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“अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर आज होगी बात, एजेंडे में क्या-क्या लेकर आए डोनाल्ड ट्रंप के दूत”

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अमेरिका की ओर से भारत पर थोपे गए 50 फीसदी टैरिफ के चलते कई उद्योगों पर असर दिख रहा है। कपड़ा निर्यात समेत कई जरूरी सामानों की मैन्युफैक्चरिंग पर असर पड़ा है और रोजगार भी सीधे प्रभावित हुआ है।

इस बीच मंगलवार को किसी राहत की उम्मीद की जा सकती है। वजह यह है कि अमेरिकी विदेश मंत्री होवार्ड लुटनिक के भारत से व्यापार समझौते की उम्मीद जताए जाने के बाद एक अमेरिकी वार्ताकार भारत पहुंच रहे हैं। सोमवार रात को ही ब्रेंडन लिंच नई दिल्ली पहुंचे हैं। वह आज भारत की ओर से मुख्य वार्ताकार बनाए गए राजेश अग्रवाल से बात करेंगे। राजेश अग्रवाल फिलहाल वाणिज्य मंत्रालय में विशेष सचिव हैं।

उन्हें भारत की ओर से वार्ता की जिम्मेदारी मिली है। वहीं अमेरिका का प्रतिनिधित्व साउथ और सेंट्रल एशिया के प्रभारी कहे जाने वाले ब्रेंडम लिंच से बात होगी। अब तक अमेरिका और भारत के बीच हर सप्ताह वर्चुअल मीटिंग होती रही है। अब कई महीनों के बाद ऐसा होगा, जब भारत और अमेरिका के प्रतिनिधि ट्रेड डील के लिए टेबल पर होंगे। राजेश अग्रवाल का कहना है कि इस मामले में फास्ट ट्रैक वार्ता होगी। हम जल्दी ही ट्रेड डील की ओर बढ़ेंगे। ब्रेंडम लिंच एक दिन के दिल्ली दौरे पर आने वाले हैं। बता दें कि लुटनिक ने कहा था कि भारत जब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा तो डील हो जाएगी।

वहीं इस बीच अमेरिकी प्रतिनिधि भारत आए हैं। लुटनिक कह चुके हैं कि भारत का सामान अमेरिका की ओर से खुलकर खरीदा जाता है, लेकिन जब हमारे उत्पादों की बारी आती है तो वह खरीद नहीं करता। लुटनिक ने कहा कि भारत की ओर से अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों की खरीद पर कोई सहमति नहीं जताई गई है। उनका कहना था कि भारत की 1.4 अरब की आबादी है, लेकिन वह हमारे यहां से मक्के का एक दाना तक नहीं खरीदता। दरअसल अमेरिका की ओर से लगातार दबाव है कि भारत अपने बाजार में अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों को एंट्री दे। वहीं भारत इस पर गैर-जरूरी रियायतें देने से इनकार कर रहा है।

हालांकि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तेवर बीते कुछ समय से नरम पड़े हैं। माना जा रहा है कि रूस के साथ डील को लेकर कोई सहमति बनने के बाद ट्रेड डील पर भी कुछ मुहर लग सकती है। बता दें कि अब तक भारत और अमेरिका के बीच 5 राउंड की ट्रेड वार्ता हो चुकी है। अब छठे राउंड के लिए चर्चा को टाल दिया गया है, जो 25 और 29 अगस्त को होने वाली थी। माना जा रहा है कि मंगलवार की मीटिंग में कुछ अहम बिंदुओं पर सहमति बन सकती है। बता दें कि एशिया के 15 देशों के साथ ट्रेड डील अब तक लिंच के माध्यम से हो चुकी है। वही भारत अमेरिका व्यापार संबंधों की भी निगरानी कर रहे हैं।

“अमेरिका में भारतीय की हत्या पर जो बाइडेन को कोसने लगे ट्रंप के अधिकारी, आरोपी को बताया राक्षस”

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अमेरिका में भारतीय मूल के शख्स की पत्नी और बच्चे के सामने नृशंस हत्या की निंदा डोनाल्ड ट्रंप भी कर चुके हैं। हालांकि ट्रंप प्रशासन हत्या की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने हत्यारे को राक्षस बताते हुए कहा कि इस अपराध को रोका जा सकता था।

इसके बाद अमेरिकी अधिकारियों ने सारा ठीकरा पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के सिर फोड़ दिया। उनका कहना है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में ही आरोपी क्यूबा के नागरिक कोबोस मार्टिनेज को वापस उसके देश भेज दिया गया होता तो आज यह अपराध नहीं होता।

आरोपी कोबोस ने 50 साल के भारतीय मूल के एक होटल मैनेजर नागामलैया की हत्या कर दी थी। उसने नागामलैया की पत्नी और बच्चे के सामने ही सिर धड़ से अलग कर दिया। इतना ही नहीं आरोपी ने सिर को लात मारी और फिर उसे उठाकर कूड़ेदान में फेंक दिया। जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच वॉशिंग मशीन को लेकर कोई बहस हो गई थी।

पुलिस ने बताया था कि आरोपी नागामलैया की गर्दन पर तब तक वार करता रहा जब तक कि सिर धड़ से अलग नहीं हो गया। घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। क्यूबा के नागरिक कोबोस को पहले भी चोरी और बच्चों के शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि जब उसे क्यूबा वापस भेजने की बात हुई तो उसे जेल से ही छोड़ दिया गया। प्रशासन ने कहा कि उसे वापस भेजने के लिए क्यूबा कि पर्याप्त उड़ानें नहीं हैं।

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने कहा, वह अपराधी आज हमारे देश में ना होता तो यह हत्या ही ना होती। क्यूबा ने आरोपी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था क्योंकि वह ऐसे अपराधी को अपने देश आने नहीं देना चाहता था। वहीं जो बाइडेन प्रशासन ने ढील दी और उसे जेल से छोड़ दिया। बता दें कि भारतीय मूल के शख्स की हत्या को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि अब अवैध प्रवासियों पर नरमी के दिन लद गए हैं।

“सरकार ने बढ़ाई ITR Filing की अंतिम तारीख, आधी रात को क्यों लेना पड़ा फैसला? जानिए सभी सवालों के जवाब”

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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। सीबीडीटी ने सोमवार देर रात एक बयान जारी करते हुए कहा कि ITR फाइलिंग की डेडलाइन 15 सितंबर से बढ़ाकर 16 सितंबर 2025 की जा रही है।

यानी अब टैक्सपेयर्स के पास आज तक का समय है। बता दें कि सरकार ने टैक्सपेयर्स को आखिरी मौका दिया है कि वे आज ही अपना ITR दाखिल कर दें। इसके बाद देरी करने पर लेट फीस और पेनल्टी लग सकती है।

बयान में क्या कहा गया? आयकर विभाग के आधिकारिक X हैंडल ने भी ITR फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ाने की जानकारी दी। साथ ही यह जानकारी दी गई कि 16 सितंबर को रात 12 बजे से सुबह 2:30 बजे तक ई-फाइलिंग पोर्टल मेंटेनेंस मोड में रहेगा। विभाग ने कहा, ‘यूटिलिटीज में बदलाव के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल 16 सितंबर 2025 को रात 12:00 बजे से सुबह 2:30 बजे तक मेंटेनेंस मोड में रहेगा।’

क्यों बढ़ाई गई ITR फाइलिंग डेडलाइन? डेडलाइन बढ़ाने का फैसला तब लिया गया जब सोशल मीडिया पर करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने पोर्टल की खराबी को लेकर शिकायतें कीं। बता दें कि 14 सितंबर (शनिवार) से ही लोग शिकायत कर रहे थे कि आयकर पोर्टल बहुत धीमा है, बार-बार डाउन हो रहा है और ITR फाइल करना मुश्किल हो रहा है। सोमवार (15 सितंबर) को पोर्टल पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला क्योंकि यह ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख थी। उसी दिन चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के एडवांस टैक्स के भुगतान की भी आखिरी तारीख थी। ऐसे में कई यूजर्स ने मांग की कि ऐसी स्थिति में ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए।

ITR डेडलाइन बढ़ने से जुड़ी जरूरी बातें;

ITR फाइलिंग की नई डेडलाइन क्या है? अब ITR फाइल करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर 2025 है।

पहले आखिरी तारीख क्या थी? पहले अंतिम तारीख 31 जुलाई 2025 थी, जिसे बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 किया गया था। अब इसे एक दिन और बढ़ाकर 16 सितंबर 2025 कर दिया गया है।

सरकार ने डेडलाइन क्यों बढ़ाई? क्योंकि आयकर पोर्टल में गड़बड़ियां आ रही थीं

  • पोर्टल धीमा हो गया था
  • बार-बार डाउन हो रहा था
  • यूजर्स ITR फाइल नहीं कर पा रहे थे। इसी वजह से सोशल मीडिया पर लोगों ने डेडलाइन बढ़ाने की मांग की।

सोशल मीडिया पर क्या कहा गया?

  • एक यूजर- “पोर्टल बहुत स्लो और खराब है, तुरंत डेडलाइन बढ़नी चाहिए।” CA चिराग चौहान ने कहा, “टैक्सपेयर्स भी वोट बैंक हैं, उन्हें नॉन-फंक्शनल पोर्टल की वजह से परेशान नहीं होना चाहिए।”

पोर्टल कब रहेगा पोर्टल मेंटेनेंस मोड में? 16 सितंबर को रात 12 बजे से 2:30 बजे तक पोर्टल मेंटेनेंस मोड में रहेगा।

अब तक कितने लोगों ने ITR भरा? आयकर विभाग के अनुसार, 7.3 करोड़ से अधिक ITR दाखिल हो चुके हैं। यह पिछले साल के28 करोड़ से भी ज्यादा है।

आखिरी दिन पोर्टल पर इतना दबाव क्यों था? क्योंकि 15 सितंबर ही ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख थी। साथ ही उसी दिन Advance Tax की दूसरी किस्त जमा करने की भी आखिरी तारीख थी।

 

 

“इजरायल की एक हरकत से अब्राहम अकॉर्ड भी दांव पर लगा, 60 मुसलमान देश एकजुट हो गए”

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15 सितंबर 2020 से लेकर 2025 में इसी तारीख तक काफी कुछ बदल चुका है। वाइट हाउस के कॉरिडोर में 2020 में अब्राहम अकॉर्ड हुआ था, जिसके तहत बहरीन और यूएई जैसे मुसलमान देशों ने इजरायल के साथ आने पर सहमति जताई थी।

ईसाई, इस्लाम और यहूदी मजहब में अब्राहम ऐसी शख्सियत हैं, जिनकी समान रूप से मान्यता है। ऐसे में उनके ही नाम पर यह अहम समझौता हुआ था। लेकिन दिलचस्प बात है कि जिस 15 सितंबर की तारीख को यह समझौता हुआ था, उसी दिन इजरायल के खिलाफ 60 मुसलमान देशों का कतर की राजधानी दोहा में जुटान हुआ।

पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई समेत 60 मुसलमान देशों के इस समिट में इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ। इसके अलावा फिलिस्तीन को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देने वाले देशों की संख्या बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव लाने की भी बात हुई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गाजा में इजरायल की ओर से जारी हमलों ने हालात बदल दिए हैं। जो अरब देश कभी इजरायल के करीब जाने का विचार बना रहे थे, उन्हें अब लगता है कि उससे करीबी बढ़ाने का नुकसान हो सकता है। उन्हें इस्लामिक देशों के बीच ही अपनी साख खोनी पड़ सकती है। इसीलिए ये देश इस्लामिक अरब समिट में पहुंचे और इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव में भी साथ दिया।

दरअसल इजरायल की ऐसी सैकड़ों कंपनियां हैं, जिन्होंने अब्राहम अकॉर्ड के बाद संयुक्त अरब अमीरात से काम करना शुरू किया था। इसके अलावा अमीरात की कंपनियों ने इजरायली टेक स्टार्टअप्स में इन्वेस्ट किया था और गैस एवं तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में पैसा लगाया। लेकिन गाजा के युद्ध ने एक झटके में बहुत कुछ बदल दिया। जुलाई 2025 तक इजरायल और यूएई के बीच का कारोबार 293 मिलियन डॉलर पहुंच गया था। यह बीते साल के मुकाबले 4 फीसदी अधिक था। इसके अलावा एक और मुसलमान देश मोरक्को के साथ भी कारोबार में 32 फीसदी का इजाफा हुआ। लेकिन अब चीजें बदल गई हैं।

पाकिस्तान में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के 31 आतंकवादी मारे गए…

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पाकिस्तान में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के 31 आतंकवादी मारे गए हैं। सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने बयान जारी करके यह जानकारी दी।

इसमें कहा गया कि दो अलग-अलग खुफिया-आधारित अभियान 13 और 14 सितंबर को खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवात व बन्नू जिलों में चलाए गए। पहले अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के ठिकाने पर हमला किया और भीषण गोलीबारी के बाद 14 आतंकवादी मारे गए।

बयान में कहा गया कि बन्नू में एक और अभियान चलाया गया, जहां गोलीबारी में 17 आतंकवादी मारे गए। इससे पहले शनिवार को आईएसपीआर ने कहा था कि सेना ने 10 से 13 सितंबर के बीच 45 आतंकवादियों को मार गिराया है। वहीं, खैबर पख्तूनख्वा में इन अभियानों के दौरान 19 सैनिक भी मारे गए। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अफगानिस्तान को आतंकवादियों का साथ देने या पाकिस्तान के साथ खड़े होने के बीच चुनाव करना होगा।

आतंकवादी गतिविधियों में आई तेजी पाकिस्तान में हाल ही में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, खास तौर से अफगानिस्तान की सीमा से लगे प्रांतों में। इसी महीने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आईईडी और विस्फोटक विशेषज्ञ सहित 8 आतंकवादियों को मार गिराया था। पुलिस ने बताया कि सेना ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे उत्तरी वजीरिस्तान जिले के खारसीन, डोगा मचाह और दत्ता खेल इलाकों में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। मारे गए आतंकवादी हाफिज गुलबहादुर बहादुर और जैश-ए-महदी कारवां से थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि लगभग 30-35 आतंकवादी आसपास के घरों में शरण लिए हुए हैं। ड्रोन और हवाई हमलों से बचने के लिए महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

Tourism: रायपुर से 50km दूर ये चिड़ियाघर बना नया पर्यटन केंद्र…

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CG Tourism: वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर इस जगह को और भी आकर्षक बनाया है। लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बैठने की जगह, ट्रैकिंग पाथ और छोटे-छोटे व्यू-प्वाइंट्स भी बनाए गए हैं। इन अद्भुत कलाकृतियों को 10 कलाकारों की टीम ने कई महीनों की मेहनत से तैयार किया है। हर आकृति को इस तरह तराशा गया है कि वह देखने में प्राकृतिक और जीवंत लगे।

गरियाबंद जिले के चिंगरापगार में पत्थरों से बने जीव-जंतुओं के शिल्प पर्यटकों को खूब लुभा रहे हैं। ये कलाकृतियां इतनी जीवंत हैं कि इन्हें देखकर ऐसा लगता है मानो ये अभी हिलने-डुलने लगेंगी। रायपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित यह जगह एक नया पर्यटन केंद्र बनकर उभर रही है।

चिंगरापगार की खासियत

यहां के पत्थरों पर अजगर (पायथन), शेर, बिच्छू, चील (ईगल), घोंघा, पैंगोलिन और मगरमच्छ जैसे 24 जानवरों की आकृतियां उकेरी गई हैं। ये कलाकृतियां झरने और हरियाली के बीच बनी हैं, जिससे यहां का माहौल और भी शांत और मनमोहक हो जाता है।

पर्यटन को बढ़ावा

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर इस जगह को और भी आकर्षक बनाया है। लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बैठने की जगह, ट्रैकिंग पाथ और छोटे-छोटे व्यू-प्वाइंट्स भी बनाए गए हैं, जिससे यह जगह परिवार के साथ घूमने के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पाट बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल रायपुर के आसपास के पर्यटन को बढ़ावा देगी।

10 कलाकारों का कमाल

इन अद्भुत कलाकृतियों को 10 कलाकारों की टीम ने कई महीनों की मेहनत से तैयार किया है। हर आकृति को इस तरह तराशा गया है कि वह देखने में प्राकृतिक और जीवंत लगे। कलाकारों का मानना है कि यह प्रयास न केवल कला को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी खोलेगा। सप्ताहांत पर सैकड़ों की संख्या में पर्यटक यहां आ रहे हैं और इस अनूठे “पत्थरों के चिड़ियाघर” का आनंद ले रहे हैं। एक पर्यटक ने बताया कि यह जगह बिल्कुल किसी पत्थर की जंगल सफारी जैसी है।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि क्रांति अभियान के तहत किसान कॉल सेंटर एग्रीबिड और क्यू आर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि क्रांति अभियान के तहत किसान कॉल सेंटर एग्रीबिड और क्यू आर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ किया। अब किसान क्यू आर कोड से देश में कहीं भी अपनी फसल बेच सकेंगे बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा और उचित मूल्य मिलेगा। कॉल सेंटर से विशेषज्ञों द्वारा किसानों को सहायता मिलेगी। किसानों को कृषि विकास के लिए शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा गया।

जिले के किसानों के हित में चलाई जाने वाले कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत आज किसान कॉल सेंटर एग्रीबिड और बाजार व्यवस्था को सरल बनाने के उद्देश्य से क्यू आर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा अपने बगिया स्थित निज निवास कार्यालय से किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, विधायक जशपुर मती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिले में कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों के लिए भी उपयुक्त वातावरण उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में आम, लीची, नाशपाती के साथ चाय, टाऊ, कटहल जैसी फसलों का भी बहुतायत में उत्पादन हो रहा है। ऐसे में किसानों के पास बाजारों के विकल्प के ना होने से उन्हें औने पौने दामों में अपनी फसलों को बिचौलियों को बेचना पड़ता था।

अब क्यू आर कोड के माध्यम से सीधे उपार्जकों तक पहुंच एवं बेचने की व्यवस्था होने से जिले के किसान देश के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को अपनी फसल को बेच सकेंगे, जिससे किसानों को अनावश्यक बिचौलियों, कोचियों जैसे लोगों से छुटकारा मिलेगा और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त होगा। कॉल सेंटर से किसानों को विशेषज्ञों द्वारा किसी भी समस्या पर सहायता प्राप्त होगी। इन दोनों पहलों से कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और किसानों को उचित मूल्य मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी।

उन्होंने बताया कि एनडीडीबी के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 06 जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत उत्तम किस्म के दुधारू पशुओं के वितरण के साथ ग्रामीणों को पशुपालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय ने कहा कि किसानों के लिए प्रारम्भ किया गया कॉल सेंटर जिले में कृषि के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, किसानों को इसके दूरगामी परिणाम प्राप्त होंगे। विधायक जशपुर मती रायमुनी भगत ने कहा कि जिले में नाशपाती, लीची के साथ कटहल की फसल भी बहुतायत में होती है। जिसके प्रसंस्करण और विकास के लिए जशपुर में विगत दिनों कटहल मेला भी आयोजित किया गया था। ऐसे में इन नवीन पहलों से किसान उत्पादन के साथ उचित मूल्य पर उत्पादों का निर्यात भी कर सकेंगे।

किसानों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

किसानों को नवाचारी कृषि और कृषि के विकास हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कृषि क्रांति एवं आत्मा योजनांन्तर्गत 35 कृषकों के दल को रायपुर एवं दुर्ग के शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री साय द्वारा हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। इसमें कुनकुरी के 15 एवं कांसाबेल के 20 किसान शामिल हैं। यह किसान वहां जाकर वैज्ञानिक पद्धति से खेती और खाद्य प्रसंस्करण के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे, जिसे वे जिले में आकर अपना सकेंगे। बीएनआर सीड रायपुर एवं इंडस मेगा फूड पार्क रायपुर द्वारा इस भ्रमण में कृषकों को जानकारी प्रदान की जाएगी।

किसान कॉल सेंटर में 08069378107 नम्बर पर किसानों को मिलेगी सहायता

इस किसान कॉल सेंटर के माध्यम से जिले के किसान खेती से जुड़े प्रश्नों एवं समास्याओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त कर पाएंगे। इसके लिए आज मुख्यमंत्री साय के समक्ष जिला प्रशासन एवं एग्रिबिड के मध्य एमओयू पर भी हस्ताक्षर किया गया। इस कॉल सेंटर से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ योजना का लाभ लेने हेतु लोगों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

इसके माध्यम से किसान अपनी समस्याओं को भी बिना किसी देरी के अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे किसानों को उनकी छोटी छोटी समस्याओं का सीधा निराकरण प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए 12 विशेषज्ञों का दल कार्य करेगा, जिसमें विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं अन्य कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो कॉल, मैसेज, व्हाट्सप्प द्वारा किसानों से जुड़ेंगे। किसानों को केवल कॉल सेंटर के नम्बर 08069378107 पर सम्पर्क करना होगा।

जिले के किसानों की उत्पादों कोे पूरे देश से मिलेंगे खरीददार

जी कॉम इंडिया के क्यू आर कोड से देश के किसी भी कोने के क्रेता से जिले के किसान से सीधे संपर्क कर व्यापार कर पाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से जिले के किसानों को स्थानीय मंडी पर निर्भर ना रहते हुए पूरे देश की सभी मंडियों से संपर्क हो सकेगा। देश के किसी भी कोने में बैठे खरीददार ऐप के माध्यम से किसान के पास उपलब्ध उत्पाद की जानकारी प्राप्त करने के साथ साथ उनसे संपर्क कर व्यवसाय कर सकेंगे।

इस ऐप के माध्यम से यदि किसी व्यक्तिगत किसान के पास उत्पाद की मात्रा उपलब्ध ना हो तो वह समुदाय के अपने साथी किसानों के पास उपलब्ध मात्रा को जोड़कर क्रेता को उपलब्ध करा सकते हैं, इससे सभी का सामूहिक विकास सुनिश्चित होगा। इस अभियान से किसानों को धान के साथ साथ उनकी तिलहन, दलहन, नगदी फसलों को घर बैठे उचित मूल्य प्राप्त होगा। किसान को केवल अपने पास उपलब्ध फसलों की मात्रा और उसकी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

 

मौसम ने ली करवट सड़कों पर नज़ारा बदला गर्मी से मिली राहत मौसम विभाग का अलर्ट…

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राजधानी रायपुर में बूंदाबांदी से मौसम सुहाना, पारा गिरा… उमस और गर्मी से मिली राहत, रायपुर में सोमवार को बूंदाबांदी का दौर चला। बूंदाबांदी से तापमान घट गया। मौसम सुहाना हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिली।

छत्तीसगढ़ के रायपुर में सोमवार को बूंदाबांदी का दौर चला। बूंदाबांदी से तापमान घट गया। मौसम सुहाना हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि बारिश से बचने के लिए राहगीरों को रेनकोट और छतरी लेकर निकलना पड़ा। शहर के शास्त्री चौक पर लोग बारिश के बीच गुजरते नजर आए।

सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई थी। दोपहर तक उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया था, लेकिन शाम को हुई बूंदाबांदी ने तापमान में गिरावट ला दी। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में पारा सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है।

बारिश के बीच शास्त्री चौक, फाफाडीह, तेलीबांधा तालाब और जीई रोड पर लोग छतरियों और रेनकोट के साथ गुजरते दिखे। कई जगह युवाओं और बच्चों ने बूंदाबांदी का आनंद उठाया। वहीं, अचानक हुई फुहारों से सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को थोड़ी परेशानी का सामना भी करना पड़ा।

लगातार कई दिनों से राजधानी में उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी। अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर और न्यूनतम भी औसत से अधिक दर्ज हो रहा था। लेकिन बूंदाबांदी के बाद मौसम में ताजगी घुल गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजधानी समेत आसपास के इलाकों में अगले 24 से 48 घंटों तक हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।

 

शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी 50 लाख रुपये, परमवीर चक्र विजेताओं को 1 करोड़ की अनुग्रह राशि, साय सरकार ने बड़ी घोषणा…

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छत्तीसगढ़ के साय सरकार ने बड़ी घोषणा की है. घोषणा के अनुसार, युद्ध और सैनिक कार्रवाई में शहीद सैनिकों की पत्नी या उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है.

युद्ध और सैनिक कार्रवाई में शहीद  सैनिकों की पत्नी या उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है. अब  इन सैनिकों को 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया जाएगा. इसके साथ ही युद्ध और सैनिक कार्रवाई में विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है. अब परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को 40 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया है.

शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी 20 लाख की जगह 50 लाख की अनुग्रह राशि

आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई. इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं. हम उनके शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं. सरकार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है. बैठक में शहीदों की वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके आश्रितों के लिए राज्य द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई.

परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को मिलेगी 1 करोड़ की अनुग्रह राशि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समिति की छठवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में हमारे वीर जवान दिन-रात तत्पर रहते हैं. भारत मां की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्तव्य है. बीते सोमवार को हुई बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है. बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा. भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों द्वारा दिए गए हैं, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा.

भूमि या गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक स्टाम्प शुल्क में दिया जाएगा छूट

बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिए गए. इनमें युद्ध और सैनिक कार्रवाई में शहीद (बैटल कैजुअल्टी) सैनिकों की पत्नी और आश्रितों को अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करना, विभिन्न शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली राशि में वृद्धि करना शामिल है. अब परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सैनिक को 40 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. इसी प्रकार सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है. युद्ध और सैनिक कार्रवाई में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है. साथ ही सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और विधवाओं को प्रथम भूमि या गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया.

 

IFS Transfer: भारतीय वन सेवा के अफसरों के तैनाती और प्रभार में बड़ा बदलाव अरण्य भवन से आदेश जारी…

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IFS Transfer: भारतीय वन सेवा के अफसरों के तैनाती और प्रभार में बड़ा बदलाव अरण्य भवन से आदेश जारी…

वन मंत्रालय ने शासन के आदेश पर 13 भारतीय वन सेवा के अफसरों के तैनाती और प्रभार में बड़ा बदलाव किया गया है। हालाँकि आदेश से किसी भी वनमंडल के डीएफओ प्रभावित नहीं हुए है। छत्तीसगढ़ के वन्य महकमें में बड़ा तबादला हुआ है। वन मंत्रालय ने शासन के आदेश पर 13 भारतीय वन सेवा के अफसरों के तैनाती और प्रभार में बड़ा बदलाव किया गया है। हालाँकि आदेश से किसी भी वनमंडल के डीएफओ प्रभावित नहीं हुए है।