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मनरेगा से चिस्दा को मिला नया पंचायत भवन

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ग्रामीणों के वर्षों का था कि खुद का पंचायत भवन बने। यह सपना अब पूरा हो गया है। उन्हें खुद का स्थायी पंचायत भवन मिल गया है। जहां से गांव की योजनाएं बनाएंगे और विकास की दिशा तय करेंगे। आज यह भवन केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं है, बल्कि गांव की प्रगति और एकजुटता का प्रतीक है। अब पंचायत की बैठकें सुव्यवस्थित तरीके से होंगी, सामुदायिक कार्यक्रम आसानी से आयोजित होंगे और आने वाली पीढ़ियाँ भी इसका लाभ उठा सकेगी।

बिलासपुर जिले के मस्तुरी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत चिस्दा में नवीन पंचायत भवन के निर्माण होने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। मनरेगा के तहत निर्मित पंचायत भवन के लिए कुल 18.03 लाख रूपए की राशि स्वीकृत हुई, जिसमें से कुल 16.61 लाख रुपये की राशि व्यय की गई और 1191 मानव दिवस सृजित हुए। इस भवन के निर्माण से ग्राम पंचायत की बैठकों एवं अन्य सामुदायिक आयोजनों हेतु स्थायी स्थल उपलब्ध हो गया है। पूर्व में बैठक एवं पंचायत सामुदायिक कार्यक्रमों हेतु उपयुक्त स्थल के अभाव से ग्रामीणों को असुविधा होती थी, किंतु अब पंचायत भवन के निर्माण से यह समस्या दूर हो गई है। पंचायत भवन निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत के ग्रामीणों, कार्य एजेंसी, समस्त संबंधित शासकीय संस्थाओं एवं विभागों का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा। निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत कुल राशि 18.03 लाख रही, जिसमें मजदूरी राशि 4.06 लाख एवं सामग्री राशि 13.97 लाख की स्वीकृति दी गई थी। पंचायत का स्थायी भवन बनने से प्रचायत के अन्तर्गत बैठकों, पंचायत के विकास की दिशा तय करने, ओर विकास की योजना बनाकर क्रियान्वित कराने के लिए एक स्थायी स्थल बन गया, जिससे आने वाले समय में पंचायत को विकास की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी ।

25 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन 1 सितम्बर से

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25 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन गौरेला- पेंड्रा-मरवाही जिले में 1 से 4 सितम्बर 2025 तक किया जा रहा है। प्रतियोगिता का शुभारंभ 1 सितम्बर को सुबह 10 बजे फिजिकल कॉलेज खेल मैदान पेंड्रा में होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल होंगे। अध्यक्षता उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण सह विधायक मरवाही श्री प्रणव कुमार मरपच्ची करेंगे। 25 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभाग शिक्षा रायपुर, बिलासपुर दुर्ग, बस्तर एवं सरगुजा से कोचेस सहित लगभग 675 खिलाड़ी भाग लेंगे।

25 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में शुभारंभ अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक कोटा, श्री अटल श्रीवास्तव, अध्यक्ष जिला पंचायत सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री उपेन्द्र बहादुर सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे। प्रतियोगिता में जिमनास्टिक में 14 वर्ष आयु वर्ग, 17 वर्ष आयु वर्ग और 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिका, ताइक्वांडो में 14 वर्ष आयु वर्ग, 17 वर्ष आयु वर्ग और 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिका और क्रिकेट में 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक शामिल होंगे। प्रतियोगिता के दौरान जिले में आने वाले खिलाड़ियों एवं प्रतिनिधियों के लिए ठहरने, खानपान, परिवहन, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है। प्रत्येक टीम को सुव्यवस्थित आवास और भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। खिलाड़ियों के स्वास्थ्य परीक्षण और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा हेतु स्वास्थ्य विभाग को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राज्य स्तरीय रोजगार मेला 9 से 10 अक्टूबर को रायपुर में

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छत्तीसगढ़ सरकार के रोजगार एवं प्रशिक्षण संचालनालय रायपुर द्वारा राज्य स्तरीय रोजगार मेला रायपुर में आगामी 9 और 10 अक्टूबर 2025 को आयोजन किया जाएगा। इस मेले में शामिल होने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को विभाग की वेबसाइट
https://erojgar.cg.gov.in
पर ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। विभागीय मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब ने युवाओं से अपील की है कि वे समय रहते ऑनलाइन पंजीयन अवश्य कराएँ और इस राज्य स्तरीय रोजगार मेले का लाभ उठाएँ।

रोजगार उपलब्ध कराने वाली कंपनियाँ

राज्य स्तरीय रोजगार मेले में जिंदल स्टील रायपुर, एयरटेल पेमेंट बैंक, ऑटो सेंटर बिलासपुर, राजस्थान कपड़ा मिल, सतलज कपड़ा इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। इसी प्रकार रिलायंस निप्पोन, रुद्र इंटरप्राइज, शांता टेक्नो, सन ब्राइट, ट्रेडमेन गारमेंट्स, कॉसमॉस मैनपावर, जीनियस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, हाईक एजुकेशन, आइकॉन सोलर, न्यू लाइफ, पीएचडीए ग्लोबल सॉल्यूशन सहित अनेक प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध है।

पद और वेतनमान

रोजगार मेला में अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता पाँचवीं पास से लेकर आईटीआई, स्नातक एवं उच्च शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थियों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध रहेंगे। चयनित अभ्यर्थियों को प्रतिमाह 8 हजार से 40 हजार रुपये तक का वेतनमान प्रदान किया जाएगा। उपलब्ध पदों में वितरक बॉय, बैंक सहायक, फार्मासिस्ट, मशीन ऑपरेटर, बिक्री सलाहकार, ड्राइवर के पद शामिल हैं। इसी प्रकार ट्रेनी ऑपरेटर, सहायक, सिलाई ऑपरेटर, इंजीनियर, एक्स-रे एवं लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय, टेलीकॉलर, कलेक्शन ऑफिसर, इलेक्ट्रीशियन, टर्नर, फ़िटर, वेल्डर, सुरक्षा गार्ड, बीमा सलाहकार, सुपरवाइजर, हाउसकीपिंग स्टाफ, कंप्यूटर ऑपरेटर, कृषि अधिकारी, फील्ड ऑफिसर, डॉक्टर और ग्राहक सेवा कर्मचारी शामिल हैं।

रोजगार उपलब्ध कराने वाले राज्य और शहर

इस मेले के माध्यम से रोजगार के अवसर न केवल छत्तीसगढ़ के सभी जिलों एवं प्रमुख शहरों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, कोरबा और रायगढ़ में बल्कि अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में भी उपलब्ध होंगे। इस आयोजन में प्रमुख शहरों में बैंगलुरु, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, नोएडा और औरंगाबाद को भी शामिल किया गया हैं।

पशु चिकित्सा शिविर में मवेशियों को लम्फी बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण

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पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन कर पशुधन को लम्फी बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण किया गया। शिविर में पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और एवं 120 लम्फी बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण किया गया। इसके साथ ही 30 पशुओं को कृमिनाशक दवापान, एक पशु में कृत्रिम गर्भाधान तथा 11 पशुओं हेतु औषधि वितरण किया गया।
कलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा के निर्देशानुसार उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें के मार्गदर्शन में विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम सरखोर के गौठान में पशुओं हेतु शिविर आयोजन किया गया। शिविर में मोबाईल वेटेरिनरी यूनिट से डॉ. नेहा यादव, श्री जानू जांगडे एवं पशु चिकित्सालय-अहिल्दा से डॉ. संतोष पुरेना, श्री हेमंत विश्वकर्मा ने पशुओं का स्वास्थ्य जांच किया गया। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने बताया कि पशु चिकित्सालय अहिल्दा की टीम के द्वारा विगत दिनों ग्राम सरखोर के गौठान में रखे गये पशुओं का स्वास्थ्य जांच नियमित रूप से किया जा रहा है।गौठान में लगभग 160 पशु रखा जा रहा है, जिसके लिये ग्राम पंचायत द्वारा 04 पशु चरवाहा रखे गये हैं। चरवाहे द्वारा प्रतिदिन पशुओ को 5-6 घंटा चराया जाता है।
गौठान में चारा-पानी की व्यवस्था भी पंचायत द्वारा की गई है। इसके साथ ही तहसीलदार लवन ने भी गोठान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सरपंच एवं चरवाहों से पूछताछ कर आवश्यक व्यवस्था गौठान में रखे जाने वाले मवेशियों के लिए चारे-पानी की व्यवस्था करने निर्देशित किया गया। पशु चिकित्सा शिविर में सरपंच के साथ-साथ पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु चिकित्सकों और ग्राम के पशु चरवाहो का भी विशेष सहयोग रहा।

मनरेगा से निर्मित तालाब किसान के लिए बना सिंचाई व आजीविका का साधन

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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को न केवल रोजगार प्राप्त हो रहा है बल्कि स्थाई परिसम्पत्ति का निर्माण हो रहा है और आजीविका का साधन भी उपलब्ध हो रहा है। मनरेगा के तहत निर्मित क़ृषि तालाब बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड सिमगा अंतर्गत ग्राम अडबंधा के किसान सोमित साहू के लिए सिंचाई की सुविधा और आजीविका का साधन बन गया है।

विकासखंड सिमगा अंतर्गत ग्राम अडबंधा में मनरेगा के तहत करीब ढाई लाख रुपये की लागत से गंमीणों के लिए करीब 600 वर्गमीटर क्षेत्रफल में प्रथम कृषि तालाब का निर्माण किया गया। इस कार्य के लिए ग्राम पंचायत को ही कार्य एजेंसी बनाया गया। कृषि तालाब के निर्माण से जल संचयन के साथ ही अन्य व्यक्तिओं में कृषि तालाब निर्माण कराने में रूचि बढती गई। कृषि तालाब में मछली पालन पर अतिरिक्त आमदनी पर विशेष रूचि लिया जा रहा है।

किसान सोमित साहू ने बताया कि पूर्व में आजीविका के साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण जीविकोपार्जन में कठिनाई थी। कृषि तालाब के निर्माण से मछली पालन करने से अतिरिक्त आमदनी से परिवार की आय बढ़ने लगी और फसलों की सिंचाई होने के कारण आय में वृद्धि हुई है। मनरेगा से निर्मित तालाब के कारण मेंरे जीवन में परिवर्तन आया और मेरे लिए रोजी-रोजगार प्राप्त करने के लिए भटकना नहीें पड रहा है।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर निकाली गई साइकल रैली

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राष्ट्रीय खेल दिवस के तहत आज बिलासपुर में स्कूली छात्र-छात्राओं और 300 से अधिक खिलाड़ियों ने साइकल रैली निकाली। भारत सरकार के फिट इंडिया कार्यक्रम “सन्डेस ऑन सायकल” (Sundays on Cycle) के तहत पीएमश्री स्वामी आत्मांनद विद्यालय नूतन चौक सरकंडा से स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई तक यह रैली निकाली गई। पूर्व ओलम्पियन एवं हॉकी के हेड कोच श्री अजीत इमानुएल लकड़ा और अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाडी संजू देवी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।

भारत सरकार द्वारा देश के समृद्ध खेल विरासत का उत्सव मनाने, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करने, ओलम्पिक मूल्यों में राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह को समाहित कर सपूरे देश को ईमानदारी, महत्वाकांक्षा और सामूहिक भावना के साझा दृष्टिकोण के साथ एकजुट करने तथा मजेदार व प्रतिस्पर्धात्मक खेलों के माध्यम से शारीरिक सक्रियता, समावेशिता और टीम-वर्क को प्रोत्साहित करने व जनसामान्य को खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से इस वर्ष 29 अगस्त से 31 अगस्त तक राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह का राष्ट्रव्यापी आयोजन किया जा रहा है।

खेल विभाग के सहायक संचालक श्री ए. एक्का, स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक श्री पी. दासरथी और श्री अखिलेश मेहता, खेल अधिकारी श्री सुशील अमलेश, वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री राकेश टोप्पो और जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री साजिद खान सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, व्यायाम अनुदेशक, खेल विभाग व खेलो इंडिया स्टेट सेंटर व अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी साइकल रैली में शामिल हुए।

हिमालयन पर्वतारोहण अभियान पर निकली युवा टीम :अभियान का नेतृत्व पर्वतारोही स्वप्निल राचेलवार एवं राहुल ओगरा करें

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एक विशेष पर्वतारोहण दल हिमालयी अभियान के लिए रवाना हुआ है। दल में शामिल जशपुर के युवा पर्वतारोही हैं रवि सिंह, तेजल भगत, रूसनाथ भगत, सचिन कुजुर और प्रतीक नायक शामिल हैं। इस अभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू है कि आदिवासी संस्कृति और उसकी जड़ों से जुड़ाव है। जशपुर की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय परंपराओं, प्रकृति-आधारित जीवनशैली और सामुहिकता की भावना से है। हिमालय की ऊँचाइयों पर इन युवाओं का पहुँचना केवल एक खेल उपलब्धि नहीं बल्कि इस बात का प्रतीक है कि कैसे आदिवासी समाज अपनी सांस्कृतिक ताकत और प्रकृति से गहरे रिश्ते को लेकर दुनिया के सामने खड़ा हो रहा है। दल के सदस्य अपनी संस्कृति और साहस अपने साथ लिए हिमालय की ओर बढ़ रहे हैं। इस अभियान का नेतृत्व पर्वतारोही स्वप्निल राचेलवार एवं राहुल ओगरा कर रहे हैं।

यह अभियान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन ओर आशीर्वाद से संचालित हो रहा है। दल जशपुर से रांची के लिए रवाना हुआ, जहां से वे ट्रेन द्वारा दिल्ली पहुँचेंगे। दिल्ली से आगे टीम जगतसुख पहुँचेगी, जहाँ वे पर्वतारोहण की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद 5 सितम्बर को टीम आधार शिविर ( Base Camp ) की ओर प्रस्थान करेगी।

दल को विदा करने के लिए जशपुर जिला प्रशासन एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जशपुर कलेक्टर, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ ने टीम को शुभकामनाएँ दीं और उनके सुरक्षित एवं सफल अभियान की कामना की। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि जशपुर की युवा प्रतिभाएँ इस अभियान के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करने में योगदान प्रदान करेंगे। वहीं इसे जिले की उभरती खेल एवं साहसिक गतिविधियों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। जिला पंचायत सीईओ जो स्वयं एक अनुभवी पर्वतारोही हैं, ने दल के युवाओं को पर्वतारोहण और ट्रेकिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा उपायों, ऊँचाई पर स्वास्थ्य प्रबंधन और टीम भावना की अहमियत पर बल देते हुए युवाओं को प्रेरित और प्रोत्साहित किया।

इस अभियान को लेकर प्रदेश के लोग उत्साहित और गर्वित हैं। साथ ही स्थानीय जय जंगल कंपनी जो इस एक्सपीडिशन के स्पान्सर में से एक है, के संस्थापक समर्थ जैन का कहना है कि यह दल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है और आने वाली पीढ़ियों को पर्वतारोहण तथा साहसिक खेलों की ओर अग्रसर करेगा। जगह-जगह लोग बच्चों के हौसले और साहस की चर्चा कर रहे हैं और सभी को उम्मीद है कि वे हिमालय से सफलता और गौरव की नई कहानियाँ लेकर लौटेंगे।

इस अभियान का नेतृत्व पर्वतारोही स्वप्निल राचेलवार एवं राहुल ओगरा कर रहे हैं

इस पर्वतारोही दल का नेतृत्व पर्वतारोही स्वप्निल राचेलवार एवं राहुल ओगरा कर रहे हैं साथ ही इस अभियान का एक और महत्वपूर्ण संदेश है- पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति की दिशा में जागरूकता। यह पहल न केवल युवाओं को प्रकृति से जोड़ने का कार्य करेगी, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। हिमालय अभियान से यह संदेश भी जाएगा कि साहसिक खेलों और पर्वतारोहण के माध्यम से समाज को एक नई दिशा दी जा सकती है। इससे न केवल जशपुर बल्कि पूरे राज्य में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

आंगनबाड़ियों और स्कूलों में बच्चों की बन रही सेहत

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आंगनबाड़ियों और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब पहले से बहुत खुश हैं। समय पर स्कूल और आंगनबाड़ी खुल रहे हैं। वहां मिलने वाले नाश्ते खीर, पूड़ी, हलवा, खिचड़ी, पोहा, भजिया, सेवई तथा भोजन से उन्हें ऊर्जा भी मिल रही है। गैस सिलेण्डर की व्यवस्था से आंगनबाड़ियों और स्कूलों में भोजन पकाने के दौरान उत्पन्न होने वाले धुएं से भी मुक्ति मिल गई है। इससे रसोईयों के साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कोरबा जिले के सभी आंगनबाड़ियों तथा प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में सुबह के नाश्ते की व्यवस्था डीएमएफ से की जा रही है। नाश्ते और सिलेण्डर की व्यवस्था ने आंगनबाड़ी तथा विद्यालय आने वाले बच्चों की रूचि बढ़ा दी है। अलग-अलग दिनों में निर्धारित मेनू के आधार पर उन्हें नाश्ता और भोजन परोसा जा रहा है। नाश्ते में खीर, पूड़ी, हलवा, खिचड़ी, पोहा व भजिया दी जा रही है। विद्यार्थी नाश्ता खाने बहुत उत्सुक रहते हैं और समय पर विद्यालय भी पहुंच जाते हैं।

पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के ग्राम धोबघाट प्राथमिक शाला में कक्षा पहली की छात्रा प्रियांशी, छात्र विनय, कक्षा दूसरी की नेहा, तीसरी की रोशनी और नर्मदा तथा कक्षा पांचवी के भूपेश ने बताया कि अब नाश्ते में अलग-अलग दिनों में उन्हें अलग-अलग खाने को मिलता है। खीर, पूड़ी, हलवा, खिचड़ी, पोहा, भजिया और सेवईयां मिलती है। विद्यालय में प्रधान पाठक श्री चैनसिंह पुहुप ने बताया कि नाश्ते का प्रभाव बच्चों पर पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि सिलेण्डर की व्यवस्था होने से जल्दी खाना पक जाता है। नाश्ता हो या मध्यान्ह भोजन दोनों को पकाने में आसानी हो गई है।

कोरबा विकासखण्ड के दूरस्थ गांव लामपहाड़ में पहाड़ी कोरवा बच्चों में भी नाश्ते का प्रभाव पड़ा है। आंगनबाड़ी केंद्र हो या स्कूल दोनों जगह उनकी उपस्थिति नजर आती है। पहले सुबह से ही अपने परिजनों के साथ जंगल की ओर प्रस्थान कर जाने वाले पहाड़ी कोरवा बच्चे अब समय से पहले स्कूल पहुंचते हैं। लामपहाड़ आंगनबाड़ी की कार्यकर्ता सुशीला तिर्की और सहायिका सुलोचनी यादव बताती है कि केंद्र में ज्यादातर बच्चे पहाड़ी कोरवा जनजाति के हैं। कई बच्चों को घर पर पर्याप्त आहार उपलब्ध नहीं हो पाता। ऐसे में नाश्ता और भोजन उनके शारीरिक विकास के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि सुबह दस बजे के आसपास नाश्ता देने के साथ ही दोपहर को एक बजे भोजन दिया जाता है।

आंगनबाड़ी में आने वाले पहाड़ी कोरवा बच्चों सम्पति, रवीना, सुखमनिया, सुशील और कविता ने बताया कि उन्होंने सुबह नाश्ते में दलिया खाया और दोपहर को दाल, भात और सब्जी खाई है। हर दिन गरम भजिया, पोहा, खीर, पूड़ी, उपमा का नाश्ता मिलता है और इसे खाना भी अच्छा लगता है। यहां भोजन पकाने वाली सहायिका सुलोचनी यादव का कहना था कि पहले बारिश के दिनों में चूल्हा जलाना बहुत मुश्किल हो जाता था। सूखी लकड़ियों की व्यवस्था करना, फिर चूल्हा जलाकर धुएं के बीच खाना पकाना बहुत परेशानी वाला काम था। अब तो गैस से मिनटों में बिना परेशानी के खाना बनने लगा है।

लामपहाड़ के प्राथमिक और माध्यमिक शाला में भी विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों की उपस्थिति तथा नाश्ते व मध्याह्न भोजन में रूचि नजर आने लगी है। कक्षा चौथी की देवशीला एवं फूलमनिया ने बताया कि स्कूल में मिलने वाला नाश्ता उन्हें अच्छा लगता है। पाली विकासखंड के दूरस्थ गांव पण्डोपारा में प्राथमिक शाला में लगभग 25 बच्चे हैं। नये भवन में आंगनबाड़ी संचालित है। दोनों जगह बच्चों को समय पर नाश्ता और भोजन मिलता है। गांव में रहने वाली पूजा पण्डो ने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं। एक आंगनबाड़ी में और दो स्कूल में पढ़ाई करते हैं। तीनों को सुबह का नाश्ता और दोपहर का खाना मिलता है। पहले वे बहाना बनाकर स्कूल जाने में आनाकानी करते थे, पर अब नियमित जाते हैं। स्थानीय प्रशासन ने सभी स्कूलों में नाश्ते का मीनू लिखाने तथा स्थानीय उपलब्धता और विद्यार्थियों की पसंद के अनुरूप नाश्ता परोसने के निर्देश दिए हैं।

सवा दो लाख बच्चे हो रहे लाभान्वित

करीब एक साल पहले 14 अगस्त 2024 को कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा और कोरबा विकासखंड के शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में विद्यार्थियों की थाली में गरम नाश्ता परोसने का सिलसिला प्रारंभ किया गया है। ढाई माह तक नाश्ता परोसने और इससे हुए सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए इसे जिले के सभी विकासखण्डों में प्रारंभ करने के निर्देश दिए। पिछले साल दीपावली अवकाश के बाद स्कूल खुलते ही कोरबा, पाली, करतला और कटघोरा के शेष स्कूलों में भी नाश्ता देना प्रारंभ किया गया। जिले के सभी आंगनबाड़ियों, स्कूलों और छात्रावासों में सिलेण्डर की व्यवस्था कर प्रतिमाह गैस रिफलिंग की सुविधा भी प्रदान की गई है।

कोरबा जिले के 2602 आंगनबाड़ियों में छह माह से लेकर तीन वर्ष तक के 48 हजार 217 और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के 56 हजार 477 बच्चे दर्ज हैं। इसी तरह 1502 प्राइमरी स्कूलों में 73 हजार 810 और 537 मिडिल स्कूलों में 47 हजार 122 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ये सभी बच्चे नाश्ते और मध्यान्ह भोजन से लाभान्वित हो रहे हैं। नाश्ता और भोजन पकाने के लिए डीएमएफ से गैस सिलेण्डर की व्यवस्था की गई है।

CG: BJP नेता ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर कराई FIR, मामला गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए विवादित बयान …

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CG: BJP नेता ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर कराई FIR, मामला गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए विवादित बयान …

छत्तीसगढ़ के रायपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ बीजेपी नेता गोपाल सामंतों ने पुलिस में FIR दर्ज कराई है. यह मामला गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए विवादित बयान को लेकर है.

बीजेपी नेता गोपाल सामंतों ने कहा कि उन्होंने यह कदम बहुत भारी मन से उठाया.

गोपाल सामंतों ने बताया, “महुआ मोइत्रा मेरी ही कम्युनिटी से आती हैं और एक सांसद होने के नाते उनसे जिम्मेदाराना व्यवहार की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने जो बयान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ दिया, वह बेहद गैर-जिम्मेदाराना और शर्मनाक है.”

एफआईआर क्यों दर्ज हुई? सामंतों ने कहा कि महुआ का बयान सिर्फ अमित शाह पर हमला नहीं था, बल्कि इसने बंगाली समुदाय की छवि को भी नुकसान पहुंचाया. उन्होंने इसे समाज और संसदीय गरिमा के खिलाफ बताया. “मैंने यह FIR राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि समाज के सम्मान और संसदीय मर्यादा को बचाने के लिए कराई है. ऐसे लोगों को संसद में जगह नहीं मिलनी चाहिए. समाज को भी ऐसे बयानों को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए.”

सामंतों की FIR से राजनीतिक हलचल तेज यह मामला सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. बीजेपी नेता इसे मर्यादा की रक्षा का कदम बता रहे हैं, जबकि TMC समर्थक इसे राजनीतिक साजिश करार दे सकते हैं.

‘समाज में जहर घोलने वालों को समाज करे बहिष्कृत’ गोपाल सामंतों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय के सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ एक बयान का मामला नहीं है, बल्कि नफरत और गलत संदेश फैलाने का मुद्दा है. “ऐसे लोगों को समाज से भी बहिष्कृत किया जाना चाहिए जो समाज में जहर घोलने की कोशिश करते हैं.”

“‘प्राकृतिक आपदाओं से देश दुखी है’, PM मोदी ने ‘मन की बात’ में राहत कार्यों को सराहना दिया”

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“‘प्राकृतिक आपदाओं से देश दुखी है’, PM मोदी ने ‘मन की बात’ में राहत कार्यों को सराहना दिया”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 125वें एपिसोड में देश के कई हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि बारिश और मानसून की वजह से आई बाढ़ और भूस्खलन ने हर हिंदुस्तानी को दुखी किया है और जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनका दर्द हम सबका दर्द है।

राहत और बचाव कार्यों की सराहना पीएम मोदी ने आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में लगे सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन जवानों ने दिन-रात एक करके लोगों को बचाने का काम किया।

आधुनिक तकनीक का उपयोग: प्रधानमंत्री ने बताया कि जवानों ने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया। इसमें थर्मल कैमरे, लाइव डिटेक्टर, स्निफर डॉग्स और ड्रोन जैसी चीजें शामिल हैं, जिनसे निगरानी और बचाव में मदद मिली।

हेलीकॉप्टर से मदद: फंसे हुए लोगों को निकालने, घायलों को एयरलिफ्ट करने और राहत सामग्री पहुँचाने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया।

मानवीयता को किया सलाम प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में न सिर्फ सरकारी एजेंसियां, बल्कि स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टर और प्रशासन भी मदद के लिए आगे आए। उन्होंने उन सभी नागरिकों का दिल से धन्यवाद किया, जिन्होंने मुश्किल समय में मानवीयता को सबसे ऊपर रखा। पीएम ने कहा कि ऐसे संकट के समय में हमारा देश एकजुट होकर खड़ा होता है।

प्राकृतिक आपदा से कोई इतना दुखी नहीं होता है प्रकृति अगर लेती है तो देती भी है जनता दुखी है भ्रष्टाचार से सरकारी अधिकारियों से जो सरकार की तनख्वाह तो लेते हैं लेकिन जनता को भी परेशान करते हैं। गरीब का हक दूसरों को पैसे वालों को दे दिया जाता है।