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भूपेश बघेल को फिर से मिले छत्तीसगढ़ कांग्रेस की कमान, रविंद्र चौबे के बयान पर सियासत तेज, बीजेपी ने कसा तंज

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छत्तीसगढ़ कांग्रेस में एक बार फिर नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है. इस बार पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे के बयान ने नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतरखाने हलचल तेज कर दी है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस का नेतृत्व सौंपने की इच्छा पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने जताई है. रविंद्र चौबे छत्तीसगढ़ की सियासत में अपनी विद्वता और विशिष्ट कार्यशैली के लिए जाने पहचाने जाते हैं. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भूपेश को कांग्रेस का नेतृत्व सौंपने की बात कही. अब रविंद्र चौबे के बयान ने प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर उठापटक को फिर उजागर कर दिया है. यूं तो कुछ महीने पहले ही भूपेश बघेल को राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब का प्रभारी बनाया गया है, लेकिन रविंद्र चौबे ने उन्हें प्रदेश में कांग्रेस का नेतृत्व देने की मांग कर डाली.

इतना ही नहीं प्रदेश में किसानों की सरकार फिर से भूपेश बघेल के नेृत्व में बनने की बात कही. इससे कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व यानी दीपक बैज तो असहज हुए ही, बीजेपी को भी कांग्रेस के भीतर चल रहे उठापटक पर तंज कसने का अवसर मिल गया.
बीजेपी ने साधा निशाना
दरअसल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहता है. ऐसे में रविंद्र चौबे ने दो टूक लहजे में कहा कि भूपेश बघेल ही प्रदेश में भाजपा का मुकाबला कर सकते हैं. यही वजह है कि पीसीसी चीफ दीपक बैज ने रविंद्र चौबे को महाज्ञानी नेता बताते हुए उनके वक्तव्य को निजी बयान करार दिया. साथ ही बीते डेढ़ सालों में सरकार के खिलाफ संघर्ष की बात भी कही. दूसरी ओर कांग्रेस के सहप्रभारी विजय जांगिड़ ने कलेक्टिव लीडरशिप की बात कही, लेकिन अब कांग्रेस के भीतरखाने छिड़े बवाल ने भाजपा को तंज कसने का अवसर दे दिया है.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में लंबे समय से नेतृत्व को लेकर उठापटक का दौर चल रहा है. ऐसे में रविंद्र चौबे ने भूपेश बघेल को नेतृत्व सौंपने की बात कहकर नई बहस तो छेड़ ही दी है. यह संकेत भी दे दिया है कि पार्टी के भीतर आने वाले दिनों में नेतृत्व को लेकर टकराव और बढ़ेगा. अब कांग्रेस हाईकमान इस बयान को कैसे देखता है और क्या फैसला लेता है, यह तो कुछ वक्त बाद पता चलेगा.

“इन चीजों पर आज तक क्यों नहीं लगाई गई GST? देखें पूरी लिस्ट”

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“इन चीजों पर आज तक क्यों नहीं लगाई गई GST? देखें पूरी लिस्ट”

भारत में जीएसटी 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ था. इसने भारत के टैक्स सिस्टम को सरल बनाया, लेकिन कुछ आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं को इससे छूट दी गई है. चलिए जानते हैं कि ऐसा क्यों है और कौन सी चीजें इस सूची में शामिल हैं.

जीएसटी छूट का कारण जीएसटी छूट का मुख्य उद्देश्य सामाजिक कल्याण, आर्थिक विकास और आवश्यक वस्तुओं को किफायती बनाए रखना है. सरकार ने उन वस्तुओं और सेवाओं को छूट दी है, जो आम लोगों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं या जिनका आर्थिक और सामाजिक महत्व है. इनमें खाद्य पदार्थ, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और कृषि से जुड़े उत्पाद शामिल हैं. इसके अलावा, छोटे व्यवसायों और निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए भी कुछ छूट दी गई हैं.

GST से छूट प्राप्त वस्तुओं की सूची  कृषि उत्पाद ताजा फल, सब्जियां, बिना प्रोसेस्ड अनाज (जैसे चावल, गेहूं, दाल), बुवाई के बीज, जैविक खाद और पशु चारा. ये छूट किसानों को समर्थन देने और खाद्य कीमतों को किफायती रखने के लिए दी गई है.

खाद्य पदार्थ ताजा दूध, दही, छाछ, अंडे, नमक, चीनी और बिना ब्रांड वाले आटे को जीएसटी से छूट है. ये रोजमर्रा की जरूरतें हैं जिन्हें सस्ता रखना सरकार की प्राथमिकता है. स्वास्थ्य सेवाएं और सामान मानव रक्त, टीके, जीवन रक्षक दवाएं, हियरिंग एड्स, व्हीलचेयर और डायग्नोस्टिक किट. ये छूट स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए हैं.

शैक्षिक सामग्री किताबें, समाचार पत्र, स्लेट, चाक और शैक्षिक उपकरण. शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ये छूट दी गई हैं. धार्मिक और चैरिटेबल सेवाएं धार्मिक समारोह, पूजा सेवाएं और चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा दी जाने वाली सेवाएं. ये सामाजिक कल्याण को प्रोत्साहित करती हैं.

सार्वजनिक परिवहन गैर-वातानुकूलित रेल, मेट्रो और बस सेवाएं आमतौर पर जीएसटी से मुक्त होते हैं. अन्य कच्चे जूट, रेशम, खादी, हथकरघा उत्पाद और जीवित पशु (वाणिज्यिक प्रजनन को छोड़कर). ये पारंपरिक उद्योगों और पर्यावरण को समर्थन देते हैं.

गैर-जीएसटी उत्पाद पेट्रोल, डीजल और मानव उपभोग के लिए शराब. ये जीएसटी के दायरे से बाहर हैं. छूट क्यों दी जाती है? ये छूट सामाजिक और आर्थिक कारणों से दी जाती हैं. बुनियादी जरूरतों जैसे भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर कर लगाने से आम लोगों पर बोझ बढ़ेगा. कृषि और छोटे व्यवसायों को समर्थन देने के लिए भी छूट जरूरी है. साथ ही निर्यात को शून्य-दर पर कर लगाकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाता है.

“भारत के ग्रोथ पर अमेरिकी एजेंसी की मुहर, राष्ट्रपति ट्रंप को दिखाया आइना, कहा- कुछ नहीं बिगड़ेगा”

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“भारत के ग्रोथ पर अमेरिकी एजेंसी की मुहर, राष्ट्रपति ट्रंप को दिखाया आइना, कहा- कुछ नहीं बिगड़ेगा”

फिच रेटिंग्स ने वृद्धि दर और बाह्य मोर्चे पर मजबूत वित्तीय स्थिति के साथ भारत की साख को स्थिर परिदृश्य के साथ ‘BBB-‘ पर बरकरार रखा है. भारत पर प्रस्तावित 50% अमेरिकी शुल्क से चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की 6.5 प्रतिशत वृद्धि दर अनुमान पर मामूली नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है.

फिच ने कहा, ” यदि प्रस्तावित माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधार अपनाए जाते हैं, तो इससे उपभोग को बढ़ावा मिलेगा तथा वृद्धि संबंधी कुछ जोखिम कम हो जाएंगे.”

केंद्र ने जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने पर गठित मंत्रिसमूह के समक्ष ”योग्यता” और ”मानक” वस्तुओं व सेवाओं के लिए पांच और 18 प्रतिशत की द्वि-स्तरीय कर संरचना के साथ ही पांच से सात वस्तुओं के लिए 40 प्रतिशत की दर का प्रस्ताव रखा है. इस प्रस्ताव में मौजूदा 12 और 28 प्रतिशत कर ‘स्लैब’ को समाप्त करना शामिल है.

भारत के ग्रोथ पर यूएस एजेंसी की मुहर फिच ने कहा, ” भारत की रेटिंग को उसकी मजबूत वृद्धि और ठोस बाह्य वित्तीय स्थिति का समर्थन प्राप्त है.” ‘BBB-‘ सबसे निचली निवेश श्रेणी की रेटिंग है. यह रेटिंग वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी द्वारा भारत की साख रेटिंग को एक पायदान बढ़ाकर ‘बीबीबी’ करने के एक पखवाड़े के भीतर आई है. गौरतलब है कि एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने 14 अगस्त को भारत की साख को स्थिर परिदृश्य के साथ ‘बीबीबी-‘ से बढ़ाकर ‘बीबीबी’ कर दिया था. एसएंडपी ने 18 वर्ष में पहली बार भारत की साख को बढ़ाया है.

एक अन्य वैश्विक रेटिंग एजेंसी मॉर्निंग डीबीआरएस ने इस वर्ष मई में संरचनात्मक सुधारों का हवाला देते हुए भारत की रेटिंग बढ़ाकर ‘बीबीबी’ कर दी थी. एजेंसी ने वित्त वर्ष 2025-26 में सकल घरेल उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो वित्त वर्ष 2024-25 के समान है और 2.5 प्रतिशत के ‘बीबीबी’ औसत से काफी ऊपर है. इसने कहा कि भारत का आर्थिक परिदृश्य समकक्ष देशों की तुलना में मजबूत बना हुआ है, हालांकि पिछले दो वर्ष में इसकी गति धीमी हुई है.

टैरिफ का नहीं होगा असर एजेंसी ने कहा कि इसमें मजबूत सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, निजी निवेश में वृद्धि और अनुकूल जनसांख्यिकी के कारण मध्यम अवधि में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि क्षमता का अनुमान लगाया गया है. फिच ने कहा, ” यदि प्रस्तावित माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधार अपनाए जाते हैं, तो इससे उपभोग को बढ़ावा मिलेगा तथा वृद्धि संबंधी कुछ जोखिम कम हो जाएंगे.” रेटिंग एजेंसी ने हालांकि ‘बीबीबी’ वर्ग के देशों की तुलना में उच्च घाटे और कर्ज का हवाला देते हुए फिच ने राजकोषीय मोर्चे पर चिंता जाहिर की है.

“दिल्ली यूनिवर्सिटी को मिली राहत, पीएम मोदी की स्नातक डिग्री नहीं होगी सार्वजनिक-क्यों?”

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“दिल्ली यूनिवर्सिटी को मिली राहत, पीएम मोदी की स्नातक डिग्री नहीं होगी सार्वजनिक-क्यों?”

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्रीय सूचना आयुक्त (CIC) के आदेश को पलटते हुए कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक डिग्री का विवरण सार्वजनिक करने के लिए बाध्य नहीं है।

यह आदेश 2016 में CIC द्वारा दिया गया था, जिसमें 1978 में बीए परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी छात्रों के अभिलेखों की जांच की अनुमति दी गई थी।

CIC का आदेश और दिल्ली विश्वविद्यालय की चुनौती 2016 में केंद्रीय सूचना आयोग ने आदेश दिया कि दिल्ली विश्वविद्यालय को पीएम मोदी सहित 1978 में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के रिकॉर्ड सार्वजनिक करना चाहिए। दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस आदेश को चुनौती दी और पहली सुनवाई के दिन जनवरी 2017 में रोक लगवाई।

हाईकोर्ट का फैसला और तर्क दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को CIC के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को किसी छात्र की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने की बाध्यता नहीं है। न्यायालय ने यह निर्णय गोपनीयता और व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा के आधार पर दिया।

1978 BA रिकॉर्ड और राजनीतिक चर्चा 1978 में पीएम मोदी ने बीए की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। CIC का आदेश राजनीतिक और मीडिया चर्चा का विषय बना, लेकिन हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पब्लिक रिकॉर्ड में किसी भी छात्र का विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य नहीं है। इस फैसले के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय को पब्लिक डिस्क्लोज़र का पालन नहीं करना होगा। मामला राजनीतिक और मीडिया चर्चा में रह सकता है, लेकिन कोर्ट ने गोपनीयता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

गौरी गणेश पर्व पर शेयर करें 30+ सुंदर मैसेज और शायरी”

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गौरी गणेश पर्व पर शेयर करें 30+ सुंदर मैसेज और शायरी”

गणेश चतुर्थी का पर्व हर साल भक्ति, उल्लास और उमंग से मनाया जाता है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में इसे खासतौर पर गौरी गणेश फेस्टिवल के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन घर-घर में बप्पा का आगमन होता है, महिलाएं गौरी माता का पूजन करती हैं और पूरे परिवार के साथ मिलकर भजन, कीर्तन, पूजा और आरती की जाती है।2025 में गौरी गणेश फेस्टिवल और भी खास है क्योंकि लोग न सिर्फ घर सजाते हैं, बल्कि अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और प्रियजनों को शुभकामनाएं और बधाई संदेश भी भेजते हैं। हम आपके लिए लाए हैं 35 से भी ज्यादा शुभकामना मैसेज, जो न केवल आपके दिल के इमोशल जाहिर करेंगे बल्कि रिश्तों में और गहराई भी ऐड करेंगे।

गौरी गणेश बधाई मैसेज और कोट्स (Gauri Ganesh Wishes Messages and Quotes) गणपति बप्पा आएंगे सुख-शांति संग लाएंगे आपके जीवन की हर मुश्किल आकर दूर भगाएंगे।

सस्टेनेबल गणपति डेकोर, घर सजाएं बिना ज्यादा खर्च किए मोदक की मिठास हो बप्पा का साथ हो खुशियों का हर पल आपके जीवन में खास हो।

हर गली, हर द्वार पे बप्पा का नाम है हर दिल में उनके आने का पैगाम है गौरी गणेश पर्व की शुभकामना आपके जीवन में खुशियों का इनाम है।

सज गया है दरबार हमारा आया है गणपति प्यारा हर तरफ भक्तों की भीड़ है बप्पा के बिना सब सूना-सूना संसार हमारा। गणेश जी के दर पे जो जाता है मस्तक झुकाकर सर नवाता है दूर हो जाती हर परेशानी सुख-शांति का आशीर्वाद पाता है। लड्डू और मोदक की मिठास हो हर गली हर आंगन में उल्लास हो गणपति बप्पा के आने से जीवन में खुशियों की बरसात हो।

हैप्पी गौरी गणेश विशेज (Happy Gowri Ganesha wishes) लड्डुओं की मिठास, आरती की रौनक बप्पा का आशीर्वाद, सदा रहे आपके संग। गणपति बप्पा मोरया! हर मुश्किल आसान हो जीवन का हर सपना पूरा हो और हर दिन त्योहार जैसा हो। गौरी गणेश का त्योहार है आया भक्ति का सागर संग लाया सभी के घर हो मंगलमय बप्पा ने आशीर्वाद बरसाया। जहां बप्पा का वास है वहां दुख का नाश है आपके जीवन में हमेशा खुशियों का प्रकाश है।

गौरी गणेश 2025 ग्रीटिंग (Gowri Ganesha 2025 greetings) बप्पा से बस इतनी गुजारिश है आपकी हर दुआ पूरी हो हर राह आसान हो हर मंजिल करीब हो।

संकट मोचक है बप्पा मंगलकारी है बप्पा हर दिल में बसते हैं हमारे प्यारे गणपति बप्पा। हर मुश्किल आसान हो जाती है जब गणपति जी मुस्कुराते हैं भक्तों के जीवन की नैया वो खुद पार लगाते हैं। गणेश जी की मूर्ति प्यारी उनकी पूजा सबसे न्यारी जो भी करता है सच्चे मन से उसकी हर इच्छा पूरी हो जाती सारी। गणपति बप्पा मोरया आपके जीवन का हर दुख छोरया खुशियों से भर दे घर आंगन हर दिन बने आपके लिए सोहना त्योहारिया।

गौरी गणेश फेस्टिवल 2025 कोट्स (Gowri Ganesha festival 2025 quotes) गणेश चतुर्थी आई है खुशियों की बारात लाई है घर-घर गूंजे बप्पा का नाम  सारी दुनिया में रौनक छाई है।

गणपति बप्पा आएंगे भक्तों के दिलों को भाएंगे मन की हर मुराद पूरी कर जीवन को खुशियों से सजाएंगे। गणपति बप्पा मोरया मंगलमूर्ति मोरया आपके जीवन का हर पल बने खुशियों का सौगातिया। गौरी गणेश की छवि निराली सुख-समृद्धि देती मतवाली  हर दिल में उनका वास है वो भक्तों के लिए सबसे खास हैं। गणपति जी जब घर आते हैं. सुख-शांति साथ लाते हैं. जो भी करता है भक्ति सच्ची बप्पा उसकी किस्मत चमकाते हैं।

गौरी गणेश सेलिब्रेशन विशेज (Gowri Ganesha celebration wishes) आओ सब मिलकर गाएं भजन करें आरती और करें पूजन गणपति बप्पा का नाम लें सब छू लें जीवन का हर गगन।

”गणेश जी के भजन गूंजें मोदक की खुशबू महके  हर आंगन रौशन हो जाए बप्पा के स्वागत से। गौरी गणेश पर्व की बेला है हर गली हर कोना मेहका है बप्पा का नाम जो लेता है उसका जीवन चमकता है।”

”आपके जीवन से अंधकार मिटे हर ओर खुशियों के दीप जले बप्पा के आशीर्वाद से आपके सपनों के फूल खिले। गणेश जी की कृपा से हर राह आसान हो जाए आपका हर दिन त्यौहार बने और हर मनोकामना पूरी हो जाए।”

”लोग चाहे जितना भी कहें बप्पा का नाम सब दुख हर ले गणपति के चरणों में मिल जाए जीवन का हर सुख सदा के लिए। नयी सुबह, नया उजाला गणेश जी का साथ निराला सफलता और खुशियों की बरसात हो आपके घर हर दिन प्यारा।”

”गणेश पर्व का आया है त्योहार मनाओ सब मिलकर प्यार बप्पा देंगे खुशियां अपार सजाओ जीवन का हर द्वार। गणपति बप्पा के नाम का सहारा है उनके भक्तों को दुनिया प्यारा है हर दुख में वही काम आते हैं उनके दर से ही जीवन संवारा है।”

”गणेश जी की मूरत प्यारी सबके संकट हरने वाली जो भी उनका नाम ले बन जाए किस्मत उसकी न्यारी। गणपति जी का नाम लो हर दुख-दर्द को भुला दो खुशियों के संग त्योहार मनाओ हर दिल में प्यार जगा दो।”

”बप्पा का आशीर्वाद पाओ हर राह पर सफलता पाओ गणेश जी के चरणों में रहकर जीवन को मंगलमय बनाओ। हर दिल में उनका वास है हर जुबां पर उनका नाम है गणेश जी बिना अधूरा जीवन उनसे ही पूरा अरमान है।”

”मोरया मोरया गूंजे जहां खुशियों की सौगात मिलती वहां बप्पा का दर है सबसे प्यारा वहीं से मिलता है सुख अपार। खुश रहो, मुस्कुराते रहो बप्पा का आशीर्वाद पाते रहो गणेश जी संग घर में सुख-शांति के दीप जलाते रहो।”

“क्या आप भी SBI Credit Card का इस्तेमाल करते हैं? 1 सितंबर से बदल जाएंगे नियम, नहीं मिलेगी ये सूविधाएं”

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“क्या आप भी SBI Credit Card का इस्तेमाल करते हैं? 1 सितंबर से बदल जाएंगे नियम, नहीं मिलेगी ये सूविधाएं”

अगर आपके पास भी SBI का क्रेडिट कार्ड है, तो यह खबर आपके लिए अहम है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI Cards) ने अपने कार्ड धारकों के लिए नियम बदलने का ऐलान किया है। ये नए नियम 1 सितंबर 2025 से लागू होंगे और इनका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ेगा।

किन कार्ड्स पर असर पड़ेगा? बैंक ने जानकारी दी है कि बदलाव खासतौर पर इन कार्ड्स पर लागू होंगे: लाइफस्टाइल होम सेंटर SBI कार्ड लाइफस्टाइल होम सेंटर SBI सिलेक्ट कार्ड लाइफस्टाइल होम सेंटर SBI प्राइम कार्ड इन कार्ड्स से मिलने वाले कुछ फायदे कम कर दिए गए हैं और कुछ खास तरह के खर्च पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स (Reward Points) को बंद किया जा रहा है।

अब किन ट्रांजैक्शन्स पर नहीं मिलेंगे रिवॉर्ड पॉइंट्स? 1 सितंबर से लागू होने वाले नए नियमों के मुताबिक: ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) प्लेटफॉर्म्स पर खर्च करने पर कोई रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेगा।

सरकारी सेवाओं या किसी भी तरह के सरकारी लेनदेन पर भी रिवॉर्ड पॉइंट्स नहीं दिए जाएंगे। कुछ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन्स पर भी अब रिवॉर्ड पॉइंट्स नहीं मिलेंगे।

CPP प्लान में बदलाव इसके अलावा, 16 सितंबर 2025 से सभी CPP (Card Protection Plan) वाले SBI कार्ड ग्राहक अपने-आप अपडेटेड प्लान वेरिएंट में शिफ्ट हो जाएंगे। यह बदलाव कार्ड की नवीनीकरण (Renewal) तिथि के आधार पर होगा। बैंक की ओर से इस बारे में ग्राहकों को तय तारीख से 24 घंटे पहले SMS या ई-मेल के जरिए सूचना दी जाएगी।

पहले भी हुए थे कई बदलाव यह पहला मौका नहीं है जब SBI Cards ने नियमों में बदलाव किया हो। इससे पहले जुलाई और अगस्त 2025 में भी कई बड़े बदलाव किए गए थे। तब बैंक ने अपने कुछ कार्ड्स पर मिलने वाले कॉम्प्लिमेंट्री एयर एक्सीडेंट कवर को बंद कर दिया था। यह बीमा कवर 50 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का था, जिसे SBI Elite और SBI Prime कार्ड धारकों को दिया जाता था।

“10 दिन तक नहीं मिलेगी शराब, इस शहर में सरकार ने घोषित किया Dry Day”

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“10 दिन तक नहीं मिलेगी शराब, इस शहर में सरकार ने घोषित किया Dry Day”

गणेश चतुर्थी के अवसर पर पुणे शहर में कानून व्यवस्था और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने दो अहम निर्णय लिए हैं। इस बार गणेशोत्सव के पूरे 10 दिनों तक शहर के प्रमुख इलाकों में शराब की बिक्री पर रोक रहेगी, वहीं गणेश मंडलों को 7 रातों तक आधी रात तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी गई है।

इस बीमा कंपनी के ग्राहकों को बड़ा झटका, 1 सितंबर से नहीं मिलेगा कैशलेस इलाज; जानिए क्या है पूरा मामला पुराने पुणे के 3 थाना क्षेत्रों में 10 दिनों तक शराब बिक्री पर रोक राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, विश्रामबाग, फरासखाना और खड़क पुलिस थाना क्षेत्रों में गणेशोत्सव के दौरान शराब की दुकानें, परमिट रूम, बीयर बार और रेस्टोरेंट्स बंद रहेंगे। यह प्रतिबंध 10 दिनों तक प्रभावी रहेगा, जबकि पहले सिर्फ पहले और आखिरी दिन को ही ड्राई डे घोषित किया जाता था। पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने भी इस फैसले की सिफारिश जिला प्रशासन से की थी।

लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति 7 रातों तक दूसरे फैसले के तहत, जिला कलेक्टर जीतेंद्र डुडी ने गणेश मंडलों को 30 अगस्त से 4 सितंबर तक और विसर्जन के दिन 6 सितंबर को रात 12 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी है।

यह छूट आमतौर पर 5 दिनों के लिए होती है, लेकिन इस बार शनिवार और रविवार को पड़ने वाले उत्सव के चलते इसे 7 दिन कर दिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि यह निर्णय मंडलों से चर्चा और सांस्कृतिक कार्यमंत्री आशीष शेलार की समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है।

ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन अनिवार्य यह अनुमति केंद्र सरकार के ध्वनि प्रदूषण (2000 व 2017 संशोधित) नियमों के अनुसार दी गई है, जिसके तहत वर्ष में कुल 15 दिन लाउडस्पीकर के लिए रात 12 बजे तक छूट दी जा सकती है। हालांकि, यह छूट अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और न्यायालयों जैसे साइलेंस ज़ोन में लागू नहीं होगी।

“Ganesh Chaturthi – 27 अगस्त को घर-घर विराजेंगे गणपति, शुभ, शुक्ल और सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी गणेश चतुर्थी”

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“Ganesh Chaturthi – 27 अगस्त को घर-घर विराजेंगे गणपति, शुभ, शुक्ल और सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी गणेश चतुर्थी”

सनातन धर्म में गणेश चतुर्थी के त्योहार का खास महत्व है। विनायक को समृद्धि और बुद्धि का देवता माना जाता है। गणेश चतुर्थी का त्योहार भाद्रपद माह की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। भगवान गणेश को प्रथम देव माना जाता है।

किसी भी शुभ काम को शुरू करने से पहले लंबोदर की पूजा की जाती है। इस साल 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर – जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि इस साल गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाया जाएगा और बप्पा के भक्त गणपति की प्रतिमा को घर में लाकर उनकी भक्ति भाव से पूजा करेंगे। इस साल गणेश चतुर्थी का उत्सव 27 अगस्त से शुरू होगा, जबकि गणेश विसर्जन 6 सितंबर, 2025 के दिन किया जाएगा।

गणेश चतुर्थी पर दुर्लभ शुभ और शुक्ल योग का निर्माण हो रहा है। इसके बाद सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग है। वहीं गणेश चतुर्थी तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण सुबह 06:04 मिनट पर होगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल की चतुर्थी से देशभर में गणेश चतुर्थी पर्व का शुभारंभ हो जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से 10 दिनों तक चलता है। इस दौरान भक्त बप्पा को अपने घर लाते हैं और अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विदा कर देते हैं। ग्रह गोचर और त्योहारों पर कई शुभ योग बनते हैं।

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाता है। गणेश महोत्सव का पर्व चतुर्थी तिथि से प्रारंभ होकर अगले 10 दिनों तक चलता है। वहीं अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश को विदा किया जाता है। इस बार उदया तिथि के आधार पर 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाने वाला है। माना जाता है कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। इससे श्राप लगता है। वहीं गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना शुभ मुहूर्त में ही करनी चाहिए।

गणेश चतुर्थी तिथि भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि सनातन धर्म में गणेश चतुर्थी के पर्व का विशेष महत्व होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 26 अगस्त 2025 को दोपहर 01:54 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 27 अगस्त को दोपहर 03:44 मिनट पर चतुर्थी तिथि का समापन होगा। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। इसके लिए 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी को मनाई जाएगी।

शुभ योग भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी पर दुर्लभ शुभ और शुक्ल योग का निर्माण हो रहा है। शुभ योग का संयोग दोपहर तक है। वहीं शुक्ल योग का समापन 28 अगस्त को दोपहर 01:18 मिनट पर होगा। इसके बाद सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग है। वहीं, गणेश चतुर्थी तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण सुबह 06:04 मिनट पर होगा। भद्रावास योग का समापन दोपहर 03:44 मिनट पर होगा।

शुभ मुहूर्त भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार, 27 अगस्त 2025 को सुबह 11:06 बजे से दोपहर 1:40 बजे तक का समय गणेश पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ रहेगा। इस समय में पूजा करने से गणपति बप्पा की कृपा अधिक प्रबल होती है और व्रत तथा अनुष्ठान फलदायी माने जाते हैं।

गणेश विसर्जन तिथि भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार गणेश चतुर्थी पर्व का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन किया जाता है। साथ ही इसी दिन बप्पा को श्रद्धापूर्वक विदा किया जाता है। पंचांग के अनुसार गणेश विसर्जन 6 सितंबर 2025 को किया जाएगा।

महत्व कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। किसी भी शुभ और मांगलिक कार्यक्रम में सबसे पहले गणेशी जी वंदना और पूजा की जाती है। भगवान गणेश बुद्धि, सुख-समृद्धि और विवेक का दाता माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश जी का जन्म भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि, स्वाति नक्षत्र और सिंह लग्न में दोपहर के प्रहर में हुआ था।

ऐसे में गणेश चतुर्थी के दिन पर अगर आप घर पर भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करने जा रहे है तो दोपहर के शुभ मुहूर्त में करना होता है। गणेश चतुर्थी तिथि लेकर अनंत चतुर्दशी तक यानी लगातार 10 दिनों तक विधि-विधान के साथ गणेश जी की पूजा उपासना किया जाता है। गणेश जी की पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी तरह की बाधाएं और संकट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

पूजा विधि भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि गणेश चतुर्थी तिथि पर शुभ मुहूर्त को ध्यान मे रखकर सबसे पहले अपने घर के उत्तर भाग, पूर्व भाग, अथवा पूर्वोत्तर भाग में गणेश जी की प्रतिमा रखें। फिर पूजन सामग्री लेकर शुद्ध आसन पर बैठें। पूजा सामग्री में दूर्वा, शमी पत्र,लड्डू, हल्दी, पुष्प और अक्षत से ही पूजन करके गणेश जी को प्रसन्न किया जा सकता है। गणेश जी की आराधना केवल दूर्वा से भी की जा सकती है।

सर्वप्रथम गणेश जी को चौकी पर विराजमान करें और नवग्रह, षोडश मातृका आदि बनाएं। चौकी के पूर्व भाग में कलश रखें और दक्षिण पूर्व में दीया जलाएं। अपने ऊपर जल छिड़कते हुए ॐ पुंडरीकाक्षाय नमः कहते हुए भगवान विष्णु को प्रणाम करें और तीन बार आचमन करें तथा माथे पर तिलक लगाएं। यदि आपको कोई भी मंत्र नहीं आता तो ‘ॐ गं गणपतये नमः। इसी मंत्र से सारी पूजा संपन्न कर सकते हैं। हाथ में गंध अक्षत और पुष्प लें और दिए गए मंत्र को पढ़कर गणेश जी का ध्यान करें। इसी मंत्र से उन्हें आवाहन और आसन भी प्रदान करें।

पूजा के आरंभ से लेकर अंततक अपने जिह्वा पर हमेशा ॐ श्रीगणेशाय नमः। ॐ गं गणपतये नमः। मंत्र का जाप अनवरत करते रहें। आसन के बाद गणेश जी को स्नान कराएं। पंचामृत हो तो और भी अच्छा रहेगा और नहीं हो तो शुद्ध जल से स्नान कराएं। उसके बाद वस्त्र, जनेऊ, चंदन, अक्षत, धूप, दीप, नैवेद्य, फल आदि जो भी संभव यथाशक्ति उपलब्ध हो उसे चढ़ाएं।

पूजा के पश्चात इन्हीं मंत्रों से गणेश जी की आरती करें। पुनः पुष्पांजलि हेतु गंध अक्षत पुष्प से इन मंत्रों ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ती प्रचोदयात्। से पुष्पांजलि अर्पित करें, तत्पश्चात गणेश जी की तीन बार प्रदक्षिणा करें।

“‘आज, 25 अगस्त और कल, 26 अगस्त को मैं गुजरात में रहूंगा, PM Modi ने दौरे को लेकर एक्स पर किया पोस्ट”

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“‘आज, 25 अगस्त और कल, 26 अगस्त को मैं गुजरात में रहूंगा, PM Modi ने दौरे को लेकर एक्स पर किया पोस्ट”

PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर (PM Modi Gujarat Visit) गुजरात में रहेंगे. पीएम मोदी 25 अगस्त और 26 अगस्त को 5,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे.

पीएम मोदी ने इस बात की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दी है. PM Modi Gujarat Visit के दौरान देंगे सौगात पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘आज, 25 अगस्त और कल, 26 अगस्त को मैं गुजरात में रहूंगा. 5400 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों का लोकार्पण या शिलान्यास किया जाएगा. ये परियोजनाएं सड़क, रेलवे, ऊर्जा और शहरी बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं.’

पीएम मोदी 25 अगस्त को शाम लगभग 6 बजे अहमदाबाद के खोडलधाम मैदान में 5,400 करोड़ रुपये की लागत की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे. वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे.

इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात को हरी झंडी दिखाएंगे 26 अगस्त को सुबह लगभग 10:30 बजे, PM Modi Gujarat Visit के दौरान अहमदाबाद के हंसलपुर में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का उद्घाटन करेंगे और 100 देशों को बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात को हरी झंडी दिखाएंगे. इस अवसर पर वे उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे.

विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इसमें 530 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 65 किलोमीटर महेसाणा-पालनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, 860 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 37 किलोमीटर कलोल-कडी-कटोसन रोड रेल लाइन और 40 किलोमीटर बेचराजी-रानुज रेल लाइन का गेज परिवर्तन शामिल है.

इस ब्रॉड-गेज क्षमता के बढ़ने से, ये परियोजनाएं इस क्षेत्र में सुगम, सुरक्षित और अधिक निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेंगी. इससे क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ दैनिक यात्रियों, पर्यटकों और व्यवसायों के लिए यात्रा काफी आसान हो जाएगी.

इसके अलावा, कटोसन रोड और साबरमती के बीच यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध होगी और जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा. बेचराजी से कार-लोडेड मालगाड़ी सेवा से राज्य के औद्योगिक केंद्रों में संपर्क बढ़ेगा, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा और रोजगार के अवसर उत्‍पन्‍न होंगे.

कनेक्टिविटी में सुधार, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री वीरमगाम-खुदाद-रामपुरा सड़क के चौड़ीकरण का उद्घाटन करेंगे.

PM Modi Gujarat Visit में रखेंगे आधारशिला वे अहमदाबाद-मेहसाणा-पालनपुर मार्ग पर छह लेन वाले वाहन अंडरपास और अहमदाबाद-वीरमगाम मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे. इन पहलों से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, परिवहन दक्षता में सुधार होगा और आर्थिक अवसर बढ़ेंगे.

“भारत-फिजी के रिश्तों ने पूरे पैसिफिक क्षेत्र के साथ हमारे जुड़ाव को नई ताकत दी है: पीएम मोदी”

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“भारत-फिजी के रिश्तों ने पूरे पैसिफिक क्षेत्र के साथ हमारे जुड़ाव को नई ताकत दी है: पीएम मोदी”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हैदराबाद हाउस में फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका से (Fiji PM And PM Modi) मुलाकात की. दोनों नेताओं ने भारत और फिजी के बीच लंबे पुराने रिश्तों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की.

Fiji PM And PM Modi के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘2014 में 33 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने फिजी की धरती पर कदम रखा था. मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि ये सौभाग्य मुझे मिला था. उस समय हमने ‘फोरम फॉर इंडिया-पेसिफिक आइसलैंड कॉरपोरेशन’ यानी एफआईपीआईसी की शुरुआत की थी. उस पहल ने न केवल भारत-फिजी रिश्तों को, बल्कि पूरे पैसिफिक क्षेत्र के साथ हमारे जुड़ाव को नई ताकत दी है.’

उन्होंने कहा, ‘भारत और फिजी के बीच आत्मीयता का गहरा नाता है. 19वीं सदी में, भारत से गए 60,000 से अधिक गिरमिटिया भाई-बहनों ने अपने परिश्रम और पसीने से फिजी की समृद्धि में योगदान दिया है. उन्होंने फिजी की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता में नए रंग भरे हैं. उन्होंने फिजी की एकता और अखंडता को लगातार मजबूती प्रदान की है और इसी के बीच वे अपनी जड़ों से भी जुड़े रहे हैं और अपनी संस्कृति को संजोए रखा है. फिजी की रामायण मंडली की परंपरा इसी का जीवंत प्रमाण है. प्रधानमंत्री राबुका द्वारा गिरमिट-डे की घोषणा का मैं अभिनंदन करता हूं; यह हमारे साझा इतिहास को सम्मान है.’

प्रधानमंत्री मोदी (Fiji PM And PM Modi) ने कहा कि हमने रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करने का निर्णय लिया है. इसके लिए एक एक्शन प्लान तैयार किया गया है. फिजी की सिक्योरिटी को सशक्त करने के लिए भारत से ट्रेनिंग और इक्विपमेंट में सहयोग दिया जाएगा. साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्रोटेक्शन के क्षेत्रों में हम अपने अनुभव साझा करने के लिए तैयार हैं. हम एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए बहुत बड़ी चुनौती है. आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में सहयोग और समर्थन के लिए हम प्रधानमंत्री राबुका और फिजी सरकार का आभार व्यक्त करते हैं. हमने तय किया है कि फिजी यूनिवर्सिटी में हिंदी और संस्कृत पढ़ाने के लिए भारतीय शिक्षक भेजे जाएंगे और फिजी के पंडित भारत आकर प्रशिक्षण लेंगे और गीता महोत्सव में भी भाग लेंगे.

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने पोस्ट किया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका का स्वागत किया, जो हमारे महत्वपूर्ण दक्षिणी वैश्विक और एफआईपीआईसी साझेदार हैं.

पीएम मोदी ने लंच का किया आयोजन बता दें कि फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका रविवार 24 अगस्त को नई दिल्ली पहुंचे. यह उनकी इस पद पर भारत की पहली यात्रा थी. प्रधानमंत्री मोदी (Fiji PM And PM Modi) ने राबुका के सम्मान में दोपहर के भोजन का भी आयोजन किया था. फिजी के प्रधानमंत्री ने राजघाट पर जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी.

अपने आधिकारिक कार्यक्रमों के अलावा, प्रधानमंत्री राबुका राजधानी में भारतीय विश्व मामलों की परिषद में ‘शांति का सागर’ विषय पर एक व्याख्यान भी देंगे. यह यात्रा भारत और फिजी के बीच जुलाई में सुवा, फिजी में हुए विदेश कार्यालय परामर्श के छठे दौर के कुछ ही सप्ताह बाद हो रही है. इस परामर्श ने दोनों देशों को स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता विकास, व्यापार और निवेश, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का मौका दिया.