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भैसा कोठा व्यवसायिक परिसर की 10 दुकानों में निगम ने की सील, राजस्व वसूली में कड़ाई

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राजनांदगांव। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर राजस्व वसूली में कड़ाई बरतते हुए भैसा कोठा व्यवसायिक परिसर की 10 दुकानों को सील कर दिया। ये कार्रवाई दुकानों के बकाया प्रीमियम और किराये का भुगतान न करने के कारण की गई है। निगम द्वारा दुकानदारों को बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद यदि वे दुकानों को रिक्त नहीं करते, तो सीलबंदी की कार्रवाई की गई।

नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में राजस्व वसूली को लेकर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आयुक्त ने बताया कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के इस समय में लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने के लिए बकायादारों को नोटिस जारी की जा रही है और कार्रवाई की जा रही है।

राजस्व अधिकारी श्री राजेश तिवारी के नेतृत्व में निगम के अधिकारियों ने भैसा कोठा व्यवसायिक परिसर में स्थित 17 दुकानों में से 10 दुकानों की विधिवत नीलामी की थी। नीलामी के बाद, सक्षम प्राधिकारी द्वारा दुकानों की स्वीकृति शासन को भेजी गई थी, लेकिन कलेक्टर द्वारा दी गई स्वीकृति को निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद भी दुकानदारों ने दुकानों को खाली नहीं किया, जिसके चलते निगम द्वारा सीलबंदी की कार्रवाई की गई।

निगम द्वारा बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और सम्पत्तिकर, जलकर, और समेकितकर के बड़े बकायादारों को नोटिस जारी कर नल कनेक्शन काटने की तैयारी की जा रही है।

आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने बताया कि शासन के निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध सत प्रतिशत राजस्व वसूली किया जाना है और इसके लिए सभी करदाताओं से अपील की जा रही है कि वे समय पर अपने बकाया कर और किराये का भुगतान करें, ताकि उन्हें निगम की कार्यवाही से बचा जा सके।

इस कार्रवाई के दौरान राजस्व निरीक्षक श्री हितेश ठाकुर, राजस्व उप निरीक्षक श्री रविंद्र ठाकुर, राजस्व अधिकारी श्री राज कुमार बंजारे और निगम का पूरा राजस्व अमला उपस्थित था।

कन्हारपुरी में शासकीय प्राथमिक शाला में रक्षा टीम द्वारा बच्चों को गुड टच-बेड टच और डिजिटल सुरक्षा के बारे में जानकारी दी गई

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राजनांदगांव। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन पर 05 फरवरी 2026 को शासकीय प्राथमिक शाला कन्हारपुरी, जिला राजनांदगांव में कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में रक्षा टीम ने बच्चों को गुड टच और बेड टच के बारे में जागरूक किया और उन्हें डिजिटल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान महिला आरक्षक रीनू मेश्राम, कौशिल्या साहू, आरक्षक अमित जाटवर और आरक्षक वाहन चालक शेष नारायण सिंहा ने बच्चों को सरल एवं सहज भाषा में समझाया। साथ ही बच्चों को यह भी बताया गया कि स्कूल में लगे पॉक्सो बॉक्स का सही समय पर उपयोग कैसे करें, असहज स्थिति में क्या कदम उठाएं, और भरोसेमंद व्यक्ति से सहायता कैसे प्राप्त करें।

इसके अलावा, बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक और शिक्षिकाओं को अभिव्यक्ति ऐप डाउनलोड कराकर उसका उपयोग और महत्व भी समझाया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना, सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना और उन्हें सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण में शिक्षित करना था। इस जागरूकता कार्यक्रम में कुल 187 से अधिक छात्र-छात्राएं और शिक्षक स्टाफ उपस्थित थे।

विद्यालय परिवार ने रक्षा टीम के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के समग्र विकास और उनकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं।

प्रीमियम नहीं चुकाने पर निगम की सख्ती, हाईटेक बस स्टैंड की 7 दुकानों पर ताला

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राजनांदगांव। वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए नगर निगम ने राजस्व वसूली में सख्ती बढ़ा दी है। बकाया प्रीमियम और किराया नहीं चुकाने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निगम ने जेल रोड स्थित हाईटेक बस स्टैंड की 7 दुकानों में ताला जड़ दिया। वहीं, बड़े बकायादारों को संपत्तिकर, जलकर और समेकित कर जमा करने के लिए नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।

निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है। राजस्व अधिकारी श्री राजेश तिवारी के नेतृत्व में टीम बकायादारों को नोटिस जारी कर भुगतान नहीं होने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में आज हाईटेक बस स्टैंड जेल रोड की दुकानों में कार्रवाई की गई।

एक दुकानदार ने जमा किया प्रीमियम, बाकी पर ताला
कार्रवाई के दौरान दुकान क्रमांक 1 के आबंटी श्री मनीष कुमार बाफना ने 5 लाख 14 हजार रुपए की प्रीमियम राशि जमा की और 6 लाख रुपए का चेक आगामी तिथि का दिया। वहीं शेष दुकानदारों द्वारा प्रीमियम राशि जमा नहीं करने पर निगम ने 7 दुकानों में ताला जड़ दिया।

जिन दुकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें दुकान क्रमांक जी-2 (आबंटी श्री भावेश अग्रवाल) पर 11 लाख 38 हजार 757 रुपए, जी-3 (श्री प्रकाश राठौड़) पर 13 लाख 39 हजार 206 रुपए, जी-7 (श्रीमती मीना राठौड़) पर 13 लाख 39 हजार 206 रुपए, जी-8 (दादा ब्रदर्स) पर 13 लाख 40 हजार 206 रुपए, जी-9 (श्री भावेश अग्रवाल) पर 11 लाख 40 हजार 757 रुपए और जी-10 (दादा ब्रदर्स) पर 13 लाख 47 हजार 206 रुपए का प्रीमियम बकाया था।

शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य
निगम आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने बताया कि शासन के लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित की जानी है। करदाताओं से अपील की जा रही है कि वे समय पर बकाया कर और किराया जमा करें, ताकि अधिभार और निगमीय कार्रवाई से बचा जा सके।

कार्रवाई के दौरान राजस्व अधिकारी श्री राजेश तिवारी, राजस्व निरीक्षक श्री हितेश ठाकुर, राजस्व उप निरीक्षक श्री रविंद्र ठाकुर, श्री राजकुमार बंजारे सहित राजस्व अमला मौजूद रहा।

महापौर परिषद की बैठक : विकास कार्यों पर हुई चर्चा, महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

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राजनांदगांव। महापौर श्री मधुसूदन यादव की अध्यक्षता में महापौर परिषद की बैठक निगम स्थित महापौर कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में शहर के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर गंभीर चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

महापौर श्री यादव ने बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दुर्गा चौक और जिला अस्पताल क्षेत्र में पानी निकासी की समस्या को सुलझाने के लिए नार कन्हैया नाला से जिला अस्पताल तक नाला निर्माण हेतु अधोसंरचना विकास योजनांतर्गत निविदा दर की अनुशंसा की गई है। यह परियोजना पानी की निकासी व्यवस्था को सुधारने में मदद करेगी।

इसके अलावा, दुकान नीलामी में प्राप्त उच्चतम बोली की स्वीकृति और भूमि या भवन मालिकों से वार्षिक भाड़ा मूल्य विवरणी भरकर सम्पत्तिकर का भुगतान कराने के विषय पर भी स्वीकृति प्रदान की गई। इससे नगर निगम को राजस्व में वृद्धि होगी और संपत्ति मालिकों पर भी उचित कर का दबाव रहेगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 और जल संवर्धन मिशन की मंजूरी
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत निकाय क्षेत्र के अंतर्गत प्रचलित/सुरक्षित भूमि पर काबिज परिवारों को योजना में शामिल कर लाभान्वित करने पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा, शासन की पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-शहरी जल संवर्धन मिशन के अंतर्गत भूजल स्तर को बचाने और वर्षा जल संचय के माध्यम से भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए स्थल चयन की स्वीकृति दी गई।

महापौर श्री यादव ने बताया कि इन कदमों से शहर में जल संकट की समस्या को नियंत्रित किया जा सकेगा और जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

बैठक में मौजूद थे प्रमुख अधिकारी
बैठक में महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य सर्वश्री सावन वर्मा, सुनील साहू, श्रीमती बिना ध्रुव, शैंकी बग्गा, श्रीमती केवरा विजय राय, श्रीमती वर्षा शरद सिन्हा, आलोक श्रोती, डीलेश्वर प्रसाद साहू और राजा माखीजा के अलावा निगम अध्यक्ष श्री टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री दीपक खाण्डे, प्र. कार्यपालन अभियंता श्री प्रणय मेश्राम, प्र. सहायक अभियंता सुश्री सुषमा साहू, प्र. स्वास्थ्य अधिकारी श्री राजेश मिश्रा और प्र. कार्यालय अधीक्षक श्री नारायण यादव सहित निगम के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

महापौर परिषद की इस बैठक में लिए गए निर्णयों से नगर निगम के विकास कार्यों में गति आएगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

महापौर मधुसूदन यादव ने किया वार्ड निरीक्षण, साफ-सफाई और जल समस्या पर दिए दिशा-निर्देश

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राजनांदगांव। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने आज सुबह वार्ड नं. 29, 30 और 31 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कैलाश नगर, कंचनबाग और जनता कालोनी का दौरा कर स्थानीय निवासियों से संवाद किया और क्षेत्र की साफ-सफाई, उद्यानों की स्थिति तथा पानी की आपूर्ति की समस्या पर चर्चा की।

वार्ड निरीक्षण के दौरान महापौर ने पार्षद श्रीमती न्यामत हुद्दा, श्री चंद्रशेखर लश्करे और श्रीमती रीना सिन्हा, पूर्व पार्षद श्री अमीन हुद्दा तथा श्री विट्ठल पटेल के साथ मिलकर वार्डवासियों से फीडबैक लिया। महापौर ने स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी को लेकर वार्डवासियों से सहयोग की अपील की और कहा कि शहर की सफाई में सुधार लाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसे वार्डवासियों का पूरा सहयोग चाहिए। उन्होंने निवासियों से अपने घरों के आसपास सफाई रखने और कचरे को सही तरीके से अलग-अलग करके स्वच्छता दीदियों को सौंपने की समझाईश दी।

कैलाश नगर में जलाराम मंदिर के पास स्थित उद्यान में लाइट लगाने और मरम्मत की आवश्यकता के बारे में महापौर ने संबंधित इंजीनियर को निर्देश दिए। वहीं कंचनबाग के अटल आवास के पास पानी निकासी की समस्या को लेकर उन्होंने अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही।

जनता कालोनी में पानी की कमी की शिकायत पर महापौर ने पानी टैंकर भेजने और पाइपलाइन की जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही, जनता कालोनी के उद्यान का भी निरीक्षण किया और उसकी मरम्मत के साथ-साथ वहां आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने की बात कही।

इस मौके पर महापौर के साथ प्र. सहायक अभियंता श्रीमती गरिमा वर्मा, सुश्री सुषमा साहू, उप अभियंता श्रीमती पिंकी खाती, श्रीमती रीतू श्रीवास्तव, प्र. स्वास्थ्य अधिकारी श्री राजेश मिश्रा और निगम का तकनीकी व स्वास्थ्य अमला भी उपस्थित था।

महापौर ने सभी वार्डवासियों से नगर निगम के साथ मिलकर अपने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

बम्हनी चारभाठा में विशाल हिंदू सम्मेलन : जातिगत भेदभाव छोड़ एकजुट होने का आह्वान, 15 गांवों से पहुंचे लोग

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छुरिया। विकासखंड के ग्राम बम्हनी चारभाठा के हाई स्कूल मैदान में सर्व हिंदू समाज बम्हनी मंडल द्वारा विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। उक्त सम्मेलन में आसपास के लगभग 12 से 15 गांव के हिन्दू भाई-बहन, माताएं एवं आम जनमानस अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे थे।
कार्यक्रम का प्रारंभ शीतला माता मंदिर में पूजा-अर्चना के पश्चात भव्य कलश यात्रा निकाली गई। उक्त कलश यात्रा ग्राम के विभिन्न गलियों से होते हुए प्रमुख चौक-चौराहों एवं मार्गो से गुजरकर बस स्टैंड होते हुए हाईस्कूल मैदान में स्टेडियम के सामने आयोजन स्थल पर पहुंचा, जहां पर मां भारती एवं भारत माता की पूजा-अर्चना करने के पश्चात विधिवत रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सर्वप्रथम रामायण मानस गायन का आयोजन किया गया। रामायण मानस गान के माध्यम से यह बताया गया कि हमारा हिंदू समाज विभिन्न जातियों में बंटा हुआ है। ऐसे में हमें जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एक साथ रहना होगा तथा अपने देश एवं धर्म की रक्षा करनी होगी। सदियों से भारत भूमि पर विदेशी आक्रमणकारों ने यहां हमला बोला। यहां आकर देश के हमारे भोले-भाले गरीब हिंदू परिवार के लोगों को पैसे का लालच एवं विभिन्न बीमारियों का भय दिखाकर हजारों लाखों लोगों को धर्म परिवर्तन कराया तथा हिंदू धर्म को तोड़ने की असफल कोशिश किया है।
सम्मेलन में हिन्दू धर्म के अंतर्गत विभिन्न समाजों के जिला/तहसील/क्षेत्रीय समाज प्रमुखों/प्रतिनिधियों का नारियल श्रीफल, गमछा भेंट कर, तिलक लगाकर एवं हार पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। संत रविदास समाज, गुरु घासीदास समाज, बौद्ध समाज, पाल समाज, वैष्णव समाज, आदिवासी नागवंशी समाज, आदिवासी धु्रवंशीय समाज, साहू समाज, सेन समाज, सिन्हा समाज, चंद्रवंशी समाज, विश्वकर्मा समाज, ब्राह्मण समाज, यादव समाज, पटेल मरार समाज, निर्मलकर समाज सहित समस्त समाजों के समाज प्रमुखों रविन्द्र वैष्णव, शेखर भरतद्वाज, नैनसिंग पटेल, रविन्द्र टांडेकर, धनुष राम मंडावी, हुकुमचंद साहू, राजकुमार टेम्बुरकर, घासीराम पाल, रमेशर चंद्रवंशी, कृष्णा लाल विश्वकर्मा, टीकम पांडे, जोहित लाल देशलहरे आदि।
इसके साथ ही स्थानीय सरपंच मीना धु्रवे, अंजू धनकर, विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों अजय पटेल अध्यक्ष नगर पंचायत, भुवनेश्वर साहू, सिख समाज के प्रतिनिधि के तौर पर जगजीत सिंह लक्की भाटिया, बिमला सिन्हा समाजसेविका, उभय राम जनपद सदस्य, भान बाई मंडावी जनपद सदस्य, खेमचंद साहू, टीकम साहू सहित अनेक समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों का आयोजन समिति के सदस्यों भूखन लाल धनकर, राजकुमार मिश्रा, जाकेश साहू, विजय बहादुर सिंह, शिवा मिश्रा, तोरण दास वैष्णव, प्रमोद वर्मा, उभय राम मंडावी, यादो दास वैष्णव, सतीश यादव, गौतम चंद साहू, अवधेश राजपूत, घासीराम पाल, पद्मभूषण साहू, पुना राम वर्मा, शेखर साहू, रमेश कटेंगा, हृदय राम नेताम, डॉक्टर अनिल सुरसावंत आदि ने स्वागत अभिनंदन किया।
बीच-बीच में स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। जिसमें मां भारती एवं भारत माता की पूजा-आरती, स्वागत गीत, वंदे मातरम, भारत का बच्चा-बच्चा जय-जय श्रीराम बोलेगा…जोत जवांरा गीत, छत्तीसगढ़ी लोक कला एवं संस्कृति से संबंधित गीतों पर छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक नित्य प्रस्तुत किया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से आए हुए प्रमुख अतिथियों एवं वक्ताओं ने सभा में उपस्थित आम जनमानस को अपना उद्बोधन दिया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अभय वाजपेई विभाग सेवा प्रमुख, अनिल श्रीवास्तव सह प्रांत सेवा प्रमुख, बसराम साहू मानस प्रेमी एवं शंकर साहू मानस प्रेमी आदि प्रमुख थे। वक्ताओं ने देश, धर्म, विश्वपटल की वर्तमान परिस्थितियो पर आधारित समस्याओं एवं उनके समाधान पर बाते कहीं। पारिवारिक संस्कार, देश के पूर्व में हुए विदेशी आक्रमण, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, अल्पसंख्यक हिंदुओं की मारकाट एवं आगजनी, उत्पीड़न आदि की चर्चा करते हुए भारत देश में हिंदुओं की घटती आबादी पर चिंता व्यक्त की गई। सम्मेलन में पहुंचे सभी आम जनमानस के लिए सर्व हिन्दू समाज मंडल बम्हनी द्वारा भोजन प्रसादी की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। भोजन भंडारा दोपहर एक बजे से लेकर शाम छह बजे तक चलते रहा।
वक्ताओं ने हम सभी हिंदू समाज के लोगों को एक होकर और मिल-जुलकर रहने पर बल दिया गया। छोटी-छोटी बातों पर आपस में नहीं लड़ने, आपसी पारिवारिक मुद्दों को मिल बैठकर घर परिवार में ही हल करने की बाते कही गईं।
विधर्मियों के लालच और षड्यंत्र में नहीं फंसने तथा धर्म परिवर्तन नहीं करने हेतु आग्रह किया गया। हमें अपने इष्ट देवी देवताओं की विधि सम्मत पूजा-अर्चना करने, प्रत्येक शनिवार अथवा मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने, गांवों में बाहरी आगंतुकों पर नजर रखने तथा अपने पूर्वजों एवं देश के विभिन्न महापुरुषों द्वारा सनातन धर्म के बताए हुए मार्ग पर चलने की सलाह दी गई, जिससे हमारा देश को परम वैभव की प्राप्ति होगी। भारत विश्व का सिरमौर बनेगा। उक्त कार्यक्रम में क्षेत्र एवं आपपास से बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न सामाजिक बंधुजन, माताएं-बहनें, वरिष्ठ नागरिकगण एवं आम जनमानस पहुंचे थे।

खतरे की घंटी! लोग बिना सोचे-समझे मान रहे हैं AI चैटबॉट की हर बात, नई स्टडी ने उड़ाए होश…

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic की एक नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. रिसर्च के मुताबिक, बड़ी संख्या में यूजर्स अब AI चैटबॉट की सलाह को बिना सोचे-समझे मानने लगे हैं और कई बार अपनी इंसानी समझ व अंतर्ज्ञान को नजरअंदाज कर रहे हैं.

यह अध्ययन खासतौर पर Anthropic के AI चैटबॉट Claude पर केंद्रित है.

रिसर्च का मकसद और दायरा

यह अध्ययन Who’s in Charge? Disempowerment Patterns in Real-World LLM Usage नाम के रिसर्च पेपर में प्रकाशित हुआ है जिसे Anthropic और यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के शोधकर्ताओं ने मिलकर तैयार किया. इसका उद्देश्य यह समझना था कि AI चैटबॉट्स से बातचीत करते समय यूजर्स किस हद तक अपनी स्वतंत्र सोच खो सकते हैं और किन हालात में यह नुकसानदेह बन सकता है.

कैसे बदल सकता है AI यूजर्स की सोच और फैसले

रिसर्च में बताया गया है कि AI चैटबॉट कुछ स्थितियों में यूजर की सोच या व्यवहार को नकारात्मक दिशा में प्रभावित कर सकता है. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई यूजर किसी साजिश या अप्रमाणित थ्योरी पर विश्वास करता है तो AI द्वारा उसे सही ठहराना रियलिटी डिस्टॉर्शन माना गया है. इसी तरह, गलत रिश्तों को सही बताना या यूजर को अपने मूल्यों के खिलाफ कदम उठाने के लिए प्रेरित करना भी गंभीर जोखिम के रूप में सामने आया.

लाखों बातचीत का विश्लेषण

शोधकर्ताओं ने Claude के साथ हुई करीब 15 लाख से ज्यादा वास्तविक और गुमनाम बातचीत का अध्ययन किया. इसमें पाया गया कि हर 1,300 बातचीत में से एक में वास्तविकता से जुड़ी गड़बड़ी के संकेत दिखे जबकि हर 6,000 बातचीत में से एक में यूजर के गलत कदम उठाने की आशंका नजर आई. संख्या भले ही कम लगे लेकिन Anthropic का मानना है कि AI के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल को देखते हुए इसका असर काफी लोगों पर पड़ सकता है.

समय के साथ बढ़ रहा है खतरा

रिसर्च में यह भी सामने आया कि समय के साथ ऐसे मामलों की संख्या बढ़ रही है जहां AI यूजर की स्वतंत्र सोच को कमजोर कर सकता है. कुछ आकलनों के अनुसार, हर 50 से 70 बातचीत में से एक में कम से कम हल्के स्तर का जोखिम मौजूद रहता है. यहां डिसएंपावरमेंट का मतलब है जब AI यूजर के फैसलों, विश्वासों और मूल्यों पर इतना हावी हो जाए कि उसकी खुद की सोच प्रभावित होने लगे.

भावनात्मक रूप से कमजोर यूजर्स सबसे ज्यादा प्रभावित

Anthropic के अनुसार, ये जोखिम खासतौर पर उन यूजर्स में ज्यादा दिखे जो भावनात्मक रूप से कठिन दौर से गुजर रहे थे या बार-बार व्यक्तिगत और संवेदनशील फैसलों के लिए AI पर निर्भर हो रहे थे. दिलचस्प बात यह है कि ऐसे यूजर्स बातचीत के दौरान AI की सलाह से संतुष्ट दिखे लेकिन बाद में फैसलों के नतीजों से असंतोष भी जताया.

AI साइकोसिस को लेकर बढ़ती चिंता

यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब AI साइकोसिस को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है. यह शब्द उन हालात के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां AI से लंबी बातचीत के बाद यूजर्स में भ्रम, गलत धारणाएं या मानसिक अस्थिरता देखी जाती है. कुछ मामलों में गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट की भी रिपोर्ट सामने आई है.

सलाह मानने के पीछे ये हैं बड़े कारण

स्टडी में चार ऐसे प्रमुख कारण बताए गए, जिनकी वजह से यूजर्स AI की बातों को बिना सवाल किए मानने लगते हैं. इसमें AI को अंतिम और सर्वोच्च authority मानना, उससे भावनात्मक जुड़ाव बन जाना, निजी संकट के दौर से गुजरना और बार-बार फैसलों की जिम्मेदारी AI पर छोड़ देना शामिल है.

रिसर्च की सीमाएं भी मानी गईं

Anthropic ने यह भी साफ किया कि यह अध्ययन संभावित जोखिमों को दर्शाता है, न कि हर मामले में वास्तविक नुकसान को. साथ ही, AI और यूजर के बीच यह एक दोतरफा प्रक्रिया है जहां कई बार यूजर खुद ही अपनी निर्णय क्षमता AI को सौंप देता है.

2026 में ये शेयर करवाएंगे निवेशकों पर पैसों की बरसात; ब्रोकरेज फर्म ने जताया है भरोसा, 50 % रिटर्न मिलने की उम्मीद…

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भारतीय निवेशक हमेशा से लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देने वाले शेयरों की तलाश में रहते हैं. साल 2026 के लिए ब्रोकरेज हाउसेज की ताजा रिपोर्ट्स कुछ खास सेक्टरों की ओर इशारा कर रहे हैं.

जहां आगे बेहतर रिटर्न की उम्मीद जताई जा रही है

डिफेंस, हाउसिंग फाइनेंस, एफएमसीजी जैसे क्षेत्रों की कुछ कंपनियों में कमाई की स्थिति मजबूत मानी जा रही है. कंपनी शेयरों में 10 फीसदी से लेकर 50 फीसदी तक बढ़त की संभावना बताई जा रही है. आइए जानते हैं, ऐसे ही कुछ चुनिंदा शेयरों के बारे में…..

टीमलीज सर्विसेज पर ब्रोकरेज का भरोसा

ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने टीमलीज सर्विसेज को साल 2026 के लिए अपनी पसंदीदा कंपनियों की लिस्ट में शामिल किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के शेयर का लक्ष्य मूल्य 2,400 रुपये तय किया गया है, जबकि फिलहाल इसका बाजार भाव करीब 1,503 रुपये के आसपास है.

इस आधार पर इसमें करीब 49 फीसदी तक बढ़त की संभावना जताई जा रही है. जिसे देखते हुए निवेशकों के लिए यह शेयर आकर्षक माना जा रहा है.

देवयानी इंटरनेशनल शेयर

ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने देवयानी इंटरनेशनल पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग जारी रखी है और इसका लक्ष्य मूल्य 185 रुपये तय किया है. फिलहाल शेयर करीब 123 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं. जिससे इसमें 50 फीसदी से अधिक की तेजी की संभावना बनती है.

ब्रोकरेज का मानना है कि क्विक सर्विस रेस्टोरेंट सेक्टर में कंपनी तेजी से ग्रो कर रही है. आने वाले क्वार्टर में विस्तार और बेहतर संचालन का असर इसके प्रदर्शन में साफ नजर आने की उम्मीद है.

इमामी शेयर

एफएमसीजी सेक्टर की जानी-मानी कंपनी इमामी को लेकर सिटी ब्रोकरेज का भरोसा बना हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, इमामी के शेयर के लिए 665 रुपये का लक्ष्य तय किया गया है. जबकि इसका मौजूदा बाजार भाव करीब 488 रुपये है.

इस हिसाब से इसमें लगभग 34 फीसदी तक बढ़त की संभावना जताई जा रही है. ब्रोकरेज का मानना है कि मजबूत ब्रांड पहचान, विविध प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और स्थिर मांग के चलते इमामी लंबी अवधि के निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकती है.

सोलर इंडस्ट्रीज शेयर

ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने सोलर इंडस्ट्रीज पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग को बरकरार रखा है. लेकिन ब्रोकरेज ने इसके लक्ष्य मूल्य में कटौती की है. पहले जहां इसका टारगेट 18,000 रुपये था, अब इसे घटाकर 15,800 रुपये कर दिया गया है.

फिलहाल शेयर करीब 13,566 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है. जिससे इसमें लगभग 16 फीसदी तक की बढ़त की संभावना दिखाई दे रही है.

Nissan Gravite की लॉन्च डेट हुई कंफर्म, कई हाईटेक फीचर्स से होगी लैस, जानें संभावित कीमत…

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निसान ने अपनी नई फैमिली कार Nissan Gravite की लॉन्च डेट को फाइनल कर दिया है. यह कार भारतीय बाजार में 17 फरवरी 2026 को लॉन्च की जाएगी. पहले इसे जनवरी में ही लाने की तैयारी थी, लेकिन अब कंपनी ने इसकी नई तारीख तय कर दी है.

Nissan Gravite एक तीन रो वाली एमपीवी होगी, जिसकी लंबाई चार मीटर से कम रखी जाएगी. इसे खासतौर पर भारतीय परिवारों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, ताकि यह कम कीमत में ज्यादा स्पेस और आराम दे सके. लॉन्च के बाद यह कार सीधे मारुति सुजुकी एर्टिगा और रेनॉल्ट ट्राइबर जैसी पॉपुलर एमपीवी को टक्कर देगी.

Nissan Gravite का डिजाइन और लुक

Nissan Gravite को रेनॉल्ट ट्राइबर के CMF-A प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है, लेकिन इसका लुक पूरी तरह निसान जैसी होगी. सामने की तरफ इसमें उल्टे L-आकार की डीआरएल, नया डिजाइन किया गया ग्रिल और सिल्वर इंसर्ट वाला स्पोर्टी बंपर देखने को मिलेगा. इसके अलॉय व्हील्स भी ट्राइबर से अलग होंगे, जिससे कार ज्यादा प्रीमियम लगेगी. पीछे की ओर ‘Gravite’ बैजिंग, क्रोम बार से जुड़े नए टेललैंप और सिल्वर C-Shape के इंसर्ट वाला रियर बंपर इसे अलग पहचान देंगे.

फीचर्स और केबिन

Nissan Gravite का केबिन लेआउट काफी हद तक रेनॉल्ट ट्राइबर जैसा हो सकता है, लेकिन इसमें निसान के कुछ खास टच दिए जाएंगे. इसमें 8-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 7-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले, क्रूज कंट्रोल और ड्राइवर सीट की ऊंचाई एडजस्ट करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा कूल्ड ग्लव बॉक्स और ऑटो-फोल्डिंग ओआरवीएम जैसे फीचर्स भी दिए जा सकते हैं.

इंजन, माइलेज और कीमत

इंजन की बात करें तो Nissan Gravite में 1.0 लीटर का तीन सिलेंडर पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो 72 बीएचपी की पावर और 96 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है. बेहतर ड्राइविंग अनुभव के लिए निसान इस इंजन को थोड़ा रीट्यून कर सकती है. कीमत की बात करें तो इसके बेस वेरिएंट की कीमत करीब 6 लाख रुपये और टॉप वेरिएंट की कीमत करीब 9 लाख रुपये हो सकती है, जिससे यह एक किफायती फैमिली कार साबित होगी.

‘अब तो पंडित को भी घुसपैठिया…’, फिल्म घूसखोर पंडत के टाइटल पर भड़कीं BSP सु्प्रीमो मायावती…

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नेटफ्लिक्स की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही भारी विवादों में घिर गई है. फिल्म के टाइटल को लेकर देशभर में विरोध देखने को मिल रहा है. विरोध करने वालों का आरोप है कि यह नाम जातिसूचक है और एक विशेष समुदाय की छवि को जानबूझकर अपमानित करता है.

अब यह मामला सियासत और अदालत तक पहुंच गया है

फिल्म के टाइटल पर बढ़ते विरोध के बीच बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी कड़ा रुख अपनाया है. मायावती ने शुक्रवार (6 फरवरी) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर फिल्म के टाइटल की कड़े शब्दों में निंदा की और केंद्र सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की.

मायावती ने अपने पोस्ट में लिखा, “यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यूपी में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ‘पंडित’ को घुसपैठिया बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय जबरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है. ऐसी इस जातिसूचक फिल्म पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बीएसपी की यह मांग.”

फिल्म के टाइटल को लेकर सोशल मीडिया पर भी जमकर बहस चल रही है. कई यूजर्स इसे धार्मिक और जातिगत भावनाओं पर हमला बता रहे हैं. उनका कहना है कि ‘पंडित’ जैसे शब्द को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़ना पूरे समुदाय को बदनाम करने जैसा है. वहीं कुछ लोग अभिव्यक्ति की आजादी की बात कर रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर विरोध करने वालों की आवाज ज्यादा तेज दिखाई दे रही है.

दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामला

इस विवाद ने अब कानूनी रूप भी ले लिया है. अधिवक्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है. याचिका में फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है.

याचिका में कहा गया है कि ‘घूसखोर पंडित’ टाइटल ब्राह्मण समुदाय की गरिमा, प्रतिष्ठा और भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और इसे जानबूझकर अपमानजनक तरीके से चुना गया है.

विनीत जिंदल का कहना है कि नेटफ्लिक्स ने इस फिल्म का प्रचार शुरू कर दिया है और ‘पंडित’ शब्द को सीधे तौर पर भ्रष्टाचार से जोड़कर दिखाया जा रहा है. उनके मुताबिक, इससे ब्राह्मण समाज की छवि को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचेगा और सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है.

याचिका में यह भी कहा गया है कि फिल्म से सामूहिक मानहानि, हेट स्पीच और सांप्रदायिक तनाव पैदा होने का खतरा है. इसी आधार पर संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप और अंतरिम रोक की मांग की गई है.

नेटफ्लिक्स की चुप्पी

अब तक इस पूरे विवाद पर न तो नेटफ्लिक्स और न ही फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है. ऐसे में सबकी निगाहें कोर्ट और केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.