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12 बजे बंद होंगे महामाया मंदिर के पट, महाकाल में बदली आरती की व्यवस्था

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इस साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण आज रात को होगा, जो पितृपक्ष की शुरुआत के साथ एक दुर्लभ संयोग बनाएगा. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण रात 9:58 बजे शुरू होगा और रात 1:26 बजे समाप्त होगा. रात 11:42 बजे चंद्रमा पूर्ण ग्रहण की अवस्था में दिखाई देगा. ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:57 बजे से शुरू होगा, जिसके कारण धार्मिक कार्य सुबह ही पूरे किए जाएंगे.
भोपाल में मंदिरों की पूजन व्यवस्था में बदलाव किया गया है. शयन आरती का समय रात 9:30 बजे निर्धारित किया गया है, और ग्रहण शुरू होते ही रात 9:58 बजे मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे. रायपुर में भी मंदिरों में समान व्यवस्थाएं लागू हैं, जहां ग्रहण समाप्ति के बाद प्रातःकाल मंदिरों का शुद्धिकरण होगा. श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट और अन्य धार्मिक संगठनों ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है. ग्रहण के दौरान गर्भगृह में पूजन सामग्री ले जाना प्रतिबंधित रहेगा. यह खगोलीय घटना दोनों शहरों में खुली आंखों से सुरक्षित रूप से देखी जा सकती है.

चंद्रग्रहण लगने से पहले ही इन मंदिरों के पट होंगे बंद
1. लक्ष्मण मंदिर, सिरपुर

काल : 7वीं शताब्दी

लोकेशन : सिरपुर, महासमुंद जिला (महासमुंद से 35 किमी, रायपुर से 78 किमी)

2. गंडई शिव मंदिर

काल : 7वीं–8वीं शताब्दी

लोकेशन : गंडई, राजनांदगांव जिला (राजनांदगांव से 70 किमी, रायपुर से 125 किमी)

3. बम्लेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़

काल : 9वीं–10वीं शताब्दी

लोकेशन : डोंगरगढ़, राजनांदगांव जिला (राजनांदगांव से 40 किमी, रायपुर से 110 किमी)

4. महामाया मंदिर, रतनपुर

काल : 11वीं शताब्दी

लोकेशन : रतनपुर, बिलासपुर जिला (बिलासपुर से 25 किमी, रायपुर से 150 किमी)

5. ब्रह्मा मंदिर, कसडोल–समलईपाली
काल : 11वीं शताब्दी
लोकेशन : कसडोल (बलौदाबाजार-भाटापारा जिला), रायपुर से लगभग 95 किमी
6. दंतेश्वरी मंदिर, दंतेवाड़ा
काल : 11वीं–12वीं शताब्दी
लोकेशन : दंतेवाड़ा जिला (जगदलपुर से 80 किमी, रायपुर से 400 किमी)
7. राजीव लोचन मंदिर, राजिम
काल : 12वीं शताब्दी
लोकेशन : राजिम, गरियाबंद जिला (रायपुर से 45 किमी)

8. भोरमदेव मंदिर, कवर्धा
काल : 11वीं–13वीं शताब्दी
लोकेशन : भोरमदेव, कवर्धा जिला (कवर्धा से 18 किमी, रायपुर से 125 किमी)

9. खंडेराव महादेव मंदिर, बिलासपुर
काल : 13वीं–14वीं शताब्दी
लोकेशन : बिलासपुर शहर, बिलासपुर जिला (रेलवे स्टेशन के पास स्थित)

चंद्रग्रहण पर मंदिर बंद, भोग आरती के बाद नहीं होंगे दर्शन, जानें 8 सितंबर की व्यवस्था
आज 07 सितंबर 2025, रविवार को शनि चंद्रग्रहण के चलते सूतक काल सुबह 9:30 बजे से प्रभावी हो गया. भोग आरती के बाद मंदिर का पट बंद कर दिया गया है. अब 08 सितंबर को प्रातः देव स्नान व पूजन के बाद ही दर्शन शुरू होंगे. श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि निर्धारित समय के अनुसार ही दर्शन हेतु आएं.

चंद्रग्रहण का असर नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के पट बंद, हवन-पूजन भी स्थगित
आगर मालवा के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर में चंद्रग्रहण के कारण मंदिर के पट बंद कर दिए गए हैं. पुजारी दिनेश गुरु ने विधिवत पूजन कर पट बंद किए. सभी हवन और अनुष्ठान स्थगित कर दिए गए हैं. अब दर्शन-पूजन चंद्रग्रहण समाप्ति के बाद कल सुबह मंगला आरती के साथ फिर से शुरू होंगे.

चंद्र ग्रहण का असर कोरबा के इन प्रसिद्ध मंदिरों में नहीं होंगे दर्शन, गर्भगृह रहेंगे बंद
कोरबा जिले के प्रमुख मंदिरों में चंद्र ग्रहण के कारण सूतक काल के दौरान गर्भगृह के पट बंद रहेंगे. इसमें सर्वमांगला मंदिर, सप्तदेव मंदिर, श्याम मंदिर, कॉपीलेश्वर मंदिर और पंचमुखी हनुमान मंदिर शामिल हैं. यह निर्णय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लिया गया है, और दर्शन अब ग्रहण समाप्ति के बाद ही किए जा सकेंगे.

चंद्र ग्रहण पर रायपुर के ये प्रसिद्ध मंदिर रहेंगे बंद, जानें सूतक का असर कहां-कहां पड़ेगा
रायपुर में आज चंद्र ग्रहण के कारण सूतक काल की मान्यता के अनुसार कई प्रमुख मंदिरों के पट बंद रहेंगे. इनमें पुरानी बस्ती स्थित महामाया मंदिर, समलेश्वरी मंदिर, आकाशवाणी चौक का महाकाली मंदिर, बूढ़ातालाब के हनुमान व सिद्धिविनायक मंदिर और कुशालपुर का दंतेश्वरी मंदिर शामिल हैं. दर्शन अब ग्रहण समाप्ति के बाद ही होंगे.

ओंकारेश्वर में चंद्र ग्रहण के चलते बदली मंदिरों की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए जरूरी जानकारी
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में चंद्र ग्रहण के चलते सभी मंदिरों के पट आज दोपहर 12:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे. ये पट ग्रहण समाप्ति के बाद विधिवत शुद्धिकरण एवं पूजा-अर्चना के उपरांत ही पुनः खोले जाएंगे. मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है और पूजन नियमों का पालन करने को कहा है.

खंडवा में चंद्रग्रहण के बीच धुनी वाले दादाजी मंदिर में जारी रहेगा पूजन, बाकी मंदिरों के पट 12:56 पर होंगे बंद
खंडवा के प्रसिद्ध दादाजी धुनी वाले मंदिर में इस बार भी चंद्रग्रहण के दौरान पट बंद नहीं होंगे और पूजा-पाठ सामान्य रूप से जारी रहेगा. वहीं, जिले के अन्य सभी मंदिरों में दोपहर 12:56 बजे से ग्रहण सूतक काल के कारण पट बंद कर दिए जाएंगे. धुनी वाले मंदिर की परंपरा अनुसार हर बार की तरह पूजन विधि जारी रहेगी.

चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए?
छत्तीसगढ़ समेत देश के कई हिस्सों में गर्भवती महिलाओं के लिए चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ परंपरागत मान्यताएं और सावधानियां वर्षों से प्रचलित हैं. इन्हें ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है, खासतौर पर गर्भ में पल रहे शिशु की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए. नीचे प्रमुख मान्यताएं और सावधानियां दी गई हैं:–

1. ग्रहण के दौरान बाहर न निकलें
2.धारदार वस्तुओं का प्रयोग वर्जित
3.लेटना और सोना नहीं चाहिए
4.तुलसी और मंदिर से दूरी
5.मंत्र जाप और धार्मिक पाठ करें

मध्य प्रदेश में साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कब?
मध्य प्रदेश में साल का आखिरी चंद्र ग्रहण को रात 9 बजकर 58 मिनट पर लगेगा और इसका समापन 8 सितंबर की रात 1 बजकर 26 मिनट पर होगा.

महाकाल मंदिर में बदली पूजन व्यवस्था, जानें सूतक और आरती का नया समय
उज्जैन के मंदिरों, विशेष रूप से महाकालेश्वर मंदिर में पूजन व्यवस्था में बदलाव किया गया है. महाकाल मंदिर में शयन आरती, जो सामान्यतः रात 10:30 बजे होती है, आज रात 9:30 बजे होगी. मंदिर के पट, जो आमतौर पर रात 11 बजे बंद होते हैं, आज रात 9:56 बजे बंद हो जाएंगे. भस्म आरती, भोग आरती और संध्या आरती अपने निर्धारित समय पर होंगी. ग्रहण समाप्त होने के बाद रात में मंदिर का शुद्धिकरण किया जाएगा. मंदिर को धोया जाएगा, और भगवान का स्नान व अभिषेक कर भस्म आरती की जाएगी. यह ग्रहण और पितृपक्ष का संयोग भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है.

अंबिकापुर में चंद्र ग्रहण का असर, सूतक लगते ही दोपहर 12 बजे बंद होंगे महामाया मंदिर के पट
आज के चंद्र ग्रहण को लेकर अंबिकापुर के प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर के पट दोपहर 12 बजे बंद कर दिए जाएंगे. ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लगने के कारण यह निर्णय लिया गया है. श्रद्धालुओं की सुबह से भारी भीड़ देखी गई. मंदिर के पुजारी ने बताया कि कल सुबह विधिवत पूजा की जाएगी.

ओंकारेश्वर मंदिर में चंद्रग्रहण का असर, श्रद्धालुओं के लिए बदली पूजन व्यवस्था, जानें मंदिर के नए नियम
खंडवा के ओंकारेश्वर में आज चंद्रग्रहण के कारण मंदिर की पूजन व्यवस्था में बदलाव किया गया है. सुबह से भगवान श्री ओंकारेश्वर महादेव के दर्शन हो रहे हैं, लेकिन गर्भगृह में जल, फूल, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री ले जाना प्रतिबंधित है. ग्रहण शुरू होने से पहले रात 9:30 बजे शयन आरती होगी. रात 9:58 बजे चंद्रग्रहण शुरू होते ही मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे. ग्रहण समाप्ति के बाद प्रातःकाल मंदिर खुलने पर परिसर का विधिवत शुद्धिकरण और पूजा-अर्चना होगी, फिर दर्शन शुरू होंगे. श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से सहयोग मांगा है.

5 साल में किस राज्य में कितना महंगा हुआ पेट्रोल 5 साल में किस राज्य में कितना महंगा हुआ डीजल…

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5 साल में किस राज्य में कितना महंगा हुआ पेट्रोल 5 साल में किस राज्य में कितना महंगा हुआ डीजल…

Petrol Diesel Price 07 Sep 2025 लाख कोशिशों के बाद भी महंगाई कम नहीं हो रही है। आटा, चीनी, पेट्रोल और बिजली जैसे जरूरी चीजों के दामों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है।

इन आवश्यक वस्तुओं के दामों में भारी उछाल ने आम नागरिकों की कमर तोड़ दी है। जनता की उम्मीद भरी निगाहें अब सरकार की ओर हैं। लेकिन अगर पिछले पांच सालों के आंकड़ों को देखें तो कई राज्यों पेट्रोल-डीजल के दाम में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी देखने को मिली है।

Petrol Diesel Price 07 Sep 2025 पिछले 5 साल में मध्य प्रदेश में 15, राजस्थान में 14 रुपए लीटर पेट्रोल के दाम बढ़े हैं। सबसे ज्यादा कीमतें अंडमान में 35 रुपए बढ़ी हैं। जबकि झारखंड में पांच साल में पेट्रोल की कीमतों में कोई भी अंतर नहीं आया है। वहं, सबसे कम लद्दाख में ईंधन की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है। यहां पिछले 5 साल में पेट्रोल 3 और डीजल 7 रुपए महंगा हुआ है। वहीं, बात करें मध्यप्रदेश की तो पिछले 5 सालों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें राष्ट्रीय औसत से ज्यादा बढ़ी हैं।

इन राज्यों में सबसे ज्यादा बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम पेट्रोल में 5 सालों में सबसे ज्यादा अंडमान निकोबार में 49 (35 रुपए) प्रतिशत कीमतें बढ़ी हैं। वहीं, पंजाब में 27 फीसदी (23 रुपए), पश्चिम बंगाल में 24 फीसदी (20 रुपए), तेलंगाना में 20 रुपए, महाराष्ट्र में 20 रुपए शामिल हैं। वहीं, मिजोरम में 18 रुपए बढ़ाए गए हैं।

;5 साल में किस राज्य में कितना महंगा हुआ पेट्रोल 5 साल में किस राज्य में कितना महंगा हुआ डीजल

5 साल में किस राज्य में कितना महंगा हुआ पेट्रोल

राज्य 2021 (₹) 2022 (₹) 2023 (₹) 2024 (₹) अगस्त 2025 (₹) बढ़े दाम (₹) वृद्धि (%)
अंडमान निकोबार 70.48 82.96 84.1 84.1 105.23 35 49%
पंजाब 84.82 94.94 96.18 98.01 107.48 23 27%
पश्चिम बंगाल 85.19 104.67 106.03 106.03 105.41 20 24%
तेलंगाना 87.06 108.2 109.66 109.66 107.46 20 23%
मिजोरम 81.3 94.5 95.64 95.64 99.29 18 22%
महाराष्ट्र 90.04 109.52 105.84 105.84 109.74 20 22%
गोवा 80.62 96.38 97.68 97.22 97.75 17 21%
ओडिशा 84.34 101.81 103.19 103.19 101.11 17 20%
हिमाचल प्रदेश 81.81 95.78 96.96 96.96 97.86 16 20%
जम्मू और कश्मीर 83.88 96.15 97.5 97.5 100.32 16 20%
सिक्किम 85 98.5 102.7 102.7 101.55 17 19%
कर्नाटक 89.51 100.58 101.94 101.94 102.92 16 19%
हरियाणा 81 95.3 97.48 97.48 95.94 15 18%
चंडीगढ़ 80.59 94.23 96.2 95.2 94.3 14 17%
अरुणाचल प्रदेश 77.8 92.02 93.23 92.73 90.92 13 17%
छत्तीसगढ़ 82.46 101.11 102.45 102.45 96.26 14 17%
उत्तर प्रदेश 83.59 95.28 96.57 96.57 97.55 14 17%
तमिलनाडु 86.51 101.4 102.63 102.63 100.8 14 17%
गुजरात 81.29 95.35 96.63 96.63 94.7 13 16%
मध्यप्रदेश 91.5 107.23 108.65 108.65 106.52 15 16%
त्रिपुरा 84.13 98.23 99.49 99.49 97.53 13 16%
दादरा 79.93 93.1 94.31 94.31 92.56 13 16%
दमन दीव
राजस्थान 91.09 107.06 108.48 108.48 104.72 14 15%
महाराष्ट्र 90.34 109.98 106.31 106.31 103.5 13 15%
मणिपुर 87.21 99.82 101.25 101.25 99.18 12 14%
आंध्र प्रदेश 88.62 109.05 110.48 110.48 100.75 12 14%
मेघालय 87.56 93.91 96.39 97.92 99.44 12 14%
दिल्ली 83.71 95.41 96.72 96.72 94.77 11 13%
आंध्र प्रदेश 89.92 110.47 111.87 111.87 101.69 12 13%
पुडुचेरी 85.43 94.94 96.16 96.16 96.43 11 13%
असम 87 94.58 97.02 98.03 98.19 11 13%
केरल 85.72 106.36 107.71 109.73 95.34 10 11%
उत्तराखंड 84.2 94 95.13 95.13 93.55 9 11%
नागालैंड 87.04 98.05 99.46 99.46 96.49 9 11%
जम्मू एवं कश्मीर 87.43 100.36 101.74 101.74 96.32 9 10%
बिहार 86.25 105.9 107.24 107.24 94.69 8 10%
लद्दाख 89.87 102.99 104.27 104.27 92.44 3 3%
झारखंड 82.8 98.52 99.84 99.84 82.46 0 0%

5 साल में किस राज्य में कितना महंगा हुआ डीजल

राज्य 2021 (₹) 2022 (₹) 2023 (₹) 2024 (₹) अगस्त 2025 (₹) बढ़े दाम (₹) वृद्धि (%)
अंडमान 69.22 77.13 79.74 79.74 91.49 22 32%
हरियाणा 69.22 77.13 79.74 79.74 91.49 22 32%
पंजाब 75.54 83.75 86.55 88.34 96.48 21 28%
हिमाचल प्रदेश 73.68 80.35 82.94 88.94 92.62 19 26%
महाराष्ट्र 79.01 92.31 92.36 92.36 97.57 19 23%
मिजोरम 73.32 79.55 82.12 82.12 88.07 15 20%
हरियाणा 73.94 86.53 90.31 90.31 88.37 14 20%
पश्चिम बंगाल 77.44 89.79 92.76 92.76 92.02 15 19%
तेलंगाना 80.6 94.62 97.82 97.82 95.7 15 19%
दिल्ली 73.87 86.67 89.62 89.62 87.67 14 19%
उत्तराखंड 74.51 87.32 90.2 90.2 88.37 14 19%
उत्तर प्रदेश 74.21 86.8 89.76 89.76 87.38 13 18%
आंध्र प्रदेश 81.73 95.18 98.27 98.27 95.71 14 17%
मेघालय 80.01 80.58 84.65 86.68 93.39 13 17%
तमिलनाडु 79.21 91.43 94.24 94.24 92.39 13 17%
सिक्किम 76.4 83.55 89.8 89.8 88.85 12 16%
कर्नाटक 78.31 85.01 87.89 87.89 90.99 13 16%
जम्मू और कश्मीर 74.59 80.32 83.26 83.26 86.65 12 16%
गोवा 80.46 91.62 94.76 94.76 92.69 12 15%
ओडिशा 77.35 87.27 90.23 89.79 88.86 12 15%
गुजरात 79.72 89.33 92.38 92.38 90.38 11 13%
जम्मू और कश्मीर 77.63 83.91 86.83 86.83 87.52 10 13%
अरुणाचल प्रदेश 71.44 79.63 82.32 82.17 80.41 9 13%
पुडुचेरी 78.4 83.58 86.33 86.33 88.2 10 13%
मध्यप्रदेश 81.68 90.87 93.9 93.9 91.89 10 13%
दादरा 78.42 86.97 89.86 89.86 88.05 10 12%
त्रिपुरा 77.25 85.61 88.44 88.44 86.55 9 12%
चंडीगढ़ 73.61 80.9 84.26 84.26 82.45 9 12%
राजस्थान 80.51 94.34 94.27 94.27 90.03 10 12%
असम 80.42 81.29 87.95 90.33 89.42 9 11%
बिहार 79.04 91.09 94.04 94.04 87.81 9 11%
मणिपुर 77.09 84.26 87.17 87.17 85.25 8 11%
केरल 79.65 93.47 96.52 98.53 87.32 8 10%
लद्दाख 80.59 86.67 89.25 89.37 87.94 7 9%
छत्तीसगढ़ 80.1 92.33 95.44 95.44 86.47 6 8%
नागालैंड 77.79 84.59 87.56 87.56 83.33 6 8%
आंध्र प्रदेश 82.98 96.55 99.61 99.61 87.06 4 5%
झारखंड 78.17 91.56 94.65 94.65 78.05 0 0%

भारतीय जनता पार्टी के सांसदों की दो दिवसीय वर्कशॉप, GST स्लैब बदलाव जैसे अहम सुधारों के लिए PM मोदी होंगे सम्मानित…

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भारतीय जनता पार्टी के सांसदों की दो दिवसीय वर्कशॉप, GST स्लैब बदलाव जैसे अहम सुधारों के लिए PM मोदी होंगे सम्मानित…

दिल्ली में आज से भारतीय जनता पार्टी के सांसदों की दो दिवसीय वर्कशॉप की शुरुआत हो रही है। इस वर्कशॉप का उद्देश्य सांसदों की कार्यकुशलता बढ़ाना, पार्टी के इतिहास और विकास की जानकारी देना तथा उन्हें आगामी रणनीतियों से अवगत कराना है। वर्कशॉप के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें जीएसटी स्लैब में बदलाव जैसे अहम सुधारों के लिए दिया जाएगा, जिनका व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ा है। कार्यक्रम के दौरान कुल चार सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सांसदों को संसदीय कार्य प्रणाली, जनसंपर्क कौशल, नीति निर्माण की प्रक्रिया और पार्टी के मूल सिद्धांतों पर प्रशिक्षित किया जाएगा।

पंजाब में बाढ़ से मचा हाहाकार! अब तक 46 लोगों की मौत, 2 हजार गांव पानी-पानी, 3.87 लाख से अधिक लोग प्रभावित…

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पंजाब में बाढ़ से मचा हाहाकार! अब तक 46 लोगों की मौत, 2 हजार गांव पानी-पानी, 3.87 लाख से अधिक लोग प्रभावित…

पंजाब इस समय दशकों की सबसे भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है। राज्य के लगभग 2,000 गांवों में तबाही का मंजर पसरा हुआ है। घर उजड़ चुके हैं, खेत पानी में डूबे हुए हैं और हजारों लोग बेघर होकर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक बाढ़ से 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3.87 लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।

राज्य के कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है। अब तक की जानकारी के मुताबिक, 1.75 लाख हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। इससे किसानों को गहरा आर्थिक झटका लगा है। राज्य में NDRF, BSF, सेना, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। पानी के तेज बहाव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता अभी जानमाल की रक्षा और विस्थापित लोगों को सुरक्षित आश्रय देना है।

राज्य के 14 जिलों से 1 अगस्त से 5 सितंबर के बीच 43 मौतों की पुष्टि हुई है। इनमें सबसे अधिक मौतें होशियारपुर और अमृतसर में दर्ज की गईं जहां 7-7 लोगों की जान गई। इसके अलावा पठानकोट में 6 मौतें, 3 लोग लापता, बरनाला में 5 मौतें, लुधियाना और बठिंडा में 4-4 मौतें मानसा में 3 मौतें, गुरदासपुर, रूपनगर और एसएएस नगर में 2-2 मौतें, पटियाला, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर में 1-1 मौतें समाने आई है। राज्य में बाढ़ की स्थिति का मुख्य कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों में आई भीषण बाढ़ है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बाढ़ पिछले पांच दशकों की सबसे भयावह आपदा है। उन्होंने बताया कि राज्य के 23 जिलों के 1,996 गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सरकार ने राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया है।

अब राशन के साथ मिलेंगे 1000 रुपये, सरकार का बड़ा फैसला…

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अब राशन के साथ मिलेंगे 1000 रुपये, सरकार का बड़ा फैसला…

राशन कार्ड से जुड़ा एक नया नियम सरकार की ओर से जारी किया गया है। ऐसे में अगर आपके पास भी राशन कार्ड है, तो आपको राशन कार्ड में क्या-क्या बदलाव किए गए हैं, इसके बारे में ज़रूर जानना चाहिए।

जैसा कि आप सभी जानते हैं, राज्य और केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर राशन कार्ड में कई अहम बदलाव किए जाते हैं। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि विशेष त्योहारों और विशेष दिनों पर गरीबों को राशन कार्ड योजना के तहत मिठाई उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उन्हें भी मिठाई मिल सके। जैसा कि आप जानते हैं कि बहुत से गरीब लोगों के पास मिठाई खरीदकर खाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते हैं। ऐसे में सरकार अब राशन कार्ड योजना के तहत बीपीएल राशन कार्ड धारकों को भी मिठाई उपलब्ध कराएगी, इसका लाभ केवल बीपीएल राशन कार्ड धारकों को ही मिलेगा।

मुफ्त राशन के साथ 1000 रुपये प्रति माह आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपके पास राशन कार्ड नहीं है या पुराना है, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार ने राशन कार्ड योजना के तहत राशन के साथ हर महीने 1000 रुपये देने का ऐलान किया है। ऐसे में आपको बता दें कि यह योजना अन्य राज्य सरकारें भी लागू कर सकती हैं।

केंद्र सरकार द्वारा राशन कार्ड धारकों को 500000 रुपये का आयुष्मान कार्ड भी दिया जाता है ताकि अगर उन्हें कोई गंभीर बीमारी हो जाए तो वे अपना इलाज आसानी से करा सकें। राशन कार्ड योजना के तहत उन्हें गैस सिलेंडर और गैस चूल्हा भी मिलता है। अगर आप एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं तो सरकार आपके बैंक खाते में हर महीने 300 रुपये की सब्सिडी ट्रांसफर करती है।

राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको अपने ब्लॉक काउंटर पर जाना होगा। वहाँ जाकर आप राशन कार्ड के लिए आवेदन करें लिंक पर क्लिक करेंगे। आपके सामने एक पेज खुलेगा जहाँ आपको किसी की जानकारी का विवरण देने के लिए सभी प्रकार के दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे। इस तरह आप यहाँ राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं.

IMD का दिल्ली-एनसीआर समेत इन राज्यों में अलर्ट जारी’ आइए जानते हैं किन राज्यों में कब-कब होगी बारिश…

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IMD का दिल्ली-एनसीआर समेत इन राज्यों में अलर्ट जारी’ आइए जानते हैं किन राज्यों में कब-कब होगी बारिश…

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं किन राज्यों में कब-कब होगी बारिश… किन राज्यों में होगी भारी बारिश?

गुजरात और राजस्थान: गुजरात और पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है. गुजरात में कहीं-कहीं 30 सेंटीमीटर से भी ज्यादा बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी तेज बारिश का अनुमान है।

उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब: उत्तराखंड में हिमाचल प्रदेश और पंजाब में तेज बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा: दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और चंडीगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश और मध्य भारत: पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में  रुक-रुक कर बारिश होगी, जिसमें पश्चिमी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप और आंध्र प्रदेश में तेज बारिश के साथ हवाएं भी चल सकती हैं।

IMD ने दी सलाह IMD ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और प्रशासन को बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। कुल मिलाकर, अगले 7 दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा।

सहारा ग्रुप पर ED का एक्‍शन, 1.74 लाख करोड़ के घोटाले में चार्जशीट दर्ज, सुब्रतो रॉय की पत्नी-बेटा मुख्‍य आरोपी

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सहारा इंडिया ग्रुप और इसके संस्थापक सुब्रतो रॉय के परिवार व अधिकारियों के खिलाफ बड़ा एक्‍शन लिया. आज अदालत में इस मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है. यह चार्जशीट कोलकाता की PMLA कोर्ट में पेश हुई है. जांच में सामने आया कि करीब 1.74 लाख करोड़ रुपये का घोटाला हाई रिटर्न के नाम पर करोड़ों निवेशकों से पैसा लेकर किया गया. आरोपियों ने निवेशकों का पैसा वापस नहीं किया. चार्जशीट में सुब्रतो रॉय की पत्नी सपना, बेटा सुशांतो रॉय, जेपी वर्मा, अनिल अब्राहम समेत अन्य आरोपी हैं. ईडी ने भगोड़े बेटे के खिलाफ NBW जारी कराने की तैयारी शुरू कर दी है.
सुब्रतो राय की ‘भरोसेमंद छवि’ में फंसे लोग
ईडी की तरफ से कहा गया कि सहारा इंडिया ग्रुप और इसके संस्थापक सुब्रतो रॉय लंबे समय तक देश की आम जनता के बीच “सुरक्षित निवेश” का चेहरा बने रहे. गांव-गांव तक फैले एजेंट और भरोसेमंद छवि के चलते करोड़ों लोग अपनी गाढ़ी कमाई सहारा की स्कीमों में लगाते रहे. कंपनी का दावा था कि यहां पैसा लगाने पर तय समय में “हाई रिटर्न” मिलेगा और भविष्य सुरक्षित रहेगा. लेकिन वक्त के साथ यह भरोसा सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में बदल गया.
हाई रिटर्न और सुरक्षित बचत का वादा
ईडी की हालिया चार्जशीट ने इस घोटाले की परतों को फिर से खोल दिया है. कोलकाता की PMLA कोर्ट में दाखिल इस चार्जशीट में सुब्रतो रॉय की पत्नी सपना, उनका बेटा सुशांतो रॉय, जेपी वर्मा और अनिल अब्राहम समेत कई अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है. ईडी का आरोप है कि करीब 1.74 लाख करोड़ रुपये निवेशकों से इकट्ठा किए गए. यह रकम “हाई रिटर्न” और “सुरक्षित बचत” के नाम पर ली गई, लेकिन निवेशकों को उनका पैसा लौटाया ही नहीं गया.

भगोड़ा है सुब्रतो रॉय का बेटा
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सुब्रतो रॉय का बेटा, जो इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा था, भगोड़ा है. ईडी ने बताया कि वह पूछताछ में शामिल होने से लगातार बच रहा है. अब एजेंसी उसके खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट (NBW) जारी कराने की प्रक्रिया में है. यह स्थिति दिखाती है कि सहारा केस सिर्फ बीते वक्त की कहानी नहीं, बल्कि अभी भी जारी लड़ाई है.

गरीब लोग बने बड़ा शिकार
दरअसल, सहारा ने छोटे कस्बों और गांवों में “एजेंट नेटवर्क” खड़ा किया था. ये एजेंट लोगों को यकीन दिलाते थे कि सहारा की स्कीमें सरकारी मान्यता प्राप्त हैं और यहां पैसा लगाना सबसे सुरक्षित है. जिन गरीब और मध्यमवर्गीय के लोगों के पास बैंकिंग सिस्‍टम तक पहुंच नहीं थी वो इनके जाल में आसानी से फंस गए. कोई अपनी बेटी की शादी के लिए, कोई घर बनाने के लिए और कोई बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए सहारा में निवेश करता चला गया. धीरे-धीरे यह आंकड़ा लाखों निवेशकों से बढ़कर करोड़ों तक पहुंच गया.

यूपीएससी ईएसई मेंस परीक्षा परिणाम जारी, 1376 सफल, upsc.gov.in पर देखें रिजल्ट

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यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विसेस परीक्षा का परिणाम घोषित हो चुका है. 10 अगस्त 2025 को आयोजित हुई यूपीएससी ईएसई मेंस परीक्षा में देशभर के लाखों अभियर्थी शामिल हुए थे. इनमें से मात्र 1,376 उम्मीदवार ही पर्सनैलिटी टेस्ट/इंटरव्यू के लिए चयनित हुए हैं. यूपीएससी ईएसई मेंस रिजल्ट 2025 संघ लोक सेवा आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर चेक कर सकते हैं. अभ्यर्थी अपना स्कोरकार्ड भी यहीं से डाउनलोड कर पाएंगे.
संघ लोक सेवा आयोग ने चयनित उम्मीदवारों के लिए 15 दिनों की विंडो खोली है, जिसमें वे अपनी शैक्षणिक योग्यता, पते और व्यक्तिगत जानकारी से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट अपडेट कर सकते हैं. यूपीएससी ईएसई इंटरव्यू शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा. इसी में तय होगा कि किस उम्मीदवार को किस सेवा और विभाग में सरकारी नौकरी मिलेगी. इस बार कुल 457 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिसमें सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की शाखाएं शामिल हैं.
यूपीएससी ईएसई मेंस रिजल्ट 2025
संघ लोक सेवा आयोग ने ईएसई मेंस परीक्षा परिणाम 2025 में कुल 1,376 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया है. इन अभ्यर्थियों को अब यूपीएससी इंटरव्यू में शामिल होना होगा (UPSC ESE Mains Interview). उसके बाद ही सरकारी नौकरी का फाइनल रिजल्ट जारी किया जाएगा.

सिविल इंजीनियरिंग: 646
इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम: 311
इलेक्ट्रिकल: 237
मेकैनिकल: 182
How to Check UPSC ESE Mains Result 2025: यूपीएससी ईएसई परिणाम कैसे चेक करें?
यूपीएससी ईएसई मुख्य परीक्षा 2025 में सफल अभ्यर्थी नीचे लिखे स्टेप्स के जरिए अपना सरकारी रिजल्ट चेक कर सकते हैं-
1- यूपीएससी ईएसई मेंस 2025 रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर उपलब्ध है.
2- वेबसाइट के होमपेज पर जाकर “ESE Mains Result 2025” लिंक पर क्लिक करें और PDF देखकर अपना रोल नंबर सर्च करें.
3- इतना करते ही सरकारी रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर डिसप्ले हो जाएगा. उसे चेक करके डाउनलोड कर लें. आप चाहें तो फ्यूचर रेफरेंस के लिए उसका प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं.
UPSC ESE Mains Result 2025: यूपीएससी ईएसई मेंस रिजल्ट के बाद आगे क्या?
यूपीएससी ईएसई मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थी इंटरव्यू यानी पर्सनालिटी टेस्ट के पात्र हैं. इन उम्मीदवारों को e-Summon Letter के जरिए इंटरव्यू की निर्धारित तारीख और समय की जानकारी दी जाएगी.

बुखार, खांसी और फिर… केरल में ‘दिमाग खाने वाले अमीबा’ का खौफ, मस्तिष्क संक्रमण से एक और मौत, अब तक 7 की गई जान

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केरल में शनिवार सुबह मस्तिष्क संक्रमण से जुड़ी बीमारी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस से पीड़ित एक और मरीज की मौत हो गई. इस साल इस बीमारी से राज्य में मरने वालों की संख्या सात हो गई है. अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस से पीड़ित रतीश (45) वायनाड जिले के बाथेरी का रहने वाला था, जिसका एक सप्ताह से अधिक समय से कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल (केएमसीएच) में इलाज चल रहा था.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि शनिवार तड़के मरीज की मौत की सूचना मिली. रतीश को तेज बुखार और खांसी की शिकायत के बाद घर के पास एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालत बिगड़ने पर उसे केएमसीएच रेफर कर दिया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया. केएमसीएच में भर्ती कासरगोड जिले के एक और मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि ग्यारह अन्य का इलाज चल रहा है. शुक्रवार को एक मरीज को छुट्टी दे दी गई.
केरल में इस साल अब तक अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस के 42 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से ज्यादातर मामले कोझीकोड और मलप्पुरम जिलों से सामने आए हैं. इस साल इस बीमारी से अकेले कोझीकोड में चार मौतें हुई हैं, जिनमें पिछले महीने एक तीन महीने का शिशु और एक नौ साल की बच्ची भी शामिल है.

अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस एक दुर्लभ, लेकिन बेहद खतरनाक मस्तिष्क संक्रमण है, जो नेग्लेरिया फाउलेरी नाम के अमीबा के कारण होता है. इसे आम भाषा में ‘दिमाग खाने वाला अमीबा’ भी कहते हैं. दूषित पानी में तैरने या नहाने के दौरान ये अमीबा नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश करता है. नेग्लेरिया फाउलेरी गर्म और मीठे पानी में खासकर गर्मियों और मानसून के महीनों में जीवित रहता है.

मस्तिष्क संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोझीकोड और मलप्पुरम जिलों में तालाबों, कुओं और अन्य जल स्रोतों के पानी की जांच बढ़ा दी है. अगस्त में राज्य में ‘अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस’ से तीन लोगों की मौत हो गई थी.
केएमसीएच ने बीमारी का पता लगाने के लिए नैदानिक ​​सुविधाओं का विस्तार किया है. केरल के वन मंत्री ए.के. ससीन्द्रन के आवंटित धन का उपयोग अतिरिक्त परीक्षण उपकरण खरीदने के लिए किया जाएगा. केरल सरकार पूरे राज्य में कुओं, पानी की टंकियों और सार्वजनिक जल निकायों की सफाई का अभियान चला रही है.

गुजरात-उत्तराखंड में जिनके पास 2 से अधिक बच्चे हैं… ‘हम दो, हमारे तीन’ को लेकर कांग्रेस ने मोहन भागवत पर कसा तंज

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कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चों से संबंधित हालिया बयान को लेकर शनिवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या ‘हम दो, हमारे दो’ केवल मोदी सरकार पर लागू होगा. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने इस बात का उल्लेख किया कि कुछ भाजपा शासित राज्यों में दो से अधिक बच्चे होने पर स्थानीय चुनाव लड़ने और सरकारी पद पर नियुक्ति से रोक जैसे कदम उठाए गए हैं.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “गुजरात में जिन व्यक्तियों के दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें स्थानीय निकायों (पंचायत, नगरपालिका और नगर निगम) के चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिया जाता है. असम में जिन व्यक्तियों के दो से अधिक बच्चे हैं, वे राज्य सरकार की किसी भी सेवा या पद पर नियुक्ति के लिए पात्र नहीं हैं.”
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में जिन व्यक्तियों के दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें पंचायत चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है. रमेश का कहना है, “आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पांच दिन में 75 वर्ष के होने वाले है. उन्होंने प्रत्येक भारतीय दंपति से ‘हम दो, हमारे तीन’ की नीति अपनाने की अपील की है.”

उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या ‘हम दो हमारे दो’ केवल मोदी सरकार पर लागू होगा? भागवत ने बीते 28 अगस्त को कहा था कि जनसंख्या को पर्याप्त और नियंत्रण में रखने के लिए प्रत्येक भारतीय परिवार में तीन बच्चे होने चाहिए.

“किसी सभ्यता को जीवित रखने के लिए, भारत की जनसंख्या नीति 2.1 (औसत बच्चों की संख्या) का सुझाव देती है, जिसका मूलतः अर्थ तीन बच्चे हैं. लेकिन संसाधनों का प्रबंधन भी करना होगा, इसलिए हमें इसे तीन तक सीमित रखना होगा.”