहरों की गलियों से लेकर गांव की चौपालों और मिठाई की दुकानों पर जलेबी हमेशा ताजा और गरम मिलती है जलेबी का हिंदी नाम क्या है? वैसे तो जलेबी को भारत में भी “जलेबी” ही कहा जाता है. सच तो ये है क‍ि यह अरबी शब्द “जलाबिया” से आया है. भारतीय मूल पर जोर देने वाले कुछ एक्‍सपर्ट इसके प्राचीन भारतीय नाम कुंडलिका या जलवल्लिका भी बताते हैं, जो इसके रसीले स्वभाव को दर्शाता है.

जलेबी से जुड़े रोचक फैक्ट्स (Facts Of Jalebi) मूल रूप से विदेशी मिठाई बता दें, कि भारत में इतनी ज्यादा फेमस और पारंपरिक मिठाई मध्य एशिया (Middle East) से आई है. वहां इसे जलाबिया या ज़ुलबिया के नाम से जाना जाता है. बाद में यह भारत आई और यहां के स्वाद के अनुसार बदलती गई.

दूध के साथ जलेबी भारत के कुछ हिस्सों में जलेबी को गरम दूध के साथ खाया जाता है. यह सर्दियों में खास तौर पर पसंद किया जाता है क्योंकि इससे शरीर को गर्मी मिलती है.

विश्व जलेबी दिवस 30 जुलाई को विश्व जलेबी दिवस (World Jalebi Day) भी मनाया जाता है. इस दिन कई मिठाई की दुकानों पर जलेबी की खास तैयारी होती है और सोशल मीडिया पर लोग अपनी पसंदीदा जलेबी की तस्वीरें भी शेयर करते हैं.

दुनियाभर में प्रसिद्ध बता दें, जलेबी सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और कुछ अफ्रीकी देशों में भी बहुत ही पसंद की जाती है. इसका अनोखा स्वाद इसे दुनिया की सबसे खास मिठाइयों में से एक बनाता है.

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि…

0

”महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि; प्रधानमंत्री के 75वें जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि, सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतें हुईं “बाल विवाह मुक्त

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को “बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत” घोषित किया गया है। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों में बाल विवाह का एक भी प्रकरण दर्ज न होने के आधार पर यह मान्यता प्रदान की गई।

इस उपलब्धि के पीछे राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की सतत पहल, सक्रिय मार्गदर्शन और नेतृत्व को निर्णायक माना जा रहा है।उनके नेतृत्व में विभाग ने गाँव-गाँव तक जागरूकता अभियान चलाया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों को सक्रिय किया तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा, कि सूरजपुर जिले की यह पहल केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी। प्रधानमंत्री जी के अमृत महोत्सव वर्ष में यह उपलब्धि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त संदेश है।

सामुदायिक भागीदारी की सराहना

जिला प्रशासन ने इस पहल की सफलता में महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की संयुक्त भूमिका की सराहना की। सभी के सामूहिक प्रयास से यह सुनिश्चित हुआ कि शिक्षा और जागरूकता को प्राथमिकता मिले और कोई भी बाल विवाह न हो।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” की शुरुआत हुई थी। यह अभियान यूनिसेफ के सहयोग से और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।राज्य सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में रखा है और विभाग लगातार जनजागरूकता, निगरानी और सामाजिक सहभागिता को मजबूत कर रहा है।

सूरजपुर की इस सफलता से प्रेरित होकर अब छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को “बाल विवाह मुक्त” घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिन जिलों में विगत दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

 

“‘देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं राहुल गांधी’, BJP नेता ने ‘जेन-जी’ टिप्पणी पर जताई आपत्ति”

0

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ‘जेन-जी’ टिप्पणी की आलोचना की है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी जानबूझकर भारत के लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

वह देश में अराजकता और हिंसा फैलाना चाहते हैं और एक ऐसी सरकार को कमजोर करना चाहते हैं जो तीसरी बार लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई है, क्योंकि लोग उन्हें वोट नहीं देते।

पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी की टिप्पणी को दोहराया है। भाजपा सांसद ने कहा, “गुरुवार शाम 7.05 पर उहोंने (राहुल गांधी) ने पोस्ट किया कि ‘देश के युवा, देश के स्टूडेंट, देश के ‘जेन-जी’, संविधान को बचाएंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे।” रविशंकर ने पूछा, क्या ‘जेन-जी’ के नाम पर राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं?

इंडिया के खिलाफ लड़ाई का जिक्र उन्होंने राहुल गांधी के ‘इंडिया स्टेट के खिलाफ लड़ाई’ बयान का भी जिक्र किया। रविशंकर प्रसाद ने कहा, “राहुल गांधी ने कुछ समय पहले कहा था कि मेरी स्टेट ऑफ इंडिया से लड़ाई है। वो मोदी जी की सरकार से लड़ सकते हैं। लेकिन स्टेट ऑफ इंडिया में पूरा देश, सरकार, मीडिया और कोर्ट सभी आते हैं।” रविशंकर ने आगे कहा, “वे चुनाव आयोग का अपमान करते हैं, संसद का अपमान करते हैं और कोर्ट का अपमान करते हैं।”

कांग्रेस इनके लिए नया गुरू ढूंढ़े भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने बार-बार निराधार आरोप लगाए हैं, जिससे विपक्ष के नेता से अपेक्षित गरिमा कम हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “शायद कांग्रेस को उनके लिए कोई नया शिक्षक ढूंढ़ना चाहिए, ताकि कम से कम उन्हें समझ तो आए कि वे क्या कह रहे हैं।” ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी कितना झूठ बोलेंगे, कितना तथ्यों को तोड़-मरोड़कर रखेंगे। राहुल गांधी देश के लोकतंत्र को धोखा दे रहे हैं। मैंने संसद में और टीवी पर कई बार कहा है कि राहुल गांधी होमवर्क नहीं करते।

सारी हदें पार हो गई उन्होंने कहा, “उनकी  राहुल गांधी  पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस ने तो सारी हदें पार कर दीं। भारत का चुनाव आयोग अपना बचाव तो कर सकता है, लेकिन जब ज्ञानेश कुमार को कुछ महीने पहले ही चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है, तो वे 2023 के चुनावों में पक्षपात के ऐसे आरोप कैसे लगा सकते हैं? उस प्रेस कांफ्रेंस में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त की तस्वीर दिखा रहे थे। चुनाव आयोग इसके लिए खुद को डिफेंड करेगा। लेकिन, जो ज्ञानेश कुमार कुछ दिन पहले ही कि मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं, उनके ऊपर 2023 के चुनाव को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी फोटो दिखा रहे हैं।”

आलंद निर्वाचन क्षेत्र में ‘वोट डिलीशन’ पर उन्होंने कहा, “आलंद विधानसभा भाजपा 2018 तक जीती थी और 2023 में हार गई। 2023 में वहां 248 वोट से कांग्रेस जीती और इसमें इलेक्शन पीटिशन हुआ। अभी जहां तक जानकारी मिली है कि कर्नाटक हाइकोर्ट ने वहां रिपोलिंग का आदेश दिया है। आप अपने ही उम्मीदवार की जीत को कमजोर कर रहे हैं।”

“फडणवीस ने राहुल गांधी की हिटलर के मंत्री से की तुलना, बोले- उनकी सबसे बड़ी कला सफाई से झूठ बोलना”

0

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिस ‘हाइड्रोजन बम’ का दावा किया था, वह पूरी तरह ‘फुस्स बम’ निकला।

नतीजा ये रहा कि ‘पहाड़ खोदने पर चूहा भी नहीं निकला।’

फडणवीस ने राहुल गांधी को ‘सीरियल झूठा’ बताते हुए कहा, “उनकी सबसे बड़ी कला सफाई से झूठ बोलना है। वे बार-बार झूठ बोलकर उसे सच बनाने की कोशिश करते हैं। यह वही तकनीक है जो हिटलर के मंत्री इस्तेमाल करते थे।”

फडणवीस ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग राहुल गांधी को कई बार नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन उन्होंने अब तक कोई ठोस सबूत या दस्तावेज पेश नहीं किया। सिर्फ भाषणों और मीडिया में आरोपों की राजनीति चल रही है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “राहुल गांधी जनता को गुमराह कर रहे हैं। वह संविधान, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसे लोकतंत्र के स्तंभों का निरंतर अपमान कर रहे हैं, लेकिन जनता अब जागरूक है, वह ऐसे झूठों से प्रभावित नहीं होती।”

फडणवीस ने बिहार चुनाव को लेकर भी राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बिहार की जमीनी हकीकत और जनता की भावना का कोई अंदाजा नहीं है। बिहार की जनता पूरी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है और वही चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

वहीं दूसरी ओर पुणे में बंजारा समाज ने जोरदार आंदोलन छेड़ा है। उनकी मांग है कि समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग में शामिल किया जाए और आरक्षण का लाभ दिया जाए।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे शंकर राठौर ने बताया कि हैदराबाद गजट में बंजारा समाज को आदिवासी के रूप में मान्यता दी गई है, इसलिए हमें भी एसटी आरक्षण मिलना चाहिए।

इस मांग को लेकर शिवाजीनगर से जिलाधिकारी कार्यालय तक एक पैदल मोर्चा निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। बंजारा समाज ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना गया तो यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेगा।

“पाकिस्तान घर जैसा लगता है… राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने अब छोड़ा नया ‘बयान बम'”

0

कांग्रेस ने राहुल गांधी के करीबी और इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा के एक बयान पर विवाद शुरू हो गया है. एक इंटरव्यू में सैम पित्रोदा ने नेपाल से लेकर बांग्लादेश तक की तारीफ की है.

मगर साथ ही पाकिस्तान की भी जमकर तारीफ की है. सैम पित्रोदा ने कहा, “मैं पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल गया हूं और हर जगह मुझे घर जैसा लगता है. न्यूज एजेंसी IANS से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मेरे अनुसार, हमारी विदेश नीति को पहले हमारे पड़ोस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. क्या हम वास्तव में अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों में काफी सुधार कर सकते हैं?… मैं पाकिस्तान गया हूं, और मुझे आपको बताना चाहिए, मुझे घर जैसा महसूस हुआ. मैं बांग्लादेश गया हूं, मैं नेपाल गया हूं, और मुझे घर जैसा महसूस होता है. मुझे ऐसा महसूस नहीं होता कि मैं किसी विदेशी देश में हूं…”

सैम पित्रोदा के इस बयान के बाद जाहिर है कांग्रेस के लिए मुश्किल हो सकती है. बीजेपी पहले से ही कांग्रेस के देश विरोधी बयानों को मुद्दा बताती आई है. अब इस बयान के बाद एक बार फिर से इस पर हंगामा मचना तय माना जा रहा है. सैम पित्रोदा ने भी ऐसा नहीं है कि पहली बार कांग्रेस को टेंशन दी है. इससे पहले भी वो कई बार ऐसे बयान दे चुके हैं, जिस पर काफी बवाल हुआ है.

सैम पित्रोदा के विवादित बयान

चीन पर बयान: सैम पित्रोदा ने एक बार कहा था कि चीन से खतरे को अक्सर बढ़ाचढ़ाकर पेश किया जाता है. उन्होंने सुझाव दिया था कि भारत को चीन को दुश्मन मानना बंद करना चाहिए और सहयोग पर ध्यान देना चाहिए. इस बयान से कांग्रेस ने खुद को अलग कर लिया था और कहा था कि यह उनका निजी बयान है.

नस्लीय टिप्पणी: सैम पित्रोदा ने भारतीय लोगों के रंगरूप को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी, इस बयान में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोग चीनी जैसे दिखते हैं और दक्षिण के लोग अफ्रीकी जैसे लगते हैं. इस बयान पर भी भाजपा ने कांग्रेस को घेरा था.

विरासत कर: सैम पित्रोदा ने विरासत कर की वकालत की थी और कहा कि अमेरिका में 55% विरासत टैक्स लगता है. उन्होंने सुझाव दिया कि भारत में भी विरासत कर लागू किया जाना चाहिए. इस पर भी कांग्रेस घिर गई थी.

पुलवामा हमला: सैम पित्रोदा ने पुलवामा हमले को लेकर भी विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस हमले में सिर्फ 8 लोग शामिल थे. इस बयान पर भी भाजपा ने कांग्रेस को घेरा था.

राम मंदिर: जून 2023 में, सैम पित्रोदा ने राम मंदिर को लेकर एक विवादित बयान दिया था, जिस पर भी काफी चर्चा हुई थी.

1984 के सिख दंगों पर बयान: 2019 में, सैम पित्रोदा ने 1984 के सिख दंगों पर कहा था किहुआ तो हुआ“, जिस पर काफी बवाल मचा था.

सैम भाई, पाकिस्तान आपको घर जैसा तो लगता ही है,कृपया आप अमेरिका छोड़कर पाकिस्तान में ही बस जाइये,साथ में चेले राहुल गांधी को भी ले जाएंगे तो भारत मां पर बहुत बड़ा एहसान होगा.

“Sarva Pitra Amavasya 2025: सर्वपितृ अमावस्या के दिन कैसे करें पिंडदान और तर्पण, जानें संपूर्ण विधि”

0

Sarva Pitra Amavasya 2025: सर्वपितृ अमावस्या का दिन पितरों की तृप्ति और मोक्ष के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या  कहा जाता है.

साल 2025 में सर्वपितृ अमावस्या 21 सितंबर, रविवार को पड़ रही है. इस दिन पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं और परिवार की हर बाधा दूर होती है. यदि पूरे पितृपक्ष में श्राद्ध करना संभव न हो तो केवल सर्वपितृ अमावस्या के दिन किया गया श्राद्ध और तर्पण भी पूर्ण फल प्रदान करता है.

सर्वपितृ अमावस्या पर पिंडदान और तर्पण की विधि प्रातः स्नान और संकल्प ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगाजल मिले जल से स्नान करें. पीत वस्त्र धारण करें और घर या नदी तट पर पितरों के नाम से संकल्प लें. संकल्प में अपने गोत्र, नाम और पितरों के नाम का उच्चारण करें. पिंडदान की तैयारी पिंड बनाने के लिए चावल का आटा, तिल, जौ का आटा, शहद और घी मिलाकर गोल आकार के पिंड तैयार करें.

इन्हें पीपल पत्ते या कुश के आसन पर रखें. पिंडदान की विधि पिंडों को पीपल वृक्ष के नीचे, नदी तट पर या किसी पवित्र स्थान पर रखें. पितरों के नाम से जल अर्पण करते हुए ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः मंत्र का जाप करें. पिंडों पर तिल और कुश मिलाकर जल अर्पण करें. तर्पण की विधि तर्पण तांबे या पीतल के पात्र से किया जाता है. तिल मिश्रित जल को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दोनों हाथों से अर्पित करें. प्रत्येक बार ॐ पितृभ्यः स्वधा उच्चारण करें. कुल तीन बार या 11 बार तर्पण करें. ब्राह्मण और गौ सेवा पिंडदान और तर्पण के बाद ब्राह्मण को भोजन कराएं और दक्षिणा दें. गौ सेवा करें और अन्न, वस्त्र तथा दान-दक्षिणा का दान करें. मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और घर में समृद्धि आती है.

“देश के एक तिहाई अमीरों को नहीं पसंद है शराब, सर्वे में बताई अपनी ख्वाहिश”

0

शराब पीने को लेकर अमीर लोगों पर एक सर्वे किया गया, जिसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं. इस सर्वे की रिपोर्ट हाल ही में जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि एक तिहाई से ज्यादा भारतीय अमीर लोग शराब पीना पसंद नहीं करते हैं.

ये सर्वे 8.5 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति वाले 150 भारतीयों के बीच किया गया.

मर्सिडीज-बेंज हुरुन इंडिया लग्जरी कंज्यूमर सर्वे 2025 के अनुसार, 34 फीसदी लोगों ने कहा कि वे बिल्कुल भी शराब नहीं पीते हैं, जबकि 32 फीसदी लोगों का जवाब था कि उन्हें व्हिस्की पसंद है.

वहीं, 11 फीसदी लोग रेड वाइन और 9 फीसदी लोग शैंपेन पीना पसंद करते हैं. अब सवाल उठता है कि देश के किस राज्य में सबसे ज्यादा शराब पर पैसा खर्च किया जाता है?

इन राज्यों के लोग शराब पर खर्च करते हैं सबसे ज्यादा पैसे दरअसल, पिछले साल अगस्त में वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले एक स्वायत्त अनुसंधान संस्थान यानी राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी) ने एक सर्वे रिपोर्ट जारी की थी, जिसके अनुसार, देशभर में सबसे ज्यादा शराब पर पैसा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में खर्च किया जाता है.

एनएसएसओ के 2011-12 के घरेलू उपभोग व्यय सर्वे से पता चलता है कि आंध्र प्रदेश में शराब पर प्रति व्यक्ति औसत सालाना उपभोग व्यय सबसे अधिक 620 रुपए है, तो सीएमआईई के उपभोक्ता पिरामिड घरेलू सर्वे (एसपीएचएस) से पता चलता है कि तेलंगाना के परिवार सबसे अधिक औसत सालाना प्रति व्यक्ति 1,623 रुपए की शराब पी जाते हैं.

अगर एनएसएसओ और सीएमआईई दोनों के आंकड़ों के आधार पर देखा जाए तो सबसे कम खर्च करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है, जहां यह खर्च क्रमशः 75 रुपए और 49 रुपए है. एनएसएसओ के सर्वे आंकड़ों के अनुसार, शराब पर प्रति व्यक्ति सबसे ज्यादा खर्च करने वाले अन्य प्रमुख राज्यों में केरल (486 रुपए), हिमाचल प्रदेश (457 रुपए), पंजाब (453 रुपए), तमिलनाडु (330 रुपए) और राजस्थान (308 रुपए) शामिल हैं.