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“CG: CM साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया, अधिकारियों को दिए ये निर्देश”

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“CG: CM साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया, अधिकारियों को दिए ये निर्देश”

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुँचना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता और तत्परता आवश्यक है। मुख्यमंत्री साय दंतेवाड़ा के चूड़ीटिकरा वार्ड में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित आवास की व्यवस्था निरंतर बनी रहे।

बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही 

मुख्यमंत्री साय ने यहां लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों को दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए यह भी पूछा कि क्या वे प्रशासन की मदद से संतुष्ट हैं। प्रभावितों ने जिला प्रशासन के त्वरित सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए पुल का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तथा पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों की ली बैठक

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा कलेक्टोरेट में जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति, पुनर्वास योजनाओं और प्रभावित परिवारों को दी जा रही तत्कालिक सहायता की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में प्रशासनिक टीमों की निरंतर पहुँच बनी रहे और हर जरूरतमंद तक राहत सामग्री समय पर पहुँचे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कठिनाई अवश्य लाती हैं, परंतु प्रशासनिक तत्परता और जनसहयोग से इन कठिनाइयों का समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जाए तथा स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री साय के साथ वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद महेश कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, राजस्व सचिव और आपदा राहत आयुक्त मती रीना बाबा साहेब कंगाले, संभागायुक्त डोमन सिंह सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

”CG: रायपुर में गणपति प्रतिमाओं पर बवाल! हिंदू संगठनों ने जताया कड़ा विरोध, एसपी कार्यालय पहुंचकर की ये मांग”

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”CG: रायपुर में गणपति प्रतिमाओं पर बवाल! हिंदू संगठनों ने जताया कड़ा विरोध, एसपी कार्यालय पहुंचकर की ये मांग”

Raipur Ganesh Murti राजधानी रायपुर में गणेशोत्सव को लेकर जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है। बात करें प्रतिमाएं की तो यहां एक से बढ़ कर एक कई मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई है, जो भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

लेकिन दूसरी ओर कई पंडालों में फार्टून, बेबी डॉल, ऑफ शोल्डर वाली प्रतिमाएं बैठाई गई है। जिसको लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है।

Raipur Ganesh Murti शहर के कई पंडालों में कार्टून, बेबी डॉल और ऑफ-शोल्डर जैसी प्रतिमाएं स्थापित किए जाने पर हिंदू संगठनों और संत समाज ने इसका जमकर विरोध किया है। समस्त हिंदू संगठन और संत समाज एसपी कार्यालय पहुंचकर इन प्रतिमाओं को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

संगठनों ने एसपी से तत्काल कार्यवाई की मांग की है और सभी मूर्तियों का तुरंत विसर्जन कराए जानें की बात कही है। संगठनों का कहना है कि गणपति हमारे राजा हैं, ऐसे रूप में प्रतिमाएं स्थापित करना अपमानजनक है। यह सब सनातन धर्म और हिंदुत्व को कमजोर करने की साजिश है। असामाजिक तत्व इसमें शामिल हैं और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

“मोदी-जिनपिंग और पुतिन की ‘दोस्ती’ से चिढ़ा अमेरिका? अब निकाल लाया ब्राह्मण जाति का एंगल; ट्रंप के करीबी ने उगला भारत के खिलाफ जहर”

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“मोदी-जिनपिंग और पुतिन की ‘दोस्ती’ से चिढ़ा अमेरिका? अब निकाल लाया ब्राह्मण जाति का एंगल; ट्रंप के करीबी ने उगला भारत के खिलाफ जहर”

डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच भारत और अमेरिका के रिश्तों में लगातार तनाव बना हुआ है। इस बीच चीन में हो रही SCO समिट में पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तिकड़ी से भी ट्रंप और उनके सहयोगी को चिढ़ मच रही होगी।

यही वजह है कि वो भारत के खिलाफ लगातार उगल रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार मामलों के सलाहकार पीटर नवारो ने फिर आपत्तिजनक बयान दिया। उन्होंने इस बार रूस से तेल खरीद को लेकर उन्होंने भारतीय ब्राह्मणों पर मुनाफाखोरी करने के आरोप लगाए।

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में नवारो ने भारतीय सामानों पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले को सही ठहराया है। इस दौरान उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि PM मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग के बीच निकटता वैश्विक व्यवस्था को अस्थिर कर रही है।

भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी भारत के खिलाफ बयानबाजी करते हुए पीटर नवारो ने अपने बयान में कहा, “टैरिफ का महाराजा भारत है। उनके यहां दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ है। हमको वो कई चीजें निर्यात करते हैं। तो इससे नुकसान किसको होगा? अमेरिका के मजदूरों, टैक्सपेयर्स और यूक्रेन के लोगों को।”

नवारो ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक महान नेता भी बताया। उन्होंने कहा कि मोदी बड़े नेता हैं, लेकिन भारत का वैश्विक गठबंधन समझ से बाहर है। समझ नहीं आता कि दुनिया का सबसे बड़े लोकतंत्र होने के बाद भी पुतिन और जिनपिंग के साथ मोदी क्यों घुल-मिल रहे हैं? उनकी रूस और चीन से नजदीकियां सही नहीं है।

‘रूसी तेल से ब्राह्मण कमा रहे मुनाफा’ आगे उन्होंने भड़काऊ बयान देते हुए यह भी कहा कि भारतीय लोगों से मुझे बस इतना ही कहूंगा कि उन्हें समझना चाहिए कि आखिर यहां पर हो क्या रहा है?भारतीय लोगों की कीमत पर ब्राह्मण मुनाफा कमा रहे हैं। हम चाहते हैं कि यह बंद हो। यानी इस बार वे भारत की आलोचना करते हुए कास्ट का एंगल निकालकर ले आए।

SCO समिट में महाशक्तियों का मिलन, ट्रंप की बढ़ेगी बेचैनी? पीटर नवारो का ये बयान ऐसे समय पर आया जब SCO समिट में महाशक्तियों का मिलन हो रहा है। यहां पीएम मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के बीच गजब की केमिस्ट्री देखने को मिली। ग्रुप फोटो सेशन से पहले तीनों नेता एक दूसरे के साथ बातें करते और ठहाके लगाते नजर आए। पीएम मोदी- पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात की ये तस्वीरें इस वक्त पूरी दुनिया में छाई हुई हैं।

यकीनन ये तस्वीरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नींदें उड़ा देंगी। जहां वो टैरिफ लगाकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ये दांव उनका उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। चीन- भारत और रूस अगर साथ आ गए, तो अमेरिका अलग पड़ सकता है।

इसका ब्राह्मण वाला बयान राहुल गांधी के ओबीसी वाले बयान से मिलता जुलता है। ऐसे में इनकार नहीं किया जा सकता कि अमेरिका प्रशासन भारत में अपनी कठपुतली कांग्रेस सरकार बनाना चाहता है।

SCO: ”दोनों दिग्गज राष्ट्राध्यक्षों के बीच करीब 45 मिनट की सीक्रेट बातचीत, द्विपक्षीय बैठक में पुतिन और PM मोदी 45 मिनट की सीक्रेट बातचीत.. .

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SCO: ”दोनों दिग्गज राष्ट्राध्यक्षों के बीच करीब 45 मिनट की सीक्रेट बातचीत, द्विपक्षीय बैठक में पुतिन और PM मोदी 45 मिनट की सीक्रेट बातचीत.. .

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन से इतर अपने ‘सच्चे दोस्त’ और रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और द्विपक्षीय बैठक की।

द्विपक्षीय बैठक से पहले जो सबसे खास बात रही और अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की नींद उड़ाने वाली रही, वो थी रूसी राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी का एक साथ एक ही कार में बैठना।

जी हां, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अपने मित्र पीएम मोदी के लिए केवल इंतजार ही नहीं किया बल्कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी Aurus कार में एक साथ बिठाकर रूस और भारत के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता स्थल पर लेकर गए। इस तस्वीर को खुद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी शेयर किया है।

अब यह तस्वीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नींद उड़ाने लगी है। बता दें कि रूस से तेल की खरीदारी करने पर अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी का टैरिफ लगाया है। अब यह मोदी और पुतिन की तस्वीर उनकी नींद उड़ाने वाली है।

कार में दोनों दिग्गज राष्ट्राध्यक्षों के बीच करीब 45 मिनट की बातचीत प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन एक साथ एक ही कार में बैठकर दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक में भाग लेने के लिए पहुंचे। मिली जानकारी के अनुसार, इस कार में दोनों दिग्गज राष्ट्राध्यक्षों के बीच करीब 45 मिनट की बातचीत हुई। इस दौरान कई मुद्दों पर और सीक्रेट भी बातचीत हुई। पीएम मोदी ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “एससीओ शिखर सम्मेलन स्थल पर कार्यवाही के बाद, राष्ट्रपति पुतिन और मैं द्विपक्षीय बैठक स्थल पर साथ-साथ गए। उनके साथ बातचीत हमेशा ज्ञानवर्धक होती है।”

इन मुद्दों पर हुई रूस और भारत के बीच चर्चा पीआईबी से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आर्थिक, वित्तीय और ऊर्जा क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की और इन क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में घनिष्ठता पर संतोष व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने यूक्रेन से जुड़े हाल ही के घटनाक्रमों सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन में संघर्ष के समाधान के लिए हाल ही में की गई पहलों के प्रति अपने समर्थन को दोहराते हुए संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने तथा एक स्थायी शांति समझौते की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह इस वर्ष के अंत में भारत में आयोजित 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।

पीएम मोदी ने रूसी प्रेसिडेंट पुतिन के साथ हुई द्विपक्षीय बातचीत के बाद अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, “तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक शानदार बैठक हुई। व्यापार, उर्वरक, अंतरिक्ष, सुरक्षा और संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के उपायों पर चर्चा हुई। हमने यूक्रेन में संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान सहित क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनी हुई है।”

 छत्तीसगढ़ : रेलवे विभाग ने इन स्टेशनों पर फिर से स्टॉपेज शुरू करने का फैसला लिया है, देखें पूरी रिपोर्ट”

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 छत्तीसगढ़ : रेलवे विभाग ने इन स्टेशनों पर फिर से स्टॉपेज शुरू करने का फैसला लिया है, देखें पूरी रिपोर्ट”

रेलवे विभाग ने यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन का कई स्टेशनों पर ठहराव शुरू करने का फैसला लिया है। दरअसल कोरोना महामारी के बाद यात्रियों की कमी के चलते रेलवे ने छोटे स्टेशनों पर एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों का स्टॉपेज बंद कर दिया था।

करीब 6 साल बाद अब रेलवे ने इन स्टेशनों पर फिर से स्टॉपेज शुरू करने का फैसला लिया है। इस फैसले से अब लंबी दूरी की ट्रेनें हथबंद, बिल्हा, पेंड्रारोड, बेलगहना, ब्रजराजनगर, करगीरोड समेत कई छोटे स्टेशनों पर दो मिनट के लिए रुकेंगी। रेलवे ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन की कुल 52 ट्रेनों का 19 स्टेशनों पर स्टॉपेज पहले बंद किया था। आज से यह सुविधा यात्रियों को मिलने लगेगी।

आज से टिकट बुकिंग हुई शुरू स्टॉपेज शुरू होने के साथ ही इन स्टेशनों से टिकट बुकिंग भी चालू कर दी गई है। लंबे समय से यात्री लगातार इस सुविधा की मांग कर रहे थे। प्रदेश के मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों ने भी रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर स्टॉपेज शुरू करने की पहल की थी। इन स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव शुरू होने के बाद अब सैकड़ो यात्रियों को लाभ मिलेगा।

बिल्हा-बेलगहना रेलवे स्टेशन को मिलेगा सबसे अधिक लाभ रेलवे विभाग ने 26 जोड़ी यानी 52 ट्रेनों को 15 स्टेशनों पर स्टापेज मंजूर किया गया है, जो कि 1 सितंबर से लागू होगा। इन स्टेशनों में सबसे फायदे में बिल्हा और बेलगहना रेलवे स्टेशन रहा है। जहां पर क्रमशः 4 व 3 एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टापेज दिया गया है। राजनैतिक दृष्टिकोण से बिल्हा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक और बेलगहना रेलवे स्टेशन केंद्रीय मंत्री का क्षेत्र है। ट्रेनों का ठहराव शुरू होने से इन स्टेशनों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।

“ट्रंप टैरिफ विवाद के बीच पुतिन-मोदी का बड़ा ऐलान, भारत-रूस द्विपक्षीय वार्ता की 5 बड़ी बातें”

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“ट्रंप टैरिफ विवाद के बीच पुतिन-मोदी का बड़ा ऐलान, भारत-रूस द्विपक्षीय वार्ता की 5 बड़ी बातें”

चीन के तियानजिन शहर में प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ और आर्थिक दबाव के बीच भारत-रूस के संबंधों को लेकर बयान जारी किए।

दोनों देशों ने अपने संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने रूस और यूक्रेन युद्ध के लिए शांति प्रयासों का स्वागत किया।

द्विपक्षीय संबंध मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि ट्रंप के टैरिफ और आर्थिक दबावों के बीच भी भारत और रूस के रिश्ते सिद्धांतों के आधार पर बढ़ते रहेंगे। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच आपसी सहयोग, बढ़ते रिश्ते और द्विपक्षीय संवाद राष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक स्थिरता और समृद्धि-विकास सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से यह भी कहा कि वे दिसंबर में होने वाली उनकी यात्रा का इंतजार कर रहे हैं।

रूस और यूक्रेन शांति वार्ता पर हुई दोनों की बात द्विपक्षीय वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बात हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष पर लगातार चर्चा हो रही है। भारत शांति प्रयासों का स्वागत करता है औ उम्मीद है कि संघर्ष को जल्द खत्म करने और स्थायी शांति स्थापित करने का रास्ता जल्दी ही तलाश लिया जाएगा। भारत भी रूस और यूक्रेन में शांति वार्ता के पक्ष में हैं और उम्मीद करता है कि जल्दी ही दोनों एक टेबल पर आकर निर्धारित एजेंडे को लेकर बातचीत करेंगे।

परस्पर संवाद और सहयोग की प्रतिबद्धता जताई प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि भारत और रूस इंटरनेशनल लेवल पर आपसी संबंधों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं और आपसी को-ऑर्डिनेशन भी सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। ट्रंप के आर्थिक दबावों के बीच भारत और रूस अपने संबंधों को आगे बढ़ाते रहेंगे, क्योंकि भारत और रूस के संबंध रणनीतिक सिद्धांतों के आधार पर विकसित हो रहे हैं। भविष्य में भी भारत और रूस ऐसे ही परस्पर संवाद करते रहेंगे। एक-दूसरे को व्यापार और रक्षा सहयोग देते रहेंगे।

आपसी संबंधों को दोनों देशों के लिए जरूरी बताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात में कहा कि भारत और रूस मुश्किल हालातों में भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं और खड़े रहेंगे। दोनों देशों के घनिष्ठ संबंध और आपसी सहयोग न केवल दोनों देशों की जनता के लिए जरूरी है, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। हम दोनों की मुलाकात हमेशा से ही यादगार अनुभव और सकारात्मक रही है। मुलाकातों में दोनों देशों को कई विषयों पर जानकारियों का आदान-प्रदान करने का मौका मिलता है। दोनों पक्षों के बीच कई उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं और अब भारत को दिसंबर 2025 में होने वाले शिखर सम्मेलन का इंतजार है।

”चक्रधर समारोह 2025 कार्यक्रम”

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”चक्रधर समारोह 2025 कार्यक्रम”

चक्रधर समारोह 2025 में रविवार की शाम हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सुरमयी प्रस्तुति से सजी। समारोह में ख्याति प्राप्त शास्त्रीय गायिका डॉ. मेधा तळेगांवकर राव और उनकी छोटी बहन शुभ्रा तळेगांवकर ने अपनी मनमोहक भक्तिमय भजन गायकी से उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया और समारोह में शास्त्रीय संगीत की खुशबू बिखेर दी।

चक्रधर समारोह के पांचवें दिन राजनांदगाँव के प्रख्यात कथक कलाकार डॉ. कृष्ण कुमार सिन्हा और उनकी टीम ने नृत्य की अद्भुत छटा बिखेरी। कथक की विविध झलकियों से सजे मंच पर उन्होंने शिव स्तुति, शिव तांडव, गंगा अवतरण, रायगढ़ एवं जयपुर घराना, लखनऊ घराने की छटा, तोड़ा, तराना, जुगलबंदी, नाव की गत और अष्ट नायिका जैसी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भाव-भंगिमाओं की जीवंतता और लय की गहराई ने कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु “दीदी के गोठ” नामक विशेष रेडियो कार्यक्रम का प्रदेशभर में प्रसारण हुआ।

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छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु “दीदी के गोठ” नामक विशेष रेडियो कार्यक्रम का प्रदेशभर में प्रसारण हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शुभकामनाएँ दीं। उप मुख्यमंत्री ने कवर्धा में समूह की महिलाओं संग कार्यक्रम सुना। विभागीय अधिकारी विभिन्न जिलों में पहुँचे और सामूहिक श्रवण कराया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश के 33 जिलों और हजारों समूहों में लाखों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

”जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश”

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”जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश”

करीब 9 हजार गांव डूब गए हैं। ज्यादातर नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। वहीं मौसम विभाग ने एक डराने वाली भविष्यवाणी की है।

IMD का कहना है कि मॉनसून टफ और पश्चिमी विक्षोभ के टकराव से आने वाले समय में बारिश की गतिविधियां तेज हो जाएंगी। इससे जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। साथ ही नदियों में बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं भी तेज हो सकती हैं।

नदियां मचाएंगी तबाही मौसम विभाग ने कहा, 1 सितंबर से उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में दो सितंबर को मूसलाधार बारिश हो सकती है। अगले तीन से चार दिन पहाड़ी इलाकों के लिए बेहद गंभीर हैं। वैसे तो उत्तर भारत में सर्दियों के समय में पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा ऐक्टिव रहते हैं। वहीं मॉनसून सिस्टम में पश्चिमी विक्षोभ के टकराव से गंभीर स्थिति पैदा होने का खतरा रहता है।

मौसम विभाग के डायरेक्टर मृत्युंजय मोहापात्रा ने कहा कि उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में अगस्त में हुई मूसलाधार बारिश के पीछे भी यही वजह थी। उत्तराखंड के धराली, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और हिमाचल के मंडी में आपदा के पीछे भी यही कारण हो सकते हैं।

देहरादून समेत इन जिलों में रेड अलर्ट देहरादून के सीनयर मौसम वैज्ञनिक रोहित थपलियाल ने कहा, अगले 48 घंटे उत्तराखंड के लिए बेहद संवेदनशील हैं। दोनों सिस्टम के टकराने की वजह से भारी बारिश का अनुमान है। ऐसे में देहरादून में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके अलावा टेहरी, पौड़ी, हरिद्वार, चंपावत, नैनीताल, बागेश्वर और उधम सिंह नगर में भी रेड अलर्ट जारी है।

फिलहाल मॉनसून टफ दक्षिण में अपनी सामान्य गति पर है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में उत्तरी पाकिस्तान और पंजाब पर बना हुआ है। इसके अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश पर सर्कुलेशन की वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से ज्यादा नमी हिमायल की ओर बढ़ रही है। इसी वजह से हिमालय के आसपास के इलाकों में भारिश बारिश हो रही है। मोहापात्रा ने कहा कि अगस्त महीने में उत्तर-पश्चिम में 2001 के बाद सबसे ज्यादा बारिश हुई है। वहीं सितंबर में भी बारिश जारी रहने का ही अनुमान है।

SCO Summit में दिखी भारत की धाक! चीन ने किया 100 परियोजनाओं का ऐलान-

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SCO Summit में दिखी भारत की धाक! चीन ने किया 100 परियोजनाओं का ऐलान-

चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग मौजूद रहे।

तीनों नेताओं की इस तस्वीर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान मोदी-पुतिन शहबाज शरीफ को नजरअंदाज करते दिखे। शहबाज एक कोने में हाथ बांधें खड़े रहे। न कोई उनसे बात कर रहा था, न ही उन्हें कोई तवज्जो दे रहा था। वह बस दोनों नेताओं को एकटक देखते रह गए, मानो बातचीत का हिस्सा बनने की इच्छा रखते हों।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एससीओ शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए “धौंस और दबाव” जैसी वैश्विक प्रवृत्तियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि SCO सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था मिलकर 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है और चीन का निवेश अकेले 84 बिलियन डॉलर से अधिक है। जिनपिंग ने जल्द ही SCO डेवलपमेंट बैंक बनाने और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक नया केंद्र स्थापित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने सभी सदस्य देशों को ‘दोस्त और साझेदार’ बताया और आपसी मतभेदों के बावजूद रणनीतिक संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।

चीन ने किया 100 परियोजनाओं का ऐलान- संबोधन के दौरान शी जिनपिंग ने SCO की क्षेत्रीय सुरक्षा में भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि बहुपक्षवाद और सहयोग मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों के बीच महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक शासन व्यवस्था में केंद्रीय भूमिका को भी जोर दिया। चीन ने यह भी ऐलान की कि वह SCO सदस्य देशों के जरूरतमंद क्षेत्रों में 100 छोटे प्रोजेक्ट लागू करेगा, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।