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बस्तर के होनहार अविनाश तिवारी से टोक्यो में मिले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय : छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापना को लेकर हुई सकारात्मक चर्चा

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो में BOYES & MOORES INTERNATIONAL COMPANY जापान के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर एवं बस्तर के गौरव श्री अविनाश तिवारी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश और उद्योग स्थापना की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे और निवेशकों को मिलने वाले सहयोग की जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि श्री अविनाश तिवारी, जो मूलतः बस्तर जिले के तोकापाल क्षेत्र के निवासी हैं और नवोदय विद्यालय, बारसूर (दंतेवाड़ा) के पूर्व छात्र रहे हैं, आज जापान की प्रतिष्ठित कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिता डॉ. सुरेश तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भरोसा जताया कि श्री तिवारी जैसे युवा, जो बस्तर की धरती से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं, की सहभागिता से प्रदेश में उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि बस्तर की धरती से निकलकर वैश्विक मंच पर पहचान बनाने वाले प्रतिभाशाली युवा अब छत्तीसगढ़ के विकास में योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने टोक्यो के ‘लिटिल इंडिया’ पहुँचकर महात्मा गांधी को किया नमन

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो स्थित ‘लिटिल इंडिया’ पहुँचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महात्मा गांधी जी का शांति, अहिंसा और सद्भाव का अमर संदेश भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व में मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘लिटिल इंडिया’ में गांधी जी की प्रतिमा भारत-जापान मैत्री और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है। यह स्थान न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जापानी नागरिकों को भी भारत की महान परंपराओं और मूल्यों से जोड़ता है।

सहकार से समृद्धि के मंत्र के साथ आगे बढ़े – राज्यपाल श्री डेका

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राज्यपाल श्री रमेन डेका रविवार को रायपुर में आयोजित दो दिवसीय सहकार राष्ट्रीय बुनकर अधिवेशन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बुनकरों से आव्हान किया कि वे समयानुसार उत्पादों में नवीन तकनीकों को अपनाएं। मांग के अनुसार उत्पादों के डिजाइन में बदलाव लाएं।

राज्यपाल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसका उद्देश्य केवल सहकारिता को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से एक समृद्ध, न्यायपूर्ण और आत्मनिर्भर विश्व की नींव रखना है। यही भावना हमें प्रेरित करती है कि हम ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ें और इस अभियान को हर घर, हर व्यक्ति तक पहुँचाएँ।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सहकारिता के क्षेत्र में कई नवाचार कर देश को एक नया दृष्टिकोण दिया है। पैक्स समितियों को बहुउद्देशीय बनाने का कार्य इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में अब तक 2058 पैक्स समितियों को एम-पैक्स में परिवर्तित किया गया है और इनमें कॉमन सर्विस सेंटर जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही 532 नई बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की प्रक्रिया जारी है। मत्स्य, दुग्ध और लघु वनोपज क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जो सहकारिता के विस्तार की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

राज्यपाल ने कहा कि हाथकरघा और बुनकरी का कार्य हमारे देश की सांस्कृतिक पहचान और स्वदेशी गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के साथ मार्केटिंग के लिए नवीन माध्यमों और तकनीकों को जोडे़, इससे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कई उदाहरण देकर बताया कि समय पर नवीन तकनीकों को नहीं अपनाने और डिजाइन में बदलाव नहीं करने पर कई कंपनियों और वस्तुओं को मार्केेट से बाहर होना पड़ है। उन्होंने कहा कि बुनकरों को अपने उत्पाद की लोकप्रियता और ब्रिकी के लिए ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेट फॉर्म की तरफ बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर सहकार भारती से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव : महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा महोत्सव का भव्य आयोजन

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा धूमधाम से मनाया गया। ‘विष्णु भइया’ के नेवता पर आयोजित इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएँ पहुँचीं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया।

मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपस्थित माताओं-बहनों को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का महत्वपूर्ण पर्व है। निर्जला व्रत रखकर अपने पति-परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करने वाली सभी माताओं-बहनों को उन्होंने सरकार की ओर से शुभकामनाएँ दीं। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेवता पर माताओं-बहनों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति स्वयं इस पर्व के महत्व को सिद्ध करती है।

उन्होंने कहा कि तीजा के आते ही माताओं-बहनों के मन में प्रसन्नता छा जाती है। भाई-भतीजा के तीजा लिवाने आने की प्रतीक्षा रहती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और घर-परिवार को संचालित करने में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आगे भी ऐसी योजनाएँ लाती रहेगी।

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी तीजा-पोरा पर्व की बधाई दी और कहा कि यह अवसर सभी तीजहारिन बहनों के लिए बहुत विशेष है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए खुशी, एकजुटता और आत्मीयता का प्रतीक है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व है। माता-बहनें परिवार को जोड़कर स्वर्ग समान बनाए रखने का कार्य करती हैं। सुहागन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सावन में खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, जिनमें गाय-बैलों की अथक मेहनत का योगदान होता है। इसी मेहनत से हमारे धान के कोठार भरते हैं। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद श्रीमती सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।

इस अवसर पर पंडवानी गायिका पद्मश्री श्रीमती उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री इंद्र कुमार साव, श्री अनुज शर्मा, केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेना, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

महिला सम्मेलन में महतारियों का उत्साह, तीजहारिन बहनों ने लगवाई मेंहदी
तीजा-पोरा के नेवता के लिए ‘विष्णु भइया’ का जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के भाई के रूप में दिए गए नेवता पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने भाग लिया। यहाँ लगाए गए स्टॉल गुलजार रहे। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सजधज कर सावन के झूले का आनंद लिया।

महतारियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। पंडवानी गायिका श्रीमती उषा बारले ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था। यहाँ मेहंदी, चूड़ियाँ, आलता के स्टॉल और ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए तीजा-पोरा की तैयारियाँ प्रदर्शित की गईं।

ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चिन्हारी आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें तोड़ा, पैरी पैजन, लच्छा, साँटी, झांझ, बिछिया, बिछुआ, चुटकी, ऐंठी, गोल, कंगन या कड़ा टरकउव्वा, कंगन या कड़ा (चोटी की तरह गुँथा हुआ), पटा, ककनी-हर्रया, तरकी, छुमका, ढार, खिनवा, लुरकी, धतुरिया, फुल्ली, नथ, रुपियामाला, तिलरी, कटवा, सूता, करधन, बजुबंद, खग्गा, फुंदरा और झबली जैसे पारंपरिक आभूषणों के साथ कृषि उपकरण और वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित किए गए।

महिलाओं ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह
कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएँ हुईं

महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत विधि-विधान से शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।

कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इन खेलों ने न केवल प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक पर्व की आत्मीयता और सामाजिकता को भी जीवंत कर दिया।

कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और समाज में आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।

ओसाका (जापान) में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले ही दिन छत्तीसगढ़ पैवेलियन में उमड़ी रौनक, 22 हजार से अधिक दर्शकों ने किया अवलोकन

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ओसाका (जापान) में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले दिन ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन आकर्षण का केंद्र बन गया। उद्घाटन दिवस पर 22 हजार से अधिक दर्शकों ने यहाँ पहुँचकर छत्तीसगढ़ की विरासत, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक का अनुभव किया।

भारत सरकार के इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के आमंत्रण पर 24 से 30 अगस्त 2025 तक भारत पैवेलियन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। आज इस भव्य पैवेलियन का विधिवत शुभारंभ किया गया।

छत्तीसगढ़ : संस्कृति, उद्योग और अवसरों का संगम

पैवेलियन को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह आगंतुकों को एक जीवंत अनुभव प्रदान करता है। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, औद्योगिक शक्ति और पर्यटन की संभावनाओं को सुंदर रूप से पिरोया गया है। यह वैश्विक दर्शकों को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराता है।

पर्यटन और विरासत की छटा

पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की धरती की सुंदरता और धरोहर को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। नवा रायपुर, देश का पहला ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी, जिसे निवेश और औद्योगिक प्रगति के लिए तैयार किया गया है, यहाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान चित्रकोट जलप्रपात ने भी सबका ध्यान खींचा। भारत का सबसे चौड़ा जलप्रपात होने के कारण इसे “भारत का नियाग्रा” कहा जाता है।

इतिहास और आस्था की झलक देने वाला सीतापुर (Sirpur) पैवेलियन में प्रमुख रूप से प्रदर्शित है। यह 8वीं शताब्दी ईस्वी से जुड़ा भारत का एक विशाल बौद्ध स्थल है, जो छत्तीसगढ़ की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का परिचायक है। भारत और जापान की सांस्कृतिक विरासत के इस जुड़ाव में, छत्तीसगढ़ बुद्ध के विचारों और शिक्षाओं से प्रेरित होकर शांति, समावेश और सतत विकास के साझा मूल्यों को आगे बढ़ाता है।

औद्योगिक शक्ति और लॉजिस्टिक हब के रूप में छत्तीसगढ़

पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति पर विशेष बल दिया गया। राज्य की केंद्रीय स्थिति और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क उसे देश के भीतर सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाते हैं।

विनिर्माण, वस्त्र, आईटी/आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रामोद्योग जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की तेजी से हो रही प्रगति को भी यहाँ प्रदर्शित किया गया है। यह वैश्विक निवेशकों के लिए राज्य को निवेश-तैयार गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।

कला और शिल्प की पहचान

छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोककला और हस्तशिल्प में भी झलकती है। पैवेलियन में बस्तर की ढोकरा कला—4,000 वर्ष पुरानी जीआई टैग प्राप्त धातु शिल्प—अपने अनगढ़ सौंदर्य और मौलिकता से सबको आकर्षित कर रही है।

इसी तरह, कोसा सिल्क, जिसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा कहा जाता है, पैवेलियन का मुख्य आकर्षण बना। यह अपनी प्राकृतिक चमक, मजबूती और आकर्षण के लिए विख्यात है और राज्य के वनों में पाए जाने वाले एंथरेया मायलिट्टा रेशमकीट से तैयार किया जाता है।

कोसा से बनी कलात्मक इंस्टॉलेशन छत्तीसगढ़ की आत्मा को व्यक्त करती है—जहाँ आध्यात्मिकता, प्रकृति और विकास का संतुलन साफ़ दिखाई देता है।

वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की दमदार उपस्थिति

वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पैवेलियन की शानदार शुरुआत और रिकॉर्डतोड़ दर्शक संख्या ने आने वाले सप्ताह की दिशा तय कर दी है। यह पैवेलियन न केवल सांस्कृतिक विविधता का उत्सव है, बल्कि छत्तीसगढ़ को सतत औद्योगिक प्रगति और वैश्विक निवेश अवसरों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करता हैै।

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को मिल रही राहत

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केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब उपभोक्ताओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला रही है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ लेने आगे आ रहे हैं। ऐसे ही बिलासपुर जिले के ग्राम कोनी के निवासी श्री रमेश साहू ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। इसके बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।इस अभिनव योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

कोनी में रहने वाले श्री रमेश साहू बताते हैं कि उनके घर पर बिजली की खपत काफी अधिक थी प्रतिमाह आने वाले बिजली के बिल से उन्हें बड़ा आर्थिक भार झेलना पड़ता था। सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया जिसकी लागत करीब दो लाख रुपए थी। इस प्लांट पर उन्हें केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है, जबकि राज्य सरकार से मिलने वाली 30 हजार रुपये की सब्सिडी भी शीघ्र मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें बिजली बिल की चिंता से मुक्ति मिल गई है।अब उन्हें किसी तरह का बिल नहीं भरना पड़ रहा। एक बार निवेश करने पर 25 वर्षों तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और इस पर कोई विशेष मेंटेनेंस खर्च भी नहीं है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में सप्लाई कर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में यह योजना बड़ा कदम है। श्री साहू ने आम नागरिकों से अपील की कि वे भी इस योजना का लाभ उठाएं और सौर ऊर्जा को अपनाकर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनें।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही सरकार 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है। योजना में घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की सुविधा मिलती है जिससे बनने वाली खपत से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर बिजली उत्पादक भी बना जा सकता है। योजना के तहत ऋण का भी प्रावधान है जिसमें एक बार निवेश पर 25 वर्षों तक मुफ्त और सतत बिजली पाई जा सकती है।

ड्रोन तकनीक से किया जा रहा है, नैनो यूरिया का छिड़काव

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प्रदेश में किसान खेती-किसानी में नई तकनीकों को अपना रहे हैं। महासमुंद जिले के ग्राम जोगनीपाली में शनिवार को किसानों के बीच ड्रोन तकनीक के माध्यम से नैनो यूरिया का छिड़काव कर प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर अधिकारीयों ने किसानों को पारंपरिक यूरिया के विकल्प के रूप में नैनो यूरिया के लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। किसानों को नैनो यूरिया के प्रयोग से लागत में कमी, मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि और पर्यावरणीय लाभों के बारे में अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ किसान श्री अमृत पटेल, भोगलाल चौधरी, नेहरू चौधरी, चुम्बन लाल, बाबूलाल चौधरी, फागु लाल, शिवप्रसाद, वासुदेव साहू, गणेश साहू सहित लगभग 30 किसान उपस्थित रहे।

“दिल्ली विधानसभा में विट्ठलभाई पटेल के स्पीकर बनने के 100 वर्ष पूरे, अमित शाह ने जारी किया विशेष डाक टिकट”

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“दिल्ली विधानसभा में विट्ठलभाई पटेल के स्पीकर बनने के 100 वर्ष पूरे, अमित शाह ने जारी किया विशेष डाक टिकट”

दिल्ली विधानसभा में विट्ठलभाई पटेल के केंद्रीय विधानसभा के स्पीकर बनने के 100 साल पूरे होने पर दो दिवसीय शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है. इस दौरान रविवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह मौजूद रहे, जिन्होंने विट्ठलभाई पटेल को लेकर विशेष डाक टिकट भी जारी किया.

दिल्ली विधानसभा में विट्ठलभाई पटेल के केंद्रीय विधानसभा के स्पीकर बनने के 100 साल पूरे होने पर शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है, जो दो दिन चलेगा. इसे लेकर अखिल भारतीय स्पीकर सम्मेलन आयोजित हो रहा है.

गौरव गाथा को लेकर लगी प्रदर्शनी दिल्ली विधानसभा में विठ्ठलभाई पटेल की गौरव गाथा को लेकर प्रदर्शनी लगाई है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया. साथ ही विठ्ठलभाई भाई पटेल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह द्वारा विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया है. इस कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा में कई राज्यों के स्पीकर शामिल हुए हैं.

दिल्ली विधानसभा के अंदर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता विशेष रूप से मौजूद रहे.

गृहमंत्री अमित शाह ने ‘X’ पर किया पोस्ट केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करके दिल्ली विधानसभा में होने वाले कार्यक्रम के बारे में बताया और देश आजाद होने से पहले लोकतंत्र को स्थापित करने में विट्ठलभाई पटेल की भूमिका की तारीफ की.

उन्होंने लिखा, ‘अद्वितीय विद्वान और कानून विशेषज्ञ विट्ठलभाई पटेल के केंद्रीय विधानसभा के पहले निर्वाचित भारतीय स्पीकर बनने के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज दिल्ली विधानसभा में आयोजित की जा रही दो दिवसीय ‘ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस’ के उद्घाटन सत्र में देशभर की विधानसभा व विधान परिषद के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से संवाद करूंगा. विट्ठलभाई पटेल ने गुलामी के कठिन दिनों में भी सदन में लोकतंत्र को स्थापित और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.’

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष ने किया पोस्ट दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘दिल्ली विधानसभा में आयोजित ऑल इंडिया स्पीकर कॉन्फ्रेंस में गृहमंत्री अमित शाह का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया. इस अवसर पर सभी ने वीर विट्ठलभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया.’

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘भारत के प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष वीर विट्ठलभाई पटेल के शताब्दी वर्ष पर आयोजित ‘ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस’ के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने डाक टिकट जारी किया.’

“PM मोदी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर दी शुभकामनाएं, ज्ञान के मार्ग पर चलने की दी सलाह”

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“PM मोदी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर दी शुभकामनाएं, ज्ञान के मार्ग पर चलने की दी सलाह”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई दी. पीएम मोदी ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शाश्वत शिक्षाएं दुनिया भर के जीवन को प्रकाशित करती रहती हैं और हमें करुणा, विनम्रता और सेवा के मूल्यों की याद दिलाती हैं.

उन्होंने आगे कहा कि ये शिक्षाएं मानवता को एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित करती हैं. पीएम मोदी ने आशा की व्यक्त पीएम मोदी ने आशा व्यक्त की कि हम सदैव श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी द्वारा दिखाए गए ज्ञान के मार्ग पर चलें और एक बेहतर दुनिया के निर्माण का प्रयास करें.

हम सदैव श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के दिखाए गए ज्ञान के मार्ग पर चलें- PM मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शाश्वत शिक्षाएं दुनिया भर के जीवन को प्रकाशित करती रहती हैं और हमें करुणा, विनम्रता और सेवा के मूल्यों की याद दिलाती हैं. ये शिक्षाएं मानवता को एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित करती हैं. हम सदैव श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी द्वारा दिखाए गए ज्ञान के मार्ग पर चलें और एक बेहतर ग्रह के निर्माण का प्रयास करें.’

पीयूष गोयल ने भी दी शुभकामनाएं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. उनकी अमर वाणी हमें करुणा, विनम्रता और सेवा के मूल्यों का संदेश देती है जो मानवता को एकता और सद्भाव से जोड़ती है. आइए, हम उनके दिखाए मार्ग पर चलकर एक बेहतर समाज के निर्माण का संकल्प लें.’

ओम बिरला ने शेयर किया पोस्ट लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व पर गुरु वाणी का मनन तथा सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का दिव्य उपदेश सत्य, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. यह दिन हम सभी को बंधुत्व, समानता और शांति का संदेश देता है.’

“उत्तर कोरिया का बड़ा धमाका! दो नई मिसाइलों का परीक्षण, किम जोंग-उन ने की निगरानी”

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“उत्तर कोरिया का बड़ा धमाका! दो नई मिसाइलों का परीक्षण, किम जोंग-उन ने की निगरानी”

उत्तर कोरिया ने शनिवार को एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। देश ने दो नई वायु रक्षा मिसाइलों का परीक्षण किया, जिसने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। सरकारी मीडिया ने बताया कि यह परीक्षण खुद देश के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन की मौजूदगी में हुआ।

किम जोंग-उन की नजर में हुआ परीक्षण कोरियाई सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी (केसीएनए) ने इस परीक्षण की जानकारी दी। हालांकि, एजेंसी ने मिसाइलों के तकनीकी विवरण को गुप्त रखा, लेकिन दावा किया कि इन हथियारों में ‘बेहतरीन युद्ध क्षमता’ है। इनमें ऐसी ‘विशेष तकनीक’ का इस्तेमाल किया गया है, जो इन्हें खास बनाती है। केसीएनए के मुताबिक, ये मिसाइलें ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों जैसे हवाई खतरों को आसानी से नष्ट कर सकती हैं।

मिसाइलों की ताकत ने चौंकाया परीक्षण के दौरान दोनों मिसाइलों ने अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। केसीएनए ने कहा कि ये हथियार विभिन्न हवाई लक्ष्यों को भेदने में पूरी तरह सक्षम हैं। यह परीक्षण उत्तर कोरिया की सैन्य ताकत को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

दक्षिण कोरिया के साथ तनाव यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव चरम पर है। हाल ही में मंगलवार को दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरियाई सैनिकों पर चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाई थीं। दक्षिण कोरिया की योनहाप न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, करीब 30 उत्तर कोरियाई सैनिक असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) में कुछ देर के लिए घुस आए थे। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया।

संयुक्त राष्ट्र ने की पुष्टि संयुक्त राष्ट्र कमान ने भी इस सीमा उल्लंघन की घटना की पुष्टि की है। यह घटना और मिसाइल परीक्षण उत्तर कोरिया की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को दर्शाते हैं, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन रहा है।